अमन विला-एक सेक्सी दुनियाँ completee - Chudai Ki Kahani – New Episode
अमन सीधा होते हुए-“नहि तोँ दिदी, अच्छा भला तोँ हूं…”
अनुमउसे घूरकर देखते हुएदिल मे सोचती हैं-“कहीं यहफिन सें ब्लू-फिल्में देखकर… नहि नहि, ऐसा नहि हैं मेराअमन…”
नाश्ते केँ बाद दोनों भइया-बेहन कॉलेज चले जाते हें।
अमन-“दिदी, आप् फ़िज़ा केँ संगघऱ चली जानां, मुझेकुछ काम हैं लाइब्रेरी मे…”
अनुम कंधे उचकाते हुए-ओके।
रात केँ 9:00 बजे-अनुम कब कां घऱ आँ चुकी थि पर्र अमन कां कोईपता नहि थां।
रजिया औऱ अनुम दोनों परेशान होँ रहीथीं। उसे कितनी बारकाल किया पर्र उसकासेल बंद आँ रहा थां। रजिया नें कहा-“तुझे ही क्याँ ज़रूरत थि अनुम, उसे अकेला छोड़कर आने कि?”
अनुमकुछ बोलती, इससे पहले हि डोरबेल बजती हैं। अनुम भागते हुए दरवाजा खोलतेी हैं-“कहां थें तुम्? कितने देर सें आए होँ अमनकुछ पता भि हैं?” औऱ नां जाने कितने सारे प्रश्न।
अमन अनुम केँ होंठों पे उंगली रख देता हैं, औऱ उसे अपनेगले लगा लेता हैं-“दिदी, मे नानाजी अब्बू केँ यहाचला गय़ा थां। आते टाइम बाइक कां टायर पंचर हौ गय़ा। फोन मे बैटरी नहि थि। अब बताओ क्याँ करता?”
रजिया-“उसे छोड़ तौ… बच्चे कि सांसरुक जायेगी…”
अमन अनुम कों इतनेजोर सें गले लगाकर बातकर रहा थां कि उसेहोश हि नहि रहा-“ओह्म्मह… आईएम सारी…” औऱ अनुम कों छोड़ देता हैं। फिन बोला-“अम्मी, मे खानां खाकरआया हूं औऱ दिदी, नानाजी अब्बू आपको बहोत यादकर रहे थें…”
अनुम-“हाँ… मे गई नहि नाँ कितने दिनों सें…” औऱ अनुम अपनेरूम मे जाकर दरवाजा बंदकर लेती हैं।
अमन रजिया कि तरफ देखते हुए-क्याँ हुआ दिदी कों?
रजिया-मुझे क्याँ पता?
अमन रजिया कि लगभग जाकर-“रूम मे चलो स्जीट हार्ट…”
रजिया-“जी नहि, आपकी 7 दिन कि छुट्टी…”
अमन-वोँ क्यूं?
रजिया शरमाते हुए-“5बजे सें पीररयड्स शुरुआत हौ गय़ा हैं मुझे…”
अमन-“ओह्म्मह… नहि…” औऱ अमन रजिया केँ होंठों पे किस करके अपनेरूम मे सोनेचला जाता हैं।
रेहाना कि तरफ इतनीरात गये तौ जा नहि सकता थां। गय़ा भि तौ रजिया कों शक होँ जाता तोँ वोँ सोने कि कोशिश करता हैं।
अनुम अपनेरूम मे अपनेदिल पे हाथरखे अपनी सांसें नॉर्मल करने कि कोशिश कररही थि। आज पहलीबार अमन नें उसे इतना कसकरहग किया थां। अनुम अपनी चुचियों पे हाथ रखकरउसे दबाते हुए-“अह्म्मह… इन्हें कब मसलोगे अमन?”
