आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
अगलेदिन सुभह सुनील नें आँचल कों स्वामी केँ आश्रम मे पूजा केँ लिए गाड़ी सें पहुंचा दिया। आँचल स्टड स्वामी केँ संगफिन सें चुदाई कों लेकर बहोत एक्साइटेड थि। मगरइस बार उसको वेटिंग रूम मे 1 घंटे सें भि ज्यादा टाइम तक बैठना पड़ा.बात यह थि कि अंदर स्वामी एक् नयी नवेली शादीशुदा महिला कों चोदरहा थां।
एक् घंटेबाद वोँ दोनो लड़कियाँ आई औऱ आँचल कों स्वामी केँ कमरे मे लें गई,। स्वामी कों देखते हि आँचल अपने कपड़े उतारने लगी। आँचल कि चुदने कों जल्दबाज़ी देखकर स्वामी खुश होँ गय़ा। नंगी आँचल कों स्वामी नें अपनीगोद मे बैठा लिया। आँचल केँ नरम नितंबों केँ स्पर्श सें स्वामी कां लन्ड खड़ा होनेलगा। आँचल नें भि अपने नितंबों केँ नीचे स्वामी केँ खड़े होते लन्ड कों महसूस किया। उसने स्वामी कों अपने आलिंगन मे भर लिया औऱ अपनी बड़ी चूचियों कों उसकी छाती मे दब जाने दिया.
स्वामी उसकी मम्मों कों अपनेहाथ सें पकड़कर निपल केँ चारो औऱ अंगूठा घुमाने लगा। आँचल केँ मुँह सें सिसकारियाँ निकलने लगी.फिन अचानक उसने एक् झटके मे अपना लन्ड आँचल कि बुर मे घुसा दिया.
आँचल अचानक हुए हमले सें चिल्लाई, ” ओइईईईईईईई.उूुुुऊउगगगघह…”
बुर मे पूरा लन्ड जाने केँ बाद स्वामी नें अपने सामने लटकती आँचल कि बड़ी बड़ी चूचियों पऱ ध्यान लगाया। वोँ उनको चूसने, चूमने औऱ काटने लगा.जी भरकर चूसने केँ बाद उसने आँचल केँ नितंबों केँ नीचेहाथ डालकर उसको लन्ड पर्र ऊपर उछालना शुरुआत किया.
आँचल अपनी बुर मे स्वामी केँ मोटे लन्ड केँ अंदर बाहर् होने सें ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ भरनेलगी, ”.ह…उन्न्ञन्….स्वामीजी चोदो…उफफफ्फ़…उन्न्ञननणणन्….आहह-आहह….”
स्वामी बोला, ”मजा आँ रहा हैं तुम्हें ?”
“उनन्ं….हाआन्न….स्वामीजी….” आँचल नें लन्ड पऱ उछलते हुए जवाब दिया.
स्वामी केँ मोटे लन्ड सें आँचल कि टाइट बुर कि खूब रगड़ाई हौ रही थि। ऐसी रगड़ सें वोँ मदहोश हौ गई,। मादक आँचल कों अपनीगोद मे मदहोश होकर चुदवाते देखकर स्वामी नें उसके जूसी होठों कों चबा लिया। आँचल कों पहला ओर्गास्म आँ गय़ा औऱ वोँ सिसकारियाँ लेती हुईँ झड़ गई,। कुछसमय बाद स्वामी नें उसकीछूट कों गर्म वीर्य सें भर दिया। स्वामी आँचल कों अपने आलिंगन मे कस केँ जकड़े हुए थां औऱ उसकी बुर मे वीर्य कि धार पर्र धार छोड़ता जारहा थां।
फिनउसी पोज़ मे वोँ उठा औऱ आँचल कि बुर सें अपना लन्ड निकाले बिना हि उसको उठाकर बेड तक लें गय़ा। बेड मे आँचल कों लिटाने केँ बाद स्वामी कों ध्यान आया कि कल तौ आँचल कि बुर मे घने कालेबाल थें। आँचल कि चिकनी बुर कों देखकर वोँ बहोत उत्तेजित हौ गय़ा औऱ सोचने लगा इश्स शादीशुदा महिला कि बुर बिल्कुल लड़की जैसी टाइट केसे हैं.
स्वामी नें पूछा, ” तुम्हारा पति अच्छे सें चोदता हैं तुम्हें ?”
“उन्न्ह….नहीं स्वामीजी….” आँचल अभि भि चुदाई केँ नशे मे थि.
उन दोनो लड़कियों मे सें एक् लड़की नें आँचल कि चिकनी बुर देखी तोँ वोँ अपने कों रोक नहींपाई औऱ आँचल केँ बगल मे लेटकर उसने आँचल कि बुर मे मुँहलगा दिया औऱ उसकी बुर सें निकलते रस कों चाटने लगी। अपनी बुर औऱ क्लिट पर्र लड़की कि जीभ कि रगड़ सें आँचल कामानंद सें सिसकारियाँ लेनेलगी। अपनी बुर चटवाना आँचल कों बहोत अच्छा लगता थां। उसका भि मन बुर चाटने कां होनेलगा.
आँचल बोलीं, “ इधर दो….उन्न्ह…अपनी बुर इधर दो….उंगग्गघह.”
आँचल कि बात सुनकर उस लड़की नें 69 पोज़ मे अपनी बुर आँचल केँ मुँह पर्र लगा दि। अब दोनो एक् दूसरे कि क्लिट औऱ गीलीरस सें भरी बुर कों जीभ सें चाटने, चूमने औऱ चूसने लगी।
स्वामी अपने सामने केँ नज़ारे कों देखकर बहोत उत्तेजित होँ गय़ा औऱ सिसकारियाँ लेती लड़कियों केँ बगल मे बेड पऱ लेट गय़ा। फिन उसने आँचल कि गांड केँ छेद मे उंगली घुसा दि औऱ उंगली सें गांड चोदने लगा। बुर औऱ गांड दोनो कि रगड़ाई सें आँचलमजा सें चीखने लगी औऱ ओर्गास्म पर्र ओर्गास्म सें झड़ती रही।
फिन स्वामी नें आँचल केँ पेट केँ दोनोओर अपनी टाँगे रख दि औऱ उसकी दोनो चूचियों केँ बीच लन्ड रगड़ने लगा। दूसरी लड़की नें आँचल केँ सर केँ नीचे तकिया लगाकर उसकासर थोडा उठा दिया। स्वामी उसकी दोनो बड़ी चूचियों कों आपस मे मिलाकर बीच मे लन्ड डालकर मम्मों चोदने लगा। आँचल कों दर्दहुआ.
आँचल दर्द सें कराहउठी, “ नहिन्न…उन्न्ञन्…बहोत ज़ोर सें दबारहे हैं आप्…नहिन्न….”
आँचल कां दर्द देखकर स्वामी थोड़ी देर तक रुक गय़ा औऱ बोला, ” क्यूं रोरही हैं ? अभि तौ तेरी गांड मे घुसाऊँगा.”
फिन उसने आँचल कों घुटनो केँ बल कुतिया बना दिया औऱ उसकी बुर मे पीछे सें लन्ड घुसा दिया.
टाइट बुर मे स्वामी कां मोटा लन्ड घुसने सें आँचल चिल्लाई, ”उननगज्गघह…ओइइ…”
स्वामी कों डोगी पोज़ बहोत मनपसंद थां। आश्रम मे आने वाली जवान औरतों कों वोँ डोगी पोज़ मे अवश्य चोदता थां। आँचल केँ उठेहुए नितंबों मे थप्पड़ मारते हुए वोँ तेजतेज धक्के लगाने लगा। धक्कों सें आँचल कि बड़ी बड़ी चूचियाँ लटककर आगे पीछे कों हिलने लगी। स्वामी हाथआगे करके चूचियों कों मसलने लगा.
स्वामी नें आँचल कि बुर मे तेजतेज धक्के मारते हुए पूछा, ” क्याँ तुम्हारे पति नें ऐसे चोदा हैं ?”
“उन्न्गह….ऊओुईइ….माआआआ….” आँचल नें सिसकारियों सें जवाब दिया.
स्वामी मज़े लेतेहुए बोला, ” अपनी मां कों क्यूं यादकर रही हौ ? मजा नहीं आँ रहा हैं क्याँ ?”
स्वामी नें उत्तेजना मे आँचल केँ बड़े नितंब थप्पड़ मारमार करलाल करदिए.
“उन्न्नह….ओह….स्वामी….अहह…” आँचल दर्द सें चिल्लाई औऱ वोँ झड़ती रही …….औऱ झड़ती रही.
फिन स्वामी नें अपना लन्ड बुर सें बाहर् निकालकर आँचल कि गांड केँ छेद मे लगा दिया। सुपाड़े कों अंदर डालने केँ लिए उसने एक् धक्का लगाया.
“ ओइईईईईईई…माआ……आआअहह……, मे मर जाऊँगी, बहोत दर्द होँ रहा हैं, ” आँचल गांड मे दर्द सें चिल्ला पड़ी।
सुपाड़े कों गांड मे घुसाते हुए स्वामी बोला, ”बस थोडा दुखेगा, तेरी गांड बहोत टाइट हैं नां….अभि मजा भि मिलेगा तुम्हें….”.
फिन सुपाड़ा अंदर जाने केँ बाद स्वामी नें बाकी कां हिस्सा भि पूरा गांड मे घुसा दिया। आँचल कों लगा उसकी गांडदो हिस्सों मे फट गई, हैं। दर्द सें उसके आँसू बहनेलगे औऱ वोँ रोनेलगी.
पर्र स्वामी नें उसके रोने पऱ कोई ध्यान नहीं दिया औऱ उसकी गांड मारते रहा।
थोड़ी देरबाद आँचल कों दर्दकुछ कम होँ गय़ा औऱ अब गांड मे लन्ड कि रगड़ सें उसको भि थोडा मजा मिलने लगा.
