आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
आँचल केँ ससुरजी नें जब आँचल कों बेडरूम मे नंगी चूड़ी हुइ पड़े देखा तौ इससे आँचल कों बहोत एम्बररासेमेंट फीलहुआ। वोँ दर गई, औऱ उसनेझट सें सलीम पर्र रेप कां इल्ज़ाम लगा दिया.मगर असलबात यह थि कि जब सें नौकरानी रेखा नें उसे बताया थां कि सलीम कां बहोत बड़ा लॅंड हैं औऱ रेखा उससेखूब चुड़वति हैं तोँ तभी सें आँचल केँ मॅन मे भि उससे चुड़वणी कि इक्चा पैदा हौ गयीँ, थि। वैसे भि उसकीछूट उँचुड़ी हि रह जाती थि इसलिये सलीम कों वोँ अपने कों छोड़ने सें रोक नहींपाई.
उसकेमॅन सें अपने मयके केँ नौकर रामू केँ लन्ड कि यादें अभि मिटी नहीं थि, बल्कि उन पलों कों याद करके उसकीछूट पानी छोड़ देती थि। इसलिये ससुराल केँ नौकर सलीम सें भि उसनेमजा लेने मे देर नहीं कि.
सलीम केँ लन्ड केँ लिए वोँ प्यासी थि औऱ सलीम केँ संग हुई घमासान चुदाई कां उसने भरपूर मजा भि लिया थां, मगरतभी तक जब तक कि उसने अपना लन्ड आँचल कि गंद मे नहीं घुसाया थां। सलीम केँ लन्ड सें अपनीगंद फदवाने मे आँचल कों बिल्कुल भि मजा नहींआया थां, बल्कि असहनिया दर्द सें वोँ रो पड़ी थि औऱ वोँ बड़ी बेदर्दी सें उसकीगंद मरतेरहा। इसलिये सलीम केँ घऱ छोड़कर भाग जाने सें उसे बहोत खुशी हुइ.
अपने ससुरजी कि सहायता सें, उसने सुनील केँ वापस लौटने सें पहले हि बेडरूम धोकरसॉफ लिया थां। जब सुनील वापस लौटा तौ उसने समझा आँचल कि तबीयत वाक़ई खराब हैं उसे बहोत चिंता हुई। उसने अपने पिताजी सें कहा कि जब तकाअन्चल अक्चा महसूस नहीं करती वोँ फॅक्टरी नहीं जाएगा औऱ उसके बदलेकुछ दिन तक बापू फॅक्टरी चले जाएँ.
बुद्धा यह सुनकर फ्रस्टरेट हौ गय़ा पर्र उसको फॅक्टरी जानां हि पड़ा। वोँ सोचरहा थां अबबहू कों नंगीदेख लिया हैं, नहला धुला भि दिया हैं, अब तौ बहू छोड़ने देगी पर्र सुनील नें उसको फॅक्टरी भेज दिया.वा रे फूटी क़िस्मत!
सुनील कों आँचल नें झूठीकथा सुना दि कि सलीम उनकेघऱ सें कुछ रूपीए चुराकर भाग गय़ा हैं। ज्यादा अमाउंट नहीं थां इसलिये सुनील नें पोलीस कंप्लेंट केँ चक्कर मे पड़ना ठीक नहीं समझा.
आँचल नें देखा कि फॅक्टरी जाने केँ नाम पऱ उसके ससुरजी कां मुँह केसे उतार गय़ा हैं। वोँ जानती थि कि उसके ससुरजी नें सलीम केँ जाने केँ बाद उसकी बहोत सहायता कि थि औऱ बेडरूम सॉफ किया थां, उसको बातरूम भि लेँ गय़ा थां, नहाने औऱ कपड़े पहनने मे भि सहायता कि थि, क्यूंकी उस वक्तगंद मरने सें उसकी हालत वाक़ई खराब थि। औऱ वोँ यह भि जानती थि कि इसके बदले मे वोँ ससुरजी अब उससे क्याँ माँगेगा। इसलिये उसके फॅक्टरी जाने सें वोँ खुश हुइ क्यूंकी अब ससुरजी सुभह जाकरसाम कों ठक्कर लौट-ता थां।
आँचल जानबूझकर तबीयत खराब होने कां बहाने करतीरही जबकि असल मे उसकीगंद मे तोड़ा दर्द थां बाकी वोँ पूरीतरह सें ठीक थि। अगलेकुछ दिन तक सुनील नें घऱ पर्र हि रहकर आँचल कां ध्यान रखा। उसने एक् बुड्दा कुक भि रख लिया औऱ आँचल केँ ज़ोर देने पऱ नयी नौकरानी भि रखली। आँचल कों रेखा सें ब्लॅकमेल होने कां दर थां इसलिये उसने बहाने बनाकर सुनील सें उसको निकलवा दिया। आँचल बीमारी कां बहाने बनाकर कुछदिन तक आराम करतीरही। उधर ससुरजी इनसभी बातों सें अलग फ्रस्टरेट होँ रहा थां.
आँचल कि बीमारी कि खबर सुनकर उसके माता पिता भि उसको मिलने आए। उन्होने सुनील सें कहा थोड़े दिन केँ लिए आँचल कों हम् अपनेसंग मयके लेँ जानां चाहते हें। वैसे भि वोँ विवाह केँ बाद सें मयके नहींजा पाई थि।
सुनील नें यहबात मानली औऱ आँचल अपने मयकेचली गई,। उसदिन जब ससुरजी साम कों घऱआया तौ उसेपता चला कि बहू मयकेचली गई, हैं, वोँ बड़ा दुखी हौ गय़ा। आँचल कि सासू माँ बहोत दिन सें अपने रिश्तेदार केँ घऱ विवाह मे गयीँ, हुईँ थि औऱ कुछदिन मे लौटने वाली थि। ससुरजी दुखीहुआ कि बुदिया केँ लौटने केँ बाद उसकाबहू कों छोड़ने कां कोई चान्स नहीं हैं.
मयके पहुचने केँ बाद आँचल कां सामना अपने नौकर रामू सें हुआ। वोँ हरामी छोकरा आँचल कों वापस देखकर बहोत खुसहुआ औऱ आँचल कों वासना भारी नज़रों सें तकनेलगा। आँचल कां चेहरा शरम सें लाल हौ गय़ा क्यूंकी वोँ ससुराल मे रामू केँ लन्ड कों याद करके बहोत मूठ मारा करती थि। अपने मयके आकेर आँचल नें बहोत खुशी महसूस कि। रामू कों देखकर उसने बहोत हॉर्नी फील किया.
आँचल केँ माता-पिता नें उसको एकद्ूम सें खुश देखा तौ उन्होने सोचा कि मयकेआने कि खुशी सें यह बीमार सें खुशी महस्सोस कररही होगी, उन्हे आँचल पऱ कोईशक़ नहींहुआ कि इसमे इतना चेंज एकद्ूम केसे आँ गय़ा कि अभि तौ ससुराल मे बीमारी सें लेती थि औऱ यहा इतनीखुश दिखरही थि।
रामू भि आँचल केँ जाने केँ बाद उसकोमूठ मरते वक़्त बहोत याद करता थां, उसकोलगा अब इसकी विवाह होँ गयीँ, हैं अब इसको छोड़ने मे कोई लाफद नहीं हैं.
उसरात कों आँचल नें रामू केँ लन्ड कों याद करकेमूठ मारी। उसने फॅंटसाइज़ किया कि रामू कां बड़ा लन्ड उसकीछूट मे अंदर बाहर् होँ रहा हैं। एक् तरह सें रामू कां लन्ड उसके पहले प्रेम केँ जैसा थां क्यूंकी सबसे पहले उसनेउसी कां देखा थां, अपनी विवाह सें कुछ हि दिन पहले।
जब सुभह हुईँ तौ बेड पऱ लेते लेते आँचल सोचने लगी कि रामू केँ संग अकेले वक्त बिताने कां मौका केसे मिलेगा, इस ख्याल सें उसको अपनीछूट सें रस बहता महसूस हुआ.
पिछले कुछ सालों सें मयके मे रामू उसकेलिए बेडटी लारहा थां। आँचल जानबूझकर उसको अपने शरीर कों देखने देती थि, कभीकभी उसकी निघट्य उपरउठ जाती थि तोँ रामू कों उसकी मांसल झंघें भि देखने कों मिल जाती थि, औऱ कभीकभी चुचियाँ भि देखने कों मिल जाती थि.
आँचल नें आज जानबूझकर पनटी नहीं पहनी थि औऱ वोँ पेट केँ बाल लेती थि औऱ उसने अपनी टाँगें फैलाली थि। उसने अपनी निघट्य भि उपर कों खींचली थि, जिससे जब रामू सुभह कि छाई लेकेआए तोँ उसको आँचल कि जांघों केँ संग हि उसकी गीलीछूट कां भि नज़ारा दिखे। तभी उसको कदमों कि आहत सुनाई दि, उसने सोचा रामूछाई लेके आँ रहा होगा। औऱ उसकी उततेज़ना बादने लगी।
मगर उसको अपनीमा केँ बोलने कि आवाज़ आई, वोँ झटके सें उठ केँ सीधी होँ गई,। तभी उसके बेडरूम मे उसकीमा नौकर रामू केँ संगआई।
रामू नें कमरे मे अंदर घुसते वक्त निघट्य मे आँचल कां अधनंगा जिस्म देख लिया थां, फिनजब वोँ झटके सें सीधी हुई तोँ उसकी निघट्य केँ अंदर, बिना ब्रा केँ, ज़ोर ज़ोर सें उपर नीचे कों हिलती हुईँ बड़ी बड़ी चुचियाँ भि उसको देखने कों मिली.उस पतली निघट्य मे आँचल केँ तानेहुए निप्पल सॉफसॉफ दिखरहे थें। रामूसमझ गय़ा कि आँचल बहोत एग्ज़ाइटेड होँ रखी हैं.
यहसभी देखकर आँचल कि मा नें रामू कों जल्दी कमरे केँ बाहर् भेज दिया।
फिन वोँ आँचल सें बोलीं, “ केसे कपड़े पहनरखे हें, सभीकुछ तौ दिखरहा हैं। अब तुम्हारी विवाह हौ चुकी हैं। ऐसे झीने झीने कपड़े तुम् सिर्फ़ अपने पति केँ सामने पहनाकरो। यहा तोड़ा ढंग केँ कपड़े पहनाकरो। आयासमझ मे ? ”
आँचल कों निराशा हुई पऱ मजबूरी मे सहमति मे सर हिलना पड़ा। कहां वोँ रामू कों बेडटी केँ समय सिड्यूस करने कि सोचरही थि औऱ यहाउसे मा केँ संगबेड टी पीनी पड़ी औऱ तमीज़ सें रहने कां लेक्चर अलग सें.
अगलेदो दिन तक आँचल कों अकेले रामू केँ संगकोई मौका नहीं मिला। उसकीमा घऱ पर्र हि थि। आँचल बहोत फ्रस्टरेटेड हौ गयीँ,। वोँ रामू केँ इतने नज़दीक़ थि पऱ चुदाई कां मौका नहींमिल पारहा थां.
आज उसको अपनी ससुराल वापस जानां थां। साम कों सुनील उसको लेँ जानेआने वाला थां। अब उसका फ्रस्ट्रेशन औऱ भि बाद गय़ा कि मयके मे आकेर भि रामू केँ संगकोई मौका नहीं मिला.
मगर दोपहर मे उसकीमा मार्केट चली गई,। मा केँ जाते हि आँचल रामू कों ढोँढने लगी.मगर उसकोघऱ मे रामू नहीं दिखा.फिन वोँ घऱ केँ पिछवाड़े मे बने सर्वेंट क्वॉर्टर्स कि तरफ गई,। वहा रामू केँ कमरे केँ दरवाज़े कों उसने हल्का सां धक्का दिया तौ वोँ खुल गय़ा पऱ अंदरकोई नहीं थां। कमरे कों खाली देखकर वोँ उदास हुईँ। मगर उसने देखा कमरे कि दीवारों मे फिल्म स्टार्स, मॉडेल्स केँ कुछ अधनंगे औऱ कुछ पूरी नंगी मॉडेल्स केँ पोस्टर चिपके हुए हें।
रामू कि चारपाई मे तकिये केँ नीचेउसे हिन्दी कि सेक्स कहानियों कि पुस्तक मिली। आँचल वहीं चारपाई मे बैठकर वोँ गंदी पुस्तक पड़ने लगी। कमरे मे नंगे पोस्टर्स केँ बीच वोँ गंदी कहानियों कि पुस्तक पड़ने सें आँचल बहोत उततेज़ीत हौ गई, औऱ उसकीछूट सें रस बहनेलगा। उसने अपने जीन्स कां बटन खोला औऱ रामू केँ बेड मे लेटकर अपनी गीलीछूट मे उंगली करनेलगी.