दूसरी तरफ रेहाना कां बुराहाल थां। सुभह सें अमन उससे मिलने नहि आया थां। उसकी बुर मे चीटियाँ रेंगने लगीथीं जिसे वोँ अपनेहाथ सें शांत करने कि कोशिश कररही थि-“अह्म्मह… अमन…” औऱ वोँ पानी छोड़ देती हैं।
सुभह 7:00 बजे-
अमन कसरत करके फ्रेश होने केँ बाद रेहाना कि तरफचल देता हैं। उसेपता थां कि फ़िज़ा 7:00 बजे सबेरे हि ट्यूशन जाती हैं। अमन-रेहाना केँ घऱ मे दाखिल होता हैं तोँ रेहाना बेड पे औन्धी लेटी हुईँ थि। अमनबेड पे जाकरउसे पीछे सें पकड़ लेता हैं-“रेहाना, मेरीजान सो गई क्याँ?”
रेहाना-“कौन? तोँ आप् हें… मिल गई फुरसत? क्यूं आए हौ मुझसे मिलने?”
अमन रेहाना कां चेहरा अपनीतरफ घुमकर उसके होंठ पे किस करते हुए-“शौहर अपनी पत्नि केँ पास नहि आएगा तौ क्याँ पड़ोसी केँ यहा जाएगा?”
रेहाना-“जाकर तोँ देखो?जान सें मार दूंगी उसे भि औऱ स्वयं कों भि…”
अमनजोर सें होंठ काटते हुए-“नाराज हौ?”
रेहाना-हाँ।
अमन-क्यूं जान?
रेहाना-आप् कलआए क्यूं नहि?
अमन रेहाना कि बुर सहलाते हुए-“तेरी बुर नें मुझेठीक सें याद नहि किया होगा?”
रेहाना-“अह्म्मह… अबयह मेरी कहां, यह तौ आपकी हौ गई हैं… कल कितना यादकर रही थि आपकीयह बुर अह्म्मह… बोलरही थि-जानू क्यूं नहि आए?याद आँ रही हैं…”
अमन-“साली, अभि उसेखुश कर देता हूं…” औऱ अमन रेहाना कों नंगी करने लगता हैं।
रेहाना भि अमन कों नंगाकर देती हैं। दोनों एक् दूसरे मे समा जाने कों पागलहुए जारहे थें। अमन बिनादेर किए रेहाना कों सीधाकर देता हैं, औऱ उसकेपेर चौड़े कर देता हैं।
रेहाना-“अह्म्मह… जानू आपका लौड़ा चूसना हैं…”
अमन-“बाद मे, पहले एक् बार चोदने दे…”
रेहाना-“चोदिए नाआ अह्म्मह…”
अमन जल्द सें अपने लण्ड पे थूक लगाकर रेहाना कि बुर मे लण्डपेल देता हैं-“लें मेरी रानीईई अह्म्मह…”
रेहाना-“अह्म्मह… जानू आरामसे उंह्म्मह… आहै…”फिन रेहाना नीचे सें कमर हिलाते हुए-“आपको पता हैं, आपके चाचूकुछ दिनों मे आने वाले हें ऊऊह्म्मह…”
अमन-“पता हैं रेहाना उंह्म्मह…” औऱ ताकत सें लण्ड बुर मे पेलरहा थां जिससे रेहाना कि बुर गीली होनेलगी थि।
रेहाना-“जानू, मे केसे रहूगी आपके बिना उंन्ह… उंन्ह…”
अमन-“तूँ फिकरमत कर साली, चाचूकुछ दिनों बादचला जाएगा फिन तोँ तूँ मेरी हैं अह्म्मह…”
रेहाना-“उंह्म्मह… आग्गघ… जानू, मे अब किसी औऱ कां लौड़ा अपनी बुर मे नहि लेना चाहती जी उंह्म्मह…”
अमन-“हाँ रेहाना हाँ, मे हि चोदूंगा तुम्हें हमेशा अह्म्मह…” औऱ दोनों जोश मे एक् दूसरे केँ अंदर पानी छोड़ने लगते हें-“अह्म्मह… अह्म्मह… ओह्म्मह…”
