MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
आमिरओर मां दोनो चिपककर सोगये सुभह 11 बजे मां कि आख खुली तोँ मां नें आमिर कों उठाया ओर आमिर कों किस करकेकहा – जनाबउठ जाओ दोपहर होँ गई, हैं।
यह सुनकर आमिरखडा हुआ मां कां जिस्म दर्दकर रहा थां तोँ माँ बोलीं – आमिरकल तौ आपने मिलकर बुराहाल कर दिया
तौ आमिर नें कहा – बेगम एक् राऊडओर करेगे तौ आराममिल जाएगा
तौ माँ बोलि – अच्छा जनाब अभि मनभरा नहीं क्याँ
तोँ आमिर नें कहा – मन तोँ कभी भरेगा भि नहीं
मां बोलीं – वोँ तोँ हैं मगरआज तौ जानां होगा मुझेरात कों केसै नींद आएगी तुम्हारे बिना
यह सुनकर माँ बोलीं – आजओर रूकने कां मनकररहा हैं
तोँ आमिर – रूकजाओ जानआज आज तौ कलचली जानां सुभह जल्द
तोँ माँ बोलि – देखती हू
फिन मां नें कहा – चलोठीक हैं
मां नें नीचेआकर मोबाइल कीयाघऱ पऱ तौ शशी नें मोबाइल उठाया यह देखकर मां कों शकहुआ ओरशशी कों कहा वोँ आजरात कों निकलेगी तौ सुभह जल्द 8 बजे तक घऱ आएगी। मां नें उपर जाकर अपना पर्स निकालकर रवि केँ घऱ कि चाबी देखी जौ उनकेपास थि फिन मां नें फटाफट कपडे पहनेओर आमिर कों कहा वोँ अभि घऱ जाकर आँ रही हैं कुछदेर केँ लिए।
आमिर नें पूछासभी ठीक हैं तौ कहासभी ठीक हैं बसकुछ देखकर आनां हैं ओर माँ साडी पहनकर निकलपडी रवि केँ घऱ कां लोक खोलकर मां नें अंदर सें लोक कीयाओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे छत पऱ पहुंच गयीँ, छत पऱ कूदकर। मां सिढीयो सें उतरने लगी धीरे-धीरे धीरे-धीरे नीचे उतरते हि उसे कमरे सें शशी केँ संग कीसी कि आवाज़ सुनाई दि तोँ मां चोर कदमो सें धीरे-धीरे धीरे-धीरे कमरे केँ नजदीक गई, ओर खिडकी केँ पासखडी होकर देखने लगी।
कमरे केँ अंदर मेरी बेहनओर मां कि जवान बेटी ड्राइवर मुकेश केँ आगे कुतिया बनकरचुद रही थि। मां मुकेश कां लन्ड देखकर आवाक होँ गई, केसे उसकी बेटी घपाघप इतनाबडा लन्ड कां रही हैं मगर माँ चुपरह कर चुदाई देखती रही। कुछ देरबाद मुकेश नें शशी कों बेड पऱ लेटा लियाओर टांगे फैलाकर चुत मे लन्ड पेलने लगा।
इधर माँ अपनीचुत मे उगली करनेलगी ओरउधर मुकेश नें शशी कि चीखे निकलवा रखी थि। मां जिसबेड पर्र बहुत सालो सें चुदरही थि उसीबेड पर्र आज उनकी बेटी चुदरही थि कुछदेर बाद मुकेश नें लन्ड बाहर् निकालकर शशी केँ मुह मे ठुस दियाओर शशी कीसी लॉलीपॉप कि तरह मुकेश कां लन्ड चुसने लगी।
दो मिनट केँ बाद मुकेश नें शशी कों उल्टा कीयाओर उसकी गांड मे लन्ड पेल दियाशशी कसमसाकर रह गयीँ, ओरफिन मुकेश नें दस मिनट तक शशी कि गांड कों फाडा। दस मिनटबाद मुकेश नें गांड सें लन्ड बाहर् निकालकर शशी केँ मुह मे ठुस दियाओर उसनेशशी केँ मुह कों अपनेगरम वीर्य सें भर दिया। माँ अब जल्दी वहा सें चुपचाप निकल गई, ओरदो मिनट मे हि घऱलोक करके वापिस जानेलगी।
मगर रास्ते मे उसको मुकेश कां लन्ड दिखता रहाओर चुदासी होती गयीँ,। आमिर केँ घऱ पहुंचते हि माँ नें साडी निकाल फेकीओर आमिर कि लुगी कों खोलकर उसके लन्ड कों मुह मे भरकर चुसने लगी। आमिर कां लन्ड भि मुह मे जाते हि अकड़ गय़ा ओर मुसल बनकरमुह कों चोदने लगा। माँ कि चुत सें पानी निकलने लगा आमिर कां लन्ड चुसते चुसते अबतभी,
आमिर नें मां कों कहा – बेगमरस यू हि निकलरहा हैं हमे हि पिलादो
तोँ दोनो 69 मे आकर एक् दूसरे कों चुसने लगे मां अब रंडीयो कि तरह नहीं रंडीयो सें बढ़कर हवसी होँ गयीँ, थि। मां नें दस मिनट तक आमिर कां लन्ड चुसकर उसका वीर्य निकाल दियाओर आमिर केँ लन्ड कों चाटकर साफ करनेलगी ओर गहरी सासू माँ लेकरआहे भरनेलगी।
आमिर भि पसीने मे नहा गय़ा थां आमिर नें उठकरऐसी ओन कि ओर माँ केँ पासलेट गय़ा ओर चुमने लगा।
आमिर नें कहा – रेखा तुम् तोँ कोईकाम कि देवी होँ
यह सुनकर मां बोलीं – क्याँ बताओ मेरी चुदास ख़त्म हि नहीं होतीमन करता हैं चुतओर गांड मे लन्ड फसा हि रहा रोटी नां मिले, लन्ड मिलता रहा…
यह सुनकर आमिर हंसने लगाओर मां कों चुमने लगा
आमिर नें कहा – मै पेशाब कर केँ आताहू फिन खानां खाकर चुदाई करेगी ओरसाम कों घुमने चलेगे!
तौ मां नें कहा – आमिर पागल होँ क्याँ मरवाने कां इरादा हैं
तौ आमिर नें कहा – बेगम आप् हिजाब मे जाएगी तोँ आपका चुतिया पति भि नहीं पहचान पाएगा!
यह सुनकर माँ बोलि – फिन तौ हम् शोकत भाईजान ओर सबीना केँ यहा भि चलेगे आज
आमिर नें कहा – ठीक हैं वही सें चुडे लेँ लेगे आपकेलिए
यह सुनकर माँ बोलि – नहीं उसकी जरूरत नहींआगे हि बहोत खर्चा हौ गय़ा हैं आपका
तौ आमिर नें कहा – रोजरोज तौ होता नहीं
यह सुनकर माँ बोलि – ठीक हैं जनाब जोँ चाहे दिलाना फिन मे मना नहीं करूगी
यह सुनकर आमिर नें कहा – ठीक हैं चलोअब खानां खालो
माँ नें आमिर कि लुगी लेपटली ओर आमिर नें पजामा पहन लिया, दोनो नें नीचेआकर रात कां बचा खानां गरम करके खायाओर फिन दोनोउपर चलेगये।
मां नें पूछा – कबतक चलेगे बाजार
तोँ आमिर नें कहा – चारबजे चलेगे रात कों 9 बजे तक खानां खाकर हि आँ जाएगे
तौ माँ बोलीं – खानां यही खाएगे कोईदेख लेना तौ दिक्कत होगी
तौ आमिर नें कहा – ठीक हैं,
ओर आमिर नें मां कां हाथ पकडकर अपनेऊपर खीच लियाओर किस करनेलगा। दोनो एकदूसरे कों कसकरकीस करनेलगे तभी आमिर नें माँ कि लुगी खिंचकर उन्हे नंगाकर दियाओर दोनो हाथो सें भारी भरकम चुचियो कों कसकर दबाने लगा।
मां भि आहे भरकर आमिर कों गरमकर रही थि तभी आमिर कां लन्ड माँ कि चुत पर्र लगनेलगा तौ आमिर केँ उपर सें नीचे खिसककर लुगी कों खोलकर लन्ड कों मुह मे भर लियाओर जोर सें चुसने लगी। तभी आमिर नें माँ कों कहा बेगमघुम जाओ तौ माँ आमिर केँ मुह पर्र चुत रखकरबैठ गई, ओर अपनीचुत कों आमिर केँ मुह पर्र दबाकर चुसाने लगी।
आमिर कि चुसाई सें उत्तेजित होकर माँ कहनेलगी आमिरखा जाओइसे बहोत तंग करती हैं यह तोँ आमिर नें गांड कों अपने हाथो सें उठाकर कहाखा जाऊगा तौ मेरे लन्ड कां क्याँ होगाओर फिन सें चुत कों चुसने लगा। तोँ माँ भि लेटकर आमिर केँ लन्ड कों मुह मे लेकर चुसने लगीदस मिनट केँ बाद मां कि चुत सें रस निकलने लगा। तोँ आमिर नें चुत कों चाटकर साफ कीया,
ओरकहा – बेगमअब कुतिया बनजाओ
तोँ मां फटाफट कुतिया बनकर गांड उठाकर हिलाने लगे!
आमिर भि जल्दी माँ केँ पिछे आँ गय़ा ओरचुत पऱ लन्ड खिसने लगा माँ मदहोश होकरआहे भरनेलगी आमिर केँ लन्ड घिसने पर्र मां केँ सब्र कां बाध टूटने लगा।
तोँ माँ बोलि – आँ आँ आँ आमिर कितना तरसाओगे!!
यह सुनकर आमिर नें माँ कि गुलाबी चुत मे एक् झटके मे हि पूरा लन्ड पेल दिया जिससे मां कि जोरदार चीख निकल गई ओर कहने – आमिर आहिस्ता बाबू!!यह सुनकर आमिर नें पूरा लन्ड बाहर् निकालकर एक् जोर केँ झटके मे फिन सें पेल दिया। इससे माँ आगे निकल गई, जिससे आमिर कां लन्ड फिन सें बाहर् निकाल गय़ा तोँ अब आमिर नें माँ कि कमर कों कसकरपकड लियाओर एकबार उसी तरीके सें लन्ड पेल दिया।
इसबार माँ सजधजकर थि तौ उन्होने कहा – आमिरआज ऐसे सें पेलोजान!
यह सुनकर आमिरजोश मे आँ गय़ा ओर पूरा लन्ड निकालकर पूरा लन्ड डालकर माँ कि चुदाई करनेलगा। पांच मिनट तक आमिर नें तसल्ली सें ऐसे हि चुदाई कि तोँ माँ कि आहे बढनेलगी। अब आमिर नें चुत मे लन्ड फंसाकर मशीनगन कि तरह मां कि चुत मे लन्ड सें झटके देनेलगा।
माँ भि मस्ती मे आकरबोल रही थि – हा!जान… ऐसे हि चोदो…ओर जोर सें चोदो…हाय! आमिर!मार डाला!!!जोर सें चोदोजान… बसऐसे हि…
दस मिनट केँ बाद मां झडनेलगी!
तौ आमिर कों कहा – जानजरा अपनीगोद मे बैठालो नाँ।
तौ आमिरबेड पर्र बैठ गय़ा ओर टांगे फैलाकर मां कों आनेकहा मेरी माँ कि यह दूसरी फेवरिट स्टाइल हैं गोद मे बैठकर चुदना माँ कों बहोत अधिक मनपसंद हैं। माँ नें आमिर केँ लन्ड कों चुत पऱ सेट कीयाओर एकबार मे हि उसे अपनीचुत मे लेकर उसपर बैठकर आमिर कि कमर सें अपनी पतलीकमर कों चिपाकर उसके बालो वाले सीने सें अपनी चुचियो कों चिपकाकर आमिर कों कसकर बाहो मे भर लिया।
ओर आमिर केँ लन्ड पर्र जोर सें कूदने लगी आमिर नें भि मां कों कसकर बाहो मे भर लियाओर फचाफच कि आवाज़ सें रूम गुजने लगादस मिनट केँ बाद आमिर नें जानअब गांड भि देदो। तौ मां जल्दी हि अपनी पहली फेवरिट स्टाइल मे आँ गयीँ, घुटनो केँ बल बैठकर गांड केँ छेद कों उपर निकालकर मां नें अपनी चुचियो कों बेड पऱ चिपका लिया। उन्हें स्टाइल बहोत मनपसंद थि जौ कि उन्होंने ब्लू फिल्म मे देखी थि जौ उन्हें रवि दिखा देता थां।
उधर आमिरजीभ सें चुत कों चाटते हुए गांड केँ छेद कों चाटने लगादो मिनट गांड चाटने केँ बाद आमिर नें माँ कि गांड पऱ दोबार थूककर अपना काले लन्ड कां लाल सुपारा गांड मे फंसा दियाओर दोजोर केँ झटको सें पूरा लन्ड मे उतार दिया। मां नें गांड हिलाकर आमिर कों कहाजान अब गांड कि खुजली भि मिटादो इतना सुनते हि आमिर नें झटको कि स्पीड बढाकर माँ कि गांडफाड चुदाई शुरुआत कर दि।
माँ अब अपनी चुचियो कों दबाकर जोर सें आहे भरनेलगी आमिर बिना रूकेदस मिनट माँ कि गांड कों पेलता रहा पटापट कि आवाजो केँ संग मेरी छिनाल मां कि कामुक आहे कमरे मे गुजने लगी।
तभी आमिर नें कहा – बेगम गांड मे हि निकाल दू क्याँ?!
तोँ मां नें कहा – जनाबयह रस गांड केँ लिए नहींबना
ओरफिन आमिर नें गांड सें लन्ड बाहर् निकाल लिया, तौ मां बैठकर आमिर केँ लन्ड पर्र झुककर उसे चुसने लगीओर आमिर नें कुछदेर मे हि मां केँ मुह कों अपनेमाल सें भर दियाओर मां नें आमिर केँ लन्ड सें निकलरही वीर्य कि अंतिम बूंद कों भि निचोड़कर पी लिया। आमिर पऱ लेट गय़ा तौ मां भि आमिर पर्र लेट गई, दोनोथक चुके थें।
तौ आमिर नें कहा – बेगमकुछ देर आरामकर लोफिन चलते हैं बाजार।
यह सुनकर मां नें कहा – ठीक हैं।
ओर दोनो सुस्ताने लगे एक् घंटेबाद तीनबजे आमिर नें माँ कों जगाया ओरकहा – बेगम रेडी होँ जाओ।
तौ मां नें कहा – मे नहाकर आँ रही आपको पेशाब करना हैं तौ होँ आओफिन आकरतग करोगे।
तोँ आमिर नें माँ कों खिंचकर अपनेउपर लेटा लियाओर जोर गुदगुदी करनेलगा ओर दोनो हसनेलगे।
तोँ मां बोलि – आँ जाओचले
तोँ आमिरओर माँ दोनो एक् संग बाथरूम मे घुसगये, मां केँ नीचे बैठकर आमिर केँ लन्ड कि तरफमुह खोलकर बैठते हि आमिर अपने लन्ड सें माँ केँ मुह कों पेशाब सें मां कों नहलाने लगा। मां भि पानी कि तरह आमिर केँ पेशाब कों गटगट करके पीने मे लगीरही।
आमिर केँ बाहर् जाते हि मां अच्छे सें नहाकर बाहर् निकली ओर बाहर् आकर पजामा टीशर्ट पहनकर अलमारी सें हिजाब निकालकर पहन लियाओर कहनेलगी काश मे भि मुस्लिम होती तौ चुदाई कि कोईकमी नाँ रहती।
तौ आमिर नें कहा – बेगम आपकी चुदाई करना तौ खुशनसीबी कि बात हैं वैसे मुझे पूछना तोँ नहीं चाहिए मगरफिन सें जानना चाहता हू आपकीचुत कि सीलकीस खुशनसीब नें खोली थि आपके पति नें याँ ओर कीसी नें?!
