आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
आँचल रिया औऱ उसके माँ बापू केँ संग ब्रेकफास्ट करनेलगी। ब्रेकफास्ट चल हि रहा थां कि रिया कां मोबाइल आँ गय़ा। मोबाइल रवि कां थां। रवि कों मालूम थां कि आज रिया कों विवाह कि तैयारियों केँ सिलसिले मे काफ़ी काम हैं, तोँ वोँ बिज़ी रहने वाली हैं।
मोबाइल पे रवि बोला, ” रियाआज तौ तुम्हारी दौड़भाग हैं, घऱ पे आँचल भाभी अकेली बोर होँ जाएगी। मे सोचरहा हूं भाभी कों दोपहर का खाना पर्र लेँ जाऊँ। ठीक रहेगा क्याँ ?”
रिया : “हाँ, ठीक हैं, एक् मिनट रूको मे पूछती हूं आँचल सें.”
रवि : “ ऐसाकरो मोबाइल आँचल भाभी कों देदो, मे स्वयं हि उनसेबात कर लेता हूं.”
रिया कों पता नहीं थां कि रवि नें जश्न मे पहले हि आँचल सें लञ्च करने कों बोल दिया हैं। रिया कों कोईशक़ नहींहुआ कि रवि उसको बेवक़ूफ़ बनारहा हैं, उसने मोबाइल आँचल कों दे दिया.
आँचल : “हैलो”
आँचल कि आवाज़ सुनते हि रविखुश होँ गय़ा, ”ओह माय डार्लिंग, आई वांटयू। आई वांटटू किसयू, आई वांटटू लवयूमाय डार्लिंग। “
फिन बोला, ” तुमने लञ्च केँ लिए प्रॉमिस किया हैं, आज हम् अकेले मे मिलेंगे। मे 1 pm केँ आसपास आऊँगा तुम्हें लेने तुम् सजधजकर रहना.आई कैंटवेट टूलवयू माय डार्लिंग….”
रवि कां उतावलापन देखकर आँचल मुस्कुरायी, ”ठीक हैं मे रेडी रहूंगी.”
औऱ फिन आँचल नें मोबाइल काट दिया। रिया सामने बैठी हैं, पता नहीं क्याँ क्याँ बोलरहा हैं।
रिया : “ बड़ा मुस्कुरा रही हौ आँचल, क्याँ बोलरहा हैं रवि ?”
आँचल : “ कुछ नहीं। दोपहर मे दोपहर का खाना केँ लिए रेडी रहनाबोल रहा हैं.”
रिया सोचने लगी, इसमे मुस्कुराने वाली क्याँ बात हैं ? फिन अधिक ध्यान नाँ देतेहुए अपना ब्रेकफास्ट ख़त्म करने मे लग गई,।
आँचल भि ब्रेकफास्ट करतेहुए सोचने लगी, यह रवि भि नां पूरा पागल हैं, पीछे हि पड़ गय़ा हैं। मगर आँचल कों इसकीआदत थि, मर्द उसकीतरफ आकर्षित तौ रहते हि थें। वोँ भि टीज़ करने कां मजा लेती थि।
तभी रिया नें आँचल सें कहा, ”किस सोच मे डूबी हुइ होँ ? जीजाजी कों मोबाइल करके बुलाओ, कल हम् सबको घूमने जानां हैं हिल स्टेशन पे.”
“अरेहाँ, मे तौ भूल हि गई, थि, अभि मोबाइल करती हूं.”
ब्रेकफास्ट करके आँचल रिया केँ बेडरूम मे चली गयीँ,, संग मे रिया भि आँ गई,.
आँचल नें सुनील कों मोबाइल लगाया। जैसे हि रिंग गई, रिया नें उसकेहाथ सें मोबाइल छीन लिया, पहले मे बात करूँगी.
“हैलो “, उधर सें ससुरजी कि आवाज़ आई.
“हैलो अंकल, मे रियाबोल रही हूं……”
आँचल सोचने लगी, अंकल ? यह ससुरजी नें मोबाइल क्यूं उठाया ?
“अरे….रिया बेटी, कहो कैसी हौ ? मे तुम्हें याद आँ रहा हूं कि नहीं ?”
“हाँ ………मुझे आप् बहोत याद आँ रहे हौ….”
आँचल कों हैरानी हुईँ कि रिया उसके ससुरजी सें बिना झिझक केँ खुलकर बातकर रही हैं.
“मुझे भि तुँ बहोत याद आँ रही हैं रिया.फिन सें देल्ही कब आएगी तूँ ? “
“क्यूं ? क्याँ करोगे आप् ?” हंसते हुए रिया बोलीं.
“मेरा लन्ड तुम्हे चोदने कों तड़परहा हैं औऱ तूँ बोलती हैं क्याँ करोगे आप्। चोद केँ मजा दूँगा तुझेही औऱ क्याँ करूँगा.”
ससुरजी कि बात सुनकर रिया ज़ोर सें खिलखिलाने लगी।
आँचल रिया कां मुँह देखती रह गयीँ,। ऐसेबात कररही हैं, जैसे ससुरजी नां हों, इसकाकोई हमउम्र मित्र होँ.
फिन रिया बोलीं, ” उम्म्म्म…….मुझे भि बहोत तड़पन हौ रही हैं। औऱ आँचल दिदी कों भि……… मैंने उसकोसभी बता दिया हैं कि केसे आपके खंभे जैसे लन्ड नें मुझेचोद चोदकर मजा दिया.”
रिया कों ससुरजी सें अपनानाम लेते देखकर आँचल कों घबराहट होनेलगी, मगरसंग हि संग उसको एक्साइट्मेंट भि होँ रही थि। हे ईश्वर ! कैसी लड़की हैं यह, मेरे ससुरजी सें मोबाइल पे खुलकर गंदी बातें बोलरही हैं। बिल्कुल शरम हैं हि नहीं.
रिया केँ मुँह सें आँचल कां नाम सुनकर ससुरजी उत्तेजित होँ गय़ा औऱ बोला, ”अरे रिया बेटी, समझाओ अपनी आँचल दिदी कों। मे तौ उसे चोदने केँ लिएकब सें प्यास रहा हूं। पर्र वोँ मौका हि नहीं देती हैं.”
“अच्छा !! यहबात हैं ? लोकरलो अपनी प्यारी बहू रानी सें बात.”
फिन आँचल कों मोबाइल देतेहुए मुस्कुराकर बोलि, ” लो दिदी, अपने ससुरजी सें बातकरो.”
मोबाइल पकड़ते हुए आँचल कां दिल घबरारहा थां.
“हैलो………”, काँपती आवाज़ मे जैसे तैसे आँचल बोलीं.
“आँचल रानी, रिया नें तुम कोसभी बता दिया हैं। बसअब मेरे लन्ड कों औऱ मत तड़पा। पूछ रिया सें, मैंने उसे कितना मजा दिया। मे तुझेही उससे भि ज्यादा मजा दूँगा। “
“उम्म्म्मम………….ससुरजी.”
“बसअबरहा नहीं जाता। मेरी आँचल रानी। अब तोँ मुझे तेरी रगड़ रगड़ केँ चोदना हैं……….”
“उम्म्म्म……….ससुरजी.” ससुरजी कि कामुक बातों सें आँचल औऱ भि घबरा गई,, वोँ मोबाइल पे कुछबोल हि नहींपाई। मगर उसकी बुर मे हलचल होनेलगी.
“अरेकुछ तौ कहो …….क्याँ उम्म्म उम्म्म कररही हैं। मुझसे इतना शरमाती क्यूं हैं ? क्याँ तुझमे मेरेलिए प्यास नहीं हैं ? क्याँ तूँ नहीं चाहती कि जैसामजा रिया कों मिला वैसा हि मजा तुम्हे भि मिले ?”
”उम्म्म…….ससुरजी…………….मे भि चाहती हूं पऱ कोई मौका हि नहीं मिलता। घऱ पे सभीलोग रहते हें। सासूजी सें डरती हूं.”
असलियत यह थि कि ससुरजी भि सासूजी सें डरता थां। बल्कि एक् बार तोँ सासूजी नें आँचल केँ बेडरूम सें ससुरजी कों भगाया भि थां.
रिया भि आँचल औऱ ससुरजी कि बात केँ मज़े लेँ रही थि। अबइन दोनों कि बातों सें वोँ एक्साइटेड होनेलगी। मोबाइल पऱ बात करती हुईँ आँचल केँ गुलाबी गालों पर्र उसने अपने होंठरख दिए औऱ उसे चूमने लगी.
“मेरी आँचल रानी, बसअब तूँ चंडीगढ़ सें जल्द वापस आँ जा.घऱ पे तूँ डरती हैं, मे किसी होटेल मे लें जाकर तुम्हे इत्मीनान सें चोदूँगा। तुँ घबराना मत किसी कों पता नहीं चलेगा.”
“ओह्ह ………….ससुरजी.” ससुरजी कां प्लान सुनकर आँचल केँ मुँह सें कराह निकल गयीँ,.
रिया भि सभीसुन रही थि, उसने आँचल सें मोबाइल छीन लिया, ” मुझे भि ससुरजी। मुझे भि चुदना हैं आँचल दिदी केँ संगसंग……….”
“अरेहाँ बेटी हाँ। मे तुम् दोनों कों मजा दूँगा.”
फिन रिया नें आँचल कों मोबाइल दे दिया, मगर आँचल नें मोबाइल काट दिया। ससुरजी कि गंदी बातों सें दोनों लड़कियों कां दिल ज़ोर ज़ोर सें धड़करहा थां, उनकेगाल औऱ भि अधिक सुर्ख लाल होँ चुके थें।
तभी रिया कों ध्यान आया, ”अरे दिदी, जीजाजी सें तोँ बात हुई हि नहीं.जिस बात केँ लिए मोबाइल कियावही नहीं हुई.”