तभी एक् लड़कीवहा आई औऱ स्वामी सें बोलीं कि आँचल कां ससुरजी उसे लेने आँ गय़ा हैं.
स्वामी उत्तेजना मे थां उसने लड़की कि बात पर्र कोई ध्यान नहीं दिया। स्वामी नें आँचल कि गांड मारना जारीरखा। कुछदेर बाद उसने आँचल कि गांड कों अपने वीर्य सें भर दिया।
अब स्वामी बहोत थक चुका थां, सुभह सें दो औरतों कों कईबार चोदने कि वजह सें। वोँ आँचल केँ जिस्म केँ उपर हि लेट गय़ा। आँचल उसकेवजन सें दब गयीँ,.
जब लड़कियों नें फिन सें ससुरजी कि बातकही तौ स्वामी बोला, “ इसको लें जाकर नहलाओ औऱ कपड़े पहनादो.”
आँचल नें स्वामी सें विनती कि, “ स्वामीजी, मे ऐसे उनकेपास नहींजा सकती, वोँ सभीसमझ जाएँगे। प्लीज़….उनको कहो कि मे यहा सें निकल चुकी हूं। मे ऑटो पकड़कर चली जाऊँगी.”
स्वामी बोला, ”ठीक हैं। जैसा तुम् चाहती हौ हम् वैसा हि करेंगे पऱ इसके बदले तुम्हें भि मेराकाम करना होगा.”
आँचल नें बिनाकाम पूछे हि जल्दी हामीभर दि.
स्वामी नें लड़की सें कहा कि वोँ आँचल केँ ससुरजी सें जाकरकह दे कि वोँ यहा सें पहले हि जा चुकी हैं.
फिन उसने आँचल सें कहा, “ कल सुभह 6 बजेआने कि बजाय 10 बजे आनां.”
आँचल नें ठीक हैं कहा औऱ नहाने चली गई,। नहा धोकर कपड़े पहनने केँ बाद वोँ आश्रम सें बाहर् आँ गई, औऱ ऑटो ढूंढने लगी.
जब एक् ऑटो ड्राइवर नें उससे पूछा कि कहां चलना हैं ? तोँ आँचल नें सोचने मे थोडा वक्त लगाया क्यूंकी उसकीसमझ मे नहीं आँ रहा थां कि वोँ घऱजाए याँ बैंकजाए.
ऑटो वाले नें उसको सोचते देखकर हाइ क्लास कॉलआई गर्ल समझा, वोँ उसे घूरते हुए बोला, “ होटेल मे जाने कां हैं क्याँ ?”
उसकीबात सुनकर आँचल कों बहोत क्रोध आया। उसनेकहा, “ कनाट प्लेस चलो.”
आँचल नें सोचा कि स्वयं हि बैंक जाकर पेपर मे साइन करकेआती हूं.
बैंक मे पहुँचकर आँचल सीधे बैंक मैनेजर केँ केबिन मे चली गई, औऱ अपना परिचय दिया.
बैंक मैनेजर मिस्टर सेठी थां जिसकी उमर लगभग 50 वर्ष कि थि। अपने केबिन मे सुंदर आँचल कों देखकर मैनेजर उसकीबात ध्यान सें सुनने लगा.फिन उसने पिओन कों बुलाकर साइन करने केँ लिए पेपर्स औऱ गरमचाय लाने कों कहा। आँचल सें बात करते वक़्त सेठी कां ध्यान आँचल कि चूचियों पर्र हि थां.
सेठी कों चूचियाँ घूरते देखकर आँचल कों ध्यान आया कि आश्रम सें आते वक्त जल्दबाज़ी मे वोँ ब्रा औऱ पैंटी पहनना भूल गयीँ, थि। उसके सूज़े हुए निपल पतले ब्लाउज सें दिखरहे थें। तब उसको ध्यान आया कि ऑटो ड्राइवर उसकोकॉल आई गर्ल क्यूं समझरहा थां क्यूंकी बिना ब्रा केँ निपल उसने भि देखलिए होंगे। मैनेजर केँ सामने बैठी आँचल शरमा गई, पर्र अबकुछ किया नहींजा सकता थां। बैंक मे काम समाप्त होकरघऱ लौटने तक उसे इन्ही कपड़ो सें काम चलाना थां.
मैनेजर ईश्वर द्वारा अपने केबिन मे भेजी गयीँ, अप्सरा कों देखकर बहोत खुश थां, इसीलिए जब पिओन फटाफट साइन करने केँ लिए पेपर्स लें आया तोँ उसे बहोत क्रोध आया.मन हि मन सोचने लगा, कम्बख़्त थोड़ी देर लगाकर नहींला सकता थां.
फिन मैनेजर नें आँचल सें पेपर्स पऱ साइन करने कों कहा औऱ स्वयं जाकर आँचल केँ पीछे खड़ा होँ गय़ा, कहां कहां पर्र साइन करने हैं यह बताने केँ लिए.
आँचल कों कुछ मतलब नहीं थां कि वोँ किन पेपर्स पऱ साइनकर रही हैं, जैसा मैनेजर नें बताया वैसे उसने साइनकर दिए। पीछे खड़ा मैनेजर उसकी बिना ब्रा कि चूचियों कां नज़ारा देखरहा थां। आँचल कि दूध जैसी गोरी चूचियाँ औऱ उनकेबीच कि गहरीखाई देखकर मैनेजर कां लन्ड खड़ा हौ गय़ा। फिन वोँ हाथ लगाकर बताने लगा कि यहा पर्र साइन करने हैं औऱ बहाने सें उसकी बाँह छूनेलगा। उसने बैठी हुई आँचल कि बाँह औऱ कंधे सें अपना खड़ा लन्ड भि रगड़ दिया.
Agle दिन subah Sunil ne Aanchal ko Swami केँ ashram मे pooja केँ liye gaadi सें pahuncha दिया। Aanchal stud Swami केँ sath फिन सें chudayi ko लेकर बहोत excited thi। halanki iss baar usko waiting kamara मे 1 ghante सें bi jyada वक्त tak baithna pada.
Baat yeh thi कि andar Swami एक् nayee naweli shadishuda stri ko chod raha thaa।
Ek ghante बाद woh dono ladkiyan aayi औऱ Aanchal ko Swami केँ kamre मे le gai। Swami ko dekhte hi Aanchal apne kapde utarne lagi। Aanchal कि chudne ko jaldbazi dekhkar Swami khus hu गय़ा। Nangi Aanchal ko Swami ne apni god मे baitha लिया। Aanchal केँ naram nitambon केँ sparsh सें Swami kaa loda khada hone laga। Aanchal ne bi apne nitambon केँ नीचे Swami केँ khade hote loda ko ehsaas किया। Usne Swami ko apne alingan मे bhar लिया औऱ apni badi chuchiyon ko उसकी chati मे dab jane दिया.
Swami उसकी chuchi ko apne hath सें pakadkar nipple केँ charo औऱ angutha ghumane laga। Aanchal केँ munh सें siskariyan nikalne lagi। fir achanak usne एक् jhatke मे अपना loda Aanchal कि chut मे ghusa दिया.
Aanchal achanak hue hamle सें chillayi, ” oiiiiiiiiii.uuuuuuugggghhhh…”
chut मे poora loda jane केँ बाद Swami ne apne samne latakti Aanchal कि badi badi chuchiyon पऱ dhyaan lagaya। woh unko choosne, choomne औऱ katne laga। Ji bharkar choosne केँ बाद usne Aanchal केँ nitambon केँ नीचे hath dalkar usko loda पऱ ऊपर uchalna shuru किया.
Aanchal apni chut मे Swami केँ mote loda केँ andar बाहर् hone सें jor jor सें siskariyan bharne lagi, ”.ahhhh…unnnn….swamiji chodo…uffff…unnnnnnnn….ahhhhhh….”
Swami बोला, ” majaa aa raha h tumhe ?”
“unnn….haaann….swamiji….” Aanchal ne loda पऱ uchalte hue jawab दिया.
Swami केँ mote loda सें Aanchal कि tight chut कि khoob ragdai hu rahi thi। ayese ragad सें woh nasha hu gai। Madak Aanchal ko apni god मे nasha hokar chudwate dekhkar Swami ne उसके rasile hothon ko chaba लिया। Aanchal ko pehla orgasm aa गय़ा औऱ woh siskariyan leti hoyi jhad gai। Kuch pal बाद Swami ne उसकी chut ko garam virya सें bhar दिया। Swami Aanchal ko apne alingan मे kas केँ jakde hue thaa औऱ उसकी chut मे virya कि dhar पर्र dhar chorta jaa raha thaa।
fir usi pose मे woh utha औऱ Aanchal कि chut सें अपना loda nikale bina hi usko uthakar bed tak le गय़ा। Bed मे Aanchal ko litane केँ बाद Swami ko dhyaan आया कि कल too Aanchal कि chut मे ghane kale baal the। Aanchal कि chikni chut ko dekhkar woh बहोत uttezit hu गय़ा औऱ sochne laga इस shadishuda stri कि chut bilkul ldki jaisi tight kese h.
Swami ne pucha, ” tumhara shauhar acche सें chodta h tumhe ?”
“unnhh….नहि Swamiji….” Aanchal abi bi chudayi केँ nashe मे thi.
Un dono ladkiyon मे सें एक् ldki ne Aanchal कि chikni chut देखी too woh apne ko rok नहि payi औऱ Aanchal केँ bagal मे letkar usne Aanchal कि chut मे munh laga दिया औऱ उसकी chut सें nikalte ras ko chatne lagi। Apni chut औऱ clit पऱ ldki कि jeebh कि ragad सें Aanchal kamanad सें siskariyan lene lagi। Apni chut chatwana Aanchal ko बहोत अच्छा lagta thaa। uskah bi man chut chatne kaa hone laga.