रामू केँ बैड मे लेटकर मूठ मरने सें उसे एक् अलग सां रोमांच हुआ, ऐसा रिस्क लेने सें उसकी उततेज़ना बहोत हि बाद गई, औऱ उसको ऑर्गॅज़म आने हि वाला थां कि तभी कमरे मे रामू आँ गय़ा।
रामू नें देखा कि आँचल मेरेबेड पर्र लेती हुईँ हैं औऱ जीन्स नीचे कों खिसका केँ छूट मे उंगली कररही हैं। वोँ हैरान रह गय़ा। आँचल नें भि रामू कों देख लियामगर तभी उसको जबरदस्त ऑर्गॅज़म आँ गय़ा, वोँ ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेनेलगी.
Aanchal केँ sasur ne जब Aanchal ko bedroom मे nangi chudi hoyi pade देखा too isse Aanchal ko बहोत embarrasement feel हुआ। woh dar gai औऱ usne jhat सें Salim पऱ rape kaa ilzam laga दिया। halanki asal बात yeh thi कि जब सें naukrani rekha ne use bataya thaa कि Salim kaa बहोत बड़ा land h औऱ rekha usse khoob chudwati h too तभी सें Aanchal केँ man मे bi usse chudwani कि iccha paida hu gai thi। Waise bi उसकी chut unchudi hi rha jati thi इसलिये Salim ko woh apne ko chodne सें rok नहि payi.
Uske man सें apne mayke केँ naukar Ramu केँ loda कि yaadein abi miti नहि thi, balki un palon ko yaad karke उसकी chut paani chod deti thi। iss liye sasural केँ naukar Salim सें bi usne majaa lene मे der नहि कि.
Salim केँ loda केँ liye woh pyasi thi औऱ Salim केँ sath hoyi ghamasan chudayi kaa usne bharpoor majaa bi लिया thaa, मगरतभी tak जब tak कि usne अपना loda Aanchal कि gaand मे नहि ghusaya thaa। Salim केँ loda सें apni gaand fadwane मे Aanchal ko bilkul bi majaa नहि आया thaa, balki asahniya durd सें woh ro padi thi औऱ woh badi bedardi सें उसकी gaand marte raha। iss liye Salim केँ घऱ chodkar bhag jane सें use बहोत khusii hoyi.
Apne sasur कि help सें, usne Sunil केँ wapis lautne सें pahle hi bedroom dho krr saaf लिया thaa। jb Sunil wapis lauta too usne samaja Aanchal कि tabiyat waqai bura h use बहोत fikr hoyi। Usne apne papa सें कहा कि जब takAanchal अच्छा ehsaas नहि krti woh factory नहि jayega औऱ उसके badle कुछदिन tak papa factory chale jayen.
Buddha yeh sunkar frustrate hu गय़ा पर्र usko factory jana hi pada। woh सोच raha thaa अब bahu ko nangi dekh लिया h, nehla dhula bi दिया h, अब too bahu chodne degi पऱ sunil ne usko factory bhej दिया। vah re footi taqdeer!
Sunil ko Aanchal ne jhoothi story suna di कि Salim unke घऱ सें कुछ rupiye churakar bhag गय़ा h। Jyada amount नहि thaa इसलिये Sunil ne police complaint केँ chakkar मे padna theek नहि samaja.
Aanchal ne देखा कि factory jaane केँ nam पर्र उसके sasur kaa munh kese utar गय़ा h। woh janti thi कि उसके sasur ne Salim केँ jane केँ बाद उसकी बहोत help कि thi औऱ bedroom saaf किया thaa, usko batroom bi le गय़ा thaa, nahane औऱ kapde pehanne मे bi help कि thi, क्योंकि us वक्त gaand marane सें उसकी halat waqai bura thi। or woh yeh bi janti thi कि iske badle मे woh sasur अब usse क्याँ mangega। iss liye उसके factory jane सें woh खुश hoyi क्योंकि अब sasur subah jakar sham ko thakkar laut-ta thaa।
Aanchal janboojhkar tabiyat bura hone kaa bahana krti rahi jabki asal मे उसकी gaand मे थोडा durd thaa baki woh puri prakaar सें theek thi। Agle कुछदिन tak Sunil ne घऱ पऱ hi rehkar Aanchal kaa dhyaan rakkha। Usne एक् budda cook bi रख लिया औऱ Aanchal केँ jor dene पर्र nayee naukrani bi रख li। Aanchal ko Rekha सें blackmail hone kaa dar thaa इसलिये usne bahane banakar Sunil सें usko nikalwa दिया। Aanchal bimari kaa bahana banakar कुछदिन tak aaram krti rahi। Udhar Sasur in sab baton सें alag frustrate hu raha thaa.
Aanchal कि bimari कि samachar sunkar उसके mata pita bi usko milne aaye। Unhone Sunil सें कहा thode दिन केँ liye Aanchal ko हम् apne sath mayke le jana chahte haen। Waise bi woh shaadi केँ बाद सें mayke नहि jaa payi thi।
Sunil ne yeh बात maan li औऱ Aanchal apne mayke chali gai। Us दिनजब Sasur sham ko घऱआया too use ptaa chala कि bahu mayke chali gai h, woh बड़ा dukhi hu गय़ा। Aanchal कि Saas बहोत दिन सें apne rishtedar केँ घऱ shaadi मे gai hoyi thi औऱ कुछदिन मे lautne wali thi। Sasur dukhi हुआ कि budiya केँ lautne केँ बाद उसका bahu ko chodne kaa कोई mauka नहि h.
Mayke pahuchne केँ बाद Aanchal kaa samna apne naukar Ramu सें हुआ। woh harami chokra Aanchal ko wapis dekhkar बहोत khus हुआ औऱ Aanchal ko vasna bhari nazron सें takne laga। Aanchal kaa चेहरा lajja सें laal hu गय़ा क्योंकि woh sasural मे Ramu केँ loda ko yaad karke बहोत muth mara krti thi। Apne mayke aaker Aanchal ne बहोत khusii ehsaas कि। Ramu ko dekhkar usne बहोत horny feel किया.
Aanchal केँ parents ne usko ekdum सें खुश देखा too unhone socha कि mayke aane कि khusii सें yeh bimar सें khusii mehssos krr rahi hongi, unhe Aanchal पऱ कोई shaq नहि हुआ कि ismein itna change ekdum kese aa गय़ा कि abi too sasural मे bimari सें leti thi औऱ यहा itni खुश dikh rahi thi.
Ramu bi Aanchal केँ jane केँ बाद usko muth marte वक़्त बहोत yaad krta thaa, usko laga अब iski shaadi hu gai h अब isko chodne मे कोई lafda नहि h.
Us rath ko Aanchal ne Ramu केँ loda ko yaad karke muth mari। Usne fantasize किया कि Ramu kaa बड़ा loda उसकी chut मे andar बाहर् hu raha h। Ek prakaar सें Ramu kaa loda उसके pahle pyaar केँ jaisa thaa क्योंकि sabse pahle usne usi kaa देखा thaa, apni shaadi सें कुछ hi दिन pahle।
jb subah hoyi too bed पर्र lete lete Aanchal sochne lagi कि Ramu केँ sath akele time bitane kaa chance kese milega, iss khyal सें usko apni chut सें ras behta ehsaas हुआ.
Pichle कुछ salon (years) सें Mayke मे Ramu उसके liye bed tea la raha thaa। Aanchal jaanboojhkar usko apne badan ko dekhne deti thi, कभीकभी उसकी nighty ऊपर uth jati thi too Ramu ko उसकी mansal jhanghen bi dekhne ko mil jati thi, औऱ कभीकभी chuchiyan bi dekhne ko mil jati thi.
Aanchal ne आज janboojhkar panty नहि pehni thi औऱ woh pet केँ bal leti thi औऱ usne apni tangein faila li thi। Usne apni nighty bi ऊपर ko khinch li thi, jisse जब Ramu subah कि chai leke aaye too usko Aanchal कि janghon केँ sath hi उसकी gili chut kaa bi nazara dikhe। Tabhi usko kadmon कि aahat sunai di, usne socha Ramu chai leke aa raha hoga। or उसकी uttezna badne lagi।
halanki usko apni Ma केँ bolne कि awaz aayi, woh jhatke सें uth केँ sidhi hu gai। Tabhi उसके bedroom मे उसकी Ma naukar Ramu केँ sath aayi।
Ramu ne kamre मे andar ghuste टाइम nighty मे Aanchal kaa adhnanga badan dekh लिया thaa, फिनजब woh jhatke सें sidhi hoyi too उसकी nighty केँ andar, bina bra केँ, jor jor सें ऊपर नीचे ko hilti hoyi badi badi chuchiyan bi usko dekhne ko mili। Us patli nighty मे Aanchal केँ tane hue nippal saaf saaf dikh rahe the। Ramu samajh गय़ा कि Aanchal बहोत excited hu rakhi h.
yeh sab dekhkar Aanchal कि Ma ne Ramu ko turant kamre केँ बाहर् bhej दिया।
fir woh Aanchal सें boli, “ kese kapde pehan rakhe haen, sab कुछ too dikh raha h। Ab tumhari shaadi hu chuki h। ayese jhine jhine kapde tm sirf apne shauhar केँ samne pehna karo। Yahan थोडा dhang केँ kapde pehna karo। Aaya samajh मे ? ”
Aanchal ko nirasha hoyi पर्र majboori मे sehmati मे sar hilana pada। Kahan woh Ramu ko bed tea केँ waqt seduce karne कि सोच rahi thi औऱ यहा use Ma केँ sath bed tea pini padi औऱ tameez सें rehne kaa lecture alag सें.
Agle दोदिन tak Aanchal ko akele Ramu केँ sath कोई chance नहि मिला। Uski Ma घऱ पर्र hi thi। Aanchal बहोत frustrated hu gai। woh Ramu केँ itne nazdeeq thi पऱ chudayi kaa chance नहि mil pa raha thaa.
aj usko apni sasuraal wapis jana thaa। Sham ko Sunil usko le jane aane wala thaa। Ab उसका frustration औऱ bi bad गय़ा कि mayke मे aaker bi Ramu केँ sath कोई chance नहि मिला.
halanki dopahar मे उसकी Ma market chali gai। Ma केँ jate hi Aanchal Ramu ko dhondhne lagi। halanki usko घऱ मे Ramu नहि dikha। fir woh घऱ केँ pichwade मे bane servant quarters कि tarf gai। Wahan Ramu केँ kamre केँ darwaze ko usne halka sa dhakka दिया too woh khul गय़ा पर्र andar कोई नहि thaa। Kamre ko khali dekhkar woh nirash hoyi। halanki usne देखा kamre कि diwaron मे film stars, models केँ कुछ adhnange औऱ कुछ poori nangi models केँ poster chipke hue haen।
Ramu कि charpayi मे takiye केँ नीचे use hindi कि sex kahaniya कि kitab mili। Aanchal wahin charpayi मे baithkar woh gandi kitaab padne lagi। Kamre मे nange posters केँ beech woh gandi kahaniya कि kitab padne सें Aanchal बहोत uttezit hu gai औऱ उसकी chut सें ras behne laga। Usne apne jeans kaa button khola औऱ Ramu केँ bed मे letkar apni gili chut मे ungli karne lagi.
Ramu केँ bistar मे letkar muth marne सें use एक् alag sa romanch हुआ, aesa risk lene सें उसकी uttezna बहोत hi bad gai औऱ usko orgasm aane hi wala thaa कि तभी kamre मे Ramu aa गय़ा।
Ramu ne देखा कि Aanchal मेरे bed पर्र leti hoyi h औऱ jeans नीचे ko khiska केँ chut मे ungli krr rahi h। woh heraan rha गय़ा। Aanchal ne bi Ramu ko dekh लियामगर तभी usko jabardast orgasm aa गय़ा, woh jor jor सें siskariyan lene lagi.
