MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
मा आमिरओर शोकत सें जमकर चुदाई करवारही थि पिछले दोसाल सें ओरबीच बीच मे वोँ इधरउधर भि मुहमार लेती थि। आमिर सें चुदकर जब माँ घऱ जाती तौ वोँ सब्जी लेकर सब्जी वालो कि गांड सुलगा करचली जाती। उन्हे अपनेपेर मोटी गांडओर ओर चुचिया केँ उभार दिखाकर जैसा कि आपकोपता हैं मां 10 बजे सें 12 बजे तक रोज आमिर सें गांड मरवाने उसकेघऱ जाती थि।
तौ एक् सब्जीवाले नें उसे एक् दिन आमिर केँ घऱ सें निकलते देखाओर फिनकुछ दिन लगातार उसने मां पऱ नजररखी। ओरकुछ दिनबाद, उसने माँ कों आमिर केँ घऱ सें निकलते वक़्त हि पकड लिया,
ओरकहा – जानेमन कभीहमे भि सेवा कां मोकादो नां मौलवी साहब कि तरह हम् सें झाडा डलवालो कभी
यह सुनकर माँ चोक गई, ओर चुपचाप वहा सें निकल गयीँ,, ओर अगलेदिन, फिनवही बात हुइ ओरआज सब्जी वाले कि हिम्मत ओरबढ गयीँ,,
तौ उसनेकहा – जानेमन सामने कि गली मे हि अपना गोदाम चलो नाँ…
तोँ माँ हंसकर निकल गयीँ, इसतरह सब्जी वालारोज मां कों ऑफर देतारहा ओर उसकी हिम्मत बढतीरही। एक् दिन उसने माँ कां पिछाकर केँ घऱ कि तरफ हि संगसंग निकल गय़ा मां कों पतालगा तोँ माँ कि हालात खराब होनेलगी।
वोँ रास्ते मे हि एक् कपडे कि दुकान पऱ घुस गयीँ, ओर उसके जाने कां प्रतीक्षा करनेलगी। तभी वोँ कुछदेर मे निकल गय़ा तौ घऱ पहुंची अब माँ केँ पास सब्जी वाले सें चुदने केँ अलावा कोई मार्ग नहींबचा थां याँ आमिर कों छोडने कां मार्ग बचा थां।
खैर मां नें सोचाचलो इससे भि पिछा छुडालू चुदवाकर एक् दिनओर माँ अगलेदिन रंडी बनकर निकली ओर वोँ तय वक़्त पऱ सब्जीवाला वही मां कां प्रतीक्षा करता मिला। तोँ उसने मां केँ बाहर् निकलते हि,
पूछ लिया – जानेमन कल तोँ धोखादे दियाकहा गायब हौ गयीँ, थि
तोँ मां बोलि – आजसाम कों मिलना इसीगली मे ओर नहाकर साफ सफाई करके आनां दुकान मे स्थान तौ हैं नाँ
वोँ बोला – जानेमन बहोत स्थान हैं ओर बिलकुल सजधजकर मिलेगा सबकुछ चकाचक बस तुम् आँ जानां
तोँ माँ नें कहा – वोँ साम कों 6 बजे आँ जाएगी दिन छिपने केँ बाद तौ तुम् इसीगली मै रेडी रहना!
तोँ सब्ज़ी वाले कि आज लॉटरी लग हि गयीँ,। आखिरकार साम कों मां रेडी होकर रंडी बनकर निकलपडी ओर एक् नया लन्ड खाने केँ लिए माँ तोँ उसीदिन उससे चुदने कों सजधजकर होँ गयीँ,। जब उसका सोया लन्ड भि लुगी मे सें उनको मूसलदिख रहा थां।
मां तय वक़्त पर्र आमिर कि गली केँ आगे पहुची तोँ सामने वालीगली जोँ बिलकुल सुनसान गली थि उसगली मे अंतिम कि दुकान उसी सब्जी वाले कि थि। दरअसल वोँ उसका गोदाम थां, नीचे सब्जी ओरफलो कि पेटिया थि, तौ उपर एक् छोटा सां रूम जिसमे वोँ रहता थां।
खानां बनाने कां नीचे हि थां सभी सिस्टम मां कों देखकर उसकी चांदी हौ गई, ओर वोँ भागकर माँ केँ पास आँ गय़ा,
ओरकहा – चलो जानेमन बहोत प्रतीक्षा करवाया हैं तुमने!
यह सुनकर मां नें कहा – फल पकने मे बहोत वक्त लगता हैं ओरकहा तेरानाम क्याँ हैं?
तोँ उसने अपनानाम नाजम बताया
तौ माँ नें कहा – कहा केँ रहने वाले हौ नाजम
तोँ उसनेकहा – मध्यप्रदेश केँ भोपाल केँ देहात कां रहने वाला हैं
ओर इतनीदेर मे उसकी दुकान आँ गयीँ,। ओर माँ कों अंदर भेजकर उसनेइधर उधर देखकर शटर डाऊनकर दिया, शटर डाऊन करने कि आवाज़ सुनकर मां नें पिछे मुडकर देखा,
ओरकहा – शटरबंद क्यो कीया?!
तौ उसनेकहा – जानवर बहोत हैं सब्जी ओरफलकुछ नहीं मिलेगा इधरकोई आने वाला भि नहीं हैं
तौ यह सुनकर माँ नें कहा – चलोठीक हैं
तभी नाजम नें कहा – जानेमन खडी हि रहोगी क्याँ
तौ मां बोलीं – मुझे तोँ यहाकोई बेडनजर नहीं आँ रहा हैं
तौ नाजम नें कहा – जानेमन तेरे जैसेमाल कों तौ बेड पर्र हि पेलेगे जराउपर चलोउन सिढियो सें,
वहा कोने मे बिलकुल हि छोटी छोटी सिढिया बनी, उसपर चढकर माँ छत पर्र पहुंची तौ आसपास सब दुकान हि थि ओरकोई घर-मकान नहीं थां। आगे पिछे कि गली मे यह देखकर माँ नें कुछ राहत कि सांसली ओर जल्द सें कमरे मे घुस गयीँ,।
वहा पर्र एक् दिवान बिस्तर ओर अलमारी पडी थि कमरे कि साफ सफाईआज हि कि गयीँ, लगरही थि बेड पर्र नयी चद्दर इसका सबूत थि। तोँ मां थोडा खुश हुइ नाजम भि अब कमरे मे पहुंच गय़ा ओर उसने कमरे मे पहुंचते हि गेट कों अंदर सें बंदकर दिया।
ओर माँ कों देखकर मुस्करा दियाओर कहनेलगा – जानेमन आज मेरादो साल कां सपने पूरा होगा तुम्हे पेलने कां… दोसाल सें तुम्हे मांगरहा थां…
तौ मां नें कहा – वोँ तौ सबकी सुनता हैं नाजम मिया!!
तोँ नाजम नें कहा – धन्यवाद मोहतरमा आपने आखिरकार हमे भि मोकादे दिया मिलने कां,
यह सुनकर मां बोलि – तोँ नाजम मियाअब मोका मिला हैं तोँ जल्द सें उसका फायदा भि उठालो ऐसे मोकेफिन नहीं आएगे!
यह सुनकर नाजम नें कहा – जानेमन फायदा नहीं हम् तोँ आपको जन्नत कि सैर करवाएगे आजफिन आप् कहेगी यह मोकाहमे बारबार देगी!
तौ माँ हंसने लगी…
तोँ नाजम नें कहा – हंसलो जानेमन फिन मोका नहीं मिलेगा
तौ माँ बोलि – एकबार केँ हि इतना परेशान थें
तौ नाजम नें कहा – जानेमन फिन तुम् स्वयं आओगी गांड मरवाने
तौ माँ बोलि – गांड तौ मैने आजतक नहीं मरवाई
तौ नाजम बोला – मैने तौ केवल आजतक गांड हि मारी हैं चाहे लडके हौ याँ लडकी तेरी गांड मारने कां बहोत आनंद आएगा! इतनी मोटी गांड बिना लन्ड खाए नहीं हुईँ हैं जानेमन ओर हंसने लगा…
तोँ माँ बोलि – अच्छा मोटी गांड क्याँ केवल गांड मरवाने सें होती हैं
तोँ नाजम बोला – जानेमन मोटी गांड मरवाने सें नहीं होती तौ सबकी गांड तेरे जैसी हि होती रसीले
तौ मां बोलि – तुझेही क्याँ पता रसीले कां
तौ नाजम बोला – एक् साल पहले दबाकर देखा थां जानेमन ओर बहोत बारहाथ भि फेरा हैं
तौ माँ बोलीं – पता नहींचला मुझे तोँ कभी
तोँ नाजम बोला – इतनी मोटी गांड मे मूसल कां पता नहींचले जबकी माँ कों मालूम थां। सब्जी मंडी मे बहोत सारेलोग उसकी गांड दबाकर मजे लें चुके हैं भीड मे तभी,
नाजम नें कहा – जानेमन अपनानाम तोँ बतादो तौ
मां बोलि – जानेमन सें अच्छा क्याँ नाम होगा नाजम
तोँ नाजम नें कहा – ठीक हैं यह भि
ओर नाजमअब मां केँ पासआकर खडा होँ गय़ा ओर कहनेलगा – जानेमन बोलो तौ तुम्हारी जवानी कों चखकरदेख लू
तौ माँ नें कहा – केवल चखना हि याँ कुछओर भि इरादा हैं
तोँ नाजम नें कहा – वोँ तोँ आप् स्वयं हि कर लेगी सबकुछ
यह सुनकर मां नें कहा – अगर नहीं कीया
तौ नाजम नें कहा – शपथमै भि नहीं करूगा
तोँ मां बोलीं – सोचलो नाजम जानेमन कों तंग नहीं करोगे फिन
तौ नाजम बोला – जानेमन स्वयं आएगीतंग होने!!
