प्यास जोँ बढ़ती हि जाये – New Episode
Update 12
रिया एक् इंटर्न
अध्याय २: नियंत्रण कि ओर
साम कि गहराती प्यास
साम केँ सातबज चुके थें। स्वाती नें केबिन कि लाइट्स औऱ भि धीमीकर दि थीं। अब कमरे मे केवल एक् नरम, गुलाबी रोशनी रह गई थि जौ दोनों केँ चेहरे औऱ जिस्म पऱ एक् मादकआभा बिखेर रही थि।
स्वाती नें रिया कों अपनीगोद मे औऱ गहराई सें खींच लिया। रियाअब पूरीतरह स्वाती कि जाँघों पर्र लेटी हुइ थि, उसकीपीठ स्वाती कि भारी छाती सें सटी हुइ। स्वाती कि एक् हाथ रिया कि पतलीकमर पर्र कसकर पकड़ा हुआ थां, दूसरा हाथ उसके कंधे औऱ गर्दन कों सहलारहा थां।
“रिया.” स्वाती नें रिया केँ कान मे बहोत धीरे-धीरे औऱ गहरी आवाज़ मे फुसफुसाया, “तुम् आज पूरेदिन मेरी होकररही हौ। औऱ मुझेयह बहोत पसन्द आँ रहा हैं। ”
रिया नें शर्माते हुए स्वाती कि तरफ देखा। स्वाती नें धीरे-धीरे सें आगे झुककर रिया कि माथे पर्र एक् नरम, गरम चुंबन दिया। फिन उसके दोनों गालों पऱ आरामसे चुंबन बरसाए। रिया कि साँसें भारी होँ गईं।
स्वाती नें रिया कि ठोड़ी कों उँगली सें ऊपर उठाया औऱ पहलीबार उसके होंठों पर्र अपनेहोठ रखदिए। येकिस बहोत gentle जेंटल थां, मगर गहरा। स्वाती नें रिया केँ निचले होंठ कों धीरे-धीरे सें चूसा, फिन अपनीजीभ सें उसके ऊपरी होंठ कों सहलाया। रिया नें भि काँपते हुए स्वाती केँ होंठों कों रिस्पॉन्ड किया। दोनों कि साँसें एक्-दूसरे मे घुलगईं।
कुछदेर बाद स्वाती नें किस तोड़ा औऱ रिया कि गर्दन पर्र मुँह लेँ गई। वहा उसने हल्के-हल्के चुंबन दिए, फिन जीभ सें गर्दन कों सहलाया। रिया सिहरउठी औऱ स्वाती कि कमर कों औऱ कसकर पकड़ लिया।
दूसरा किस
स्वाती नें फिन सें रिया केँ होंठों पर्र कब्जा कर लिया। इस बारकिस थोडा गहरा औऱ आक्रामक थां। स्वाती कि जीभ रिया केँ मुँह मे घुस गई औऱ आहिस्ता उसकीजीभ सें खेलने लगी। एक् हाथ सें स्वाती रिया कि ब्रेस्ट केँ ऊपर वाले हिस्से कों हल्का-हल्का दबारही थीं, उँगलियों सें निप्पल केँ ऊपर वाले कपड़े कों सहलारही थीं।
“अहह। सस्सस्स….” रिया कि कराह स्वाती केँ मुँह मे घुल गई।
स्वाती नें किस तोड़ते हुए रिया कि आर्मपिट केँ पासनाक लें जाकर गहरी साँसली औऱ फुसफुसाईं, “तुम्हारी खुशबू मुझे पागलकर रही हैं बेटा.”