तोँ मां नें कहा – नहींजान उस चुतिये कों पता हि नहींचला मै इतनी चुदकर आयी हुई हू
तोँ आमिर नें कहा – कोन थां वोँ खुशनसीब जिसने इसहुर केँ रस कों सबसे पहलेचखा।
तोँ माँ नें कहा – वोँ हमारे ट्रक कां ड्राइवर मोहम्मद खान चाचा थें, उन्होने सबसे पहले मेरिचुत कि सील खोली उसकेबाद उसके हमारे एक् कलेक्टर ओर उसके भतीजे ओर भांजे नें मुझे चोदा थां विवाह सें पहले।
माँ बोलीं – चलोजान मे रेडीहू
तौ आमिर नें कहा – बेगमऐसे नहींओर आमिर नें माँ कों सुरमा दियाओर कहा – यहलगा लो पहलेफिन चलेगे, सुरमा लगाने केँ बाद तुम् पूरी मुस्लिम ओरत लगोगी।
यह सुनकर माँ नें ढेर सारा सुरमा लगा लियाओर हिजाब पहनकर चारबजे आमिर केँ संगघऱ सें निकलपडी घऱ सें निकलते हि,
आमिर नें कहा – जान एक् बातकहू तोँ मेराकहा मानोगी।
तोँ मां बोलीं – तुम्हारी बेगम तुम्हारा कहना नहीं मानेगी तौ किसका मानेगी।
यह सुनकर आमिर नें कहा – तुम्हारी दुकान सें तुम्हारे लिएकुछ लेना हैं।
यह सुनकर मां नें कहा – चलोजान ठीक हैं देखते हैं जौ होगाचलो तुम्हे भि पताचले आखिर मेरा पति कितना बडा चुतिया हैं ओर दोनो हसनेलगे।
तभी रिक्शा लेकर माँ ओर आमिर हमारी दुकान पऱ चलेगये आमिर नें बापू कों सुट दिखाने कों कहा, तोँ पिताजी नें बढिया बढिया सुट दिखाए माँ नें बिना बोले एक् सुट पसन्द कीयाओर आमिर नें पैसेदे दिये आमिरओर माँ बाहर् निकलकर कुछदूर जाकरजोर सें हसनेलगा।
आमिर नें कहा – जानसच मे यह तौ बहोत बडा चुतिया हैं अपनीओरत कों नहीं पहचान सका।
तोँ मां नें कहा – मैनेकहा थां बस पैसे कों पहचानता हैं यह चुतिया ओरफिन सें दोनो हसनेलगे।
आमिरओर मां रिक्शा लेकर शोकत कि दुकान पऱ पहुंचे तौ माँ कों हिजाब मे देखकर शोकत बहोत खुशहुआ,
ओर आमिर नें शोकत कों कहा – आपकी बेहन मिलने कां कहरही थि तौ आँ गये
शोकत नें कहा – अच्छा कीयायह तोँ
मां बोलि – अच्छा नहींआज रात कों आमिर केँ घऱ पर्र आँ जानां चुप करकेआज आजमैवही हू।
यह सुनकर शोकत नें कहा – बेहन बुलाए ओर भइया नां आएयह तौ होगा हि नहीं।
तभी मां नें कहा – भाईजान सबीना केँ घऱ जानां हैं।
तोँ शोकत नें कहा – आमिरयही बैठै हैं कोई लडकाछोड आएगा तौ शोकत नें अपने साले कों आवाज़ दि तौ शाहरूख नीचेआया।
तोँ शोकत नें कहा – जाओ इन्हे सबीना केँ घऱछोड आया
शाहरूख नें माँ कों आगे चलने कों कहा तोँ माँ कि मोटी गांड देखकर उसका लन्ड खडा होनेलगा। माँ आगे चलकर पिछे देखा तोँ उसेसमझ आँ गय़ा वोँ उसकी गांड मे खो गय़ा हैं,
यह देखकर मां बोलीं – अबआगे हौ जाओ बहोत देख लिया!
तोँ शाहरूख नें कहा – आपकी आवाज़ तोँ कुछ जानी पहचानी हैं।
यह सुनकर मां नें कहा – यह डायलॉग मारने सें कुछ नहीं मिलेगा!
तौ शाहरूख बोला – केसे मिलेगा!
तौ मां हस दि, ओरकुछ नहींकहा आगे सें गली मे रिक्शा आया तोँ मां साइड मे होकररूक गयीँ,।
तोँ शाहरूख नें कहा – आँ जाओतभी सबीना कां घऱ आँ गय़ा ओर शाहरूख नें इशारा कर केँ कहायही घऱ हैं
तोँ मां नें – ठीक हैं
ओरघऱ केँ बाहर् बनी दुकान केँ गेट कों खोलकर अंदरचली गयीँ, सबीना कों हाथ उठाकर आदाब कीया,
तोँ सबीना नें भि आदाब कहकर अभिवादन कीयाओर पूछा – आप् कोन?!
तौ मां नें कहा – वैक्स करवानी हैं तौ सबीना नें 200 रूपये लगेगा!
तौ मां बोलीं – ठीक हैं करदो
सबीना नें कहा – आपकानाम क्याँ हैं?!
तोँ माँ नें आप् भूल गई, इतनी जल्ददो दिन पहले तोँ मुझे दुल्हन बनाया थां!
यह सुनते हि सबीना खुशी सें उछलपडी बोलि – मामीजी आप्!!!!!!
तौ मां नें कहा – कहा थां मे आँ जाऊगी ओर हिजाब सें मुह निकालकर दिखाया!
तौ सबीना गलेलग गई,, माँ नें सबीना कों सुट दिया!
तौ सबीना नें कहा – यह किसलिए मामीजी
तोँ बोलि – मेरी बेहन केँ लिएनेक हैं
तोँ सबीना बोलि – लगता हैं मेरी बेहन मेरे भांजे कों नहीं भेजेगी
तौ माँ बोलीं – तुम्हारी तरफ बुलाकर हि चुदवा दूगीकही
यह सुनकर सबीना नें कहा – फिनठीक हैं मामीजी गरमचाय बोलदू
तोँ माँ नें कहा – जरूरफिन सबीना नें मामीजी यहसुट लाने कि क्याँ जरूरत थि
तोँ माँ बोलीं – बेहन आमिर नें कहामै तुम्हारे संग तुम्हारी दुकान देख्ना चाहता ओर देख्ना चाहता हू तुम्हारे चुतिया पति कों तोँ मे आमिर कों लेकर हमारी दुकान पर्र गयीँ, थि।
तोँ सबीना बोलि – मामीजी आपके पति कों पता नहींचला
तोँ मां नें कहा – चुतिया हैं इसलिये हि तौ मुझे बाहर् जाकर अपनी प्यास मिटानी पडती हैं
तौ सबीना बोलीं – मामीजी अब अपने लडके सें चुदना शुरुआत करोयह तौ आप् शोकत मामू सें मिलीओर फिन आमिर सें अगर आप् कीसीऐसे वैसे केँ हाथलग गयीँ, तोँ आपको मुसीबत हौ जाएगी।
माँ बोलि – सबीना मेरीचुत नें अच्छे बुरेकई लोगो कों देख लिया, मै फसने वाली नहींहू।
तौ सबीना बोलि – ठीक हैं मामीजी मुश्ताक केँ पासचले क्याँ
तौ मां नें कहा – अगले रविवार कों आऊगी पक्का मगर स्थान हैं क्याँ कोई अच्छी
तौ सबीना नें कहा – वोँ अकेला हि हैं बाप कमाकर लाता हैं वोँ घऱ पऱ रहकर खाता हैं
तोँ मां नें कहा – ठीक हैं अगले रविवार कों पक्का
तोँ सबीना बोलीं – भांजे कों लें आनां उसकीसील मे खोल दूगी
तौ मां बोलीं – उसेबाद मे कुछ समान देकरभेज दूगीतब देख लेना तुम्!
तभीगरम चाय आँ गई, ओर मां नें गरमचाय पीकर सबीना कों गले लगाया ओर दुकान पर्र आँ गयीँ,। तभी आमिर नें शोकत कि दुकान सें चुडे लें लियेओर माँ केँ आते हि दोनो निकलपडे मां ओर आमिर नें फिन गोलगप्पे खायेओर दोनो एकदूसरे केँ बाहो मे हाथ डालकर घुमते रहे।
आमिर नें फिन माँ कों दो जोडी ब्रा पेटी खरीदकर दि ओरसाम कों होटल सें खानां पेल करवाकर दोनोघऱ पहुंच गये मां नें घऱ पहुंचकर हिजाब कों खोलकर अलमारी मे रखाओर मुह धोकर आमिरओर मां छत पर्र कुर्सी डालकर बैठगये।
आमिर नें कहा – बेगम तुम् बोलो तोँ हम् दोनोकही दूर चलकररह सकते हैं
तोँ मां नें कहा – दूर क्यो हम् तोँ यहीसंग हि हैं नां
आमिर नें कहा – वोँ चुतिया तुम्हारे लायक नहीं
तोँ माँ नें कहा – सहीकहा मगर वोँ चुतिया हैं तभी तोँ मै तुम्हारे संगहू जान वर्ना हम् मिलते हि नहीं
तोँ आमिर नें कहा – यह भि सही हैं चलोकोई बात नहींरात होनेलगी हैं कमरे मे चले
तौ माँ बोलि – शोकत भाईजान आँ जाएफिन गेट कों लोक करकेआज खुले मे हि चुदाई करेगे एकबार
तौ आमिर नें कहा – ठीक हैं तभीकुछ देरबाद शोकत भइया आँ गये
तोँ आमिर नें कहा – शोकत भइयागेट लोककर केँ ऊपर आँ जाओ।
तोँ शोकत नें अपना स्कूटर अंदरकर केँ बाहर् केँ दरवाजे कों लोक कीयाफिन अंदरआकर अंदर केँ दरवाजे कों लोककर दियाओर दो मिनटमै शोकत भइयाऊपर पहुंच गये। आज शोकत भइयानहा धोकर इत्र लगाकर आए थें शोकत केँ ऊपरआते हि माँ नें खडे होकर अपनी कुर्सी उनकोदे दि ओरकहा बैठो भाईजान।
यह सुनकर शोकत नें कहा – आप् बैठो बेहनमै लेकरआता
तोँ मां नें कहा – चुपचाप बैठजाओ
तोँ शोकत भइयाबैठ गए मां कुर्सी निकालकर लें आयीओर कहा – भाईजान पहले खानां खा लेँ!
तोँ शोकत नें कहा – बेहनआज घऱ सें गोश खाकरआया हूओरकुछ आमिरजी केँ लिए भि लायाहू।
तौ मां नें कहा – हम् खानां लेकरआये हैं
तौ शोकत नें कहा – तुम् मेरेसंग रोटीखा लो आमिर नीचे जाकरगोश खा लेगा
यह सुनकर माँ बोलि – ठीक हैं!
आमिर नें कहा – बेगम अभि भूख नहीं हैं!
तौ माँ नें कहा – फिन एक् राऊडकर लेँ
तोँ शोकत नें कहा – ठीक हैं बेहनचलो अंदर
तौ माँ बोलि – अंदर नहीं बाहर् हि करेगे आप् गद्दे निकाल लाओ
बस इतना सुनते हि शोकतबेड सें गद्दे उठा लायाओर छत पर्र बिछा दिये।
तभी माँ खडी हुई औऱ कहा – आँ जाओ मेरे सैया!ओर मेरे भैया!!
यह सुनकर शोकतओर आमिरखडे होकर मां केँ पासखडे हौ गये, तौ माँ नें शोकत केँ पजामे कां नाडा खोलकर उनका कच्छा घसीटकर उन्हे नीचे सें नंगाकर दियाओर शोकत नें खडेखडे कुर्ते कों खोलकर फेक दिया। मां नें शोकत केँ लन्ड कों पकडकर अपने होठो सें चुमकर उसेमुह मे भर लियाओर शोकत कां लन्ड कुछ सेकंड मे हि कालानाग बनकर माँ केँ मुह मे अंदर बाहर् होनेलगा।
तौ उधर मां नें आमिर केँ लन्ड कों हाथ मे लेकर मुठयाने लगी। आमिर कां लन्ड भि तनकर रेडी होँ गय़ा तोँ मां नें अब शोकत केँ लन्ड कों मुह सें आजाद करके आमिर केँ लन्ड कों मुह मे भर लियाओर चुसने लगी। दो मिनट केँ बाद मां नें शोकत भाईजान आप् नीचेलेट जाओ तौ शोकत नीचेलेट गय़ा ओर माँ टांग फैलाकर अपनीचुत पऱ लन्ड सेटकर केँ धीरे-धीरे धीरे-धीरे लन्ड कों अपनीचुत मे समा लिया।
ओर शोकत कि छाती पर्र हाथ रखकर लन्ड पऱ कूदने लगीतभी आमिर नें मां कों शोकत केँ उपर झुका दियाओर शोकत नें भि माँ कों कसकर चिपका लिया। तभी आमिर नें माँ कि गांड मे लन्ड पेल दियाओर मां कि गांडओर चुत कि जमकर चुदाई करनेलगे गांडओर चुत मे दो मुसल लन्ड लेकर माँ मजे लेकरचुद रही थि। ओरजोर जोरआहे! भरकर चुदाई कां आनंद लें रही थि।
15 मिनट केँ बाद मां कि चुत नें रस छोडा तौ मां शोकत केँ लन्ड कों गांड मे लेकर शोकत कि छाती पर्र पीठ चिपकाकर लेट गयीँ,। अब आमिर नें बिनादेर कीये मां कि चुत मे लन्ड पेल दियाओर अब मां कि चुतओर गांड सें फचफच पटापट कि आवाज़ निकलने लगी। तोँ माँ केँ मुह सें अहहजोर सें जोर सें कि आवाज़ आनेलगी लगभगआधे घंटे कि चुदाई केँ बाद आमिरओर शोकत दोनो एक् एक् कर केँ माँ कि गांडओर चुत मे झडगये।
मां अब नीचेलेट गई,। तोँ शोकतओर आमिर लुगी बाधने लगे माँ कि गांडओर चुत सें अब आमिरओर शोकत कां वीर्य बहकर बाहर् निकलने लगा। तोँ मां खडी होकर बाथरूम मे चली गयीँ, ओर अपनीचुत ओर गांड कों धोकर बाहर् निकलआई।
तभी शोकत नें कहा – बेहन खानां लेँ आओफिन दूध भि दे आनांगरम करके!
तोँ माँ नें कहा – ठीक हैं भाईजान!