फिन दोनों लड़कियाँ ज़ोर सें हंस पड़ी.
आँचल बोलीं, ” ससुरजी कि बातों सें ध्यान हि नहींरहा.”
आँचल नें फिन सें सुनील कों मोबाइल मिलाया.
फिन सें ससुरजी जी नें मोबाइल उठाया.
“हैलो, ससुरजी, सुनील कहां हैं ? मोबाइल सुनील कों देना प्लीज़…….”
“सुनील अभि दफ़्तर मे नहीं हैं। यहीं फैक्ट्री मे होगा कहीं। मोबाइल उसका टेबल पऱ हि रखा थां। तुम्हारी कॉलआई देखकर मैंने उठा लिया। मुझे बताओ क्याँ बात हैं ? मे उसेबता दूँगा.”
“हमनेहिल स्टेशन घूमने कां प्रोग्राम बनाया हैं। कल जानां हैं टिंबर ट्रेल। अगरकल सुभह सुनील आँ जाए तौ संग चलेंगे.”
“अरे आँचल रानी, यही तौ मौका हैं। मे आँ जाता हूं। तुम् दोनों केँ संग पहाड़ों मे मस्ती करने मे बहोत मजा आएगा.”
“नहि ससुरजी……….वहा तौ हमारे संग औऱ भि लोग आँ रहे हें। प्लीज़ आप् सुनील कों हि भेज दीजिए। होँ सके तोँ आजरात कों हि भेज दीजिए। मे अपनी प्यास आपकेसंग देल्ही मे आकर हि बुझाऊँगी.”
ससुरजी कि बात सुनकर रिया नें आँचल सें मोबाइल छीन लिया।
“हाँहाँ ससुरजी, आप् हि आइए। बहोत मजा आएगा। प्लीज़ आप् कल आँ जाइए। मे रवि कों कोई एक्सक्यूज़ बना दूँगी। प्लीज़ आप् आँ जाइए, मे यहा आपकेलिए उतावलापन रही हूं.”
रिया कि बात सुनकर ससुरजी खुश हौ गय़ा, कि यह जवान लड़की मेरेलिए कितना उतावलापन रही हैं। इसउमर मे भि मुझमें इतनादम हैं कि अपने जवान मंगेतर कि बजाय मेरेलिए प्यास रही हैं।
मगर ससुरजी अनुभवी थां, उसे मालूम थां कि चंडीगढ़ जाकर रिया केँ माँ बापू केँ घऱ रहना औऱ वहा सें जवान लोगों केँ संग घूमने जानां, ठीक नहीं रहेगा। चुदाई केँ काम चुपचाप हि होने चाहिए। चंडीगढ़ जाने मे बहोत रिस्क हैं। यहीं देल्ही मे हि ठीक रहेगा.
ससुरजी नें रिया सें कहा, आँचल कों मोबाइल दे.
फिन आँचल सें बोला, ”ठीक हैं बहू, मे सुनील कों हि भेज दूँगा। मगरजब तूँ देल्ही वापस लौटेगी नाँ तौ मे तेरी सिखाऊँगा कि रगड़ केँ चुदाई केँ मज़े केसेलिए जाते हें। सीखेगी नां ?”
“उम्म्म………। हाँ ससुरजी…….”
मोबाइल पे बात समाप्त होने केँ बाद आँचल नें रिया कों डांटा, ” तुँ कितनी बदतमीज़ हैं। मेरे ससुरजी केँ संग मोबाइल पे कितनी गंदी बातें कररही थि। शरम नहीं तेरी ज़रा भि ?”
आँचल कि डांट सुनकर रियाखी खी करके हंसने लगी, ” वोँ तेरी अपने मोटे लन्ड सें चोदेगा तोँ तुँ भि उसके लन्ड कि दीवानी हौ जाएगी। औऱ फिन मेरी हि जैसी बेशरम बन जाएगी.”
रिया औऱ भि कुछ बोलने वाली थि कि, तभी उसकी माँ नें आवाज़ दि, ” रिया क्याँ कररही होँ ? जल्दआओ, हमेंदेर होँ रही हैं.”
फिन रिया अपनी मां केँ संगचली गई, औऱ घऱ पे आँचल अकेली रह गयीँ,.
रिया औऱ ससुरजी कि कामुक बातों सें आँचल उत्तेजना महसूस कररही थि। अब देल्ही जाकर तोँ ससुरजी मुझे छोड़ेंगे नहीं। आँचल कों नीचे गीलापन महसूस हुआ.फिन वोँ नहाने चली गई,.
Aanchal Riya औऱ उसके maa papa केँ sath nashta karne lagi। Nashta chl hi raha thaa कि Riya kaa phone aa गय़ा। phone Ravi kaa thaa। Ravi ko malum thaa कि आज Riya ko shaadi कि tayyariyon केँ silsile मे kaafi काम h, too woh busy rehne wali h।
Phone pe ravi बोला, ” Riya आज too tumhari daudbhag h, घऱ pe aanchal bhabhi akeli bore hu jayegi। me सोच raha hoon bhabhi ko lunch पर्र le jau। theek rahega क्याँ ?”
Riya : “ha, theek h, एक् min ruko me puchti hoon aanchal सें.”
Ravi : “ aesa karo phone aanchal bhabhi ko de दो, me khud hi unse बात krr leta hoon.”
Riya ko ptaa नहि thaa कि Ravi ne party मे pahle hi Aanchal सें lunch karne ko bol दिया h। Riya ko कोई shaq नहि हुआ कि Ravi usko bewqoof bnaa raha h, usne phone aanchal ko de दिया.
Aanchal : “Hello”
Aanchal कि awaz sunte hi ravi खुश hu गय़ा, ”oh my darling, I want you। I want too kiss you, I want too love you my darling। “
fir बोला, ” tumne lunch केँ liye promise किया h, आज हम् akele मे milenge। me 1pm केँ aas pass aunga tumhe lene tm taiyar rehna। I cant wait too love you my darling…”
Ravi kaa utawlapan dekhkar aanchal muskurayi, ”theek h me taiyar rahungi.”
or फिन aanchal ne phone kaat दिया। Riya samne baithi h, ptaa नहि क्याँ क्याँ bol raha h।
Riya : “ बड़ा muskura rahi hu aanchal, क्याँ bol raha h ravi ?”
Aanchal : “ कुछ नहि। Dopahar मे lunch केँ liye taiyar rehna bol raha h.”
Riya sochne lagi, ismein muskurane wali क्याँ बात h ? fir jyada dhyaan na dete hue अपना nashta khatam karne मे lag gai।
Aanchal bi nashta karte hue sochne lagi, yeh ravi bi na poora pagal h, piche hi pad गय़ा h। halanki aanchal ko iski aadat thi, mard उसकी tarf akarshit too rehte hi the। woh bi tease karne kaa majaa leti thi।
Tabhi riya ne aanchal सें कहा, ” kis सोच मे doobi hoyi hu ? jijaji ko phone karke bulao, कल हम् sabko ghumne jana h hill station pe.”
“aree ha, me too bhul hi gai thi, abi phone krti hoon.”
Nashta karke Aanchal riya केँ bedroom मे chali gai, sath मे riya bi aa gai.
Aanchal ne Sunil ko phone lagaya। Jese hi ring gai riya ne उसके hath सें phone cheen लिया, pehle me बात karungi.
“hello “, udhar सें sasur कि awaz aayi.
“hello uncle, me riya bol rahi hoon…”
Aanchal sochne lagi, uncle ? yeh sasurji ne phone kyun uthaya ?
“are…riya beti, bolo kaisi hu ? me tumhe yaad aa raha hoon कि नहि ?”
“ha……muze ap बहोत yaad aa rahe hu…”
Aanchal ko hairani hoyi कि riya उसके sasur सें bina jhijhak केँ khulkar बात krr rahi h.
“muze bi tu बहोत yaad aa rahi h riya। phir सें delhi कब aayegi tu ? “
“kyun ? क्याँ karoge ap ?” hanste hue riya boli.
“मेरा loda tuze chodne ko tadap raha h औऱ tu bolti h क्याँ karoge ap। Chod केँ majaa dunga tuze औऱ क्याँ karunga.”
Sasur कि बात sunkar riya jor सें khilkhilane lagi।
Aanchal riya kaa munh dekhti rha gai। ayese बात krr rahi h, jese sasurji na hu, iska कोई humumra friend hu.
fir riya boli, ” ummmm….muze bi बहोत tadpan hu rahi h। or aanchal didi ko bi। …maine usko sab bata दिया h कि kaise aapke khambhe jese loda ne muze chod chodkar majaa दिया.”
Riya ko sasurji सें अपना nam lete dekhkar aanchal ko ghabrahat hone lagi, मगर sath hi sath usko excitement bi hu rahi thi। h bhagwan ! kesi ldki h yeh, मेरे sasurji सें phone pe khulkar gandi batein bol rahi h। Bilkul lajja h hi नहि.
Riya केँ munh सें aanchal kaa nam sunkar sasur uttezit hu गय़ा औऱ बोला, ” are riya beti, samjhao apni aanchal didi ko। me too use chodne केँ liye kabse tadap raha hoon। pr woh chance hi नहि deti h.”
“अच्छा !! yeh बात h ? lo krr lo apni pyari bahu rani सें बात.”
fir aanchal ko phone dete hue muskurakar boli, ” lo didi, apne sasurji सें बात karo.”
Phone pakadte hue aanchal kaa dill ❤️ ghabra raha thaa.
“hello…”, kanpti awaz मे jese tese aanchal boli.
“aanchal rani, riya ne tuze sab bata दिया h। bus अब मेरे loda ko औऱ mat tadpa। Puch riya सें, maine use kitna mazaa दिया। me tuze usse bi jyada majaa dunga। “
“ummmmm…….sasurji.”
“bus अब raha नहि jata। Meri aanchal rani। अब too muze tuze ragad ragad केँ chodna h…….”
