अमन विला-एक सेक्सी दुनियाँ completee - Chudai Ki Kahani – New Episode
अमन रजिया कि शलवार कां नाड़ा खोलने हि वाला थां कि डोरबेल बजती हैं। रजिया अमन कों अपनीऊपर सें धकेलकर अपनेरूम मे भाग जाती हैं। उसके चेहरे सें साफलग रहा थां कि वोँ चिढ़ी हुए हैं, उस कम्बख़्त डोरबेल बजाने वाले सें।
अमन भि झुंझलाकर अपने आपकोठीक करके दरवाजा खोलता हैं तोँ सामने अनुम खड़ी थि।
अनुम-कितने देर सें बेलबजा रही हूं, कहां थां?
अमन-“मे कोई चपरासी नहि हूं, वोँ दरवाजे केँ पास बैठा रहूं। पढ़ाई कररहा थां…”
अनुमउसे गुस्से सें देखते हुए-“बड़ा आया पढ़ाई करने वाला…” औऱ पांव पटकके अपनीरूम मे जाने लगती हैं। अनुम नें पीछे मुड़कर पूछा-अम्मी आँ गई क्याँ?
अमन-हाँ, अपनेरूम मे होंगी।
उधर रजिया बाथरूम मे अपनी बुर केँ दाने कों मसलकर अपना पानी निकालने लगती हैं। अगर अनुम नहि आती तौ शायदआज रजिया चुद जाती।
9:00 बजे खानां खाने केँ बादअमन हाल मे बैठा टीजीदेख रहा थां। रजिया औऱ अनुम किचिन मे सफाईकर रहे थें।
अमनकुछ सोचते हुए-“अम्मी, मे चाचीज़ान केँ यहाजा रहा हूं उनके कंप्यूटर सें नोटस निकालने हें। अगरदेर होँ गई तोँ वहींसो जाऊँगा।
रजिया-“ठीक हैं। रेहाना कों मेरा सलाम कहना…”
फिनअमन अपनेरूम मे जाकर नाइट पैंटपहन लेता हैं। औऱ रेहाना केँ घऱ कि तरफ निकल जाता हैं। रेहाना औऱ फ़िज़ा अभि-अभि खानां खाकरउठे थें औऱ वोँ भि अपने बर्तन साफ करने मे लगे थें। तभीअमन किचिन मे दाखिल होता हैं।
अमन-सलाम चाचीज़ान।
रेहाना अमन कों इस टाइम देखकर खुशी केँ मारे उछलना चाहती हैं। मगर फ़िज़ा केँ लगभग होने सें सिर्फ़ मुश्कुराकर जवाब देती हैं-“अरे अमन, आओ बेटा इस वक़्त कुछकाम थां?”
अमन-“वोँ चाचीज़ान, आपकेरूम मे वोँ कम्प्यूटर हैं। मुझे वोँ इश्तेमाल करना थां, कुछ नोटस निकालने हें। टेस्ट नज़दीक आँ रहे हें नाँ…”
रेहाना उसे घूरते हुए-“अच्छा अच्छा, जाओ इश्तेमाल करलो। मे तुम्हारे लियेगरम चाय बनाकर लाती हूं…”
फ़िज़ा-“क्याँ बात हैं अमन, आजकल बड़ी पढ़ाई हौ रही हैं? हाँ…”
अमन-हाहाहाहा… बस दिदी आपकाअसर हैं।
फ़िज़ा उसे शरारती स्माइल देकरचली जाती हैं।
अमन रेहाना कों अपनी बाहों मे भर लेता हैं।
रेहाना-“अह्म्मह… अमन क्याँ कररहा हैं? छोड़ मुझे, फ़िज़ा देख लेगी…”
अमन-“देखने दे, आजरात भर तुम को रगड़कर चोदना हैं। अम्मी नें यहा सोने केँ इजाजत दे दि हैं…” औऱ अमन रेहाना केँ होंठचूम लेता हैं।
रेहाना-“अह्म्मह… सच…” औऱ रेहाना मारे खुशी केँ उसेकाट लेती हैं। तभी फ़िज़ा कि आवाज़ सें दोनों अलग होँ जाते हें।