तीसरा किस औऱ हल्का फोरप्ले
स्वाती नें रिया कों अपनीगोद मे घुमाकर उसका चेहरा अपनीतरफ किया। अब दोनों एक्-दूसरे केँ बहोत लगभग थें। स्वाती नें रिया कि आर्मपिट कों हल्का सां चाटा, फिन उसके होंठों पर्र फिन सें गहराकिस किया। इस बार स्वाती कि दूसरी हाथ रिया कि जाँघ केँ अंदरूनी हिस्से पऱ सरक गई थि औऱ आरामसे सहलारही थि।
रिया पूरीतरह पिघल चुकी थि। उसकी साँसें तेज हौ रहीथीं औऱ वो स्वाती कि छाती सें चिपकी हुई कराहरही थि।
स्वाती नें रिया केँ कान मे फुसफुसाते हुएकहा, “कल मे तुम्हें क्लाइंट विजिट पर्र लेँ जारही हूं। मगरअसल मे वोँ केवल बहाने हैं। हम् दोनों अकेले रहेंगे। पूरादिन। एक् एक्स्ट्रा ड्रेस लेकर आनां। क्योंकि शायदरात कों वापस न् आएँ। घऱ पे बता देना कि तुम् मेरेसंग क्लाइंट विजिट केँ लिए मुंबई जारही होँ |”
रिया नें आँखें खोलकर स्वाती कों देखा। स्वाती नें मुस्कुराते हुए रिया कि नाक पऱ हल्का किस किया औऱ बोलीं,
“कल मे तुम्हें पूरीतरह चखना चाहती हूं रिया। तुम्हारी हर स्थान। तुम्हारी ब्रेस्ट्स, तुम्हारी आर्मपिट्स, तुम्हारी जाँघें। औऱ तुम्हारी वोँ कोरी करारी, गीली बुर भि। मे तुम्हें अपनीजीभ सें, उँगलियों सें औऱ अपने पूरे जिस्म सें महसूस करना चाहती हूं। सजधजकर होँ नाँ मेरीजान?”
रिया लज्जा औऱ उत्तेजना सें लाल हौ गई। वो बस स्वाती कि छाती मे चेहरा छिपाकर हल्के सें सिर हिला दि।
स्वाती नें रिया कों औऱ कसकरगले लगा लिया औऱ उसकेकान मे धीरे-धीरे सें कहा, “अब घऱजाओ। कल दफ़्तर आते हि मुझे मैसेज करना। मे प्रतीक्षा कररही हूं। ”
दोनों देर तक एक्-दूसरे कों गले लगाए बैठी रहीं। स्वाती केँ मन मे कल कां पूरा प्लान बन चुका थां — कि कलइसे अपनेघऱ लेँ जाएगी, वैसे भि घऱ मे कोई नहि, स्वाति अभि अकेली हैं औऱ दोतीन दिनकोई आनेवाला भि नहि।। वो रिया कों फुरसत सें चखना चाहती थि।। कल कां पूरादिन औऱ रात भि।
स्वाती नें रिया कों अपनीगोद मे औऱ भि धीरे-धीरे सुला लिया। रियाअब स्वाती कि छाती पर्र सिररखे लेटी हुईँ थि। स्वाती कि एक् हाथ रिया कि कमर पऱ थि औऱ दूसरा हाथ उसके बालों मे आरामसे घूमरहा थां। कमरे मे मात्र नरम रोशनी थि औऱ दोनों केँ बीच गहरी खामोशी छाई हुईँ थि।
स्वाती नें रिया केँ बालों कों सहलाते हुएनरम मगर क्यूरियस लहजे मे पूछा,
“रिया। बताओ नां स्वीटहार्ट, तुम्हारे घऱ मे कौन-कौन हैं? तुम्हारे बारे मे मुझे औऱ जानना हैं। ”
रिया नें स्वाती कि छाती पऱ अपना चेहरा हल्का सां दबाया, शरमाते हुए बोलीं, “मेरी माँ हें औऱ। मेरा ट्विन भइया हैं। ”
स्वाती कि आँखों मे दिलचस्पी बढ़ गई। उन्होंने रिया कि गर्दन पर्र हल्का सां किस किया औऱ पूछा, “ट्विन भइया?वाउ। वोँ तुमसे कितना बड़ा हैं?”
“बसकुछ मिनट। वोँ मुझसे थोडा बड़ा हैं। हम् दोनों एक् संग पैदाहुए थें, ” रिया नें धीरे-धीरे सें बताया।
स्वाती नें रिया कि कमर पऱ उँगलियाँ हल्के सें दबाते हुए पूछा, “औऱ पिताजी?”