“ummmm….sasurji.” sasur कि kamuk baaton सें aanchal औऱ bi ghabra gai, woh phone pe कुछ bol hi नहि payi। halanki उसकी chut मे halchal hone lagi.
“are कुछ too bolo …….क्याँ ummm ummm krr rahi h। Mujhse itna sharmati kyun h ? क्याँ tujhme मेरे liye tadap नहि h ? क्याँ tu नहि chahti कि jaisa majaa riya ko मिला waisa hi majaa tuze bi mile ?”
”ummm….sasurji…….me bi chahti hoon पर्र कोई chance hi नहि milta। ghrr pe sab लोग rehte haen। Sasuji सें darti hoon.”
Asliyat yeh thi कि sasur bi sasuji सें darta thaa। balki एक् baar too sasuji ne aanchal केँ bedroom सें sasur ko bhagaya bi thaa.
Riya bi aanchal औऱ sasur कि बात केँ maze le rahi thi। अब in dono कि baaton सें woh excited hone lagi। phone पर्र बात krti hoyi aanchal केँ gulabi gaalon पर्र usne apne hoth रख diye औऱ use chumne lagi.
“मेरी aanchal rani, bus अब tu chandigarh सें juldi wapis aa jaa। ghrr pe tu darti h, me kisi hotel मे le jakar tuze itminan सें chodunga। tu ghabrana mat kisi ko ptaa नहि chalega.”
“ohhh….sasurji.” Sasur kaa plan sunkar aanchal केँ munh सें siskari nikal gai.
Riya bi sab sun rahi thi, usne aanchal सें phone cheen लिया, ” muze bi sasurji। muze bi chudna h aanchal didi केँ sath sath….”
“are ha beti ha। me tm dono ko majaa dunga.”
fir riya ne aanchal ko phone de दिया, मगर aanchal ne phone kaat दिया। Sasur कि gandi baaton सें dono ladkiyon kaa dill ❤️ jor jor सें dhadak raha thaa, unke gaal औऱ bi jyada surkh laal hu chuke the।
Tabhi riya ko dhyaan आया, ” are didi, jijaji सें too बात hoyi hi नहि। Jis बात केँ liye phone किया vahi नहि hoyi.”
fir dono ladkiyan jor सें hans padi.
Aanchal boli, ” sasurji कि baaton सें dhyaan hi नहि raha.”
Aanchal ne फिन सें Sunil ko phone milaya.
fir सें Sasur ji ne phone uthaya.
“hello, sasurji, Sunil kahan h ? phone sunil ko देना please….”
“Sunil abi office मे नहि h। Yahin factory मे hoga kahi। Phone उसका table पऱ hi rakkha thaa। tumhari call dekhkar maine utha लिया। muze batao क्याँ बात h ? me use bata dunga.”
“humne hill station ghumne kaa program banaya h। कल jana h timber trail। Agar कल subah sunil aa jaye too sath chalenge.”
“are aanchal rani, yahi too chance h। me aa jata hoon। tm dono केँ sath paharon मे masti karne मे बहोत majaa aayega.”
“naheen sasurji……वहा too humare sath औऱ bi लोग aa rahe haen। Please ap sunil ko hi bhej dijiye। hu sake too आज rath ko hi bhej dijiye। me apni piyas aapke sath delhi मे aakar hi bujhaungi.”
Sasur कि बात sunkar riya ne aanchal सें phone cheen लिया।
“ha ha sasurji, ap hi aaiye। bhut majaa aayega। Please ap कल aa jaiye। me ravi ko कोई bahana bnaa dungi। Please ap aa jaiye, me यहा aapke liye tadap rahi hoon.”
Riya कि बात sunkar sasur खुश hu गय़ा, कि yeh jawaan ldki मेरे liye kitna tadap rahi h। iss umar मे bi mujhme itna dam h कि apne jawaan mangetar कि bajay मेरे liye tadap rahi h।
halanki sasur anubhavi thaa, use malum thaa कि chandigarh jakar riya केँ maa papa केँ घऱ rehna औऱ वहा सें jawaan logon केँ sath ghumne jana, theek नहि rahega। chudayi केँ काम chupchap hi hone चाहिए। chandigarh jane मे बहोत risk h। Yahin delhi मे hi theek rahega.
Sasur ne riya सें कहा, aanchal ko phone de.
fir aanchal सें बोला, ” theek h bahu, me sunil ko hi bhej dunga। halanki जब tu delhi wapis lautegi na too me tuze sikhaunga कि ragad केँ chudayi केँ maze kaise liye jate haen। Sikhegi na ?”
“ummm…ha sasurji…”
Phone pe बात khatam hone केँ बाद Aanchal ne riya ko danta, ” tu kitni badtameez h। Mere sasurji केँ sath phone pe kitni gandi batein krr rahi thi। lajja नहि tuze jara bi ?”
Aanchal कि dant sunkar riya khi khi karke hasne lagi, ” woh tuze apne mote loda सें chodega too tu bi उसके loda कि diwani hu jayegi। औऱ फिन मेरी hi jesi besharam ban jayegi.”
Riya औऱ bi कुछ bolne wali thi कि, तभी उसकी maa ne awaz di, ” riya क्याँ krr rahi hu ? juldi aao, हमें der hu rahi h.”
fir riya apni maa केँ sath chali gai औऱ घऱ pe aanchal akeli rha gai.
Riya औऱ sasurji कि kamuk baton सें aanchal uttezna ehsaas krr rahi thi। अब delhi jakar too sasurji muze chhorenge नहि। Aanchal ko नीचे gilapan ehsaas हुआ। fir woh nahane chali gai.
jabardast.....
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
नहाने केँ बाद आँचलरवि केँ संग दोपहर का खाना पर्र जाने कों सजधजकर होनेलगी। उसनेहाफ कप वाली लेसी वाइट ब्रा पहनी, जिसमे उसकी चूचियों कां ऊपरीभाग खुला थां। ब्रा केँ ऊपरकम लंबाई कि वाइट स्लीवलेस शर्टपहन ली। वाइट शर्ट केँ संग वाइट ट्राउज़र्स पहन लिया.फिन अपने शरीर मे परफ्यूम डालकर आँचल अपने कों मिरर मे देखने लगी।
उसने शर्ट केँ ऊपरीदो बटन खुले छोड़दिए जिससे चूचियों केँ बीच कि घाटीदिख रही थि। टाइट फिटिंग वाले ट्राउज़र्स मे उसके बड़े बड़े नितंब औऱ भि उभरेहुए लगरहे थें। आँचल नें शर्ट ट्राउज़र्स केँ बाहर् हि रहने दि। शर्ट केँ छोटी होने सें नितंबों कि शेपसाफ दिखरही थि औऱ बाँह उठाने पर्र शर्ट भि ऊपर कों उठजारही थि। मिरर मे अपना मादकरूप देखकर आँचल संतुष्ट हौ गयीँ, औऱ लिविंग रूम मे सोफे पऱ बैठकर रवि कां इंतजार करनेलगी.
आँचलरवि केँ संग लञ्च पऱ जाने कों लेकर एक्साइटेड थि, मूड भि उसकाआज अच्छा थां। उसे मालूम थां कि क्यूं रवि उससे अकेले मे मिलना चाहरहा हैं। कपड़े भि उसनेऐसे पहने थें जिसमे वोँ बहोत सेक्सी लगरही थि। वोँ जानती थि रवि उसको देखते हि मदहोश होँ जाएगा। औऱ यही आँचल चाहती भि थि, मर्दों सें अपनी तारीफ सुनना उसे बहोत अच्छा लगता थां।
फिन वोँ सोचने लगी, रवि अकेले मे उसका फायदा उठाने कि अवश्य कोशिश करेगा। हैंडसम तौ वोँ थां हि मगरतभी आँचल कों उसके छोटे लन्ड कां ख़याल आया औऱ दोबार तोँ वोँ आँचल केँ छूने सें हि झड़ गय़ा थां। रविसंग मे घूमने फिरने केँ लिए तोँ ठीक हैं पऱ वोँ मर्द नहीं जौ मुझे चुदाई कां मजादे सके.इन ख्यालों केँ बीच आँचल कों ख़ान कि यादआई। चुदाई कां वैसामजा मिले बहोत दिन होँ गये हें।
घऱ मे बोर होने सें तोँ अच्छा हैं रवि केँ संग वक्त बिताऊँ, आज भि रवि कों टीज़ करने कां हि मूड थां आँचल कां। उसे मालूम थां कि रवि मौके कां फायदा उठाकर उसे चोदने कि कोशिश अवश्य करेगा पर्र आँचल नें जोँ होगा देखा जाएगा सोचकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
कुछदेर बादबेल बजी तौ आँचल नें, रवि आँ गय़ा सोचकर, द्वार (दरवाज़ा) खोला। मगर दरवाज़े पऱ हरप्रीत खड़ी थि। हरप्रीत नें आँचल कों देखा, यह तोँ वही लड़की हैं जोँ रियारवि केँ संग मेरी जश्न मे आई थि.
आँचल कों द्वार (दरवाज़ा) खोलते देख हरप्रीत कों हैरानी हुईँ क्यूंकी उसने सोचा रिया, उसकी मां याँ फिनकोई नौकर द्वार (दरवाज़ा) खोलेगा।
आँचल भि रवि कों एक्सपेक्ट कररही थि, हरप्रीत कों दरवाज़े पऱ देखकर उसे हैरानी हुईँ फिन उसने हरप्रीत कों अंदर बुलाकर लिविंग रूम मे सोफे पर्र बिठाया.
हरप्रीत बोलीं, ” मे रिया कों अपनी विवाह कां कार्ड औऱ मिठाई देनेआई हूं। रिया कहां हैं ?”
