आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
अपायंटमेंट केँ दिन आँचल बेमन सें अपनी सासू केँ संग स्वामी भोगानंद केँ आश्रम गयीँ,। वहा पहुँचकर उन दोनो कों एक् वेटिंग रूम मे बिठा दिया गय़ा औऱ कहा गय़ा कि स्वामी भोगानंद केँ दर्शन केँ लिए यहींबैठ कर इंतजार करो। लगभगआधा घंटावेट करने केँ बाद आँचल कों बेचैनी होनेलगी औऱ उसकामन हुआ कि वोँ अपनेघऱ वापसचली जाए। पर्र सासू माँ केँ सामने कुछ नहींबोल पाई.
मगर उनको मालूम हि नहीं थां कि अपनेएसी रूम मे बैठकर भोगानंद CCTV मे उसकी बेचैनी सभीदेख रहा हैं। वोँ एक् लड़की सें अपना लन्ड चुसवा रहा थां औऱ CCTV मे आँचल कों भि देखरहा थां। आँचल कों देखकर वोँ सोचरहा थां यह मक्खन मलाईआज मेरेजाल मे आँ फँसी हैं। उत्तेजना सें उसने लन्ड चूसरही लड़की केँ मुँह मे वीर्य भर दिया औऱ स्वयं फटाफट उठकर अपने वस्त्र ठीककिए। आँचल कों वोँ जाने कां मौका देने वाला नहीं थां, इसलिये उसनेजब आँचल कों बेचैन होता देखा तौ फटाफट वेटिंग रूम मे आँ गय़ा.
आँचल नें देखा सफेद वस्त्र पहनेहुए लंबा चौड़ा दाडीवाला बाबा हैं औऱ उसकी चौड़ी छाती बालों सें भरी हैं। उसकी आँखों मे बहोत चमक औऱ तेज थां। आँचल नें उठकर उसकोहाथ जोड़े औऱ नज़रें झुकाकर खड़ी हौ गई,। स्वामी भोगानंद नें उन दोनो सें बैठने कों कहा औऱ उनकी समस्या पूछी.जब सासू माँ नें बताया कि विवाह कों 6 महीने हौ गये हैं औऱ बहू प्रेग्नेंट नहीं हुईँ हैं, तोँ नयी नवेली शादीशुदा आँचल कों सिड्यूस करने केँ ख़याल सें स्वामी कि लार टपकने लगी। उसने आँचल कों अपनेपास बुलाया औऱ फिन एक् हाथ सें उसके बालों कों सहलाते हुए, उसकी आँखों मे आँखे डालकर धीमे स्वर मे पूछा, “ तुम्हारा पिछला पीरियड कबआया थां ?”
स्वामी केँ अपने पीरियड केँ बारे मे पूछने सें आँचल एकदम सें शरमा गई, औऱ फिन नज़रें नीचे करके उसनेडेट बता दि.
स्वामी नें फटाफट मन हि मनडेट कां हिसाब लगाया औऱ फिन सासू माँ सें बोला, “ आज सें दोदिन बाद यानी कि परसो सें आँचल कों लगातार 3 दिन तक आश्रम मे आनां होगा। तड़के सुभह 5:30 बजे आँ जानां। मे इसकेलिए तीन घंटे तक स्पेशल पूजा करूँगा औऱ उसकेबाद कुछखास जड़ी बूटी दवाई केँ लिए दूँगा। उस दवाई कों आँचल कों तीसरी रात कों अपने पति केँ संग सेक्स सें पहले खानां होगा। औऱ गारंटी हैं कि अगले पीरियड आने सें पहले हि यह प्रेग्नेंट हौ जाएगी.”
यह सुनकर सासू माँ बहोत खुश हुई औऱ स्वामी भोगानंद कों बारबार शुक्रिया देनेलगी। फिन उसने स्वामी कों स्पेशल पूजा केँ लिए 25000 रुपये दिए। सासू माँ नें स्वामी सें कहा कि परसो सुभहठीक 5:30 बजे वोँ दोनो आश्रम मे हाज़िर हौ जाएँगी.