नाजम एक् 35 साल कां युवक थां। सावले रंग कां लंबाओर मजबूत हाइट काठी कां जिस्म कां मालिक थां
माँ कि चुतअब उसकी बाहो मे समाने कों मचलरही थि तोँ नाजम कां लन्ड भि पेन्ट मे उभरकर माँ कि चुदास भडकारहा थां। मां कि चुत कि खुजली अब जोरो पऱ थि वोँ कीसीतरह अपने आप् पर्र काबूकर केँ बैठे थि औऱ चुदने केँ लिएमन हि मनमचल रही थि।
मगर नाजम भि पक्का हरामी थां उसेपता थां एक् बारहाथ सें निकल गई,, तोँ यह बेहन कि लोडीकभी हाथ नहीं आएगी इसलिये नाजम केँ पासबस यही सुनहरा मोका थां।
मां कों सेट करने कां तोँ नाजम भि उसीतरह मां कि चुदास कों भडकारहा थां ताकी मां कों कोई मोका नां मिले उसमेकमी निकालने कि मगर धीरे-धीरे धीरे-धीरे नाजम कि हवस भि बेकाबू हौ रही थि। ओर मां भि उसका प्रतीक्षा कररही थि खैर मेरी मां भि उसी कि मा निकली,
ओरखडी होकर बोलि – चलठीक हैं नाजममै चलतीहू
तौ नाजम नें कहा – अभि कहा जानेमन?!
तोँ मां बोलि – देखने केँ लिए तूने बुलाया थां ओरआधे घंटे सें तोँ तुम् देख हि रहे हौ, करना होता तोँ, ओररूक जातीअब करदेख लेना!
यह सुनकर नाजम कों रंडीहाथ सें जाते दिखी, तौ नाजम बोला – जानेमन चलोयह बातहार गये तौ क्याँ होँ गय़ा बिस्तर पऱ हारने केँ लिए रेडीरहो जानेमन अब
तौ माँ बोलि – ऐसे हि क्याँ जैसेअब हराया हैं!
तोँ नाजम नें मां कों पकड लियाओर मां केँ होठो कों अपने होठो मे जकड लिया माँ भि नाजमओर मां दोनो कों खाने मे लग गई,। नाजम नें माँ केँ सिर केँ बालो कों अपने हाथो सें पकड लियाओर माँ केँ होठो कों चुसने लगा जोरो सें।
पांच मिनट तक दोनोहोश गंवाकर चुसते रहै पांच मिनट केँ बाद नाजम कां लन्ड उसकी पेन्ट सें हि माँ कि चुत कों छुनेलगा। माँ भि अब नाजम केँ मोटे लन्ड कों महसूस कररही थि अपनीचुत पऱ नाजम नें माँ कि टीशर्ट उतार दि ओर मां नें भि नाजम कि शर्ट कों खोल दिया।
नाजम नें अब मां कि ब्रा खोलकर फैक दि तौ माँ नें नाजम कि बनियान कों खोलकर नाजम कां पूरा सहयोग कररही थि। तभी दोनो अधनंगे एक् दूसरे सें लिपटकर एक् दूसरे कों चुमने लगे नाजमबडी बेदर्दी सें मां कि चुचियो कों मसलरहा थां।
तोँ मां भि नाजम कि छाती केँ बालो कों नोचकर उसे भडकारही थि नाजम नें माँ कों कुछदेर बाद बिस्तर पर्र धकेल दियाओर माँ कि जीन्स कों घसीटकर निकाल फेका। माँ कि लाल कच्छी कों देखकर नाजम कीसीसाड कि तरहभडक उठाओर कच्छी कों इतनी ताकत सें खीचा कि फटकरहाथ मे आँ गयीँ,।
माँ कों क्रोध आँ गय़ा ओर बोलीं – जानवर कि ओलाद 300 रूपये कि कच्छी थि!
तौ नाजम नें हंसकर कहा – जानेमन कल 3000 कि ला दूगा…
ओर उसने अपनीनाक माँ कि चुत पर्र लगाकर उसकी खुशबु लेनेलगा नाजम नें अब माँ केँ पैरो कों फैलाकर उसकी गुलाबी चुत कों देखा। तौ देखता हि रह गय़ा बोला – जानेमन ऐसामाल छुपाकर अब तक कहा थि,
तोँ माँ बोलीं – मियायही थि मगर तुम् तोँ गांड पर्र हाथ फेरकर हि खुश थें
तौ नाजम नें कहा – जानेमन वोँ तोँ बाद मे मारूगा पहले अपनी मुन्निया कां रस तोँ पीलादे
तोँ माँ बोलि – निकाल लोरस…
इतना सुनते हि नाजम नें अपने हाथो सें मां कि गुलाबी चुत कि गुलाब जैसी पंखुडियो कों खोलकर उसपरजीभ सें कीसकर दियाओर फिन कीसी मंझेहुए खिलाडी कि तरह वोँ मां कि गुलाबी चुत चाटने लगा।
माँ यह हमला अधिकदेर नहींझेल पाईओर दस मिनट मे हि उन्होने अपनी टांगो सें नाजम केँ सर कों जकडकर अपनीचुत मे फसा लियाओर नाजम केँ मुह मे ढेर सारा नमकीन रसभर दिया। ओर अपनी टांगो कि जकड ढीलीकर दि तोँ नाजम नें सारारस अच्छे सें चाटकर साफकर दिया।
नाजम केँ खडे होने केँ बादअब मां भि खडी होँ गई, ओर नाजम कों बिस्तर पर्र पटककर उसकी पेन्ट कों खोल दिया। तोँ उनके सामने कच्छे सें बाहर् निकलरहे मूसल कों देखकर मां कि आंखो मे चमक आँ गयीँ, ओर उन्होने नाजम केँ कच्छे कों खोलकर फैक दिया।
नाजमबेड पऱ लेटाहुआ थां ओर उसके पांव नीचे लटकेहुए थें मां अब नाजम कि स्थान घुटने मोडकर बैठ गई, ओर नाजम केँ पाइप नुमा लन्ड कों निहार रही थि। तभी उन्होने नाजम केँ लन्ड कों हाथ सें पकडा तौ नाजम कां लन्ड कीसीगरम राड कि तरहतप रहा थां।
मां नें नाजम केँ 6 इच लंबेओर तीनइच मोटे लन्ड कों अपनेहाथ कि मुठी बनाकर कसना चाहा तोँ वोँ उनकी मुठी मे नहींआया मोटाई केँ कारण माँ नें अब नाजम केँ काले लन्ड केँ लाल सुपारे पऱ अपनीजीभ फिराई।
तौ नाजम कि सिसकी निकल गयीँ, मां नें नाजम केँ लन्ड पर्र वीर्य कि कुछ बूंद जोँ उसके उत्तेजित होने पऱ निकलकर सूख गयीँ, थि। उसे चाटकर नाजम केँ सुपारे कों अच्छे सें साफकर दियाओर फिन धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसके पाइप जैसे मोटे लन्ड कों अपनेमुह मे लेकर गपगप करके चुसने लगी।
तोँ नाजम केँ बर्दाश्त सें बाहर् होँ गय़ा ओर उसने बैठकर माँ केँ सिर कों पकडकर अपने लन्ड सें माँ केँ मुह कों चोदने लगा तोँ मां केँ गले तक उसका लन्ड जानेओर मुह सें गोगो कि आवाज़ केँ संगथूक बाहर् निकलकर गिरने लगा।
पांच मिनट लन्ड चुसने सें माँ केँ जबडे अकडने लगे। तोँ माँ नें नाजम केँ लन्ड कों मुह सें बाहर् निकाल दियाओर बेड पऱ जाकरलेट गई,। तौ नाजम नें बिनाकहे हि मां कि टांगो कों चांद कि तरफ करके अपना लन्ड माँ कि चुत पर्र घिसना शुरुआत कर दिया। जिससे माँ कि चुत लन्ड केँ लिए तडफने लगी,
तौ वोँ – अहह…अहह… कि आवाज़ सें चुदाई केँ लिए नाजम कों उकसाने लगी!
ओर नीचे घिसककर लन्ड पऱ चुत कां दवाब बनाने लगी, आखिरकार दो मिनट तक मां कों तडफाने केँ बाद नाजम नें अपने लन्ड कां मोटा सुपारा माँ कि चुत मे घुसा दिया जिससे माँ कि हल्की सि चीख निकल हि गयीँ,।
यह देखकर नाजम नें पूरी ताकत सें अपना लन्ड माँ कि चुत मे घुसा दियामगर मोटा होने केँ कारण लन्ड मुश्किल सें चुत मे घुसरहा थां। खैर, दो तीन झटको केँ बाद नाजम कां पूरा लन्ड चुत मे समा हि गय़ा ओरफिन मां नें भि अपनी गांड कों हिलाकर चुत मे लन्ड सेटकर लियाअब नाजम नें मां कि चुत कि मा चोदनी शुरुआत कर दि तौ मां भि चीखकर उसे उकसाने लगी।
क्या बात है नाजम…
मार डालारे…
अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह
जरा आहिस्ता नाजम…
मेरीचुत कहीफट नाँ जाए नाजम…
धीरे-धीरे धीरे-धीरे…
अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह,
कहकर वोँ सब्जीवाले सें चुदाई केँ मजे लेनेलगी, तोँ नाजम केँ मोटे लन्ड केँ झटको सें चुत कि दिवारे हिलउठी थि। नाजम नें एक् पेर कों कंधे पऱ उठारखा थां जिससे मां कि चुतउपर कि तरफउठी हुइ थि ओर घपाघप कि आवाजो केँ संग चुदाई पूरे शवाब पर्र चलरही थि। सर्दी केँ मौसम मे भि दोनो केँ जिस्म सें पसीना बहनेलगा थां अबमगर चुदाई कां खेल तोँ अभि शुरुआत हि हुआ थां।
माँ भि नाजम कि चुदाई कां भरपूर आनंद लेँ रही थि बहुत दिनो सें उनकीचुत मे कोईनया लन्ड नहीं लिया थां तोँ वोँ भि नाजम कों सामने सें झटके मारकर उसे पूरा आनंददे रही थि।
वही नाजम माँ कि कामुक आवाजो कों आखेबंद कर केँ सुनरहा थां – अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहह…
नाजम मेरीजान अहहअहह हायरे हाय…
धीरे-धीरे नाजम…
मार डालोगे क्याँ???!!!!