आँचल नें बताया, ” रिया अपनी मां केँ संग बाहर् गयीँ, हैं औऱ अबसाम कों हि आएगी.आज उनको बहोत काम हैं। अभि घऱ मे मे अकेली हूं.”
हरप्रीत नें बताया कि अगले महीने विवाह कि डेट फिक्स हुइ हैं। रिया मेरी क्लोज़ फ्रेंड हैं औऱ मे पास मे हि रहती हूं इसलिये मैंने सोचा कि पहला कार्ड रिया कों हि देती हूं.
आँचल नें नौकर कों आवाज़ दि औऱ गरमचाय बनाने कों कहा।
हरप्रीत नें गरमचाय केँ लिएमना किया तौ आँचल नें शरबत बनाने कों कहा।
आँचल नें देखा, हरप्रीत सुंदर लगरही हैं। लंबा हाइट, गोरारंग, बड़ी चूचियाँ औऱ चौड़े नितंब। कुल मिलकर सेक्सी दिखती हैं। हरप्रीत नें भि वाइट शर्ट औऱ वाइट ट्राउज़र्स मे बनीठनी आँचल कों देखा, रिया कि कजिन बहोत मादक लगती हैं।
शरबत पीतेहुए थोड़ी देर तक दोनों रिया केँ बारे मे बातें करतीरही.
फिन हरप्रीत बोलि, ”आँचल आज तुम् अकेली हौ तोँ बोर हौ रही होगी, आज हमारे संग दोपहर का खानाकरो। जस्सी कों मे मोबाइल कर देती हूं कि आँचल भि आँ रही हैं। ”
आँचल हिचकिचाई औऱ बोलीं, ” आईऍम सॉरी, मगरआज रवि मुझे लञ्च केँ लिए लें जारहा हैं। मे उसी कां वेटकर रही हूं। वोँ आता हि होगा.”
मगर हरप्रीत नहीं मानी औऱ अड़ गयीँ, कि आँचल उसके हि संग दोपहर का खाना करेगी.
“देखो आँचल तुम् रिया कि कज़िन हौ औऱ रिया मेरी क्लोज़ फ्रेंड हैं। इस नाते तुम् मेरी भि कज़िन हि हुइ। तुम्हे मेरीबात माननी पड़ेगी। रवि कों भि लें आनां औऱ हम् चारों संग मे दोपहर का खाना करेंगे। बसअब मे तुम्हारी नां नहीं सुनूँगी। “
आँचल कों हरप्रीत कि बात माननी पड़ी।
आँचल नें हरप्रीत सें उसका औऱ जस्सी कां नंबर लें लिया औऱ बोलि, ”जब रवि आएगा तौ मे उससे कहूँगी कि वोँ जस्सी कों मोबाइल करे औऱ फिन हम् लञ्च केँ लिए आँ जाएँगे.”
फिन हरप्रीत चली गई, औऱ आँचलरवि कां वेट करनेलगी.
आँचल कों जस्सी कां ख्याल आया, जस्सी सें फिन सें मुलाकात होने वाली हैं। आँचल कों फिन सें बाथरूम कां वोँ सीनयाद आयाजब उसने जस्सी कां बड़ा लन्ड देखा थां। वोँ यादआते हि आँचल शरमा गयीँ, औऱ उसके गालों कि लालिमा बढ़ गई,.
तभीरवि आँ पहुंचा। रवि नें देखा, आँचल वाइट ड्रेस मे बहोत सेक्सी लगरही हैं। पतली शर्ट मे आँचल कि ब्रादिख रही थि। बड़ी चूचियों कां गोलशेप देखकर रवि केँ पैंट मे हलचल हुई। आज तोँ कहरढा रही हैं आँचल, इसे चोदने कों मे उतावलापन रहा हूं, आज मे यह मौकाहाथ सें जाने नहीं दूँगा, कितनी सुंदर लगरही हैं, चोदने मे बहोत मजा आएगा.
मगर रवि कि खुशी अधिकदेर तक नहींरही।
आँचल नें उसेसभी बताया कि हरप्रीत आई थि औऱ तुम् जस्सी कों मोबाइल करो दोपहर का खाना केँ लिए.
यह सुनकर रवि कां चेहरा उतर गय़ा। उसने आँचल सें कहा कि तुम् हरप्रीत कों मनाकर दो.
आँचल कहनेलगी, हरप्रीत बहोत ज़िद्दी हैं, बुरामान जाएगी.
रवि नें आँचल पर्र ज़ोर डाला कि जस्सी औऱ हरप्रीत कों लञ्च केँ लिएमना करदे। पर्र आँचल नें ऐसा करने सें इनकार कर दिया.
जब रवि नें देखा कि आँचल भि जस्सी औऱ हरप्रीत केँ संग लञ्च कों लेकर उत्साहित हैं औऱ हरप्रीत कों मना नहींकर रही हैं तोँ उसने आखिरी प्रयास किया।
“देखो आँचल, मे तुमसे अकेले मे कुछबात करना चाहता हूं, इसलिये तुम् उनकेसंग लञ्च कैंसिल करदो.”
“कहो जोँ बोल्ना चाहते हौ, मे सुनरही हूं। उसकेबाद हम् दोपहर का खाना पर्र चलेंगे.”
रवि कां यह प्रयास भि असफल होँ गय़ा।
“मे वाहन मे हि बात करूँगा.”
आँचल केँ गाड़ी मे बैठने केँ बाद, रवि गाड़ी चलाने लगा.
रवि कों चुप देखकर आँचल बोलीं, ” तुम् कुछ कहनाचाह रहे थें रवि…….”
रवि नें आँचल कि तरफ देखा औऱ फिन सामने देखकर गाड़ी चलाने लगा.रवि कां मूडऑफ हौ गय़ा थां, चोदने कां एक् औऱ मौकाहाथ सें निकल गय़ा।
रवि केँ चुप्पी साध लेने सें आँचल कों भि अनकंफर्टेबल फीलहुआ। मुँह फुला लिया हैं इसने तौ। बात भि नहींकर रहा हैं अब.
आँचल नें रवि सें कहा, ” क्याँ बात हैं रवि ? तुम् कुछबोल नहींरहे। व्हीकल रोको औऱ बताओ क्याँ बात हैं ?”
आँचल कि बात सुनकर रवि नें एक् स्थान देखकर गाड़ी साइड मे कर दि औऱ एक् पेड़ केँ नीचे लेँ जाकररोक दि.
रवि आँचल कि ओर मुड़ा औऱ हकलाते हुए कहनेलगा, ” भाभी………। वोँ बातयह हैं कि……। आप् बहोत हसीन हौ…….”
रवि कि बात सुनकर आँचल मुस्कुरा दि।
आँचल केँ मुस्कुराने सें रवि कि थोड़ी हिम्मत बढ़ी, ” भाभी, मे चाहता थां कि आज आप् केँ संग अकेले मे कुछसमय मिले ताकि मे कुछबात कर सकूँ.”
आँचल मुस्कुरायी, ” रवि, देखो हम् अभि यहा अकेले हि तोँ हें। मुझे बताओ तुम् क्याँ बात करना चाहते होँ ?”
रवि कों बातवात कुछ नहीं करनी थि सिर्फ़ आँचल कों चोदने केँ लिए पटाना थां.
“भाभी आप् बहोत हसीनलग रही होँ, बिल्कुल बिपाशा बसु जैसी दिखती होँ.”
“क्याँ मे काली बिल्ली लगती हूं? ” आँचल नें दिखावटी गुस्से मे कहा.
“अरे नहीं नहीं भाभी। आप् तोँ बहोत गोरी हौ। मेरे कहने कां मतलब हैं आपका चेहरा बिपाशा बसु कां जैसा सेक्सी दिखता हैं.”
“क्याँ सिर्फ़ मेरा चेहरा हि सेक्सी दिखता हैं ……” आँचल नें फिन सें दिखावटी गुस्से सें कहा.
“अरे नहीं नहीं भाभी, सिर्फ़ चेहरा नहीं, आपका पूरा फिगर हि सेक्सी हैं….” रवि जल्द सें बोला।
फिन आँचल कि चूचियों पर्र नज़रें गड़ाते हुए बोला, ” भाभी आपकेसंग मे बहोत अनकंफर्टेबल फील करता हूं.”
आँचल नें रवि कि नज़रों कों अपनी चूचियों पर्र पाया, ”ऐसा क्यूं रवि ? मेरेसंग अनकंफर्टेबल क्यूं फील करते हौ तुम् ?”
रवि कि हिम्मत बढ़ते हि जारही थि, ” भाभी आपको देखने सें मेरा खड़ा होँ जाता हैं….”
रवि कि बात सें आँचल शरमा गयीँ,, औऱ उसकी नज़रें नीची होकररवि केँ पैंट पर्र पड़ी जहाँकुछ उभार सां बनाहुआ थां.
“रवि, क्याँ सच मे मे तुम्हें इतनी सेक्सी लगती हूं ? ”
Nahane केँ बाद Aanchal ravi केँ sath lunch पऱ jane ko taiyar hone lagi। usne half cup wali lacy white bra pahni, jisme उसकी chuchiyon kaa upari bhag khula thaa। bra केँ ऊपरकम lambayi कि white sleeveless shirt pahan li। White shirt केँ sath white trousers pahan लिया। fir apne badan मे perfume dalkar aanchal apne ko mirror मे dekhne lagi।
usne shirt केँ upari दो button khule chod diye jisse chuchiyon केँ beech कि ghati dikh rahi thi। tight fitting wale trousers मे उसके bade bade nitamb औऱ bi ubhare hue lag rahe the। aanchal ne shirt trousers केँ बाहर् hi rehne di। shirt केँ chhoti hone सें nitambon कि shape saaf dikh rahi thi औऱ banh uthane पर्र shirt bi ऊपर ko uth jaa rahi thi। mirror मे अपना madak roop dekhkar aanchal santusht hu gai औऱ living kamara मे sofe पऱ baithkar ravi kaa intzaar karne lagi.
