प्यास जोँ बढ़ती हि जाये – New Episode
Update 14
रिया एक् इंटर्न
अध्याय ३: स्वाती कां घऱ – पहलीबार पूरीतरह अकेले
बेडरूम – कपड़ों कां अंत
स्वाती नें रिया कां हाथ पकड़कर उसे बेडरूम मे लें आईं। रूम बड़ा, लग्जरी औऱ रोमांटिक थां। बड़ा किंग साइजबेड, सॉफ्ट गुलाबी लाइट्स, औऱ हल्की सि गंध फैली हुई थि। जैसे हि दरवाजा बंदहुआ, स्वाती नें रिया कों अपनेबदन सें चिपका लिया।
“अब कोई दुनिया नहि। केवल तुँ औऱ मे, ” स्वाती नें भूखी आवाज़ मे फुसफुसाया।
स्वाती नें रिया कि स्लीवलेस टॉप केँ किनारे पकड़े औऱ बहोत धीरे धीरे, जानबूझकर ऊपर खींचना शुरुआत किया। रिया कि गोरी, जवान स्किन आहिस्ता सामने आनेलगी। जबटॉप उसके ब्रेस्ट्स केँ ऊपर सें गुजरा, तौ रिया कि टाइट, गुलाबी सि -कप ब्रेस्ट्स बाहर् आँ गईं। स्वाती नें टॉप कों रिया केँ सिर सें निकाला औऱ फर्श पर्र फेंक दिया।
“आह। कितनी खूबसूरत, कितनी टाइट ब्रेस्ट्स हें तेरी.” स्वाती नें दोनों हाथों सें रिया कि ब्रेस्ट्स कों दबाते हुएकहा। फिन उन्होंने रिया कि दाईं ब्रेस्ट कों मुँह मे भर लिया औऱ जोर सें चूसने लगीं। जीभ सें निप्पल कों घुमाया, दाँतों सें हल्का काटा औऱ फिनजोर सें चूसा
“आह्ह्ह। स्वाती मैम। ओह्ह.” रिया सिसकार उठी, स्वाती केँ बालों कों अपनी मुट्ठी मे भर लिया।
स्वाती नें दूसरी ब्रेस्ट कों भि उसीतरह चूसते हुए रिया कि स्कर्ट कि जिपखोल दि। स्कर्ट पैरों सें नीचेसरक गई। अब रिया केवल एक् पतली, गीलीलेस वाली पैंटी मे खड़ी थि। स्वाती नें घुटनों पऱ बैठकर रिया कि जाँघों कों चाटा, फिन पैंटी केँ ऊपर सें हि बुर कों हल्का सां चूमा।
“मम्म। कितनी गीली होँ चुकी हैं मेरीकली.” स्वाती नें मुस्कुराते हुएकहा।
रिया नें काँपते हाथों सें स्वाती कि स्लीवलेस टॉप उतारी। स्वाती कि भारी, गोल ३६डी ब्रेस्ट्स बाहर् आँ गईं। रिया नें दोनों हाथों सें उन्हें दबाया औऱ बोलीं,
“मैम। आपकी ब्रेस्ट्स। इतनी भारी। इतनी सॉफ्ट.”
रिया नें स्वाती कि एक् ब्रेस्ट कों मुँह मे लें लिया औऱ जोर सें चूसने लगी। स्वाती कराह उठीं, “हाँ। जोर सें चूस बेटा। मेरी ब्रेस्ट्स कों अपनाबना लें। हम्म.”
स्वाती नें रिया कि पैंटी कों बहोत धीरे धीरे नीचे सरकाया। रिया कि कोरी करारी, गोरी गुलाबी, पूरीतरह गीली बुर सामने थि। स्वाती नें अपनीनाक रिया कि बुर केँ पास लें जाकर गहरी साँसली।
“आह। कितनी मस्त स्मेल हैं तेरी बुर कि.”
रिया नें स्वाती कि पैंट औऱ पैंटी उतार दि। अब दोनों पूरीतरह नंगीथीं। स्वाती नें रिया कों उठाकर बेड पऱ लिटा दिया औऱ स्वयं उसकेऊपर आँ गईं।
दोनों केँ नंगे जिस्म एक्-दूसरे सें पूरीतरह सटगए। स्वाती केँ भरेभरे उरोज रिया कि नन्ही चूचियों सें जोर सें रगड़खा रहेथीं। स्वाती नें रिया केँ होंठों पऱ फिन सें वाइल्ड किस किया। इस बारकिस इतना गहरा थां कि दोनों केँ मुँह सें लारटपक रही थि।
स्वाती नें रिया कि गर्दन चूसते हुएकहा, “आज तेरा पूरा शरीर मेरा हैं। तेरी ब्रेस्ट्स। तेरी आर्मपिट्स। तेरी जाँघें। औऱ यह गीली बुर भि। सभीकुछ मेरी हैं। ”
स्वाती नें रिया कि ब्रेस्ट्स कों जोर-शोर सें चूसना शुरुआत किया। निप्पल कों मुँह मे भरकरचूस रहीथीं, दाँतों सें खींचरही थीं। फिन नीचे जाकर रिया कि नाभि कों जीभ सें चाटा, जाँघों केँ अंदरूनी हिस्से कों चूमा औऱ अंत मे रिया कि बुर केँ ऊपर हल्का-हल्का चाटने लगीं।
रिया बेकाबू होकर कराहरही थि, “आह्ह्ह। मैम। प्लीज। औऱ चूसिए। आह। आपकीजीभ। बहोत अच्छी लगरही हैं। मे। मे झड़ने वाली हूं। आह्ह्ह.”
स्वाती नें मुस्कुराते हुए रिया कि जाँघें फैलाईं औऱ बोलीं,
“अभि नहि मेरीजान। अभि तोँ शुरुआत हैं.