आहहहहहहहह! आहहहहहहह! आहहहहहह! आहहहहह!
क्या बात है हायमर गई मै तौ….
उनकी सेक्सी चुदास कि आवाज़े किसी पोर्नस्टार कि तरह थि। यह सुनकर नाजम इतने जोरो सें झटकेमार रहा थां कि दिवान बिस्तर सें भि अबचूचू कि आवाजे कमरे मे गुजने लगी थि।
दस मिनट कि चुदाई सें हि माँ कां शरीरढेर होकर नाजम केँ लन्ड पऱ झडनेलगी वोँ ओरअहह अहहकर केँ सासे लेनेलगी। तोँ मम्मीशकी चुत सें निकले कामरस सें उनकीचुत कि आवाज़ हि बदल दि ओरअब नाजम केँ चिकने लन्ड सें चुदाई कि आवाजे पचपच मे बदल गई,।
उधर नाजम नें अब मां कि चुत सें लन्ड बाहर् निकालकर उसे कुतिया बनाया।
तोँ माँ नें कहा – नाजम प्लीज गांड मे मत डालना मेरी गांडफट जाएगी…
यह सुनकर नाजमजोश मे आँ गय़ा ओर माँ कि गांड कों चाटने लगा, तोँ कभी काटने लगा, माँ कि गांड कों हाथ सें फैलाकर नाजमअब मां कि गांड केँ भूरेछेद कों अपने थूकसे भरनेलगा। माँ भि नाजम सें कसकर गांड मरवाना चाहती थि मगर वोँ नखरेकर केँ नाजम सें गांडफाड चुदाई करवाना चाहती थि।
नाजम भि पूरेजोश मे आकर गांड मे लन्ड घुसेडने लगा तोँ माँ नें चद्दर कों अपनी मुठियो मे कसकरपकड लियाओर गांड कों टाइटकर लिया। ताकीउसे दर्द होँ सके नाजम कों भि लन्ड घुसाने मे पसीना आनेलगा। मगर पाइप केँ आगे गांड केँ छेद कि क्याँ ओकात थि। ओरइसतरह नाजम केँ लन्ड कां सुपारा माँ कि गांड मे प्रवेश कर चुका थां।
तौ माँ दर्द केँ मारे चिल्लाने लगी नाजम कों भि लगनेलगा कि इसकी गांड कि सील तौ खुली हुइ हैं मगर अधिक गांड मरवाई हुईँ नहीं हैं। नाजम नें अब लन्ड बाहर् निकाल लियाओर अपनेहाथ मे ढेर साराथूक लेकर लन्ड पऱ लगाने लगा पूरा लन्ड गिला होने केँ बाद नाजम एकबार फिन मां कि गांड मे लन्ड घुसडेने लगा।
तोँ माँ कि चीखफिन सें निकलने लगी मां जानबूझकर अपनी गांड कों टाइटकर रही थि इतना दर्द होने केँ बाद भि उन्होने अपनी गांड कों ढिला नहीं कीया थां।
मगर एक् गरमराड सें नाजुक चमडी कां क्याँ मुकाबला होताओर दर्द सहतेहुए माँ नें अपनी गांड मे नाजम कां पूरा लन्ड निगल लियाजब नाजम कां लन्ड पूराघुस गय़ा तौ नाजम नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे नहीं बल्कि जानवर कि तरह मां कि गांड कों फाडकर उनकी गांडमार रहा थां।
नाजम अपने हाथो सें मां कि मोटी मोटी चुचियो कों मसलता, तौ कभी गांड पऱ थप्पड मारता, माँ भि नाजम केँ आगे दर्दभरी आवाज़ सें उसकेआगे रोकर गांड सें लन्ड बाहर् निकालने कि भीख मांगने कि एक्टिंग कररही थि। संग नाजम बाहर् निकाल लो दोस्त बहोत दर्द होँ रहा हैं…
तोबा तोबा…अरे मार डाला…
उप्पर वाले तुँ हि बचाअब तोँ…
ओहहाय रामहाय रामअरे हायरे अरेहाय रे क्या बात है हायओह
अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहह
आहहहहहहहहह आहहहहहहह आहहहहहह
नाजम बाहर् निकाल लेँ… हरामी मेरी गांडफट जाएगी…
यह सुनकर नाजम भि माँ कों गाली देनेलगा – रंडी बेहन कि लोंडी चुपचाप गांड मरवा लें… वर्ना पूरी सब्जी मंडी वालो कों तेरेऊपर चढ़वा दूगा… बेहन कि लोंडी…
अपनीमा चुदवाने केँ लिए तूँ हि आई थि गांड मटकाते हुए…अब तेरी गांडफट रही हैं कुतिया छिनाल… मा कि लोंडी… आज देखता हूकोन बचाता हैं तेरी…ओर तेरी गांड कों…
गाली देतेहुए नाजम कि स्पीड भि बढ गई, जिससे मां कों मज़ा आँ रहा थां।
तोँ उन्होने एकबार ओर नाजम कों गालीदे दि – बेहन केँ लोंडे… छोड भि दे मादरचोद मेरी गांड तौ फाड हि दि अब इसमे घुसेगा क्याँ तूँ हरामी कोठे कि पैदाइश हैं तुँ कोई…
यह सुनकर नाजम भि गाली देनेलगा – रूक कुतिया कोठे कि रंडी तौ तुँ हैं बेहन कि लोंडी छिनाल… तेरी गांड सें तोँ हजारो लन्ड निकलेगे रूक तूँ… मादरचोद छिनाल… तेरीमा बेहन नाँ चोदी तोँ नाजम मेरानाम नहीं…आज तेरी गांड गांड नहीं गोदाम बनेगी… मा कि लोंडी…
इसतरह नाजम गंदी गंदी गालिया देकर माँ कि गांड मारने मे लगारहा तोँ मां भि गांड टाइट करके गांड मरवाती रही।
आधे घंटे गांड मरवाने केँ दौरान मां कां कामरस बेड पऱ रिसकर आँ गय़ा थां ओरअब एक् बारफिन नाजम जैसे हि झडने कों हुआ। तोँ मां नें आगे खिसककर लन्ड कों गांड सें बाहर् निकाल दियाओर फिन घुमकर नाजम केँ लन्ड कों अपनेमुह मे भर लिया।
एक् मिनट केँ बाद नाजम कां लन्ड मां केँ मुह मे झडनेलगा ओर माँ कां मुह नाजम केँ गरमगरम वीर्य सें भरउठा। तोँ नाजम केँ वीर्य कि अंतिम बूंद तक उन्होने लन्ड कों मुह मे लियेरखा ओर आखिर मे लन्ड कों पूरासाफ करकेबेड पर्र गिरकर अपना पसीना सुखाने मे लग गई,।
इसतरह नाजम नें अपनी पहली चुदाई मे मां कों भरपूर संतुष्टी देकरखुश कर दिया,
ओर पूछा – जानेमन अब तोँ इसगली मे रोजाना आओगी नां???
तौ माँ नें कहा – नाजमबस एकबार कि बात कि थि वोँ आज पूरी हौ गई, मुझेकुछ खास मज़ा नहींआया
यह सुनकर नाजम बोला – रंडी तोँ चिल्लाने कां काहे नाटककर रही थि…
तोँ मां बोलि – नाजम मिया दर्द होगा तोँ चिल्लाया हि जाता हैं
तौ जानेमन – क्याँ कमीरह गई, दर्द सें हि तौ चुदाई कां आनंद मिलता हैं नाँ??
यह सुनकर माँ बोलीं – नाजममै नहींकर पाऊगी अबओरबस एकबार मै मौलवी साहब कों बहोत प्रेम करतीहू, शपथ सें तुमने मुझे ब्लैकमेल कीया इसलिये मैयहा आई वर्ना मै नहींआती,
ओरहा, तुमने बहोत अच्छी चुदाई कि, उसकेलिए तेरा एहसान रहेगा मगरमै मौलवी साहब कि हूओर रहूगी! अब तूँ हमारी जीवन बर्बाद करना चाहता हैं, तौ बेशककर दे!
यह सुनकर नाजम भि भावुक होँ गय़ा ओरकहा – नहीं जानेमन ऐसाकोई इरादा नहीं मेराबस कभीकभी आँ जाओकरो प्रेम करने हमसे भि…
तोँ माँ बोलि – देखूगी मगर वादा नहीं करूगी अब
तौ नाजम नें कहा – ठीक हैं जानेमन एक् बार आँ जानां अब केवलमगर पूरीरात
तोँ मां बोलीं – वोँ तौ मौलवी साहब केँ संग भि नहीं गुजार सकी
तौ नाजम मां केँ पेरो मे गीर गय़ा ओर बोला – प्लीज जानेमन केसै भि कर केँ केवल एक् रात तौ आँ जानां…
तोँ माँ नें कहा – नाजम नहीं होगायह!
तौ नाजम नें कहा – जानेमन इतनी शादीया हौ रही हैं एक् रात कां मोका तोँ मिल हि जाएगा विवाह केँ बहाने प्लीज जानेमन, फिनकभी नहीं कहूगा!
तोँ मां बोलि – देखकर बताऊगी अगरहुआ तोँ,
ओर जल्द जल्द कपडे पहनकर वहा सें घऱ पऱ आँ गयीँ,, शशी नें खानां बनारखा थां। तौ मां नें खानां खायाओर फिनउपर आँ गयीँ, मेरेपास सिगरेट पीने।
मैने उनकी चुचियो कों ताडते हुए पूछा – आजकहा गई, थि इस वक्त???
तौ बोलीं – उनकी सहेली कि बेटी कि विवाह हैं दोदिन बादकल ओर परसोदिन मे जाएगी ओर विवाह वालीरात वही रूकना हैं तोँ तुम् खानां खाकर आँ जानां मैवही रूकूगी ओर सुभह आँ जाऊगी।
यह सुनकर मैनेकहा – ठीक हैं!