Mast update
Dolly sharma wrote: ↑09 Nov 2017 16:48 hotttttttttttttttttttttttttt Kamini wrote: ↑09 Nov 2017 22:34Mast update dhanywad
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
मगर दोपहर मे उसकीमा मार्केट चली गयीँ,। मा केँ जाते हि आँचल रामू कों ढोँढने लगी.मगर उसकोघऱ मे रामू नहीं दिखा.फिन वोँ घऱ केँ पिछवाड़े मे बने सर्वेंट क्वॉर्टर्स कि तरफ गयीँ,। वहा रामू केँ कमरे केँ दरवाज़े कों उसने हल्का सां धक्का दिया तौ वोँ खुल गय़ा पऱ अंदरकोई नहीं थां। कमरे कों खाली देखकर वोँ उदास हुई। मगर उसने देखा कमरे कि दीवारों मे फिल्म स्टार्स, मॉडेल्स केँ कुछ अधनंगे औऱ कुछ पूरी नंगी मॉडेल्स केँ पोस्टर चिपके हुए हें। रामू कि चारपाई मे तकिये केँ नीचेउसे मास्टराँ कि सेक्स कहानियों कि हिन्दी पुस्तक मिली। आँचल वहींबेड मे बैठकर वोँ गंदी पुस्तक पड़ने लगी। कमरे मे नंगे पोस्टर्स केँ बीच वोँ गंदी कहानियों कि पुस्तक पड़ने सें आँचल बहोत उततेज़ीत हौ गई, औऱ उसकीछूट सें रस बहनेलगा। उसने अपने जीन्स कां बटन खोला औऱ रामू केँ बेड मे लेटकर अपनी गीलीछूट मे उंगली करनेलगी.
रामू केँ बैड मे लेटकर मूठ मरने सें उसे एक् अलग सां रोमांच हुआ, ऐसा रिस्क लेने सें उसकी उततेज़ना बहोत हि बाद गई, औऱ उसको ऑर्गॅज़म आने हि वाला थां कि तभी कमरे मे रामू आँ गय़ा। रामू नें देखा कि आँचल मेरेबेड पर्र लेती हुईँ हैं औऱ जीन्स नीचे कों खिसका केँ छूट मे उंगली कररही हैं। वोँ हैरान रह गय़ा। आँचल नें भि रामू कों देख लियामगर तभी उसको जबरदस्त ऑर्गॅज़म आँ गय़ा, वोँ ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेनेलगी.
रामू सें अबरहा नहीं गय़ा, उसने फटाफट अपने कपड़े उतार फेंके औऱ सिसकारियाँ लेती आँचल केँ चेहरे केँ पास अपना लन्ड हिलने लगा.फिन लन्ड पूरा खड़ा होते हि उसने आँचल कि जीन्स औऱ पनटी एक् झटके मे उतार फेंकी। फिन आँचल कि गंद कों एक् हाथ सें पकड़कर दूसरे हाथ सें उसकीछूट मे उंगली करनेलगा। वोँ अपने अंगूठे सें उसकी क्लाइटॉरिस कों मसलरहा थां औऱ गीलीरस सें भारीछूट मे फ़चफ़च उंगलियाँ तेज़ी सें अंदर बाहर् कररहा थां। आँचल अपनीगंद उपर कों उछालने लगी। जल्द हि उसको एक् औऱ ऑर्गॅज़म आँ गय़ा औऱ वोँ ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेती हुईँ दोसरि बार झाड़ गई,.
फिन रामू नें आँचल केँ बाकी कपड़े भि उतारदिए औऱ उसको पूरी नंगीकर दिया। आँचल कि बड़ी बड़ी चुचियों कों खुलीहवा मे हिलते देखकर रामू उततेज़ना सें भरउठा औऱ उसने चुचियों केँ बीच निप्पालों कों अपने मुँह मे भर लिया औऱ उन्हे चूसने औऱ काटने लगा.संग हि संग चुचियों कों ज़ोर ज़ोर सें हाथों मे पकड़कर मसालने लगा.
आँचल कों रामू कां लन्ड चूसने कि तड़प हुईँ। वोँ अपनेहाथ मे रामू कां लन्ड पकड़कर उसेउपर नीचे हिलने लगी.फिन रामू नें आँचल कों उठाकर अपनीगोद मे बिता लिया औऱ उसकीछूट कि छेड़ मे अपने लन्ड कां सूपड़ा घुसा दिया.फिन धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसने आँचल कों अपने लन्ड पऱ बिता दिया.
जैसे हि सूपड़ा छूट केँ अंदर घुसा, आँचल चिल्लाई, “ आररर्ग्घह उंगग्गग आहह-आहह ओइईईईईईई….”
अपनीगोद मे बैठी आँचल कों सिसकारियाँ लेते देखकर रामू उततेज़ना मे भर गय़ा औऱ उसने आँचल कि छूट मे अंदर तक पूरा लन्ड घुसा दिया। आँचल कों ऐसालगा जैसे रामू केँ बड़े लन्ड सें उसकीछूट पूरीभर गई, हैं औऱ छूट कि देवरें पूरीतरह सें स्ट्रेच होँ गयीँ, हें। रामू नें आँचल कि छूट कि टाइटनेस कों महसूस किया, उसेलगा आँचल कि टाइटछूट नें उसके लन्ड कों बिल्कुल जाकड़ लिया हैं, मजा सें वोँ पागल सां होँ गय़ा। उसने पहले रंडियन छोड़ी थि पऱ रंडी छोड़ते टाइमउसे लगता थां जैसे किसी थैली मे टूतब्रश डालरहा हौ.
इतनी सुंदर औऱ एकद्ूम टाइटछूट वाली लड़की कों छोड़ने मे ऐसामजा उसे आँ रहा थां जौ उसके पूरे खानदान मे सयद किसी कों भि नहींआया होगा.
फिन रामू नें लन्ड कों अपनी स्थान पर्र बिना हिलाए रखकर आँचल कों कसकर आलिंगन मे भर लिया औऱ उसके गोरे सुंदर जिस्म कों चॉंने, चाटने औऱ काटने लगा। आँचल दर्द औऱ उततेज़ना सें ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेनेलगी.
फिन रामू आँचल कि गंद कों हाथों सें पकड़कर उसको अपने लन्ड पर्र उपर नीचे उछालने लगा, रामू कां लन्ड अबछूट मे तेज़ी सें अंदर बाहर् होनेलगा। उछालने सें आँचल कि बड़ी चुचियाँ भि उपर नीचे उछालने लगी। इससे उततेज़ीत होकर रामू अधिकदेर रोक नहीं पाया औऱ उसने आँचल कि छूट कों अपने गर्म वीर्या सें पूराभर दिया। वीर्या गिरते गिरते वोँ आँचल कि चुचियों कों चोसने काटने लगा.फिन उसने अपना लन्ड आँचल कि छूटरस सें भीगी हुइ छूट सें बाहर् निकाला। इतने बड़े लन्ड केँ बाहर् निकालने सें प्वाअक कि आवाज़ हुइ औऱ आँचल कि छूट कां मुँह खुलारह गय़ा.
फिन उसने अपने मुरझा चुके लन्ड कों आँचल केँ मुँह मे दल दिया। आँचल सतसट उसका लन्ड चूसने लगी। आँचल केँ लन्ड चूसने सें थोड़ी हि देर मे छोकरे रामू कां लन्ड फिन खड़ा होँ गय़ा। अब उसने आँचल कों लिटाकर उसकी टाँगे पकड़ केँ उपर कों घुटने सें मोड़ दि औऱ फिनछूट मे लन्ड घुसेड दिया.
अब रामू, आँचल कि छूट मे हल्के हल्के धक्के लगाने लगा। आँचल भि उततेज़ीत होकर उसका पूरासंग देनेलगी औऱ अपनीगंद उपर कों उछालने लगी जैसे वोँ नीचे सें रामू कों छोड़रही हौ। यह देखकर रामूखुस होँ गय़ा। आँचल केँ ऐसेगंद उपर कों उछालने सें उसकी गोरी गोरी मखहान जैसे जंघें भि उछालरही थि औऱ उसकी बड़ी बड़ी चुचियाँ भि उपर नीचेहिल रही थि।
आँचल तौ अपने पहले लन्ड रामू केँ संग चुदाई सें इतने खुशी मे थि कि उसकोदीं दुनिया कि कुछ नाँ होश नां दर्र नाँ शरम, सभीकुछ वोँ भूल गई, थि। वोँ इतनी ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेँ रही थि कि रामू कों उसके मुँह मे हाथ रखनापद रहा थां कि कहींकोई सुन नां लेँ। उसकेतेज तेज आवाज़ निकालने सें रामू कां हालऐसा थां कि यह स्वयं तौ मरेगी संग मे मुझे भि मरवाएगी.
आँचल उततेज़ना सें चिल्लाई, “ आहह-आहह.श.माआ।, बहोत मजा आँ रहा हैं रामू, ऑश.ऑश। आहह-आहह….ओइईईईईईईईई “.
उसको ऑर्गॅज़म पर्र ऑर्गॅज़म आतेरहे औऱ वोँ झड़ती रही, झड़ती रही औऱ झड़ती रही नां जाने कितनी बार………
रामू उसकीछूट कों धमाधम छोड़े जारहा थां औऱ उसकी नां जानने कब कि प्यास बुझाए जारहा थां। आँचल बहोत खुश थि उसकी प्यास आजकोई जी भरकर बुझारहा थां। रामू कि रस्सी वाली चारपाई मे लेते लेते धक्के खाते खाते उसके नितंब दुखने लगे थें, पऱ उसे इसकीकोई परवाह नहीं थि, जोँ मजाउसे मिलरहा तह उसके आयेज बाकी परेशानियों कां कोई महटवा नहीं थां.
रामू केँ तेजतेज धक्कों सें वोँ पुरानी चारपाई ऐसे आवाज़ कररही थि कि दर थां कहींटूट नां जाए.तभी आँचल नें दूर कहीं किसी केँ डोरबेल बजाने कि आवाज़ सुनी, मगर वोँ रामू सें। "औऱ तेज ! औऱ तेज !" हि कहतीरही।
रामू नें भि डोरबेल कि आवाज़ सुनली थि, पऱ उततेज़ना मे उसने भि उनसुना कर दिया.
“छोड़ो ….मुझे छोड़ो रामू ……औऱ छोड़ो …ज़ोर सें ….औऱ ज़ोर सें….आँ आहह-आहह…… ओइईईईई माआ…….” आँचल कों ऑर्गॅज़म पर्र ऑर्गॅज़म आतेगये.
इतनी सुंदर लड़की कों चुदसी स्त्री केँ जैसे चिल्लाते देखकर रामू भि रुक नहीं पाया औऱ जोरदार स्ट्रोक लगतेहुए उसने आँचल कि छूट एक् बारफिन अपने वीर्या सें भर दि। फिन झाड़ते झाड़ते, अपना पूरा वज़न आँचल केँ जिस्म मे डालकेर वोँ उततेज़ना मे उसकी चुचियों कों चाटने औऱ काटने लगा।
जब चुदाई ख़तम हुई तोँ रामू कों होशआया कोई बहोत देर सें डोरबेल बजाएजा रहा थां। वोँ झट सें उठा औऱ आँचल कों घसीटकर उठाने लगा.
मगर आँचल मदहोश थि वोँ उठी हि नहीं। रामू घबराहट मे उसको नंगी हि चोरकर फटाफट अपने कपड़े पहनकर उनकेघऱ कि तरफ मे द्वार (दरवाज़ा) खोलने कों भगा.
रामू केँ कमरे केँ दूसरी तरफ पड़ोसी केँ नौकर कां रूम थां। दोनोघऱ केँ बीच मे दीवार थि। अपने कमरे मे वोँ नौकर दोपहर कि नीड लें रहा थां। मगर आँचल कि ज़ोर ज़ोर सें कामोततेज़ाक सिसकारियों सें उसकी नींदखुल गयीँ,। वोँ दीवार केँ उसपार सें तनकाझकी करनेलगा। वोँ दीवार फांदकर रामू केँ कमरे कि खिड़की सें चुपचाप चुदाई देखने लगा औऱ बहोत उततेज़ीत हौ गय़ा। वोँ रामू कां यार थां औऱ कईबार संगसंग उन दोनो नें रंडियन छोड़ी थि। रामू नें उसको विवाह सें पहले आँचल कों लन्ड चूसने वाला किस्सा भि बताया थां। 55 साल कि उमर कां होने केँ बावजूद चिकनी आँचल कों चूड़ते देखकर उसका लन्ड पाजामा फड़कर बाहर् आने कों हौ गय़ा.