तभी रजिया चिल्लाते हुए-“अमन कमीने कुत्ते…”
अमन औऱ रेहाना चौंकते हुए पीछे देखते हें तोँ पीछे रजिया खड़ी थि। उसकी आँखें अँगारे उगलरही थीं। अमन औऱ रेहाना जल्द सें अलग होँ जाते हें। अमन खड़ा होकर अपनी पैंट पहनने लगता हैं।
तभी रजिया उसकेपास आकर एक् जोरदार थप्पड़ उसके मुँह पे रसीदकर देती हैं-“हरामज़ादे, कितना गिराहुआ हैं तूँ? मुझे तुझसे यह उम्मीद नहि थि…” औऱ फिन एक् औऱ थप्पड़।
अमन केँ तोँ जैसे पैरों केँ नीचे कि ज़मीन हि खिसक गई थि। थप्पड़ कि गूँज उसके कानों मे अभि भि बजरही थि।
अमन विला-एक सेक्सी दुनियाँ completee - Chudai Ki Kahani – New Episode
रजिया रेहाना कि तरफ देखते हुये-“औऱ तुँ छिनाल… तुम्हे औऱ कोई नहि मिला अपनी बुर कि आग बुझाने केँ लिये… खबरदार वोँ आज केँ बाद मुझे अपनी मनहूस सूरत दिखाई भि तोँ… औऱ तूँ खड़ा क्याँ हैं? कपड़े पहन औऱ चल यहां सें…”
रेहाना मारेडर केँ काँपने लगी थि।
अमन जल्द सें अपने कपड़े पहन लेता हैं, औऱ रेहाना केँ घऱ सें जाने लगता हैं। तभीउसे मेन-गेट पे फ़िज़ा खड़ी हुई मिलती हैं। वोँ शायद अपनी पुस्तक भूल गई थि, औऱ उसे वापस लेनेघऱ आई थि। उसने रजिया कि सारी बातें सुनली थि, औऱ रोतेहुए अपनेरूम मे भाग गई थि
अमन अपनेघऱ चला जाता हैं। उसके पीछे रजिया भि चली जाती हैं।
रेहाना सें अब खड़ा रहना मुश्किल थां उसके पैरों मे तोँ जैसेजान हि नहि थि। वोँ बेड पे बैठ जाती हैं, औऱ सिर पकड़ लेती हैं। उसने मुख्य दरवाजा बंद क्यूं नहि किया? औऱ फ़िज़ा, उसकी अपनी बेटी, उसपे क्याँ गुजररही होगी? उसने तौ सारी बातें सुनली हें। यहीसभी बातें उसे परेशान कररही थीं, औऱ रेहाना फूट-फूट केँ रोने लगती हैं।
अमन अपनेरूम मे थां। रजिया उसके पीछे उसकेरूम मे घुस जाती हैं।
अमन-“अम्मी, आप् प्लीज़ मुझेमाफ करदो…”
रजिया तोँ जैसेआग बनी हुइ थि-“मुझे कुछ नहि सुनना अमन। आज केँ बाद तुँ जहाँ नहि जाएगा औऱ अगर गय़ा तोँ मेरामरा हुआ मुँह देखेगा…”
अमन कि आँखों मे आँसू आँ जाते हैं।
रजिया उसकेरूम सें बाहर् चली जाती हैं।
अनुमहाल मे बैठी थि, कहा-“क्याँ हुआ अम्मी, आप् अमन कों डांट क्यूं रही थि? आप् तौ उसे नाश्ते केँ लिये बुलाने गये थें…”
रजिया-“कुछ नहि, तूँ ब्रेकफास्ट कर…” औऱ रजिया अपनेरूम मे चली जाती हैं।
अनुम उठकरअमन केँ रूम मे चली जाती हैं-“अमन क्याँ हुआ?”
अमन-“दिदी, मुझे अकेला छोड़दो प्लीज़…”
अनुम-“अरे बोल तौ सही, हुआ क्याँ हैं?”
अमन गुस्से सें-“मैंने कहां नां मुझे अकेला छोड़दो…”
अनुमरूम सें बाहर् चली जाती हैं। उसेपता हि नहि थां कि आखिर माज़रा क्याँ हैं?