Aanchal ravi केँ sath lunch पऱ jane ko लेकर excited thi, mood bi उसकाआज अच्छा thaa। use malum thaa कि kyon ravi usse akele मे milna chah raha h। Kapde bi usne ayese pehne the jisme woh बहोत sexy lag rahi thi। woh janti thi ravi usko dekhte hi nasha hu jayega। औऱ yahi aanchal chahti bi thi, mardon सें apni tareef sunna use बहोत अच्छा lagta thaa।
फिन woh sochne lagi, ravi akele मे उसका fayda uthane कि jaroor koshish karega। Handsome too woh thaa hi मगरतभी aanchal ko उसके chote loda kaa khayal आया औऱ दो baar too woh aanchal केँ chune सें hi jhad गय़ा thaa। ravi sath मे ghumne firne केँ liye too theek h पऱ woh mard नहि joo muze chudayi kaa majaa de sake। In khayalon केँ beech aanchal ko khan कि yaad aayi। chudayi kaa waisa majaa mile बहोत दिन hu gaye haen।
ghrr मे bor hone सें too अच्छा h ravi केँ sath waqt bitaun, आज bi ravi ko tease karne kaa hi mood thaa aanchal kaa। Use malum thaa कि ravi mauke kaa fayda uthakar use chodne कि koshish jarur karega पर्र aanchal ne joo hoga देखा jayega सोच krr jyada dhyaan नहि दिया।
Kuch der बाद bell baji too aanchal ne, ravi aa गय़ा sochkar, darwaaza khola। मगर darwaze पऱ harpreet khadi thi। harpreet ne aanchal ko देखा, yeh too vahi ldki h joo riya ravi केँ sath मेरी party मे aayi thi.
Aanchal ko darwaaza kholte dekh harpreet ko hairani hoyi क्योंकि usne socha riya, उसकी maa ya फिनकोई naukar darwaaza kholega।
Aanchal bi ravi ko expect krr rahi thi, harpreet ko darwaze पऱ dekhkar use hairani hoyi फिन usne harpreet ko andar bulakar living kamara मे sofe पर्र bithaya.
Harpreet boli, ” me riya ko apni shaadi kaa card औऱ mithai dene aayi hoon। Riya kahan h ?”
Aanchal ne bataya, ” riya apni maa केँ sath बाहर् gai h औऱ अब sham ko hi aayegi। aj unko बहोत काम h। abi घऱ मे me akeli hoon.”
Harpreet ne bataya कि agle mahine shaadi कि date fix hoyi h। Riya मेरी close dost h औऱ me pass मे hi rehti hoon इसलिये maine socha कि pehla card riya ko hi deti hoon.
Aanchal ne naukar ko awaz di औऱ chai banane ko कहा।
Harpreet ne chai केँ liye mana किया too aanchal ne sharbat banane ko कहा।
Aanchal ne देखा, harpreet haseen lag rahi h। Lamba kad, gora rang, badi chuchiyan औऱ chaude nitamb। Kul milakar sexy dikhti h। Harpreet ne bi white shirt औऱ white trousers मे bani thani aanchal ko देखा, riya कि cosin बहोत madak lagti h।
Sharbat pite hue thodi der tak dono riya केँ baare मे batein krti rahi.
fir harpreet boli, ”aanchal आज tm akeli hu too bore hu rahi hongi, आज humare sath lunch karo। Jassi ko me phone krr deti hoon कि aanchal bi aa rahi h। ”
Aanchal hichkichayi औऱ boli, ” I am sorry मगरआज ravi muze lunch केँ liye le jaa raha h। me usi kaa wait krr rahi hoon। woh aata hi hoga.”
halanki harpreet नहि mani औऱ ad gai कि aanchal उसके hi sath lunch karegi.
“dekho aanchal tm riya कि cousin hu औऱ riya मेरी close dost h। iss nate tm मेरी bi cousin hi hoyi। Tumhe मेरीबात manni padegi। Ravi ko bi le आनां औऱ हम् charo sath मे lunch karenge। bus अब me tumhari na नहि sunungi। “
Aanchal ko harpreet कि बात manni padi।
Aanchal ne harpreet सें उसका औऱ jassi kaa number le लिया औऱ boli, ”जब ravi aayega too me usse kahungi कि woh jassi ko phone kare औऱ फिन हम् lunch केँ liye aa jayenge.”
fir harpreet chali gai औऱ aanchal ravi kaa wait karne lagi.
Aanchal ko jassi kaa khayal आया, jassi सें फिन सें mulakat hone wali h। Aanchal ko फिन सें batroom kaa woh scene yaad आयाजब usne jassi kaa बड़ा loda देखा thaa। woh yaad आते hi aanchal sharma gai औऱ उसके gaalon कि lalima bad gai.
Tabhi ravi aa pahuncha। Ravi ne देखा, aanchal white dress मे बहोत sexy lag rahi h। Patli shirt मे aanchal कि bra dikh rahi thi। badi chuchiyon kaa gol shape dekhkar ravi केँ pant मे halchal hoyi। aj too kahar dha rahi h aanchal, ise chodne ko me tadap raha hoon, आज me yeh chance hath सें jane नहि dunga, kitni haseen lag rahi h, chodne मे बहोत majaa aayega.
halanki ravi कि khusii jyada der tak नहि rahi।
Aanchal ne use sab bataya कि harpreet aayi thi औऱ tm jassi ko phone karo lunch केँ liye.
yeh sunkar Ravi kaa चेहरा utar गय़ा। usne aanchal सें कहा कि tm harpreet ko mana krr दो.
Aanchal kehne lagi, harpreet बहोत ziddi h, बुरा maan jayegi.
Ravi ne aanchal पऱ jor dala कि jassi औऱ harpreet ko lunch केँ liye mana krr de। pr aanchal ne aesa karne सें inkaar krr दिया.
jb ravi ne देखा कि aanchal bi jassi औऱ harpreet केँ sath lunch ko लेकर utsahit h औऱ harpreet ko mana नहि krr rahi h too usne antim prayas किया।
“dekho aanchal, me tumse akele me कुछबात krna chahta hoon, इसलिये tm unke sath lunch cancel krr दो.”
“bolo joo bolna chahte hu, me sun rahi hoon। Uske बाद हम् lunch पर्र chalenge.”
Ravi kaa yeh prayas bi asfal hu गय़ा।
“me gaadi मे hi बात karunga.”
Aanchal केँ gaadi मे baithne केँ बाद, ravi gaadi chalane laga.
Ravi ko khamosh dekhkar Aanchal boli, ” tm कुछ kehna chah rahe the ravi…”
Ravi ne aanchal कि tarf देखा औऱ फिन samne dekhkar gaadi chalane laga। Ravi kaa mood off hu गय़ा thaa, chodne kaa एक् औऱ chance hath सें nikal गय़ा।
Ravi केँ chuppi sadh lene सें aanchal ko bi uncomfortable feel हुआ। Munh fula लिया h isne too। Baat bi नहि krr raha h अब.
Aanchal ne ravi सें कहा, ” क्याँ बात h ravi ? tm कुछ bol नहि rahe। Gadi roko औऱ batao क्याँ बात h ?”
Aanchal कि बात sunkar ravi ne एक् स्थान dekhkar gaadi side मे krr di औऱ एक् paid केँ नीचे le jakar rok di.
Ravi aanchal कि aur muda औऱ haklate hue kehne laga, ” Bhabhi…… woh बात yeh h कि…। ap बहोत haseen hu….”
Ravi कि बात sunkar Aanchal muskura di।
Aanchal केँ muskurane सें ravi कि thodi himmat badi, ” Bhabhi, me chahta thaa कि आज ap केँ sath akele मे कुछ time mile takii me कुछबात krr saku.”
Aanchal muskurayi, ” ravi, dekho हम् abi यहा akele hi too haen। muze batao tm क्याँ बात krna chahte hu ?”
Ravi ko बात vaat कुछ नहि karni thi sirf aanchal ko chodne केँ liye patana thaa.
“bhabhi ap बहोत haseen lag rahi hu, bilkul Bipasha basu jesi dikhti hu.”
“क्याँ me kaali billi lagti hoon?” Aanchal ne dikhawati gusse मे कहा.
“are नहि नहि bhabhi। ap too बहोत gori hu। Mere kehne kaa matlab h aapka चेहरा Bipasha basu kaa jaisa sexy dikhta h.”
“क्याँ sirf मेरा चेहरा hi sexy dikhta h …” Aanchal ne phir सें dikhawati gusse सें कहा.
“are नहि नहि bhabhi, sirf चेहरा नहि, aapka pura figure hi sexy h.” Ravi juldi सें बोला।
fir Aanchal कि chuchiyon पऱ nazren gadate hue बोला, ” bhabhi aapke sath me बहोत unconfortable feel krta hoon.”
Aanchal ne ravi कि nazron ko apni chuchiyon पर्र paya, ” aesa kyun ravi ? मेरे sath uncomfortable kyun feel karte hu tm ?”
Ravi कि himmat badte hi jaa rahi thi, ” bhabhi aapko dekhne सें मेरा khada hu jata h…”
Ravi कि बात सें Aanchal sharma gai, औऱ उसकी nazren nichi hokar ravi केँ pant पर्र padi jahan कुछ ubhar sa bnaa हुआ thaa.
“Ravi, क्याँ sacch मे me tumhe itni sexy lagti hoon ? ”
super hot update bro
jay wrote: ↑21 Dec 2017 16:48super hot update bro thanks mitr
Superb update bhay
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
“रवि, क्याँ सच मे मे तुम्हें इतनी सेक्सी लगती हूं ? ”
“हाँ भाभी, आप् बहोत सेक्सी होँ.”
फिनरवि नें अपने पैंट कि ज़िप खोली औऱ तनाहुआ लन्ड बाहर् निकाल लिया.