जब उसने रामू कों घऱ केँ अंदर जातेहुए देखा तोँ मौका तड़कर वोँ रामू केँ कमरे मे घुस गय़ा। कमरे मे आँचल टाँगे फैलाए नंगी पड़ी हुई थि, उसकीछूट कां छेड़ जोरदार चुदाई सें अभि खुलाहुआ हि थां। आँचल नें उसकोदेख लिया पर्र तब तक वोँ नौकर आँचल केँ उपरचाड गय़ा। अपना लन्ड आँचल कि छूट मे घुसकर उसने धक्के लगाने शुरुआत करदिए। धक्कों सें वोँ पुरानी चारपाई, चुवन ! चुवन ! कि आवाज़ करनेलगी।
छूट मे लन्ड अंदर बाहर् होने सें आँचल कि सिसकारियाँ निकालने लगी। उसकाबदन बुड्ढे केँ धक्कों कां जवाब देतेहुए गंदउपर कों उछालने लगा.
मगर उसका दिमाग़ कहरहा थां कि यह ग़लत हैं, वोँ बोलीं, “ मत करो….उहह ….आहह-आहह….मुझे चोरो……….ओइईईईई माआअ…”
नौकर छोड़ते रहा औऱ आँचल कों ऑर्गॅज़म आँ गय़ा, उसकीछूट नें फिन पानी छोड़ दिया.मगर वोँ “मुझेचोर दो, मतकरो “ कहतीरही। यह सुनकर नौकर नें आँचल केँ मुँह पऱ अपनाहाथ रखकर मुँहबंद कर दिया। औऱ फिन ज़ोर ज़ोर सें छोड़ने लगा.जब आँचल कों ऑर्गॅज़म आया तौ उसने उततेज़ना मे अपने मुँह पऱ रखेहुए नौकर केँ हाथ मे ज़ोर सें दाँतकाट दिया।
अब बुद्धा नौकर भि झड़ने लगा। झाड़ते वक़्त वोँ चिल्लाया, “ ह….साली छूट…….”
औऱ फिन आँचल कि छूट मे अपना वीर्या गिरा दिया.
उनकी खुस-किस्मती सें सर्वेंट क्वॉर्टर घऱ केँ पिछवाड़े मे होने सें उनकीयह आवाज़ें घऱ केँ अंदर नहीं गयीँ,। झड़ने केँ बाद नौकर अपना मुरझाया हुआ झानतु लन्ड फटाफट अपने पाजामा मे घुसकर, अपने ज़ख्मी हाथ (आँचल केँ दाँत काटने सें) कों सहलाता हुआ दीवार फांदकर अपने कमरे मे भाग लिया.
आँचल गहरी गहरी साँसे लेती हुईँ नंगी चारपाई मे पड़ीरही। उसने बुड्ढे नौकर कों अपने शरीर कां मजा लेने सें रोकने कि कोई कोशिश नहीं कि थि, सिर्फ़ मुँह सें " मतकरो मतकरो" कह दियाबस। उसका जिस्म चुदाई केँ मज़े चाहता थां, पर्र दिमाग़ इनसभी केँ लिए माना करता थां। पऱ हरबार कि तरह शरीर औऱ दिमाग़ कि लड़ाई मे जीतबदन कि हि होती थि.
उधर रामू नें मे द्वार (दरवाज़ा) खोला तौ बाहर् आँचल कि मा औऱ सुनील खड़े थें। पिछले 10 मिनिट्स सें सुनील डोरबेल बजाएजा रहा थां मगर आँचल कि मा मार्केट सें अभि पहुँची थि।
जब सुनील नें उसको बताया कि वोँ काफ़ी देर सें बाहर् खड़ा हैं तोँ आँचल कि मा नें रामू कों खूब हड़काया, " कहां मारा थां इतनीदेर तक, जमाई केँ लिए द्वार (दरवाज़ा) क्यूं नहीं खोला."
रामू नें एक्सक्यूज़ बनाया कि वोँ अपने कमरे मे सोरहा थां इसलिये डोरबेल नहीं सुनी। उसकातका हुआ चेहरा औऱ उलझेबाल देखकर उन्होने उसकीबात पर्र विस्वास कर लिया। सुनील नें बताया वोँ आँचल कों घऱ लेँ जाने केँ लिएआया हैं। अब रामू कि गांदफट गयीँ,।
आँचल कि मा, आँचल कों आवाज़ देतेहुए उसकेरूम मे गई,, पर्र आँचल अपने बेडरूम मे नहीं थि।
फिन उसने रामू सें पूछा, “ आँचल कहां हैं ?”
रामू कों कुछसमझ नहींआया, वोँ बोला, “ मेंसाब् तोँ अपनेघऱ चली गयीँ, हैं.”
आँचल कि मा बोलि, ” घऱचली गयीँ, ? बिना बताए ? मगर उसका सूटकेस तोँ यही हैं.”
रामू बोला, “ वोँ ऑटो सें चली गयीँ, हैं औऱ सूटकेस जब सुनील आएगा उसकोदे देनाबोल केँ गयीँ, हैं.”
सुनील कि भि कुछ साँझ नहींआया कि आँचल नें ऐसा क्यूं किया, पऱ उसेकोई शक़ नहींहुआ.
आँचल कि मा नें सुनील सें कहा, “ बेटा सुनील, तुम् छाई पानीपी केँ हि जाओगे। रामू जल्द सें छाईबना केँ ला.”
रामू रसोई मे जाने कि बजाए जल्द सें अपने कमरे कि औऱ भगा, वहा आँचल अभि भि नंगी आँखें बंद करके चारपाई मे लेती हुइ थि। उसने फटाफट आँचल कों सभी बातें बताई औऱ जल्द जल्द उसका जीन्स औऱ टॉप पहना केँ उसको सर्वेंट क्वॉर्टर केँ पीछे केँ रास्ते सें रोड पर्र जकेरऑटो पकड़ केँ सीधे अपने ससुराल जाने कों कहा.उधर आँचल कि मा, " रामू ! रामू ! " चिल्ला रही थि। रामू आँचल कों वहीं चोरके फिन फटाफट अंदरछाई बनाने रसोई मे भगा.
आँचल अभि भि मदहोशी मे थि, उसका दिमाग़ सही सें काम नहींकर रहा थां। वोँ जैसे तैसेउठी औऱ पीछे केँ रास्ते रोड पर्र आँ गई,, वहा उसकोवही बुद्धा नौकर मिला। नौकर कों अपनीतरफ गंदी वासना भारी नज़रों सें घूरते देखकर आँचल कां सरशरम सें झुक गय़ा। खुस-किस्मती सें किसी नें भि उसे बुड्ढे नौकर सें चूड़ते हुए नहीं देखा थां। बुद्धा जल्द जल्द छोड़कर झाड़ गय़ा थां औऱ फिन वापसचला गय़ा थां।
आँचल लड़खड़ते कदमों सें ऑटो धोँदणे लगी। उसने देखासभी लोगउसी कों देखरहे हें औऱ गंदीतरह सें हंसरहे हें। वोँ शक़ल सें हि बहोत चूड़ी हुईँ लगरही थि। उपर सें हुआयह कि जल्दबाज़ी मे रामू नें उसे सिर्फ़ टॉप औऱ जीन्स पहना दिया। ब्रा औऱ पनटी रामू केँ हि कमरे मे रह गयीँ,। उसकेबाल बिखरे हुए थें औऱ होंठ सूज़े हुए थें। पसीने सें उसकाटॉप उसके जिस्म सें चिपक गय़ा थां।
ब्रा नाँ होने सें बड़ी बड़ी चुचियाँ औऱ सूज़े हुए निप्पल टॉप सें बाहर् कों निकलरहे थें। जीन्स भि जल्दबाज़ी मे ढंग सें नहीं पहनी थि औऱ पीछेगंद कि दरार दिखाई देरही थि, अंदर सें पनटी थि नहीं.ऐसी हालत मे सभी केँ घूर्ने सें वोँ शरम सें ज़मीन मे गड़ गयीँ, मगरतभी एक् ऑटो वालामिल गय़ा औऱ वोँ झट सें उसमेबैठ गई,। अब घॉरर्ने कि बरी औूतोवले कि थि। उसने पहले तोँ आक्ची तरह सें उपर सें नीचे तक आँचल कों घूराफिन सिडेगलशस मे उसकी हिलती हुई चुचियों कों देखते हुएऑटो चलाने लगा। रास्ते भर उसनेऑटो कों जानबूझकर झटके देतेहुए चलाया ताकि झटकों सें आँचल कि बड़ी हिलती हुई चुचियों कां मजा लें। आँचलसभी समझरही थि मगर अपनेहोत दाँतों मे दबाकर सर नीचे झुकाए बैठीरही.
ससुराल पहुँचते हि सबसे पहले सामना हुआ संस्कारी ससुरजी सें। ससुरजी नें ऐसी हालत मे आँचल कों देखा तौ माता पीट लिया, " हे ईश्वर फिनचुड गयीँ, बहू। सला सबका नंबरलग गय़ा। मेरी क़िस्मत हि फूटी हैं जोँ घऱ मे होकर भि मेरा इसको छोड़ने कां नंबर नहींलग पारहा."
आँचल नें ससुरजी कों देखा तौ एक् नर्वस सि स्माइल दि औऱ फटाफट अपने बेडरूम मे भाग गयीँ,। उसने सोचायह बुद्धा बारबार मुझे छुड़ा हुआदेख लेता हैं, अब मे अधिकदिन तक इसकेहाथ सें बच नहीं पौँगी.
मगर उसकी ख़ुस्माती थि कि उसकी सासू माँ अपनी भतीजी कि विवाह सें वापस आँ गयीँ, थि औऱ घऱ पऱ सासू माँ केँ होने सें ससुरजी कों ज्यादा ताकझक कां मौका नहीं मिलने वाला थां.
halanki dopahar मे उसकी Ma market chali gai। Ma केँ jate hi Aanchal Ramu ko dhondhne lagi। halanki usko घऱ मे Ramu नहि dikha। fir woh घऱ केँ pichwade मे bane servant quarters कि tarf gai। Wahan Ramu केँ kamre केँ darwaze ko usne halka sa dhakka दिया too woh khul गय़ा पर्र andar कोई नहि thaa। Kamre ko khali dekhkar woh nirash hoyi। halanki usne देखा kamre कि diwaron मे film stars, models केँ कुछ adhnange औऱ कुछ poori nangi models केँ poster chipke hue haen। Ramu कि charpayi मे takiye केँ नीचे use mastram कि sex kahaniya कि hindi kitab mili। Aanchal wahin bed मे baithkar woh gandi kitaab padne lagi। Kamre मे nange posters केँ beech woh gandi kahaniya कि kitab padne सें Aanchal बहोत uttezit hu gai औऱ उसकी chut सें ras behne laga। Usne apne jeans kaa button khola औऱ Ramu केँ bed मे letkar apni gili chut मे ungli karne lagi.
Ramu केँ bistar मे letkar muth marne सें use एक् alag sa romanch हुआ, aesa risk lene सें उसकी uttezna बहोत hi bad gai औऱ usko orgasm aane hi wala thaa कि तभी kamre मे Ramu aa गय़ा। Ramu ne देखा कि Aanchal मेरे bed पर्र leti hoyi h औऱ jeans नीचे ko khiska केँ chut मे ungli krr rahi h। woh heraan rha गय़ा। Aanchal ne bi Ramu ko dekh लियामगर तभी usko jabardast orgasm aa गय़ा, woh jor jor सें siskariyan lene lagi.
Ramu सें अब raha नहि गय़ा, usne fatafat apne kapde utar phenke औऱ siskariyan leti Aanchal केँ chehre केँ pass अपना loda hilane laga। fir loda poora khada hote hi usne Aanchal कि jeans औऱ panty एक् jhatke मे utar phenki। fir Aanchal कि gaand ko एक् hath सें pakadkar doosre hath सें उसकी chut मे ungli karne laga। woh apne anguthe सें उसकी clitoris ko masal raha thaa औऱ gili ras सें bhari chut मे phachaphach ungliyan teji सें andar बाहर् krr raha thaa। Aanchal apni gaand ऊपर ko uchalne lagi। juldi hi usko एक् औऱ orgasm aa गय़ा औऱ woh jor jor सें siskariyan leti hoyi dosri baar jhad gai.
fir Ramu ne Aanchal केँ baki kapde bi utar diye औऱ usko poori nangi krr दिया। Aanchal कि badi badi chuchiyon ko khuli hawa मे hilte dekhkar Ramu uttezna सें bhar utha औऱ usne chuchiyon केँ beech nippalon ko apne munh मे bhar लिया औऱ unhe choosne औऱ katne laga। Sath hi sath chuchiyon ko jor jor सें hathon मे pakadkar masalne laga.