ओर माँ सिगरेट पीकर नीचेचली गई, ओर बापू कों जाकरपटा लिया।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
सब्जी वाले नाजम सें चुदवाने केँ बाद माँ उससे दुबारा चुदाने कों रेडीथीं। —
माँ नें खानां खायाओर फिनउपर आँ गई, मेरेपास सिगरेट पीने, सिगरेट पीतेहुए मां मुझे गाउन मे छिपा अपना गोरा शरीर दिखा केँ उकसारही थि,
मैने उनकी चुचियो कों ताडते हुए पूछा – आजकहा गयीँ, थि इस वक़्त???
तोँ बोलि – उनकी सहेली कि बेटी कि विवाह हैं दोदिन बादकल ओर परसोदिन मे जाएगी ओर विवाह वालीरात वही रूकना हैं तौ तुम् खानां खाकर आँ जानां मैवही रूकूगी ओर सुभह आँ जाऊगी।
यह सुनकर मैनेकहा – ठीक हैं!
सिगरेट पीके मां नीचेचली गयीँ, ओर पिताजी कों जाकर पटाने लगीं। सादी मे चलने केँ लिए
क्योंकि दोदिन बाद उनकी एक् सहेली कि बेटी कि विवाह थीं, उनका विवाह वालीरात वही रूकने कां इरादा थां, मगर मकसद सारीरात सब्जी वाले नाजम सें चुदना
नाजम केँ 6 इच लंबेओर 3 इच मोटे लन्ड कों सोचसोच उनकीचुत गीली हौ रही थि। रात कों जैसे तैसेकाट कर सबेरे सीधे आमिर केँ पास चुदने चली गई। माँ चूदाई करवा आमिर केँ घऱ सें सब्जी लेने निकलरही थि तोँ उन्हे मण्डी मे नाजम दिखा दोनों एक् दूसरे कों देख मुस्कुरा दिए माँ नाजम सें सब्जी लेनेचली गई। दोनों नें बात तोँ नी कि पर्र पर्र सोच दोनों पिछली चूदाई हि रहे थें।
पर्र माँ तोँ सादी वालीरात कों नाजम केँ लिए सरप्राईज रखी थि उन्होने उसका नंबर लेँ लिया औऱ सब्जी लेकेघऱ आँ गई। माँ विवाह वालीरात कां सोचकर मन मे खुश हौ रहीथीं
जैसे तैसे 2 दिन काटेआज विवाह कां दिन थां हम् सबलोग साम कों विवाह मे गए थें।
मां नें – लाल कि नेट वाली साड़ी मे, कालेरंग कि वेलवेट कि डिपनेक, बैकलेस, स्लीवलेस ब्लाउस पहना थां, मेकअप औऱ हील वाली सैंडल।
विवाह मे माँ तौ गांड मटकाते हुएअलग हि कहरढा रही थि उन्हे बूढ़ा हौ याँ जवानसब देखरहे थें कई तोँ लन्ड भि एडजेस्ट कररहे थें, उनमें सें मै भि एक् थां क्योंकि माँ कां जिस्म थां हि ऐसा।
खानां खा केँ मां कों छोड़कर बाकीसभी घऱ आँ गए, हमारे आने केँ बाद एक् 28–30 साल कां 6 फूट लम्बा लड़का मेरी माँ केँ आसपास हि घूमरहा औऱ थोड़ी देरबाद उनसे बातें करनेलगा उनकेलिए कुछ खाने कि चीज़े लानेलगा। माँ केँ संग बैठेहुए बातें करनेलगा औऱ मां भि बहोत हंस हंसकर जवाबदे रही थि, वोँ मां कि बारबार तारीफ करबोल रहा थां कि वोँ आज बहोत हि हसीनलग रही हैं औऱ ये साड़ीउन पऱ बहोत अच्छी लगरही हैं। मां येबात सुनकर शरमा गई औऱ बोलीं कि कितनी बार बोलोगे। अब तोँ मुझेशरम आनेलगी हैं। इसबात पर्र वोँ बोला कि बसरहा नहि जारहा। इसलिये बोलरहा हूं। मै आपको बहुत वक़्त सें देखरहा हूं, मुझे आप् पसन्द आँ गई हैं औऱ आज आप् इस साड़ी मे बहोत हि हसीन औऱ सेक्सी लगरही थि इसलिये मे अपने आप् पऱ काबू नहि रखसका,
मेरानाम विकास हैं मे डॉक्टर हु मेरीउमर 30 साल हैं। आपका क्याँ नाम हैं
माँ – रेनू। (माँ नें झूठ बोला क्योंकी असलीपता किसी कों नी देती थि )
विकास– वैसे आपकी उम्र क्याँ हें, मेरे हिसाब सें आप् अभि 25–30 कि हि होगी।
मां –.! अपनी तारीफ सुनकर शर्मा गयीँ,।
फिन विकास नें अपना कार्ड मां कों देकेकहा फ्री होकेफोन करना, विकास भि चला गय़ा औऱ मां नें उसका कार्ड पर्स मे डालली। औऱ मुस्करा केँ गांड़ मटकाती हुईँ चली गई
[ विकास माँ पे लाइन तौ माररहा हि थां पऱ शायद उन्हें कुंवारी समझरहा थां क्योंकि माँ अब मॉडर्न थि वोँ ( मांगनी भरी थि औऱ मंगलसूत्र नीदिख रहा थां ) कुवारी दिखरही थि विकास माँ सें विवाह केँ बारे मे सोचरहा होगा। माँ दिखने मे माधुरी दिक्षित जैसे 38/30/40 कां शरीर। ]माँ कि उम्र 45–50 कि हौ रही थि। मगर लगती 25–30 साल कि कुवारी लडकी हि थि। उनके शरीर कि बनावट हि ऐसी थि। जिससे कोई भि नहींकह सकता थां मां कि बेटी 21 कि तोँ बेटा 20 साल कां हैं। मां अपने जिस्म कों रोज योगा सें निखारती थि जिससे वोँ बहुत सेक्सी औऱ हॉट लगती थि।
माँ कों उनकाकाम याद आँ गय़ा वोँ क्यूं आजरात रूकने कां बोल केँ आई थि औऱ रात केँ 10 बज रहें थें सभी मेहमान चलेगये औऱ अब सिर्फ़ फेमिली केँ लोग हि रहगये थें औऱ फेरे सुभह 4 बजे केँ थें तौ मां नें अपनी सहेली सें कहा कि वोँ घऱ जाकर आराम करना चाहती हैं तोँ उन्होंने गेस्ट हाऊस मे उनको रुकने भेज दिया ( यह माँ कां प्लान थां )। मां गेस्ट हाउस सें नाजम केँ घऱ केँ लिए निकल गई औऱ रिक्शा सें सीधा सब्जी मण्डी मे उसके गोदाम ( घऱ ) केँ सामने जाकर नाजम कों फोनकर दिया
सब्ज़ी वाले कि आज दूसरी बार लॉटरी लग गयीँ,। आखिरकार मां सजधजकर होकर रंडीबन चुदने आई थि
मां कों देखकर उसकी चांदी होँ गयीँ, ओर वोँ भागकर मां केँ पास आँ गय़ा,
ओरकहा – आओ जानेमन मुझे यकीन थां तुम् आओगी। मां कों अंदर लेकर उसनेइधर शटर डाऊनकर दिया औऱ जानेमन उपर कमरे मे चलेबेड पर्र, माँ आगेआगे कमरे मे आँ गई, नाजम भि अब कमरे मे पहुंच गय़ा ओर कमरे केँ गेट कों अंदर सें बंदकर दियाओर मां कों देखकर मुस्करा दिया।
नाजम – जानेमन आज तुम्हे पुरीरात चोदकर मेरादो साल कां सपने पूरा होगा तुम्हे पेलने कां, धन्यवाद मोहतरमा आपने आखिरकार हमे दुबारा मोका दिया मिलने कां
नाजम कां लन्ड भि पेन्ट मे उभरकर खड़ा होँ गय़ा जिसेदेख माँ कि चुदास भडकरही थि।
मां कि चुत कि खुजली अब जोरो पऱ थि वोँ चुदने केँ लिए हि आई थि।
मां नें कहा – केवल देख्ना हि हैं याँ कुछओर भि इरादा हैं।
नाजम –जानेमन इरादा नहीं हम् तोँ आपको जन्नत कि सैर करवाएगे आजफिन।
अब माँ केँ पासआकर खडा हौ गय़ा मां कों खीच लियाओर अपने सीने मे चिपका केँ माँ केँ गुलाबी होठो पऱ अपने गुलाबी होठो कों रख दियाओर चुमने लगा माँ कि चुत तोँ पहले सें हि भडकी हुईँ थि।
तौ वोँ भि नाजम कां संग देनेलगी ओर नाजम केँ होठो कों चुसने लगी, नाजमबडी धीरे-धीरे माँ केँ होठो कों चुसरहा थां ओर मां भि उसके होठो कों उसीतरह चुसरही थि। मां हाथ निचे करके नाजम केँ लंड कों पेंट केँ उपर सें सहलाने लगी। नाजम नें दस मिनट तक तौ केवल होठो कों चूसाओर गुलाबी लबो कों ओर गुलाबी कर दिया।
नाजम नें अब माँ कों पलट उनके साड़ी, पेटीकोट औऱ ब्लाऊज़ कों उतार दिया औऱ अब मां ब्रा मे खड़ी थि ( पेंटी आज नहि पहना थां )। नाजम नें ब्रा केँ उपर सें निप्पल कों मसला तोँ मां चिहुक उठीमगर नाजम धीरे-धीरे धीरे-धीरे आगेबढ रहा थां नाजम नें अब अपना शर्ट, पैंटखोल दिया ( आज उसने चड्डी नी पहनी थि )। नाजम नें अब मां कि ब्रा खोलकर फैक दि औऱ मां केँ दूध कों जोर सें दबारहा थां।, माँ कि चुचिया बिलकुल कडक औऱ लालहों गई थि।
मां कि चुचियो कों देखकर नाजम नें कहा – वाउ! क्याँ कड़कदूध हैं। ओर गुलाबी निपल कों चाटने लगा! नाजम अपने दोनो हाथो सें दूध कों दबारखा थां ओर गुलाबी निपल कों एक् एक् कर केँ चाटरहा थां। नाजम कां लंड माँ केँ गांड़ केँ दरार मे घुसरहा थां जिससे मां कां जिस्म अब उत्तेजना सें भर गय़ा थां ओर माँ कि चुत सें रस निकलने लगा। नाजम नें मां कों बिस्तर पऱ गिरा दिया मां केँ कि जांघो मे बहारस चाटने लगा
मां कि वासना भडकने लगी नाजमआज माँ केँ अंगो कों बडे प्रेम सें चुमरहा थां फिन उसने अपनीनाक मां कि चुत पर्र लगाकर उसकी खुशबु लेनेलगा नाजम नें अब माँ केँ पैरो कों फैलाकर उसनेकिस किया औऱ अपनीजीभ सें माँ कि चुत केँ ऊपर चाटने लगा।
नाजम नें मां कि दोनो टांगे कों चोडीकर अपने हाथो सें माँ कि चुत कि गुलाब जैसी पंखुडियो कों खोलकर उसपरकिस कर दियाओर फिन किसी मंझेहुए खिलाडी कि तरह वोँ मां कि गुलाबी चुत चाटने लगा।
अपनीदो उंगलियो कों चुतमै घुसा दियाओर जोरजोर सें चुतमै उंगली करनेलगा।
“माँ कि चुतयह हमलासह नहींपाई”
दस मिनट मे हि उन्होने अपनी टांगो सें नाजम केँ सर कों जकडकर अपनीचुत मे फसा लियाओर नाजम केँ मुह मे
अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह,
ढेर सारा नमकीन रसभर दिया। नाजम नें तुरत हि सारा पानीचाट करसाफ कर दिया, मां केँ कामरस कि अंतिम बूंद तक चाटली। ओर अपनी टांगो कि जकड ढीलीकर दि तौ नाजम नें सारारस अच्छे सें चाटकर साफकर दिया।
नाजम नें अपना लन्ड बुर केँ छेद पर्र टिका केँ घिसने लगा, मां कि सांस फूलने लगी थि, माँ नें नाजम कों अपने बुर कों चोदने कां इशारा किया। नाजम नें एक् हि झटकेमै माँ कि बुर मै पूरा लन्ड घुसैड दिया मां नें एक् अहह केँ संग पूरा लन्ड निगल लिया। ओर फिन लन्ड सें घमासान चुदाई कां खेल शुरुआत हौ गय़ा थां।
नाजम जोरदार चुदाई करतारहा मां कि मुंह सें आहे! निकलने लगी!