स्वामी भोगानंद बोला, “ अरे नहीं नहीं ….आपकोआने कि ज़रूरत नहीं हैं। सिर्फ़ आँचल कों हि भेजना। आपकेआने सें पूजा मे दुष्प्रभाव पड़ जाएगा औऱ फिनफल नहीं मिलेगा। इसलिये आप् मत आनां वरना आँचल प्रेग्नेंट नहीं होगी.”
यह सुनकर सासू माँ डर गयीँ, औऱ हाथ जोड़कर बोलि, “ अगर मेरेआने सें पूजा खराब होँ जाएगी तोँ मे नहीं आऊँगी, बहू कों अकेले हि भेज दूँगी.”
स्वामी बोला, “ हाँ एक् बात औऱ….जब तक आँचल आश्रम मे आती रहेगी, इसके पति कों आँचल सें दूर रहना होगा.तभी पूजासफल होगी.”
दोनो सासू माँ बहू आश्रम सें घऱ आँ गई,। आँचल कों अपनी सासू कां यह नाटक पसन्द नहीं आँ रहा थां। वोँ चाहरही थि कि सुनील कां सेक्स कमजोरी कां इलाज़ होँ औऱ उसकी सासू माँ आँचल कां हि इलाज़ करवाने पऱ तुली थि। उसने सोचा, यह बुढ़िया खाली मेरे सें इधरउधर केँ फालतू चक्कर लगवारही हैं, मुझे क्याँ हुआ हैं मे तोँ ठीक हूं, मुझे परेशान करने कि बजाय अपने बेटे कां कमजोरी कां इलाज़ करवा लेती तोँ ज्यादा अच्छा रहता.
मगर अब तौ सासू 25000 रुपये भि पूजा केँ लिएदे चुकी थि, अबमना करना मुश्किल थां इसलिये आँचल कों नां चाहते हुए भि स्वामी केँ पास पूजा केँ लिए जानां पड़ा.
पूजा केँ दिन सुभह सुनील उसको गाड़ी मे आश्रम केँ गेट तक छोड़ गय़ा औऱ दोपहर मे लेने आऊँगा बोलकर चला गय़ा। इतनी सुभह अभि बाहर् उजाला नहींहुआ थां, हल्का अंधेरा हि थां। आँचलउसी वेटिंग रूम मे जाकरबैठ गई,। जल्द हि दो लड़कियाँ वहाआई, उन्होने सिर्फ़ एक् सफेद कपड़ा अपने जिस्म पऱ डालाहुआ थां। आँचल नें हैरानी सें देखाउस सफेद कपड़े केँ अंदर उन्होने कुछ भि नहीं पहना थां औऱ उनकी चूचियाँ औऱ बुर केँ ऊपर केँ काले कालेबाल सफेद कपड़े सें साफदिख रहे थें। उन्होने आँचल सें अपनेसंग चलने कों कहा।
वोँ दोनो आँचल कों एक् ऐसे कमरे मे लेँ गयीँ, जहाँ सिर्फ़ कैंडल्स जलरही थि। फिन उन्होने आँचल सें अपने सारे कपड़े उतारकर नग्न होने कों कहा क्यूंकी पूजा सें पहले आँचल कों पवित्र जल सें नहला केँ शुद्ध करना होगा। आँचल केँ चेहरे केँ भाव देखकर वोँ लड़की बोलि इसमे घबराने कि कोईबात नहीं हैं.