Aanchal ko Ramu kaa loda choosne कि tadap hoyi। woh apne hath मे Ramu kaa loda pakadkar use ऊपर नीचे hilane lagi। fir Ramu ne Aanchal ko uthakar apni god मे bitha लिया औऱ उसकी chut कि ched मे apne loda kaa supdaa ghusa दिया। fir dhire dhire Usne Aanchal ko apne loda पऱ bitha दिया.
jaesa hi supdaa chut केँ andar ghusa, Aanchal chillayi, “ aarrrgghhh ungggg ahhhhhh oiiiiiiiii….”
Apni god मे baithi Aanchal ko siskariyan lete dekhkar Ramu uttezna मे bhar गय़ा औऱ usne Aanchal कि chut मे andar tak poora loda ghusa दिया। Aanchal ko aesa laga जैसे Ramu केँ bade loda सें उसकी chut puri bhar gai h औऱ chut कि dewarein puri prakaar सें stretch hu gai haen। Ramu ne Aanchal कि chut कि tightness ko ehsaas किया, use laga Aanchal कि tight chut ne उसके loda ko bilkul jakad लिया h, sukh सें woh pagal sa hu गय़ा। Usne pahle randiyan chodi thi पर्र randi chodtay वक्त use lagta thaa जैसे kisi thaili मे toothbrush daal raha hu.
Itni haseen औऱ ekdum tight chut wali ldki ko chodne मे aesa sukh use aa raha thaa joo उसके pure khandaan मे shayad kisi ko bi नहि आया hoga.
fir Ramu ne loda ko apni स्थान पऱ bina hilaye rakhkar Aanchal ko kaskar alingan मे bhar लिया औऱ उसके gore haseen badan ko chomne, chatne औऱ katne laga। Aanchal durd औऱ uttezna सें jor jor सें siskariyan lene lagi.
fir Ramu Aanchal कि gaand ko hathon सें pakadkar usko apne loda पऱ ऊपर नीचे uchalne laga, Ramu kaa loda अब chut मे teji सें andar बाहर् hone laga। Uchalne सें Aanchal कि badi chuchiyan bi ऊपर नीचे uchalne lagi। Isse uttezit hokar Ramu jyada der rok नहि paya औऱ usne Aanchal कि chut ko apne garam virya सें pura bhar दिया। Virya girate girate woh Aanchal कि chuchiyon ko chosne katne laga। fir usne अपना loda Aanchal कि chootras सें bhigi hoyi chut सें बाहर् nikala। itne bade loda केँ बाहर् nikalne सें PWAAAK कि awaz hoyi औऱ Aanchal कि chut kaa munh khula rha गय़ा.
fir usne apne murjha chuke loda ko Aanchal केँ munh मे dal दिया। Aanchal satasat उसका loda choosne lagi। Aanchal केँ loda choosne सें thodi hi der मे chokre Ramu kaa loda फिन khada hu गय़ा। Ab usne Aanchal ko litakar उसकी tange pakad केँ ऊपर ko ghutne सें mod di औऱ फिन chut मे loda ghused दिया.
Ab Ramu, Aanchal कि chut मे halke halke dhakke lagane laga। Aanchal bi uttezit hokar उसका poora sath dene lagi औऱ apni gaand ऊपर ko uchalne lagi जैसे woh नीचे सें Ramu ko chod rahi hu। yeh dekhkar Ramu khus hu गय़ा। Aanchal केँ ayese gaand ऊपर ko uchalne सें उसकी gori gori makhhan जैसे janghen bi uchal rahi thi औऱ उसकी badi badi chuchiyan bi ऊपर नीचे hil rahi thi।
Aanchal too apne pahle loda Ramu केँ sath chudayi सें itne sukh मे thi कि usko deen world कि कुछ na hosh na darr na lajja, sab कुछ woh bhul gai thi। woh itni jor jor सें siskariyan le rahi thi कि Ramu ko उसके munh मे hath rakhna pad raha thaa कि kahi कोई sun na le। उसके tej tej awaz nikalne सें Ramu kaa dasha aesa thaa कि yeh khud too maregi sath मे muze bi marwayegi.
Aanchal uttezna सें chillayi, “ aahhhhh.ohh.maaa।, बहोत majaa aa raha h Ramu, ohhh.ohhh। aahhhh….oiiiiiiiiiii “.
usko orgasm पर्र orgasm आते rahe औऱ woh jhadti rahi, jhadti rahi औऱ jhadti rahi na jaane kitni baar………
Ramu उसकी chut ko dhamadham chode jaa raha thaa औऱ उसकी na janne कब कि piyas bujhaye jaa raha thaa। Aanchal बहोत खुश thi उसकी pyaas आजकोई ji bharkar bujha raha thaa। Ramu कि rassi wali charpayi मे lete lete dhakke khate khate उसके nitamb dukhne lage the, पऱ use iski कोई parvah नहि thi, joo majaa use mil raha tah उसके aage baki pareshaniyon kaa कोई mahatva नहि thaa.
Ramu केँ tej tej dhakkon सें woh purani charpayi ayese awaz krr rahi thi कि dar thaa kahi tut na jaye। Tabhi Aanchal ne dur kahi kisi केँ doorbell bajane कि awaz suni, मगर woh Ramu सें। "औऱ tej ! औऱ tej !" hi kehti rahi।
Ramu ne bi doorbell कि awaz sun li thi, पऱ uttezna मे usne bi unsuna krr दिया.
“chodo ….muze chodo Ramu ……औऱ chodo …jor सें ….औऱ jor सें….aah aahhhh…… oiiiiiii maaa…….” Aanchal ko orgasm पऱ orgasm आते gaye.
Itni haseen ldki ko chudasi stri केँ जैसे chillate dekhkar Ramu bi rukh नहि paya औऱ jordar stroke lagate hue usne Aanchal कि chut एक् baar फिन apne virya सें bhar di। fir jhadte jhadte, अपना pura wazan Aanchal केँ badan मे dalker woh uttezna मे उसकी chuchiyon ko chatne औऱ katne laga।
jb chudayi khatam hoyi too Ramu ko hosh आयाकोई बहोत der सें doorbell bajaye jaa raha thaa। woh jhat सें utha औऱ Aanchal ko khinchkar uthane laga.
halanki Aanchal nasha thi woh uthi hi नहि। Ramu ghabrahat मे usko nangi hi chorkar fatafat apne kapde pehankar unke घऱ कि tarf mein darwaaza kholne ko bhaga.
Ramu केँ kamre केँ dusri tarf padosi केँ naukar kaa kamraa thaa। Dono घऱ केँ beech मे diwar thi। Apne kamre मे woh naukar dopahar कि need le raha thaa। halanki Aanchal कि jor jor सें kamottezak siskariyon सें उसकी nind khul gai। woh diwar केँ us paar सें tanka jhaki karne laga। woh diwar fandkar Ramu केँ kamre कि khidki सें chupchap chudayi dekhne laga औऱ बहोत uttezit hu गय़ा। woh Ramu kaa friend thaa औऱ कई baar sath sath un dono ne randiyan chodi thi। Ramu ne usko shaadi सें pahle Aanchal ko loda chusane wala waqia bi bataya thaa। 55 साल कि umar kaa hone केँ bawjood chikni Aanchal ko chudte dekhkar उसका loda pajama fadkar बाहर् aane ko hu गय़ा.
jb usne Ramu ko घऱ केँ andar jate hue देखा too chance tadkar woh Ramu केँ kamre मे ghus गय़ा। Kamre मे Aanchal tange failaye nangi padi hoyi thi, उसकी chut kaa ched jordar chudayi सें abi khula हुआ hi thaa। Aanchal ne usko dekh लिया पऱ तब tak woh naukar Aanchal केँ ऊपर chad गय़ा। Apna loda Aanchal कि chut मे ghusakar usne dhakke lagane shuru krr diye। Dhakkon सें woh purani charpayi, chuwan ! chuwan ! कि awaz karne lagi।
chut मे loda andar बाहर् hone सें Aanchal कि siskariyan nikalne lagi। uskah jism buddhe केँ dhakkon kaa jawab dete hue gaand ऊपर ko uchalne laga.
halanki उसका dimag keh raha thaa कि yeh galt h, woh boli, “ mat karo….uhhhhh ….ahhhhh….muze choro……….oiiiiiii maaaaa…”
Naukar chodtay raha औऱ Aanchal ko orgasm aa गय़ा, उसकी chut ne फिन paani chod दिया। halanki woh “muze chor दो, mat karo “ kehti rahi। yeh sunkar naukar ne Aanchal केँ munh पऱ अपना hath रख krr munh बंद krr दिया। or फिन jor jor सें chodne laga। jb Aanchal ko orgasm आया too usne uttezna मे apne munh पर्र rakhe hue naukar केँ hath मे jor सें daant kaat दिया।
Ab Buddha naukar bi jhadne laga। jhadte वक़्त woh chillaya, “ ahhhh….Sali chut…….”
औऱ फिन Aanchal कि chut मे अपना virya gira दिया.
Unki khus-kismati सें servant quarter घऱ केँ pichwade मे hone सें unki yeh awazen घऱ केँ andar नहि gai। jhadne केँ बाद Naukar अपना murjhaya हुआ jhantu loda fatafat apne pajama मे ghusakar, apne jakhmi hath (Aanchal केँ daant katne सें) ko sehlata हुआ diwar fandkar apne kamre मे bhag लिया.
Aanchal gehri gehri sanse leti hoyi nangi charpayi मे padi rahi। Usne buddhe naukar ko apne badan kaa majaa lene सें rokne कि कोई koshish नहि कि thi, sirf munh सें " mat karo mat karo" keh दिया bus। uskah badan chudayi केँ maze chahta thaa, पर्र dimag in sab केँ liye mana krta thaa। pr har baar कि prakaar jism औऱ dimag कि ladai मे jeet jism कि hi hoty thi.
Udhar Ramu ne mein darwaaza khola too बाहर् Aanchal कि Ma औऱ Sunil khade the। Pichle 10 minutes सें Sunil doorbell bajaye jaa raha thaa मगर Aanchal कि Ma market सें abi pahunchi thi।
jb Sunil ne usko bataya कि woh kaafi der सें बाहर् khada h too Aanchal कि Ma ne Ramu ko khoob hadkaya, " kahan mara thaa itni der tak, jamai केँ liye darwaaza kyun नहि khola."
Ramu ne bahana banaya कि woh apne kamre मे so raha thaa इसलिये doorbell नहि suni। uskah thaka हुआ चेहरा औऱ uljhe baal dekhkar unhone उसकीबात पऱ viswaas krr लिया। Sunil ne bataya woh Aanchal ko घऱ le jane केँ liye आया h। Ab Ramu कि gand fat gai।
Aanchal कि Ma, Aanchal ko awaz dete hue उसके kamara मे gai, पऱ Aanchal apne bedroom मे नहि thi।
fir usne Ramu सें pucha, “ Aanchal kahan h ?”
Ramu ko कुछ samajh नहि आया, woh बोला, “ Memsaab too apne घऱ chali gai h.”
Aanchal कि Ma boli, ” घऱ chali gai ? bina bataye ? halanki उसका suitcase too yahi h.”
Ramu बोला, “ woh auto सें chali gai h औऱ suitcase जब Sunil aayega usko de देना bol केँ gai h.”
Sunil कि bi कुछ samjh नहि आया कि Aanchal ne aesa kyun किया, पर्र use कोई shaq नहि हुआ.
Aanchal कि Ma ne Sunil सें कहा, “ Beta Sunil, tm chai paani pi केँ hi jaoge। Ramu juldi सें chai bnaa केँ la.”
Ramu kitchen मे jane कि bajaye juldi सें apne kamre कि औऱ bhaga, वहा Aanchal abi bi nangi aankh बंद karke charpayi मे leti hoyi thi। Usne fatafat Aanchal ko sab baaten batayi औऱ juldi juldi उसका jeans औऱ top pehna केँ usko servant quarter केँ piche केँ raste सें road पऱ jaker Auto pakad केँ sidhe apne sasural jane ko कहा। Udhar Aanchal कि Ma, " Ramu ! Ramu ! " chilla rahi thi। Ramu Aanchal ko wahin chorke फिन fatafat andar chai banane kitchen मे bhaga.