मां हायरे! नाजम!जोर सें चोदोओर जोर सें कहनेलगी नाजम कां लन्ड भि मां कि चुत कां भोसडा बनाने पर्र तुला, थां मां निचे सें गांड उछाल उछालकर लन्ड खारही थि मगर नाजम अभि छूटने कों सजधजकर नहीं थां।
नाजम बाजू मे लेट गय़ा माँ कों अपनेउपर आने कों कहा तौ माँ जल्द सें उसकेउपर आकर नाजम कां लन्ड अपनी बुर मे लेकर उसपर कूदने लगी। मां केँ 38 केँ बड़े चूचे औऱ खुलेबाल हवा मे झूलरहे थें जिसे माँ बहुत कोशिश केँ बाद भि सम्हाल नहींपा रही थि। मां केँ लन्ड मे कूदने सें मां कि जांघों सें फदफद, फदफद कि आवाज़ कमरे मे गूंजरही थि।
30 मिनट कि चुदाई केँ बाद नाजम कां शरीर अकडने लगा, नाजम नें अपना लन्ड बुर सें निकाल मां केँ मुंह मे डालकर माँ केँ मुंह कों चोदने लगा मां केँ मुंह
सें गुप.पगुप। प आँ आँ आँ अहह आँ आँ आँ अहह
कि आवाजे निकलरही थि, नाजम अपना वीर्य माँ केँ गले मे डालकर, शांत निढाल होकरलेट गए।
माँ नाजम केँ बाजू मे लेट गयीँ, ओर नाजम केँ लंड कों चुमने लगीबचे हुऐ वीर्य कों साफकर दोनोबेड पऱ सोगए, नाजम माँ केँ गोरे मम्मों कों मसलते हुऐलेट गए दोनो कों पसीने आँ रहे थें। [नाजमबेड सें उठकर पानी पीनेचला गय़ा वहा सें गोली लेँ कर खानेलगा ](मां समझ गई )
वापसआकर दोनो नंगे एक् दूसरे सें लिपटकर एक् दूसरे कों चुमने लगे नाजम धीरे-धीरे धीरे-धीरे बडी बेदर्दी सें माँ कि चुचियो कों मसलरहा थां। जैसे कि आज हि सारादूध निकाल लेगा। माँ कों क्रोध आँ गय़ा तौ मां भि नाजम केँ छाती केँ बाल औऱ निप्पल कों नोचने लगीं।
कुछदेर बाद नाजम कां लंड दुबारा हरकत करनेलगा उसे देखकर माँ औऱ नाजम कि आंखो मे चमक आँ गई,
नाजमबेड पर्र लेटाहुआ थां माँ अब नाजम केँ सामने मे घुटने मोडकर बैठ गयीँ, ओर नाजम केँ खड़े लन्ड कों निहार रही थि। तभी उन्होने नाजम केँ लन्ड कों हाथ सें पकडा तोँ नाजम कां लन्ड कड़ा होंके तपरहा थां। मां नें नाजम केँ 6 इच लंबेओर तीनइच मोटे लन्ड कों अपनेहाथ कि दोनो मुठी बनाकर पकड़ा मां नें अब नाजम केँ काले लन्ड केँ सुपारे पर्र अपनीजीभ फिराने चालूकर दि।
तोँ नाजम कि सिसकी निकलनी चालू होँ गई, माँ नें नाजम केँ लन्ड पऱ वीर्य कि कुछ बूंद जौ उसके उत्तेजित होने पऱ निकलने लगीउसे चाटकर नाजम केँ सुपारे कों अच्छे सें गीलाकर दियाओर फिन धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसके पाइप जैसे मोटे लन्ड कों अपनेमुह मे लेकर गपगप करके चुसने लगी।
तौ नाजम नें माँ केँ सिर कों पकडकर अपने लन्ड सें मुह कों चोदने लगा तोँ मां केँ गले तक उसका लन्ड जानेओर मुह सें गोगो कि आवाज़ केँ संगथूक बाहर् निकलकर गिरने लगी। जिसे मां वापसपी गई
पांच मिनट लन्ड चुसने सें मां केँ जबडे अकडने लगे औऱ सांसरुक गई थि। क्योंकि उसका लन्ड काफ़ी मोटा थां तोँ मां नें नाजम केँ लन्ड कों मुह सें बाहर् निकाल दियाओर बेड पर्र जाकरलेट गई, औऱ सांस लेनेलगी
इसबीच नाजम मां कि बुर मे करने उंगली लगा इससे मां कि चुत गीली होनेलगी, नाजम उंगली पऱ लगा कामरस चुस गय़ा ओरबगल मै लेटकर मां केँ बोबो कों सहलाने लगा।
नाजम नें माँ कों बिस्तर केँ पासखडा किया। ओर कमर कों बिस्तर पर्र कर केँ पीछे सें मां कि चुत पर्र अपने मुसल लन्ड कों रगड़ने लगा जिससे मां केँ जिस्म मे करंट लगनेलगा, नाजम नें अचानक सें लन्ड मां कि चुतमै एक् झटकेमै हि पेल दिया जिसे बुर गीली होने केँ कारण मां आहिस्ता लें रही थि, ओर कमरे मे पूऊऊऊच ! पूऊऊऊच ! कि आवाजे गुजने लगी नाजमअब पूरी ताकत सें लन्ड कों चुतमै ठोकरहा थां लन्ड बाहर् निकालकर जोर केँ झटके लगाके फिन सें चत मे पूरा लन्ड उतार देता। मां नें अब अपनी गांड हिलाकर नाजम कि चुदाई मे संगदे रहि थि। चूदाई जोर करने कों कहती तोँ नाजम कीसी मशीन कि तरह मां कि चुत मे लन्ड अंदर बाहर् करनेलगा।
माँ नीचेपडी मजे सें आहे लें रही थि। नाजम नें माँ कों बिस्तर पऱ कुतीया बनादो तीन झटको मे नाजम कां पूरा लन्ड चुत मे समा हि गय़ा ओरफिन माँ नें भि अपनी गांड कों हिलाकर चुत मे लन्ड सेटकर लियाअब नाजम नें माँ कि चुत कि मा चोदनी शुरुआत करदीं। नाजम मां कि चुत कां भोसडा बनाने मे लगारहा नाजम नें माँ कि चुत कों लगातार बीस मिनट तक इसी पोजीशन मे चोदता रहा माँ कि चुत सें एक् बार पानी निकल चुका थां। जिससे चुदाई कि आवाजे बदल गई, कमरे मे बस माँ कि चीखेओर फचाफच कि आवजे हि गुजरही थि।
मां कि चुचिया भि नाजम केँ झटको सें हिलरही थि जोरो सें तभी नाजम नें अपने गीले लन्ड कों चुत सें निकालकर
माँ कि गांड कों चाटने लगा, तौ कभी काटने लगा, माँ कि गांड कों हाथ सें फैलाकर नाजमअब माँ कि गांड केँ भूरेछेद कों अपने थूकसे भरने लगा। माँ नें चद्दर कों अपनी मुठियो मे कसकरपकड लियाओर गांड कों टाइटकर लिया। ताकीउसे दर्द हौ सके नाजम कों भि नाजम भि पूरेजोश मे आकर लन्ड माँ कि गांडमै पेल दिया। अचानक सें गांड मे लन्ड जाने सें माँ कोहनी केँ बलखडी होँ गई, मगर नाजम नें मां कि जाघो कों पकडकर पूरा लन्ड गांड मे पेल दियाओर माँ नाजम कों गांड फाडने कां कहनेलगी जोर सें मां नाजम केँ झटको केँ जवाबमै अपनी गांड उठाकर देरही थि।
नाजम भि मां कि गांड कों गोदाम बनाने मे अपनी पूरी ताकतलगा दि थि नाजम नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे नहीं बल्कि जानवर कि तरह मां कि गांडमार रहा थां। अब कमरेमै पटापट कि आवाज़ गूंजरही थि, इधर माँ भि दर्द केँ मारे चिल्लाने लगी ( अहह क्या बात है अहहहाय राम )कि आहे लेनेलगी
