प्यास जोँ बढ़ती हि जाये – New Episode
Update 2
रिया एक् इंटर्न
अध्याय १: आकर्षण कि शुरुआत
इंप्रेस करने कां खेल
इंटरव्यू आगे बढ़ता गय़ा। स्वाती नें रिया कों डेलिबरेटली इंप्रेस करने केँ लिए अपनी प्रोफेशनल नॉलेज दिखानी शुरुआत कि। वे प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कि कॉम्प्लेक्सिटीज, टीम हैंडलिंग औऱ कैरियर ग्रोथ केँ बारे मे विस्तार सें बताती रहीं। मगर बीच-बीच मे वे पर्सनल औऱ फ्लैटरिंग कमेंट्स भि देरही थीं, जिससे माहौल आहिस्ता इंटीमेट होताजा रहा थां।
"तुम्हारी आँखें बहोत एक्सप्रेसिव हें रिया। औऱ तुम्हारा स्माइल। कितना नेचुरल औऱ स्वीट हैं, " स्वाती नें कहा औऱ अपनी कुर्सी सें उठकर रिया कि कुर्सी केँ पासचली आईं। अब वे रिया केँ ठीकबगल मे खड़ीथीं। उनकी मोटी जाँघें हल्के सें रिया कि कुर्सी कों छूरही थीं। स्वाती नें आगे झुककर टेबल पऱ हाथरखा, जिससे उनकी भारी ब्रेस्ट्स औऱ भि प्रॉमिनेंट होँ गईं।
रिया नें ऊपर देखा। स्वाती कि सेडक्टिव प्रेजेंस औऱ उनकी परिपक्व खुशबू रिया कों प्रभावित कररही थि। स्वाती नें धीरे-धीरे सें अपनाहाथ रिया केँ कंधे पर्र रखा औऱ हल्का सां दबाव दिया। "आहिस्ता बेटा। तुम् थोड़ी नर्वस लगरही हौ। मेरेसंग काम करने वाली लड़कियाँ जल्द हि रिलैक्स होँ जाती हें। मे उन्हें बहोत क्लोज सें मेंटर करती हूं। "
स्वाती कि उँगलियाँ रिया केँ कंधे सें आहिस्ता उसकीपीठ कि तरफसरक गईं। स्पर्श बहोत हल्का औऱ केयरिंग थां, मगर उसमें एक् सूक्ष्म सेंसुअल वार्म्थ थि। "तुम्हारी बॉडी लैंग्वेज बहोत ग्रेसफुल हैं। इतनीयंग एज मे इतनी अच्छी पोस्ट्योर। तुम्हें देखकर लगता हैं कि तुम् बहोत टैलेंटेड औऱ प्रॉमिसिंग हौ। "
रिया कां चेहरा औऱ गला हल्का लाल होँ गय़ा। वो फुसफुसाकर बोलि, "थैंकयू सोमचमैम। आप् स्वयं बहोत इंस्पायरिंग हें। "
स्वाती मुस्कुराईं। उन्होंने रिया केँ बालों कों बहोत धीरे-धीरे सें छुआ औऱ एक् लॉक कों कान केँ पीछे किया। "मे अपनी जूनियर्स औऱ इंटर्न्स कों स्पेशल अटेंशन देती हूं। कभी-कभी लेट इवनिंग्स मे हम् अकेले बैठकर डिस्कस करते हें। डोरबंद करके। ताकिकोई डिस्टर्ब नं करे। तुम्हें ऐसा करने मे कोई प्रॉब्लम तौ नहि होगा नाँ स्वीटहार्ट?"