मगर आँचल नंगी होने कों रेडी नहीं हुइ। दोनो लड़कियों नें बहोत ज़ोर दिया कि स्पेशल पूजा केँ लिएसब औरतों कों ऐसा हि करना पड़ता हैं। पऱ आँचल नहीं मानी। थोड़ी देर तक समझाने केँ बाद वोँ दोनो लड़कियाँ आँचल कों अकेले छोड़कर चले गई,।
कुछदेर बाद स्वामी भोगानंद स्वयं उस कमरे मे आया औऱ आँचल सें कहा कि जैसा जैसा तुमको बताया गय़ा हैं वैसा तुमको करना पड़ेगा। स्वामी कि चमकती आँखों कां सामना आँचल नहींकर पाई औऱ उसने हामीभर दि। स्वामी कमरे सें बाहर् चला गय़ा औऱ वोँ दोनो लड़कियाँ फिन सें कमरे मे आई।
फिन उन्होने आँचल केँ कपड़े एक् एक् कर उतारने शुरुआत करदिए। आँचल कों पता नहीं थां पऱ कमरे मे एक् बड़े काले परदे केँ पीछे सें भोगानंद, आँचल कों निर्वस्त्र होतेहुए देखरहा थां। आँचल नें अपने कपड़े उतारे औऱ फिन वोँ सिर्फ़ ब्रा पैंटी मे रह गई,। स्वामी सभीदेख रहा थां। फिन आँचल नें अपनी ब्रा भि उतार दि। उसकीदूध जैसी गोरी बड़ी बड़ी चूचियाँ अब नग्नथीं। फिन उसने अपनी पैंटी भि उतार दि। स्वामी नें देखा उसकी मादक बुर केँ ऊपर काले काले बालों कां घेरा हैं। भोगानंद कां लन्ड टन टनाकर खड़ा हौ गय़ा.
फिनउन लड़कियों नें आँचल कों फर्श पऱ लिटा दिया औऱ एक् सुगंधित तेल कों उसके जिस्म पर्र मलने लगीं। उन्होने धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसके शरीर पऱ तेल मलना शुरुआत किया औऱ चूचियों पर्र कुछ अधिक हि देर तक मसलते हुएतेल लगाया। तेल कि भीनी भीनी खुशबू औऱ लड़कियों केँ अपनी चूचियों कों मसलने सें अब आँचल कों उत्तेजना आनेलगी। उसकी चूचियों केँ निपलतन केँ खड़े होँ गये औऱ उसको अपनी बुर मे रस निकलता महसूस हुआ। औऱ उन लड़कियों केँ हाथों केँ उसके नंगे जिस्म पर्र स्पर्श सें उसकी हल्की हल्की सिसकारियाँ निकलने लगी.
आँचल कों उत्तेजित होते देखकर, लड़कियाँ एक् दूसरे कों देखकर मुस्करायीं। उन्होने नां जाने कितनी जवान औरतों केँ ऊपरयह उत्तेजित करने कां तरीका अपनाया थां। वोँ दोनो अपनेकाम मे अब माहिर हौ चुकीथीं। वोँ दोनोसमझ गयींअब इसकी चुदाई केँ रास्ते खुलगये हें.
मालिश केँ दौरान उन्होने आँचल कि बुर केँ होठों केँ ऊपर भि तेल लगाया, वहा गीलापन देखकर वोँ समझ गयींयह लड़की तौ कामुक हैं। अभि हमने इसकी क्लिट कों मसला भि नहीं हैं औऱ यहा इसका बुर रस निकलना शुरुआत होँ गय़ा हैं, यह तोँ जल्द हि उत्तेजित हौ गई,। स्वामी भोगानंद यहसभी पर्दे केँ पीछे सें देखकर अपना लन्ड मसलरहा थां, यह तोँ जल्द हि गीली होनेलगी हैं, बहोत कामुक लगती हैं.
लड़कियों केँ मालिश करने सें आँचल सिसकरही थि, “ आहह-आहह……आहह-आहह….उईईईईईई….”
“अच्छा लगरह हैं तुमको ?” एक् लड़की नें पूछा.
आँचल नें ज़ोर सें सिसकारियाँ भरतेहुए जवाब दिया, “ आँ…हाँ….बहोत अच्छा….उन्न्ञन्नाआहह…”
अबउस ठंडे फर्श पर्र नंगी पड़ी आँचल पूरीतरह सें उत्तेजना मे भर चुकी थि। उसने एक् लड़की कि मम्मों पर्र अपनाहाथ फेर दिया। पर्र उस लड़की नें आँचल केँ हाथ पऱ एक् थप्पड़ मारकर झटक दिया। औऱ उसे झिड़कते हुए बोलीं, “ यह तूँ क्याँ कररही हैं ?”