अमन कम्प्यूटर इश्तेमाल कररहा थां। इश्तेमाल क्याँ वक्तपास कररहा थां, औऱ फ़िज़ा केँ सोने कां प्रतीक्षा कररहा थां।
पऱ फ़िज़ा थि कि रेहाना केँ रूम मे बैठी रेहाना सें अपने कॉलेज कि बातें कियेजा रही थि। रेहाना कि बुर मे आजरात होने वाली चुदाई कों सोच-सोचकर पानी आँ रहा थां। तभीअमन कम्प्यूटर बंद करके उनकेसंग बातें करने लगता हैं। वोँ बेड सें पीठ टिकाए बैठा थां, रेहाना चेयर पे औऱ फ़िज़ा सोफे पर्र। बातें करते-करते अमन अपने आँखें बंदकर लेता हैं, जैसेसो गय़ा होँ।
10 मिनटबाद जबअमन कोई रेस्पॉन्स नहि देता तौ फ़िज़ा धीरे-धीरे सें रेहाना सें कहती हैं-“अम्मी लगता हैं कि अमनसो गय़ा हैं। इतनीरात कों इसे उठाकर भेजना ठीक नहि लगता…”
रेहाना-“हाँ, बच्चा सो गय़ा लगता हैं। मे ऐसा करती हूं कि रजिया बाजी कों मोबाइल करकेबोल देती हूं कि अमनकल ब्रेकफास्ट करके आँ जाएगा…”
फ़िज़ा-“हाँ, यहठीक रहेगा। पऱ अम्मी आप् कहां सोयेंगे?”
रेहाना-“बेटा, मे नीचेबेड डाल देती हूं। जैसे भि मेरीपीठ मे दर्द हैं कल सें। नीचे सोने सें आराममिल जाएगा…”
फ़िज़ा-“ओके अम्मी, मुझे भि बहोत नींद आँ रही हैं। मे चली सोने। बाययी गुड नाइट…”
रेहाना-गुड नाइट बेटा।
फ़िज़ा केँ जाने केँ बाद रेहाना अमन कों घूरते हुये-“बहोत चालाक हौ जानू…” औऱ रजिया कों मोबाइल करकेअमन केँ रुकने कि इत्तेला दे देती हैं।
सब दरवाजे बंद करके रेहाना फ़िज़ा केँ रूम मे जाती हैं। फ़िज़ा घोड़े बेचकर सो चुकी थि। रेहाना केँ चेहरे पे मुश्कान आँ जाती हैं। औऱ वोँ रूम मे जाकर दरवाजा बंदकर लेती हैं। फिन अलमारी सें एक् पतली सि नाइटी निकालकर पहन लेती हैं, औऱ अपनी ब्रा औऱ पैंटी उतार देती हैं। रेहाना बेड पे जाकरअमन केँ कान मे धीरे-धीरे सें कहती हैं-“गुड नाइटअमन…”
अमन आँखें खोलकर रेहाना कों अपनेऊपर खींच लेता हैं, औऱ रेहाना कों देखते हुए-“गुड नाइट…ऐसे केसेगुड नाइट?
पहले लण्ड कों कर टाइट,
बुर सें करनेदे फाइट,
गिरने दे सफेद वीर्य,
तब होगाआल राइट’
तब कहनागुड नाइट।
रेहाना खिलखिलाकर हँसने लगती हैं, औऱ अमन पे चढ़ जाती हैं-“गंदे कहीं केँ…”
अमन रेहाना कि गाण्ड पकड़कर मसलने लगता हैं।
रेहाना-“अह्म्मह… उंह्म्मह… अमन उंह्म्मह…”
अमन-“रेहाना, आज तेरे तीनों सुराखों मे लण्ड डालूंगा अह्म्मह…”
रेहाना-“अह्म्मह… उंह्म्मह… डालो नाँ जी, मे तोँ पूरी कि पूरी आपकी हूं उंह्म्मह… अह्म्मह…”
अमन-“साली क्याँ बात हैं, एक् हि चुदाई मे तुँ सें आप्?”