नाजम गांड मारते टाइम अपने हाथो सें माँ कि मोटी मोटी चुचियो कों मसलता, तोँ गांड पऱ थप्पड भि लगातार मारेजा रहा थां जिससे मां कि गांडलाल हौ गयीँ, ओर नाजम कि उंगलियो केँ निशान भि छ्पगये थें। मगर मां कि गांडफाड चुदाई अभि भि चलरही थि, तोँ मां भि जमकर चुदने कां आनंद लेँ रही थि अब लगभगआधे घंटेबाद नाजम कां शरीरअब अकडने कों हुआ। तोँ नाजम नें माँ कों पूछा जानेमन मालकहा निकालना हैं
यह सुनकर माँ बोलीं – माल पिना हैं यह सुनकर नाजम नें गांड सें लन्ड बाहर् निकाल लियाओर माँ केँ सामने चला गय़ा, माँ अब कुतिया बनीबनी हि नाजम केँ लन्ड कों मुहमै भरकर चुसने लगी नाजम मां केँ लटकते चूचों सें खेलने लगा। लगभगदो मिनटबाद नाजम नें अपनागरम वीर्य माँ केँ मुहमै भर दिया जिसे मां गटक गई, ओरफिन नाजम केँ लन्ड कों चाटकर पूरा लन्ड अच्छे सें साफकर दिया।
नाजम नें कहा – जानेमन कैसालगा
तौ मां बोलीं – आनंद आँ गय़ा नाजमअब 1 राऊडओर ऐसे हि पेलना मगर बुर मे।
माँ केँ कहने पऱ नाजम हामीभरी औऱ
मिशनरी पोजीशन मे चुत मे लन्ड कों ठोक दिया। नाजम केँ मोटे लन्ड केँ झटको सें चुत कि दिवारे हिलउठी थि। नाजम नें पांव कों कंधे पऱ उठारखा थां जिससे मां कि चुतउपर कि तरफउठी हुइ थि ओर घपाघप कि आवाजो केँ संग चुदाई पचलरही थि, नाजम केँ हर एक् धक्के कि वजह सें मां केँ मोटे मोटे बूब्स ज़ोरज़ोर सें हिलते। जिन्हें देखकर नाजम कों जोश आँ रहा थां जिसे उसनेझुक करजोर सें चूचों कों दबाने लगा औऱ निचोड़ने लगा, मां लगातार आहे भरनेलगी क्या बात है नाजम…
अहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहह, नाजम माँ तेज़ी सें धक्के लगाता रहा
10 मिनटबाद नाजम नें माँ कों अपनी गोदी मे उठा केँ खड़े खड़े बुर मे लन्ड डालने लगा, नाजम औऱ माँ कां जिस्म चिपक केँ घिसने लगा। नाजम मां कों सामने सें झटके मारकर पूरा मज़ादे रहा थां। माँ भि झटके मारकर उसे पूरा आनंददे रही थि। धीरे-धीरे धीरे-धीरे… माँ कि आवाज़ बढ़ने लगी।
अहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहह,
तौ नाजम नें स्पीड बड़ा दि औऱ 10-15 धक्को केँ बाद नाजम मां कि बुर मे हि झड़ गय़ा औऱ माँ भि उसकेसंग हि झड़ गयीँ, औऱ नाजम माँ केँ ऊपरगिर गय़ा। मां औऱ नाजम दोनों पसीने सें भीगेहुए थें औऱ तेज़ी सें सांस लें रहे थें
ओर पूछा – जानेमन कैसालगा
मां – तुमने बहोत अच्छी चुदाई कि नाजम
इस तरह नाजम नें अपनी चुदाई मे माँ कों भरपूर संतुष्टी देकरखुश कर दिया, माँ औऱ नाजम दोनोथक कर लिपटकर सोगये।
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई – New Episode
नाजम केँ घऱ सें सुभह माँ विवाह वालेघऱ मे चलीगये। औऱ वहा सें घऱ वापस आँ गई रात जागने केँ कारण मां पुरीथक गई थि तौ आते हि सो गई। साम कों मां नहाकर नयी पारदर्शी मैक्सी पहनीजिस सें माँ कां अंगसाफ चमकरहा थां। माँ नें लालरंग कि लिपस्टिक लगाई काजल लगाया ओर बालो कां जुडा बनाकर जल्द सें बाहर् आँ गई,।
घऱ केँ काम करने लगीं, सभीरात कों खानां खानेबैठ गए, मै बैठा मां केँ बूबस ताड़रहा थां, माँ भि गाऊन केँ दोबटन खोलकर अपने गोरेदूध दिखारही थि। मां केँ झुकने सें उनके बूबस गाऊन सें बाहर् हि निकलगये। जिसे मां नें हंसते हुएहाथ लगाकर अंदर कीया क्योंकि उन्होने ब्रा नहीं पहनी थि। औऱ मेरीतरफ देखते हुए मुसकुरा दि।
मे खानां खा केँ सिगरेट पीनेउपर चला गय़ा औऱ जा केँ बैठ गय़ा औऱ मां कां प्रतीक्षा करनेलगा। मेरेमन मे मां कां बदलाहुआ रूप ( बारबार अपने चूचे गाड़ औऱ जिस्म दिखाना, मेरीतरफ उनका देख्ना ) नजरो केँ सामने घूमरहा थां। मेरा लन्ड खड़ा हौ गय़ा थां जिसेमै पेंट केँ उपर सें मसलरहा थां।
, थोडीदेर मे मां भि उपर रेडी हौ केँ आँ गई
पर्र मुझे लन्ड मसलते देख वोँ दूर खड़े होँ केँ देखरही थि। फिन अचानक मां हसतेहुऐ आँ गयीँ, ओर मेरा लन्ड मेरेहाथ मे थां ओर सामने माँ मैयह देखकर डर गय़ा ओरहाथ लन्ड सें हटाकर लज्जा सें लाल हौ करसर निचेकर दि। पर्र मेरा लन्ड पेंट मे खड़ासाफ दिखरहा थां।
मेरीतरफ देखकर मुस्कुराते हुए माँ बोलीं – मेरा बेटा तौ जवान होतेजा रहा हैं ओर मुझेपता हि नहींचल रहा ? सरमाओ मतइस उम्र मे यह होता हैं !
मैडरे हुएकहा – सोरी माँ… मै गलती सें यह.!
पर्र उनका ध्यान तोँ मेरे लन्ड मे थां। माँ मेरे बाजू मे बैठ गई औऱ सिगरेट उठाकर जलाते हुए बोलने लगी, कोईबात हैं तौ मुझसे कह सकतेहों। क्याँ कॉलेज मे कोई तुम्हारी गर्लफ्रेंड हें। याँ तुम् किसी कों मनपसंद करतेहों।
मेनेकहा – मेरी क़िस्मत ऐसीकहा हैं। पऱ मै किसी कों पसन्द करता हूं। ( एक् लम्हा कों माँ केँ चेहरे सें होश गायब होँ गय़ा थां ) पऱ आप् अगर बुरा नाँ मानो तोँ औऱ किसी कों नाँ बताओ।
मां – नहीं मानूगी बतादे
मै – शपथखाओ!
मां – (माँ मेरीहाथ कों पकड़ केँ) हाठीक हैं वादा ! पऱ बता तौ जल्दकोन हैं !
मै – ( माँ केँ हाथ कों दोनोहाथ सें पकड़) मां मै आपको बहोत पसन्द करता हूं।
यह बोलकर मैचुप होँ गय़ा ओर वोँ भि, कुछदेर हम् दोनो खामोश रहे, ( पऱ माँ अन्दर हि अन्दर खुश थि )
मां – तुम् ओरकोई देखलो
मै – जब सें मेरे दोस्तो कों आप् केँ बारेबात करते सुना हैं कि आप् बहोत खुबसूरत होँ, वोँ आपको अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहते हैं, यहां तक तेरी माँ बहोत सैक्सी हैं भइया मेरि मां ऐसी होती तौ.!