आँचल मदहोशी मे कहनेलगी, “ आहह-आहह…इधर आओ ….मेरेपास आओ…., प्लीज़ ….आहह-आहह….” वोँ उन अधनंगी लड़कियों केँ शरीर कों छूनाचाह रही थि पर्र उन्होने उसेहाथ नहीं लगाने दिया।
फिनउन लड़कियों कों लगा कि अब आँचल कों ओर्गास्म आँ जाने वाला हैं औऱ यह झड़ने वाली हैं तौ उन्होने उसके शरीर कि मालिश रोक दि। उनको भोगानंद नें साफ निर्देश देरखा थां कि इसको चुदाई केँ लिए रेडीकर केँ रखोमगर स्वयं उसकेसंग कुछमत करना, बस उत्तेजित करके तडपा केँ छोड़ देना.
उन्होने आँचल कों फर्श सें उठाया औऱ एक् पतला पारदर्शी सफेद कपड़ा पहना दिया जिससे उसका जिस्म औऱ भि कामुक लगरहा थां। फिन वोँ आँचल कों एक् कमरे मे लें गयीं औऱ वहा फर्श पऱ बैठा दिया। आँचल अभि भि उत्तेजना सें तेजतेज साँसे लेँ रही थि.
फिन स्वामी भोगानंद उस कमरे मे आया, उसे देखकर तीनो खड़ी हौ गयीँ, औऱ उसकोहाथ जोड़कर प्रणाम किया। वोँ आँचल केँ पासआया औऱ एक् झटके मे उसका सफेद वस्त्र खींच लिया.अब आँचल पूरी नग्न थि। उसका पूरा शरीरतेल औऱ पसीने सें भीगकर चमकरहा थां औऱ बुर केँ कालेबाल भीगकर आपस मे उलझगये थें। स्वामी केँ तेज कों नग्न आँचलसह नहींपाई औऱ उसने कमज़ोरी सि महसूस कि तबउन दोनो लड़कियों नें उसे सहारा दिया.
स्वामी नें एक् बाल्टी सें आँचल केँ ऊपर बर्फीला ठंडा पानीडाल दिया। आँचल कि साँसे थम सि गयीँ, औऱ वोँ हकबकाकर ज़ोर सें चिल्ला पड़ी.फिन स्वामी नें एक् टॉवेल लिया औऱ आँचल कां शरीर पोछने लगा। वोँ काफ़ी देर तक उसकी गोरी बड़ी चूचियों कों टॉवेल सें रगड़ता रहा औऱ फिन नीचे जांघों कों टॉवेल सें पोछा। उसकेबाद बुर कों भि पोछने केँ बहाने टॉवेल सें काफ़ी देर तक रगड़ा। रफ टॉवेल केँ इसतरह अपने जिस्म, चूचियों औऱ बुर पऱ देर तक मलमलकर रगडे जाने सें आँचल मदहोशी मे ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेनेलगी औऱ उसकी बुर सें रस बहनेलगा। फिन स्वामी नें अपने वस्त्र उतारदिए औऱ आँचल केँ सामने अब वोँ भि पूरीतरह सें नग्न हौ गय़ा.
आँचल नें अपने सामने उस लंबे चौड़े स्वामी कों नंगे खड़ा देखा, उसका मोटा लन्ड खुलीहवा मे झटकेखा रहा थां। आँचल सिसकारियाँ लेती हुई घुटने केँ बलबैठ गई, औऱ स्वामी कां लन्ड मुँह मे लेनेलगी।
मगर स्वामी नें उसकोरोक दिया औऱ बोला, “ यह क्याँ कररही होँ तुम्?”
“अहह…….मुझे चूसना हैं, प्लीज़……? ”, रोके जाने सें उदास होतेहुए आँचल बोलीं.
“तुम् होश मे तोँ हौ ? शादीशुदा स्त्री होकर भि तुम् यह क्याँ कररही हौ ?” स्वामी बोला.
आँचलअब उत्तेजना सें बेचैनी रही थि औऱ वोँ चुदाई केँ लिएतरस रही थि.
उसनेकहा, “ मुझे चोदो….हाँ मुझे चोदो स्वामीजी….प्लीज़….”