रियाकुछ लम्हा चुपरही। फिन धीरे-धीरे सें बोलि, “पिताजी नें जब मे ९साल कि थि, मां कों छोड़ दिया थां। उसकेबाद कोई कॉन्टैक्ट नहि हैं। मां नें अकेले हि हमें पाला हैं। ”
स्वाती कि आँखों मे सहानुभूति औऱ प्रेम उभरा। उन्होंने रिया कों औऱ कसकरगले लगा लिया औऱ उसके माथे पर्र गहरा चुंबन दिया।
“ओह माय ब्रेव गर्ल। कितना मुश्किल रहा होगा तुम्हारे लिए। मगर देखो, तुम् कितनी स्ट्रांग औऱ मीठी होँ गई होँ, ” स्वाती नें रिया कि आर्मपिट केँ पासनाक लें जाकर गहरी साँसली औऱ फुसफुसाया, “मुझे तुम् औऱ भि अधिक प्यारी लगरही होँ अब। ”
थोड़ी देरबाद स्वाती नें मुस्कुराते हुए पूछा, “औऱ। कोई बॉयफ्रेंड? किसी लड़के सें प्रेम-व्यार हुआकभी?”
रिया शरमा गई। उसका चेहरा स्वाती कि छाती मे औऱ गाड़ गय़ा। वो धीरे-धीरे सें बोलि,
“नहि मैम.कभी नहि। मैंने कभी किसी लड़के कों मनपसंद भि नहि किया। पढ़ाई औऱ घऱ पऱ माँ कि सहायता करने मे हि वक़्त निकल जाता थां। ”
स्वाती केँ होंठों पऱ एक् संतुष्ट औऱ कामुक मुस्कान फैल गई। उन्होंने रिया कां चेहरा ऊपर उठाया, उसकी आँखों मे गहरीनजर डाली औऱ बोलीं,
“उम्मम्मम्मम्म.बहोत बढ़िया। मतलब येकोरी करारी जवानी, यह सारी प्यास, यह सारा ताजामाल। केवल मेरेलिए हैं। ”
स्वाती नें रिया केँ होंठों पऱ फिन सें गहराकिस किया। इस बारकिस मे स्वामित्व औऱ भूख ज़्यादा थि। किस केँ बीच उन्होंने रिया कि ब्रेस्ट कों हल्का सां दबाया औऱ फुसफुसाया,
“कल सें तुम् पूरीतरह मेरी हौ जाओगी रिया। मे तुम्हें वोँ मजे दूँगी जौ किसी लड़के केँ संग नहि मिलेगा। सिवाय तेरे पहले प्यारसे | ”
रिया नें बस स्वाती कि छाती सें चिपककर हल्के सें सिर हिला दिया। उसकी साँसें भारी होँ चुकीथीं।
स्वाती मन हि मन बहोत खुशथीं। रिया कां कोई बॉयफ्रेंड न् होना, छोटासा परिवार सभीकुछ स्वाती केँ प्लान मे पूरीतरह स्लिम बैठरहा थां। अब रिया कों भावनात्मक औऱ शारीरिक रूप सें पूरीतरह अपनी बनाने मे अधिक टाइम नहि लगेगा।
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नमस्कार मेरे प्यारे रीडर्स,
मे आप् सबसे खुलकर कुछबात करना चाहती हूं।
मुझे personally lesbian seduction बहोत मनपसंद हैं, इसलिये मैंने स्वाती औऱ रिया कि स्टोरी कों बहोत गहराई सें, बहोत आरामसे औऱ detail मे लिखा। मैंने इस lesbian journey कों कम सें कम 35 अपडेट्स तक लें जाने कां प्लान किया थां। मगर मुझेकुछ रीडर्स केँ फीडबैक सें पताचला कि शायद सबको इतना लंबा lesbian part उतना पसन्द नहि आँ रहा जितना मुझेआता हैं।
इसलिये मैंने अपना प्लान थोडा बदल दिया हैं।
रिया वालीकथा अब जल्द समाप्त होने वाली हैं। अगले २-३ अपडेट्स मे रिया केँ संग स्वाती कां चैप्टर पूरा हौ जाएगा। उसकेबाद स्वाती अपनी अगली adventure पऱ जाएंगी, जिसमें अलग-अलग प्रकार कि स्टोरीज़, रोमांस, इंसेस्ट, औऱ औऱ भि कई एक्साइटिंग एलिमेंट्स आएंगे।
जोँ लोगइस lesbian seduction part कों enjoy कररहे हें, उनकेलिए मे थैंकयू कहती हूं। औऱ जौ लोग प्रतीक्षा कररहे हें कि किस्सा आगे बढ़े, उन्हें भि जल्द हि नई चीजें मिलने वाली हें।
आपकीराय मुझे हमेशा मोटिवेट करती हैं, इसलिये कमेंट मे जरूर बताइए —आपको Swati-Riya कि lesbian kahani कैसी लगी?औऱ आगे क्याँ देख्ना चाहते हौ?