“देखो, यह पैंट मे मुझे कितना तंगकर रहा हैं.”
आँचल नें देखारवि अपने छोटे औऱ पतले सें लन्ड कों हिलाकर उसे दिखारहा हैं। रवि केँ लन्ड कों देखकर आँचल कों सुनील केँ लन्ड कां ध्यान आया, वैसा हि इसका भि हैं.
आँचल कों अपने लन्ड कों देखते हुए पाकररवि बोला, ” भाभीइसे चूसो। मे आपके सेक्सी मुँह कों अपना लन्ड चूसते हुए देख्ना चाहता हूं.”
आँचल नें कुछ नहीं किया तौ रवि उसका कंधा पकड़कर आँचल कां मुँह अपने लन्ड कि तरफ दबाने लगा।
आँचल नें अपने कों छुड़ाने कि कोशिश कि पऱ रवि कि मजबूत पकड़ सें अपने कों छुड़ा नहींपाई। इससे आँचल कों क्रोध आँ गय़ा औऱ कोई चारा नाँ देख, उसनेरवि केँ गाल पर्र एक् तमाचा जड़ दिया। तमाचा पड़ते हि रवि हक्का बक्का रह गय़ा औऱ उसने आँचल कों छोड़ दिया.
आँचल नें देखा थप्पड़ खाने सें रवि हर्टफील कररहा हैं, उसका लन्ड सिकुड़कर औऱ भि छोटा होँ गय़ा.
आँचल गुस्से मे बोलि, ” रवि तमीज़ सें रहो। तुम् मुझे भाभी कहते होँ औऱ मेरी कज़िन सें एंगेज्ड हौ, फिन भि मुझे अपना लन्ड दिखारहे होँ औऱ चूसने कों कहरहे हौ। तुम् भूलरहे होँ कि मे शादीशुदा स्त्री हूं। मैंने तुम्हें पहले थप्पड़ नहीं मारा, उसी कां नतीज़ा हैं कि तुम् कंट्रोल सें बाहर् होँ गये हौ। अब तमीज़ सें पेश आनां मेरेसंग….”
आँचल कि बात सुनकर रवि सन्नरह गय़ा। इस सेक्सी स्त्री कों चोदने कि उसकी ख़्वाहिश पर्र पूरीतरह सें पानीफिन गय़ा। अपनी हरकत पऱ आँचल कों क्रोध होते देखकर रवि कि आँखो मे आँसू आँ गये।
अबरवि माफी माँगने लगा, ” प्लीज़ भाभी, आईऍम वेरी सॉरी। प्लीज़ मुझे क्षमा करदो। मे बहक गय़ा थां अपनेऊपर काबू नहींरख पाया। प्लीज़ भाभी…….”
रवि केँ माफी माँगने सें आँचल कां क्रोध शांत हौ गय़ा। रवि कि आँखो मे आँसू देखकर आँचल कों बुरालगा। उसकादिल पिघल गय़ा औऱ वोँ रवि केँ नज़दीक़ आई औऱ उसके गालों सें आँसू पोछने लगी.
“ चलो जौ हुआउसे भूलजाओ रवि.आई ऍम सॉरीटू। मैंने भि कलरात ग़लत किया थां (जश्न मे रवि कि ज़िप खोली थि)।
चलो जौ बीत गय़ा वोँ बीत गय़ा। पुरानी बातों कों भूलकर अब हम् यार हें…” कहकर आँचल नें अपनाहाथ रवि कि तरफ बढ़ा दिया.
रवि नें देखा आँचल अपनाहाथ आगे बढ़ारही हैं दोस्ती केँ लिए.मगर रवि नें उससेहाथ नहीं मिलाया औऱ रोनेलगा.
“आईऍम रियली सॉरी भाभी। मे कंट्रोल नहींकर पाया। आप् हौ हि इतनी सेक्सी। मे क्याँ करता। आपके मममे कितने बड़े हें बिल्कुल गोरे गोरे। आपका चेहरा इतना हसीन हैं, आपके होंठ इतने मुलायम हें। आपकी बड़ी गांड देखकर मेरामन मचल जाता हैं। मे केसे कंट्रोल करूँ…….”
जैसे एक् रोतेहुए बच्चे कों चुप कराते हें वैसे हि आँचलरवि केँ चेहरे कों सहलाते हुएउसे चुप कराने कि कोशिश करनेलगी.
रवि सुबकते हुए आँचल केँ रूप कां वर्णन करतारहा। कि आपकायह ऐसा हैं, आप् ऐसी हौ, फलाना फलाना, नाँ जाने क्याँ क्याँ ….आँचलकुछ नहीं बोलि बस उसका चेहरा सहलाते रही। वोँ रवि कों थप्पड़ मारने सें सॉरीफील कररही थि.
अबरवि नें अपनासर आँचल केँ कंधे मे रख दिया औऱ अपना मुंह आँचल केँ ब्लाउज मे रगड़ने लगा।
आँचल नें देखारवि उसकी मम्मों सें अपना मुंह रगड़रहा हैं। आँचल नें उसकासर अपने कंधे सें दूर हटाया।
मगररवि नें फिन सें अपना चेहरा आँचल कि मम्मों सें सटा दिया, ” प्लीज़ भाभी, एक् बार अपने मममे दिखादो। प्लीज़ सिर्फ़ एक् बार.आई प्रॉमिस कि सिर्फ़ देखूँगा औऱ कुछ नहीं करूँगा।
प्लीज़ अपने बड़े मममे दिखादो …”
आँचल नें देखादो छोटे लड़के वाहन सें कुछदूर खड़े हें औऱ अपनी साइकिल रोककर गाड़ी केँ अंदर केँ नज़ारे कां मजा लेँ रहे हें औऱ हंसरहे हें.
आँचलसमझ गई, कि रवि सिर्फ़ रोने कां नाटककर रहा हैं औऱ बहाने सें उससे चिपकरहा हैं। अबकीबार आँचल नें पहले सें भि तेज थप्पड़ रवि केँ गाल पर्र मारा.
थप्पड़ खाने सें रवि नें आँचल कों छोड़ दिया औऱ अपनीसीट पर्र सीधा बैठकर अपनागाल सहलाने लगा.
“रवि, तुम् बदतमीज़ी मतकरो, मे रिया कों बताऊँगी…” आँचल गुस्से सें बोलि.
अपनीसब चालों कों असफल होताहुआ देखरवि नें हर्टफील किया। वोँ समझ गय़ा यह सेक्सी बिच मुझेकोई मौका देने वाली नहीं हैं। उसने गाड़ी स्टार्ट कि औऱ सामने कि तरफ देखकर चुपचाप गाड़ी चलाने लगा। आँचल द्वारा ठुकरा दिए जाने सें उसे अपनी बेइज़्ज़ती महसूस हुईँ औऱ क्रोध आँ रहा थां। मे इसकी हुस्न पर्र फिदा हूं औऱ इसने मुझे ठुकरा दिया, …….साली सेक्सी कुतिया। मन हि मनरवि आँचल कों गालियाँ देनेलगा। आँचल कों चोदने कि उसकी आकांक्षा पऱ अब पानीफिन चुका थां.
आँचल भि अपनीसीट पऱ चुपचाप बैठी थि। वोँ भि ह्युमिलिएटेड फीलकर रही थि। यहरवि बहोत बदतमीज़ हैं। कहने कों डॉक्टर हैं पऱ बिल्कुल मैनर्स नहीं हें। बिल्कुल गवारों जैसी हरकत करता हैं। रवि केँ संग वोँ अच्छे मूड सें आई थि औऱ उसे मालूम भि थां कि रविउसे चोदना चाहता हैं। शायद वोँ रवि कों एक् मौकादे भि देती.मगर रवि केँ बिहेवियर सें उसकामूड ऑफ हौ गय़ा औऱ अब वोँ स्वयं भि हर्ट महसूस कररही थि.
जल्दबाज़ी औऱ उतावलापन दिखाकर रवि नें आँचल कों पटाने कां मौका गंवा दिया.
रेस्टोरेंट पहुचने तक दोनो मे सें कोईकुछ नहीं बोला, दोनो हि एक् दूसरे सें नाराज़ थें।
पार्किंग मे गाड़ी लगाकर रवि गाड़ी सें बाहर् आँ गय़ा। वोँ हमेशा आँचल केँ लिए भि द्वार (दरवाज़ा) खोलता थां पऱ इसबार गुस्से सें उसने नहीं खोला औऱ अपनीतरफ हि खड़ारहा। आँचल नें गाड़ी कां द्वार (दरवाज़ा) खोला औऱ रवि कि तरफ देखा.रवि नें अपनी नज़रें फेरली औऱ रेस्टोरेंट कि तरफबढ़ गय़ा। आँचल भि उसके पीछे चलनेलगी.
रेस्टोरेंट मे हरप्रीत औऱ जस्सी नें हाथ हिलाकर उनको अपनी टेबल पर्र बुलाया। जस्सी नें उठकररवि सें हाथ मिलाया औऱ आँचल केँ गाल पे हाथ फिराया.
आँचलरवि केँ संग बैठी थि औऱ सामने जस्सी औऱ हरप्रीत बैठे थें। जस्सी नें वेटर सें बियर मँगवाई। आँचल नें बियर केँ लिएमना किया पऱ जस्सी नहीं माना औऱ आँचल कों एक् ग्लास बियर पकड़ाकर ‘चियर्स’ बोला.
फिन बातों केँ दौरान जस्सी नें पूछा कि आँचल केँ हज़्बैंड भि चंडीगढ़ आँ रहे हें क्याँ टिंबर ट्रेल घूमने ?
“मुझे नहींपता, अभि कुछ फिक्स नहीं हैं। जब चंडीगढ़ पहुचेंगे तभीपता चलेगा.” आँचल नें जवाब दिया.