मगर उसकोपता नहीं थां कि कमरे मे लगे कैमरा सें यहसभी रेकॉर्ड होँ रहा हैं, असलबात यह थि कि स्वामी कां बहोत नाम थां, इसलिये आँचल कि सेक्स केँ लिए सहमति बहोत ज़रूरी थि। अब वोँ स्वयं अपने मुँह सें चोदने केँ लिएकह रही थि जोँ कि रेकॉर्ड हौ चुका थां। अगरकोई महिला बाद मे स्वयं याँ किसी केँ दबाव मे आकर स्वामी पर्र रेप कां इल्ज़ाम लगाती तोँ स्वामी उसके घरवालों कों वोँ टेप दिखा सकता थां कि यह तोँ स्वयं हि चोदने कों बोलरही थि। उस आश्रम मे सब औरतों केँ संगऐसा हि टेप बनाया जाता थां जिसमे उनको उत्तेजित करके इतना तड़पाया जाता थां कि वोँ स्वयं हि चोदने कों बोलती थि।
अभि तक स्वामी कों कभी भि उन टेप्स कां इस्तेमाल करने कि ज़रूरत नहीं पड़ी थि क्यूंकी किसी भि महिला नें उसके खिलाफ कंप्लेंट नहींकरी। मगर एक् मामला ऐसा थां जब स्वामी नें टेप कां यूज़ किया थां। हुआयह कि एक् बार स्वामी कों एक् पॉलिटीशियन सें काम पड़ा, तोँ उसकाम कों करने केँ बदले मे उसने एक् महिला कों कहा कि तुम् 2 घंटे केँ लिएउस मोटी तोंद वाले नेता केँ पास जाकर उसकोखुश करदो, नहि तौ मे तुम्हारा टेप तुम्हारे घरवालों कों दिखा दूँगा। इसतरह स्वामी नें नेता सें अपनाकाम निकलवा लिया.
उस आश्रम मे सब जवान शादीशुदा औरतें अपनी सासू केँ संगआती थि औऱ इसीतरह स्वामी उनसभी कों चोदता थां.
Appointment केँ दिन Aanchal beman सें apni Saas केँ sath Swami Bhoganand केँ ashram gai। Wahan pahunchkar un dono ko एक् waiting kamara मे bitha दिया गय़ा औऱ कहा गय़ा कि Swami Bhoganand केँ darshan केँ liye yahin baith krr intzaar karo। Kareeb adha ghanta wait karne केँ बाद Aanchal ko baichaini hone lagi औऱ उसका man हुआ कि woh apne घऱ wapis chali jaye। pr Saas केँ samne कुछ नहि bol payi.
halanki unko maloom hi नहि thaa कि apne AC kamara मे baithkar Swami Bhoganand CCTV मे उसकी baichaini sab dekh raha h। woh apne kamara मे एक् ldki सें अपना loda chuswa raha thaa औऱ CCTV मे Aanchal ko bi dekh raha thaa। Aanchal ko dekhkar woh सोच raha thaa yeh makkhan malai आज मेरे jaal मे aa fansi h। Uttezna सें usne loda choos rahi ldki केँ munh मे virya bhar दिया औऱ khud fatafat uth krr apne vastra theek kiye। Aanchal ko woh jaane kaa chance dene wala नहि thaa, इसलिये usne जब Aanchal ko baichain hotha देखा too fatafat waiting kamara मे aa गय़ा.
Aanchal ne देखा safed vastra pehne hue लम्बा chauda dadiwala baba h औऱ उसकी chaudi chati baalon सें bhari h। Uski naino मे बहोत bijli औऱ tej thaa। Aanchal ne uthkar usko hath jode औऱ nazaren jhukakar khadi hu gai। Swami Bhoganand ne un dono सें baithne ko कहा औऱ unki pareshani puchi। jb Saas ne bataya कि shaadi ko 6 mahine hu gaye h औऱ bahu pregnant नहि hoyi h, too nayee naweli shadishuda Aanchal ko seduce karne केँ khayal सें swami कि laar tapakne lagi.