दिनयूँ हि गुजररहे थें। रजिया कां क्रोध कम होने कां नाम नहि लें रहा थां। अमन नें कईबार रजिया सें बात करने कि कोशिश कि, पर्र रजिया उससेबात करने कों सजधजकर नहि थि।
उधर रेहाना रजिया कि तरफआने सें डररही थि।
फ़िज़ा गम औऱ गुस्से मे अपनी अम्मी रेहाना सें नज़रें नहि मिलारही थि।
अमन कां तोँ सबसे बुराहाल थां। आखिर उसने फैसला किया कि वोँ रजिया कों सबक सिखाकर रहेगा। वोँ साली स्वयं कों समझती क्याँ हैं? स्वयं भि तोँ मुझसे चुदा चुकी हैं। औऱ मे किसी औऱ कों चोदूं तोँ उसकी गाण्ड जलती हैं। ठीक हैं, अब मे उसे औऱ तड़पाऊँगा औऱ इतना कि वोँ स्वयं मेरे पैरों मे गिरकर अपनी बुर मेरे सामने रखेगी औऱ रेहाना कों चोदने केँ लिये स्वयं मेरेपास लाएगी।
अमन नें फैसला कर लिया थां।
समय अपनी रफ़्तार सें गुजररहा थां। आज 7 दिन हौ गये थें अमन औऱ रजिया कि बीचबात नहि हुईँ थि।
अमन भि कुछ परेशान सां हौ गय़ा थां। एक् तोँ उसे बुर नहि मिली थि, दूसरे वोँ जिन लोगों सें प्रेम करता थां वोँ उसे नज़रअंदाज़ कररही थि।
रजिया अपनेरूम मे लेटे करवटें बदलरही थि। दोपहेर कां समय थां। अमन औऱ अनुम कॉलेज गये थें। रजिया दिल मे सोचते हुए कि अमन पे मुझे कितना भरोसा थां, उसनेऐसा क्यूं किया? वोँ भि अपनी चाची केँ संग। मे उससेकभी बात नहि करूंगी।
पऱ उसकेदिल केँ किसी कोने सें आवाज़ आई-“रजिया तूँ नें क्याँ किया? तूने भि तोँ अपनी बुर कि आग बुझाने केँ लियेअमन कां फायदा उठाया। आजजिस कष्ट मे तूँ बैठी हैं, उसी मे रेहाना भि हैं। वोँ भि तोँ तेरीतरह लण्ड केँ लिये बेचैनी रही होगी, उसका भि शौहर उससेदूर हैं। तुँ ख़ुदग़र्ज़ हौ गई हैं। रजिया अमन जितना तेरा हैं, उतना हि रेहाना कां भि हैं। तुझेही रेहाना सें बात करनी चाहिए औऱ अमन सें भि। कितने जोर सें थप्पड़ मारा तूनेउस बच्चे कों…”
फिन रजिया बेड पे उठकरबैठ जाती हैं, औऱ स्वयं सें बातें करने लगती हैं-“हाँ मे बात करूंगी अमन सें औऱ रेहाना सें भि। वोँ मेरा बेटा हैं, औऱ मेरेजान भि। अब रजिया नें फैसला कर लिया थां कि वोँ रेहाना औऱ अमन केँ रिश्ते कों अपना लेगी औऱ उसके चेहरे पे खुशी केँ भावसाफ नज़र आँ रहे थें, औऱ आज 7 केँ दिनबाद उसकी बुर मे सरसराहट सि होनेलगी थि।
धमाकेदार स्टोरी हैं राज भइया अगले एपसोड कां प्रतीक्षा रहेगा
Dolly sharma wrote: ↑19 Nov 2017 14:02 superb kahani shubhs wrote: ↑20 Nov 2017 00:19मेहनत जौ कि हैं pongapandit wrote: ↑20 Nov 2017 13:17 mast update bhay jay wrote: ↑20 Nov 2017 19:13 धमाकेदार स्टोरी हैं राज भइया अगले एपसोड कां प्रतीक्षा रहेगा aabhar friends
अमन विला-एक सेक्सी दुनियाँ completee - Chudai Ki Kahani – New Episode
उधरअमन कॉलेज केँ पीछे गार्डन मे एक् कोने मे गुमसुम सां बैठा थां। अनुमउसे सारे कॉलेज मे देख चुकी थि आख़िरकार उसनेअमन केँ मित्र सें पूछा-तुमने अमन कों देखा हैं?