स्वाती कि आवाज़ अब औऱ नर्म हौ गई थि। उन्होंने रिया कि जाँघ केँ पासहाथ रखा — मात्र हल्का सां स्पर्श, बिना जल्दबाजी केँ। "मुझे लगता हैं कि हम् दोनों अच्छी टीम बनाएँगी। मे तुम्हें हर स्किल सिखाऊँगी। औऱ तुम्हें एंजॉय भि आएगा। लड़कियाँ एक्-दूसरे कों बेहतर तरीके सें समझ सकती हें। "
रिया कि साँसें थोड़ी तेज हुईं, मगर वो हटी नहि। स्वाती नें यह छोटा सां संकेत पकड़ लिया औऱ मन हि मन संतुष्ट हुईं। वे जानती थीं कि ये इनोसेंट लड़की धीरे धीरे उनके आकर्षण मे आँ रही हैं। स्वाती नें इंटरव्यू कों औऱ लंबा खींचा, रिया कों कॉन्फिडेंस बूस्ट देतेहुए, कंप्लीमेंट्स देतेहुए औऱ हल्के-हल्के स्पर्शों सें उसके अंदर क्यूरियोसिटी जगाते हुए।
डिअर रीडर्स क्या बात है मे स्वाति , मेरी जीवन केँ कुछ अनुभवों पऱ बेस्ड यह किस्सा स्टार्ट कररही हु.आशा हैं आप् सब कां प्रेम इसे मिलेगा।
नई स्टोरी केँ लिए हार्दिक शुभकामनाएं। फिलहाल किस्सा प्रारंभिक चरण मे हैं, आगे देख्ना हैं क्याँ क्याँ होता हैं !
प्यास जोँ बढ़ती हि जाये – New Episode
Update 3
रिया एक् इंटर्न
अध्याय १: आकर्षण कि शुरुआत
इंटरव्यू कां समापन औऱ खासऑफर
इंटरव्यू अब अपने आखिरी चरण मे पहुँच चुका थां। स्वाती शर्मा नें अपनी कुर्सी कों थोडा पीछे खिसकाया औऱ रिया कि तरफ देखा। उनकी भारी औऱ वेल-मेंटेन ब्रेस्ट्स शर्ट केँ अंदर हल्के सें उठ-गिर रहीथीं। ४५साल कि इस परिपक्व लेडी कि सेडक्टिव आकर्षण रिया पर्र धीरे धीरे अपनाअसर छोड़रहा थां। स्वाती कि गोरी त्वचा, गहरी औऱ एक्सप्रेसिव आँखें, मोटे गुलाबी होंठ औऱ कॉन्फिडेंट बॉडी लैंग्वेज किसी कों भि प्रभावित करने केँ लिए बहुत थि। उनकी पतलीकमर औऱ फ्लेयर्ड हिप्स टाइट ट्राउजर मे औऱ भि आकर्षक लगरहे थें।
रिया अभि भि अपनी स्थान पर्र बैठी थि। उसकी बेबी-सॉफ्ट गोरी स्किन हल्की सि चमकरही थि। लंबे कालेबाल उसके एक् कंधे पऱ आँ गए थें। उसके टाइट यूथफुल बॉडी कां उभार — खासकर उसके सि-कप ब्रेस्ट्स जौ हल्के टॉप केँ अंदर सें नाजुक ढंग सें उभरेहुए थें — स्वाती कि नजरों कों बार-बार खींचरहे थें। रिया कि पतलीकमर, स्मूद जाँघें औऱ शर्मीली मुद्रा उसे बेहद फ्रेश औऱ डिजायरेबल बनारही थि।
स्वाती नें मुस्कुराते हुएकहा, “रिया, तुम्हारा इंटरव्यू बहोत अच्छा रहा। मे इंप्रेस्ड हूं। तुममें पोटेंशियल दिखरहा हैं। ” उन्होंने अपनी आवाज़ कों औऱ भि नर्म औऱ वार्म बनाया। “मे अपनीटीम मे ऐसी लड़कियों कों लेना मनपसंद करती हूं जोँ स्मार्ट, डेडिकेटेड औऱ क्विक लर्नर हों। औऱ तुम् सभी क्वालिटीज रखती होँ। ”
रिया नें शरमाते हुएसिर हिलाया, “थैंकयू मैम। मुझे भि आपकेसंग काम करने कां बहोत अच्छा लगरहा हैं। ”
स्वाती अब औऱ लगभगआईं। उन्होंने रिया कि कुर्सी केँ बगल मे खड़े होकर हल्के सें उसकीपीठ पऱ हाथरख दिया। स्पर्श बहोत जेंटल औऱ केयरिंग थां, जैसेकोई सीनियर मेंटर अपनी फेवरेट जूनियर कों रिअश्योर कररही होँ। उनकी उँगलियाँ रिया कि पीठ पऱ धीरे धीरे हल्का सां घूमीं। “देखो बेटा, कंपनी मे इंटर्न्स कों नॉर्मली जौ स्टाइपेंड मिलता हैं, वोँ थोडा कम होता हैं। मगर मुझे तुम् पसन्द आई होँ। मे पर्सनली रेकमेंड करूँगी कि तुम्हें एक्सपेक्टेड अमाउंट सें ३० प्रतिशत अधिक मिले। ”
रिया चौंक गई। उसकी बड़ी-बड़ी आँखें औऱ चौड़ी हौ गईं। “मैम। रियली? इतना ज़्यादा?”