Usne Aanchal ko apne pass bulaya औऱ फिन एक् hath सें उसके baalon ko sehlate hue, उसकी naino मे aankhe dalker dhime swar मे pucha, “ tumhara pichla period कबआया thaa ?”
Swami केँ apne period केँ bare मे puchne सें Aanchal ekdum सें sharma gai औऱ फिन nazren नीचे karke usne date bata di.
Swami ne fatafat man hi man date kaa hisaab lagaya औऱ फिन Saas सें बोला, “ aj सें दोदिन बाद yani कि parso सें Aanchal ko lagatar 3 दिन tak Ashram मे आनां hoga। Tadke subah 5:30 baje aa jana। me iske liye तीन ghante tak special puja karunga औऱ उसकेबाद कुछ khaas jadi buti dawai केँ liye dunga। Us dawai ko Aanchal ko tisri rath ko apne shauhar केँ sath sex सें pahle khana hoga। or guarantee h कि agle period aane सें pahle hi yeh pregnant hu jayegi.”
yeh sunkar Saas बहोत khus hoyi औऱ Swami Bhoganand ko baar baar shukriya dene lagi। fir usne swami ko special puja केँ liye 25000 rupiye diye। Saas ne swami सें कहा कि parso subah theek 5:30 baje woh dono ashram मे hazir hu jayengi.
Swami Bhoganand बोला, “ aree नहि नहि ….Aapko aane कि jarurat नहि h। Sirf Aanchal ko hi bhejna। Aapke aane सें puja मे dushprabhav pad jayega औऱ फिन fal नहि milega। iss liye ap mat आनां वरना Aanchal pregnant नहि hongi.”
yeh sunkar Saas dar gai औऱ hath jodkar boli, “ अगर मेरे aane सें puja bura hu jayegi too me नहि aaungi, Bahu ko akele hi bhej dungi.”
Swami बोला, “ ha एक् बात औऱ….jb tak Aanchal ashram मे aati rahegi, iske shauhar ko bistar मे Aanchal सें dur rehna hoga। Tabhi puja safal hongi.”
Dono Saas bahu ashram सें घऱ aa gai। Aanchal ko apni Saas kaa yeh natak मनपसंद नहि aa raha thaa। woh chah rahi thi कि Sunil kaa sex kamzoori kaa ilaz hu औऱ उसकी saas Aanchal kaa hi ilaz karwane पर्र tuli thi। Usne socha, yeh budiya khali मेरे सें idhar udhar केँ faltu chakkar lagwa rahi h, muze क्याँ हुआ h me too theek hoon, muze pareshan karne कि bajay apne bete kaa kamjoori kaa ilaz karwa leti too jyada अच्छा rehta.
halanki अब too Saas 25000 rupiye bi puja केँ liye de chuki thi, अब mana krna मुश्किल thaa इसलिये Aanchal ko na chahte hue bi swami केँ pas puja केँ liye jana pada.
Puja केँ दिन subah Sunil usko gaadi मे Ashram केँ gate tak chod गय़ा औऱ dophar मे lene aaunga bolkar chala गय़ा। Itni subah abi बाहर् ujala नहि हुआ thaa, halka andhera hi thaa। Aanchal usi waiting kamara मे jaker baith gai। juldi hi दो ladkiyan वहा aayi, unhone sirf एक् safed vastra apne badan पर्र dala हुआ thaa। Aanchal ne hairani सें देखा us safed kapde केँ andar unhone कुछ bi नहि pehna thaa औऱ unki chuchiyan औऱ chut केँ ऊपर केँ kale kale baal safed kapde सें saaf dikh rahe the। Unhone Aanchal सें apne sath chalne ko कहा।
woh dono Aanchal ko एक् ayese kamre मे le gai jahan sirf candles jal rahi thi। fir unhone Aanchal सें apne saare kapde utarkar nagn hone ko कहा क्योंकि Puja सें pahle Aanchal ko pavitra jal सें nehla केँ suddha krna hoga। Aanchal केँ chehre केँ bhav dekhkar woh ldki boli ismein ghabrane कि कोईबात नहि h.