स्वाती नें रिया कि जाँघें चौड़ी करके उसकेबीच मे अपना चेहरा रख दिया। रिया कि मलायम गुलाबी औऱ पूरीतरह गीली बुर स्वाती केँ मुँह केँ बिल्कुल सामने थि। स्वाती नें कुछसमय उसे केवल देखा, फिन गहरी साँसली।
“मम्म। कितनी खूबसूरत औऱ गीली बुर हैं तेरी.आज मे इसे पूरा चाट-चाट केँ खा जाऊँगी, ” स्वाती नें भूखी आवाज़ मे कहा।
स्वाती नें अपनीगरम जीभ निकाली औऱ रिया कि बुर केँ ऊपरी हिस्से सें लेकर नीचे तक एक् लंबा, गहरा चाटा।
“आह्ह्ह्ह्ह। स्वाती मैम.!” रियाजोर सें चीखी, उसका पूरा जिस्म काँपउठा।
स्वाती नें रिया कि क्लीट कों जीभ सें घुमाना शुरुआत किया। पहले धीरे धीरे सर्कल्स बनाती हुई, फिन तेजी सें चूसने लगीं।
“ओह्ह। उफ्फ.मैम। वहा। बहोत। आह्ह्ह.” रिया कि सिसकारियाँ कमरे मे गूँजरही थीं। उसने स्वाती केँ बालों कों मुट्ठी मे भर लिया औऱ अपनी जाँघें स्वाती केँ सिर केँ चारों तरफकस लीं।
स्वाती नें रिया कि बुर कों पूरीतरह मुँह मे लें लिया। जीभ अंदर डालकर अंदर-बाहर् करने लगीं, फिन क्लीट कों जोर-शोर सें चूसने लगीं। उनके मुँह सें चूसने औऱ चाटने कि गीली आवाजें पूरे बेडरूम मे भर गई थीं।
“तेरी बुर कां रस कितनामीठा हैं मेरीजान। मे इसे पी-पी केँ प्यास बुझा लूँगी, ” स्वाती नें बुर चाटते हुएकहा औऱ दो उँगलियाँ रिया कि टाईट बुर मे धीरे-धीरे सें डालदीं।
“आआह्ह्ह्ह। मैम। गहरी। औऱ गहरी। ओह्ह। आपकी उँगलियाँ। आह्ह्ह.” रिया बेकाबू होकर कराहरही थि। उसकीकमर ऊपर-नीचे होँ रही थि।
स्वाती नें उँगलियाँ तेजी सें अंदर-बाहर् करतेहुए क्लीट कों जीभ सें तेजी सें रगड़ना शुरुआत किया। रिया कि बुर सें रस निकलकर स्वाती केँ मुँह औऱ ठोड़ी पर्र बहरहा थां।
“हाँ.ऐसे हि चूसो। अह्ह। स्वाती मैम। मे। मे झड़ने वाली हूं। आह्ह्ह। प्लीज मत रुकिए। चूसिए मेरी बुर कों। आह्ह्ह्ह.”
स्वाती नें औऱ तेजी सें चाटना शुरुआत किया। उन्होंने रिया कि जाँघों कों कसकर पकड़रखा थां औऱ पूरीभूख केँ संग बुर कों चूसरही थीं।
“झड़ जा मेरी प्यासी रंडी। मेरे मुँह मे झड़जा। हाँ। पूरारस दे मुझे.” स्वाती नें गहरी आवाज़ मे कहा।
रिया कां बदन अचानक तन गय़ा। उसकी जाँघें काँपने लगीं।
“आआआह्ह्ह्ह। मैम। आँ रही हूं। आह्ह्ह्ह। स्वाती मैम। आह्ह्ह्ह्ह.!”
रियाजोर सें झड़ गई। उसकी बुर सें गर्मरस कि धार स्वाती केँ मुँह मे फूट पड़ी। स्वाती नें पूरारस चूस-चूस केँ पी लिया, जीभ सें अंतिम बूँद तक साफ किया।
रिया हाँफरही थि, उसकाबदन अभि भि छोटी-छोटी झुरझुरियों सें काँपरहा थां। स्वाती उसकेऊपर चढ़आईं, रिया केँ होंठों पर्र किस किया। रिया नें अपनारस स्वाती केँ मुँह सें चाट लिया।
“कैसालगा मेरीजान?” स्वाती नें मुस्कुराते हुए पूछा।
रिया नें शर्माते हुएमगर संतुष्ट स्वर मे कहा, “बहोत। बहोत अच्छा। मैम। मैंने कभीऐसा फील नहि किया.”
स्वाती नें रिया कों गले लगाते हुए उसकेकान मे फुसफुसाया,
“यह तौ शुरुआत थि स्वीटहार्ट.
दोनों कुछदेर तक एक्-दूसरे कों गले लगाए लेटी रहीं। स्वाती रिया केँ बालों मे उँगलियाँ फिरारही थीं। रिया स्वाती कि छाती पर्र सिररखे हुए हाँफरही थि। कमरे मे मात्र उनकी भारी साँसों कि आवाजें गूँजरही थीं।
स्वाती नें रिया केँ माथे पऱ प्रेम भरा चुंबन दिया औऱ नरम स्वर मे कहा, “कैसालगा मेरीजान? पहलीबार किसी नें तेरी बुर चाटी थि नां?”
रिया लज्जा सें स्वाती कि छाती मे चेहरा छिपाकर बोलीं, “बहोत। बहोत अच्छा लगामैम। मैंने कभी सोचा भि नहि थां कि। इतना आनंद आँ सकता हैं। ”
स्वाती मुस्कुराईं औऱ रिया कां चेहरा ऊपर उठाया। “अब तेरी बारी हैं स्वीटहार्ट। मुझे भि वही मज़ादे जौ मैंने तुम्हें दिया। आज तुँ मुझेचख। अपनीजीभ सें। अपनी उँगलियों सें.”
रिया शर्मा गई। उसकी आँखें झुकगईं। “मैम। मे। मैंने कभी नहि किया। मुझे नहि आएगा.”
स्वाती नें रिया केँ गाल कों सहलाते हुए प्रेम सें कहा, “डर मत बेटा। मे तुम्हे सभी सिखाऊँगी। तुँ बस मेरीबात मान। मे तेरी गाइड करूँगी। ”
स्वाती नें स्वयं कों बेड पऱ आहिस्ता लिटा लिया औऱ जाँघें थोड़ी फैलादीं। उसकी फूली हुयी औऱ रास सें भरी गीली बुर रिया केँ सामने थि।
“आँ। मेरेबीच मे आँ जा, ” स्वाती नें नरममगर अधिकारपूर्ण स्वर मे कहा।
रिया घुटनों केँ बल स्वाती कि जाँघों केँ बीचबैठ गई। वो नर्वस थि, मगर उत्सुक भि। स्वाती नें रिया कां सिर धीरे-धीरे सें अपनी बुर कि तरफ खींचा। “पहले अपनीनाक सें सूँघ। गहरी साँस लेँ.”
रिया नें झुककर स्वाती कि बुर केँ पासनाक लें जाकर गहरी साँसली। “मैम। आपकीगंध l। बहोत गरम औऱ नशीली हैं.”