रेहाना-“अमन, मैंने आपको अपना शौहरमान लिया हैं। अबसे रेहाना आपकी पत्नि हैं, औऱ पत्नि कों चोदने केँ लिये पूछा नहि करते…बस चोदते हें। ओह्म्मह… उंह्म्मह…”
अमन नें रेहाना कि गाण्ड मे एक् उंगली डाल दि थि, जिससे रेहाना उछलने लगती हैं।
रेहाना-“उंह्म्मह… आअगघ… अह्म्मह…”
अमन रेहाना कि नाइटी गले सें उतार देता हैं, औऱ उसे नंगीकर देता हैं। नाइट बल्ब कि रोशनी मे रेहाना कां जिस्म चमकने लगता हैं। रेहाना कि कमर थोडा बाहर् निकली हुइ थि पेट एकदम पतला औऱ छाती बाहर् एकदम परफ़ेक्ट जिस्म। अमन रेहाना कि गाण्ड मे उंगली करने लगता हैं।
रेहाना-“आआह्म्मह… उंह्म्मह… सुनिए, मुँह मे डालिये नाँ…”
अमन-क्याँ?
रेहाना-आपका लण्ड।
अमन-चल मुझे नंगाकर
बिंदास
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अमन विला-एक सेक्सी दुनियाँ completee - Chudai Ki Kahani – New Episode
रेहाना अमन कि नाइट पैंट खींच लेती हैं, औऱ अंडरवेअर भि। अमन कां लण्ड अपनी औकात मे आँ जाता हैं। रेहाना बिनादेर किए उसके गुलाबी सुपाड़े पे चूम लेती हैं, औऱ “गलप्प्प… गलप्प्प…” मुँह मे भर लेती हैं। उंह्म्मह… गलप्प्प-गलप्प्प।
अमन-“धीरे-धीरे, साली इतनेजोर सें नहि अह्म्मह… अह्म्मह… धीरे-धीरे ऊह्म्मह…”
रेहाना उसकीबात कों अनसुना करके पूरी रफ़्तार सें लण्ड चूसने लगती हैं-“गलप्प्प… गलप्प्प… गलप्प्प… उंह्म्मह… उंह्म्मह… उंह्म्मह…”
अमन रेहाना कि गाण्ड पे थप्पड़ मारता जाता हैं-“चूस सालीचूस… कमीनी अह्म्मह… अह्म्मह… अह्म्मह…”
रेहाना केँ थूक सें अमन कां लण्ड औऱ चमकने लगता हैं-“उह्म्मह… गलप्प्प… गलप्प्प उंह्म्मह…”
फिनअमन रेहाना केँ बाल पकड़कर ऊपर खींच लेता हैं-“इधर आँ रेहाना…” अमन रेहाना केँ होंठ चाटने लगता हैं। दोनों एक् दूसरे कि जीभचाट रहे थें।
रेहाना-“उंह्म्मह… अह्म्मह…” फिन रेहाना अपनी बुर कों औऱ अमन केँ लण्ड कों एक् संग सहलाने लगती हैं-“उंह्म्मह… अह्म्मह… आगगघ…”
अमन सें बर्दाश्त करना मुश्किल हौ रहा थां वोँ रेहाना कों नीचेकर लेता हैं, औऱ उसके पैरों केँ बीच आँ जाता हैं।
रेहाना-“उंह्म्मह… अह्म्मह… जानू…अमन उंह्म्मह…”
अमन लण्ड कों रेहाना केँ बुर पे घिसने लगता हैं।
रेहाना-“अह्म्मह… ओह्म्मह… अह्म्मह… जानू चोदो नाँ जी अह्म्मह… उंह्म्मह… डालो नां अमन…”
अमन रेहाना केँ आँखों मे देखते हुए-“लेँ साली अह्म्मह… अह्म्मह…”
रेहाना-ओह्म्मह… इस्स्स्स्स… आह्म्मह… उंह्म्मह… अम्मी उंह्म्मह…”
अमन दनादन रेहाना कों चोदने लगता हैं-“लें रेहाना… लें मेरीजान… चुद लेँ अपने शौहर सें अह्म्मह…”