halanki Aanchal nangi hone ko taiyar नहि hoyi। Dono ladkiyon ne बहोत jor दिया कि special puja केँ liye sabhi auraton ko aesa hi krna padta h। pr Aanchal नहि mani। Thodi der tak samjhane केँ बाद woh dono ladkiyan Aanchal ko akele chorkar chale gai।
Kuch der बाद Swami Bhoganand khud us kamre मे आया औऱ Aanchal सें कहा कि jaisa jaisa tumko bataya गय़ा h waisa tumko krna padega। Swami कि chamakti naino kaa samna Aanchal नहि krr payi औऱ usne hami bhar di। Swami kamre सें बाहर् chala गय़ा औऱ woh dono ladkiyan फिन सें kamre मे aayi।
fir unhone Aanchal केँ kapde एक् एक् krr utarne shuru krr diye। Aanchal ko ptaa नहि thaa पर्र kamre मे एक् bade kale parde केँ piche सें Swami Bhoganand, Aanchal ko nirvastra hote hue dekh raha thaa। Aanchal ne apne kapde utare औऱ फिन woh sirf bra panty मे rha gai। Swami sab dekh raha thaa। fir Aanchal ne apni bra bi utar di। Uski dudh jaisi gori badi badi chuchiyan अब nagn thi। fir usne apni panty bi utar di। Swami ne देखा उसकी madak chut केँ ऊपर kale kale baalon kaa ghera h। Swami Bhoganand kaa loda tan tanakar khada hu गय़ा.
fir un ladkiyon ne Aanchal ko farsh पर्र lita दिया औऱ एक् sugandhit tel ko उसके badan पऱ malne lagi। Unhone dhire dhire उसके badan पर्र tel malna shuru किया औऱ chuchiyon पऱ कुछ jyada hi der tak masalte hue tel lagaya। Tel कि bhini bhini khusboo औऱ ladkiyon केँ apni chuchiyon ko masalne सें अब Aanchal ko uttezna aane lagi। Uski chuchiyon केँ nipple tan केँ khade hu gaye औऱ usko apni chut मे ras nikalta ehsaas हुआ। un ladkiyon केँ hathon केँ उसके nange badan पर्र sparsh सें उसकी halki halki siskariyan nikalne lagi.
Aanchal ko uttezit hote dekhkar, ladkiyan एक् doosre ko dekhkar muskurai। Unhone na zane kitni jawaan auraton केँ ऊपर yeh uttezit karne kaa tarika apnaya thaa। woh dono apne काम मे अब mahir hu chuki thi। woh dono samajh gai अब iski chudayi केँ raste khul gaye haen.
Malish केँ dauran unhone Aanchal कि chut केँ hothon केँ ऊपर bi tel lagaya, वहा gilapan dekhkar woh samajh gai yeh ldki too kamuk h। abi humne iski clit ko masla bi नहि h औऱ यहा iska chut ras nikalna shuru hu गय़ा h, yeh too juldi hi uttezit hu gai। Swami Bhoganand yeh sab parde केँ piche सें dekhkar अपना loda masal raha thaa, yeh too juldi hi gili hone lagi h, बहोत kamuk lagti h.
Ladkiyon केँ malish karne सें Aanchal sisak rahi thi, “ aahhhhh……aahhhh….uiiiiiiii….”
“acha lag raha h tumko ?” Ek ldki ne pucha.
Aanchal ne jor सें siskariyan bharte hue jawab दिया, “ ahh…ha….बहोत अच्छा….unnnnnaaahhhh…”
Ab us thande farsh पर्र nangi padi Aanchal puri prakaar सें uttezna मे bhar chuki thi। Usne एक् ldki कि chuchi पऱ अपना hath pher दिया। pr us ldki ne Aanchal केँ hath पऱ एक् thappad markar jhatak दिया।
or use jhidakte hue boli, “ yeh tu क्याँ krr rahi h ?”