तब जस्सी नें बताया कि घूमने कां प्रोग्राम कैंसिल हौ गय़ा हैं। क्यूंकी रूमबुक नहीं हौ पाए.फिन कभी जाएँगे जब आप् दुबारा चंडीगढ़ आओगीतब.
पहाड़ों मे घूमने कां प्रोग्राम कैंसिल होने सें आँचल कों निराशा हुई। मगर वोँ चेहरे पऱ मुस्कान लातेहुए बोलि, ” कोईबात नहीं, जब दुबारा चंडीगढ़ आऊँगी तौ फिन चलेंगे.”
उनकी बातें होतीरही मगररवि औऱ आँचल एक् दूसरे सें नहीं बोले। हरप्रीत अपनी विवाह कों लेकर उत्साहित थि औऱ विवाह कि तैयारियों केँ बारे मे बड़े उत्साह सें बतारही थि। बियर समाप्त होने पर्र जस्सी नें औऱ मंगवा ली।
कुछदेर बाद आँचल औऱ हरप्रीत बाथरूम चली गयीं.अब रवि औऱ जस्सी अकेले रहगये.
जस्सी मुस्कुराते हुए बोला, ” तेरे तौ मज़े हैं रवि। अपनी भाभी कों खूब घुमारहा हैं। कुछ किया कि नहीं ? “
“नां कुछ नहीं दोस्त.”
“तेरी भाभी तौ बहोत सेक्सी माल हैं। कलरात जश्न मे डांस करतेसमय तुँ उसपे बहोत हाथफेर रहा थां। मैंने सभीदेख लिया थां तेरी हरकतें। बता नाँ क्याँ क्याँ किया तूने उसकेसंग …”
“मेरे मित्र, तुँ ग़लतसमझ रहा हैं। भाभीउस टाइप कि नहीं हैं। ज्यादा मुँह नहीं लगाती हैं वोँ.”
जस्सी कों विश्वास नहींहुआ, ” ऐसी हैं क्याँ ? याँ तुँ मुझे बताना नहींचाह रहा हैं ?”
“अरे नहीं दोस्त। मे सचकहरहा हूं। उसको पटाने कि मैंने कोशिश कि थि। मगर उसने मुझे थप्पड़ मार दिया औऱ तमीज़ सें रहने कि हिदायत भि दे डाली.” अपनेगाल सहलाते हुएरवि बोला.
थप्पड़ कि बात सुनकर जस्सी हंसने लगा।
रवि कों जस्सी पर्र क्रोध आँ गय़ा, ” देख भइया, सभी औरतें एक् सि नहीं होती.कुछ औरतें मज़े लेती हें मगर चुदवाती नहीं, आँचल भि ऐसी हि लगती हैं। सिर्फ़ टीज़ करती हैं। समझे….”
जस्सी अभि भि हंसरहा थां, ” तुँ उसेपटा नहीं पाया, इसका मतलबयह नहीं कि वोँ सती सावित्री हैं.”
जस्सी कि बात सें रवि कों अपनी इन्सल्ट महसूस हुई। वोँ गुस्से मे बोला, ” मे एक् लाख रुपये कि शर्त लगाता हूं कि तूँ आँचल कों नहींचोद सकता.”
रवि कि बात सुनकर जस्सी कि हँसीबंद होँ गयीँ,, ” क्याँ तूँ सीरीयस हैं ? सच मे एक् लाख कि शर्तलगा रहा हैं याँ मज़ाक कररहा हैं ?”
रवि भि सीरीयस होकर गुस्से मे बोला, ” एक् लाख रुपये नकद.अगर तुँ आँचल कों चोद देगा.मगर कोई ज़बरदस्ती नहीं, कोई नशा नहीं, कोई रेप नहीं। वोँ स्वयं राज़ी होनी चाहिए। औऱ तेरेपास सिर्फ़ आजसाम याँ कल कां वक्त हैं क्यूंकी परसों वोँ वापस देल्ही जारही हैं। अगरतब तक तूँ नहींचोद पाया तोँ एक् लाखनकद मुझे देगा.”
जस्सी चुपचाप रहा.
रवि उसे चिढ़ाने लगा, ”बस फट गयीँ, क्याँ ? अब क्यूं मैदान छोड़कर भागरहे होँ ?”
जस्सी नें रवि कों देखा, फिन एक् गहरी सांस लेकर बोला, ”देख रवि, एक् लाखनकद कोई मामूली रकम नहीं हैं। सीरीयस हैं क्याँ तुँ ? कहीं तेरी हर्टईगो तोँ नहींबोल रही हैं, नशा होँ गय़ा शायद तुझको…”
“ अरे तुँ मेरी हर्टईगो याँ बियर कों भूलजा। बस मुझेयह बता कि शर्तलगा रहा हैं याँ फट गई, तेरी ?”
जस्सी कुछदेर सोचता रहा, बर्थडे पार्टी मे तौ रवि आँचल सें मज़े लेँ रहा थां। मगरअब कहरहा हैं कि आँचल नें थप्पड़ मार दिया। क्याँ सच मे आँचल सिर्फ़ टीज़ करती हैं ?
थोड़ी देर तक सोचने केँ बाद, जस्सी बोला, ” देखोरवि, तुम्हारी भाभी औऱ मे एक् दूसरे कों ज्यादा नहीं जानते, फिन भि मे तुम्हारी शर्त स्वीकार करता हूं। मगरसमय नहीं हैं क्यूंकी परसों तौ वोँ जारही हैं। अगर तुँ मेरी हेल्प करे तौ नां सिर्फ़ मे बल्कि तूँ भि उसेचोद पाएगा। बोल मंज़ूर हैं ?”
आँचल कों चोदने केँ ख्याल सें रवि केँ मुँह मे पानी आँ गय़ा औऱ क्रोध भूलकर वोँ जल्दी सजधजकर हौ गय़ा, ” ठीक हैं जस्सी। मे हेल्प करने कों सजधजकर हूं। पर्र याद रखना, कोईरेप नहीं, कोईनशा नहीं.ठीक हैं ? औऱ एक् लाखनकद रेडी रखना.”
जस्सी मुस्कुराया औऱ दोनो नें हाथ मिलाकर शर्त मंज़ूर कि.
जस्सी बोला, ”अब मे तुम्हें अपना प्लान बताता हूं, तुँ वैसे हि करना जैसे मे कहूं.”
तभी आँचल औऱ हरप्रीत बाथरूम सें वापस आँ गई, औऱ जस्सी कि बात अधूरी रह गई,.
“Ravi, क्याँ sacch मे me tumhe itni sexy lagti hoon ?”
“ha bhabhi, ap बहोत sexy hu.”
fir Ravi ne apne pant कि zip kholi औऱ tana हुआ loda बाहर् nikaal लिया.
“dekho, yeh pant मे muze kitna tang krr raha h.”
Aanchal ne देखा ravi apne chote औऱ patle सें loda ko hilakar use dikha raha h। Ravi केँ loda ko dekhkar Aanchal ko Sunil केँ loda kaa dhyaan आया, waisa hi iska bi h.
Aanchal ko apne loda ko dekhte hue pakar Ravi बोला, ” bhabhi ise chuso। me aapke sexy munh ko अपना loda chuste hue देख्ना chahta hoon.”
Aanchal ne कुछ नहि किया too Ravi उसका kandha pakadkar Aanchal kaa munh apne loda कि tarf dabane laga। Aanchal ne apne ko chhudane कि koshish कि पऱ ravi कि majboot pakad सें apne ko chhuda नहि payi। Isse Aanchal ko क्रोध aa गय़ा औऱ कोई chara na dekh, usne Ravi केँ gaal पर्र एक् tamacha jad दिया। Tamacha padte hi ravi hakkabakka rha गय़ा औऱ usne Aanchal ko chhod दिया.
Aanchal ne देखा thappad khane सें ravi hurt feel krr raha h, उसका loda sikudkar औऱ bi chota hu गय़ा.
Aanchal gusse मे boli, ” Ravi tameez सें raho। tm muze bhabhi kehte hu औऱ मेरी cousin सें engaged hu, फिन bi muze अपना loda dikha rahe hu औऱ chusne ko keh rahe hu। tm bhul rahe hu कि me shadisuda stri hoon। maine tumhe pahle thappad नहि mara, usi kaa natiza h कि tm control सें बाहर् hu gaye hu। Ab tameez सें pesh आनां मेरे sath….”
Aanchal कि बात sunkar ravi sann rha गय़ा। इस sexy stri ko chodne कि उसकी iccha पऱ poori prakaar सें paani फिन गय़ा। Apni harkat पऱ Aanchal ko क्रोध hote dekhkar ravi कि aankho मे ansu aa gaye।
Ab ravi mafi mangne laga, ” Please bhabhi, I am very sorry। Please muze maaf krr दो। me behak गय़ा thaa apne ऊपर kaboo नहि रख paya। Please bhabhi……”
Ravi केँ mafi mangne सें Aanchal kaa क्रोध shant hu गय़ा। Ravi कि aankho मे ansu dekhkar Aanchal ko बुरा laga। uskah dill ❤️ pighal गय़ा औऱ woh Ravi केँ nazdeeq aayi औऱ उसके gaalon सें ansu pochne lagi.
“ chalo joo हुआ use bhul jao ravi। I am sorry to। maine bi कल rath galt किया thaa (party मे ravi कि zip kholi thi)।
chalo joo beet गय़ा woh beet गय़ा। purani bataon ko bhulakar अब हम् friend haen…”, kehkar aanchal ne अपना hath ravi कि tarf बड़ा दिया.
Ravi ne देखा Aanchal अपना hath aage बड़ा rahi h dosti केँ liye। halanki ravi ne usse hath नहि milaya औऱ rone laga.