“अबजीभ निकाल। आरामसे ऊपर सें नीचेचाट.” स्वाती नें निर्देश दिया।
रिया नें अपनीगरम जीभ निकाली औऱ स्वाती कि बुर केँ ऊपरी हिस्से सें लेकर नीचे तक एक् लंबा चटकारा लगाया।
“आह्ह्ह। हाँ.ऐसे हि। बहोत अच्छा लगरहा हैं.” स्वाती कराह उठीं।
रिया कों हौसला मिला। उसनेफिन सें लिक किया, इस बार थोडा जोर सें। स्वाती नें रिया केँ सिर कों अपनी जाँघों केँ बीच दबाते हुएकहा,
“अब क्लीट पर्र फोकसकर। वोँ छोटी सि गुलाबी स्थान। उसेचूस। हाँ.जोर सें चूस। आह्ह्ह.”
रिया नें स्वाती कि क्लीट कों होंठों मे लें लिया औऱ चूसने लगी। स्वाती कि कमरऊपर उठ गई।
“आह्ह्ह। हाँ। मेरीजान। औऱ तेज। अपनीजीभ घुमा। आह्ह्ह। कितनी अच्छी लगरही हैं तेरीजीभ.”
स्वाती नें रिया कां सिर पकड़कर अपनी बुर पऱ औऱ जोर सें दबाया। “अबजीभ अंदरडाल। हाँ। अंदर-बाहर् कर.चोद मेरी बुर कों अपनीजीभ सें। आह्ह्ह.”
रिया नें अपनीजीभ स्वाती कि बुर मे डालकर अंदर-बाहर् करना शुरुआत किया। स्वाती अब जोर-शोर सें कराहरही थीं,
“आह्ह्ह। रिया। बहोत अच्छा। तुँ मेरी अच्छी लड़की हैं। चूस। मेरी बुर कां पूरारस पी। आह्ह्ह। हाँ। औऱ तेज। मे झड़ने वाली हूं.”
रिया नें स्वाती कि क्लीट कों फिन सें चूसना शुरुआत किया औऱ दो उँगलियाँ भि अंदरडाल दीं। स्वाती कि जाँघें काँपने लगीं।
“आआह्ह्ह्ह। रिया.तेज। औऱ तेज। आह्ह्ह। मे आँ रही हूं। मेरेरस कों पी लें। आह्ह्ह्ह्ह.!”
स्वाती कां बदन अचानक तन गय़ा। उन्होंने रिया कां सिर अपनी बुर पर्र कसकर दबाया औऱ जोर सें झड़गईं। गर्मरस कि धार रिया केँ मुँह मे फूट पड़ी। रिया नें जितना होँ सका, चूस-चूस केँ पी लिया।
स्वाती हाँफते हुए रिया कों ऊपर घसीटकर अपने सीने सें चिपका लिया। दोनों कि साँसें एक्-दूसरे मे घुलरही थीं।
“बहोत अच्छी। मेरीजान। मेरी रानी.” स्वाती नें रिया केँ होंठों पर्र किस करतेहुए कहा, “अब तूँ पूरीतरह मेरी होँ गई हैं। ”
दोनों कुछदेर तक एक्-दूसरे कों गले लगाए लेटी रहीं। स्वाती रिया केँ बालों कों सहलारही थीं। रिया अभि भि हाँफरही थि।
स्वाती नें रिया केँ कान मे फुसफुसाया, “अब मे तुम्हे एक् नया मज़ा सिखाती हूं। जिसे सिक्सटी नाईन कहते हें। ”
रिया नें शरमाते हुए पूछा, “सिक्सटी नाईन। वोँ क्याँ हैं मैम?”
स्वाती मुस्कुराईं औऱ रिया कों चूमते हुए बोलीं, “वोँ पोजीशन जिसमें हम् दोनों एक् संग एक्-दूसरे कि बुर चाटेंगे। तूँ मेरी बुर चाटेगी औऱ मे तेरी। दोनों कों संग-संग मज़ा आएगा। ”
स्वाती नें रिया कों उठाकर बेड पऱ लिटा दिया औऱ स्वयं भि उसकेबगल मे लेटगईं।
“आँ। पहले तुँ मेरीतरफ सिर करकेलेट जा, ” स्वाती नें रिया कों गाइड किया। “हाँ। अब अपनी जाँघें मेरेसिर केँ दोनों तरफ फैला.”
रिया नें शर्माते हुए जाँघें फैलाईं। स्वाती नें रिया कि कमर पकड़कर उसेऊपर खींच लिया, ताकि रिया कि बुर स्वाती केँ मुँह केँ ठीकऊपर आँ जाए।
“अब तूँ भि मेरेऊपर आँ जा। अपनी बुर मेरे मुँह पर्र रख.हाँ। ऐसे.”
अब दोनों सिक्सटी नाईन पोजीशन मे थीं। स्वाती कि बुर रिया केँ मुँह केँ बिल्कुल सामने थि औऱ रिया कि बुर स्वाती केँ मुँह केँ ऊपर।
स्वाती नें रिया कि जाँघों कों सहलाते हुए निर्देश दिया, “अब अपनीजीभ निकाल। पहले मेरी बुर कों आहिस्ता लिककर। हाँ.ऊपर सें नीचे। ऊह्ह.हाँ। ऐसे हि.”
रिया नें अपनीजीभ निकालकर स्वाती कि गीली बुर कों चाटना शुरुआत किया।
“आह्ह्ह। बहोत अच्छा। अब क्लीट कों चूस.हाँ। जोर सें चूस मेरीजान। उम्म्म्म। हम्म.”
स्वाती नें भि रिया कि बुर कों जीभ सें चाटना शुरुआत कर दिया। दोनों कि सिसकारियाँ एक्-दूसरे कि बुर मे घुलरही थीं।
“उफ्फ.मैम। आपकी बुर। बहोत स्वीट हैं। आह्ह्ह.” रिया नें स्वाती कि क्लीट चूसते हुएकहा।
स्वाती नें रिया कि बुर मे जीभ डालकर अंदर-बाहर् करना शुरुआत किया औऱ बीच-बीच मे निर्देश देती रहीं,
“हाँ। अपनीजीभ अंदरडाल। तेज-तेज कर। आह्ह्ह। औऱ अपनी उँगलियाँ भि डाल.दो उँगलियाँ। हाँ.ऐसे। आह्ह्ह। बहोत अच्छा कररही हैं मेरी रंडी.”