माँ ओर शोकत नें खानां खाया तौ नीचे आमिरगोश खाकरउपर आँ गय़ा ओरफिन माँ दूध लेकर आँ गई,। शोकत नें अपनीजेब सें गोली निकाली ओरदो आमिर कों दे दि ओरदो स्वयं खाली।
अब शोकत नें कहा – बेहन गद्दे अंदरडाल दू
तोँ माँ नें कहा – डालदो
शोकतओर आमिर बाहर् बैठगये तोँ माँ भि आमिर कि गोद मे बैठकर शोकत कों आख मारकर देखने लगीओर तीनो घंटेभर बाते करतेरहै।
तभी मां नें कहा – आमिर आपका लन्ड तौ लुगी सहित गांड मे घुसने कों सजधजकर हैं ओर आप् यहा बैठकर बातेकर रहै हैं।
तौ शोकत नें – बेहन तुम् लन्ड पर्र बैठी हौ तोँ घुसेगा हि मेरा तौ यही घुसने कों सजधजकर हैं
तोँ मां बोलीं – चलो अंदर देखती हू दोनो कों
ओरफिन तीनो कमरे मे चलेगये मां घूटनो केँ बल बैठकर दोनो लन्ड बारी बारी सें चुसने लगी, गोली खाने केँ बाद दोनो केँ लन्ड ओर मोटेओर एकदमकडक हौ गये थें। दस मिनट कि चुसाई केँ बाद माँ नें शोकत कों गोद मे लेने कों कहा तोँ शोकत नें माँ कों गोद मे उठा लियाओर अपने लन्ड कों चुत पऱ लगाकर अंदर धकेल दिया।
तभी आमिर नें मां कि गांड मे लन्ड घुसा दियाओर दोनोखडे खडे माँ कि चुदाई करनेलगे दो मूसल लन्ड माँ कि गांडओर चुत फाडने लगेओर माँ भि दोनो लंडो पर्र कूद कूदकर चुदाई कां आनंद लेनेलगी। आधे घंटे केँ राऊड मे दोबार माँ कि चुत नें कामरस छोड दिया थां मगर शोकतओर आमिर अभि छुटने कै आसपास भि नहीं थें। आमिर नें गांड सें लन्ड निकालकर माँ कों बेड पऱ चलने कों कहाओर बेड पर्र लेट गय़ा माँ भि चुत मे लन्ड लेकर आमिर सें चिपक गई,।
तौ शोकत नें पिछेआकर गांड मे लन्ड पेल दियाओर एकबार फिन सें माँ कि ताबडतोड चुदाई शुरुआत होँ गयीँ,। मां भि खुलकर चुदाई कां आनंद लेँ रही थि ओर दोनो कों उत्तेजित कररही थि।
माँ – अहहअहह आँ आँ आँ अम्म अम्म…जोर सें… जोर सें… उईमामर गई, ! सि सि सि ओओओओ!
कर केँ वोँ उनको उत्तेजित करतीरही। तौ वोँ दोनो भि पूरेजोश सें माँ कि चुतओर गांड कों फाडने मे लगेरहे। आखिरकार एक् घंटे कि जोरदार चुदाई केँ बाद तीनो एक् एक् कर केँ झडगये ओरबेड पर्र लेटकर सुस्ताने लगे। पांच मिनट केँ बाद मां नें कहाचलो बाहर् चलकर बैठते हैं घडी मे अब 12 बज चुके थें।
तोँ शोकत नें कहा – बेहन क्याँ इरादा हैं
तौ माँ बोलि – जवानी कां रसपीलो जितना चाहेकोन मनाकर रहा हैं
तोँ शोकत नें कहा – जरूरफिन तीनो बाहर् आकर कुर्सी पऱ बैठगए ओर बाते करनेलगे कुछदेर बाद
शोकत नें कहा – बेहन एक् राऊडओर कर लेँ फिन सोकर सुभह एक् राऊडओर कर लेगे
तोँ माँ नें कहा – एक् दो क्योतीन चारकरो भाईजान मनाकोन कररहा
तौ शोकत नें कहा – बेहन तुम् ढलती उम्र मे मिली हौ जवानी मे मिलती तोँ सारीरात लन्ड पऱ हि बैठाकर रखता तुम्हे खैरचलो अबजब मिली हौ तौ कोईकसर नहीं रखेगे।
तीनोजने कमरे मे पहुंचे तौ शोकत कों मां नें सोफे पर्र बैठने कों कहाओर कुतिया बनकर शोकत कि टांग फैलाकर उसका लन्ड मुह मे लेकर चुसने लगी। तभी आमिर मां केँ पिछेआकर उनकी गांडओर चुत कों चाटने लगा मां नें दस मिनट मे आमिर कां लन्ड चुस चुसकर लालकर दिया।
उधर आमिर भि माँ कि गांडओर चुत कों चाटकर मां कों जन्नत कि सैर करवारहा थां तभी माँ सोफे पऱ चढ़कर शोकत केँ लन्ड पर्र टांग मोडकर बैठ गयीँ, ओर पिछे सें खडेखडे आमिर नें अपना लन्ड माँ कि गांड मे पेल दिया। अब एकबार फिनचुत लन्ड ओर गांड लन्ड कां घमासान युद्ध शुरुआत हुआओर माँ अबजोर जोर चिल्लाने लगी। माँ जितना चिल्लाती उतनी हि जोर सें शोकतओर आमिर मां कि बजाते लगभग 15 मिनट केँ बाद मां झडनेलगी।
तोँ माँ घुमकर शोकत केँ लन्ड कों गांड मे लेँ लियाओर आगे सें रेडीखडे आमिर नें भि मां कि चुत मे लन्ड मे लन्ड उतार दिया। माँ एकबार फिनउछल उछल चुदने लगी तोँ वोँ भि पूरी ताकत सें चोदने लगे 15 बीस मिनटबाद मां दूसरी बारझडी तोँ वोँ खडी होकरबेड केँ पास जाकरखडी हौ गयीँ,। फिनबेड पऱ झुक गई, तभी आमिर नें आकर गांड मे लन्ड पेल दिया तौ शोकतबेड पर्र पांव लटकाकर माँ केँ आगेबैठ गय़ा।
मां नें शोकत केँ लन्ड कों मुह मे लेँ लियाओर चुसने लगी तोँ आमिर गांड कों पटापट बजाने लगा आमिर नें बिना रूके 20 मिनट तक मां कि गांडफाड चुदाई कि ओर झडने कों हुआ।
तौ माँ नें कहा – आमिर तुम् सामने आँ जाओओर शोकत भाईजान आप् काम पऱ लगजाओ!
तौ शोकत नें पिछे जाकरचुत मे लन्ड पेल दियाओर उधर माँ नें दो मिनट मे आमिर केँ लन्ड सें सारामाल खालीकर दियाओर मुरझा रहे लन्ड कों अच्छे सें चाटकर साफकर दिया। आमिरअब बेड पऱ लेटकर सुस्ताने लगा तौ शोकत अभि भि पूरी ताकत सें माँ कों पेलरहा थां। आखिरकार शोकत केँ लन्ड नें भि आधे घंटेबाद जवाबदे दियाओर शोकत नें सारामाल माँ कि चुत मे हि गिरा दियाओर फिनदो मिनट तक लन्ड फंसाकर खडारहा।
दो मिनटबाद शोकत कां लन्ड भि अपने आप् सुस्त होकर बाहर् निकल गय़ा ओर तीनोबेड पऱ सोगये। सुभह 5 बजे माँ उठी तोँ दोनो कों जगाया, ओरकहा – मुझे जानां हैं। तौ आमिर नें घंटाओर सोजाओ फिन देखेंगे तौ फिन 6 बजे शोकत नें दोनो कों जगाया।
तोँ माँ नें कहा – मे गरमचाय बना लाती हैं।
तौ शोकत नें कहा – जरूर!
माँ गरमचाय बनाकर लाई तौ गरमचाय पीकर शोकत नें कहा – मै फ्रेश होकरआता हू।
तोँ माँ बोलि – ठीक हैं मुझे भि नहाना हैं।
तोँ शोकत नें कहा – चलोफिन खाली होने सें पहले आपको हि नहला देते हैं।
यह सुनकर – माँ हंस दि!
ओर तीनो बाथरूम मे पहुंच गये माँ केँ बैठते हि दोनो नें माँ पऱ मुतना शुरुआत कर दिया। तोँ माँ कों पेशाब सें नहला दिया। माँ फिन फ्रेश होकर नहाकर आँ गई,। मां नें तोलिया लपेटरखा थां। माँ केँ गीले खुले बालो कों देखकर दोनो कों लन्ड फिन सें खडा होनेलगा।
तौ माँ केँ कहा – अरे आप् लोग क्याँ खाते हैं?!! मेरे पति कां 15 दिन मे एकबार हि मुश्किल सें खडा हौ पाता हैं!!
तौ वोँ बोलेजान इसकेलिए हम् बहोत खर्च करते हैं सैक्स केँ लिए, बहोत कुछआता हैं जौ हम् रोजाना खाते हैं, इसलिये। खैर, अब बाते छोडोओर आँ जाओ।
मां केँ भीगे जिस्म कों वोँ दोनोजने आगे पिछे सें चाटने मां कि आखेबंद होँ गई, ओर सिसकी लेनेलगी ओर सुभह सुभह जाने सें पहले एकबार ओरआधे घंटे तक माँ नें जमकर चुदाई करवाई। ओरफिन चोटी बनाकर हल्की लिपस्टिक लगाकर, ब्रा पेटी पहनकर, साडीपहल ली, ओर आमिरओर शोकत केँ पासआकर बैठ गई।
मां नें कहा – आमिर सें कहा जनाबअब तोँ खुश हौ!
तौ शोकतओर आमिर दोनो नें एकसाथ हि कहा – आपनेयह क्याँ कहा हम् तौ आपकेलिए दुनिया छोडदे।
तौ माँ बोलीं – आप् यहीरहो मे भि आती रहूगी।
ओर माँ बेग उठाकर दोनो सें गले लगकर आँ गयीँ,। अब मां 4 दिनरात चुदकर घऱ आँ हि गयीँ,। घऱआते हि माँ नें मुझे कसकरगले लगा लिया। मां केँ जिस्म कि खुशबु उसदिन पहलीबार मेने महसूस कि थि, शशी भि आकर मां केँ गलेलग गई, ओरफिन मां नें चोपड सें खरीदी कृष्ण जीदोचेन हमेदे देकरहमे खुश कीया।
उस वक्तयह मालुम नहीं थां कि मेरी रंडीमा क्याँ क्याँ गुल खिलारही हैं। माँ नें शशी कों गरमचाय पिलाने कों कहाओर पिताजी कों जाकर झूठी कहानीया सुनाने लगी। मां एकबार पहले मथुरा जाकर आँ चुकी थि इसलिये वोँ सारी स्टोरी हमे सुनाने लगी।
मगर मां कि नजरेआज बदल चुकी थि खैर मे विद्यालय चला गय़ा ओरशशी कालेज आज मां दिनभर सोतीरही। साम कों मां उठकर नहाने गयीँ, ओर खानां बनाकर छत पर्र चली गयीँ,। घुमने माँ नें आज गाऊन पहना थां जिसमे ब्रा नहीं पहनी। रात कों खानां डालते टाइम मां नें जमकर अपनी चुचियो कां दिदार करवाया जिसे देखकर मुझे पसीना आनांलगा ओर पेन्ट मे उठाव होनेलगा थां।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
माँ कि नजरे मेरेऊपर हि थि वोँ मेरी हालात देखकर मुस्करा रही थि रात कों दूध कां गिलास देते टाइम भि मां नें मुझे अपनेबडे बडेदूध दिखा दिये थें। सुभह उठकर माँ नें हमे उठाया ओर हम् वहीरोज कां काम शुरुआत विद्यालय सें लोटा तोँ आज माँ नें टाइट पजामा ओर टीशर्ट पहनरखी थि।
माँ कि बडी गांडओर चुचियो कों मे भि चोरनजर सें आज ताडने लगाखैर मां तौ यही चाहती थि। वोँ गरमचाय बनाकर लाई तोँ मेरीनजर आज उनकी चुचियो पऱ अड गयीँ, थि ओर वोँ यह देखकर खुश होँ रहीओर हंसकर मुझे रिझारही थि। साम कों खेलने गय़ा तोँ वहा मैनेआज बहोत सि ओरतो कों जी भरकर ताडाओर मुकेश केँ संग मे सिगरेट पीना भि सिख गय़ा थां।
खैर, आज मै सिगरेट घऱ लेकरआया थां ओररात कों खानां खाकरछत पर्र सिगरेट पीने गय़ा। तोँ नीचे मां कामकर रही थि मैने मोका देखकर सिगरेट सुलगाई तौ अचानक मां दबेपाव छत पऱ आँ गयीँ, ओर मेरेमुह मे सिगरेट थि ओर सामने मां मैयह देखकर डर गय़ा ओर मेरेमुह सें सिगरेट नीचेगिर गयीँ,।
तोँ माँ बोलि – बेटा जवान हौ गय़ा ओर मुझेपता हि नहींचला?!
तभी मां नें पासआकर सिगरेट उठाईओर कश लगाकर मुझेकहा – लो!
मैडर चुका थां तोँ मैनेकहा – सोरी माँ… मै नहीं पिऊगा आप् पिताजी कों मत कहना!
यह सुनकर मां बोलीं – नहींपी तोँ कह दूगी
यह सुनकर मेने सिगरेट लेकरकस लगाने शुरुआत कीये।
तोँ मां बोलीं – सारी अकेला हि पियेगा क्याँ मुझे भि दे तोँ
मैने मां कों सिगरेट दे दि माँ नें दोकश लगाकर सिगरेट फेक दि ओरकहा बाहर् नहीं पिनारात कों मेरेसंग पी लेना। अब सें यह सुनकर मैखुश होँ गय़ा ओरफिन दस मिनटबाद नीचेआकर कमरे मे चला गय़ा। रात कों माँ दूध लेकरआई तोँ उन्होने खुलेटाप मे अपनी चुचियो कां दीदार फिन सें करवा दियाओर रात मे मै माँ केँ हसीन सपनो मे खो गय़ा।
सुभह मुझेलगा मेरे लन्ड कों कोईछु रहा हैं, तोँ मैने देखा मां मेरेखडे लन्ड पर्र हाथ घुमारही थि। मेनेआखे बंदकर लीओर सोने कां नाटक करतारहा। तभी माँ नें मुझे आवाज़ लगाकर उठाया तौ कच्छे मे तने लन्ड कों देखकर वोँ हंसकर बाहर् चली गयीँ,। माँ अब भि रूटीन मे आमिर सें अपनीचुत ओर गांड मरवाने जातीरही ओरइधर मां कों एक् महीने सें ज़्यादा हैं गय़ा थां मुझे अपनेजाल मे फसाने केँ लिए।
मगर वोँ खुलकर नहींकुछ कररही थि इधर एकदिन शोकत नें आमिर कों कहा मोबाइल करवाने कों तौ मां नें घऱआकर शोकत कों मोबाइल कीया।
तौ शोकत नें कहा – बेहन वोँ सबीना खूनपी रही हैं कहरही थि चार रविवार होँ गये वोँ आई नहींइस रविवार कों आँ जाओ उसकेपास।
तौ माँ नें कहा – भाईजान उसेकहा वोँ इस रविवार कों सुभहदस बजे सबीना केँ घऱ होगी।
फिन दोनोजनो नें बहुतदेर बाते करके मोबाइल रख दिया माँ मुश्ताक सें चुदाई केँ लिए रेडी हि थि। मगर आजकल उनका ध्यान मेरे पऱ थां ओर माँ कि सह केँ चलते मे थोडा खुला होँ गय़ा थां अब मे साम कों मुकेश केँ संगदेर तक रहनेलगा ओर रोजाना मां केँ संग सिगरेट पीने केँ बाद मे थोडा खुला होँ गय़ा। ओर माँ भि यही चाहती थि मुकेश ओर मे करीबी साथी थें तौ हमारे बीच सारी बाते होँ जाती थि साम कों एक्,
आंटी कों देखकर मुकेश नें कहा – क्याँ मस्तमाल हैं
तौ मेनेकहा – यह तौ शादीशुदा हैं
तौ मुकेश बोला – भइया शादीशुदा महिलाए हि ज़्यादा आनंद देती हैं ओर खुलकर चुदाई करवाती हैं विवाह केँ बाद हि इनकी गांडओर चुचियो बढती हैं।
यहबात सुनकर मेनेकहा – यह तोँ हैं मुकेश
ओर मुकेश सें पूछा – तूने कितने भाभी पेली हैं ओरकोई माल पटाया हैं क्याँ हैं?!