Aanchal boli, “ idhar दो….unnhhhh…apni chut idhar दो….ungggghhhhh.”
Aanchal कि बात sunkar us ldki ne 69 pose मे apni chut Aanchal केँ munh पर्र laga di। Ab dono एक् doosre कि clit औऱ gili ras सें bhari chut ko jeebh सें chatne, choomne औऱ choosne lagi।
Swami apne samne केँ nazare ko dekhkar बहोत uttezit hu गय़ा औऱ siskariyan leti ladkiyon केँ bagal मे bed पऱ let गय़ा। fir usne Aanchal कि gaand केँ ched मे ungli ghusa di औऱ ungli सें gaand chodne laga। chut औऱ gaand dono कि ragdai सें Aanchal sukh सें chikhne lagi औऱ orgasm पऱ orgasm सें jhadti rahi।
fir Swami ne Anchal केँ pet केँ dono औऱ apni tange रख di औऱ उसकी dono chuchiyon केँ beech loda ragadne laga। Dusri ldki ne Aanchal केँ sar केँ नीचे takiya laga krr उसका sar थोडा utha दिया। Swami उसकी dono badi chuchiyon ko aapas मे milakar beech मे loda dalkar chuchi chodne laga। Aanchal ko durd हुआ.
Aanchal durd सें karah uthi, “ nahiii…unnnn…बहोत jor सें daba rahe h ap…nahinn….”
Aanchal kaa durd dekhkar Swami thodi der tak rukh गय़ा औऱ बोला, ” kyun ro rahi h ? abi too tairi gaand मे ghusaunga.”
fir usne Aanchal ko ghutno केँ bal kutia bnaa दिया औऱ उसकी chut मे piche सें loda ghusa दिया.
Tight chut मे Swami kaa mota loda ghusne सें Aanchal chillayi, ”unngggghhhh…oiiii…”
Swami ko dogi pose बहोत मनपसंद thaa। Ashram मे aane wali jawaan auraton ko woh dogi pose मे jaroor chodta thaa। Aanchal केँ uthe hue nitambon मे thappad marte hue woh tej tej dhakke lagane laga। Dhakkon सें Aanchal कि badi badi chuchiyan latakkar aage piche ko hilne lagi। Swami hath aage karke chuchiyon ko masalne laga।
Swami ne Aanchal कि chut मे tej tej dhakke marte hue pucha, ” क्याँ तुंहारे shauhar ne ayese choda h ?”
“unnhhhhhghhhh….ooouiiii….maaaaaaaa….” Aanchal ne siskariyon सें jawab दिया.
Swami maze lete hue बोला, ” apni Ma ko kyun yaad krr rahi hu ? majaa नहि aa raha h क्याँ ?”
Swami ne uttezna मे Aanchal केँ bade nitamb thappad maar maar krr laal krr diye.
“unnnhhh….ohhhhh….swami….ohhhh…” Aanchal durd सें chillayi औऱ woh jahdti rahi …….औऱ jhadti rahi.
fir Swami ne अपना loda chut सें बाहर् nikalkar Aanchal कि gaand केँ ched मे laga दिया। Supade ko andar dalne केँ liye usne एक् dhakka lagaya.
“ oiiiiiiiii…maaaa……aaaaahhhhhh……, me mar jaungi, बहोत durd hu raha h, ” Aanchal gaand मे durd सें chilla padi.
Supade ko gaand मे ghusate hue Swami बोला, ” bus थोडा dukhega, tairi gaand बहोत tight h na….abi mazaa bi milega tumhe….”.
fir supdaa andar jane केँ बाद Swami ne baki kaa hissa bi poora gaand मे ghusa दिया। Aanchal ko laga उसकी gaand दो hisson मे fat gai h। durd सें उसके aanshu behne lage औऱ woh rone lagi.
pr Swami ne उसके rone पऱ कोई dhyaan नहि दिया औऱ उसकी gaand marte raha।
Thodi der बाद Aanchal ko durd कुछकम hu गय़ा औऱ अब gaand मे loda कि ragad सें usko bi थोडा majaa milne laga.
Tabhi एक् ldki वहा aayi औऱ Swami सें boli कि Aanchal kaa Sasur use lene aa गय़ा h.
Swami uttezna मे thaa usne ldki कि बात पर्र कोई dhyaan नहि दिया। Swami ne Aanchal कि gaand marna jari rakkha। Kuch der बाद usne Aanchal कि gaand ko apne virya सें bhar दिया।
Ab Swami बहोत thak chuka thaa, subah सें दो auraton ko कई baar chodne कि wajah सें। woh Aanchal केँ badan केँ ऊपर hi let गय़ा। Aanchal उसके wajan सें dab gai.
jb ladkiyon ne फिन सें Sasur कि बात kahin too Swami बोला, “ isko le jakar nahlao औऱ kapde pehna दो.”
Aanchal ne Swami सें vinti कि, “ Swamiji, me ayese unke pass नहि jaa sakti, woh sab samajh jayenge। Please….unko bolo कि me यहा सें nikal chuki hoon। me auto pakadkar chali jaungi.”
Swami बोला, ” theek h। Jaisa tm chahti hu हम् waisa hi karenge पऱ iske badle tumhe bi मेराकाम krna hoga.”
Aanchal ne bina काम puche hi turant hami bhar di.
Swami ne ldki सें कहा कि woh Aanchal केँ Sasur सें jakar keh de कि woh यहा सें pahle hi jaa chuki h.
fir usne Aanchal सें कहा, “ कल subah 6 baje aane कि bajay 10 baje आनां.”
Aanchal ne theek h कहा औऱ nahane chali gai। Naha dhokar kapde pahanne केँ बाद woh Ashram सें बाहर् aa gai औऱ Auto dhondhne lagi.
jb एक् auto driver ne usse pucha कि kahan chalna h ? too Aanchal ne sochne मे थोडा time lagaya क्योंकि उसकी samajh मे नहि aa raha thaa कि woh घऱ jaye ya bank jaye.
Auto wale ne usko sochte dekhkar high class call girl samaja, woh use ghorte hue बोला, “ hotel मे jane kaa h क्याँ ?”
Uski बात sunkar Aanchal ko बहोत क्रोध आया। Usne कहा, “ Connaught place chalo.”
Aanchal ne socha कि khud hi bank jakar paper मे sign karke aati hoon.
Bank मे pahunchkar Aanchal sidhe bank manager केँ cabin मे chali gai औऱ अपना parichay दिया.
Bank manager Mr Sethi thaa jiski umar kareeb 50 varsh कि thi। Apne cabin मे haseen Aanchal ko dekhkar manager उसकीबात dhyaan सें sunne laga। fir usne peon ko bulakar sign karne केँ liye papers औऱ chai lane ko कहा। Aanchal सें बात karte वक़्त Sethi kaa dhyaan Aanchal कि chuchiyon पऱ hi thaa.
Sethi ko chuchiyan ghoorte dekhkar Aanchal ko dhyaan आया कि Ashram सें आते टाइम jaldbazi मे woh bra औऱ panty pehanna bhul gai thi। Uske suze hue nipple patle blouse सें dikh rahe the। Tab usko dhyaan आया कि Auto driver usko call girl kyun samajh raha thaa क्योंकि bina bra केँ nipple usne bi dekh liye honge।
Manager केँ samne baithi Aanchal sharma gai पर्र अबकुछ किया नहि jaa sakta thaa। Bank मे काम khatam hokar घऱ lautne tak use inhi kapdo सें काम chalana thaa.
Manager bhagwan dwara apne cabin मे bheji gai apsara ko dekhkar बहोत khus thaa, isiliye जब peon fatafat sign karne केँ liye papers le आया too use बहोत क्रोध आया। man hi man sochne laga, kambakht thodi der lagakar नहि la sakta thaa.
fir manager ne Aanchal सें papers पऱ sign karne ko कहा औऱ khud jaker Aanchal केँ piche khada hu गय़ा, kahan kahan पऱ sign karne h yeh batane केँ liye.
Aanchal ko कुछ matlab नहि thaa कि woh kin papers पर्र sign krr rahi h, jaisa manager ne bataya waise usne sign krr diye। Piche khada manager उसकी bina bra कि chuchiyon kaa nazara dekh raha thaa। Aanchal कि dudh जैसे gori chuchiyan औऱ unke beech कि gehri khai dekhkar manager kaa loda khada hu गय़ा। fir woh hath lagakar batane laga कि यहा पर्र sign karne h औऱ bahane सें उसकी banh chune laga। Usne baithi hoyi Aanchal कि banh औऱ kandhe सें अपना khada loda bi ragad दिया.
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आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
आँचल बैंक मैनेजर सेठी केँ खड़े लन्ड सें रगड़ महसूस कररही थि पऱ उसनेऐसे दिखाया जैसेउसे कुछपता नहीं हैं। वोँ समझ गयीँ, थि उसकी मादक जवानी सें बुड्ढा उत्तेजित हौ गय़ा हैं। आँचल कों कोई विरोध नाँ करते देखकर मैनेजर उससे पेपर्स पऱ साइन करवाते रहा औऱ बहाने सें उसके जिस्म सें अपना लन्ड भि रगड़ते रहा.जब सभी स्थान साइन हौ गये तौ उसने आँचल सें फोटोग्राफ्स माँगे। आँचल केँ पासकोई फोटो नहीं थि उसनेकहा कि वोँ मंडे कों फोटोज भिजवा देगी।
सेठी नें एक्सक्यूज़ बनाया, ” मैडम फोटो तौ आज हि चाहिए.”