रिया नें स्वाती कि बुर मे दो उँगलियाँ डालदीं औऱ तेजी सें अंदर-बाहर् करनेलगी, संग हि क्लीट कों चूसती रही।
स्वाती भि रिया कि बुर कों जोर-शोर सें चाटरही थीं। कमरे मे दोनों कि गीली चूसने कि आवाजें, सिसकारियाँ औऱ गहरी साँसें गूँजरही थीं।
“आह्ह्ह। रिया.तेज। औऱ तेज। मेरी बुर चूस। आह्ह्ह। मे फिन झड़ने वाली हूं। आह्ह्ह.”
रिया भि स्वाती कि उँगलियों औऱ जीभ सें पागल होँ रही थि, “मैम। आह्ह्ह। आपकीजीभ। बहोत गहरीजा रही हैं। आह्ह्ह। मे भि। आँ रही हूं। आह्ह्ह्ह.”
दोनों एक् संग तेजी सें झड़गईं। स्वाती कि बुर सें रस रिया केँ मुँह मे फूट पड़ा औऱ रिया कि बुर सें रस स्वाती केँ मुँह मे। दोनों नें एक्-दूसरे कां पूरारस चूस-चूस केँ पिया।
दोनों थककर एक्-दूसरे केँ बगल मे लेटगईं। स्वाती नें रिया कों अपनी बाहों मे भर लिया औऱ उसके माथे पऱ किस किया।
“बहोत अच्छी। मेरीजान। तूनेआज बहोत अच्छा सीखा। ”
रिया स्वाती कि छाती मे चेहरा छिपाकर शर्माते हुए बोलीं, “मैम। मुझे भि बहोत आनंदआया। मे। मे आपकी होँ गई हूं। पूरीतरह। ”
रियादो बारझड़ चुकी थि। उसका पूरा जिस्म पसीने सें तर थां औऱ साँसें अभि भि तेजचल रहीथीं। स्वाती नें रिया कों अपनी बाहों मे खींच लिया औऱ उसके माथे, गाल औऱ होंठों पऱ नरम-नरम चुंबन बरसाए।
“बस.अब थोडा आरामकर मेरीजान, ” स्वाती नें प्रेम सें कहा, “तेरी बुर कों अभि रेस्ट देती हूं। मगर बाकी जिस्म तोँ मेरा हैं नाँ?”
रिया नें हाँ मे सिर हिलाया, उसकी आँखें अभि भि खुशी सें बंदथीं।
स्वाती नें रिया कों बेड पऱ लिटा दिया औऱ स्वयं उसकेबगल मे लेट गई। फिन धीरे धीरे रिया केँ जिस्म कि पूजा शुरुआत कर दि।
स्वाती नें सबसे पहले रिया कि गर्दन पऱ मुँहरखा। जीभ सें लंबे-लंबे स्ट्रोक्स लगाते हुए चाटा, फिन दाँतों सें हल्का-हल्का काटा।
“आह्ह्ह। मैम.” रिया कि गर्दन तन गई।
“तेरी गर्दन कितनी नाजुक हैं। इसे चूसते हुए मुझे बहोत मज़ाआता हैं, ” स्वाती नें कहा औऱ गर्दन कों जोर सें चूसने लगीं, एक् हल्का निशान छोड़ दिया।
फिन स्वाती नीचेआईं। रिया कि दोनों ब्रेस्ट्स कों हाथों मे भर लिया।
“ऊह्ह.यह तेरे नन्हे बूब्स। कितनी टाइट औऱ तनेहुए हें.” स्वाती नें बाईं ब्रेस्ट कों मुँह मे भरकरजोर सें चूसा। निप्पल कों दाँतों सें खींचा, जीभ सें घुमाया।
“आआह्ह्ह। स्वाती मैम.आह। जोर सें। आह्ह्ह.” रिया कि सिसकारियाँ तेज हौ गईं।
स्वाती नें दाईं ब्रेस्ट कों भि वैसा हि ट्रीटमेंट दिया। निप्पल कों मुँह मे भरकरचूस रहीथीं, बीच-बीच मे हल्का काटरही थीं।
“मैम। मेरी ब्रेस्ट्स। आपकी हौ गई हें। आह्ह्ह। चूसिए। औऱ जोर सें। आह्ह्ह्ह.”
स्वाती नें रिया कि आर्मपिट्स पर्र ध्यान दिया। दोनों आर्मपिट्स कों बारी-बारी चाटा, जीभ सें गीला किया औऱ सूँघा।
“तेरी बगले। कितनी नशीली हें। मम्म.एकदम ताजा। मे इन्हें घंटों चाट सकती हूं, ” स्वाती नें कहा।
रियाअब कराहरही थि, “हम्म.मैम। वहा। बहोत। गुदगुदा रहा हैं। आह्ह्ह। आपकीजीभ। आह्ह्ह.”
स्वाती नें रिया कों पेट केँ बल लिटा दिया। उसकीपीठ, कमर औऱ कूल्हों कों चाटने लगीं। रिया कि कमर पर्र जीभ घुमाई, फिन दोनों गोल कूल्हों कों चूमा औऱ हल्का काटा।
“तेरी भारी गाँड। कितनी जूसी हैं। एक् दिनइसे भि पूरा चखूँगी, ” स्वाती नें कहा औऱ रिया केँ कूल्हों कों दोनों हाथों सें दबाया।
“आह्ह्ह। मैम। ओह्ह। काटिए। आह्ह्ह.” रिया तकिए मे मुँह दबाकर कराहरही थि।
स्वाती नें फिन रिया कों करवट देकर सामने किया। अब उन्होंने रिया कि जाँघों पर्र ध्यान दिया। दोनों जाँघों केँ अंदरूनी हिस्से कों चाटा, चूमा औऱ हल्का-हल्का काटा।
“तेरी जाँघें। कितनी सॉफ्ट औऱ गरम हें। इन्हें चाटते हुए मुझे बहोत मज़ा आँ रहा हैं, ” स्वाती नें कहा।
रियाअब पूरीतरह बेसुध थि। उसकी साँसें भारी औऱ सेक्सी हौ चुकीथीं।
“आह्ह्ह। स्वाती मैम। आप्। मुझे। पागलकर रही हें। आह्ह्ह। हर स्थान। आह्ह्ह। आपकीजीभ। बहोत अच्छी लगरही हैं.”