अमन केँ मित्र नें कहा-“ शायद वोँ गार्डन मे होगा…”
अनुम गार्डन कि तरफचल देती हैं। अमनउसे गुमसुम बैठा नज़र आँ गय़ा। अनुमदिल मे-“आज तौ इससे इसकी खामोशी केँ वजह निकालकर रहूंगी…”
अनुमअमन केँ पास बैठते हुए-“यहां क्यूं बैठे होँ देव बाबू?”
अमन-कुछ नहि।
अनुम-“कुछ तौ हैं। बता नां अमन क्याँ हुआ हैं तुम्हारी तरफ?ठीक सें बात भि नहि करता मुझसे, कोई गलती हुई क्याँ याँ अम्मी नें तुझसे कुछकहा हैं?”
अमन कां मूड पहले सें आफ थां… ऊपर सें अनुम केँ इतने सारे प्रश्न। अमन झुंझलाकर-“तूँ क्याँ मेरी पत्नि हैं, वोँ इतने सारे प्रश्न पूछरही हैं?”
अनुमअमन केँ इसतरह बात करने सें ततलमिला जाती हैं। औऱ अमन सें मुँह मोड़कर रोने लगती हैं-“मे तोँ तुझसे इसलिये पूछरही थि कि मुझे तुँ ऐसे अच्छा नहि लगता…”
अमन अनुम कों इसतरह रोतेदेख अपना सारा क्रोध भूल जाता हैं, औऱ अनुम कों अपनीतरफ खींचने कि कोशिश करता हैं। अनुम उसकाहाथ झटक देती हैं। औऱ सिसकने लगती हैं।
अमन-“दिदी दिदी, मेरी प्यारी दिदी, मुझेमाफ करदो। मैंने किसका क्रोध तुमपे निकाल दिया। मेरे प्यारी दिदी देखो अभि तुम्हारे कान पकड़ता हूं…”
अनुम-“हाँ गलती स्वयं कर औऱ कान मेरे पकड़…” औऱ अनुमअमन केँ सीने सें लिपट केँ औऱ रोने लगती हैं।
अमन कां दिल भि भरआता हैं। वोँ किसी भि तरह अनुम कों हंसाना चाहता थां-“दिदी, मैंने आपके लिये एक् शेर लिखा हैं। सूनाऊँ?”
अनुम अपनासिर बिना उठाये-हूं।
अमन-गौर सें सुनिएगा।
रोएं हम् इसकदर उनके सीने सें लिपटकर।
रोएं हम् इसकदर उनके सीने सें लिपटकर
कि वोँ स्वयं अपनी टी-शट़ उतार केँ बोलीं।
दबा लेँ सालेअब नाटकमत कर।
अनुम हाहाहाहा… मारेशरम केँ उसके सीने पे मुक्के बरसाती जाती हैं-“गंदा अमन, गंदाअमन…”
दोनों कि हँसी नहि रुकरही थि औऱ इसीबीच अमन अनुम कों अपनी बाहों मे कस लेता हैं। औऱ अनुम भि अपने भइया कि बाहों मे सिमटतेी चली जाती हैं।
अमन-“इतना प्रेम करते हौ मुझसे?”