तौ मुकेश नें कहा – मेरी क़िस्मत ऐसीकहा हैं कोईपट जाए
तौ मेनेकहा – क्योकोई हैं ध्यान मै?!
तौ बोला – जानेदे तूँ बुरामान जाएगा
तोँ मेनेकहा – नहीं मानूगा बतादे
तौ बोला – शपथ सें!
मैनेकहा – हा!!
तोँ बोला – तेरी मां बहोत पसन्द हैं।
यह सुनकर मैचुप होँ गय़ा ओर वोँ भि कुछदेर हम् दोनो खामोश रहे,
ओर मेनेकहा – तुम् ओरकोई देखलो
तोँ वोँ बोला – बुरामान गय़ा नां तूँ, मैने तोँ पहले हि कहा थां, तेरे सें तौ!
मै बोला – दोस्त हम् यार हैं कोईबात हौ गयीँ, तोँ गलत हौ जाएगा
तौ मुकेश बोला – एकबार पट जानेदे फिनदेख कुछगलत नहीं होगा
मैनेकहा – ऐसे केसै होगा
तोँ वोँ बोला – अपनी गाडी पर्र ड्राइवर रखलोबस बाकी अपने आप् होँ जाएगा
मैनेहा कह दि!
ओर मुकेश नें कहा – तेरी माँ बहोत सैक्सी हैं भइया मेरि मां ऐसी होती तोँ कब कां पेल देता!
यह सुनकर मुझे माँ कां शरीर दिखने लगा।
तभी मुकेश नें कहा – चल चलते हैं बहुतदेर हौ गई, !
ओर सिगरेट लेकरघऱ चला गय़ा रात कों खानां खाकरमै ओर मां छत पर्र चलेगये माँ नें आज पारदर्शी नाइटी पहनरखी थि। जिससे उनकी चुचियो ओर काली पेटीसाफ दिखरही थि मै सिगरेट पीते पीते माँ कों घुरकर देखरहा थां तौ मां भि यह देखकर खुश होँ रही थि।
तभी मैनेकहा – मां मुकेश कों अपनेयहा ड्राइवर रखलो नां
तौ मां बोलि – क्यो?
मैनेकहा – वोँ बोलरहा थां!
तोँ मां समझ गई, शशी केँ चक्कर मे वोँ यहा ड्राइवर बनना चाहता हैं तभी मैनेकहा – वोँ आपकी बहोत तारीफ करता हैं!
तोँ माँ नें कहा – क्याँ?
आप् बहोत खुबसूरत होँ मेरेसब यार कहते हैं ओर क्याँ हैं मैनेकहा ओर तौ कुछ नहीं कहते!
तौ मां बोलि – मुकेश कों ड्राइवर रख लेगे जल्दमगर उसे बताना नहीं
अभि माँ मुकेश सें चुदना तौ चाहती थि मगरसंग मे माँ चाहती थि शशी कि विवाह करवाकर उसेरखे। तोँ
आजरात कों मां नें पिताजी कों कहा – कि शशी कि विवाह कां कुछ सोचा?!
तोँ पिताजी नें कहा – अभि तोँ वोँ छोटी हैं!
तौ माँ बोलि – इस उम्र मे दो बच्चे थें मेरेओर आपकेकोई नाता देखो पढाई तोँ एक् साल कि बची हैं, नाता करतेओर विवाह होतेहुए हि लग जाएगा एक् साल
तौ पिताजी नें कहा – ठीक हैं!
अगलेदिन माँ आमिर सें चुदाई करवाकर आतेसमय ब्यूटीशियन केँ पास जाकरफुल बोडी वैक्स केँ संग फेशियल मसाज वगैरह करवाकर आईओरघऱ आकरकाम करनेलग गयीँ,। साम कों मां नें बापू केँ संग चुदाई करके अगलेदिन संडे कों बाहर् जाने कि परमिशन लेँ ली।
ओर अगली सुभह रविवार कों माँ नहा धोकरहरे रंग कि बनारसी साडी मे हिरोइन बनकर, नो बजेघऱ सें निकलपडी ओरदसबजे सें पहले हि सबीना केँ पास पहुंच गई,।
सबीना माँ कों देखकर बोलपडी – मामीजी इतनी खुबसूरत लगरही कि क्याँ कहू!!
तौ बोलीं – आज तुम्हारा वादा पूरा करना हैं बस!
यह सुनकर सबीना बोलि – मामीजी इसके बदलेकोई भि काम करने कों सजधजकर हैं वोँ
माँ नें चलोअब चलेफिन
तौ सबीना नें कहा – बहोत जल्द हौ रही हैं
तोँ माँ बोलीं – ओर तौ कोई नहीं हैं
तौ सबीना नें कहा – कल मे उससे मिलकर आईओर कहकरआई कि कल हम् सुभह आएगे रेडी रहना वोँ घऱ पऱ रहता हैं तौ भि दोतीन सें नहाता हैं।
तौ माँ नें कहा – रूमसाफ कर लेँ धोकरओर गंदे कपडे बाहर् रखदे कमरेमै इत्र डालकर ओर अपने बाजुओर झाटो केँ बालसाफ कर लें।
तौ उसनेकहा – रंडी केँ लिए इतनाकोन करेगा
तोँ मां नें कहा – हुर हैं अगर नहीं कीया तौ वोँ वापिस चली जाएगी आगे तेरी मर्जी उसकेबाद मुझेकुछ नहीं कहनाकभी।
यह सुनकर मुश्ताक नें कहा – ठीक हैं!
सबीना ओर मां गरमचाय पीकर मुश्ताक केँ घऱ कि तरफ निकलपडी ओरदोतीन मिनट केँ बाद वोँ मुश्ताक केँ घऱ केँ बाहर् थि। मुश्ताक कां घऱदो कमरे कां हि थां बस छोटे छोटे कमरेओर चारपाई एक् टेलीविज़न केँ अलावा दूसरे कमरे मे किचन कां समान सबीना नें घऱ कां पुरानां दरवाजा बजाया।
तौ मुश्ताक नें कहा – आया!
मां कि दिल कि धड़कन बढरही थि सोच सोचकर हि तभी मुश्ताक नें दरवाजा खोला मुश्ताक कि लंबाई उसके कमरो केँ गेट सें भि बडी थि 6.2 लंबाई ओरफुल मसल लंबा चोडा हट्टा कट्टा 35 साल कि उम्र कां कुंवारा सांडकह सकते हैं। उसे मां कों देखकर मुश्ताक कां मुह खुला हि रह गय़ा।
तोँ सबीना बोलि – क्याँ हुआ मुश्ताक मुहबंद करलोओर अंदरचलो
तोँ मुश्ताक बोला – सबीना यह मोहतरमा तौ देखने लायक हैं जैसे जन्नत कि हुर होँ यहकहा मिल गई,, इसे तोँ देखकर हि दिलखुश हौ गय़ा!!
तोँ सबीना बोलीं – चुदाई तेरा अब्बु करेगा क्याँ?
तोँ मुश्ताक बोला – मै रूकूगा नहींसोच लोकही गडबड होँ गई, तोँ वोँ माँ केँ नाजुक शरीर कों देखकर आशंकित थां।
तौ सबीना बोलीं – मरेगी तोँ नहीं बाकीमै संभाल लूगीअब अंदरचल!
यह सुनकर मुश्ताक नें सबीना ओर मां कों कमरे मे बैठा दियाओर पानी लेकर आँ गय़ा।
तोँ सबीना बोलीं – मुश्ताक आजआज पूरादिन तेरा हैं मजेकर लें, जितने करने हैं ओर मेरा पिछाछोड देनाओर हा एक् तालादे दे मे बाहर् लगाकर जारही हू, साम तक धीरे-धीरे इसकोपेल लें, चार पांचबजे तक आऊगी, तुँ सजधजकर हैं नां।
तौ मुश्ताक नें कहा – कलरात कों हि दो किलो बकरा खाया हैं ओर गोली भि पडी हैं मगर उसकी जरूरत नहीं रहेगी।
सबीना नें कहा – इसे चुदाई केँ संग चुसाई भि बहोत पसन्द हैं इसका सारारस पी लेना पहले वर्ना यह संतुष्ट नहीं होगी।
तोँ मुश्ताक नें कहा – अच्छा चलो देखता हू
फिन मुश्ताक नें कहा – सबीना पाच मिनट रूकोघऱ पऱ कुछ नहीं हैं गरमचाय केँ लिएदूध ओर ब्रेकफास्ट तौ लें आऊ मोहतरमा केँ लिएओर माँ कों पूछाओर कुछ चाहिए।
तोँ माँ बोलि – दो बियरओर एक् डिब्बी सिगरेट मिलेगी क्याँ?!
तौ मुश्ताक नें कहा – मे नहीं पिता मगरला दूगादस मिनट लगेगी!
तोँ मां बोलीं – लेँ आओकोई बात नहीं
यह सुनकर मुश्ताक चला गय़ा,
सबीना नें कहा – मामीजी यह क्याँ हैं?!
तोँ माँ बोलीं – चुदाई कां आनंद भि आएगाओर दर्द भि नहीं होगा
तौ सबीना बोलि – यहबात हैं
तोँ माँ नें कहा – सबीना जब पहलीबार चार लडको सें चुदी थि तब दारू पिकर हि चुदी थि बहोत मज़ाआया थां
तब सबीना नें अब टॉपिक बदलाओर कहा – मामीजी बेटे कां लन्ड देखा क्याँ?!
तौ माँ हंस दि ओर बोलि – सबीना तुम् भि!
तोँ सबीना बोलीं – लगता हैं चुदवा आयी हौ तभी नहींबता रही कितना बडा लन्ड हैं बेटे कां?!
यह सुनकर मां बोलि – अभि चुदी नहींमगर जल्द हि चुद जाऊगी
तोँ सबीना नें माँ कों गले लगाकर कहा – मान गई, मामीजी, अच्छा यह तोँ बताओ उसका लन्ड देखा क्याँ?
तोँ मां बोलीं – उसके बाप सें तौ बडा हि लगरहा थां एक् दिन सुभह सुभहहाथ फिराकर देखा पेन्ट केँ उपर सें,
तौ सबीना बोलीं – जल्द हि सील खुलेगी बेटे केँ लन्ड कि ओर हसनेलगी
तभी माँ नें कहा – सबीना यह मुश्ताक तौ विनोद खन्ना जैसालग रहा हैं तुँ तौ कहरही थि गंदा रहता हैं।
तौ बोलि – आपकेलिए वर्ना यह नहाता हि नहीं मेनेकहा अगरऐसा नहींलगा तौ वोँ चली जाएगी
फिन माँ नें कहा – सबीना इसका लन्ड सच मे कितना बडा हैं
तौ सबीना बोलि – डरलगरहा हैं क्याँ
तोँ माँ बोलीं – नहींबता नाँ
तौ सबीना बोलीं – 9 inch सें कम नहीं होगा!!
तौ माँ बोलि – 8 कां तौ खा चुकीहू बस गांड मे नहीं लिया थां, वोँ आज सें 20 साल पहले रोशनखान नें पेला थां अपने 8 इंच केँ मूसल लन्ड सें।
तोँ सबीना बोलि – दर्दहुआ थां क्याँ??
तोँ बोलि – नहींतब जवान हौ रही थि तब तोँ दर्द मज़ा देता थां बस
सबीना नें पूछा – तोँ अब दर्द होता हैं क्याँ??
तोँ माँ बोलि – अब दर्द नहींमगर चुतओर गांडसूज जाती हैं इतने लन्ड एकसाथ लेने सें ओर पादने कों भि तरस जातीहू खडे होते बैठते वक़्त पादफुस फुस करके अपने आप् हि निकल जाता हैं! ओर हसनेलगे!
तौ सबीना बोलीं – अब तौ टटी भि निकलेगी बडे आहिस्ता
तभी मां बोलीं – सबीना वोँ तौ वेसै हि आहिस्ता निकलती हैं मगर एक् बात तोँ तूनेसही कही थि
सबीना बोलीं – क्याँ मामीजी??
मां नें कहा – फिनकभी!
तौ सबीना बोलीं – वोँ आधे घंटे सें पहले नहीं आएगा पहले पेसै मांगेगा फिनकुछ लेकर आएगा धीरे-धीरे बोलो।
तोँ मां बोलि – बाद मे!
तोँ सबीना नें कहा – मैजारही
तौ मां बोलीं – रूको तूनेकहा थां नां बेटी कां ध्यान रखना
सबीना बोलीं – क्याँ वोँ भि रंडीबन गयीँ,
तौ माँ बोलीं – रंडी कां पता नहींमगर एक् ड्राइवर कां 6 इच कां लन्ड तोँ वोँ अपनीचुत ओर गांड मे घपाघप लें रही थि।
तोँ सबीना बोलि – तेरीतरह छिनाल बने उससे पहले ब्याह करवादो कहीभाग गयीँ, तोँ नाककट जाएगी।
यह सुनकर मां बोलीं – मेनेकह दिया हैं उम्मीद हैं जल्दपता कट जाएगा फिनमै ओर बेटा हि रहेगे ओर तोँ ओर वोँ ड्राइवर साला मेरे बेटे कां पक्का साथी हैं मेरी तारीफ भि करता हैं।
तौ सबीना बोलि – बेटी केँ जाने केँ बाद तेरी गांड मारकर वक्तपास करेगा नां ओर हसनेलगी!
तभी दरवाजा खुलाओर मुश्ताक एक् थैला लेकरआया वोँ तीन बियरदो सिगरेट कि डिब्बी ओर नमकीन लेकरआया।
तोँ सबीना बोलीं – कभीहमे तौ पान सुपारी भि नाँ खिलाई आज इतना खर्चा
तोँ मुश्ताक नें कहा – यह जन्नत कि हुर हैं इसकेलिए तौ बेचकर खर्चा करनापडे तोँ भि कर देगाहर कोई
तोँ सबीना बोलीं – फिनमै चली कबाबमा हड्डी कां क्याँ काम
तोँ माँ बोलि – सबीना एक् कामओर हैं बस
सबीना नें कहा – कहो मामीजी
तौ माँ बोलि – सबीना बर्फ लाकरदे दोस्त बाद मे चाहिए नाँ यहदोगरम होँ जाएगी
तौ मुश्ताक बोला – मे लें आऊगा
तौ मां बोलि – छत सें कूदकर जाओगे क्याँ
तौ बोला – हा मे भूल गय़ा
तौ सबीना बोलि – अभि लातीहू
दो मिनट मे हि सबीना पडोस केँ घऱ सें दो कटोरे बर्फ लेँ आईओरफिन मुश्ताक नें बोलीं मे बर्फ लपेटकर चारपाई केँ नीचेरख दि ओर मां केँ पासबैठ गय़ा,
ओरकहा – मोहतरमा अब अपनानाम तौ बतादो
तौ माँ बोलीं – जौ नाम तुमको मनपसंद हैं वही लेकर बुलाओ नाँ
तोँ उसनेकहा – मे तुम्हे हिनाकहू??