स्वाती नें रिया कि नाभि मे जीभ डाली, फिन उसके पूरेपेट कों चाटा। अंत मे दोनों ब्रेस्ट्स, गर्दन औऱ आर्मपिट्स पर्र वापसलौट आईं।
“तेरा पूराबदन। मेरा हैं रिया.हर इंच.हर स्थान। मे इसे चूसूँगी, चाटूँगी औऱ अपनाबना लूँगी, ” स्वाती नें रिया केँ कान मे फुसफुसाया।
रिया स्वाती कि छाती सें चिपककर काँपरही थि। उसकी साँसें अभि भि तेजथीं औऱ जिस्म छोटी-छोटी झुरझुरियों सें भराहुआ थां।
स्वाती नें रिया कों गले लगाते हुए प्रेम सें कहा, “आरामकर बेटा। मेरामन इतनी भरने वाला नहि। यह औऱ लम्बा चलेगा.”
(सुभह१० बजे सें शुरुआत हुई उनकी मुलाकात अब दोपहर केँ २:३०बज चुके थें। पिछले चार घंटे मे दोनों नें इतना इंटेंस शारीरिक औऱ भावनात्मक वक्त बिताया थां कि रिया पूरीतरह थककरचूर होँ चुकी थि। )
रिया स्वाती कि बाहों मे लेटी हुइ गहरी नींद मे सोरही थि। उसका नंगा जिस्म स्वाती कि नंगी बॉडी सें चिपका हुआ थां। स्वाती भि कुछदेर सोई रहीं, मगर उनकी नींद हल्की थि। उन्होंने रिया केँ बालों कों सहलाते हुए उसके माथे, गाल औऱ होंठों पऱ बार-बार हल्के चुंबन दिए।
दोपहर केँ २:४५बजे रिया कि आँख खुली। वो थोड़ी देर तक समझ नहि पाई कि कहां हैं। फिनकल रात औऱ आज सुभह कि यादें लौटीं। स्वाती कि भारी, गरम छाती उसके चेहरे केँ सामने थि। स्वाती अभि भि सोरही थीं। उनकी साँसें धीमी औऱ शांतथीं।
रिया नें धीरे-धीरे सें स्वाती कि छाती पऱ हाथ फेरा। स्वाती कि भारी ब्रेस्ट्स ऊपर-नीचे होँ रहीथीं। रिया नें झुककर स्वाती कि निप्पल कों हल्का सां चूमा। स्वाती हल्का सां कराहकर करवटबदल गईंमगर सोती रहीं।
रिया धीरे धीरे स्वाती केँ बदन कि पूजा करनेलगी। उसने स्वाती कि गर्दन चूमी, फिन आर्मपिट मे नाक गाड़कर गहरी साँसली। स्वाती कि रोयेदार बगलो कि मादकमहक उसेफिन सें उत्तेजित कररही थि।
“मैम। आप् सोतेहुए भि कितनी सेक्सी लगती हें.” रिया फुसफुसाई।
उसने स्वाती कि ब्रेस्ट्स कों दोनों हाथों मे लिया औऱ धीरे धीरे चूसने लगी। स्वाती कि निप्पल कों जीभ सें घुमाया। स्वाती अब आरामसे जागरही थीं।
“म्म्मह्ह। रिया। कितनी शैतान हौ गई हैं तुँ.” स्वाती नें नींदभरी आवाज़ मे कहा औऱ रिया कों अपनी छाती पऱ औऱ कसकरदबा लिया।
स्वाती नें रिया कों ऊपर खींच लिया औऱ गहराकिस किया। दोनों कुछदेर तक रोमॅंटिक तरीके सें एक्-दूसरे कों चूमती रहीं। स्वाती नें रिया कि पीठ, कमर औऱ कूल्हों कों सहलाया।
“कैसालग रहा हैं अब?” स्वाती नें पूछा।
रिया शरमाते हुए बोलि, “बहोत अच्छा। मगर थोडा थक गई हूं.”
स्वाती हँसीं औऱ रिया कों चूमते हुए बोलीं, “चल.अब हम् दोनों नहाते हें। गरम पानी तेरी थकान उतार देगा। ”
प्यास जोँ बढ़ती हि जाये – New Episode
Update 15
रिया एक् इंटर्न
अध्याय ३: स्वाती कां घऱ – पहलीबार पूरीतरह अकेले
बाथरूम
स्वाती नें रिया कां हाथ पकड़कर लग्जरी बाथरूम मे लेँ गईं। बाथरूम बहोत बड़ा थां — शावर केँ संग बड़ाटब, मिरर वाली दीवारें। स्वाती नें शावरऑन किया। गरम पानी दोनों केँ नंगेबदन पर्र गिरने लगा।
स्वाती नें रिया कों शावर केँ नीचे खड़ाकर दिया औऱ स्वयं उसके पीछे आँ गईं। उन्होंने रिया कि पीठ पऱ शावरजेल लगाया औऱ दोनों हाथों सें रिया कि पीठ, कंधे औऱ कमर कों मसलने लगीं।
“उफ्फ.मैम। बहोत अच्छा लगरहा हैं.” रिया नें आँखें बंद करकेकहा।
स्वाती नें रिया कों अपनीतरफ घुमाया। अब दोनों एक्-दूसरे केँ सामने खड़ीथीं। गरम पानी दोनों केँ बदन पऱ बहरहा थां। स्वाती नें रिया कि ब्रेस्ट्स पऱ जेल लगाया औऱ आहिस्ता मसलने लगीं।
“तेरी ब्रेस्ट्स। कितनी परफेक्ट हें। मे इन्हें घंटों छू सकती हूं, ” स्वाती नें कहा औऱ रिया कि ब्रेस्ट्स कों चूसने लगीं।
रिया स्वाती कि गर्दन कों पकड़कर कराहरही थि, “आह्ह। स्वाती मैम.आह। आपकी उँगलियाँ। बहोत अच्छी लगरही हें.”
स्वाती नें रिया कों दीवार सें सटा दिया औऱ उसके पूरे जिस्म कों जेल सें मसलती रहीं — गर्दन, ब्रेस्ट्स, पेट, जाँघें, कूल्हे — हर स्थान। फिन उन्होंने रिया कों टब मे बिठा दिया औऱ स्वयं भि उसकेपास बैठगईं।
दोनों गरम पानी मे एक्-दूसरे सें चिपकी हुईँ थीं। स्वाती नें रिया कों गोद मे बिठा लिया औऱ आहिस्ता किस करती रहीं।
“आज कां पूरादिन। सबसे हसीनदिन थां मेरेलिए, ” स्वाती नें रिया केँ कान मे फुसफुसाया।
रिया नें स्वाती कि छाती सें चिपककर कहा, “मेरेलिए भि। मे कभी नहि भूलूँगी आज कां दिन.”