आपका प्रेम औऱ सपोर्ट हि मुझे लिखने कि प्रेरणा देता हैं
धन्यवादआपकी लेखिका
(स्वाती कि स्टोरी जारी रहेगी.)
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Update 13
रिया एक् इंटर्न
अध्याय ३: स्वाती कां घऱ – पहलीबार पूरीतरह अकेले
दफ़्तर केँ बाहर् कि मुलाकात
रियाआज दफ़्तर बहोत उत्साह औऱ बेचैनी केँ संगआई थि। उसने अपनी सबसे अच्छी लाइटपीच कलर कि स्लीवलेस टॉप औऱ एक् हसीन स्कर्ट पहनी थि। उसके कदमों मे हल्की फुरती थि औऱ चेहरे पऱ लज्जा केँ संग-संग एक् अनजानी उत्तेजना थि। कल स्वाती मैम नें जोँ कहा थां — “कल मे तुम्हें पूरीतरह चखना चाहती हूं” — वोँ वाक्य रातभर उसके दिमाग़ मे घूमता रहा थां।
जैसे हि वो दफ़्तर बिल्डिंग केँ मुख्य गेट पर्र पहुँची, उसने देखा कि स्वाती मैम गाड़ी लेकर बाहर् खड़ी हें। स्वाती नें आज एक् फॉर्मल पैंट पहनीथीं। उनकी भारी छातीटॉप मे औऱ भि उभारकर दिखरही थि।
स्वाती नें गाड़ी कि खिड़की सें मुस्कुराते हुए इशारा किया। रिया तेजी सें गाड़ी कि तरफ गई।
“गुड मॉर्निंग स्वीटहार्ट ” स्वाती नें मुस्कुराते हुएकहा औऱ रिया कों अंदर बिठा लिया।
रिया जैसे हि बैठी, स्वाती नें जल्दी आगे झुककर उसके होंठों पऱ एक् गहराकिस कर लिया। रिया चौंक गई मगर स्वाती कि जीभ पहले हि उसके मुँह मे घुस चुकी थि। कुछ सेकंड तक गहराकिस चलतारहा।
“मैम। दफ़्तर.” रिया नें शर्माते हुए फुसफुसाया।
स्वाती हँसीं औऱ वाहन स्टार्ट करदीं। “आज दफ़्तर नहि जानां हैं बेटा। ”
स्वाती नें जल्दी अपना मोबाइल निकाला औऱ दफ़्तर केँ hour कों फोनकर दिया।
“हेलो, स्वाती बोलरही हूं। मे औऱ रियाआज एक् इम्पोर्टेन्ट क्लाइंट मीटिंग केँ लिएजा रहे हें। शायदलेट हौ जाएँ। अगर जरूरत पड़ी तौ साम तक आँ जाएँगे। ठीक हैं?”