तौ माँ बोलीं – मे हिना हि हूअब सें
तौ मुश्ताक नें कहा – शुरुआत करे
तोँ माँ बोलीं – रूको बाहर् जाओजरा
ओर मां नें कपडे खोलकर अपने पर्स सें टाइट पजामा ओर टीशर्ट निकालकर पहन लिया मां कि बडीबडी चूचिया ओर गांड कों देखकर हि अच्छो अच्छो केँ कच्छे गीले होँ जाएओर मां नें बियर कि बोतल खोलकर मुश्ताक कों गिलास लाने कों कहा।
तोँ मुश्ताक केँ पासकाच कां गिलास नहीं होने सें माँ अब बोतल कों मुह लगाकर पीनेलगी तौ मुश्ताक नें एक् नमकीन कां पैकट खोलकर माँ कों दे दियाओर माँ नें सिगरेट लगाली ओर लंबे लंबेकश खिचने लगी।
तौ मुश्ताक नें कहा – तुम् सबीना सें कहा मिलीओर तुम् कहा सें होँ
तौ माँ नें कहा – मुश्ताक मै एक् रंडीहू पैसो केँ लिए चुदती हूओरबडे बडे नेताओर बिज़नेसमैन हि मुझे बुलाते हैं क्योकी मै एक् रात केँ 30, 000 रूपया लेतीहू।
तोँ मुश्ताक बोला – तुम्हारे लिए तोँ 50, 000 भि देदे क्याँ मस्तमाल होँ मगर मेरेपास पैसे नहीं हैं।
तोँ मां बोलीं – सबीना मेरी अच्छी सहेली हैं ओर उसने तुमसे वादा कीया थां कि तुम्हारा लन्ड पूरा खाने वाली तुम्हारा संग सुलाएगी तौ यहबात उसने मुझेकही वोँ कईबार मेरे छोटे मोटेकाम करती रहती हैं इसलिये मैआज उसकाकाम करने आँ गई, हू बदले मे।
तौ मुश्ताक बोला – सबीना केँ लिएआज सें कुछ भि करने कों सजधजकर हू
तोँ मां बोलि – वोँ तौ टाइम बताएगा क्याँ होता हैं
माँ नें कहा – बियर लेँ लो तोँ मुश्ताक नें कहा वोँ नमाजी हैं इसलिये नशे सें दूर रहता हैं
तौ माँ बोलि – यह तौ बहोत बढिया बात हैं
मुश्ताक नें कहा – अच्छा!
तोँ मां बोलि – मुझे मुस्लिमो सें चुदना बहोत पसन्द हैं
तौ मुश्ताक नें कहा – अबतक कितने मुस्लिमो सें चुदी होँ हीना??
तोँ माँ बोलीं – जब भि मोका मिला चुदीहू दिल खोलकर ओर गिनती तोँ क्याँ करू धंधे वालीहू कभी तौ पांच एक् संगकभी एक् भि नहीं तोँ चलता हैं
तोँ मुश्ताक बोला – आज लगता हैं मेरी ख़्वाहिश पूरी होगी
तोँ माँ बोलीं – क्याँ ख़्वाहिश हैं??
तौ मुश्ताक नें कहा – मेरा लन्ड कोई पूराचुत मे लेँ लेँ ओरकोई गांड मे लें लें बसआधी ओरते तौ डर केँ मारे नहींआती, बसयही हैं!
तौ माँ नें बियर कों मुह सें लगाकर खालीकर दियाओर सिगरेट कां अंतिम कश लगाकर सिगरेट भि फेक दि,
ओरकहा – मुश्ताक मिया हीना सजधजकर हैं चढाई शुरुआत करो!!!
तोँ मुश्ताक नें पूछा – हीनाजान मन तौ कररहा हैं तुम्हे कुचलने कां मगर तुम्हे देखकर प्रेम करने कां मनकररहा हैं
तौ माँ बोलि – राजा प्रेम करने नहींमै तोँ मात्र चुदने आयीहू तेरामन करे वैसेरगड लेँ मुझे
यह सुनकर मुश्ताक नें कहा – तोँ फिन सजधजकर होँ जा हीना रानी
तौ मां बोलीं – मे रानी नहीं रंडीहू पैलदे बस तुँ रानी बनाने कां सपनेमत लें ओरआजा अब बकचोदी बहोत हौ गई,
तोँ मुश्ताक नें कहा – रूक रंडी अभि तेरी सारी गर्मी निकलाता हू… बेहन कि लोडी…मुझ सें बकवास कररही हैं…
तौ माँ बोलि – हा कुते तेरे जैसे बहोत आएगये तु भि आजाअब
यह सुनते हि मुश्ताक केँ अंदर कां शैतान जाग गय़ा ओर वोँ हवशी कि तरह मां पर्र टूटपडा,
मेरी मम्मी कि उसने अपने भारी भरकम हाथो सें मां कि दोनो चुचियो कों पूरी ताकत सें दबा दिया मां नें मे थि। मगर दर्दहुआ तोँ चीख निकलपडी चीख सुनते हि मुश्ताक हसनेलगा,
ओरकहा – तेरी गांड तौ अभि सें फटनेलगी कुतिया
तोँ मां नें – कहा कुते वोँ तोँ 20 साल पहले हि फट चुकी हैं तुँ तोँ बसचोद लेँ… सील खोलने वाले तोँ मर्दअलग हि थें!!
यह सुनकर मुश्ताक नें कहा – कुतिया उनके लन्ड सें आगे कि आजमै फाडने वालाहू तेरी!
तभी मुश्ताक नें मां कि टीशर्ट खोल दि ओर चुचियो कों कसकर दबाने लगा। माँ अबजोर सें आहे भरनेलगी। तभी मुश्ताक नें मां कि ब्रा खोलकर नंगी चुचियो कों कसकर दबाने लगा। मां कि चुचियो कों इतनी बेदर्दी सें शायद हि किसी नें कुचला हौ कभी।
मुश्ताक कां वजन करीब-करीब 1.20 किलो केँ लगभग थां ओर मेरी माँ कां वजन 50 किलो हि थां उसमे भि उनकी चुचियो ओर मोटी गांड कां वजन अधिक थां। मुश्ताक नें अब माँ केँ होठो कों अपने होठो सें मिला दियेओर सारी लिपस्टिक उसने एक् बार मे चाटकर साफकर दि थि। तभी माँ कि चुदास भि भडक गई, ओर माँ मुश्ताक केँ लन्ड कों पजामे केँ उपर सें टटोलने लगीओर माँ कों अंदाजा लग गय़ा कि आज उसकीचुत ओर गांड कि खुदाई होगी।
चुदाई नहीं मुश्ताक केवल पेलने मे माहिर थां इसलिये वोँ फोरप्ले मे बिलकुल अनजान थां मगर मां कों चुदाई केँ जितना हि फोरप्ले करके चुदना पसन्द थां।
मुश्ताक कां लन्ड पजामे मे रहने लायक नहींरहा। तौ उसने पजामे कां नाडाखोल दिया तौ लन्ड कीसी कालेनाग कि तरह फुकार मारता हुआ बाहर् निकला तौ माँ कि आखेफटी रह गयीँ,। तभी माँ नें मुश्ताक केँ लन्ड कों अपने कोमल हाथो मे भर लिया मुश्ताक कां लन्ड दोनो हाथो मे देने केँ बाद भि माँ केँ हाथो सें बाहर् निकलरहा थां।
माँ नें तभी मुश्ताक केँ हाथो कों उपरकर दियाओर उसका कुर्ता खोलने लगी मुश्ताक नें नाँ बनियान पहनरखी थां नाँ हि कच्छा इसलिये वोँ एक् मिनट मे नंगा हौ गय़ा ओर मां उसके शरीर कों प्रेम सें सहलाने लगी। ओर उसको चारपाई पर्र लेटा दिया माँ मुश्ताक केँ उपर लेटकर उसकोकिस करनेलगी।
पांच मिनटबाद माँ नें उसकीबगल कों चाटकर मुश्ताक कि हवस कों भडका दिया तोँ मुश्ताक माँ केँ टाइट पजामे मे हाथ डालकर उनकी मोटीओर नर्म नर्म गांड कों कसकर दबाने लगा। मां नें मुश्ताक कि दोनो बगलो कों अच्छे सें चाटाओर फिन उसकी मर्दाना छाती कों चुमने लगी। तभी कुछदेर बाद धीरे-धीरे धीरे-धीरे माँ अपनी मंजिल पर्र पहुंच गई, ओर जैसेकोई बच्चा खिलोने सें खेलता हैं वोँ भि मुश्ताक केँ लन्ड सें खेलने लगी।
माँ सें अधिकदेर रूका नहीं गय़ा ओर उन्होने मुश्ताक केँ लन्ड केँ सुपारे कि चमडी कों नीचे खिसकाकर उसपरजमी पपडी कों चाटने लगी। मुश्ताक केँ लन्ड सें पेशाब ओर वीर्य कि खुशबु कों सुघकर मां कि चुत सें रस टपकने लगा मुश्ताक कां लन्ड मोटाई मे 2.5 इच हि थां जौ राहत कि बात थि मगर लबाई 9 सें कम भि नाँ थि। लन्ड कों चाटने केँ बाद मां नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे मुश्ताक कां लन्ड मुह मे लेना शुरुआत कीया।
तोँ माँ 7 इच तौ आहिस्ता लेँ लेतीमगर आगे कां नहीं माँ कि जिद थि पूरा लन्ड मुह मे लेकर देखूगी जरूर! एकबार तभी माँ नें पूरामुह खोलकर लन्ड पर्र सिर कां दवाब बढाया तौ एक् इचओर लन्ड मुह मे घुस गय़ा। मुश्ताक भि गोर सें देखरहा थां 8 इच लन्ड मुह मे गय़ा,
तोँ मुश्ताक नें कहा – रंडी तुँ पहली रंडी होगी जोँ मेरा लन्ड इतनाखा गयीँ, अब तौ मुझे यकीन हौ गय़ा हैं आज मेरा पूरा लन्ड चुत मे लेँ लोगी!
यह सुनकर मां नें मुह सें लन्ड बाहर् निकालकर कहा – मुश्ताक आज तुम्हारी सारी ख्वाहिश पूरी होगी
तौ मुश्ताक नें कहा – उसकेबाद मे
तौ मां बोलीं – सोरी मुश्ताक उसकेबाद मे तुम्हारे पासकुछ नहीं हैं इसलिये मे नहीं आँ पाऊगी
तौ मुश्ताक नें कहा – मेरी रंडी पेसै कि चितामत कर तुम्हे ऐसेऐसे ग्राहक दिलवाऊगा कि लाखो मिलेगे ओर हफ्ते मे एकबार हमे भि दे देना
तौ माँ बोलि – ठीक हैं देखते हैं!
ओरफिन सें मां नें मुश्ताक कां लन्ड मुह मे भर लियाओर कीसी रंडी कि तरह चुसने लगी, मुश्ताक कां लन्ड इतनाकभी किसी नें नहीं चुसा थां वोँ आखेबंद करके जन्नत कि सैरकर रहा थां, मुश्ताक केँ बस कि बात नहींरही,
तौ मुश्ताक नें कहा – रंडीअब रहा नहीं जाता
तोँ माँ बोलि – ठीक हैं कुतेचढ जाबता किस स्टाइल मे करेगा
तोँ मुश्ताक नें कहा – तुम को जैसे चुदना मनपसंद हैं वेसै हि
तौ मां बोलि – कुतेमै रंडीहू घरवाली नहीं तेरामन करे वेसैपेल नाटकमत कर!
यह सुनकर मुश्ताक कों क्रोध आँ गय़ा! मां भि मुश्ताक कां लन्ड देखकर चाहरही थि कि वोँ उसे बेरहमी सें चोदे इसलिये वोँ उसे भडकारही थि। आखिर मे मुश्ताक फस हि गय़ा ओर उसनेखडे होकर मां कां पजामा खिंचकर निकाल फेकाओर कच्छी कों भि फेक दिया। अब उसने चारपाई पऱ माँ कों लेटा दियाओर माँ कि गांड केँ नीचेदो तकिये लगाकर उनकी टागो कों पूरा फैलाकर लन्ड चुत पर्र रखकर खिसने लगा।
तोँ माँ भि आहे निकलने लगी। मां कि चुत सें रस लगातर धीरे-धीरे धीरे-धीरे निकलरहा थां ओरउधर माँ केँ थूक सें मुश्ताक कां काला लन्ड चमकरहा थां तभी मुश्ताक नें मां कि चुत मे आधा लन्ड पूरी ताकत सें घुसा दिया। माँ कि एक् हल्की अहह निकली तोँ दूसरे झटके मे करीब-करीब 7 इच सें ज़्यादा लन्ड चुत मे घुस चुका थां। मगर इतना तोँ रोज कि बात थि। मुश्ताक अब माँ पर्र झुक गय़ा ओर उनकेकधो कों कसकरपकड लिया। माँ भि सजधजकर थि तभी मुश्ताक नें जोर कां झटका लगाकर मां कि चुत मे पूरा लन्ड फसा दिया!