रेहाना-उंह्म्मह… आह्म्मह… उंह्म्मह… अमन्न जानू धीरे-धीरे… उंह्म्मह… नहि…”
दोनों एक् दूसरे केँ अंदरबस समा जानां चाहते थें। अमन इतनेजोर सें रेहाना कों चोदरहा थां कि फटक-फटक कि आवाज़ रूम मे गूँजरही थि, ऊपर सें दोनों केँ चिल्लाने कि आवाज़ें। अमन रेहाना कि गाण्ड कों पकड़कर चोदेजा रहा थां।
औऱ रेहाना नीचे सें गाण्ड उछाल-उछालकर उसकासंग देरही थि-“अह्म्मह… उंह्म्मह… जानू…”
रेहाना कि बुर पूरीतरह सें चिकनी होँ चुकी थि, जिससे अमन कों चोदने मे आसानी होँ रही थि-“अह्म्मह… रेहाना तेरी बुर अह्म्मह… सालीदेख केसेजा रहा हैं तेरी बुर मे अह्म्मह… उंह्म्मह…”
रेहाना-“हाँ हाँ चोदो जानू अह्म्मह… चोदो अपनी रेहाना कों अह्म्मह… चीरदो मेरे बुर कों अह्म्मह… मे चल भि नां पाऊँ, ऐसे चोदो अह्म्मह… उंह्म्मह… अह्म्मह…”
अमन-“अह्म्मह… रेहाना, आजरात भर तुम्हारी तरफ चोदना हैं, रगड़कर जान उंह्म्मह…” दोनों तकरीबन आधे घंटे सें चुदाई मे मसरूफ थें।
रेहाना-“अह्म्मह… अमन मे आँ रही हूं…”
अमन-“अह्म्मह… मे भि… लेँ रेहाना तेरी बुर मे मेरा पानी अह्म्मह… अह्म्मह… श्श्शह…”
औऱ दोनों पानी छोड़ने लगते हें। तकरीबन 10 मिनटबाद दोनों कि सांसें सभलती हें। अमन अभि भि रेहाना केँ ऊपर थां। अमन रेहाना कों अपनेऊपर खींच लेता हैं, औऱ रेहाना कों अपनी बाहों मे भर लेता हैं। अमन रेहाना कों अपनेऊपर लें लेता हैं, पर्र अमन कां लण्ड अभि भि रेहाना कि बुर मे थां औऱ उसकी बुर सें दोनों कां पानी बाहर् निकलरहा थां। रेहाना अमन कि छाती पे अपनासर रखेहुए उसके गुलाबी निपल्स कों काटती हैं।
अमन-“अह्म्मह… क्याँ कररही हैं?”
रेहाना-“मेरा जानू हैं, कुछ भि करू?”
अमन-“रेहाना, एक् बातबता कि तूँ मुझसे चुदने केँ लिये केसे सजधजकर हौ गई?”
रेहाना-“क्योंकी मे आपसे सच्ची मुहब्बत करती हूं अमन…”
अमन-“झूठ… कुछदिन बाद चाचू वापस आएंगे तोँ तूँ उनसे चुदाएगी औऱ मुझेभूल जाएगी…”
रेहाना कि आँखों मे नमी आँ जाती हैं, औऱ वोँ अमन कों देखने लगती हैं-“क्याँ मे तुझेही ऐसी स्त्री लगती हूं, वोँ बस लण्ड केँ लिये मरती हैं? तेरे चाचू मेरे शौहर अवश्य हें, पऱ दिल कि मुहब्बत मे तुझसे करती हूं औऱ करती रहूगी मरतेदम तक…” औऱ अमन केँ ऊपर सें उठने लगती हैं।
अमनउसे वापस खींच लेता हैं-“अरे, मे तोँ मज़ाक कररहा थां जान…”
रेहाना-ऐसा मज़ाक दुबारा मत करना।
अमन रेहाना केँ होंठ कों चूमते हुए-“नहि करूगा…” फिन रेहाना कि बुर मे अमन कां लण्ड जागने लगता हैं।
रेहाना-उंन्ह… अमन एक् बात कहूँ?