Aanchal abi bi madhoshi मे thi, उसका dimag sai सें काम नहि krr raha thaa। woh जैसे taise uthi औऱ piche केँ raste road पर्र aa gai, वहा usko vahi Buddha naukar मिला। Naukar ko apni tarf gandi vasna bhari nazron सें ghoorte dekhkar Aanchal kaa sar lajja सें jhuk गय़ा। Khus-kismati सें kisi ne bi use buddhe naukar सें chudte hue नहि देखा thaa। Buddha juldi juldi chodkar jhad गय़ा thaa औऱ फिन wapis chala गय़ा thaa।
Aanchal ladkhadate kadmon सें Auto dhondne lagi। Usne देखा sab लोग usi ko ghoor rahe haen औऱ gandi prakaar सें hans rahe haen। woh shaqal सें hi बहोत chudi hoyi lag rahi thi। Upar सें हुआ yeh कि jaldbaazi मे Ramu ne use sirf top औऱ jeans pehna दिया। Bra औऱ panty Ramu केँ hi kamre मे rha gai। Uske baal bikhre hue the औऱ honth suze hue the। pasine सें उसका top उसके badan सें chipak गय़ा thaa।
bra na hone सें badi badi chuchiyan औऱ suze hue nippal top सें बाहर् ko nikal rahe the। jeans bi jaldbazi मे dhang सें नहि pehni thi औऱ piche gaand कि darar dikhayi de rahi thi, andar सें panty thi नहि। Aisi halat मे sab केँ ghoorne सें woh lajja सें jamin मे gad gai मगरतभी एक् auto wala mil गय़ा औऱ woh jhat सें usme baith gai। Ab ghorrne कि bari autowale कि thi। Usne pahle too achchi prakaar सें ऊपर सें नीचे tak Aanchal ko ghoora फिन sideglass मे उसकी hilti hoyi chuchiyon ko dekhte hue auto chalane laga। Raste bhar usne auto ko janboojhkar jhatke dete hue chalaya takii jhatkon सें Aanchal कि badi hilti hoyi chuchiyon kaa majaa le। Aanchal sab samajh rahi thi मगर apne hoth daanton मे dabakar sar नीचे jhukaye baithi rahi.
Sasuraal pahunchte hi sabse pahle samna हुआ sanskari sasur सें। Sasur ne aisi halat मे Aanchal ko देखा too matha pit लिया, " hey bhagwan फिन chud gai bahu। sala sabka number lag गय़ा। Meri taqdeer hi footi h joo घऱ मे hokar bi मेरा isko chodne kaa number नहि lag pa raha."
Aanchal ne sasur ko देखा too एक् nervous si smile di औऱ fatafat apne bedroom मे bhag gai। Usne socha yeh Buddha baar baar muze chuda हुआ dekh leta h, अब मे jyada दिन tak iske hath सें bach नहि paungi.
halanki उसकी khusmati thi कि उसकी Saas apni bhatiji कि shaadi सें wapis aa gai thi औऱ घऱ पऱ saas केँ hone सें sasur ko jyada taak jhak kaa chance नहि milne wala thaa.
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
अपने बेडरूम मे जाने केँ बाद आँचल नें द्वार (दरवाज़ा) बंद किया औऱ वोँ जल्द सें बाथरूम मे नहाने चली गयीँ,। उसे मालूम थां मायके मे उसे नां पाकर सुनील भि आता हि होगा। नहाने केँ बाद उसने तरोताज़ा औऱ खुशी महसूस कि। खूब चुदाई होने सें अब वोँ बहोत सॅटिस्फाइड फीलकर रही थि। मगर सुनील केँ बारे मे सोचकर उसे गिल्टी भि फीलहुआ। वोँ सोचने लगी सुनील मे थोड़ी कमी अवश्य हैं, पऱ हैं तोँ वोँ अच्छा व्यक्ति। उसका ख्याल रखता हैं सभी ज़रूरते पूरी करता हैं।
आँचल नें सोचाअब वोँ सुनील सें किसी अच्छे सेक्स क्लिनिक जाकरवहा डॉक्टर सें एडवाइस लेने कों कहेगी, रोज़ अख़बार मे कितने सेक्स क्लिनिक्स केँ एडआए रहते हें। सुनील कों अपनी सेक्स ड्राइव बढ़ाने औऱ तुरंत पतन कि समस्या केँ इलाज़ केँ लिए डॉक्टर कों दिखाना हि चाहिए। आँचल नें देख लिया थां कि समीर, रामू, सलीमयह सभीलोग कितनी देर तक उसे चोदते रहे थें औऱ एक् बार झड़ने केँ जल्दी बादफिन सें उनका लन्ड तनकर खड़ा होँ जाता थां। इन सबने नें आँचल कों एक् चुदाई सेशन मे कईकईबार ओर्गास्म दिया थां औऱ जबरदस्त चुदाई सें आँचल कों बहोत मजा मिला थां। वोँ सोचने लगी कि अगर उसका पति सुनील भि अपना इलाज़ करवा लेँ तोँ उसकोघऱ पर्र हि भरपूर चुदाई कां मजा मिलेगा.
यहीसभी बातें सोचते हुए आँचल नें नहाकर एक् पारदर्शी नाइटी पहनली औऱ सुनील कां इंतजार करनेलगी। फिन उसने सोचा कि अब तक भाग्य नें संग दिया हैं औऱ सुनील याँ किसी औऱ नें उसे चुदते हुए नहीं पकड़ा, मगरकभी पकड़ लिया तोँ बहोत बदनामी होगी औऱ मां बाप कों मुँह दिखाने लायक नहीं रहेगी। उसका ससुरजी अवश्य जान गय़ा थां कि यहकईबार चुद केँ घऱआई हैं पऱ अपने परिवार कि औऱ बेटे सुनील कि बदनामी केँ डर सें वोँ मुँह नहीं खोलेगा यहबात आँचलसमझ गयीँ, थि। वैसे भि ससुरजी उल्टा इस जानकारी कां फायदा उठाकर उसे चोदने कि कोशिश मे लगा रहता थां। मगरअब अपनी सासू केँ वापसलौट आने सें ससुरजी कों तौ कोई मौका वोँ देने वाली नहीं थि.
अगर किसीतरह सें वोँ सुनील कों इलाज़ केँ लिए राज़ी करने मे सफल हौ जाती हैं तोँ फिनउसे दूसरे मर्दों कां मुँह ताकने कि ज़रूरत नहीं पड़ेगी। सुनील हि उसकोखुश रख पाएगा। वरनाकभी नां कभी तौ वोँ पकड़ी जाएगी औऱ फिन अंज़ाम बहोत बुरा भि हौ सकता थां। उसने निश्चय कर लिया कि वोँ सुनील कों इलाज़ केँ लिए मनाने कि पूरी कोशिश करेगी.
उधर आँचल कां ससुरजी आँचल कों चोद पाने कां कोई मौका नां मिल पाने सें बहोत हि फ्रस्टरेट होँ गय़ा। वोँ सोचता थां घऱ केँ नौकर तक मेरीबहू कों चोदगये औऱ मे मालिक होकर भि सूखा बैठा हूं। आज हि अपने मायके सें जब आँचल लौटी थि तोँ उसके भरपूर चुदाई सें मिली संतुष्टि सें दमकते चेहरे कों देखकर ससुरजी बहोत एक्साइटेड हौ गय़ा औऱ संग हि संग झल्ला भि गय़ा कि फिन कहीं सें चुदा केँ आँ गई, यहआज.मगर वोँ ठरकी ससुरजी कर हि क्याँ सकता थां सिर्फ़ बाथरूम मे जाकर आँचल केँ दमकते चेहरे कों याद करके उसकेनाम कि मूठलगा आया। वैसे भि अब उसकी पत्नि अपनी भतीजी कि विवाह सें वापस आँ गई, थि तौ बहू केँ संग अधिककुछ वोँ कर भि नहीं सकता थां। मगर वोँ हार मानने वालों मे सें नहीं थां उसने सोचा मौके कां इंतजार करना हि ठीक रहेगा, जब भि सही मौका लगेगा चोद डालूँगा साली कों.
उधर सुनील कों उसकी सासू यानी आँचल कि मम्मी नें जल्द लौटने नहीं दिया.घऱ मे आँचल केँ नां होने सें उसे बहोत एंबरेसमेंट हुईँ तोँ उसने सुनील कि खूब आवभगत करी ताकि जमाई राजाखुश होँ जाए औऱ बुरा नां माने कि आँचल बिना बताएचली गई,। जब सुनील अपनेघऱ पहुंचा तोँ रात होँ गयीँ, थि। वोँ अपनेसंग आँचल केँ कपड़ों सें भरा सूटकेस भि उसके मायके सें लाया थां जिसे आँचल वहीं छोड़आई थि। वोँ अपनी पत्नि कों मिसकर रहा थां, इसलिये जब उसने आँचल कों पारदर्शी नाइटी पहनेबेड पऱ लेटेहुए देखा तोँ खुश होँ गय़ा। उसेइस बात कि भनक हि नहीं थि कि उसकी प्यारी पत्नि अपने मायके मे क्याँ गुल खिलाके आई हैं। बेड पर्र लेटी आँचल कों देखकर सुनील कां चुदाई कां मूडबन गय़ा औऱ वोँ आँचल कों आलिंगन मे भरकेकिस करनेलगा औऱ उसकी चूचियाँ मसलने लगा। आँचल भि उत्तेजित होनेलगी औऱ उसे खुशी हुइ कि चलोआज तोँ पतिदेव कि सेक्स कि ख़्वाहिश बढ़ी हुईँ लगरही हैं, आज तोँ यहमजा देगा हि देगा। थि वोँ सुनील कि बाँहों मे मगरफिन उसकोयाद आनेलगे दोपहर केँ वोँ सीन, जब रामू केँ कमरे मे उसकीठोक ठोककर चुदाई हुइ थि। अब वोँ गर्म होनेलगी.
तभी किसी नें बेडरूम कां द्वार (दरवाज़ा) खटखटाया। हद हैं दोस्त यहकौन हैं जोँ ठीक चुदाई केँ वक्त मे डिस्टर्ब कररहा हैं.
आँचल औऱ सुनील दोनो कां मूडऑफ होँ गय़ा। द्वार (दरवाज़ा) खोला तोँ सामने सासू ससुरजी खड़े थें। उसकी सासू माँ नें उसको चूमा औऱ विवाह मे मिली हुइ दो साड़ी उसको भेंट कि। आँचल कों पारदर्शी नाइटी मे देखकर ससुरजी कां लन्ड वहीं पैंट मे तंबू बनाने लगा। उसने “ वेलकम होमबहू “ कहकेबहू कों आलिंगन मे भर लिया औऱ अपना तंबू उसकेपेट पर्र रगड़ दिया। औऱ ज़ोर सें आलिंगन करके उसकी बड़ी चूचियाँ अपनी छाती सें दबा दि। फिन उसने आँचल केँ गाल सें अपनेगाल भि रगड़दिए औऱ एक् हल्का गालों कां किस लें लिया.
आँचल नें अपनेपेट पर्र ससुरजी कां लन्ड महसूस किया, वोँ अपने ससुरजी केँ इस बोल्ड बर्ताव सें भौंचक्की रह गई,। ससुरजी केँ इस ठरकीपन सें वोँ सासू केँ सामने शरम सें लाल होँ गयीँ,.
सुनील अपनी चुदाई कां प्रोग्राम डिस्टर्ब होने सें अपसेट थां मगर उसको अपने बाप केँ बर्ताव मे कोई ग़लतबात नहींलगी। उन लोगों कों बातें करताहुआ छोड़कर वोँ नहाने चला गय़ा। आँचलदेख रही थि कि उसका ससुरजी पारदर्शी नाइटी मे उसके अंदरूनी अंगों कों खा जाने वाली नज़रों सें ताकरहा हैं। उसकेऐसे ताकने सें आँचल कों अपनी बुर मे गीलापन महसूस हुआ औऱ फिन उसनेबेड पऱ बैठे बैठे हि पोज़िशन बदलने केँ बहाने ससुरजी कों अपना शरीर दिखाकर तड़पाना शुरुआत कर दिया। वोँ बात अपनी सासू सें कररही थि पर्र ध्यान उसका ससुरजी कि हरकतों कि तरफ थां। उसकेबदन नें दिमाग़ कों फिन अपने कंट्रोल मे लेँ लिया औऱ वोँ मासूम बहू कि तरह सासू माँ सें बात करतेहुए ससुरजी कों शरीर कि झलकियाँ दिखाने लगी.