“I am really sorry bhabhi। me control नहि krr paya। ap hu hi itni sexy। me क्याँ krta। Aapke mumme kitne bade haen bilkul gore gore। Aapka चेहरा itna haseen h, aapke hoth itne rasile haen। Aapki badi gand dekhkar मेरा mann machal jata h। me kaise control karun…….”
jese एक् rote hue bacche ko khamosh karate haen waise hi Aanchal ravi केँ chehre ko sehlate hue use khamosh karane कि koshish karne lagi.
Ravi subakte hue aanchal केँ roop kaa varnan krta raha। kee aapka yeh aesa h, ap ayese hu, falana falana, na jane क्याँ क्याँ ….aanchal कुछ नहि boli bus उसका चेहरा sehlate rahi। woh ravi ko thappad marne सें sorry feel krr rahi thi.
Ab ravi ne अपना sar aanchal केँ kandhe मे रख दिया औऱ अपना muh aanchal केँ blouse मे ragadne laga।
Aanchal ne देखा ravi उसकी chuchi सें अपना muh ragad raha h। Aanchal ne उसका sar apne kandhe सें dur hataya।
halanki Ravi ne फिन सें अपना चेहरा aanchal कि chuchi सें sata दिया, ” Please bhabhi, एक् baar apne mumme dikha दो। Please sirf एक् baar। I promise कि sirf dekhunga औऱ कुछ नहि karunga। Please apne bade mamme dikha दो …”
Aanchal ne देखादो chote ladke gaadi सें कुछ dur khade haen औऱ apni cycle rokkar gaadi केँ andar केँ nazare kaa majaa le rahe haen औऱ hans rahe haen.
Aanchal samajh gai कि ravi sirf rone kaa natak krr raha h औऱ bahane सें usse chipak raha h। Abki baar Aanchal ne pahle सें bi tej thappad ravi केँ gaal पर्र mara.
Thappad khane सें ravi ne aanchal ko chhod दिया औऱ apni seat पऱ sidha baithkar अपना gaal sehlane laga.
“Ravi, tm badtamizi mat karo, me riya ko bataungi…” Aanchal gusse सें boli.
Apni sabhi chalon ko asfal hotha हुआ dekh ravi ne hurt feel किया। woh samajh गय़ा yeh sexy bitch muze कोई chance dene wali नहि h। Usne gaadi start कि औऱ samne कि tarf dekhkar chupchap gaadi chalane laga। Aanchal dwara thukra diye jane सें use apni beijjati ehsaas hoyi औऱ क्रोध aa raha thaa। me iski khoobsurti पर्र fida hoon औऱ isne muze thukra दिया, …….saali sexy kutiya। mann hi mann ravi aanchal ko gaaliyan dene laga। Aanchal ko chodne कि उसकी aakansha पर्र अब paani phir chuka thaa.
Aanchal bi apni seat पऱ chupchap baithi thi। woh bi humiliated feel krr rahi thi। yeh ravi बहोत badtameez h। Kehne ko doctor h पर्र bilkul manners नहि haen। Bilkul gawaron jaisi harkat krta h। Ravi केँ sath woh acche mood सें aayi thi औऱ use malum bi thaa कि ravi use chodna chahta h। shayad woh ravi ko एक् chance de bi deti। halanki ravi केँ behaviour सें उसका mood off hu गय़ा औऱ अब woh khud bi hurt ehsaas krr rahi thi.
Jaldbazi औऱ utawalapan dikhkar ravi ne aanchal ko patane kaa chance gawa दिया.
Restaurant pahuchne tak dono मे सें कोईकुछ नहि बोला, dono hi एक् doosre सें naraz the।
Parking मे gaadi lagakar ravi gaadi सें बाहर् aa गय़ा। woh hammesha aanchal केँ liye bi darwaaza kholta thaa पर्र iss baar gusse सें usne नहि khola औऱ apni tarf hi khada raha। Aanchal ne gaadi kaa darwaaza khola औऱ ravi कि tarf देखा। Ravi ne apni nazren pher li औऱ restaurant कि tarf bad गय़ा। aanchal bi उसके piche chalne lagi.
Restaurant मे harpreet औऱ jassi ne hath hilakar unko apni table पऱ bulaya। Jassi ne uthkar ravi सें hath milaya औऱ aanchal केँ gaal pe hath firaya.
Aanchal ravi केँ sath baithi thi औऱ samne jassi औऱ harpreet baithe the। jassi ne waiter सें beer mangwayi। Aanchal ne beer केँ liye mana किया पर्र jassi नहि mana औऱ aanchal ko एक् glass beer pakdakar ‘cheers’ बोला.
fir baaton केँ dauran jassi ne pucha कि aanchal केँ pati bi chandigarh aa rahe haen क्याँ timber trail ghumne ?
“muze नहि ptaa, abi कुछ fix नहि h। jb chandigarh pahuchenge तभी ptaa chalega.” Aanchal ne jawab दिया.
Tab jassi ne bataya कि ghumne kaa program cancel hu गय़ा h। kyonki kamara book नहि hu paye। fir कभी jayenge जब ap dubara chandigarh aaogi तब.
Paharon मे ghumne kaa program cancel hone सें aanchal ko nirasha hoyi। halanki woh chehre पर्र muskaan late hue boli, ” कोईबात नहि, जब dubara chandigarh aaungi too फिन chalenge.”
Unki baatein hoty rahi मगर ravi औऱ aanchal एक् doosre सें नहि bole। Harpreet apni shaadi ko लेकर utsahit thi औऱ shaadi कि tayyariyon केँ bare मे bade utsah सें bata rahi thi। beer khatam hone पऱ jassi ne औऱ mangwa li।
Kuch der बाद aanchal औऱ harpreet batroom chali gayin। Ab ravi औऱ jassi akele rha gaye.
Jassi muskurate hue बोला, ” tere too maze h ravi। apni bhabhi ko khoob ghuma raha h। Kuch किया कि नहि ? “
“na कुछ नहि yar.”
“tairi bhabhi too बहोत sexy maal h। कल rath party मे dance karte time tu uspe बहोत hath pher raha thaa। maine sab dekh लिया thaa tairi harkatein।
Bata na क्याँ क्याँ किया tune उसके sath …”
“मेरे friend, tu galt samajh raha h। bhabhi us type कि नहि h। jyada munh नहि lagaati h woh.”
Jassi ko viswas नहि हुआ, ” aisi h क्याँ ? ya tu muze batana नहि chah raha h ?”
“are नहि yar। me sacch keh raha hoon। Usko patane कि maine koshish कि thi। मगर usne muze thappad maar दिया औऱ tameez सें rehne कि hidayat bi de dali.” Apne gaal sehlate hue ravi बोला.
Thappad कि बात sunkar jassi hasne laga।
Ravi ko jassi पऱ क्रोध aa गय़ा, ” dekh bhay, sab aurtein एक् si नहि hoty। Kuch aurtein maze leti haen मगर chudwati नहि, aanchal bi aisi hi lagti h। sirf tease krti h। samjhe….”
Jassi abi bi hans raha thaa, ” tu use ptaa नहि paya, iska matlab yeh नहि कि woh sati savitri h.”
Jassi कि बात सें ravi ko apni insult ehsaas hoyi। woh gusse मे बोला, ” me एक् lakh rupiye कि shart lagata hoon कि tu aanchal ko नहि chod sakta.”
Ravi कि बात sunkar jassi कि hansi बंद hu gai, ” क्याँ tu serious h ? sacch मे एक् lakh कि shart laga raha h ya mazak krr raha h ?”
Ravi bi serious hokar gusse मे बोला, ” एक् lakh rupiya nakad। Agar tu aanchal ko chod dega। halanki कोई jabardasti नहि, कोई madhosh नहि, कोई rape नहि। woh khud raji honi चाहिए। or tere pass sirf आज sham ya कल kaa time h क्योंकि parson woh wapis delhi jaa rahi h। अगरतब tak tu नहि chod paya too एक् lakh nakad muze dega.”
Jassi chupchap raha.
Ravi use chidane laga, ” bus fat gai क्याँ ? अब kyun maidan chodkar bhag rahe hu ?”
Jassi ne ravi ko देखा, फिन एक् gehri sans लेकर बोला, ” dekh ravi, एक् lakh nakad कोई mamuli rakam नहि h। serious h क्याँ tu ? kahi tairi hurt ego too नहि bol rahi h, madhosh hu गय़ा shayad tujhko…”
“ are tu मेरी hurt ego ya beer ko bhul jaa। bus muze yeh bata कि shart laga raha h ya fat gai tairi ?”
Jassi कुछ der sochta raha, party मे too ravi aanchal सें maze le raha thaa। मगरअब keh raha h कि aanchal ne thappad maar दिया। Kya sacch मे aanchal sirf tease krti h ?
Thodi der tak sochne केँ बाद, jassi बोला, ” dekho ravi, tumhari bhabhi औऱ me एक् doosre ko jyada नहि jante, फिन bi me tumhari shart swikar krta hoon। halanki waqt नहि h क्योंकि parson too woh jaa rahi h। अगर tu मेरी madad kare too na sirf me balki tu bi use chod payega। Bol manzoor h ?”
Aanchal ko chodne केँ khyal सें ravi केँ munh मे paani aa गय़ा औऱ क्रोध bhulkar woh turant taiyar hu गय़ा, ” theek h jassi। me madad karne ko taiyar hoon। pr yaad rakhna, कोई rape नहि, कोई madhosh नहि। theek h ? औऱ एक् lakh nakad taiyar rakhna.”
Jassi muskuraya औऱ dono ne hath milakar shart manzoor कि.
Jassi बोला, ”अब me tuze अपना plan batata hoon, tu waise hi krna जैसे me kahu.”
Tabhi aanchal औऱ harpreet batroom सें wapis aa gai औऱ jassi कि बात adhuri rha gai.
आँचल की अय्याशियां - desi bahu - Aage kya hua? Next part padhiye
mast update
Kamini wrote: ↑18 Dec 2017 23:40mast update thanks
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