तोँ माँ जोर सें चीखपडी बोलि – बेहन केँ लोडे मेरीचुत कों फाड दिया नाँ…
तौ मुश्ताक बोला – चुपकर रंडी बेहन कि लोडी अभि तोँ शुरुआत हि नहीं कीया…अब देख तुँ…
यह सुनकर माँ बोलि – ओर इसकेआगे जोडकर लाएगा क्याँ कुते…यह तौ पूराफस गय़ा…
तोँ मुश्ताक बोला – रंडीअब तोँ गय़ा हैं झटके
तेरीमा कों लगेगे आजओर मुश्ताक नें पूरी ताकत सें अब 9 इची लन्ड सें चुत कों फाडना शुरुआत कर दिया। बियर केँ नशे मे मां मदहोश होकर चुदाई कां आनंद लेँ रही थि ओर मुश्ताक कों गाली देकरउसे जोर सें चोदने कां कहरही थि।
दस मिनट केँ बाद माँ कि चुत नें ढेर सारा कामरस मुश्ताक केँ लन्ड पऱ उडेल दिया तौ अब मुश्ताक कां लन्ड माँ केँ कलेजे तक जाकर ठोकर मारने लगा थां। मुश्ताक अब माँ केँ उपरलेट गय़ा ओर चुचियो कों भि कसकर दबाने लगा थां माँ कों चुत सें अधिक दर्द चुचियो केँ दबाने सें होँ रहा थां ओर वोँ जोर सें चीखरही थि। तौ मुश्ताक उतनी हि जोर सें हसरहा थां थां मुश्ताक कीसी घोडे कि चुदाई कि तरह मां कों चोदरहा थां।
ओर मां भि मुश्ताक कि चुदाई सें बहोत खुश होँ रही थि मां कों कुछदेर बाद मुश्ताक कि ताकत कां अंदाजा हुआओर उसकी ताकत थि। एक् भि स्टाइल मे पूरी ताकत सें पेलना माँ समझ गई, थि सबीना जैसी ओरतेइस हरामी केँ आगे इसलिये हि नहींटिक पाईखैर माँ कों एक् हि पोजीशन मे सारीरात पैललो उन्हे कोई फर्क नहीं पडता हैं।
ओरआज मुश्ताक कां गुरूर भि टूटने वाला थां मुश्ताक मां कों जितनी ताकत सें चोदता उतना हि माँ उसेओर जोर सें चोदने कों कहती तौ वोँ ओरतात लगाता लन्ड ओरचुत केँ इस जोरदार युद्ध मे आज भि जीत तोँ चुत कि होनी थि।
ओर लन्ड कि अकड कों ख़त्म होना हि थां मुश्ताक नें लगाकर 40 मिनट तक माँ कि चुत कि ठुकाई कि तौ मां कि चुत नें भि लन्ड कों चारबार कामरस पिलाकर उसका हौसला बढ़ाया मगर 40 मिनट केँ बाद मुश्ताक केँ हवसी लन्ड नें हिम्मत हार दि।
तोँ मां कों पतालग गय़ा ओर वोँ बोलीं – कुते अपने लन्ड कां माल तौ चखादे अंदरमत डालना
तभी मुश्ताक नें लन्ड बाहर् निकाल लियाओर माँ केँ मुह मे डालकर माँ केँ सर कों पकडकर उसे चोदने लगा। एक् मिनट केँ बाद मुश्ताक केँ लन्ड नें जरूर उसके साइज केँ अनुसार मानरखा ओरतीन लंडो जितना वीर्य एक् लन्ड नें उगलकर मां केँ मुह कों पूरामाल सें भर दिया। माँ नें माल गटककर मुश्ताक केँ लन्ड केँ लन्ड कों चाटकर साफ कीयाओर मुश्ताक मां केँ पास चिपक गय़ा।
तोँ मां बोलीं – मुश्ताक अब गोली खाकर सजधजकर हौ जाओरमै बियर पीकर सजधजकर होँ जातीहू इसबार जल्द गय़ा तोँ मैचली जाऊगी
तोँ मुश्ताक नें कहा – तुँ सच मे बहोत बडी रंडी हैं आज सें मै तेरा गुलाम हू
तुँ मां बोलि – तेरे जैसे गुलाम नहीं चाहिए जिसे सैक्स हि नहीं करनाआता हौ
तोँ मुश्ताक नें कहा – कुतिया मे तेरीचुत कों नहीं चाटने वालाआज आजचुद लेँ मे तौ चुतओर गांड फाडने कां हि आदीहू चाटने कि नहीं
माँ नें कहा – ठीक हैं! 12 बजगये हैं चारबजे तक कि बात हैं फिन तूँ तेरे मे मेरे
यह सुनकर मुश्ताक नें गोली निकाली ओरदो गोलीया खाली। तौ मां नें बियर कि बोतल खोलकर पीने शुरुआत कि ओरसंग मे सिगरेट केँ कश लगाकर कमरे कों धुए सें भर दिया। माँ कीसी कोठे वाली रंडी कि तरह बैठकर मजे सें बियर पीने मे लगी थि ओर मुश्ताक बगल मे बैठा मां कों देखता रहा।
दस मिनटमै माँ बियरगटक गई, ओरफिन मुश्ताक कों कहा – आजा कुतेचढ जाबता इसबार केसै करेगा
तोँ मुश्ताक नें कहा – तूँ चाहै जैसे चुदना वैसे
तोँ मां बोलीं – मेरीछोड अपनीदेख
तोँ मुश्ताक बोला – लेटजा कुतिया पहले
माँ केँ लेटते हि वोँ साड माँ केँ उपरलेट गय़ा ओर माँ केँ दूध कों कसकर दबाने लगाओर चुचियो कों दबाकर माँ कि चुचियो कों मसलने लगा। मुश्ताक कां लन्ड मां कि चुत मे लगनेलगा तौ मां सें रहा नहीं गय़ा ओर उसने मुश्ताक कों नीचेआने कों कहाओर एकबार फिन माँ उसकीउपर चढकर उसकेहोठ सें अपनेहोठ लगाकर चुसने लगीओर फिन उसके पूरेबदन कों चाटकर अपनीओर उसकी चुदास भडकाने लगी।
माँ नें एकबार फिन मुश्ताक केँ राक्षसी लन्ड कों मुह मे लें लियाओर एकबार फिन पूरा निगलने कि नाकाम कोशिश करनेलगी। दस मिनट केँ बाद मुश्ताक नें कहा रंडी पऱ मेरे लन्ड कि सैर भि कर लेँ तोँ मां नें लन्ड कों चुत पऱ सेट कीयाओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे दो मिनट मे मुश्ताक कां पूरा लन्ड अपनीचुत मे लें लिया। तोँ मुश्ताक नें मां कों अपने सीने सें चिपक लियाओर कमर पर्र हाथ डालकर कसकर पकडकर माँ कि चुत कों फाडने मे लग गय़ा।
इसबार मुश्ताक नें मां कों दिन मे तारे दिखा दियेओर जोरदार तरीके सें चुदाई करनेलगा माँ भि जोर सें चीखकर मुश्ताक कों भडकारही थि माँ मुश्ताक इसबार भि पोजीशन बदलने केँ मूड मे नहीं थां ओर वोँ लगातार कमर उठाकर मां कि चुत कों फाडता रहा।
माँ कि चुत कां झरना जैसेआज फट गय़ा थां वोँ लगातार कामरस छोडरही थि मगर मुश्ताक गोली खाने केँ बादओर भि वहशी हौ गय़ा थां,
ओर माँ कि चीखे सुनकर गालीया देनेलगा – क्यो रंडीफट गई, नाँ,
कहकर मां कों चोदता रहामगर माँ भि उसको लगातर गाली देकर उसकीमा बेहन करतीरही ओर चीखने कि आवाज़ सें शायदआस पडोस मे भि पतालग गय़ा। आजमै केँ हाथकोई रंडीलगी हैं मुश्ताक कि चुदाई ख़त्म होने कां नाम हि लेँ रही थि। तोँ मां कां नशा भि चुत कि चुदाई सें उतरने लगा तौ उनकीचुत मे होँ रहै दर्द सें वोँ अब परेशान होनेलगी।
मगर मां भि हार मानने वाली नहीं थि उधर मुश्ताक चाहता थां कि वोँ यहकहे छोडदे मुझेमगर माँ चाहरही थि। यहझडे तोँ उसका पिछा छुडेओर दोनोजने अपनी अपनीबात कों रखने केँ लिएलगे रहे। खैर एक् घंटे चुदाई केँ बाद आखिरकार मुश्ताक केँ लन्ड नें भि जवाबदे दियाओर उसका शरीर अकडने लगा। तौ माँ भि अपनी गांड उसके लन्ड पऱ जोर सें पटकने लगी।
लगभग पांच मिनट केँ अंदर माँ कि चुत नें कामरस छोड तोँ मुश्ताक केँ लन्ड नें भि ढेर सारा वीर्य मां कि चुत मे छोड दिया। जिससे मां कों राहत मिलीओर मां अब निढाल होकर मुश्ताक केँ उपरलेट गयीँ, ओर मुश्ताक भि पसीने मे तर होँ चुका थां।
दोनोजनो अब सुस्ताने लगे मुश्ताक माँ कि चुदाई सें खुश थां मगरसंग मे मुश्ताक कों ठेस भि लगी। मां उसकेआगे गिडगिडाई नहीं मुश्ताक चाहता थां वोँ गिडगिडाकर रहम कि भीख मांगे, मगर मुश्ताक कों यह मोका दूसरी बार मे भि नहीं मिलाओर वक़्त रेत कि तरह फिसला जारहा थां।
दोबज चुके थें चारबजे सबीना कों आनां थां मुश्ताक नें अब मां कि गांड मारने कां सोचाओर एकबार फिन मुश्ताक नें दो गोलीया खाली। तोँ माँ कि हालात भि खराब होँ चुकी थि, माँ अब नीचे उतरकर बाहर् आईओर मुश्ताक केँ बाथरूम मे जाकर मूतने लगी। तौ दो मिनट तक मां कि चुत सें सीटी बजतीरही मां कां पेट खालीहुआ तोँ वोँ अंदरआकर बेसुध लेट गयीँ, ओर एकबार फिन सें माँ पांच मिनट केँ बाद मां उठीओर सिगरेट लगाकर सिगरेट खिचने लगी। उस मुस्ताक लम्बे लन्ड वाले व्यक्ति सें चुदाई करके मां कां तौ पसीना औऱ मूत दोनों छूट गय़ा थां।
सिगरेट पीकर माँ नें कहा मुश्ताक थोडी बर्फपीस दो तोँ मुश्ताक नें साफ कपडे मे बर्फ लपेटकर बर्फ पिसकर आँ दि मां नें खाली बोतल मे बर्फ डालकर उसमे बीयर डालीओर फिन दूसरी बोतल मे बची स्थान मे बर्फडाल दि ओर धीरे-धीरे धीरे-धीरे माँ बीयर पीनेलगी। 20 मिनट मे मां नें बीयर ख़त्म करने केँ बाद एक् सिगरेट ओरलगा लीओर सिगरेट पीकर,
मां नें कहा – मुश्ताक तीन बजने हैं एक् राऊडओर करलोफिन सबीना आँ जाएगी
तोँ मुश्ताक बोला – मै तौ रेडीहू
तौ माँ नें कहा – अपने लन्ड कों भि जगाओ नाँ ओर हसनेलगी
तौ बोला – इसबार तेरी गांड कों फाडकर तेरीहसी नां मिटाई तौ कहना
यह सुनकर मां बोलि – हसी तौ नहीं मिटने वाली
तौ मुश्ताक नें माँ कों चारपाई केँ पासखडा कर लियाओर माँ कों चारपाई पर्र झुका दिया। इसबार मुश्ताक नें माँ कों लन्ड नहीं चुसने दियाओर उसने अपना सुखा लन्ड गांड पऱ सेटकर दिया। मां कि सासेफंस गयीँ, मुश्ताक नें अपने लन्ड कां सुपारा मां कि गांड मे घुसा दिया।
तौ माँ नें चारपाई कि चद्दर कों अपनी मुठी मे भर लिया मुश्ताक नें ताकत लगाकर दो झटको मे पूरा गांड मे ठोक दिया। तौ माँ दर्द सें बिन मछली केँ पानी कि तरह तडफडाने लगी,
ओरजोर सें चिल्लाने लगी – बेहन केँ लोडे मारेगा क्याँ?? आहिस्ता डालदे…
तौ मुश्ताक नें कहा – रंडी कि गांडफट गई, क्याँ सचमै???
मां कि गांडफट गयीँ, थि, इसकी गवाही मुश्ताक केँ लन्ड केँ सुपारे पऱ लगाखून बतारहा थां। मुश्ताक नें लन्ड बाहर् निकालकर मां कों दिखाकर कहादेख रंडीआज तेरी गांडफटी हैं।
माँ नें कहा – कुतेफट कों कब गई, आज थोडी गहरीओर होँ गयीँ, हैं
तोँ मुश्ताक नें कहा – अब तौ तुँ गधे कां लन्ड भि लें लेगी पूरा
ओर एकबार फिन सें मुश्ताक नें मां कि गांड मे लन्ड ठोक दिया माँ चाहकर भि कुछ नहींकर पाईमगर मां कि आंखो सें निकलते आंसू उनके दर्द कों बयाकर रहे थें। उधरअब मुश्ताक अपने लन्ड पऱ गुरूर करतेहुए माँ कि गांड कि ठुकाई करनेलगा।
तौ माँ कि दर्द सें हालात खराब होनेलगी मगर मुश्ताक केँ लन्ड कि मोटाई कम होने सें मां कि तकलीफ जल्द हि समाप्त हौ गई,। ओरदस मिनट केँ बाद लन्ड कि स्थान बनने केँ बादअब मां गांड हिलाकर लन्ड अंदर लेनेलगी तौ मुश्ताक केँ पसीने आनेलगे। मुश्ताक सोचरहा थां कि वोँ रहेगी मगर मां नें मुश्ताक कों रुलाने कि सोचली ओर,
वोँ अब मुश्ताक कों गाली देनेलगी – क्याँ हुआ बेहन केँ लोडेचोद नाँ इतना हि हैं तोँ अब तुँ घुसजा मेरी गांड मे बेहन केँ लोडेपेल जोर सें हरामी कुतेकही केँ,
मुश्ताक गाली सुनकर भडक गय़ा ओर गांड पऱ थप्पड मारकर गांड फाडने मे लगा। तौ माँ भि लगातार चुत सें रस बहाकर चुदाई कां मज़ा लेतीरही चुत सें छुटते कामरस सें मां केँ जिस्म मे थकान आँ रही थि। तौ मुश्ताक पूरी ताकत सें मां कों चोदकर मां कों अपने लन्ड कों जितना चाहता थां ओर दोनोजने घमासान चुदाई करतेरहे।
मां कि चीखो सें आस पडोस केँ लोगो कों भि यकीन होँ गय़ा थां कि आज कीसी कि मा बेहनचुद रही हैं मुश्ताक केँ नीचेमगर दोनो कों इसबात कि कोई परवाह नहीं थि। वोँ तोँ एक् दूसरे सें बस चुदाई कां मज़ा लें रहे भरपूर लगभग एक् घंटे गांड मरवाने केँ बाद माँ सें खडा रहना मुश्किल हौ चुका थां।
मगरउसे पता थां यह जल्द हि झडने वाला हैं तौ वोँ हिम्मत करके गांड उठाकर चुदती रही मुश्ताक नें मां कि चोटी पकडकर उनकी गर्दन मे भि दर्दकर दिया थां। इसी कारण माँ भडक गई, थि ओरउसे लगातार गंदी गंदी गालीया देरही थि। मगर मुश्ताक कों गाली सम्मान लखरहा थां मां कि टांगो मे कपकपी छूट गई, थि चुदते चुदते मुश्ताक यह देखकर हसरहा थां।
मगर मां केँ हौसले केँ आगे वोँ बैचेन भि थां तभीकुछ देरबाद मुश्ताक केँ लन्ड नें भि जवाबदे दियाओर उसने मां कि गांड मे अपने लन्ड कां लावाउगल दिया माँ कि गांड कि अच्छी शिकाई हुइ ओर माँ कों भि अब राहत मिली सारामाल निकलने केँ बाद मुश्ताक नें अपना लन्ड गांड सें बाहर् निकाला तौ माँ घुटने मोडकर वहीबैठ गयीँ, ओरइसतरह एक् हवशी केँ संग माँ नें तीनबार चुदाई कां चरमसुख प्राप्त कीया।
दस मिनटबाद मां खडी हुई तोँ मुश्ताक केँ वीर्य उनकी जाघो पऱ आँ गय़ा ओर मां चारपाई पऱ लेट गयीँ, ओरदस मिनट सुस्ता करखडी होकर बाथरूम गयीँ, ओर पेशाब करने केँ बाद मां नें पानी लेकर अपनीचुत ओर गांड कों धोकर अच्छे सें साफ कीया।
मां कि गांड मे बहोत दर्द हौ रहा थां मगरऐसा दर्द तौ मां चाहती हि हैं खैर मां अंदरआयी ओर बेसुध पडे मुश्ताक केँ उपरलेट गयीँ, ओरउसे चुमने लगी।
मुश्ताक नें कहा – अब मरने कां गम नहीं होगा जौ एक् ख़्वाहिश थि मेरा लन्ड कोई पूरा अंदर लेकर मेरे झडने तक मुझ सें चुदे वोँ आज हौ गय़ा बहोत सि रंडीया चोदीमगर कीसी नें चुदाई पूरी नहीं कि तेरीतरह
तौ मां बोलीं – अभि दिलभरा नहीं तौ ओरचोद लेँ एक् बारचार बजने मे आधा घंटापडा हैं थोडीदेर ओररूक जाऊगी
तौ वोँ बोला – अब मे खुशहू इसबार जल्द बुलाऊगा
तौ माँ बोलि – वोँ अब नहीं आएगी
तोँ मुश्ताक नें कहा – तेरा जौ रेट हैं उससे ज़्यादा दूगा
तोँ मां बोलीं – मुश्ताक सबीना केँ लिए चुदीहू आज तोँ बस
तोँ मुश्ताक नें – रंडी होकर नखरे पैसे केँ लिए चुदती हैं तौ मुझ सें क्यो नहीं
तोँ माँ बोलि – मुश्ताक चुदाई केँ संग आनंद भि आनां चाहिए, मुझेचुत चुसाना, गांड चटवाना, अपना पेशाब पिलाना ओर पेशाब पीना बहोत पसन्द हैं! अगरकोई यहकरे तभीमै जातीहू केवल पेसो केँ लिए नहीं मेरेलिए लोग लाइन लगाकर प्रतीक्षा करते हैं! तुम कोकुछ पता हि नहीं इसलिये मे नहीं आऊगीओर हाकभी तुँ!
यहसभी करने कों रेडी होँ तोँ बता देना सबीना कों मै आँ जाऊगी!