ठरकी ससुरजी सभीसमझ रहा थां, मन हि मन सोचने लगा, “ साली टीज़िंग बिच!अगर उसीदिन जब सलीम तुझेही बेड पऱ नंगी छोड़कर भाग गय़ा थां, तब मैंने भि मौके कां फायदा उठाकर तुम्हारी तरफचोद दिया होता तौ आजऐसे नखरें करके मुझे नहीं तड़पाती। पर्र मुझेउस दिन तेरी हालत पर्र दया आँ गई, औऱ मैंने चोदने कां मौका गवां दिया। औऱ अब तुँ मेरी पत्नि केँ सामने मुझे टीज़कर रही हैं क्यूंकि तुँ जानती हैं कि अब मे पत्नि केँ सामने कुछ नहींकर सकता.”
तभी सुनील भि नहाकर आँ गय़ा औऱ फिन पूरा परिवार डिनर केँ लिए डाइनिंग रूम मे जानेलगा.
सबसे लास्ट मे आँचल केँ पीछे ससुरजी चलरहा थां। आँचल कि बलखाती गांड कों देखकर उसने अपनाहाथ गांड पऱ रख दिया औऱ फिन थोड़ी गांडदबा दि। आँचल असहाय थि, सासू माँ औऱ पति केँ सामने कुछ नहींकर पाई, ससुरजी मज़े लेतारहा औऱ मन हि मन सोचने लगा, “ यह तोँ रोक नहींरही हैं, लगता हैं मुझसे चुदवाने कों रेडी हैं। अहा!मजा आँ गय़ा आज पहलीबार इस चिकनी कि गांड पऱ हाथ फेरा हैं.”
डिनर केँ बादजब आँचल औऱ सुनील अपने बेडरूम मे वापसआए तोँ दोनो हि उत्तेजित फीलकर रहे थें। सुनील इसलिये क्यूंकी उसकी पत्नि कईदिन सें मायके मे थि तोँ वोँ चोद नहीं पाया थां। औऱ आँचल इसलिये उत्तेजित थि क्यूंकी उसके ठरकी ससुरजी नें अपनी हरकतों सें उसके जिस्म मे आगलगा दि थि.
आँचल नें जब सुनील कां तनाहुआ लन्ड देखा तोँ जल्द सें घुटनों केँ बलबैठ गई, औऱ लन्ड मुँह मे लेकर चूसने लगी। अपनी हसीन पत्नि कों फटाफट लन्ड चूसते देखकर सुनील भौचक्का रह गय़ा। आँचल केँ सुंदर चेहरे मे लन्ड अंदर बाहर् जाते देखकर वोँ बहोत उत्तेजित हौ गय़ा औऱ जल्दी मुँह मे हि झड़ गय़ा। आँचल गटागट सारा वीर्य निगल गई,, सुनील यह देखकर औऱ भि हैरान होँ गय़ा। छी ! यह तोँ सभीपी गई,। उसकी नज़र मे सेक्स करना मतलब पत्नि कि टाँगे फैलाओ औऱ बुर मे वीर्य गिरादो, बस इतना हि थां। लन्ड चूसने, बुर चाटने, गांड मारने, डॉगी पोज़ औऱ भि अन्यकई तरीक़ो सें भि सेक्स कियाजा सकता हैं, इसकाउसे कोई ज्ञान नहीं थां नाँ हि वोँ इनसभी मे कोई इंटरेस्ट रखता थां। वैसे भि उसे अपनी फैक्ट्री सें फ़ुर्सत हि नहीं मिलती थि.
आँचल नें सुनील कां लन्ड तब तक मुँह सें नहीं निकाला जब तक वोँ मुरझा केँ बिल्कुल छोटा नहीं हौ गय़ा। आँचल कों बहोत उत्तेजना चढ़ी हुइ थि औऱ एक् मोटा लन्ड उसको अपनी बुर मे चाहिए थां। मगर सुनील उसके मुँह मे झड़ चुका थां औऱ उसका लन्ड अब मुरझा चुका थां। सुनील बेड पर्र लेट गय़ा। आँचल नें सुनील केँ जिस्म मे हर स्थान चूमना शुरुआत कर दिया। उसने सुनील केँ चेहरे, छाती कों चूमा उसके कंधे कों दांतो सें काट लिया औऱ फिन मुरझाया हुआ लन्ड फिन सें मुँह मे डालकर उसको खड़ा करने कि कोशिश करनेलगी पऱ सभी बेकार। सुनील नें, मुझे नींद आँ रही हैं, कहतेहुए आँचल कों अपनेऊपर सें हटा दिया औऱ चादर ओढ़कर करवट लेकरसो गय़ा.
आँचल कों बहोत क्रोध आया औऱ उसने बहोत फ्रस्टरेटेड फील किया.मगर उसने अपनेऊपर काबूरखा औऱ सुनील कों कुछ भि भला बुरा नहींकहा। रात मे एक् बार औऱ उसने सुनील केँ लन्ड कों खड़ा करने कि कोशिश कि पऱ सुनील नें उसको एक् तरफ कों धकेल दिया.
अगली सुभह सुनील जब नहाकर बाथरूम सें बाहर् आया तौ आँचल नें हाथ पकड़कर उसे अपनेपास बैठाया औऱ बोलि, “ देखो सुनील, मुझे तुमसे कुछ ज़रूरी बात करनी हैं.”
सुनील नें कहा, “। क्याँ बात हैं ?”
आँचल : “ देखो हमारी विवाह हुए 6 महीने बीतगये हें औऱ तुम्हारी मम्मी औऱ मेरी मां, दोनो हि बच्चे केँ लिए मुझेपूछ रही थि.”
फिन उसने सुनील सें झूठ बोला कि वोँ कोईपिल भि नहीं लेँ रही हैं औऱ तुम् भि कंडोम यूज नहीं करतेफिन भि मे प्रेग्नेंट नहीं हौ रही हूं। इसलिये हमको अपने फैमिली डॉक्टर सें कन्सल्ट करना चाहिए.
(असलबात यह थि कि जब समीर नें उसे चोदा थां वोँ तबसे प्रेग्नेंट होने केँ डर सें पिल लें रही थि.)
फैमिली डॉक्टर केँ पास जाने कि सलाह सें सुनील क्रोध हौ गय़ा, वोँ किसीजान पहचान वाले व्यक्ति सें अपनी सेक्स लाइफ केँ बारे मे डिस्कस करने कों रेडी हि नहींहुआ.
फिन उसनेकहा, “ अभि हमारी विवाह कों 6 महीने हि तोँ हुए हैं। समयआने पऱ तुम् प्रेग्नेंट भि होँ जाओगी, चिंता मतकरो.”
आँचलचुप रही पर्र मन हि मन बोलीं, अगर हफ्ते मे एक् दिन मुझे चोदोगे तोँ मे केसे प्रेग्नेंट होऊँगी ईडियट!
वैसी भि प्रेग्नेन्सी कां तौ बहाने थां, वोँ तौ सिर्फ़ सुनील कों किसी डॉक्टर कों दिखाना चाहती थि। ताकि उसके जल्दझड़ जाने कां इलाज़ होँ सके। प्रेग्नेंट वोँ होती केसेजब पिल लें रही थि। वैसे भि अभि वोँ जवानी केँ मज़े लेना चाहती थि औऱ इतनी जल्द बच्चा नहीं चाहती थि। औऱ अपनी बुर कि प्यास बुझाने केँ लिए जितने लोगों सें उसने चुदवाया थां औऱ जितना वीर्य उसकी बुर कि गहराईयों मे पड़ चुका थां, उससे तोँ वैसे हि वोँ अब तक प्रेग्नेंट होँ जातीअगर पिल नाँ लेती तोँ। मगर सुनील कों डॉक्टर केँ पास जाने कों सजधजकर नाँ देखकर उसनेबात आगे नहीं बढ़ायी औऱ कोई दूसरा तरीका आज़माने कि सोची.
कुछ दिनबाद आँचल कि सासू माँ नें उससे बच्चे कि बात छेड़ी। आँचल नें पूछने पर्र बताया कि वोँ कोई कॉन्ट्रासेप्टिव नहीं लें रही हैं। उसकी सासू माँ पुराने विचारों कि थि, उसका कहना थां कि विवाह केँ बादबहू कां जल्दी बच्चा होना ज़रूरी हैं इससे पति पत्नि मे जोड़ औऱ मजबूत होँ जाता हैं। फिन वोँ कहनेलगी कि तुम् मेरेसंग एक् स्वामी बाबा केँ पासचलो। स्वामी भोगानंद चमत्कारी बाबा हैं। जौ भि स्त्री उनकेपास जाती हैं उसको बच्चा अवश्य पैदा होता हैं.
आँचल इसकेलिए राज़ी नहीं थि पऱ सासू माँ कों मना नहींकर पाई। इलाज कि ज़रूरत सुनील कों थि आँचल कों नहीं.फिन उसकी सासू माँ नें स्वामी भोगानंद सें अगले हफ्ते कां अपायंटमेंट लें लिया। आँचल नें सोचा कि वोँ इसमे सुनील कों भि इन्वॉल्व कर लेगी तौ सुनील जाने केँ लिएमना कर देगा औऱ उसे भि स्वामी केँ आश्रम मे नहीं जानां पड़ेगा। मगरहुआ उल्टा। सुनील कों जब आँचल नें यहबात बताई तोँ वोँ बोला, “ माँ नें बिल्कुल ठीक सजेशन दिया हैं। तुम् स्वामी कों अपने कों दिखालाओ.”
आँचल केँ पासअब कोई चारा नहीं थां, वोँ मन हि मन सुनील पर्र क्रोध हुई, तुम् बस मां मां हि करतेरहो। जौ मां नें कहावही सही.
Apne bedroom mai jane केँ बाद Aanchal ne darwaaza बंद किया औऱ woh juldi सें batroom मे nahane chali gai। Use maloom thaa Mayke मे use na pakar Sunil bi aata hi hoga। Nahane केँ बाद usne tarotaza औऱ khusii ehsaas कि। Khoob chudayi hone सें अब woh बहोत satisfied feel krr rahi thi। halanki Sunil केँ bare मे sochkar use guilty bi feel हुआ। woh sochne lagi Sunil मे thodi abhav jaroor h, पर्र h too woh अच्छा व्यक्ति। uskah khyal rakhta h sab jarurate poori krta h।
Aanchal ne socha अब woh Sunil सें kisi acche sex clinic jakar वहा doctor सें advice lene ko kahegi, roz akhbar मे kitne sex clinics केँ advt aaye rehte haen। Sunil ko apni sex drive badane औऱ shighra-patan कि pareshani केँ ilaz केँ liye doctor ko dikhana hi चाहिए। Aanchal ne dekh लिया thaa कि Sameer, Ramu, Salim yeh sab लोग kitni der tak use chodtay rahe the औऱ एक् bar jhadne केँ turant बादफिन सें unkah loda tankar khada hu jata thaa। In sabne Aanchal ko एक् hi chudayi session मे कईकई baar orgasm दिया thaa औऱ jabardast chudayi सें Aanchal ko बहोत majaa मिला thaa। woh sochne lagi कि अगर उसका shauhar Sunil bi अपना ilaz karwa le too usko घऱ पऱ hi bharpoor chudayi kaa majaa milega.
Yehi sab batein sochte hue Aanchal ne nahakar एक् pardarshi nighty pahan li औऱ Sunil kaa intzaar karne lagi। fir usne socha कि अब tak taqdeer ne sath दिया h औऱ Sunil ya kisi औऱ ne use chudte hue नहि pakda, मगरकभी pakad लिया too बहोत badnami hongi औऱ ma baap ko munh dikhane layak नहि rahegi। uskah Sasur jaroor jan गय़ा thaa कि yeh कई baar chud केँ घऱ aayi h पऱ apne parivar कि औऱ bête Sunil कि badnami केँ dar सें woh munh नहि kholega yeh बात Aanchal samajh gai thi। Waise bi sasur ulta iss jankari kaa fayda uthakar use chodne कि koshish मे laga rehta thaa। halanki अब apni Saas केँ wapis laut aane सें Sasur ko too कोई chance woh dene wali नहि thi.
Agar kisi prakaar सें woh Sunil ko ilaz केँ liye raji karne मे safal hu jati h too phir use doosre mardon kaa munh takne कि jarurat नहि padegi। Sunil hi usko खुशरख payega। Warna कभी na कभी too woh pakdi jayegi औऱ फिन anzaam बहोत बुरा bi hu sakta thaa। Usne nishchay krr लिया कि woh Sunil ko ilaz केँ liye manane कि poori koshish karegi.