अमन-बोल।
रेहाना-आई लवयू।
अमन रेहाना केँ होंठों कों चूसने लगता हैं-“आई लवयूटू रेहाना…”
रेहाना-“अह्म्मह… क्याँ कररहे होँ? उंन्ह… वहा नहि…”
अमन नें रेहाना कि गाण्ड मे एक् संगदो उंगलियाँ डाल दि थि, जिससे रेहाना मचलउठी थि।
रेहाना-“क्यूं जी, क्याँ इरादा हैं? अह्म्मह… ओह्म्मह…”
अमन-“तेरी गाण्ड मारने कां इरादा हैं। पऱ मुझे नहि लगता कि तूँ मेरा लेँ पाएगी…”
रेहाना-“आप् प्रेम सें डालोगे तौ मे अवश्य लेँ लूंगी अह्म्मह… ऊऊह्म्मह…”
अमन-“अच्छा देखते हें। जातेल कि बोतल लेकर आँ…”
रेहाना अमन केँ लण्ड पे सें उठ जाती हैं तौ ‘पच्च’ कि आवाज़ सें अमन कां लण्ड बाहर् आँ जाता हैं। औऱ रेहाना गाण्ड मटकाते हुएतेल कि बोतल लानेचली जाती हैं। अमन घड़ी केँ तरफ देखता हैं तोँ रात केँ 2:00 बजरहे थें।
रेहाना-“क्याँ देखरहे होँ जी?आज आपको सोने नहि दूंगी…”
अमन-“हाहाहाहा… साली छिनाल इधर आँ, तेललगा मेरे लण्ड मे…”
रेहाना अपनी हथेली मे तेल लेती हैं। मगरअमन केँ लण्ड पे तेल लगाने केँ बजाए स्वयं कि बुर औऱ गाण्ड पे तेल लगाने लगती हैं, औऱ अमन कां लण्ड मुँह मे लें लेती हैं।
अमन-“अह्म्मह… अह्म्मह… रेहाना धीरे-धीरे, क्याँ कररही हैं? अह्म्मह…”
रेहाना-“उंहूँ गलप्प्प… गलप्प्प… अह्म्मह… गलप्प्प… गलप्प्प…” औऱ तेज़-तेज़ सें लण्ड चाटने लगती हैं। रेहाना कां थूकअमन केँ लण्ड कों गीलाकर चुका थां। रेहाना अमन केँ लण्ड कों मुँह सें निकालकर फिनतेल अमन केँ लण्ड पे लगाती हैं।
अमन-“अह्म्मह… रेहाना तुँ पक्की एक्सपर्ट हैं। चाचू कां भि लण्डऐसे हि चूसती हैं क्याँ?”
रेहाना-“नाम मतलोउस हरामी कां, मुझेयहा अकेले छोड़कर जहाँ गाण्ड मरारहा हैं…”
अमन रेहाना केँ बाल खींचते हुए-इधर आँ।
रेहाना तकलीफ औऱ मस्ती मे अह्म्मह… अह्म्मह… करते हुयेअमन केँ पास आँ जाती हैं।
अमन-चल घोड़ी बनजा।
रेहाना घोड़ी बन जाती हैं। उसके चुचियाँ नीचेलटक रही थि, गाण्ड पीछे कि तरफ थि औऱ बाल खुलेहुए थें। अमन पागलहुआ जारहा थां औऱ अपने लण्ड कों मसलते हुए-“पहले कभी पीछे लिया हैं?”
रेहाना-नहि जी।
अमन-थोडा दर्द होगा।
रेहाना-होने दो आप् बस चोदो।
अमन पीछे सें रेहाना कि गाण्ड पे अपना लण्ड टिका देता हैं, औऱ रेहाना केँ कंधे कों पकड़कर जोरदार झटका देता हैं-“अह्म्मह… लेँ जान…”
रेहाना-“अम्मी उंह्म्मह… अह्म्मह… नहींई निकालो जी उंह्म्मह… प्लीज़ बाहर् निकालो उंह्म्मह… सुनिए नाँ जी बहोत दुखता हैं… अम्मी जी…”
अमन-“अह्म्मह… चुपकर, बस होँ गय़ा…” औऱ एक् जोरदार झटके सें अपना पूरा लण्ड रेहाना कि गाण्ड मे पेल देता हैं।
रेहाना-“अह्म्मह… हाँ उंह्म्मह…” रेहाना केँ लिये दर्द बर्दाश्त करना मुश्किल थां, मगरअमन कि मुहब्बत उसेरोक रही थि चिल्लाने सें। रेहाना बेड सें चिपक जाती हैं।