दोनों देर तक गरम पानी मे एक्-दूसरे कों सहलाती, चूमती औऱ आराम करती रहीं।
सीन ९: आखिरी रात औऱ विदाई (Wind-up Scene)
बाथरूम मे गरम पानी केँ नीचे दोनों देर तक एक्-दूसरे कों सहलाती रहीं। स्वाती नें रिया कों अच्छे सें नहलाया, उसके पूरेबदन पऱ जेल लगाकर मसाज किया। रिया भि स्वाती कि भारी ब्रेस्ट्स औऱ जिस्म कों छू-छूकर enjoy कररही थि।
नहाने केँ बाद दोनों नें हल्के रेशमी गाउन पहने औऱ हॉल मे रोमांटिक दोपहर का खाना किया। स्वाती नें स्वयं रिया कों खानां खिलाया, बीच-बीच मे चुंबन लिए, औऱ बार-बार कहा, “तुम् आज मेरी सबसे प्यारी चीज होँ। ”
रात कि मस्ती
रातभर दोनों नें एक्-दूसरे कों बार-बार चखा। स्वाती नें रिया कों तीनबार औऱ झड़ाया — कभीजीभ सें, कभी उँगलियों सें, कभी६९ पोजीशन मे। रिया भि स्वाती कों दोबार झड़ाने मे सफलरही।
हरबार स्वाती रिया कों गाइड करतीं, “हाँ। औऱ तेज। मेरी बुर चूसो.हाय। हाँ.ऐसी हि.”
रिया भि अब बेखौफ होकर स्वाती कि बुर चाटरही थि औऱ कहरही थि, “मैम। आपकी बुर। मुझे बहोत मनपसंद हैं। मे रोज चूसना चाहती हूं.”
दोनों थककरआधी रात कों एक्-दूसरे कि बाहों मे सोगईं।
सुभह
सुभह८ बजे दोनों फिन सें शावर केँ नीचेगईं। इसबार नहाना औऱ भि रोमांटिक थां। स्वाती नें रिया कों दीवार सें सटाकर किस किया, ब्रेस्ट्स चूसीं औऱ अंत मे घुटनों पऱ बैठकर रिया कि बुर कों फिन सें चाटा। रिया नें भि स्वाती कि बुर कों चूमा।
नहाकर रेडी होने केँ बाद स्वाती नें रिया कों गले लगाया औऱ बोलि, “आज केँ बाद तुम् मेरी हौ। पूरीतरह मेरी। दफ़्तर मे भि हमारा खेल जारी रहेगा। ”
विदाई
स्वाती नें रिया कों उसकेघऱ केँ पास छोड़ा। वाहन रुकते हि स्वाती नें रिया कों अंतिम गहराकिस किया औऱ उसकेकान मे फुसफुसाया,
“कल दफ़्तर आते हि मेरी केबिन मे आनां। दरवाजा बंद करके। मे तुम्हारा प्रतीक्षा करूँगी। ”
रिया नें शर्माते हुएसिर हिलाया, “जीमैम। मे आपकी हूं। ”
रिया गाड़ी सें उतरी। स्वाती मुस्कुराती हुई चलीगईं।
रियाघऱ कि तरफ जातेहुए मन हि मनसोच रही थि — “कल सें मेरानया जिंदगी शुरुआत होगा। स्वाती मैम केँ संग। ”
अगला चाप्टर - नई शुरुआत – स्वाती कि नईभूख
प्यास जोँ बढ़ती हि जाये – New Episode
Update 16
नई शुरुआत – स्वाती कि नईभूख
अध्याय १:नयी एंट्री
दफ़्तर मे रोज कां मजा
एक् हफ्ते बाद.
रियाअब पूरीतरह स्वाती कि फेवरेट बन चुकी थि। दफ़्तर मे हरदिन दोनों केँ बीच गुप्त मगर बेहद सेंसुअल खेल चलता रहता थां।
कभी स्वाती रिया कों अपनी केबिन मे बुलाकर दरवाजा बंदकर लेतीं, रिया कों गोद मे बिठाकर गहरेकिस करतीं, ब्रेस्ट्स दबातीं औऱ आर्मपिट चाटतीं। कभी दोपहर का खाना वक्त मे सोफे पऱ ६९ पोजीशन मे एक्-दूसरे कों चूसतीं। रियाअब इससभी मे माहिर होँ गई थि ; वो स्वाती कि बुर चाटने मे चैम्पियन होँ चुकी थि औऱ स्वाती कों झड़ाने मे भि सक्षम थि।
एक् दिन दोपहर मे स्वाती रिया कों अपनीगोद मे बिठाए हुएथीं। रिया कि स्कर्ट ऊपर थि औऱ स्वाती कि उँगलियाँ रिया कि बुर मे आहिस्ता अंदर-बाहर् कररही थीं।
“अह्ह.मैम। आजफिन। ओह्ह.” रिया स्वाती कि छाती पर्र सिररखे कराहरही थि।
स्वाती नें रिया कि आर्मपिट चाटते हुएकहा, “तुम् अब मेरी पर्सनल स्ल्यूट हौ गई हौ रिया.रोज तुम्हें चखे बिना मेरादिन अधूरा रहता हैं। ”
गहराती जिज्ञासा
साम कों जब दोनों थोडा आरामकर रहीथीं, स्वाती नें रिया कों अपनीगोद मे बिठाया औऱ प्रेम सें पूछा,
“रिया। तुम् इतनी सेक्सी, इतनी खूबसूरत औऱ इतनीहॉट होँ। फिन भि तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड नहि हैं?
सच बताओ नाँ। कोई लड़का पसन्द नहि आया क्याँ?”
रियाकुछ लम्हा चुपरही। फिन शर्माते हुए बोलि, “मैम.सच कहूँ तौ। मैंने कभी किसी लड़के कों पसन्द नहि किया। ”
स्वाती नें रिया कि ब्रेस्ट कों हल्का दबाते हुए मुस्कुराकर पूछा, “तौ? कोई औऱ वजह हैं क्याँ?”
रिया बहोत हिचकिचाई। बहुतदेर बाद उसने धीरे-धीरे सें कहा,
" नहि.मैम.आँ.औऱ कोईवजह नहि हैं !"
रिया कि आवज मे हल्कीसी थरथराहट थि |
स्वाति तोँ बहुत अधिक अनुभवी स्त्री थि, उसे जल्दी शक होँ गय़ा कि दल मे कुछ तोँ काला हैं, यह रियाकुछ तौ छुपारही हैं |
वोँ चुप बैठी |
रिया नें औऱ कुछबात बदलने कि कोशिश कि। स्वाति नें उसे गहरी नजरोसे घुरा औऱ कहा "रिया मुझे तुमसे यह उम्मीद नहि थि, आयएम् वैरी डिसअप्पॉइंटेड!