तब सें हि मेरा भि आपकेलिए नज़रबदल गय़ा हैं। मैने देखा हैं आप् भि मुझे मनपसंद करतीहों।
मां मन हि मनखुश होँ रही थि मां केँ चेहरे पर्र सुकुन थां ओर खुशीसाफ झलकरही थि माँ उठी औऱ अपने कमरे मे सोनेचले गए।
मैने माँ कों रूकने कों कहा! पर्र वोँ चली गई
सुभह मुझेलगा मेरे लन्ड कों कोईछु रहा हैं, तौ मैने देखा मां मेरे कच्छे मे तनेखडे लन्ड पर्र हाथ घुमारही थि। मेनेआखे खोली। तभी माँ नें मुझे उठाया। तौ मे उठ केँ बैठा औऱ मां वोँ Sex kahani कि किताबे जोँ रवि नें माँ कों दिया थां वोँ मुझे लाकरदे दि ओरकहा इन्हे अच्छे सें पढ़ लेनाअब सें तुम्हारे एग्जाम चालू होँ चुके हैं। देकर वोँ हंसकर बाहर् चली गयीँ,। औऱ अपनेकाम मे लग गई मे भि विद्यालय चला गय़ा। पऱ इतनाकुछ होने केँ बाद भि मां रूटीन मे आमिर सें अपनीचुत ओर गांड मरवाने चली गई।
घऱआकर सो गई, साम कों उठी औऱ बाथरुम मे मां नें हाथमुह धोयेओर आकर कपडे पहनने लगी, कपडे पहनकर मां नें अपनेबाल बनाकर घऱ कां काम करनेलगी रात कों खानां डालते समय मां नें मुझे जमकर अपनी चुचियो कां दिदार करवाया जिसे देखकर मेरे पेन्ट मे उठाव होनेलगा थां। आज मां औऱ मेरी नजरे एक् दूसरे केँ ऊपर हि थि वोँ मेरी आंखो मे देखकर मुस्करा रही थि मैने उनकी चुचियो कों ताडते हुए खानां खायाओर फिन सिगरेट लेकेउपर आँ गय़ा।
मां खानां खाकरशशी कों कामबता दीया औऱ अपने कमरे मे जाकर पैंटी निकाल चुत धोकर सैंट लगायी औऱ उपर आँ गई, मेरेपास सिगरेट पीनेबैठ गईं। मां केँ आते हि मां केँ शरीर कि खुशबु फैल गई।
मैहाथ मे सिगरेट लेके बैठा थां मेरा ध्यान बाजू मे मां केँ गोरे गुदाज जांघो पऱ थां। मैने अपनाहाथ माँ कि जांघो मे रख दि मे माँ कों देखते हुऐ सहलाने लगा। औऱ उनके गर्दन मे हाथडाल खींच केँ किस करनेलगा
मां कि गर्दन होठगाल ओरकान कों चुसता रहासंग हि माँ केँ दूध कों गाउन केँ उपर सें दबाने लगाजोर सें दूध कों दबाते हि मां केँ दूधओर कडक होँ गये।
अचानक मां नें किस तोड़ मेरेहाथ कों रोककर – धीरे-धीरे चलो अभि इसमें थोडा वक़्त हें सही वक्तआने पऱ करनाजब हम् अकेले होंगे।
मै अपनाहाथ उनकी जांघो मे सहलाता रहा – फिनहमे वक्तकब मिलेगा।
मां उठके निचे अपने कमरे मे चली गई मे भि अपने कमरे मे जा केँ, मैनेउन Sex kahaniyan कि किताबो कों रूम मे आकर पढनेलगा गोर सें किताबो मे दिये चित्रो कों देखने लगा जिसमे लन्ड बुर गाड़ कि चुसाई, बुर गांड मरवाने कि फोटो, बहोत उत्तेजित करनेलगी।
फोटो देखते हुए मैने अपने पेंट औऱ कच्छे कों नीचेकर निकाल दि ओर अपने लन्ड पऱ हाथ चलाने लगा। फोटो मे मै माँ कों सोच केँ देखते हुए मेरा वीर्य निकल गय़ा। रात कों 1 बज गय़ा मुझे नींद नहि आँ रही थि। मै मां केँ कमरे मे जाके उनके चूचों कों दबा केँ जगाने लगा, उनकी नींदखुल गई थि तोँ मैंने धीरे-धीरे सें उन्हे मेरे कमरे मे बुला लिया। वोँ आई तौ मेरे कमरे मे बिस्तर मे उनकी दि किताबे खुली पड़ी थि।
माँ चिड़ते हुए – मुझेलगा हि थां तुम् यहसभी सम्हाल नहीं पाओगे।
औऱ अपने कमरे मे जा केँ सो गई। मै सबेरे उठा औऱ नहा धोकर नास्ते केँ लिए रसोई कि तरफ़ गय़ा, मां कों गुलाबी रंग कि साड़ी मे उनकी मोटी गांड़ देख मेरा लन्ड बारबार परेशान कररहा थां उन्हें अकेले देखा तौ जाकर पिछे सें माँ कि कमर मे हाथडाल उन्हें गलेलगा लिया। एक् समय तौ वोँ शांतथीं फिन उन्होने ( कोई आँ जाएगा तौ देख लेगा, दूररहो )बोलअलग होँ गई। मैकुछ देर तक वही खड़ारहा मगर, मै चुपचाप अन्दर चला गय़ा। सेक्स किताबो कों पढ़कर मेरे अन्दर चूदाई कि चूलमच गई थि
मैने सोचा – आज कालेज केँ लिए निकल केँ आधे रास्ते सें वापस आँ जाउगा। मां सें रात केँ लिए माफी मांग माना लूंगा औऱ दिनभर मां सें चूदाई करूंगा।
मैशशी औऱ पिताजी तीनो अपने अपनेकाम मे निकलगए मैआधे रास्ते सें लौट गय़ा आते वक़्त मार्केट सें गुलदस्ता औऱ केक लेकरघऱ आँ गय़ा
मै एक् गुलाब फूल कां गुलदस्ता माँ केँ लिए जिसमे I LOVE YOU mummi लिखा थां। जिसे लेकर मे घऱ पहुंच गय़ा औऱ दरवाजा खटखटाया तौ माँ नें आकर दरवाजा खोला मुझेदेख वोँ डाटने लगी तुम् कॉलेज क्यूं नीगए पऱ उनकी नज़र जैसे हि गुलदस्ते औऱ केक पे पड़ी तौ उनकी चेहरे मे मुस्कान आँ गई। मै अंदर आकारकेक कों रख गुलाब कों मां केँ तरफ़ करतेहुए उन्हें प्रपोस कर दिया
मां सॉरी Please Be My Wife। I Love You So Much। मै आपके बगैरनी रह सकता आप् जैसा बोलोगी मै वैसा करूंगा। आपकेसंग जबरदस्ती। भि नहि करूंगा
माँ – मै जैसा बोलूंगी तुम् वैसा हि करोगे औऱ मेंरी बात मानोगे तोँ ठीक हैं। पर्र अगरमै रेडीहु तौ फिन सेक्स तोँ कर हि सकते होँ ( मां केँ चेहरे पे अलग हि मुस्कान थि )
मेने मां केँ हाथों पे किस किया औऱ खड़े होकरगले लगाकर खुशी सें चूमने लगा।
मां – चलो भि छोड़ो मुझेआज तुम्हारे केक कां उदघाटन करते हैं,
फिन दोनो नें केक काटा औऱ एक् दूसरे कों खिलाने लगे उसकेबाद, मेने ऊंगली सें थोडा केक लेकर मां केँ गले औऱ गालों मे लगाकर उनको चूमने –चाटने लगा। मां गर्म होँ रही थि उनकोपलट केँ मै उनके 38 केँ चूचों कों गाउन केँ ऊपर सें दबाने लगा
उनको सोफे पे धक्का दे केँ गिरा दिया तौ उनकी बुर साफ़ साफ़ दिखने लगी, मुझे देखते हुऐ अपनी टांगों कों चौड़ा कर चाटने कां इशारा किया औऱ माँ केँ पैरो कों फैलाकर उसकी गुलाबी चुत कों देखा। तोँ देखता हि रह गय़ा
मे घुटनों केँ बल उनके सामने बैठेहुए अपनीनाक माँ कि गुलाबी चुत पर्र लगाकर उसकी खुशबु लेनेलगा लगा जोँ पुरी चिकनी हौ गई थि। मै धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसकेउपर किस करनेलगा जब मैंने बुर केँ दरवाजे कों ऊंगली सें खोला तोँ उसमें रस बहनेलगा मैनेझुक कर अपनी जबान कि करतब सें अम्मी कि बुर केँ अंदर चाटने लगासंग हि ऊंगली कों बुर केँ नीचे हिस्से सें अंदर बाहर् कर चोदने लगा, मुझे उसका स्वाद अजीब सां लगा तौ मेने उसपेकेक लगाकर फिन अपना मुंह घुसाकर चाटने लगा चाटने लगा।
मां कि सांसतेज होँ गई थि उनके चूचेउपर नीचे होनेलग गए वोँ अहह भरनेलगी, अब माँ भि मजे लें रही थि 15 मिनट सें, माँ कि हल्की चीखतेज हौ चुकी थि मे भि तेजी सें माँ केँ बुर केँ दाने कों चूसते हुए सहलाने लगाफिन अचानक मां नें मेरेसिर कों पकड़कर अपनी गीली बुर मे दबा दिया उन्होने अपनी टांगो सें मेरेसर कों जकडकर अपनीचुत मे फसा लिया
मां मुह सें – अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहह, कर मेरेमुह मे ढेर सारा नमकीन रसभर दिया। ओर अपनी टांगो कि जकड ढीलीकर दि तौ मैंने सारारस अच्छे सें चाटने लगा। मां मेरेसिर कों सहलारही थीं उनकी गुलाबी बुर पुरीलाल होँ गई थि औऱ चमकरही थि। मां सोफे पे पड़ीतेज तेज सांस लें रही थि
मै उनके सामने खड़ा हौ गय़ा औऱ अपने कपड़े उतारने लगा औऱ नंगा हौ गय़ा मेरा 6 इंच कां लन्ड मां केँ सामने पुरा खड़ा लहरारहा थां। मैने अपने लन्ड पे केक लगाई औऱ मां केँ सामने आँ गय़ा।
अब माँ सोफे सें उतर केँ नीचेबैठ गयीँ, ओरमै उनके सामने खडा हौ गय़ा माँ अब मेरे लन्ड कों हाथ सें पकड़ केँ मेरी तरफ़ देखती हुईं मुस्कुराने लगी औऱ सुपारे पऱ जीभ फेरकर लन्ड कि चमड़ी कों पिछे करते मेरे आंखो मे आंखेडाल चाटने लगी।
जिससे मैखडा खडाआहे भरते मां केँ चेहरे औऱ गर्दन पे हाथ फिराने लगा।
पहलीबार केँ कारण मे अधिक उत्तेजित हौ गय़ा मेरा पुराबदन मे करंट सां लगा औऱ जिस्म अकड़ने लगा तोँ मैने मां केँ सर कों पकडकर माँ केँ मुह कों कसकर चोदने लगा।
उनके मुंह मे मेरा लन्ड कि मस्त गर्मा गरम सिकाई हौ रहि थि संग हि उनके मुंह मे आने वालीगू गूगूगू गूआकवाक आकवाक वाली आवाज़ मुझे पागलकर रही थि औऱ मे मां केँ मुंह मे अपना सारारस थरथाराहट केँ संग झाड़कर सोफे पे गिर गय़ा। माँ लन्ड मे लगेरस कों चाटने लगी औऱ चमड़ी पिछेकर साफ करके
मां – कैसालग रह हैं ?