आँचल कि कुछसमझ मे नहींआया.
आँचल कों चुप देखकर सेठी बोला, “आप् चिंता मत कीजिए मिसेज जोशी, मे आपको एक् फोटो स्टूडियो मे लिए चलता हूं.”
फिन उसने पिओन कों बुलाकर उससेकहा कि ड्राइवर सें बोलो आफीशियल वाहन बैंक केँ गेट पर्र लाए.
बैंक कि वाहन मे आँचल केँ संग सेठी पीछे कि सीट पर्र उससेसट केँ बैठा थां। उसने अपनी टाँगे आँचल कि टाँगों सें सटारखी थि औऱ अपना एक् हाथ आँचल केँ पीछेसीट पर्र रखा थां जौ आँचल केँ कंधों कों सहलारहा थां.
आँचल नें सेठी केँ हाथ कों अपने कंधों पऱ महसूस किया औऱ देखा कि पैंट मे उसका लन्ड तंबूबना रहा हैं। सेठी आँचल कों बतारहा थां कि वोँ कितनी इंपॉर्टेंट पोस्ट पऱ हैं। उसने आँचल सें कहा कि जब भि उसेलोन कि ज़रूरत होगी मेरेपास बिना झिझकचले आनां, जल्दी जितना चाहिए उतनालोन सेंक्शन कर दूँगा। सेठी नें बताया कि मैंने तुम्हारे पति कि फैक्ट्री कों कितना सारालोन दिया हैं.
सेठी नें आँचल सें कहा कि मे तुम्हारी विवाह मे भि आया थां, तब तुम् दुल्हन कि ड्रेस मे कितनी सुंदर लगरही थि.
जब भि वोँ वाहन खराबरोड पर्र झटके खाती तोँ आँचल कि बिना ब्रा मे बड़ी चूचियाँ ज़ोर सें हिलती औऱ उन्हे हिलते देखकर उत्तेजना सें सेठी आँचल सें थोडा औऱ सट जाता.
आँचल भि सेठी कि इन हरकतों सें उत्तेजित होनेलगी। सेठी केँ पैंट मे बने तंबू सें उसने अंदाज़ा लगा लिया कि इसका लन्ड बड़ा हि लगरहा हैं। सेठी नें जब आँचल कों अपने पैंट मे बने तंबू कों देखते पाया तौ उसकी उत्तेजना औऱ हिम्मत दोनोबढ़ गयीँ,। अब उसनेहाथ थोडा नीचे किया औऱ आँचल कि गर्दन पऱ पीछे सें हाथ फिराने लगा। उसने आँचल केँ फिगर औऱ उसकी हुस्न कि तारीफ करनी शुरुआत कर दि.
सेठी नें अपने बैंक मे बहोत सि औरतों कों चोदा थां, जोँ वहाकाम करती थि उनको भि औऱ जोँ बैंक मे काम कराने आती थि उनको भि। अपनी बड़ी पोज़िशन कि वजह सें उसका रौबदाब बैंक मे रहता थां। आँचल कि गर्दन मलतेहुए वोँ आँचल कों भि चोदने कां प्लान बनारहा थां.
तभी ड्राइवर नें गाड़ी फोटो स्टूडियो केँ आगेरोक दि। सेठी औऱ आँचल वाहन सें उतरगये। सेठी नें आँचल कि बाँह कोहनी सें थोडा ऊपर पकड़ली औऱ चलनेलगा। बाँह पकड़ने सें आँचल कि रसीले मम्मों सें उसकाहाथ छूजारहा थां। वैसे खड़े लन्ड केँ संग चलने मे स्वयं उसे भि तकलीफ़ होँ रही थि.
आँचल बुड्ढे कि बोल्डनेस देखकर हैरान थि औऱ संग हि उत्तेजित भि। उसने सेठी कों अपनी बाँह पकड़ने सें रोका नहीं। वोँ यह देख्ना चाहती थि अब बुड्ढा आगे क्याँ करता हैं। आँचल मादक सां मुँह बनाकर सेठी केँ संग चलतीरही। सेठी केँ ऊपर अपनेरूप कां चमत्कार चलने सें उसे सेठी अपना गुलाम जैसा महसूस हौ रहा थां जौ कि उसकी फोटो केँ लिए अपना बैंक छोड़कर उसकेआगे पीछेघूम रहा थां। आँचल केँ मादकबदन कां चमत्कार हर मर्द केँ ऊपरऐसे हि चल जाता थां। औऱ इसबात कां उसे गर्व भि थां.
फोटो स्टूडियो मे फोटोग्राफर नें पूछा कि 5 मिनट मे पोलोराइड फोटो चाहिए याँ पासपोर्ट साइज़ वाली ? उसकेलिए 2 घंटे लगेंगे। सेठी जल्दी बोला बैंक मे पासपोर्ट वाली हि लगेगी.
फिन सेठी नें आँचल कों स्टूल मे बिठा दिया औऱ इसी बहाने उसकी चूचियाँ भि छूली.फिन सही पोज़ बनाने केँ लिए उसके चेहरे कों दोनो हाथों सें पकड़कर सीधा करनेलगा। फोटोग्राफर भि हैरान थां जोँ काम मेरा हैं यह बुड्ढा स्वयं हि कररहा हैं। कहां बिठाना हैं कैसा पोज़ बनाना हैं, यह मे बताऊँगा याँ यह बुड्ढा.
उधर आँचल भि सेठी कि सभी हरकतें समझरही थि। अपने चेहरे औऱ शरीर पऱ सेठी केँ बारबार टच करने सें उसे हॉर्नी फील हौ रहा थां। उसने अपने होंठ पॉउट करके फोटो खिचाने केँ लिए एक् सेक्सी सां पोज़ बनाया। सेठीठीक उसकेआगे खड़ा होकर उसकेबाल औऱ चेहरा ठीककर रहा थां। सेठी कां लन्ड ठीक आँचल केँ मुँह केँ सामने थां। आँचल कां मनहुआ कि वहीं पर्र सेठी केँ पैंट कि ज़िप खोलकर उसका लन्ड मुँह मे लें लेँ। इस ख्याल सें हि उसकी बुर सें रस निकलने लगा.
फोटो खिचाने केँ बाद सेठी बोलापास मे हि एक् रेस्टोरेंट हैं वहा दोपहर का खानाकर लेते हें, क्यूंकी फोटो मिलने मे तोँ 2 घंटे लगेंगे। आँचल नें हामीभर दि। सेठी उसको एक् रेस्टोरेंट मे लेँ गय़ा वहा बहोत कमलोग थें औऱ लाइट भि काफ़ी कम रोशनी वाली थि। शायद कपल्स कि सुविधा केँ लिएवहा कम रोशनी थि जिससे वोँ अपनी चुम्मा चाटीकर सकें। रेस्टोरेंट मे सेठी औऱ बोल्ड हौ गय़ा। वोँ बातें करते करते आँचल कि पीठ पऱ हाथ फिराने लगा। आँचल नें उसकी गर्म साँसे अपने चेहरे पऱ महसूस कि। सेठी उसके कंधे औऱ गर्दन कों भि मलरहा थां। फिन सेठी नें आँचल सें बियर पीने कों कहा। आँचल नें पहलेकभी बियर नहींपी थि पऱ सेठी केँ ज़ोर देने पऱ वोँ मान गयीँ,.
सेठी नें एक् ग्लास मे बियर डालकर उसको आँचल केँ होठों पऱ लगाया, आँचल नें थोड़ी बियरगटक ली। आँचल कों बियर पिलाते हुए सेठी नें उसके ब्लाउज पर्र हाथरख दिया औऱ उसकी बिना ब्रा कि चूचियों कों दबाने लगा। आँचल हल्के सें मोन करनेलगी। फिन सेठी नें अचानक आगे झुककर आँचल केँ होठों पर्र अपने होंठ लगाकर एक् चुंबन लें लिया.
सेठी कि बोल्डनेस सें अचंभित होकर आँचल नें उसे टोका, ” मिस्टर सेठी….”
“आप् बहोत सेक्सी हें मिसेज जोशी। मे अपनेऊपर कंट्रोल नहींकर पाया.” सेठी बोला। औऱ उसनेफिन सें आँचल केँ होंठ पर्र चुंबन लेकर उसके निचले होंठ कों अपने दांतो सें हल्का सां काट लिया.
“उननग्ग्घह…….ऊओह…” उत्तेजना सें आँचल कि सिसकी निकल गई,। उसनेहाथ आगे बढ़ाकर टेबल केँ नीचे सेठी केँ पैंट केँ अंदर उसका लन्ड पकड़ लिया। सख़्त मोटा लन्ड अपनेहाथ मे महसूस करते हि उसकी उत्तेजना औऱ बढ़ गई,.
आँचल कि हालत देखकर सेठीसमझ गय़ा अब इसको चोदने मे कोई तकलीफ़ नहीं होगी। उसने फटाफट बिल पेमेंट किया औऱ वेटर कों 500 रुपये देकर उससे दूसरी मंज़िल मे कमरे कि चाभी माँगी.
वेटर नें सेठी कों मादक आँचल केँ संग देखा जोँ सिसकारियाँ लेँ रही थि। वोँ मन हि मन सोचने लगा साले बुड्ढे नें क्याँ सेक्सी माल पटाया हैं। वैसे वोँ सेठी कों जानता थां क्यूंकी सेठी अपने बैंक कि ट्रेनी लड़कियों औऱ कभीकभी फोन गर्ल्स कों लेकरवहा आता थां औऱ रूम कि चाभीउसी सें माँगता थां.