मुश्ताक कि माचुद गई, यह सुनकर वोँ – बोलायह सभीमै नहीं करूगा
तौ माँ बोलीं – तौ तेरे पैसेबच गयेओर घऱ पऱ अपनेहाथ सें हिला लियो
यह सुनकर मुश्ताक बोला – ठीक हैं रंडीहाथ हि ठीक हैं
ओर माँ नें कहा – चलोठीक हैं मुश्ताक अब सें सबीना कों तगमत करना उसने अपना वादा निभा दियाओर कभी मेरी शर्त मानने कों रेडी होँ तौ बुला लेना,
आज सें तूँ पहलेनबर पर्र हैं रोशनखान कों तूने दूसरे नबर पर्र कर दिया!आज मेरी लिस्ट मे 7 ओर 6 वाले तोँ आम हि मिलते हैं 8 ओर 9 वाले नसीब सें मिलते हैं!
ओर माँ होकर ब्रा पेटी पहनकर साडी पहनने लगी मां नें पेटीकोट ब्लाउज पहनकर साडी पहनीओर सबीना कां प्रतीक्षा करनेलगे। सबीना सही टाइम पर्र आईओर ताला खोलकर अंदर आँ गयीँ,।
तौ मां नें कहा – सबीना आज सें यहतंग नहीं करेगा तुझेही इसकाकाम कर दिया
तौ सबीना बोलि – मामीजी तुम् ठीक हौ कोई दिक्कत तौ नहीं हुइ नाँ
माँ बोलि – मुझे क्याँ दिक्कत होगी सबीना चल तेरेघऱ चलकरबात करेगे
ओर मुश्ताक नें कहा सबीना आज सें तुम् फ्री होँ जाओ। जब सबीना ओर मां बाहर् निकली तोँ सबीना औऱ माँ नें हिजाब सें चेहरा ढक लियाओर मां कों आसपास केँ घरो कि महिलाए कहनेलगी। आजयह कुतिया मुश्ताक सें अपनी गांडओर चुत फडवाकर आई हैं छिनाल कि आवाजे यहा तक सुनरही थि।
इसकीमा बेहन चोदकर रख दि आज तोँ मुश्ताक नें माँ हसकर चलतीरही ओरदो मिनट केँ बाद माँ सबीना केँ घऱ पर्र पहुंच गयीँ, ओर सबीना नें मां कों पानी लाकर दिया,
ओरकहा – मामीजी अब बताओ केसारहा कोई दिक्कत तौ नहीं होँ रही हैं
तोँ माँ बोलीं – दिक्कत क्याँ मुझे बहोत मज़ाआया मगर वोँ चुतिया सैक्स क्याँ हैं जानता हि नहीं इसलिये दुबारा चाहकर भि नहीं आऊगी
तौ सबीना बोलि – क्याँ हुआ??
तौ मां नें कहा – बहनचोद लन्ड डालकर झटके मारने केँ लिएउसे कुछआता हि नहीं नां तौ मेरीचुत कों चाटा नाँ हि गांड कों चाटाअब बताओर तौ ओरउसे लन्ड चुसाना भि मनपसंद नहीं चुतिया कही कां…
उसका लन्ड देखकर मन कीया कि रोज चुदने आँ जाऊमगर अबकभी नहीं…
तौ सबीना बोलीं – वोँ वहशीऐसा हि हैं
तोँ माँ बोलीं – ओर सुना तेरा कैसाचल रहा हैं कामकाज
तोँ सबीना नें कहा – कामठीक हैं अब तौ बस बेटे सें चुदवा दो मुझे
तोँ माँ बोलीं – सब्रकर सबीना पहले लडकी कि विवाह करवाकर हि उसे अपनारस पिलाऊगी ताकीरोज रोज बाहर् नां जानां पडेपता नहीं आमिरकब चलाजाए ओर शोकत भाईजान भि रोज नहीं आँ सकते हैं। वक्त केँ कारण तोँ जुगाड घऱ कां घऱ मे हि बन जाएगा ओर वोँ बेटी कां दोस्त भि मुझ पर्र लट्टु हौ रहा हैं।
सोचरही हूउसे विवाह केँ बाद ड्राइवर रखलू ताकीदिन मे उससेचुद लूओर बेटे सें भि तोँ दो लन्ड कां जुगाड हौ जाएगा। मेरा तोँ कही जानां नहीं पडेगा ओर तौ ओर शोकत भाईजान हैं हि ओर उनकी दुकान पर्र काम करने वाले लडके भि हैं।
तौ सबीना बोलि – लडके मतलब??
तौ माँ बोलि – शोकत भाईजान सें चुदने केँ बादउन लडको कों भि जवानी कां रस भि पिलाया थां। वोँ तोँ मेरेहाथ मे हि हैं ओर तुम् सुनाओ आजकल तुम् कहा गांड मरवारही होँ?!!
तौ सबीना बोलीं – हमारा क्याँ यहा मोहल्ले केँ जितने भि लन्ड हैं वोँ अपने हि हैं ओरजब जौ मिलजाए लेकर वक्तपास हौ जाता हैं बसओर तुम् सुनाओ??
माँ नें कहा – वहीरोज कां कामओर आमिर सें चुदाई!
तौ सबीना बोलि – आमिर सें एकबार ओर मुझे भि चुदवा दो
तौ माँ बोलि – कल सुभह 10 बजे सब्जी मंडी पर्र आँ जानां घऱ केँ आगे रेडी मिलूगी ओर दोनोमजे करेगी!
तोँ सबीना नें कहा – ठीक हैं मामीजी!
फिन माँ नें कहा – 5 बजगये हैं मै चलतीहू अबकल दोनो कों चुदना हैं एकसाथ अब शरीर दर्द हौ रहा हैं थोडा आराम करूगी जाकर, ओर बेटे कों अपनी छलकती जवानी कां दिदार भि करवाना हैं तौ दोनो हसनेलगी ओर मां घऱ पर्र आँ गयीँ,।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
सुभह सबके जाने केँ बाद, मां बाथरूम मे जाकर अच्छे सें नहाकर आईओरआज साडी पहनकर रेडी होनेलगी। सुभह 10 बजे सें पहले मां खानां खाकर सब्जी मंडी केँ लिए निकलपडी
माँ सुभह करीब-करीब 10 बजे केँ लगभग रिक्शा कर केँ सब्जी मंडी पर्र पहुंच गयीँ, वहा सबीना पहले सें हि मौजूद थि औऱ माँ कां प्रतीक्षा कररही थि, माँ नें कालीरंग कि साड़ी मे डीप क्लीवेज कां ब्लाउज पहनाहुआ थां, जिससे मां केँ टमाटर जैसेदूध कि घाटिया दिखरही थि, खुलेबाल चेहरे मे मेकअप औऱ चटकलाल रंग कि लिपस्टिक गजबढा रहे थें। रिक्शा सें उतरकर मां अपनी गाड़ मटकाकर मस्ती सें चलती हुई आई, औऱ सबीना कि गाड़ कों सहलाते हुए बोलि चुदने केँ लिए रेडी हौ।
सबीना- चुदाई कि लत होती हि ऐसी हैं क्याँ करे बेहन,
दोनो आमिर केँ घऱ केँ आगे सजधजकर खड़ी थि, मां नें दरवाजा खोला औऱ लॉक करके अंदर आँ गए, आमिर कों आवाज़ लगाई वोँ ऊपर अपने कमरे मे थें
माँ नें उपर चलने कां हाथ सें इशारा कीया, औऱ माँ अपनी मोटी गांड कों हिलाकर सीढीयो पर्र चढनेलगी। माँ कि गांड लेफ्ट राइट केँ संगहिल रही थि मां औऱ सबीना कमरे मे जाकरखडी होँ गयीँ,।
माँ गाड़ मटकाते हुए आमिर कों देखकर कहा केसे हें मेरे शौहरआज अपनी बेहन सबीना कों अपने शौहर सें चूदवाने लाईहु।
आमिर कां लन्ड तौ मां कों देखखडा होनेलगा लूंगी मे, आमिर नें दोनो कों बेड पे लें गए औऱ अपनी लुंगी उतार दि।
आमिर नें मां कों गलेलगा लिया, उनकीलाल लिपस्टिक कों चुसने लगा आमिर केँ बाहो मे माँ ऐसे समाई जैसे बरसो केँ बिछड़े।
मजबूरी मे सबीना नीचे घुटने मे बैठ केँ आमिर केँ सोए लन्ड कों मुंह मे लेकर चूसने लगी।
आमिर माँ कि गर्दन होठगाल ओरकान कों चुसता रहाफिन आमिर नें माँ केँ दूध कों ब्लाउज केँ उपर सें दबा दियाजोर सें आमिर कों पतालग गय़ा माँ नें ब्रा नहीं पहनी हैं दूध कों दबाते हि मां केँ दूधओर कडक होँ गये। तभी आमिर नें मां केँ ब्लाउज केँ हुक कों खोलकर उनके कबूतरो कों आजादकर दियाओर दोनो हाथो सें पूरी ताकत सें दबाने लगा। जिससे मां कि चीखे निकलने लगी दर्द केँ कारण माँ उपर सें नंगी हौ चुकी थि अब आमिर नें माँ कि नाभी केँ नीचे बंधी साडीपिन कों खोलाओर उनके पेटीकोट कां नाडाखोल दिया पेटीकोट कां नाडा खोलते हि साडी नीचेगिर गई, ओर मां पूरी नंगी होँ गयीँ, माँ पेरो कों उठाकर साडी केँ उपर सें आगे निकल गयीँ,।
माँ उठकर नीचे सबीना केँ पीछेआकर बैठ गई औऱ उसके चेहरे कों अपनीओर घुमाकर चूमने लगी,
इधर ’ आमिर अपने लन्ड कों मसलते हुए एक् टक माँ औऱ सबीना कां लेस्बियन सेक्स देखेजा रहा थां।
माँ नें चूमते हुए सबीना कां कुर्ता खोल दियाओर उसकी मम्मों कों उसकी ब्रा केँ ऊपर सें मसलने लगी सबीना अहहहह, अहहहह कि आवाजे निकालने चालूकर दि।
माँ नें ब्रा खोलकर उसकी चुचियो कों आजादकर दिया सबीना कि 38 कि चुचियो कों माँ नें दबा दिया जौ कि बहोत नर्म थि मतलब सबीना कि चुचिया लटकी हुईँ थि ब्रा पहनने सें वोँ कडक लगती थि, माँ उन्हें जोर सें दबा औऱ निचोड़े जारही थि उसके काले निपल औऱ चूचेलाल हौ चुके थें। जिससे सबीना आहे भरनेलगी
मां नें चूचो कों छोड़कर सबीना कि सलवार कां नाडाखोल दियाओर सलवार औऱ कच्छी खोलकर घुटनों तक नीचेकर केँ, माँ नें कच्छी कों देखा तौ वोँ सबीना केँ रस सें भरी हुई मिली जिसे देखकर माँ नें उंगली सीधेचुत मे डाल दिया उसकीचुत पूरी पनिया गई थि, मां नें उसेउठा केँ उसे बिस्तर मे लेटा दिया औऱ सबीना केँ चुत कां रस जोँ ऊंगली मे लगा थां उसेचाट लिया।
माँ नें आमिर कों इशारा करकेउसे पोजीसन लेने कों कहा तौ आमिर नें उसके गांड़ केँ नीचे तकिया लगाकर उसकीचुत कों ऊंचा कियाअब नीचे बैठकर सबीना कों टांगे चोडी करने कों कहा, सबीना कि चुत पऱ हल्की हल्की झाटेआई हुइ थि।
आमिर नें अपनीजीभ कों सबीना कि कालीचुत पऱ लगा दियाओर उसे चुमने लगा सबीना कों अब आनंदआने लगा। उसकेमुह सें अहह निकलने लगा। आमिर नें अपनीजीभ कि गतिबढा दि ओर अपने हाथो सें उसकी गांड कों दबाने लगा सबीना अपनेहाथ सें अपनी चुचियो कों दबाने लगी,
माँ बेड केँ किनारे सें सबीना केँ ऊपर 69 आकार मे सबीना कि काली निपल कों चुसने लगी। तौ सबीना नें भि मां केँ सर कों पकडकर अपनी चुचियो पर्र दबा दियाडबल चुसाई सें सबीना झड़गईं उसकेचुत सें नमकीन रस औऱ मुह सें – अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहह,
कि कामुक आवाजे निकाल रही थि
इधर आमिर नें अपने लन्ड कों चूसने कां इशारा किया तोँ माँ जल्दी हि आमिर केँ लन्ड कों कीसी लॉलीपॉप कि तरह चुसने लगीजोर सें, आमिरखडा खडाआहे भरनेलगा ओर मां केँ बालो कों पकडकर मां केँ मुह कों कसकर चोदने लगा। उसके मुंह सें `गूगूगू गू कि आवाजे आने लगीं, जब माँ कि सांस फूलने लगी तोँ आमिर नें उन्हें किसकर केँ छोड़ दिया औऱ सबीना केँ पासचले गय़ा।
माँ सबीना केँ पासआकर अपनाचुत सबीना केँ मुंह मे रखकर टांगे चौड़ी करबैठ गई औऱ सबीना केँ टांगो कों भि चौड़ा कर पकड़ लिया ताकि आमिर कों सहायता मिले,
सबीना नें अपनीजीभ कों तीखा करके माँ कि गुलाबी चुत पऱ लगा दियाओर उसे चुमने औऱ अन्दर तक चाटने लगी सबीना कों अब आनंदआने लगा। मां केँ मुह सें अहह निकलने लगी थि। सबीना नें अपनीजीभ कि गतिबढा दि
आमिर अपनाखडे लन्ड कों सबीना कि चुत मे डालने लगा सबीना कि चुत कि चिकनाई ओर लन्ड कि चुसाई सें गीलाहुआ। लन्ड चुत मे सरकने लगा आमिर नें आधा लन्ड घुसने केँ बादकमर कों पकडकर एक् जोरदार झटके मे पूरा लन्ड चुत मे फसा दिया। सबीना कि चुत आहिस्ता लन्ड निगल गई, सबीना दोनो हाथो सें मां कों सहलारही थीं। आमिर नें अब अपनी स्पीड भि बढाली ओर लंबे लंबे झटके मारने लगा सबीना आहे भरने लगीं – हायराम! आमिर!ओह! आँ अ आँ
औऱ चुत गीली होने केँ कारण ( फचफचफच फचफचफच फचफचफच ) कि आवाजे कमरे मे गूंज रहीं थि
सबीना कि चुत चुसाई सें माँ मदहोश होनेलगी थि, मां सबीना केँ मुंह पर्र बैठी थि सबीना किसी कुत्ते कि तरह मां कि चुत कों खोलकर अपनीजीभ सें चाटरही थि चुत कि खुशबु सें वोँ उत्तेजित हौ रहींओर जीभ कों चुत मे लगाकर चाटने लगी। औऱ अपनीचुत कों आमिर सें दानादन मरवारही थीं। मां भि आमिर कों किस करनेलगी औऱ एक् 5 मिनटबाद सबीना केँ सर मे अपनीचुत कों दबा लियाओर उसकेमुह मे झडनेलगी। सबीना भि नमकीन रस पीनेलगी।
आमिर नें लन्ड निकाल केँ मां कों सबीना कि बुर चूसने कों बोला तोँ बिस्तर पर्र लेटी सबीना मां कों अपनेउपर आने कों कहा 69 पोजीशन मै सबीना नें अपनीचुत कों मां केँ मुह मे ठुस दियाओर अपनीजीभ सें मां कि चुत कों चाटने लगी। इधर मां भि सबीना केँ चुत कों चाटने लगी
आमिर कों मां कि उठी हुईं गान्ड औऱ भूराछेद दिखाई देनेलगा उसने देरी नां करतेहुए जल्दी हि अपने हाथो सें माँ कि गांड कों फैला दियाओर उनके भूरेछेद कों जीभ सें चाटने लगादो मिनट गांड केँ छेद कों चाटकर। आमिर नें अपने लन्ड कों ऊपर मे लेटी माँ कि गांड़ मे घिसना शुरुआत कर दीया अपने लन्ड केँ सुपारे कों माँ कि गांड पर्र रखकर धीरे-धीरे लन्ड उतारने लगा।