अमन रेहाना कि गाण्ड मे आहिस्ता लण्ड अंदर-बाहर् करने लगता हैं। वोँ सिर्फ़ दोइंच बाहर् निकालकर पेलरहा थां। मगर रेहाना कों ऐसालग रहा थां जैसेअमन पूरा बाहर् निकालकर जड़ तक पेलरहा हैं।
रेहाना-“अह्म्मह… अजी सुनिए, धीरे-धीरे मारिये नाँ अह्म्मह…”
अमन-“हाँ मेरे रानी, बहोत टाइट हैं तेरी गाण्ड अह्म्मह… ओह्म्मह… उंह्म्मह…”
रेहाना-“चुचियाँ मसलते हुए चोदिए नां जी… अह्म्मह…”
अमन रेहाना कि चुचियों कों मसलते हुए रेहाना कि गाण्ड मारने लगता हैं। अब थोडा आसानी सें लण्ड अंदरजा रहा थां-“रेहाना तुँ ठीक तोँ हैं नां? दर्द तोँ नहि हौ रहा नाँ जान? अह्म्मह…
रेहाना-नहि, उंह्म्मह… मे ठीक हूं अह्म्मह… उंह्म्मह… अम्मी उंह्म्मह… ओह्म्मह…”
shubhs wrote: ↑14 Nov 2017 04:20 बिंदास pongapandit wrote: ↑14 Nov 2017 19:33 super hot super erotic incest bhay Rohit Kapoor wrote: ↑14 Nov 2017 19:57 Keep writing dear, Excited for NEXT Update . . . . धन्यवाद दोस्तो
अमन विला-एक सेक्सी दुनियाँ completee - Chudai Ki Kahani – New Episode
अमनअब दनादन गाण्ड मे लण्ड डालने लगता हैं। जिससे पच-पच कि आवाज़ आने लगती हैं-“अह्म्मह… रेहाना अह्म्मह…” अमन रेहाना सें बुरीतरह ऊपर सें चिपका हुआ थां। उसकेहर झटके सें रेहाना बेड मे धँस जाती थि।
रेहाना-“अम्म्म्मम जानू आपका बहोत बड़ा हैं। मेरी गाण्ड फट गई हैं। अह्म्मह…”
अमन-“आह्म्मह… मुझे फाड़नी हैं तेरी… साली, कल तूँ चल भि नहि पाएगी ऐसे चोदना हैं तुम को आह्म्मह… लेँ लें ल्ले औऱ तेज़-तेज़ सें। अह्म्मह… ऐसे-ऐसे होना नां तुम्हे ऐसे…”अमन रेहाना कि कमर पकड़कर अपनी पूरी ताकत सें उसकी गाण्ड माररहा थां।
रेहाना-हाँ हाँ अह्म्मह… ओईईए अम्मी उंह्म्मह… अगघ उंह्म्मह… अम्मी गग्गग्गग… सुनिए जी, सुनिए नाँ…”
अमन-अह्म्मह… बोल क्याँ हुआ?
रेहाना-“मुझे जोर सें पेशाब आई हैं। बाहर् निकालिये नाँ जी अह्म्मह… उंह्म्मह…”
अमन इतना हट्टा-कट्टा थां कि एक् संगदो औरतों कों अपनीगोद मे उठा सकता थां। अमन नें कहा-“रुक…” औऱ रेहाना कों अपनीगोद मे उठा लेता हैं। रेहाना कि गाण्ड मे अभि भि लण्ड थां औऱ वोँ एक् बच्चे कि तरह पांव चौड़ा कियेअमन कि गोद मे थि। अमनउसे रूम मे बने बाथरूम मे लेँ जाता हैं, औऱ कमोड पे खड़ाकर देता हैं, औऱ कहता हैं-“चल मूत…”
रेहाना-“उंह्म्मह…” वोँ कोशिश करती हैं, पऱ मूत नहि पाती-“अह्म्मह… सुनिए, नहि आँ रहा हैं नां जी…”
अमन रेहाना कों थोडा ठोंकता हैं, औऱ दनादन-दनादन चोदने लगता हैं-“अह्म्मह… अह्म्मह… अह्म्मह… मूत साली…”
रेहाना अमन केँ इतने जोरदार झटकों सें काँपने लगती हैं, औऱ उसकी बुर सें पेशाब निकलने लगता हैं-“अह्म्मह… अह्म्मह… अम्मी अम्मी… आययी अम्म्म्म…” पेशाब दोनों केँ पैरों सें बहताहुअ नीचेगिर रहा थां पर्र उन्हें इसकी परवाह नहि थि।
“अह्म्मह… अह्म्मह…” अमन रेहाना कि चुचियाँ मरोड़ते हुए-“होँ गय़ा?”