आँचल नें सेठी कों रुपये देतेहुए देखा, सेठी औऱ वेटर कि आँखो हि आँखो मे हुई बात औऱ वेटर केँ मुस्कुराने सें आँचल शरमा गई,। उत्तेजना सें उसका बुराहाल थां औऱ उसे इश्सबात सें कोईफरक नहीं पड़ता थां कि वेटर उसके बारे मे क्याँ सोचरहा होगा। वोँ चुदाई केँ लिएअब औऱ इंतजार नहींकर पारही थि.
वेटर चाभी लेकरआया तोँ देखा बुड्ढा आँचल कों किसकर रहा थां। वोँ दोनो अपनेअगल बगल भि ध्यान नहींदे रहे थें। वैसेउस वक़्त लोग तौ कम हि थें वहाफिन भि….
वेटर सोचने लगा क्याँ उसको भि इस सेक्सी स्त्री कों चोदने कां चांस मिलेगा ? आँचल कि ब्लाउज सें बाहर् दिखती चूचियों कों देखकर वोँ अपनीजीभ होठों पर्र फिराते हुए सेठी कि भाग्य सें जलन करनेलगा। सालाइस उमर मे भि इतनी चिकनी माल कों चोदपा रहा हैं.
आँचल सेठी केँ संगकिस कररही थि औऱ वेटर उसको देखकर मन हि मनसोच रहा थां, ” साले बुड्ढे नें आज तौ मस्त छोकरी पटाई हैं, क्याँ मस्त मम्मे हें इसके। अवश्य मजा आएगा बुड्ढे कों, साला…”
सेठी मादक आँचल कों सिड्यूस करके बहोत खुश थां। चाभी मिलने केँ बाद वोँ आँचल कि बाँह पकड़कर ऊपर कमरे कि तरफ जानेलगा। रेस्टोरेंट मे मौजूद लोग औऱ वेटर्स कि जलनभरी निगाहों सें उसे औऱ मजा आँ रहा थां। सेठी जानबूझकर लोगों कों जलाने केँ लिए रेस्टोरेंट मैनेजर केँ पास जाकर रुका औऱ उससे थोड़ी देर बातचीत कि। लोगों कों दिखाने केँ लिए आँचल केँ शरीर पऱ वोँ हाथ भि फिराता जारहा थां.
सेठी केँ टच करने सें आँचल मदहोशी मे थि उसे अपनी होने वाली चुदाई केँ ख़याल सें बुर रस बहता महसूस हौ रहा थां.
मैनेजर नें आँचल कि बड़ी बड़ी चूचियां देखी, फिनउसे घूरते हुए सेठी सें पूछा, ” कितने मे सौदाहुआ ?”
उसकीबात पऱ सेठी हंसा औऱ आँचल कों सीढ़ियों सें ऊपर कमरे मे लेँ गय़ा.
Aanchal bank manager Sethi केँ khade loda सें ragad ehsaas krr rahi thi पऱ usne ayese dikhaya जैसे use कुछ ptaa नहि h। woh samajh gai thi उसकी madak jawani सें buddha uttezit hu गय़ा h। Aanchal ko कोई virodh na karte dekhkar manager usse papers पर्र sign karwate raha औऱ bahane सें उसके badan सें अपना loda bi ragadte raha। jb sab स्थान sign hu gaye too usne Aanchal सें photographs mange। Aanchal केँ pass कोई photo नहि thi usne कहा कि woh Monday ko photos bhijwa degi।
Sethi ne bahana banaya, ” madam photo too आज hi चाहिए.”
Aanchal कि कुछ samajh मे नहि आया.
Aanchal ko khamosh dekhkar Sethi बोला, “ap fikr mat kijiye Mrs Joshi, me aapko एक् photo studio मे liye chalta hoon.”
fir usne peon ko bulakar usse कहा कि driver सें kaho official gaadi bank केँ gate पर्र laye.
Bank कि gaadi मे Aanchal केँ sath Sethi piche कि seat पऱ usse sat केँ baitha thaa। Usne apni tange Aanchal कि tangon सें sata rakhi thi औऱ अपना एक् hath Aanchal केँ piche seat पऱ rakkha thaa joo Aanchal केँ kandhon ko sahla raha thaa.
Aanchal ne Sethi केँ hath ko apne kandhon पऱ ehsaas किया औऱ देखा कि pant मे उसका loda tambo bnaa raha h। Sethi Aanchal ko bata raha thaa कि woh kitni important post पर्र h। Usne Aanchal सें कहा कि जब bi use loan कि jarurat hongi मेरे pass bina jhijhak chale आनां, turant jitna चाहिए utna loan sanction krr dunga। Sethi ne bataya कि maine तुंहारे shauhar कि company ko kitna sara loan दिया h.
Sethi ne Aanchal सें कहा कि me tumhari shaadi मे bi आया thaa, तब tm dulhan कि dress मे kitni haseen lag rahi thi.
jb bi woh gaadi bura road पर्र jhatke khati too Aanchal कि bina bra मे badi chuchiyan jor सें hilti औऱ unhe hilte dekhkar uttezna सें Sethi Aanchal सें थोडा औऱ sat jata.
Aanchal bi Sethi कि in harkaton सें uttezit hone lagi। Sethi केँ pant मे bane tambu सें usne anumaan laga लिया कि iska loda बड़ा hi lag raha h। Sethi ne जब Aanchal ko apne pant मे bane tambu ko dekhte paya too उसकी uttezna औऱ himmat dono bad gai। Ab usne hath थोडा नीचे किया औऱ Aanchal कि garden पऱ piche सें hath firane laga। Usne Aanchal केँ figure औऱ उसकी khoobsurati कि tareef karni shuru krr di.
Sethi ne apne bank मे बहोत si auraton ko choda thaa, joo वहाकाम krti thi unko bi औऱ joo bank मे काम karane aati thi unko bi। Apni badi position कि wajah सें उसका rob dob bank मे rehta thaa। Aanchal कि garden malte hue woh Aanchal ko bi chodne kaa plan bnaa raha thaa.
Tabhi driver ne gaadi photo studio केँ aage rok di। Sethi औऱ Aanchal gaadi सें utar gaye। Sethi ne Aanchal कि banh kohni सें थोडा ऊपर pakad li औऱ chalne laga। Banh pakadne सें Aanchal कि mulayam chuchi सें उसका hath chu jaa raha thaa। Waise khade loda केँ sath chalne मे khud use bi samasya hu rahi thi.
Aanchal buddhe कि boldness dekhkar हैरान thi औऱ sath hi uttezit bi। Usne Sethi ko apni banh pakadne सें roka नहि। woh yeh देख्ना chahti thi अब Buddha aage क्याँ krta h। Aanchal madak sa munh banakar Sethi केँ sath chalti rahi। Sethi केँ ऊपर apne roop kaa jadoo chalne सें use Sethi अपना gulam jaisa ehsaas hu raha thaa joo कि उसकी photo केँ liye अपना bank chodkar उसके aage piche ghoom raha thaa। Aanchal केँ madak jism kaa jadoo har mard केँ ऊपर ayese hi chl jata thaa। or iss बात kaa use garv bi thaa.
Photo studio मे photographer ne pucha कि 5 minute मे Polaroid photo चाहिए ya passport size wali ? उसके liye 2 ghante lagenge। Sethi turant बोला bank मे passport wali hi lagegi.
fir Sethi ne Aanchal ko stool मे bitha दिया औऱ isi bahane उसकी chuchiyan bi chu li। fir sai pose banane केँ liye उसके chehre ko dono hathon सें pakadkar sidha karne laga। Photographer bi हैरान thaa joo काम मेरा h yeh Buddha khud hi krr raha h। kahan bithana h kaisa pose बनाना h, yeh me bataunga ya yeh Buddha.
Udhar Aanchal bi Sethi कि sab harkatein samajh rahi thi। Apne chehre औऱ badan पऱ Sethi केँ bar bar touch karne सें use horny feel hu raha thaa। Usne apne hoth pout karke photo khichane केँ liye एक् sexy sa pose banaya। Sethi theek उसके aage khada hokar उसके baal औऱ चेहरा theek krr raha thaa। Sethi kaa loda theek Aanchal केँ munh केँ samne thaa। Aanchal kaa man हुआ कि wahin पर्र Sethi केँ pant कि zip kholkar उसका loda munh मे le le। is khayal सें hi उसकी chut सें ras nikalne laga.
Photo khichane केँ बाद Sethi बोला pass मे hi एक् restaurant h वहा lunch krr lete haen, क्योंकि photo milne मे too 2 ghante lagenge। Aanchal ne hami bhar di। Sethi usko एक् restaurant मे le गय़ा वहा बहोत कमलोग the औऱ light bi kaafi कम roshanee wali thi shayad couples कि suvidha केँ liye वहाकम roshanee thi jisse woh apni chumma chati krr sake। Restaurant मे Sethi औऱ bold hu गय़ा। woh batein karte karte Aanchal कि peeth पर्र hath firane laga। Aanchal ne उसकी garam sanse apne chehre पर्र ehsaas कि। Sethi उसके kandhe औऱ garden ko bi mal raha thaa। fir Sethi ne Aanchal सें beer pine ko कहा। Aanchal ne pahle कभी beer नहि pi thi पर्र Sethi केँ jor dene पर्र woh maan gai.
Sethi ne एक् glass मे beer dalkar usko Aanchal केँ hothon पऱ lagaya, Aanchal ne thodi beer gatak li। Aanchal ko beer pilate hue Sethi ne उसके blouse पर्र hath रख दिया औऱ उसकी bina bra कि chuchiyon ko dabane laga। Aanchal halke सें moan karne lagi। fir Sethi ne achanak aage jhukkar Aanchal केँ hothon पऱ apne hoth lagakar एक् chumban le लिया.
Sethi कि boldness सें achambhit hokar Aanchal ne use toka, ” Mr Sethi….”