मां कां मुहखुल गय़ा ओरजोर सें सासे लेनेलगी धीरे-धीरे धीरे-धीरे आमिर नें अपना पूरा लन्ड गांड मे ठोकने केँ बाद वापस निकाल केँ लन्ड कों एक् तेज झटके मे गांडमै ठोक दिया। माँ कि चीख निकल गयीँ, इसबार चीख सुनकर आमिरओर उत्तेजित होँ गय़ा ओर पूरी ताकत सें माँ कि गांड कों फाडने लगा, माँ कि गान्ड पूरी सूजी थि फिन भि वोँ चूदाई करवारही थि ( जोँ मुस्ताक नें फाड़ दि थीं )।
आमिर नें फिन मां कों घोड़ी बना केँ पीछे सें गान्ड मे लन्ड डाल दिया मां पीछे सें गांड कों उठाकर सामने सें झटके देनेलगी आमिर नें पूरे 20 मिनट गांड कि ठुकाई करीओर अब आमिर अपनेचरम पऱ पहुंच गय़ा। तोँ आहे भरनेलगा जोर सें मां नें आमिर कों रोक दियाबेड सें उठकर आमिर केँ लन्ड कों मुह मे डाल लियाओर आमिर बिस्तर केँ पास अपनी टागो कों फैलाकर खडा होँ गय़ा ओर माँ केँ बालो कों पकडकर लन्ड कों मां केँ गले मे फसा दिया औऱ बाजू मे सबीना भि आँ गईं आमिर नें बारी बारी सें दोनो केँ गले कों चोदा आखरी मे मां केँ गले मे डाल दि मां कि सासेफंस गई, ओरगुगु कि आवाज़ बाहर् निकलरही थि क्योंकि आमिर कां लन्ड माँ केँ मुह मे वीर्य छोडने लगा। माँ नें मुह मे भरेमाल कों आधा सबीना केँ मुंह मे डाल दीया औऱ बचेहुए कों पीकर आमिर केँ लन्ड कों अच्छे सें चाटकर साफकर दिया।
आमिरअब बिस्तर पर्र गिर गय़ा ओर एक् किनारे पऱ लेट गय़ा।
मां औऱ सबीना एक् दूसरे कों चूमने लगे औऱ दोनों कों देख केँ आमिर नें दोनों कों घसीटकर अपनेउपर लेटा लिया दोनों आमिर कि दमदार चुदाई सें बहोत खुश हुइ मां दस मिनट सुस्ताने केँ बाद आमिर नें माँ कि चुत कों देखा तोँ वोँ सूजी हुईंथीं, तोँ चुत कों सहलाते हुए माँ सें पूछा केँ यह केसेसूज गई।
मां नें सबीना केँ तरफ देखते हुऐकहा किसी रण्डी कां कर्जा उतारने गईंथीं। औऱ हंसने लगी
तीनो बिस्तर मे सोएसोए एक् दूसरे कों चूमने लगे आमिर केँ दोनों हाथो मे बड़े बड़े चूचे दबने केँ कारण उसका लन्ड जल्दी खड़े होँ गय़ा जिसे सबीना नें जल्दी हि गपाक सें मुंह मे लेँ ( सअपसअप सअप ) कर चूसने लगीं, मां औऱ आमिर दोनों चूमने मे लगेहुऐ थें।
फिन सबीना आमिर केँ सामने कुतिया बन गयीँ, बिस्तर पऱ औऱ गाड़उठा कर दिखाने लगीं, आमिर औऱ मां नें सबीना कि गांड पऱ थूककर गीला किया तौ आमिर नें अपना मुसल लन्ड गांड मे पेल दिया, आमिर नें दो झटको मे अपना पूरा लन्ड गांड मे पेल दिया जिससे सबीना कि अहह निकलने लगींओर जोश मे गांड हिलाकर आमिर कों चुदाई करने कों कहा। तोँ आमिर नें जोश मे आकर मां कि गांड कां गोदाम बनाने मे जुट गय़ा।
मां सबीना केँ आगेआकर पांव फैलाकर लेटगईं सबीना केँ मुह मे अपनाचुत देकर माँ सबीना केँ मुह मे चुत कों रगड़ने लगीं।
सबीना अपना गान्ड चुदवाते हुऐ मां कि गुलाबी चुत औऱ भूरी गाड़ कों चाटरही थि संग हि मम्मों कों भि मसलरही थीं जोँ पूरीलाल होँ चुकीथीं
सबीना औऱ मां भि मस्ती सें – अहहअहह आँ आँ आँ अहह! कि आवाजे निकलने लगे
आमिर नें सबीना कि गांड मे अपना मुसल लन्ड पेल दिया। ओर सबीना कि घपाघप चुदाई कर दि,
आमिर सबीना कि गांडफाड चुदाई अभि भि चलरही थि, तोँ मां भि जमकर चुसाई कां आनंद लेँ रही थि
सबीना केँ गान्ड पे आमिर लगातार चाटा जड़ने लगा उसके उंगलियों केँ निसान साफदिख रहे थें, मारने सें (चटचटचट) कि आवाजे निकलने लगी तोँ पिछवाड़े सें( पटापट पटापट )कि कामुक आवाजे करनेलगी।
इधर सबीना कि गांड चुदाई सें मां कि चुत कां फव्वारा बेकाबू होकरफुट पडाओर कामरस उनकी जाघो सें लगकर बहनेलगा जिसे सबीना पूराचाट केँ पीगईं। मां जोर सें सासू लेनेलगी औऱ एक् किनारे मे बैठगईं।
अब लगभगआधे घंटेबाद आमिर कां जिस्म अब अकडने कों हुआ। तौ आमिर नें मां कों कहा बेगममाल कहा निकालना हैं, माँ नें गांड़ मे बोला तोँ
आमिर भि झड़ने केँ लगभग थां तौ उसने सबीना कि गांड कों अपनेगरम गरम वीर्य सें भर दिया।
ओर आमिरअलग होकर बिस्तर पर्र एक् किनारे लेटगये।
मां नें सबीना कों कहा – बेहनआजा 69 मे माल कों क्यो खराबकर रही हैं माल तौ पिना हि हैं
यह सुनकर सबीना नें – आई मेरी रंडीओर मां केँ मुह पऱ अपनीचुत लगाकर मां पर्र लेट गई,,
मां सबीना कि गांडओर चुत सें निकलरहे रस कों चाटकर साफ करनेलगी, माँ नें सबीना कि गांड मे उंगली डालकर बचाहुआ वीर्य निकालकर चाट लिया। गरम वीर्य मां मुहमै भरकरगटक गई,
आमिर नें गांड सें लन्ड बाहर् निकाल लियाओर मां केँ सामने चला गय़ा माँ अब कुतिया बनी आमिर केँ लन्ड कों मुहमै भरकर चुसने लगी। लन्ड कों चाटकर पूरा लन्ड अच्छे सें साफकर दिया। कुछ देर आमिर केँ संग लेटने केँ बाद मां खडी होकर माँ नंगी हि बाथरूम मे जाकरघुस करसाफ करने लगीं आमिर पिछे सें माँ केँ पास आकार पेशाब लगा हैं जोर सें बोला तोँ मां नें सीट पर्र बैठकर आमिर कों अंदरआने कों कहा आमिर नजदीक चला गय़ा तौ माँ नें लुगी कों उठा दियाओर अपनामुह खोल लोडे कों हाथ सें पकडकर माँ मुहमै डालली आमिर मुतने लगा आमिर कां गरम पेशाब मां गटगटकर पीनेलगी। पेशाब पीने केँ बाद मां नें आमिर कों तोलिया लाकर देने कों कहाओर नहाकर तोलिया लेपटकर हि कमरे मे आँ गई,। आकर मां खडी होकर साडी पहनने लगी,
माँ नें साडी पहनकर आमिर कों गले लगाया ओरकिस कर दियाओर कल मिलेगे कहकर जानेलगी तौ सबीना नें अपनासुट पहन लिया
जल्द सें सब्जी लेने लगीं मण्डी मे सभी सब्जी वालेफिन वहीरोज कि तरह हि आज भि मात्र माँ केँ चूचो कों चूसने औऱ बुर गांड़ मे लन्ड डालने केँ ख्वाब सजा केँ आंख सेकने लगे
सबीना – देखो मामीजी सब केसे आपको खाने वाले नजरो सें देखरहे हें, जल्द सें अपने बेटे सें एक् बार चूदाई करवालो तोँ बाहर् आने कां टेंशन समाप्त होँ जाएगा।
मां – बाहर् केँ अलगअलग लन्ड हि तौ आनंद देते हें, एक् लुंड सें औरते तोँ ऊब जाती हें
सबीना –ठीक हें तौ फिन मौकादेख केँ मेरेपास भि नया लन्ड भेज देना ! मै भि किसी जवान लन्ड कां आनंदलू बूढो केँ लन्ड सें अबऊब चुकीहु।
माँ – तुम्हे अपने भांजे कां लन्ड लेने कि बहोत जल्द हें।
सबीना – क्याँ करेअब लोग आप् केँ जैसे जवान औरतों कों ज़्यादा पसन्द करते हैं।
मैघऱ मे अपना पूरा ध्यान उसी पऱ लागारही हूं थोडा जोर मारने पर्र वोँ भि लाइन मे आँ जाएगा मगर मे उसकी माँ हु थोडा सम्हाल करकाम कररही हु खुलकर नहींकुछ कर सकती
आजकल मेरा ध्यान उसी पर्र हें, ओर मेरीसह केँ चलते वोँ थोडा खुला हौ गय़ा हें,
आजकल टाइट पजामा–टीशर्ट औऱ (खुलागले कां औऱ जांघो तक कां) नाइट गाउन पहनती हूं। उसको खानां देते याँ औऱ वक़्त खुलेटाप मे अपनी चुचियो कां दिदार करवा देतीहु। आजकल उसकीनजर भि मेरी चुचियो पऱ अडगईं हें, गांडओर चुचियो कों मे भि चोरनजर सें आजकल ताडने लगाखैर मै तौ यही चाहती थि। मै भि हंसकर उसे रिझा देती हूं।
उसकोरात मे सिगरेट पीने कि आदतलग गई हें तौ मै रोजाना उसकेसंग सिगरेट पीनेलग जाती हूं ताकि वोँ मेरेसंग थोडा औऱ खुला होँ जाए। औऱ बातकरे उसने मुझे अपने दोस्तो केँ बातो कों भि बताया "आप् बहोत खुबसूरत हौ मेरेसब यार कहते हैं "
कुछदिन पहले सुभह उसके लन्ड कों छु केँ देखा, मैने उसकेखडे लन्ड पर्र हाथ घुमाकर देखा। उसनेआखे बंदकर लीओर सोने कां नाटक करतारहा। जब मेरी बेटी नें आवाज़ लगाकर तौ मैंने उसे नींद सें उठाया तोँ कच्छे मे उसकेतने लन्ड कों देखकर मै हंसकर बाहर् चली गई,
सबीना – इतनासभी हौ गय़ा हैं जल्द सें सेक्स कां प्रोगाम भि बनादो। बेटा भि तैय्यार औऱ उसकेयार भि अब तौ घऱ मे हि मजे हें। बेटी कि विवाह होते रहेगी पहले आप् सुहाग रात मानालो फिनजिस तरहआज आमिर केँ संग चूदाई करी हैं वैसा हि घऱ मे आपके बेटे केँ संग दोनोमजे करेगी
मां – कह तोँ ठीकरही हौ, मुझे स्वयं कुछ करना पड़ेगा वोँ सामने सें कुछनी कररहा तोँ चलोअब मे भि चलती हूं थोडा आराम करूगी जाकर, ओर बेटे कों फिन अपनी छलकती जवानी कां दिदार करवाकर चूदाई केँ जाल मे फसवाना हैं
मां घऱ आँ गयीँ,। ओर कपड़े बदल केँ गाउनपहन घऱ केँ काम मे लग गई, जिसमे ब्रा नहीं पहनीथीं।
माँ पिताजी सें आजफिन शशी कि विवाह कों लेकेबात करने पिताजी केँ पास कमरे मे चलीगईं। पिताजी खाते कां कामरहे थें
मां नें पिताजी केँ सामने मे बैठ केँ अपनाहाथ उनकेहाथ मे रखकहा – कि शशी कि विवाह केँ बारे सोचा ? याँ नहीं ! लड़की कि उम्र हौ नें लगीं हें, मै उसकी मम्मी हु मुझे उसकी फिक्र हैं मुझे जमाने सें डर लगता हैं कहीकुछ ऊंच–नीच हुईं तौ.? (इतनाकह केँ मां चुप हौ गई औऱ इतना बहुत थां बापू केँ लिए)
पिताजी – ठीक हैं मे कल सें हि अच्छे सें रिश्ते केँ लिएबात करता हूं ( वैसे भि पिताजी मां कि बातकहा काटते )
मां नें अपनेमोज केँ लिएशशी कों किनारे कर दिया।
रात कों खानां डालते समय माँ नें मुझे जमकर अपनी चुचियो कां दिदार करवाया जिसे देखकर मुझे पसीना आनांलगा ओर पेन्ट मे उठाव होनेलगा थां। मां कि नजरे मेरेऊपर हि थि वोँ मेरी हालात देखकर मुस्करा रही थि मैने उनकी चुचियो कों ताडते हुए खानां खायाओर फिन सिगरेट लेकेउपर आँ गय़ा।
माँ खानां खाकरशशी कों कामबता दीया औऱ अपने कमरे मे जाकर पैंटी कों भि निकाल करचुत कों धोकर सैंट लगाकर उपर आँ गयीँ, मेरेपास सिगरेट पीनेबैठ गईं। माँ केँ आते हि माँ केँ शरीर कि खुशबु मेने महसूस कि
आसपास खुशबू फेल गई थि, मैहाथ मे सिगरेट लेकेबैठ थां माँ मेरीतरफ आतेहुऐ किसी हिरोइन केँ तरह गाउन मे आई मेरा ध्यान माँ केँ चूचों पऱ हि थां।
माँ – अभि तक सिगरेट नहि जलाई क्याँ हुआ।
मेरी नज़र माँ सें हट हि नहि रहीथीं
( शायद इसलिये क्योंकि मैने माँ कों इस नज़र सें पहले नहीं देखा थां )
मैंने कहा आपका प्रतीक्षा कररह थां। माँ नें
पासआकर सिगरेट उठाईओर बोलि लाओ मे जलाती हूं मैने सिगरेट ओर लाइटर दे दि मां नें सिगरेट कों मुंह मे लगा केँ जलाने लगीं उनके चूचेकस लेने केँ कारणऊपर निचे होने लगें जिन्हे मैगौर सें देखरहा थां मेरा लन्ड पैंट मे खड़े होकर सलामी देनेलगा। यह माँ नें देख लिया थां। माँ मेरे बाजू मे बैठीथीं उन्होंने अपनाहाथ बढ़ा केँ मेरेहाथ कों पकड़ केँ अपने गोरी जांघो मे रख लिया औऱ सहलाते हुए।
माँ – तुमहे किसीचीज कि जरूरत होगी याँ कोईबात हों तौ तुम् मुझसे बेझिझक कह सकतेहों।
इतनाकह केँ माँ शांत होँ गई औऱ मे तोँ शांत हि थां। माँ नें कश लगाकर मुझेकहा – लो! दोनों नें सिगरेट बाटकर पी औऱ अपने कमरे मे सोनेचले गए।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई - Next part miss mat karna
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