स्वाती नें हँसते हुएसिर हिलाया। उनकी भारी ब्रेस्ट्स रिया केँ कंधे केँ बहोत पासथीं। “हाँ स्वीटहार्ट। तुम् डिजर्विंग हौ। मे एचआर सें बातकर लूँगी। तुम्हें एक्स्ट्रा रिस्पॉन्सिबिलिटी भि मिलेगी, मगर उसकेसंग एक्स्ट्रा बेनिफिट्स भि। लेट इवनिंग्स मे हम् दोनों अकेले बैठकर प्रोजेक्ट्स पर्र काम करेंगे। डोरबंद करके, बिना किसी इंटरप्शन केँ। मे तुम्हें पर्सनली मेंटर करूँगी — हर स्किल, हर टेक्नीक, सभीकुछ स्टेप बाय स्टेप सिखाऊँगी। ”
स्वाती कि आवाज़ मे वार्म्थ औऱ प्रॉमिस दोनों थें। उन्होंने रिया केँ बालों कों फिन सें धीरे-धीरे सें छुआ औऱ एक् लॉक कों उसकेकान केँ पीछे किया। “तुम्हारी शख्सियत बहोत स्वीट हैं रिया। इतनीयंग, फ्रेश औऱ फोकस्ड। मुझे लगता हैं कि हम् दोनों कि केमिस्ट्री अच्छी रहेगी। मे अपनी जूनियर्स कों फैमिली कि तरह ट्रीट करती हूं। बहोत क्लोज सें। ”
रिया कां चेहरा हल्का लाल हौ गय़ा थां। स्वाती कि सेडक्टिव येट प्रोफेशनल प्रेजेंस, उनकी कॉन्फिडेंट मुस्कान, उनकी गहरी आवाज़ औऱ हल्के स्पर्शों नें रिया कों अंदर तक प्रभावित कर दिया थां। वो महसूस कररही थि कि स्वाती मैम केवलबॉस नहि, बल्कि एक् इंस्पायरिंग औऱ केयरिंग मेंटर भि हें।
स्वाती नें इंटरव्यू कों फॉर्मली क्लोज किया। “तोँ रिया, कल सें जॉइनकर सकती हौ? मे स्वयं तुम्हें इंडक्ट करूँगी। ”
“जीमैम। थैंकयू सोमच, ” रिया नें कहा। उसकी आवाज़ मे जेनुइन एक्साइटमेंट थां।
जब रिया उठकर दरवाजे कि तरफ गई, स्वाती भि उसकेसंग कुछकदम चलीं। उन्होंने रिया केँ कंधे पर्र फिन सें हाथरखा औऱ धीरे-धीरे सें बोलीं, “कलआते वक़्त कम्फर्टेबल कपड़े पहनकर आनां। हम् लंबे वक्त तक संगकाम करेंगे। ”
रिया नें मुड़कर एक् अंतिम बार स्वाती कों देखा। स्वाती कि परिपक्व, हॉट औऱ कॉन्फिडेंट शख्सियत नें उसे पूरीतरह इंप्रेस कर दिया थां। वो केबिन सें बाहर् निकलते हुएसोच रही थि — “कितनी अमेजिंग लेडी हें स्वाती मैम। इतनी स्मार्ट, ब्यूटीफुल औऱ केयरिंग। उनकेसंग काम करनासच मे लकी होगा। ”
रिया केँ चेहरे पऱ एक् अनजानी सि मुस्कान थि औऱ उसके कदमों मे हल्की सि उत्तेजना। स्वाती दरवाजे पऱ खड़ीरह गईं, अपनी सेडक्टिव आँखों सें रिया कि जाती हुइ फिगर कों देखती रहीं। उनकी लिप्स पर्र एक् संतुष्ट मुस्कान थि। वे जानती थीं कि पहलाकदम बहोत अच्छा रहा हैं। अब आरामसे इस फ्रेश औऱ इनोसेंट लड़की कों अपने लगभग लाने कां खेल शुरुआत होँ चुका थां।
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Update 8
रिया एक् इंटर्न
अध्याय १: आकर्षण कि शुरुआत
रात कि उत्तेजित यादें औऱ सुभह कि तैयारी
रात — स्वाती केँ घऱ मे