रिया घबराई " क्याँ हुआमैम मुझसे कोई गलती हुयी क्याँ "
स्वाति झूठा क्रोध करतेहुए बोलीं " तुँ अब।। मुझसे बातें छुपाने लगी हैं। मुझसे "
रियाडर गयीँ, "नहि मैम। सच्ची मैंने कुछ भि नहि छुपाया "
स्वाति नें उसके नीपल कों मरोड़ते हुए पूछा "तौ सहीसही बता। क्याँ बात हैं। मे मान हि नहि सकती।। केँ तेरे जैसेमाल कां कोई BF नहि हैं "
रिया दर्द सें कराहती बोलि " सच्ची मैम। मेराकोई बॉय फ्रेंड नहि हैं "
स्वाति नें दूसरा भि निप्पल मरोड़ा " तौ फिनयह तौ पक्का झूठ बोला नाँ।। कि कोई तुम्हारी तरफ पसन्द हि नहि आया "
उसेआगे जोड़ा " यादरख।। तुँ स्वाति सें बातकर रही हैं।। मे झूठ कों एक् झटके मे पहचान लेतीहु "
रिया " सॉरीमैम।। सॉरी।। वोँ वोँ."
सवति नें उसके होठो कों हालाचुम लिया औऱ बोलीं " हकलामत। मुझेसाफ़ साफ़बता।."
रिया " मैम पहले वादाकरो।। कि आप् मुझे गन्दी लड़की नहि समझोगी।। औऱ मुझे अपनीदूर नहि करोगी "
स्वाति नें उसे कसकेगले लगाया औऱ बोलीं " पगली।। तेराकुछ भि मेरेलिए गन्दा नहि।। दूसरा मे स्वयं तुझसे दूर नहि रह सकती "
अब रिया थोड़ी आश्वस्त हुयी।। उसने नजरे झुककर धीरे-धीरे धीरे-धीरे बोल्ना स्टार्ट किया
“मैम। मे। मे अपने भइया रोहित सें प्रेम करती हूं। सालों सें।
वोँ मेरा ट्विन ब्रदर हैं।
मगर। मे यहबात किसी कों बता नहि सकती।
मां क्याँ सोचेंगी?
सोसाइटी क्याँ कहेगी?
औऱ रोहित। वोँ मुझे केसे देखेगा?
इसलिये मे चुप हूं.”
स्वाती कि आँखें चमक उठीं। उसने रिया कों औऱ लगभग खींच लिया। औऱ उसेकिस करनेलगी
“अपनेसगे भइया सें? वाउ। कितना इंट्रेस्टिंग हैं। उम्मम्मम्मम। ” "औऱ यह तौ नेचुरल हैं बेटा।। इसमेकुछ बुराई नहि "
रिया नें रहत कि साँसली
स्वाति " कबसेउसे चाहती होँ? कैसा दिखता हैं वोँ ? औऱ कभीकुछ हुआ क्याँ तुम् दोनों मे ?"
उसने सवलो कि बौछार कर दि
रिया नें उसे बताया कि वोँ १२थ मे थि तबसे वोँ उसे चाहती हैं, औऱ दोनों मे अभि वैसाकुछ भि नहि हुआ। दोनों नार्मल भइया बेहन हैं }
फिन रिया नें मोबाइल निकाला औऱ रोहित कि कुछ तस्वीरें दिखाईं।
१९साल कां रोहित —५फीट८ इंच लंबा, अच्छी-खासी बॉडी, स्मार्ट चेहरा, फ्रेश IT इंजीनियरिंग पासआउट, अभि प्लेसमेंट नहि लगा थां।
स्वाती नें फोटो देखते हि मन हि मनलार टपकाली।
“उम्मम्मम कितना फ्रेश औऱ सेक्सी मॉल हैं यह लड़का.परफेक्ट बॉडी। मासूम चेहरा.”
स्वाति रोहित कां फोटोदेख केँ खो सि गई, |
स्वाती केँ दिमाग़ मे जल्दी एक् प्लान बनना शुरुआत होँ गय़ा।
स्वाती कां प्लान
रात कों घऱ जाकर स्वाती बेड पर्र लेटी हुईँ सोचरही थीं।
“रिया कां भइया। रोहित.उम्मम्मम्मम कितना टेम्पटिंग हैं। इसका लन्ड कैसा होगा | ७ याँ ८ याँ उससे भि बड़ा"। उसके मुँह मे पानीआने लगा.
वोँ आगे सोचने लगी "सस्सस्सस्सस्सस्स…… कितना मज़ा आएगा ताजे जवान लन्ड सें चुदवाने मे, कितने दिन हौ गये।। कोई जवान लन्ड चखकर |
वोँ रोहित केँ संग स्वयं कि कल्पना करनेलगी
स्वाति नें आगे सोचा " पहले मे इसे पटाउंगी। फिन इससेरोज चुदवाउंगी। इसे भि अपनाबना लूँगी। फिन आरामसे रिया कों भि इसमें शामिल करूँगी। भइया-बेहन दोनों कों एक् संग चखने कां मज़ा.वाउ!”
स्वाती मुस्कुराईं औऱ स्वयं कों सहलाते हुए फुसफुसाईं,
“रोहित। जल्द हि तुँ भि मेरी होँ जाएगा। औऱ फिन तुम् दोनों। मेरे कंट्रोल मे। ”
अगलेदिन
साम केँ सातबज चुके थें। स्वाती कि केबिन मे लाइट्स पूरीतरह डिमकर दि गई थीं। मात्र टेबल लैंप कि नरम, गुलाबी रोशनी कमरे मे फैली हुई थि, जोँ दोनों केँ चेहरे औऱ बदन पऱ एक् कामुक आभा बिखेर रही थि।
रिया स्वाती कि गोद मे आहिस्ता लेटी हुईँ थि। उसकीपीठ स्वाती कि भारी, नरम छाती सें सटी हुई थि। स्वाती कि एक् हाथ रिया कि कमर पऱ थि औऱ दूसरा हाथ उसके लंबे काले बालों मे आहिस्ता उँगलियाँ फिरारही थि। दोनों केँ बीच गहरी, आरामभरी खामोशी थि।
रिया नें कुछ लम्हा स्वाती कि छाती पऱ सिररखे रहने केँ बाद धीरे-धीरे सें पूछा,
“मैम। आपनेकभी किसी कों। इसतरह प्रेम किया थां? मतलब। किसी अपनेसे ….इतनी गहराई सें?”