“ap बहोत sexy haen Mrs Joshi। me apne ऊपर control नहि krr paya.” Sethi बोला। or usne फिन सें Aanchal केँ hoth पर्र chumban लेकर उसके nichle hoth ko apne danto सें halka sa kaat लिया.
“unnggghhh…….ooohhhh…” uttezna सें Aanchal कि siski nikal gai। usne hath aage badakar table केँ नीचे Sethi केँ pant केँ andar उसका loda pakad लिया। Sakht mota loda apne hath मे ehsaas karte hi उसकी uttezna औऱ bad gai.
Aanchal कि halat dekhkar Sethi samajh गय़ा अब isko chodne मे कोई samasya नहि hongi। Usne fatafat bill payment किया औऱ waiter ko 500 rupiye देकर usse dusri lakshya मे kamre कि chabhi mangi.
Waiter ne Sethi ko madak Aanchal केँ sath देखा joo siskariyan le rahi thi। woh man hi man sochne laga sale buddhe ne क्याँ sexy maal pataya h। Waise woh Sethi ko janta thaa क्योंकि Sethi apne bank कि trainee ladkiyon औऱ कभीकभी call girls ko लेकरवहा aata thaa औऱ kamara कि chabhi usi सें mangta thaa.
Aanchal ne Sethi ko rupiye dete hue देखा, Sethi औऱ waiter कि aankho hi aankho मे hoyi बात औऱ waiter केँ muskurane सें Aanchal sharma gai। Uttezna सें उसका बुरा dasha thaa औऱ use इसबात सें कोई farak नहि padta thaa कि waiter उसके bare मे क्याँ सोच raha hoga। woh chudayi केँ liye अब औऱ intzaar नहि krr pa rahi thi.
Waiter chabhi लेकरआया too देखा Buddha Aanchal ko kiss krr raha thaa। woh dono apne agal bagal bi dhyaan नहि de rahe the। waise us वक्तलोग too कम hi the वहाफिन bi….
Waiter sochne laga क्याँ usko bi iss sexy stri ko chodne kaa mauka milega ? Aanchal कि blouse सें बाहर् dikhti chuchiyon ko dekhkar woh apni jeebh hothon पर्र firate hue Sethi कि taqdeer सें jalan karne laga। Sala iss umar मे bi itni chikni maal ko chod pa raha h.
Aanchal Sethi केँ sath kiss krr rahi thi औऱ waiter usko dekhkar man hi man सोच raha thaa, ” sale buddhe ne आज too mast chokri patayi h, क्याँ mast mamme haen iske। Jaroor majaa aayega buddhe ko, sala…”
Sethi madak Aanchal ko seduce karke बहोत खुश thaa। chabhi milne केँ बाद woh Aanchal कि banh pakadkar ऊपर kamre कि tarf jane laga। Restaurant मे maujood लोग औऱ waiters कि jalan bhari nigahon सें use औऱ majaa aa raha thaa। Sethi janboojhkar logon ko jalane केँ liye restaurant manager केँ pass jakar ruka औऱ usse thodi der baatchit कि। logon ko dikhane केँ liye Aanchal केँ badan पर्र woh hath bi firata jaa raha thaa.
Sethi केँ touch karne सें Aanchal madhoshi मे thi use apni hone wali chudayi केँ khayal सें chootras behta ehsaas hu raha thaa.
Manager ne Aanchal कि badi badi chuchiyan देखी, फिन use ghoorte hue Sethi सें pucha, ” kitne मे sauda हुआ ?”
Uski बात पर्र Sethi hansa औऱ Aanchal ko seediyon सें ऊपर kamre मे le गय़ा.
jay wrote: ↑11 Nov 2017 19:04super hot kahani bro rajaarkey wrote: ↑11 Nov 2017 22:27 बहोत हि अच्छा एपसोड हैं यार thanks mitro
Mast update
superb bhay
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आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
मैनेजर नें आँचल कि बड़ी बड़ी चूचियां देखी, फिनउसे घूरते हुए सेठी सें पूछा, ” कितने मे सौदाहुआ ?”
उसकीबात पऱ सेठी हंसा औऱ आँचल कों सीढ़ियों सें ऊपर कमरे मे लें गय़ा.
कमरे मे पहुचने केँ बाद बैंक मैनेजर सेठी नें फटाफट आँचल कि साड़ी उतार दि। अब आँचल सिर्फ़ पेटीकोट औऱ एक् पतले ब्लाउज मे थि। उस पतले ब्लाउज मे आँचल कि बड़ी बड़ी चूचियां बाहर् आने कों मचलरही थि। सेठी नें ब्लाउज केँ बाहर् सें हि निपल कों मुँह मे भर लिया औऱ चूसने लगाफिन ऐसे हि उसने दूसरे निपल कों भि चूसा। सेठी केँ मुँह कि लार सें वोँ पतले कपड़े कां ब्लाउज पारदर्शी हौ गय़ा औऱ ब्लाउज केँ बाहर् सें हि चूचियां दिखने लगी.
सेठी केँ चूचियों कों चूसने सें आँचल सिसकारियाँ लेने लगी, ”.उनन्नज्ग्घह….आअहह….”
फिन सेठी नें आँचल कां पेटीकोट उतार दिया औऱ ब्लाउज घसीटकर निकाल फेंका। आँचल नें ब्रा औऱ पैंटी नहीं पहनी थि। उसकी बिना बालों कि चिकनी बुर देखकर सेठी केँ मुँह मे पानी आँ गय़ा। उसने आँचल कों बेड मे लिटा दिया औऱ उसकी बुर मे जीभ लगाकर चाटने लगा। आँचल कि गुलाबी बुर केँ फूले होठों कों देखकर सेठी कामवसना सें पागल होँ उठा। वोँ आँचल कि क्लिट कों जीभ सें छेड़ने लगा.
“आअहह.आअहह” सेठी कि जीभ अपनी बुर पऱ रगड़ने सें आँचल सिसकारियाँ लेनेलगी। अपनी बुर चटवाना उसको बहोत पसन्द थां। सेठी केँ बुर चाटने सें आँचल बहोत उत्तेजित हौ गयीँ,। उसकी बुर सें रस निकलने लगा। आँचल उत्तेजना मे भरकर अपने नितंबों कों सेठी केँ मुँह पर्र उछालने लगी। जल्द हि उसको पहला ओर्गास्म आँ गय़ा औऱ बुर सें रस बहाते हुए वोँ झड़ गयीँ,.
सेठी आँचल कि कामुकता सें हैरान रह गय़ा औऱ सोचने लगायह तौ बहोत हि मज़े लेँ रही हैं। उसनेजीभ लगाकर आँचल कि बुर सें बहतेरस कों चाट लिया.
फिन सेठी नें अपने कपड़े उतारदिए। सेठी हाइट काठी मे कोईखास नहीं थां।
आँचल कों उसकाबदन देखकर थोड़ी निराशा हुईँ। मगरजब उसने अपना पैंट औऱ अंडरवियर उतारा तोँ उसके बड़े औऱ मोटेतने हुए लन्ड कों देखकर आँचल कां मुँह खुला कां खुलारह गय़ा। उसकी आँखे सेठी केँ लन्ड पर्र हि जम गयीँ,.
सेठी नें आँचल केँ चेहरे केँ भाव देखे.उसे इसकीआदत थि। जौ भि महिला उसके लन्ड कों देखती थि ऐसा हि रिएक्शन देती थि। सेठी बहोत अनुभवी चोदू थां। कुछ औरतें उसके बड़े लन्ड कों देखकर घबरा जाती थि औऱ घबराहट सें उनकी बुर बिल्कुल सूख जाती थि। सेठी उनको धैर्य सें बहला फुसलाकर धीरे-धीरे धीरे-धीरे चोदता थां औऱ जब स्त्री कि बुर सें रस निकलना शुरुआत हौ जाता थां तब वोँ उनको अच्छी तरह सें चोदता थां। आँचल कों देखकर सेठीसमझ गय़ा इसकी हालत भि वैसी हि हौ रही हैं। उसनेआगे बढ़कर आँचल कां हाथ पकड़ा औऱ अपने लन्ड पऱ रख दिया.
अपनेहाथ सें बड़े लन्ड कों महसूस करके आँचलडर गयीँ,, ” नहीं नहीं….मिस्टर सेठी….मे मर जाऊंगी, इतना बड़ा…”
उसके औऱ कुछ कहने सें पहले हि सेठी नें अपने लन्ड केँ सुपाड़े कों उसके होठों केँ बीचरख दिया। धीमे धीमे आँचल केँ गाल औऱ बाल सहलाते हुए बोला, ” घबराओ नहीं मिसेज जोशी, तुम् बसइसे चूसो। सिर्फ़ चूसो औऱ कुछमत सोचो.”
आँचल सुपाड़े कों चूसने लगी। सेठी नें धीरे-धीरे धीरे-धीरे अपनाआधे सें ज्यादा लन्ड उसके मुँह मे घुसा दिया.कुछ समयबाद सेठी कों लगा कि आँचल कां दमघुट रहा हैं तौ उसने लन्ड मुँह सें बाहर् निकाल लिया औऱ लार सें सनेहुए लन्ड कों आँचल केँ चेहरे पऱ रगड़ने लगा.कुछ देरऐसा करने केँ बाद उसनेफिन सें लन्ड आँचल केँ मुँह मे घुसा दिया। धीरे-धीरे धीरे-धीरे मोटे लन्ड कि आदत हौ जाने केँ बाद आँचल मज़े सें सेठी कां लन्ड चूसने लगी.कुछ देरबाद उसने सेठी कि गोलियों कों भि चूसा.अब सेठी सें कंट्रोल नहीं हौ रहा थां। आँचल नें इतनी अच्छी तरह सें मज़े लेँ लेके उसका लन्ड चूसा कि उसेलगा वोँ अबझड़ जाएगा.