Udhar Aanchal kaa sasur Aanchal ko chod pane kaa कोई chance na mil pane सें बहोत hi frustrate hu गय़ा। woh sochta thaa घऱ केँ naukar tak मेरी bahu ko chod gaye औऱ me malik hokar bi sukha baitha hoon। aj hi apne mayke सें जब Aanchal lauti thi too उसके bharpoor chudayi सें mili santusti सें damakte chehre ko dekhkar sasur बहोत excited hu गय़ा औऱ sath hi sath jhalla bi गय़ा कि फिन kahi सें chuda केँ aa gai yeh आज। halanki woh tharki sasur krr hi क्याँ sakta thaa sirf batroom मे jakar Aanchal केँ damakte chehre ko yaad karke उसके nam कि muth laga आया। Waise bi अब उसकी biwi apni bhatiji कि shaadi सें wapis aa gai thi too bahu केँ sath jyada कुछ woh krr bi नहि sakta thaa। halanki woh haar manne waalon मे सें नहि thaa usne socha mauke kaa intzaar krna hi theek rahega, जब bi sai chance lagega chod dalunga chikni bahu ko.
Udhar Sunil ko उसकी Saas yani Aanchal कि mummy ne juldi lautne नहि दिया। ghrr मे Aanchal केँ na hone सें use बहोत embarassement hoyi too usne Sunil कि khoob aawbhagat kari takii jamai raja खुश hu jaye औऱ बुरा na mane कि Aanchal bina bataye chali gai। jb Sunil apne घऱ pahuncha too rath hu gai thi। woh apne sath Aanchal केँ kapdon सें bhara suitcase bi उसके mayke सें laya thaa jise Aanchal wahin chor aayi thi। woh apni biwi ko miss krr raha thaa, इसलिये जब usne Aanchal ko pardarshi nighty pehne bed पऱ lete hue देखा too खुश hu गय़ा। Use iss बात कि bhanak hi नहि thi कि उसकी pyari biwi apne mayke मे क्याँ gul khilake aayi h। Bed पऱ leti Aanchal ko dekhkar Sunil kaa chudayi kaa mood ban गय़ा औऱ woh Aanchal ko alingan मे bharke kiss karne laga औऱ उसकी chuchiyan masalne laga। Aanchal bi uttezit hone lagi औऱ use khusi hoyi कि chalo आज too patidev कि sex कि iccha badi hoyi lag rahi h, आज too yeh majaa dega hi dega।
Thi woh Sunil कि banhon मे मगरफिन usko yaad aane lage dopahar केँ woh scene जब Ramu केँ kamre मे उसकी thook thook krr chudayi hoyi thi। Ab woh garam hone lagi.
Tabhi kisi ne bedroom kaa darwaaza khatkhataya। hadd h yar yeh कौन h joo theek chudayi केँ waqt मे disturb krr raha h.
Aanchal औऱ Sunil dono kaa mood off hu गय़ा। darwaaza khola too samne Saas Sasur khade the। Uski Saas ne usko chuma औऱ shaadi मे mili hoyi दो saree usko bhent कि। Aanchal ko pardarshi nighty मे dekhkar sasur kaa loda wahin pant मे tambu banane laga। Usne “ welcome home bahu “ kehke bahu ko alingan मे bhar लिया औऱ अपना tambu उसके pet पर्र ragad दिया। or jor सें alingan karke उसकी badi chuchiyan apni chati सें daba di। fir usne Aanchal केँ gaal सें apne gaal bi ragad diye औऱ एक् halka gaalon kaa kiss le लिया.
Aanchal ne apne pet पऱ sasur kaa loda ehsaas किया, woh apne sasur केँ iss bold vyavhar सें bhauchakki rha gai। Sasur केँ iss tharkipan सें woh Saas केँ samne lajja सें laal hu gai.
Udhar Sunil apni chudayi kaa program disturb hone सें upset thaa मगर usko apne baap केँ vyavhar मे कोई galt बात नहि lagi। Un logon ko baatein krta हुआ chodkar woh nahane chala गय़ा। Aanchal dekh rahi thi कि उसका sasur pardarshi nighty मे उसके andaruni angon ko kha jane wali nazron सें taak raha h। Uske ayese takne सें Aanchal ko apni chut मे gilapan ehsaas हुआ औऱ फिन usne bed पर्र baithe baithe hi position badalne केँ bahane sasur ko अपना badan dikhakar tadpana shuru krr दिया। woh बात apni saas सें krr rahi thi पऱ dhyaan उसका sasur कि harkaton कि tarf thaa। Uske jism ne dimag ko फिन apne control मे le लिया औऱ woh masum bahu कि prakaar saas सें बात karte hue sasur ko badan कि jhalkiyan dikhane lagi.
Tharki sasur sab samajh raha thaa, man hi man sochne laga, “ Sali teasing bitch! Agar usi दिनजब salim tuze bed पर्र nangi chorkar bhag गय़ा thaa, तब maine bi mauke kaa fayda uthakar tuze chod दिया hotha too आज ayese nakhre karke muze नहि tarpati। pr muze us दिन tairi halat पर्र kripa aa gai औऱ maine chodne kaa chance gawa दिया। or अब tu मेरी biwi केँ samne muze tease krr rahi h kyuki tu janti h कि अब me biwi केँ samne कुछ नहि krr sakta.
Tabhi Sunil bi nahakar aa गय़ा औऱ फिन pura parivar dinner केँ liye dining kamara mai jaane laga.
Sabse last मे Aanchal केँ piche Sasur chl raha thaa। Aanchal कि matakti badi gaand ko dekhkar usne अपना hath gaand पऱ रख दिया औऱ फिन hath सें thodi gaand daba di। Aanchal asahay thi, Saas औऱ shauhar केँ samne कुछ नहि krr payi, Sasur maze leta raha औऱ man hi man sochne laga, “ yeh too rok नहि rahi h, lagta h mujhse chudwane ko taiyar h। Aha ! majaa aa गय़ा, आज pehli baar iss chikni कि gaand पर्र hath phera h.”
Dinner केँ बादजब Aanchal औऱ Sunil apne bedroom मे wapis aaye too dono hi uttezit feel krr rahe the। Sunil इसलिये क्योंकि उसकी biwi कईदिन सें mayke मे thi too woh chod नहि paya thaa। or Aanchal इसलिये uttezit thi क्योंकि उसके tharki sasur ne apni harkaton सें उसके badan मे agni laga di thi.
Aanchal ne जब Sunil kaa tana हुआ loda देखा too juldi सें ghutno केँ bal baith gai औऱ loda munh मे लेकर choosne lagi। apni haseen biwi ko fatafat loda chooste dekhkar Sunil bhauchakka rha गय़ा। Aanchal केँ haseen chehre मे loda andar बाहर् jate dekhkar woh बहोत uttezit hu गय़ा औऱ turant munh मे hi jhad गय़ा। Aanchal gatagat sara virya nigal gai, Sunil yeh dekhkar औऱ bi heraan hu गय़ा। Chi ! yeh too sab pi gai। Uski nazar मे sex krna matlab biwi कि tange failao औऱ chut मे virya gira दो, bus itna hi thaa। loda choosne, chut chatne, gaand marne, doggy pose औऱ bi अन्यकई tariko सें bi sex किया jaa sakta h, iska use कोई gyan नहि thaa na hi woh in sab मे कोई interest rakhta thaa। waise bi use apni factory सें fursat hi नहि milti thi.
Aanchal ne Sunil kaa loda तब tak munh सें नहि nikala जब tak woh murjha केँ bilkul chota नहि hu गय़ा। Aanchal ko बहोत uttezna chadi hoyi thi औऱ एक् mota loda usko apni chut मे चाहिए thaa। halanki Sunil उसके munh मे jhad chuka thaa औऱ उसका loda अब murjha chuka thaa। Sunil bed पर्र let गय़ा। Aanchal ne sunil केँ badan मे har स्थान choomna shuru krr दिया। Usne sunil केँ chehre, chati ko chuma, उसके kandhe ko daanto सें kaat लिया औऱ फिन murjhaya हुआ loda फिन सें munh मे dalkar usko khada karne कि koshish karne lagi पर्र sab bekar। Sunil ne "muze neend aa rahi h " kehte hue Aanchal ko apne ऊपर सें hata दिया औऱ chadar odkar karwat लेकर so गय़ा.
Aanchal ko बहोत क्रोध आया औऱ usne बहोत frustrated feel किया। halanki usne apne ऊपर kaboo rakkha औऱ Sunil ko कुछ bi bhala बुरा नहि कहा। rath मे एक् baar औऱ usne Sunil केँ loda ko khada karne कि koshish कि पर्र Sunil ne usko एक् tarf ko dhakel दिया.
Agli subah Sunil जब nahakar batroom सें बाहर् आया too Aanchal ne hath pakadkar use apne pass baithaya औऱ boli, “ dekho Sunil, muze tumse कुछ jaroori बात karni h.”
Sunil ne कहा, “ bolo क्याँ बात h ?”
Aanchal : “ dekho hamaari shaadi hue 6 mahine beet gaye haen औऱ tumhari Ma औऱ मेरी Ma, dono hi bacche केँ liye muze puch rahi thi.”
fir usne Sunil सें jhooth बोला कि woh कोई pill bi नहि le rahi h औऱ tm bi condom use नहि karte hu, फिन bi me pregnant नहि hu rahi hoon। iss liye hamko apne family doctor सें consult krna चाहिए.
(asal बात yeh thi कि जब Sameer ne use choda thaa woh tabse pregnant hone केँ dar सें pill le rahi thi.)
Family doctor केँ pass jane कि salah सें Sunil क्रोध hu गय़ा, woh kisi jan pehchan wale व्यक्ति सें apni sex life केँ bare मे discuss karne ko taiyar hi नहि हुआ.
fir usne कहा, “ abi hamaari shaadi ko 6 mahine hi too hue h। waqt aane पऱ tm pregnant bi hu jaogi, fikr mat karo.”
Aanchal khamosh rahi पर्र man hi man boli, अगर hafte मे एक् दिन muze chodoge too me kese pregnant houngi idiot!
Waisi bi pregnancy kaa too bahana thaa, woh too sirf Sunil ko kisi doctor ko dikhana chahti thi। takii उसकी juldi jhad jane kaa ilaz hu sake। Pregnant woh hoty kese जब pill le rahi thi। Waise bi abi woh jawani केँ maze लेना chahti thi औऱ itni juldi baccha नहि chahti thi। or apni chut कि pyaas bujhane केँ liye jitney logon सें usne chudwaya thaa औऱ jitna virya उसकी chut कि gehrayion मे pad chuka thaa, usse too waise hi woh अब tak pregnant hu jati अगर pill na leti too। halanki Sunil ko doctor केँ pass jane ko taiyar na dekhkar usne बात aage नहि badayi औऱ कोई dusra tareeka azmane कि sochi.
Kuch दिनबाद Aanchal कि Saas ne usse bacche कि बात chedi। Aanchal ne puchne पर्र bataya कि woh कोई contraceptive नहि le rahi h। Uski Saas purane vicharon कि thi, उसका kehna thaa कि shaadi केँ बाद bahu kaa turant baccha hnaa jaroori h, isse pati patni मे jod औऱ majboot hu jata h। fir woh kehne lagi कि tm मेरे sath एक् Swami baba केँ pass chalo। Swami Bhoganand adbhut baba h। joo bi stri unke pass jati h usko baccha jaroor paida hotha h.
Aanchal iske liye raji नहि thi पऱ Saas ko mana नहि krr payi। elaz कि jarurat Sunil ko thi Aanchal ko नहि। fir उसकी Saas ne Swami Bhoganand सें agle hafte kaa appointment le लिया। Aanchal ne socha कि woh ismein Sunil ko bi involve krr legi too Sunil jane केँ liye mana krr dega औऱ use bi swami केँ ashram मे नहि jana padega। halanki हुआ ulta।
Sunil ko जब Aanchal ne yeh बात batayi too woh बोला, “ maa ne bilkul theek suggestion दिया h। tm apne ko swamiji ko hi dikha lao.”
Aanchal केँ pass अबकोई chara नहि thaa, woh man hi man Sunil पर्र क्रोध hoyi, tm bus maa maa hi karte raho। joo maa ne कहा vahi sai.
आँचल की अय्याशियां - desi bahu - Aage kya hua? Next part padhiye
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