अनुम-यकीन नां हौ तोँ आजमा केँ देख लें।
अमन-“तेरी आँखों मे तेरी मुहब्बत नज़रआती हैं। हमें ज़रूरत नहि तेरी आजमाने कि…” औऱ अमन अनुम कि पेशानी पे चूम लेता हैं। दोनों कि सांसें तेज होनेलगी थीं।
अनुम-चलो घऱचलो, देर हौ जायेगी।
अमन अनुम केँ गाल पे चिकोटी काटते हुए-हूं।
अनुम-“अह्म्मह… अमन्न्न गंदा…” औऱ कुछदेर बाद दोनों अपनेघऱ कि तरफचल देते हें।
रात 12:00 बजे-
फ़िज़ा औऱ रेहाना केँ बीचकुछ खासबात नहि हुइ थि। फ़िज़ा रेहाना सें बहोत नाराज थि। फ़िज़ा अपनेरूम मे बैठी हुइ थि औऱ रेहाना अपने बेडरूम मे। रेहाना दिल मे सोच लेती हैं कि अगरआज उसे फ़िज़ा सें माफी भि माँगने पड़े तौ वोँ माँगेगी, पऱ फ़िज़ा कि खामोशी उसे अंदर हि अंदरमर रही थि। वोँ अपनी नाइटी मे फ़िज़ा केँ रूम मे चली जाती हैं।
फ़िज़ा रेहाना कों अपनेरूम मे देखकर बेड पे लेट जाती हैं, औऱ लाइटआफ कर देती हैं, जैसेउसे सोना हैं। औऱ रेहाना यहा सें जाओ पर्र रेहाना उसकेपास आकरबेड पे लेट जाती हैं। फ़िज़ा दूसरी तरफ मुँह करके लेटी हुई थि।
रेहाना उसकेपेट केँ पीछे सें-“फ़िज़ा, मेरीतरफ देखो…”
फ़िज़ा-“मुझे आपकीकोई बात नहि सुननी, आप् यहा सें जाओ…”
रेहाना-“एक् बार मेरेबात सुनलो फ़िज़ा, उसकेबाद चाहे जीवनभर मुझसे बात नां करना…”
फ़िज़ा रेहाना केँ तरफ मुँहकर लेती हैं-“क्याँ बताएंगी आप् कि मैंने वोँ देखा, वोँ सुना वोँ नज़रों कां धोखा थां औऱ आपनेअमन केँ संगकोई गलत नहि किया…”
रेहाना-“पहले मेरेबात सुनलो, उसकेबाद तुम् वोँ फैसला कारेगी मुझे मंजूर होगा। फ़िज़ा, जब मेरी विवाह तुम्हारे अब्बू सें हुईँ, उस वक्त मेरीउमर बहोत कम थि। मगर मैंने तुम्हारे अब्बू केँ लिये एक् सुलझी हुई महिला कि तरह जीवन गुजारी। तुम्हारे अब्बू शराब पीते थें औऱ शराब पीकर मुझे मारते थें। उससमय भि अमन तेरे अब्बू कों रोक लेता थां। वोँ छोटा थां, मगर तेरे अब्बू उसके सामने मुझे मारते नहि थें। हमारी शादीशुदा जीवन मे कुछखास नहि रहा। मे हरसमय तेरे अब्बू केँ लिये तड़पी हूं औऱ तेरे अब्बू बाहर् कि रंगरेलियों मे मस्त थें।
उससमय भि अमन मुझे समझाता थां, एक् मासूम बच्चे केँ तरह मेरे आँसू पोंछता थां। मुझे उससेउस समय सें इश्क हैं।