सेठी नें आँचल केँ मुँह सें लन्ड निकाल लिया औऱ उसकी क्लिट औऱ बुर केँ फूले होठों कों चूसने लगा। आँचल मज़े सें सिसकारियाँ लेनेलगी। आँचल कि डर औऱ घबराहट सें सूख चुकी बुर फिन सें गीली होनेलगी थि। सेठी कों अपनीजीभ मे बुर रस कां स्वाद आया। उसने आँचल कि टांगों कों उठाकर अपने कंधों मे रख लिया औऱ आँचल कि टाइट बुर केँ छेद मे लन्ड कां सूपाड़ा घुसाया.
“आआआअहह …ओइईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई….म्म्म्माआआआआआआ…” मोटे लन्ड केँ टाइट बुर मे घुसते हि आँचल चिल्लाई.
सेठी बड़ी मुश्किल सें आँचल कि बुर मे आधा लन्ड हि घुसा पाया, अबआगे कों लन्ड घुस हि नहींपा रहा थां। वोँ धीरे-धीरे धीरे-धीरे औऱ अधिक लन्ड अंदर घुसाने कि कोशिश करतारहा.
आँचल दर्द सें चिल्लाई, ” मिस्टर सेठी…….ओइईई…माआआ….तुम् मेरी फाड़ दोगे…….ओइईई.”
फिन सेठी नें पूरा लन्ड बाहर् निकाल लिया औऱ फिन धीरे-धीरे सें अंदर घुसाना शुरुआत किया.ऐसा करते करतेकुछ देरबाद वोँ अपना पूरा लन्ड जड़ तक बुर केँ अंदर घुसाने मे सफल हौ गय़ा। उसकेबाद उसने अपने दोनोहाथ आँचल कि चूचियों पर्र रखदिए औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे बुर पर्र धक्के मारने लगा। उसकी गोलियाँ आँचल केँ नितंबों सें टकरारही थि। लन्ड केँ बुर कि दीवारों मे रगड़ खाने सें आँचल कि चीखें अब सिसकारियों मे बदल गयीँ,.
“मजा आँ रहा हैं नाँ ? तेरी बुर तोँ बहोत टाइट औऱ मस्त हैं आँचल जोशी ”, आँचल कि टाइट बुर केँ मज़े लेतेहुए सेठी बोला। मादक आँचल कों अपने सें चुदते हुए देखकर औऱ सिसकारियाँ लेतेहुए देखकर बुड्ढा अपने पहलवान लन्ड कि हि तरह जवान महसूस कररहा थां.
“ आआहाआंन्न….बहोत मजा आँ रहा हैं….चोदो …चोदो …उईईई माआ.औऱ चोदो …” उत्तेजना मे अपने नितंबों कों ऊपर उछालती हुई आँचल बोलीं.
आँचल कों मज़े मे अपनी गांडऊपर उछालते देखकर सेठी भि जोश मे आँ गय़ा औऱ उसने आँचल कि बुर मे ताबड़तोड़ स्ट्रोक लगाने शुरुआत करदिए। उसकी गोलियों केँ तेज़ी सें आँचल कि गांड सें टकराने सें ठपठपठप कि आवाज़ पूरे कमरे मे गूंजने लगी.
“ऊऊउीईईई…ओह…आआअहह….उईईई.म्म्माआ….” सेठी केँ मोटे लन्ड केँ तेजतेज धक्कों सें आँचल चिल्ला पड़ी.
थोड़ी हि देर मे उसको ओर्गास्म आँ गय़ा औऱ वोँ दूसरी बारझड़ गयीँ,.
आँचल कों झड़ते देखकर सेठी नें धक्के लगाने कि स्पीड कमकर दि। औऱ वोँ ओर्गास्म कां खुशी लेती आँचल केँ चेहरे केँ बदलते भावों कों देखते हुए मज़े लेनेलगा। फिनकुछ देर वोँ आँचल कि टाइट बुर मे जकड़े हुए अपने लन्ड कों रोकेहुए हि रहा.कुछ देरबाद उसनेफिन सें स्ट्रोक लगाने शुरुआत किए औऱ फिन सें कमरे मे ठपठपठप कि आवाज़ गूंजने लगी।
आँचल नें मदहोशी मे देखा, बुड्ढा पसीने सें भीगाहुआ धक्के पऱ धक्के लगाएजा रहा हैं। सेठी आँचल कि बड़ी बड़ीदूध जैसी गोरी गोरी चूचियों कों दोनोहाथ सें बुरीतरह सें मसलते हुए धक्के लगाते रहा। आँचल झड़ती रही …औऱ झड़ती रही……
कुछ देरबाद सेठी नें अपने गर्म वीर्य सें आँचल कि बुर कों पूराभर दिया.फिन आँचल कि बुर सें लन्ड बाहर् निकालकर सेठी नें आँचल केँ मुँह मे डाल दिया। आँचल केँ मुँह मे भि थोडा वीर्य चला गय़ा जोँ उसनेगटक लिया.फिन वोँ आँचल केँ बगल मे लेट गय़ा। दोनो केँ शरीर पसीने सें भीगगये थें औऱ साँसे रुकरुक करचलरही थि.
कुछ वक्तबाद सेठीबेड सें उठा औऱ बाथरूम मे नहाने चला गय़ा। नहाने केँ बाद उसने आँचल सें भि नहाने कों कहा। आँचल फटाफट नहा केँ आई औऱ कपड़े पहनने लगी। उसका ब्लाउज सेठी कि लार सें गीला थां औऱ ज़ोर सें खींचने सें फट भि गय़ा थां। जब उसने ब्लाउज पहना तोँ उसकी चूचियां औऱ निपल ब्लाउज केँ पतले गीले कपड़े सें साफ दिखाई देरहे थें। आँचल नें जैसे तैसे अपने पल्लू सें छाती कों ढका औऱ सीढ़ियों सें नीचे आँ गई,.
वहा रेस्टोरेंट मैनेजर औऱ कुछ वेटर्स खड़े थें। वोँ सभी आँचल कों ललचाई आँखो सें देखने लगे। उसके सूज़े होंठ औऱ शरीर कों देखकर लगरहा थां कि वोँ बुरीतरह सें चुदी हैं। सेठी नें मैनेजर कों कमरे कि चाबी दि।
मैनेजर नें आँचल कों ऊपर सें नीचे घूरते हुए सेठी कि पीठ ठोकी, “ साला बहोत मजा किया, क्याँ माल ठोका हैं तुमने आज.”
सेठी नें आँचल कि कमर मे हाथ डाला औऱ उसे बाहर् वाहन कि तरफ लें जानेलगा। जाते जाते उसने मैनेजर औऱ वेटर्स कों आँख मारी.
गाड़ी मे बैठने केँ बाद सेठी नें आँचल सें कहा कि फोटोग्राफ्स मे स्वयं हि लें लूँगा। औऱ ड्राइवर सें कहा कि तुम् मुझे बैंक मे उतारदो औऱ उसकेबाद आँचल कों घऱ छोड़ देना.
“मजा आयाइस बुड्ढे केँ संग ?” सेठी ज़ोर सें आँचल सें बोला, बिनाइस बात कि परवाह किएहुए कि ड्राइवर भि सभीसुन रहा हैं।
आँचल कों चुप देखकर फिन बोला, ”कहो, मिसेज जोशी, मजाआया कि नहीं ?”
आँचल नें उसकेबार बार पूछने पऱ धीमे सें कहा, “ हाँ …”
आँचल कि धीमी आवाज़ सुनकर सेठी ज़ोर सें हंसा औऱ बोला, ” मुझे मोबाइल मारना, औऱ भि मजा दूँगा.”
फिन अपने बैंक मे सेठीउतर गय़ा औऱ ड्राइवर सें आँचल कों उसकेघऱ तक छोड़आने कों कहा.
Manager ne Aanchal कि badi badi chuchiyan देखी, फिन use ghoorte hue Sethi सें pucha, ” kitne मे sauda हुआ ?”
Uski बात पऱ Sethi hansa औऱ Aanchal ko seediyon सें ऊपर kamre मे le गय़ा.
Kamre मे pahuchne केँ बाद bank manager Sethi ne fatafat Aanchal कि saree utar di। Ab Aanchal sirf petticoat औऱ एक् patle blouse मे thi। Us patle blouse मे Aanchal कि badi badi chuchiyan बाहर् aane ko machal rahi thi। Sethi ne blouse केँ बाहर् सें hi nipple ko munh मे bhar लिया औऱ choosne laga फिन ayese hi usne doosre nipple ko bi choosa। Sethi केँ munh कि laar सें woh patle kapde kaa blouse pardarshi hu गय़ा औऱ blouse केँ बाहर् सें hi chuchiyan dikhne lagi.
Sethi केँ chuchiyon ko choosne सें Aanchal siskariyan lene lagi, ”.unnnggghhh….aaahhhh….”
fir Sethi ne Aanchal kaa petticoat utar दिया औऱ blouse khinchkar nikal phenka। Aanchal ne bra औऱ panty नहि pehni thi। Uski bina balon कि chikni chut dekhkar Sethi केँ munh मे paani aa गय़ा। Usne Aanchal ko bed मे lita दिया औऱ उसकी chut मे jeebh lagakar chatne laga। Aanchal कि gulabi chut केँ phule hothon ko dekhkar Sethi kaamvasana सें pagal hu utha। woh Aanchal कि clit ko jeebh सें chedne laga.
“Aaahhhhh.aaahhhhhh” Sethi कि jeebh apni chut पऱ ragadne सें Aanchal siskariyan lene lagi। Apni chut chatwana usko बहोत मनपसंद thaa। Sethi केँ chut chatne सें Aanchal बहोत uttezit hu gai। उसकी chut सें ras nikalne laga। Aanchal uttezna मे bharkar apne nitambon ko Sethi केँ munh पऱ uchalne lagi। jald hi usko pehla orgasm aa गय़ा औऱ chut सें ras bahate hue woh jhad gai.