रात केँ ११:४५बजे स्वाती अपने बेडरूम मे बेड पऱ अर्ध-नग्न लेटी हुईँ थीं। केवल एक् हल्की सिल्क नाइट गाउन पहनी थि जोँ उनकी भारी बूब्स केँ आधे हिस्से कों बड़ी मुश्किल सें कवरकर रही थि। आज कां पूरादिन उनकेमन मे घूमरहा थां। उन्होंने आँखें बंदकीं औऱ गहरी साँसली।
“आज रिया पूरीतरह मेरे कंट्रोल मे आँ गई थि। जब मे सोफा पर्र उसकेबगल मे बैठी थि, मेरी जाँघ उसकी सॉफ्ट जाँघ सें पूरीतरह सट गई थि। उसकी साँसें भारी होँ रहीथीं। औऱ जब मैंने दोनों हाथऊपर करके स्ट्रेच किया, मेरी सेक्सी आर्मपिट्स उसके चेहरे केँ बिल्कुल सामने थीं। ट्रिम्ड बालों वाली, हल्की पसीने वाली। रिया बार-बार वहादेख रही थि। उसकीनाक फड़करही थि, जैसे वोँ मेरे पसीने कि मादकमहक कों अंदर लें रही होँ। ”
स्वाती नें अपनी बाईं आर्मपिट कों अपनीनाक केँ पास लाकर गहरी साँसली।
“मम्म.आज उसके जवान शरीर सें भि मस्त स्वीट सि स्मेल आँ रही थि। जब मे उसके पीछे खड़ी होकर झुकी थि, मेरी हेवी सॉफ्ट बूब्स उसकीपीठ कों टचकररही थीं। उसकीकमर पर्र मेरी उँगलियाँ घुमाते हुए मैंने महसूस किया कि उसकी स्किन कितनी गरम होँ रही थि। लञ्च वक्त मे जब मैंने उसके मुँह केँ पास उँगली लाकर खानां साफ करके चाटा, तोँ उसके होंठ थोड़े खुलेरह गए थें। कितनी इनोसेंट औऱ संवेदनशील हैं मेरीये कच्ची कली। ”
स्वाती कि साँसें तेज हौ गईं। उन्होंने अपनी जाँघें रगड़ते हुए कल्पना जारीरखी — “कल मे उसे औऱ पास खींचूँगी। उसे अपनीगोद मे बिठाकर बाल सहलाऊँगी। आरामसे उसकी गर्दन, उसकेकान, औऱ फिन। उसकी सॉफ्ट बूब्स कों टच करूँगी। वो अभि तक नहि जानती कि औरतो कां फोरप्ले कितना गहरा, उत्तेजक औऱ संवेदनशील हौ सकता हैं। ”
स्वाती बेचैनी सें करवटबदल रहीथीं। नींद नहि आँ रही थि। बदन मे हल्की उत्तेजना थि। आखिरकार थकान केँ कारणवे सोगईं, मगर सपनों मे भि रिया कि जवान जिस्म औऱ शर्मीली आँखें घूमरही थीं।
रात — रिया केँ घऱ मे
रिया अपनेबेड पऱ लेटी हुइ थि। आज कां दिन उसकेलिए बिल्कुल नया अनुभव थां। वो बार-बार करवटबदल रही थि। उसके जिस्म मे एक् अनजानी सि गर्माहट थि।
“स्वाती मैमआज कितनी सम्मोहक लगरही थीं। वोँ डीपनेक स्लीवलेस टॉप, उनकी भारी औऱ गोल बूब्स जौ हरबार झुकते टाइम औऱ भि प्रॉमिनेंट हौ जातीथीं। औऱ उनकी आर्मपिट्स। वाउ। जब उन्होंने हाथऊपर किया, वोँ नाइसली ट्रिम्ड छोटेबाल, गोरी स्किन औऱ वोँ हल्की मादक स्मेल। मुझे बार-बार उसतरफ देख्ना पड़रहा थां। वोँ स्मेल कितनी नशीली थि, न् ज़्यादा स्ट्रॉन्ग, बस एडिक्टिव। ”
रिया नें तकिए कों सीने सें चिपका लिया।