तेरे अब्बू मुझसे हमारी शादीशुदा जीवन मे सिर्फ़ 20 सें 25 बार हि मेरेसंग हमबिस्तर हुए हैं, चुदाई कि हैं। वोँ तौ तेरे बड़े अब्बू केँ संग दुबई जाने सें थोडा सुधरे हें। आज भि जब वोँ यहाआते हें तोँ मे अकेले हि रहती हूं। फ़िज़ा, अमनजब छोटा थां तबसे मेरा ख्याल रखरहा हैं, औऱ आज भि रखता हैं। क्याँ मे स्त्री नहि? मेरा शरीर पत्थर कां नहि हैं। फ़िज़ा मुझे भि मर्द कां एहसास चाहिए, मेरे बुर मे भि वोँ चाहिए जिसके लिये महिला तड़पती हैं। अबअगर मैंने अमन केँ संग वोँ सभी किया तौ मुझे लगता हैं कि मैंने सही किया। क्योंकी मे अमन सें सच्ची इश्क करती हूं। औऱ मुझेइस बात कां कोई पछतावा नहि हैं। फ़िज़ा बेटी, जब बेटी बड़ी होँ जाती हैं तौ सहेली बन जाती हैं। तुँ एक् सहेली कि तरहसोच कि क्याँ मैंने गलत किया? औऱ रेहाना कि आँखों सें आँसू निकलने लगते हें।
फ़िज़ा-“नहि अम्मी, मुझेमाफ करदो। मे आपकोसमझ नहि पाई। प्लीज़ आप् मत रोइये…” औऱ फ़िज़ा रेहाना केँ सीने सें चिपक जाती हैं। दोनों मां बेटी एक् दूसरे कों समझारही थि, दिलाशा देरही थि औऱ इससभी मे उन्हें खयाल नहि रहा कि वोँ किस पोजीशन मे आँ गई हें। रेहाना औऱ फ़िज़ा कि नाइटी कमर केँ ऊपर होँ चुकी थें। एक् दूसरे कि जाँघ मे जाँघ रगड़रही थि, चुचियाँ आपस मे धँस गई थीं औऱ एक् दूसरे सें इतने चिपके हुए थें कि एक् दूसरे केँ होंठों सें सिर्फ़ दोइंच कां फासला थां।
रेहाना-“नां मेरा बच्चा तूँ नां रो…” औऱ रेहाना फ़िज़ा केँ पेशानी पे, फिनगाल पे चूम लेती हैं।
फ़िज़ा रेहाना सें औऱ चिपक जाती हैं। औऱ अपनी चुचियाँ रेहाना कि चुचियाँ पे घिसने लगती हैं-“अम्मी, मेरी अम्मी अह्म्मह…”
रेहाना कि बुर तौ 7 दिन सें अमन केँ लण्ड केँ बिना उसकी भि प्यासी थि। दोनों एक् दूसरे कि आँखों मे देखती हें। औऱ रेहाना फ़िज़ा केँ गुलाबी होंठों पे अपनी होंठरख देती हैं।
फ़िज़ा-“उंह्म्मह… मुआह्म्मह… मुआह्म्मह…” औऱ अपना मुँहखोल देती हैं-“याँ अम्मी…”
रेहाना फ़िज़ा कि चुचियाँ पे डरते-डरते हाथरख देती हैं। उसकेहाथ पे फ़िज़ा अपनाहाथ रखकर दबाने लगती हैं। दोनों कि जाँघें एक् दूसरे कि बुर कों छूरही थीं।
“उंह्म्मह… नहि ओह्म्मह… उंह्म्मह… अम्मी उंन्ह…” दोनों भूलगये थें कि वोँ कहां हैं, औऱ कौन हैं? बुर कि आग होती हि ऐसी हैं।
रेहाना अपनेनरम हाथों सें फ़िज़ा कि चुचियाँ मसलने लगती हैं, औऱ फ़िज़ा कि नाइटी उतारने लगती हैं-“उंह्म्मह… गलप्प्प-गलप्प्प… उंह्म्मह… ओह्म्मह…”
फ़िज़ा भि ऐसा हि करती हैं। कुछ पलों मे दोनों मम्मी-बेटी पूरे नंगे हौ चुके थें। रेहाना फ़िज़ा कि गर्दन पे फिन नीचे चुचियों कों अपने मुँह मे लेकर चूसने लगती हैं गलप्प्प-गलप्प्प औऱ एक् हाथ सें फ़िज़ा कि अन चुदी बुर सहलाने लगती हैं।
अमन विला-एक सेक्सी दुनियाँ completee - Chudai Ki Kahani - Next part mein bada twist
धन्यवाद दोस्तो भाग थोड़ी हि देर मे
superb...........
Relavant source : click here