स्वाती कुछ लम्हा चुप रहीं। उनकी उँगलियाँ रिया केँ बालों मे रुकगईं। फिन उन्होंने धीरे-धीरे सें मुस्कुराते हुए रिया कों औऱ कसकर अपनी छाती सें चिपका लिया। उनकी भारी ब्रेस्ट्स रिया कि पीठ पऱ दबगईं।
“हाँ स्वीटहार्ट.” स्वाती नें गहरी, थोड़ी भावुक आवाज़ मे कहा, “मैंने किया थां। बहोत साल पहले। जब मे १२वीं मे थि। तब मैंने अपने बड़े भइया नितिन कों किया थां। ”
रिया कि आँखें चौड़ी होँ गईं। वो स्वाती कि छाती सें सिर उठाकर उनकीतरफ देखने लगी।
“आपके। अपने भइया?” रिया कि आवाज़ मे आश्चर्य औऱ उत्तेजना दोनों थें।
स्वाती नें रिया कि ब्रेस्ट कों हल्का-हल्का दबाते हुए मुस्कुराईं औऱ बोलीं,
“हाँ। नितिन मुझसे 4 साल बड़ा थां। वोँ उस वक़्त इंजीनियरिंग केँ फाइनल ईयर मे थां। लंबा, हँडसम, मजबूत बॉडी। देखने मे बहोत आकर्षक थां। मे उसे सालों सें तहे दिलसे चाहती थि। रात कों उसके बारे मे सोच-सोच कर स्वयं कों छूती थि। ”
स्वाती नें रिया कि गर्दन पर्र हल्का सां चुंबन दिया औऱ स्टोरी जारीरखी,
“एक् दिन मां-पिताजी विवाह मे गए थें। घऱ मे मात्र हम् दोनों थें। मैंने प्लान बनाया। मैंने एक् बहोत छोटी, ट्रांसपैरंट वाली पिंक नाइटी पहनी थि, जिसमें मेरी ब्रेस्ट्स कां आधा हिस्सा साफदिख रहा थां। ब्रा नहि पहनी थि।
मे उसके कमरे मे गई। वोँ पढ़रहा थां। मैंने दरवाजा बंद किया औऱ बोलीं, ‘भैया। मुझे नींद नहि आँ रही। आपकेपास बैठ सकती हूं?’
नितिन नें मुझेबेड पऱ बिठा लिया। मे जानबूझकर उसके बहोत लगभगबैठ गई। मेरी जाँघ उसकी जाँघ सें सट गई। फिन मैंने धीरे-धीरे सें अपनासिर उसके कंधे पर्र रख दिया।
‘भैया। आप् बहोत हँडसम होँ.’ मैंने फुसफुसाकर कहा।
नितिन चौंक गय़ा। मगर मैंने हिम्मत करके उसकाहाथ पकड़ा औऱ अपनी ब्रेस्ट पऱ रख दिया। मेरी निप्पल्स पहले सें हि हार्ड होँ चुके थें।
‘स्वाती। यह क्याँ कररही हैं?’ उसकी आवाज़ काँपरही थि।
मैंने जल्दी उसके होंठों पर्र किसकर लिया। पहले हल्कासा ….जौ धीरे-धीरे धीरे-धीरे डीप, अधिक वाइल्ड होनेलगा। मैंने उसकी शर्ट केँ बटनखोल दिए औऱ उसकी छाती चूसने लगी। नितिन कुछदेर तक कमजोर विरोध करने कि कोशिश कररहा थां, मगरफिन उसने मुझे पकड़ लिया। ”
स्वाती नें कहतेहुए रिया कि ब्रेस्ट कों जोर सें दबाया औऱ फुसफुसाया,
“उसरात उसने मुझे पहलीबार चोदा। बहोत जोर सें। मे उसकीगोद मे बैठकर उसका लन्ड अपनी बुर मे लें रही थि। वो मेरी ब्रेस्ट्स चूसरहा थां औऱ नीचे सें तेज-तेज धक्के देरहा थां। मे चीखरही थि, ‘भैया। औऱ तेज। आह्ह्ह। फाड़दो मेरी बुर.’
हमनेउस राततीन बार सेक्स किया। दूसरे राउंड मे उसने मुझे डॉगी स्टाइल मे चोदा, मेरीकमर पकड़कर तेज़-तेज़ सें। तीसरे मे मे उसकेऊपर सवार होकर राइडकर रही थि। ”
रिया कि साँसें भारी हौ चुकीथीं। वो स्वाती कि गोद मे काँपरही थि।
स्वाती नें रिया कि आर्मपिट चाटते हुएकहा, “उसकेबाद हम् छुप-छुपकर एक् साल तक करीब-करीब रोज सेक्स करतेरहे। नितिन नें मुझे सेक्स कि सारी ट्रिक्स सिखाईं। उसी नें मुझे सिखाया कि रिश्तोमे चुदाई कितनी मस्त होती हैं, उसका एक् अलग हि नशा होता हैं। ”
स्वाती नें रिया कों गहराकिस किया औऱ बोलि,
“अब समझी?अगर तुम को रोहित सें प्रेम हैं। तोँ डरमत। मे तुम्हारी सहायता करूँगी। पहले मे रोहित कों फँसाऊँगी। फिन तुम् दोनों कों एक् संग एन्जॉय करवाऊँगी। ”
रिया नें स्वाती कि छाती मे चेहरा छिपाकर शर्माते हुएकहा, “मैम.सच मे.?”
स्वाती नें मुस्कुराते हुए रिया कि बुर पर्र उँगली फेरते हुएकहा,
“हाँ मेरीजान। सच मे। ”
रिया स्वाति केँ उरोजोसे खेलती हुयी बोलि "पऱ मैम। आपने तौ बस शार्ट कहानी सुनाई प्लीज डिटेल मे बताइये नाँ "
स्वाती बोलीं " यहबड़ी लम्बी किस्सा हैं मेरीजान."
रिया स्वाति कि निप्पल्स चुभलाते हुए बोलीं " होनेदो। लम्बी। पऱ मुझे सुनना हैं। प्लीज बताओ नां। प्लीज "
रिया कि ललक औऱ जिद देखकर स्वाति भि मान गयीँ,। औऱ अपनी औऱ नितिन भइया कि प्रेमकहानी बतानी शुरुआत कर दि "
प्यास जोँ बढ़ती हि जाये - Next part mein bada twist
Relavant source : click here