कॉलआई कटते हि स्वाती नें रिया कि जाँघ पऱ हाथरख दिया औऱ आरामसे सहलाने लगीं।
“आज पूरादिन केवल तुम् औऱ मे। मेरेघऱ पर्र। ”
करीब-करीब ४० मिनटबाद स्वाती कि शानदार लग्जरी बंगलो केँ अंदर दोनों घुसीं। जैसे हि दरवाजा बंदहुआ, स्वाती नें रिया कों दीवार सें सटा दिया।
“अब कोई हम् दोनों कों कोई डिस्टर्ब नहि। करनेवाला.” स्वाती नें हस्की आवाज़ मे कहा।
उसने रिया कों दोनों हाथों सें जकड़ लिया औऱ उसके होंठों पर्र भूखेपन सें किस किया। इस बारकिस बहोत गहरा औऱ लंबा थां। स्वाती कि जीभ रिया केँ मुँह मे घूमरही थि, उसके होंठचूस रही थि। रिया कि साँसें पूरीतरह भारी हौ चुकीथीं।
स्वाती नें किस तोड़कर रिया कि गर्दन पऱ मुँह लेँ जाया। वहा उन्होंने जीभ सें लंबा स्टोर्क लगाया, फिन हल्के-हल्के चुंबन दिए। रिया सिहरउठी औऱ स्वाती कि कमर कों पकड़ लिया।
“अहह। मैम.” रिया कि सिसकी निकल गई।
स्वाती नें रिया कि स्लीवलेस टॉप केँ ऊपर सें हि उसकी उरोजो कों दोनों हाथों सें दबाया। उँगलियों सें निप्पल वाले हिस्से कों हल्का-हल्का सहलाया। फिन उन्होंने रिया कि गर्दन, कॉलरबोन औऱ कान केँ नीचे लगातार चाटना औऱ चूमना जारीरखी।
स्वाती कि भारी छाती रिया कि छाती सें लगातार रगड़खा रही थि। स्वाती नें जानबूझकर अपनी आर्मपिट रिया केँ चेहरे केँ पासलाई औऱ फुसफुसाया,
“सूँघो। मेरीजान…। आज मेरी खुशबू तुम्हारे लिए हि हैं। ”
रिया नें आँखें बंद करके स्वाती कि आर्मपिट मे नाक गाड़ दि औऱ गहरी साँसली। स्वाती नें रिया केँ बालों कों सहलाते हुए उसकेकान मे कहा,
“आज मे तुम्हें चखूँगी। आहिस्ता। मगर अभि कपड़े नहि उतारूँगी। मे चाहती हूं कि तुम् पूरीतरह तरसजाओ.”
स्वाती फिन सें रिया केँ होंठों पर्र टूट पड़ीं। इसबार उनकाकिस औऱ भि भूखा थां। उनकी उँगलियाँ रिया कि स्कर्ट केँ ऊपर सें जाँघों कों सहलारही थीं, मगर अभि मात्र फोरप्ले चलरहा थां।
रिया पूरीतरह स्वाती केँ नियंत्रण मे थि — काँपती हुई, भीगी हुइ औऱ बेसब्री सें प्रतीक्षा करती हुइ कि स्वाती उसे औऱ आगे लेँ जाएँ।
स्वाती नें रिया कों दीवार सें हटाकर हॉल केँ बड़े लक्ज़री सोफे कि तरफ लें गईं। जैसे हि दोनों सोफे पऱ बैठीं, स्वाती नें रिया कों अपनीगोद मे खींच लिया औऱ इसबार किस बिल्कुल वाइल्ड औऱ भूखा हौ गय़ा।
स्वाती नें रिया केँ बालों कों मुट्ठी मे भरकर उसकासिर पीछे झुका दिया औऱ उसके होंठों पर्र जोर सें चिपटगईं। उनकीजीभ रिया केँ मुँह मे घुसकर तेजी सें घूमने लगी। रिया कि जीभ सें उलझकर चूसने लगी। किस इतना गहरा औऱ जंगली थां कि दोनों केँ मुँह सें सलाइवा कि धार निकलरही थि।
“म्म्मह्ह। उम्मम्मम्मम…….” रिया कि कराह स्वाती केँ मुँह मे घुल गई।
स्वाती नें किस तोड़ते हुए रिया कि गर्दन पर्र दाँत गड़ादिए औऱ जोर सें चूसने लगीं। फिन उन्होंने रिया कां चेहरा ऊपर किया औऱ फुसफुसाया,
“आज तेरीहर स्थान चाटूँगी मेरी रंडी.”