मै – ऐसालगा जैसेमै पुरा जन्नत मे हु!ब्लोजॉब सेक्स केँ बारे मे बस मे सेक्स पुस्तक मे देखा हि थां मगरआज मेरी गर्लफ्रेंड सच मे मेरा लौड़ा चूसरही हैं
माँ – अगर तुम्हे औऱ अधिकमजा चाहिए तोँ तुम्हारे लन्ड कि चमड़ी कों डॉक्टर सें कटवा लेना जिससे तुम्हारा मज़ाडबल हों जायेगा
( क्योंकि माँ अभि तक कई लन्ड लें चुकी थि पर्र अधिकतर मुस्लिमो केँ हि लन्ड पसन्द थें )
माँ नें मेरेसोए लन्ड कों हाथ मे पकड़कर हिलाते हुए – फल पकने मे बहोत वक्त लगता हैं यह तोँ मात्र ट्रेलर थां, फिल्म तौ बाकी हैं मेरीजान,
ओर हसनेलगी।
मै – तौ आप् तोँ मुझे सिखाओ नाँ!
मां कों अपनेगोद मे बैठा उनके गुलाबी होठो कों चुसने लगाकिस करते मैने माँ केँ गांड, चुचियो कों दबाने लगा। मां नें मेरे सोये लन्ड कों सहलाने लगी मां केँ हाथ लगते हि मेरा लन्ड अपने असलीरूप मैआने लगा थां।
माँ नीचेबैठ गई, ओरमै सोफे मे।
माँ अब मेरे लन्ड केँ सुपारे पर्र जीभ फेरकर लन्ड खड़ा करनेलगी। माँ नें लन्ड कों मुह मे भरकर चुसने लगी। जिससे लन्ड खडा होनेलगा औऱ मे फिनआहे भरनेलगा ओर माँ केँ बालो कों पकडकर मां केँ मुह कों पकड़कर चोदने लगा। दस मिनट लन्ड चुसने केँ बाद माँ मेरे लन्ड बाहर् निकालकर मुझे चोदने कों कहनेलगी।
मैनेकहा – चलोबेड पर्र चलते हैं
बोल कमरे मे लें गय़ा
माँ केँ दूधओर कडक हौ केँ तनगये। तोँ मैने उनके कबूतरो कों दोनो हाथो सें पूरी ताकत सें दबाने लगा। जिससे मां कि चीखे निकलने लगी
मां कों बिस्तर मे पीठ केँ बल सुला केँ उनकी गांड केँ नीचेदो तकिये लगाएओर घुटने केँ बल बैठकर उनके पेरो कों उठा लिया।
ओर अपना लन्ड चुत पर्र सेट करके एक् झटके सें चुत मे आधा लन्ड ठुस दिया दूसरे झटके मे पूरा लन्ड डालकर मैने माँ केँ टागो कों उनकेसर केँ बराबर कर दियाओर उपर झुककर चुदाई करनेलगे। इस पोजीशन मे मेरा पूरा लन्ड सीधा माँ कि बुर मे घुसरहा थां
माँ जोरजोर सें चिल्लाने लगी – औऱ जोर सें चोद नाँ लगादे साराजोर ओर अंदर तक डालदे नाँ ओरजोर सें
कहकर मुझे कों उत्तेजित करनेलगी, मै भि उत्तेजित होकरजोर सें ठुकाई करनेलगा जब मे झड़ने कों हुआ तौ रुककर लन्ड निकाल
मां कि पोजीशन बदलीओर उनको उल्टा लेटाया तौ मां अपनी फेवरेट पोजीशन घुटने केँ बल लेटकर अपनीकमर कों नीचे करकर अपनीचुत कों बाहर् निकालकर मुझे लन्ड डालने केँ लिएकहा मां अपनी गुलाबी चुत कों इस पोजीशन मे इतनी अच्छी तरह बाहर् निकालती हैं पूछो हि मत दोस्त!
मैने अपना लन्ड बुर मे पेल दियाओर अब मां कि मोटी गांड पऱ थप्पड मारकर उन्हे उत्तेजित करनेलगा माँ कि गांडलाल होँ गई थि
मै –मां मेरा होने हि वाला हैं कहाकरू
मां –मेरा भि होने वाला हैं थोडा जोर सें करो औऱ बुर मे डालदो
मैने दोनो हाथो सें गांड कों दबाकर लन्ड केँ झटको कों तेजकर दिया। दो मिनट मे मां ओरमै एकसाथ चुत मे झडनेलगे 2 मिनटबाद मैंने अपना लन्ड बाहर् निकाला ओर, माँ कि ओरकर दिया तौ मां नें मेरे लन्ड कों चाटकर साफकर दिया।
माँ मेरेऊपर चढ़ केँ नगीसो गई उनके 38 केँ चूचे मेरे सीने मे दब चुके थें मे उनकेपीठ औऱ बड़ी गांड कों सहलारहा थां
मां – गाड़ भि मरेगा क्याँ !
( यह मेरेलिए इशारा थां)
मै माँ केँ नीचे सें हट केँ घुटनो केँ बलबैठ गय़ा माँ बिस्तर पर्र पेट केँ बल लेटीथीं उनकी गांड कों पकड़कर चुमने लगा।
माँ कों कुतीया बना दियाओर उनकी गांड सें लेके बुर कों चाटने लगा। अब गांड कों अपने हाथो सें फैला दियाओर गांड केँ भूरेछेद पर्र
थूकने लगाओर अपने ऊंगली सें गांड केँ छेद कों खोलकर थूक कों अंदर करके अपनी उंगली गांड मे पेल दि। औऱ ऊंगली सें छेद कों चोद केँ अपनीजीभ लगा दि, ओर गांड कों चाटने लगा। पांच मिनट गांड कों चाटता रहा जिससे मां कि आहै बहोत हि कामुक हौ चली। मां कि कों अब लन्ड कि जरूरत थि।
यहदेख मै अपने लन्ड कों मां कि गांड पर्र घिसरहा थां जिससे मां कि आहै निकलने लगी,
मां कि मुह सें – अहहअहह अहहअहह अहहअहह अहह,
मैने अपना लन्ड एक् मिनट गांड पर्र घिसने केँ बाद माँ कि गांड मे धकेल दिया। थूक सें गीला लन्ड माँ कि गांड मे आधा सें अधिक अंदरचला गय़ा ओर दूसरे झटके मे पूरा लन्ड गांड केँ अंदर उतार दिया।
मां नें गांड हिलाकर अपनी पोजीशन सेटकर लीओर मैंने अब गाड़ कि चुदाई चालूकर दि
मां अब कुतिया बनी गांड मे लन्ड लें रही थि ओर मैने मां केँ ऊपरझुक कर माँ कि लटकते चूचों कों मसलने लगा। मां गांड हिलाकर अंदर लेनेलगी जोर सें चिल्लाह कर चुदाई कां मज़ा लें रही थि।
अपनी चुदाई चालुरखी। इधरमै भि जोश मे आकर मां कि गांड मे लन्ड पेलरहा थां ओर माँ मस्ती मे आकर माँ गांड उठाकर गांड मरवारही थि। तभी मेरा जिस्म अकडने लगा तोँ माँ नें मुझे अपनामाल पिलाने कों कह दिया। यह सुनकर मै गांड सें लन्ड निकाल खडा होँ गय़ा ओर माँ नें बैठकर मेरे लन्ड कों अपनेमुह मे भर लियाओर मे मां कां सिर पकडकर उसे चोदने लगा। पांच मिनट केँ बाद मेरे लन्ड नें ढेर सारा वीर्य मां केँ मुह मे निकाल दियाओर माँ नें उसमाल कों पीकर मेरे लन्ड कों चाटकर साफकर दिया।
मै बाथरुम सें नहा धोकर नंगा हि बाहर् निकला
तौ मां बोलीं – अभि दिलभरा नहीं तोँ ओरचोद लेँ एक् बार तेरे बापू औऱ शशी कों आने मे वक्त हैं
मै–अब मे खुशहू क्याँ मै आपका शरीरदबा दूं
माँ – हांकाम करते करतेथक गई, हू थोडा जिस्म दबादो नां
मैनेकहा– जरूरआज आपने अच्छा काम किया
माँ उल्टा लेट गई, ओरमैसर सें पेर दबाता रहा,
मां –तुमने भि पहलीबार ठीक किया
अब मेरीनई गर्लफ्रेंड मुझेसभी कुछ सिखा देगी। इसीतरह बात करतेहुए दोनोथक केँ सोगए औऱ साम कों खानां खाते वक़्त, रात कों बापू कहनेलगे – वोँ इस हफ्ते मे अहमदाबाद जाएगे कपडे लेने तौ उन्हे वहातीन चारदिन कम सें कमलग जाएगे
यह सुनकर मां औऱ मेरीमोज हौ गई,
खैरचार दिन केँ बाद बापू कों जानां थां, इसबीच हम् एकात राउंड चूदाई उपर मे कर लेते थें पर्र खुलकर नहि कर पाते थें।
एक् दिन सबीना कां कॉलआई आता हैं
सबीना–मामीजी लगता हैं आप् भूल गई, इतनी जल्द।
मां – बसकाम मे व्यस्त हू वरना अपनी बेहन कों भि भूल सकती हूं
सबीना –कैसाकाम लगता अपने लडके सें चुदना शुरुआत कर दिया हें
माँ –हां सबीना
सबीना –भांजे कों लेँ आनां किसीदिन मै भि उसके जवानी कां मज़ालूं
मां –उसे मे कुछ समान देकरभेज दूगीतब देख लेना तुम्!
सबीना–आपके पति कों पता नहींचला
माँ – जानती तोँ होँ चुतिया हैं इसलिये
सबीना बोलीं – वोँ तौ हैं। लगता हैं मेरी बेहन मेरे भांजे कों नहीं भेजेगी अकेली हि खायेगी
सबीना–मान गई, मामीजी, अच्छा यह तोँ बताओ उसका लन्ड कैसा हैं?
माँ – उसका लन्ड 6 इंच कां लंबा 2 इंच मोटा हैं
सबीना–सील खोल दि बेटे केँ लन्ड कि अब तौ घऱ मे हि तकलीफ होँ रही हें औऱ हसने लगीं। मुझे तौ मेरेघऱ मे सबलोग पेल चूके थें बस बेटा रहा थां वोँ भि अब मुझे पेलने लग गय़ा हैं जब मर्जी पेलता रहता हैं।
कॉलआई cut
MA KI ANTARVASNA - मां की चुदाई - Next part mein bada twist
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