रेहाना-“हाँ अह्म्मह… मेरा पानी अह्म्मह…” अमन नें इतनेजोर सें रेहाना कि गाण्ड मारी थि कि पेशाब करने केँ बाद रेहाना कि बुर अब पानी छोड़ने लगी थि-“अह्म्मह… अह्म्मह…
अम्मी…” औऱ रेहाना पानी छोड़ देती हैं। वोँ ढीलीपड़ गई थि। पर्र अमन अभि तक झड़ा नहि थां। उसका स्टैमिना देखकर रेहाना पूछ बैठती हैं-“सुनिए, आपका पानी नहि निकला?”
अमन-“नहि… एक् बारजब मेरा पानी निकल जाता हैं तोँ उसकेबाद दुबारा पानी निकलने मे वक़्त लगता हैं…” यह कहकरअमन रेहाना कि बुर सें लण्ड निकाल लेता हैं।
रेहाना पानी सें अपनी बुर औऱ गाण्ड साफ करने केँ बादअमन कां लण्ड भि साफ करती हैं, औऱ पेशाब भि।
अमन-चल बेड पे।
रेहाना-मुझसे चला नहि जारहा हैं।
अमन रेहाना कों गोद मे उठा लेता हैं, औऱ उसके होंठों कों चूसने लगता हैं-“तुँ बहोत नौटंकी करती हैं रेहाना…”
रेहाना-आपके हुंह्म्मह।
अमन रेहाना कों बेड पे लेटाकर उसके बाजू मे लेट जाता हैं।
रेहाना अमन सें चिपक जाती हैं-एक् बात कहूँ?
अमन-बोल।
रेहाना-“मे चाहती हूं कि मे ऐसे हि पूरी नंगीहर रात आपकी बाहों मे पड़ी रहूं औऱ आप् मुझेरोज चोदें…”
अमन-कुछ रोजरुक जाफिन तूँ जैसा चाहेगी वैसा होगा।
रेहाना-सच… औऱ रेहाना अमन केँ ऊपर आँ जाती हैं।
अमन-सुन मेरे लण्ड पे बैठजा।
रेहाना-“जी…” औऱ रेहाना पांव चौड़े करकेअमन केँ लण्ड पे बैठते चली जाती हैं-“अह्म्मह… अह्म्मह… उंह्म्मह…”
अमन रेहाना कों अपने सें चिपकाकर नीचे सें लण्ड उसकी बुर मे पेलने लगता हैं-“अह्म्मह… अह्म्मह… रेहाना अह्म्मह…”
रेहाना ऊपर सें अपनी गाण्ड हिलाने लगती हैं, जैसेअमन कों चोदरही हौ औऱ अपनी चुचियाँ अमन केँ बालों वाले छाती पे रगड़ने लगती हैं-“अह्म्मह… आग्गगघ…”
अमन रेहाना कों चोदेजा रहा थां औऱ उसकीजीभ कों मुँह मे लेकर चूसने लगा थां। रेहाना कि गलप्प्प-गलप्प्प उंह्म्मह… उंह्म्मह… अह्म्मह… ऊऊऊ ओह्म्मह… फच-फच, पच-पचरूम मे उन दोनों कि आवाज़ें माहौल कों औऱ रोमांटिक बनारही थीं।
अमन-“अह्म्मह… लेँ मेरा पानी आह्म्मह… अह्म्मह…” औऱ अमन रेहाना कि बुर मे पानी छोड़ देता हैं।
रेहाना भि तीसरी बारझड़ रही थि-“अह्म्मह… उंह्म्मह…”
दोनों एक् दूसरे सें चिपके एक् दूसरे कों शांतकर रहे थें।
10 मिनटबाद रेहाना नें कहा-सुनिए जी।
अमन-बोल।
रेहाना-आप् मुझेकल प्रेग्गनेन्सी रोकने कि गोलियाँ लाकर देंगे।
अमन-क्यूं?
रेहाना-“आपने मुझे इतनीबार चोदा हैं, मे प्रेग्गनेंट हौ सकती हूं… मे रिस्क नहि लेना चाहती…”
अमन-“क्यूं, मेरा बच्चा पैदा नहि करेगी?”
रेहाना-करूंगी, पर्र वक़्त आने पे।
अमन-ठीक हैं, ला दूंगा। अबसोजा रात केँ 3:00 बजरहे हें।
रेहाना-आप् सोजाओ, मे आपकेऊपर हि सोऊँगी।
अमन-ठीक हैं, बाहर् निकालूं?