स्वाती नें रिया कां बायाँ हाथ उठाया औऱ उसकी रसीले आर्मपिट कों अपनीनाक सें रगड़ते हुए गहरी साँसली। फिन अपनीगरम, गीलीजीभ निकालकर रिया कि आर्मपिट कों लंबे-लंबे स्ट्रोक्स मे चाटने लगीं।
“आह्ह्ह। उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़……… मैम.!” रियाजोर सें आह औऱ स्वाती कि कमर कों कसकर पकड़ लिया।
स्वाती नें रिया कि आर्मपिट कों चाटते हुएकहा, “मम्म। कितनी मस्त हैं तेरी आर्मपिट कि स्मेल। एकदम ताजा औऱ नशीली। मे इसे घंटों चाट सकती हूं.”
वे रिया कि आर्मपिट कों जीभ सें पूरीतरह गीलाकर रहीथीं — ऊपर सें नीचे, किनारों सें बीच तक। फिन उन्होंने रिया कि दूसरी आर्मपिट कों भि उसीतरह चाटा। रियाअब कराहरही थि,
“हाय। स्वाती मैम.यह। बहोत। गरमलग रहा हैं। आह्ह्ह.”
स्वाती नें रिया कों सोफे पऱ लिटा दिया औऱ स्वयं उसकेऊपर आँ गईं। उनकी भारी छाती रिया कि छाती पऱ पूरीतरह दबरही थि। उन्होंने फिन सें रिया केँ होंठों पऱ वाइल्ड किस किया, इस बार इतनाजोर सें कि दोनों कि साँसें एक्-दूसरे मे घुलगईं।
“तेरी बुर कितनी गीली होँ रही होगी मेरीजान.” स्वाती नें रिया कि स्कर्ट केँ ऊपर सें जाँघों केँ बीचहाथ फेरते हुएकहा, “मुझे तेरी बुर चखने कां मनकररहा हैं। मगर अभि नहि। पहले तुझेही तरसाऊँगी.”
स्वाती नें रिया कि गर्दन, ब्रेस्ट केँ ऊपरी हिस्से औऱ फिन वापस आर्मपिट्स कों चाटना जारीरखा। उनकीजीभ हर स्थान गीली लकीरें छोड़रही थि। रियाअब बेकाबू हौ चुकी थि। वो स्वाती कि पीठ पर्र नाखून गाड़रही थि औऱ बार-बार सिसकार रही थि,
“मैम। प्लीज। मुझे। औऱ। आह्ह्ह। आपकीजीभ। बहोत अच्छी लगरही हैं.”
स्वाती नें रिया केँ बालों कों मुट्ठी मे भरकर उसकासिर पीछे झुका दिया औऱ उसके होंठों पऱ जोर सें चिपटगईं। उनकीजीभ रिया केँ मुँह मे घुसकर तेजी सें घूमने लगी। रिया कि जीभ सें उलझकर चूसने लगीं। किस इतना गहरा औऱ जंगली थां कि दोनों केँ मुँह सें सलाइवा कि धार निकलरही थि।
“म्म्मह्ह। ओह्ह.” रिया कि हल्की चीख स्वाती केँ मुँह मे घुल गई।
स्वाती नें किस तोड़ते हुए रिया कि गर्दन पऱ दाँत गड़ादिए औऱ जोर सें चूसने लगीं। फिन उन्होंने रिया कां चेहरा ऊपर किया औऱ भूखी नजरों सें देखते हुए फुसफुसाया,
रसीले स्ट्रोक्स “तेरीजीभ, औऱ तेरा मुखरस बहुत मीठा हैं।। मेरीजान। मे इसे घंटों चूसना चाहती हूं.”