“पूरेदिन उन्होंने मुझेछुआ। कंधे पर्र हाथ, जाँघ सें जाँघ सटाना, पीठ पर्र उँगलियाँ, गर्दन पऱ हल्का टच.जबवे मेरे पीछे खड़ी हुईं तोँ उनकीगरम बूब्स मेरीपीठ कों दबारही थीं। मुझे अच्छा लगरहा थां, लज्जा भि आँ रही थि। उनकी आवाज़, उनकी कॉन्फिडेंट मुस्कान, औऱ वोँ परिपक्व जिस्म। मे पूरेदिन उनके लगभग रहना चाहती थि। दोपहर का खानासमय मे जब उन्होंने मेरे मुँह केँ पास उँगली लाकर खानां साफ किया, तौ मेरेहोश उड़गए थें। ”
रिया कि साँसें भारी होँ रहीथीं। वो बेचैनी सें बेड पऱ पसर गई।
“कलफिन उनकेसंग अकेले रहना हैं। मे उनकेपास औऱ क्लोज बैठना चाहती हूं। उनकीगंध फिन सें महसूस करना चाहती हूं। उनकी आर्मपिट्स देख्ना चाहती हूं। पता नहि क्यूं, मगर मुझे बहोत अच्छा लगरहा हैं। स्वाती मैम मुझे नॉर्मल सीनियर नहि लगतीं। कुछखास हें। ”
रिया भि बहोत देर तक बेचैन रही। नींदआने मे बहुत वक़्त लगा। उसके सपनों मे स्वाती मैम कि कामुक स्माइल्स, उनके वोँ स्पर्श, उनके जिस्म कि गर्माहट घूमरही थि।
अगली सुभह — स्वाती केँ घऱ मे
स्वाती सुभह उठीं औऱ आईने केँ सामने खड़ी होँ गईं। आज उन्होंने एक् सेक्सी मेहरून स्लीवलेस टॉप चुना जोँ उनकी भारी बूब्स कों हुस्न सें उभाररहा थां। उन्होंने आर्मपिट्स कों अच्छे सें क्लीन कियामगर हल्के ट्रिम्ड बाल छोड़दिए।
“आज रिया कों औऱ आगे लेँ जानां हैं। वो कल पूरीतरह आकर्षित हौ गयीँ, थि। आज मे उसे औऱ अधिक स्पर्श औऱ नज़दीकी दूँगी, ” स्वाती नें मुस्कुराते हुए सोचा। वे सजधजकर होकर दफ़्तर केँ लिए निकल पड़ीं।
अगली सुभह — रिया केँ घऱ मे
रियाआज थोडा अलग फैसला करके सजधजकर होँ रही थि। कल स्वाती मैम कि स्लीवलेस टॉप देखकर उसे भि ख़्वाहिश हुई थि। उसने अपनी वॉर्डरोब खोली औऱ एक् लाइट पिंक स्लीवलेस टॉप निकाला जौ उसकी जवान सि-कप बूब्स, पतलीकमर औऱ स्मूद अंडरआर्म्स कों अच्छे सें दिखारहा थां।
“आज मे भि स्लीवलेस पहनूँगी। स्वाती मैम कों देखकर अच्छा लगेगा। मुझे भि कम्फर्टेबल फील होगा, ” रिया नें मन मे सोचा।
आईने केँ सामने खड़े होकर वो अपनी आर्मपिट्स देखरही थि — स्मूद औऱ फ्रेश। “मैम कि तरह मेरी भि अच्छी स्मेल आएगी। आज उनकेसंग औऱ क्लोज रहूँगी। कल वाले स्पर्श कि याद आँ रही हैं। हाय्ययय कितनी बेचैन हौ रहीहु मे। ”
रिया नें अपनाबैग उठाया। उसके चेहरे पऱ लज्जा, उत्सुकता औऱ नई एगरनेस थि। वो दफ़्तर जाने केँ लिए रेडी थि।
दफ़्तर पहुँचकर
स्वाती अपनी केबिन मे थीं। रिया नें दरवाजा नॉक किया औऱ अंदरआई। स्वाती नें रिया कों स्लीवलेस टॉप मे देखा तौ उसकी आँखें चमक उठीं।
“वाउ रिया.आज तुम् बहोत सेक्सी औऱ ब्यूटीफुल लगरही हौ स्वीटहार्ट, ” स्वाती नें मुस्कुराते हुएकहा।
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