रेहाना-“नहि, अंदर हि रहनेदो नां…”
फिनअमन आँखें बंदकर लेता हैं। रेहाना अमन केँ ऊपर उससे चिपकी उसका लण्ड अपनी बुर मे रखे लेटेहुए अपनीआने वाली जीवन केँ बारे मे सोचने लगती हैं।
सबेरे 5:00 बजे-
अमन औऱ रेहाना एक् दूसरे कि बाहों मे सो चुके थें। कुछदेर बादअमन कि आँख खुलती हैं। औऱ वोँ अभि भि रेहाना कों अपनेऊपर चिपका पाता हैं। अमन कां लण्ड ढीला थां मगर रेहाना कि बुर मे थां। अमन रेहाना केँ बालों मे हाथ डालकर सहलाने लगता हैं, औऱ एक् हाथ सें रेहाना कि कमर सहलाता हैं।
रेहाना अभि-अभि सोई थि-“उंन्ह… सोने दीजिये नाँ…”
अमन बिनाकुछ कहे रेहाना कों सहलाता रहता हैं। रेहाना जाग जाती हैं, औऱ अमन कि आँखों मे देखते हुए-“आज आप् सोने नहि दोगे? हैं नां…”
अमन-नहि।
रेहाना-फिन?
अमन-चोदना हैं।
रेहाना-“उंह्म्मह… नीचेलो मुझे…”
अमन रेहाना कों नीचे लेता हैं, औऱ उसकी चुचियों कों मसलते हुए-“सुन… लण्ड कों टाइटकर…”
रेहाना-“हाँ…” औऱ रेहाना उठकरअमन कां लण्ड मुँह मे लें लेती हैं। अमन केँ लण्ड पे उन दोनों कां पानी रेहाना कों मदमस्त कररहा थां-“गलप्प्प-गलप्प्प-गलप्प्प…”
अमन-“आँ जा…”अमन कां लण्ड तोँ टाइट थां हि, बसउसे गीला करना थां।
रेहाना अमन केँ नीचे अपनी टाँगें खोल देती हैं। औऱ अमन रेहाना केँ दोनों पेरहवा मे उठा देता हैं। फिन उसकी बुर पे लण्ड रगड़कर अंदर डालने लगता हैं।
रेहाना-“अह्म्मह… अह्म्मह… जानू अह्म्मह…”
अमन-“रेहाना अह्म्मह… अह्म्मह…”
रेहाना-“आप् जब भि मेरी बुर केँ अंदर लण्ड डालते हैं तौ ऐसा एहसास होता हैं कि जैसे पहलीबार चुदरही हूं अह्म्मह… आरामसे जी… अम्मी अम्मी…”
अमन ताकत सें रेहाना कों चोदरहा थां। रेहाना उसकेपेट कों कुरेदने लगती हैं। दोनों चुदाई मे मस्त थें अपनी हि दुनियाँ मे। 30 मिनटबाद दोनों फिन सें झड़ जाते हैं। औऱ फिन सें लेट जाते हें।
सुभह 7:00 बजे-
उन दोनों कों सोये हुये एक् घंटा हि हुआ थां कि फ़िज़ा दरवाजा खटखटाते हुए-“अम्मी दरवाजा खोलिये, मुझे ट्यूशन जानां हैं…”
रेहाना हड़बड़ाते हुएउठ जाती हैं, औऱ जल्द सें अमन कों उठाती हैं-“उठो अमन, अपने कपड़े पहनो। फ़िज़ा दरवाजे पे हैं…”
अमन जल्द सें उठ जाता हैं। दोनों अपनी कपड़े पहन लेती हें। फिनअमन अपनेबेड पे लेट जाता हैं। औऱ आँखें बंद करके कंबल लेँ लेता हैं।
रेहाना कपड़े पहनकर दरवाजा खोलती हैं। उसकी आँखें लालथीं औऱ बाल खुलेहुए।
फ़िज़ा-अम्मी, क्याँ हुआ, आपकी आँखें लाल क्यूं हें?
रेहाना-“कु…कुछ नहि बेटा, नीचेरात मे नींददेर सें आई थि। तुम् बैठो, मे ब्रेकफास्ट बनाती हूं…” औऱ रेहाना बाथरूम मे घुस जाती हैं।
अमन विला-एक सेक्सी दुनियाँ completee - Chudai Ki Kahani - Next part mein bada twist
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