स्वाती नें फिन सें रिया केँ होंठों पऱ कब्जा कर लिया। इस बारकिस औऱ भि गहरा औऱ भूखा थां। स्वाती कि जीभ रिया केँ मुँह मे पूरीतरह घुस गई औऱ उसकीजीभ कों ज़ोर-ज़ोर सें चूसने लगी। दोनों कि जीभें एक्-दूसरे सें लड़रही थीं। स्वाती केँ मुँह सें रिया केँ मुँह मे सलाइवा टपकरहा थां। किस इतना गिला थां कि दोनों केँ होंठों औऱ ठोड़ी पऱ लारचमक रही थि।
“आह्ह्ह। उम्मम्मम्मम.” रिया कि आवाज़ स्वाती केँ मुँह मे दब गई।
स्वाती नें किस केँ बीच रिया कि ब्रेस्ट कों जोर सें दबाया औऱ फुसफुसाया, “चूस। मेरीजीभ कों चूस.हाँ। ऐसी हि। हाय। स्सस्सस्सस्सस्सस्स……। कितनी अच्छी लगरही हैं तेरीजीभ.”
रिया नें भि काँपते हुए स्वाती कि जीभ कों चूसना शुरुआत कर दिया। दोनों केँ मुँह सें गीली चूसने कि आवाजें गूँजरही थीं।
स्लर्प्प….स्लर्प्प….स्लुर्प्प…स्स्स्स्लिक। स्स्स्स्लिक.
स्वाती नें रिया कों सोफे पऱ लिटा दिया औऱ स्वयं उसकेऊपर आँ गईं। अब उन्होंने रिया केँ मुँह पऱ पूरा मुँहरख दिया। ये किस पूरारस लें लबालब थां। स्वाती कि जीभ रिया केँ मुँह मे बार-बार अंदर-बाहर् होँ रही थि, उसके होंठचूस रही थि, लार कों चाटरही थि। दोनों केँ मुँह सें सलाइवा कि धार निकलकर रिया कि ठोड़ी औऱ गर्दन पर्र बहरही थि।
“हाँआआ। जीभ अंदर। चाटो।। स्वाती मैम.मे पागल हौ रही। स्सस्सस्स। उफ्फ्फ्फ। अंदर तक। जिभ्ब्ब्ब। हाय.” रिया बेकाबू होकर कराहरही थि।
स्वाती नें किस तोड़ते हुए रिया कि आर्मपिट कों अपनीजीभ सें लंबे-लंबे स्ट्रोक्स मे चाटा औऱ गहरी साँसली,
“मम्म। तेरी आर्मपिट कि गंध। मुझे दीवाना बनारही हैं। मे इसे चाट-चाट केँ खा जानां चाहती हूं.”
स्वाती नें रिया कि दोनों आर्मपिट्स कों बारी-बारी सें चाटा, फिन वापस उसके होंठों पर्र टूट पड़ीं। इसबार किस औऱ भि गीला औऱ जंगली थां। स्वाती कि भारी छाती रिया कि छाती पर्र पूरीतरह दबरही थि।
“तेरी बुर कितनी गीली होँ रही होगी मेरी प्यासी रंडी.” स्वाती नें रिया कि स्कर्ट केँ ऊपर सें जाँघों केँ बीचहाथ फेरते हुएकहा, “मुझे तेरी बुर चखने कां बहोत मनकररहा हैं। मगर पहले तुम्हें तरसाऊँगी.”
रियाअब पूरीतरह बेसुध होँ चुकी थि। वो स्वाती कि पीठ पऱ नाखून गाड़रही थि औऱ बार-बार सिसकार रही थि,
“मैम। प्लीज। मुझे। औऱ। आह्ह्ह। आपकीजीभ। बहोत अच्छी लगरही हैं। मे। मे आपकी हूं.”
स्वाती नें मुस्कुराते हुए रिया कों उठाया औऱ बोलीं,
“चल.अब बेडरूम मे चलते हें। वहा मे तुम को औऱ आहिस्ता, औऱ गहराई सें चखूँगी.”
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