Sethi Aanchal कि kamukta सें हैरान rha गय़ा औऱ sochne laga yeh too बहोत hi maze le rahi h। Usne jeebh lagakar Aanchal कि chut सें behte ras ko chat लिया.
fir Sethi ne apne kapde utar diye। Sethi kad kathi मे कोई khaas नहि thaa।
Aanchal ko उसका sharer dekhkar thodi nirasha hoyi। halanki जब usne अपना pant औऱ underwear utara too उसके bade औऱ mote tane hue loda ko dekhkar Aanchal kaa munh khula kaa khula rha गय़ा। Uski ankhe Sethi केँ loda पर्र hi jam gai.
Sethi ne Aanchal केँ chehre केँ bhav dekhe। use iski aadat thi। joo bi stri उसके loda ko dekhti thi aisahi reaction deti thi। Sethi बहोत anubhavi chodoo thaa। Kuch auratein उसके bade loda ko dekhkar ghabra jati thi औऱ ghabrahat सें unki chut bilkul such jati thi। Sethi unko dhairya सें behla fuslakar dhire dhire chodta thaa औऱ जब stri कि chut सें ras nikalna shuru hu jata thaa तब woh unko achchi prakaar सें chodta thaa। Aanchal ko dekhkar Sethi samajh गय़ा iski halat bi waisi hi hu rahi h। Usne aage badkar Aanchal kaa hath pakda औऱ apne loda पर्र रख दिया.
Apne hath सें bade loda ko mehsos karke Aanchal dar gai, ” नहि नहि….Mr Sethi….me mar jaungi, itna बड़ा…”
Uske औऱ कुछ kehne सें pahle hi Sethi ne apne loda केँ supade ko उसके hothon केँ beech रख दिया। Dhime dhime Aanchal केँ gaal औऱ baal sahlate hue बोला, ” ghabrao नहि Mrs Joshi, tm bus ise chuso। Sirf chuso औऱ कुछ mat socho.”
Aanchal supade ko choosne lagi। Sethi ne dhire djire अपना aadhe सें jyada loda उसके munh मे ghusa दिया। Kuch pal बाद Sethi ko laga कि Aanchal kaa dam ghut raha h too usne loda munh सें बाहर् nikal लिया औऱ laar सें sane hue loda ko Aanchal केँ chehre पऱ ragadne laga। Kuch der aesa karne केँ बाद usne फिन सें loda Aanchal केँ munh मे ghusa दिया। Dhire dhire mote loda कि aadat hu jane केँ बाद Aanchal maze सें Sethi kaa loda choosne lagi। Kuch der बाद usne Sethi कि goliyon ko bi choosa। Ab Sethi सें control नहि hu raha thaa। Aanchal ne itni achchi prakaar सें maze le leke उसका loda choosa कि use laga woh अब jhad jayega.
Sethi ne Aanchal केँ munh सें loda nikal लिया औऱ उसकी clit औऱ chut केँ phule hothon ko choosne laga। Aanchal maze सें siskariyan lene lagi। Aanchal कि dar औऱ ghabrahat सें such chuki chut फिन सें gili hone lagi thi। Sethi ko apni jeebh मे chut ras kaa swad आया। Usne Aanchal कि tango ko utha krr apne kandhon मे रख लिया औऱ Aanchal कि tight chut केँ ched मे loda kaa supdaa ghusaya.
“Aaaaaaahhhhhhhhhh …oiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii….mmmmaaaaaaaaaaaaaa…” mote loda केँ tight chut मे ghuste hi Aanchal chillayi.
Sethi badi muskil सें Aanchal कि chut मे aadha loda hi ghusa paya, अब aage ko loda ghus hi नहि pa raha thaa। woh dhire dhire औऱ jyada loda andar ghusane कि koshish krta raha.
Aanchal durd सें chillayi, ” Mr Sethi…….oiiiii…maaaaaa….tm मेरी faad doge…….oiiiii.”
fir Sethi ne poora loda बाहर् nikal लिया औऱ फिन dhire सें andar ghusana shuru किया। aesa karte karte कुछ der बाद woh अपना poora loda jad tak chut केँ andar ghusane मे safal hu गय़ा। Uske बाद usne apne dono hath Aanchal कि chuchiyon पर्र रख diye औऱ dhire dhire chut पऱ dhakke marne laga। Uski goliyan Aanchal केँ nitambon सें takra rahi thi। loda केँ chut कि diwaron मे ragad khane सें Aanchal कि chikhe अब siskariyon मे badal gai.
“majaa aa raha h na ? tairi chut too बहोत tight औऱ mast h Aanchal Joshi” Aanchal कि tight chut केँ maze lete hue Sethi बोला। Madak Aanchal ko apne सें chudte hue dekhkar औऱ siskariyan lete hue dekhkar Buddha apne pehalwan loda कि hi prakaar jawaan ehsaas krr raha thaa.
“ aaahaaannn….बहोत majaa aa raha h….chodo …chodo…uiiiii maaaa.औऱ chodo…” Uttezna मे apne nitambon ko ऊपर uchalti hoyi Aanchal boli.
Aanchal ko maze मे apni gaand ऊपर uchalte dekhkar Sethi bi josh मे aa गय़ा औऱ usne Aanchal कि chut मे tabadtod stroke lagane shuru krr diye। Uski goliyan केँ teji सें Aanchal कि gaand सें takrane सें THAP THAP THAP कि awaz poore kamre मे goojne lagi.
“oooouiiiiiii…ohhhhhhhhhhh…aaaaahhhhh….uiiiii.mmmaaaa….” Sethi केँ mote loda केँ tej tej dhakkon सें Aanchal chilla padi.
Thodi hi der मे usko orgasm aa गय़ा औऱ woh dusri baar jhad gai.
Aanchal ko jhadte dekhkar Sethi ne dhakke lagane कि speed कम krr di। or woh orgasm kaa sukh leti Aanchal केँ chehre केँ badalte bhavon ko dekhte hue maze lene laga। fir कुछ der woh Aanchal कि tight chut मे jakde hue apne loda ko roke hue hi raha। Kuch der बाद usne फिन सें stroke lagane shuru kiye औऱ फिन सें kamre मे THAP THAP THAP कि awaz goojne lagi।
Aanchal ne madhoshi मे देखा Buddha pasine सें bhiga हुआ dhakke पर्र dhakke lagaye jaa raha h। Sethi Aanchal कि badi badi dudh jaisi gori gori chuchiyon ko dono hath सें buri prakaar सें masalte hue dhakke lagate raha। Aanchal jhadti rahi …औऱ jhadti rahi……
Kuch der बाद Sethi ne apne garam virya सें Aanchal कि chut ko poora bhar दिया। fir Aanchal कि chut सें loda बाहर् nikalkar Sethi ne Aanchal केँ munh मे dal दिया। Aanchal केँ munh मे bi थोडा virya chala गय़ा joo usne gatak लिया। fir woh Aanchal केँ bagal मे let गय़ा। Dono केँ badan pasine सें bhig gaye the औऱ sanse rukh rukh krr chl rahi thi.
Kuch वक्तबाद Sethi bed सें utha औऱ batroom मे nahane chala गय़ा। Nahane केँ बाद usne Aanchal सें bi nahane ko कहा। Aanchal fatafat naha केँ aayi औऱ kapde pahanne lagi। uskah blouse Sethi कि laar सें gila thaa औऱ jor सें khitchne सें fat bi गय़ा thaa। jb usne blouse pahna too उसकी chuchiyan औऱ nipple blouse केँ patle gile kapde सें saaf saaf dikhayi de rahe the। Aanchal ne जैसे taise apne pallu सें chati ko dhaka औऱ seediyon सें नीचे aa gai.
Wahan restaurant manager औऱ कुछ waiters khade the। woh sab Aanchal ko lalchayi aankho सें dekhne lage। Uske suze hoth औऱ badan ko dekhkar lag raha thaa कि woh buri prakaar सें chudi h। Sethi ne manager ko kamre कि chabi di।
Manager ne Aanchal ko ऊपर सें नीचे ghoorte hue Sethi कि peeth thoki, “ sala बहोत majaa किया, क्याँ maal thoka h tumne आज.”
Sethi ne Aanchal कि kamar मे hath dala औऱ use बाहर् gaadi कि tarf le jane laga। Jaate जाते usne manager औऱ waiters ko आंख mari.
gaadi मे baithne केँ बाद Sethi ne Aanchal सें कहा कि photographs मे khud hi le lunga। or driver सें कहा कि tm muze bank मे utaar दो औऱ उसकेबाद Aanchal ko घऱ chod देना.
“majaa आयाइस buddhe केँ sath ?” Sethi jor सें Aanchal सें बोला, bina iss बात कि parvah kiye hue कि driver bi sab sun raha h।
Aanchal ko khamosh dekhkar फिन बोला, ” bolo, Mrs Joshi, majaa आया कि नहि ?”
Aanchal ne उसके baar baar puchne पर्र dhime सें कहा, “ ha…”
Aanchal कि dhimi awaz sunkar Sethi jor सें hansa औऱ बोला, ” muze phone maarna, औऱ bi majaa dunga.”
fir apne bank मे Sethi utar गय़ा औऱ driver सें Aanchal ko उसकेघऱ tak chod aane ko कहा.
आँचल की अय्याशियां - desi bahu - Aage kya hua? Next part padhiye
बहोत जबर औऱ मजेदार जारही हैं किस्सा। अगली कड़ी उत्सुकता सें कि इंतज़ार मे . . .
superb...............
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