Aanchal madhoshi मे kehne lagi, “ aahhhh…idhar aao ….मेरे pass aao…., please ….aahhh….” woh un adhnangi ladkiyon केँ badan ko chuna chah rahi thi पर्र unhone use hath नहि lagane दिया।
fir un ladkiyon ko laga कि अब Aanchal ko orgasm aa jane wala h औऱ yeh jhadne wali h too unhone उसके badan कि malish rok di। Unko Swami bhoganand ne saaf nirdesh de rakkha thaa कि isko chudayi केँ liye taiyar krr केँ rakho मगर khud उसके sath कुछ mat krna, bus uttezit karke tadpa केँ chor देना.
Unhone Aanchal ko farsh सें uthaya औऱ एक् patla pardarshi safed kapda pehna दिया jisse उसका badan औऱ bi kamuk lag raha thaa। fir woh Aanchal ko एक् kamre मे le gai औऱ वहा farsh पर्र baitha दिया। Aanchal abi bi uttezna सें tej tej sanse le rahi thi.
fir Swami Bhoganand us kamre मे आया, use dekhkar tino khadi hu gai औऱ usko hath jodkar pranam किया। woh Aanchal केँ pass आया औऱ एक् jhatke मे उसका safed vastra khinch लिया। Ab Aanchal puri nagn thi। uskah poora badan tel औऱ pasine सें bhigkar bijli raha thaa औऱ chut केँ kale baal bhigkar aapas मे ulajh gaye the। Swami केँ tej ko nagn Aanchal sah नहि payi औऱ usne kamzori si ehsaas कि तब un dono ladkiyon ne use sahara दिया.
Swami ne एक् balti सें Aanchal केँ ऊपर barfila thanda paani daal दिया। Aanchal कि sanse tham si gai औऱ woh hakbakar jor सें chilla padi। fir Swami ne एक् towel लिया औऱ Aanchal kaa badan pochne laga। woh kaafi der tak उसकी gori badi chuchiyon ko towel सें ragadta raha औऱ फिन नीचे janghon ko towel सें pocha। Uske बाद chut ko bi pochne केँ bahane towel सें kaafi der tak ragda। Rough towel केँ iss prakaar apne badan, chuchiyon औऱ chut पऱ der tak mal mal krr ragde jane सें Aanchal madhoshi मे jor jor सें siskariyan lene lagi औऱ उसकी chut सें ras bahne laga। fir swami ne apne vastra utar diye औऱ Aanchal केँ samne अब woh bi puri prakaar सें nagn hu गय़ा.
Aanchal ne apne samne us lambe chaude swami ko nange khada देखा, उसका mota loda khuli hawa मे jhatke kha raha thaa। Aanchal siskariyan leti hoyi ghutne केँ bal baith gai औऱ Swami kaa loda munh मे lene lagi।
halanki Swami ne usko rok दिया औऱ बोला, “ yeh क्याँ krr rahi hu tm?”
“ahhhh…….muze choosna h, please……? ”, roke jane सें nirash hote hue Aanchal boli.
“tm hosh मे too hu ? shadishuda stri hokar bi tm yeh क्याँ krr rahi hu ?” Swami बोला.
Aanchal अब uttezna सें tadap rahi thi औऱ woh chudayi केँ liye taras rahi thi.
Usne कहा, “ muze chodo….ha muze chodo swamiji…please….”
halanki usko ptaa नहि thaa कि kamre मे lage camera सें yeh sab record hu raha h, asal बात yeh thi कि Swami Bhoganand kaa बहोत nam औऱ aadar thaa, इसलिये Aanchal कि sex केँ liye sahmati बहोत jaruri thi। Ab woh khud apne munh सें chodne केँ liye kah rahi thi joo कि record hu chuka thaa। Agar कोई stri बाद मे khud ya kisi केँ dabav मे aakar Swami Bhoganand पर्र rape kaa ilzam lagati too Swami उसके gharwalon ko woh tape dikha sakta thaa कि yeh too khud hi chodne ko bol rahi thi। Us Ashram मे sabhi auraton केँ sath aesa hi tape banaya jata thaa jisme unko uttezit karke itna tadpaya jata thaa कि woh khud hi chodne ko bolti thi।
abi tak Swami Bhoganand ko कभी bi un tapes kaa istemal karne कि jarurat नहि padi thi क्योंकि kisi bi stri ne उसके khilaf complaint नहि kari। halanki एक् mamla aesa thaa जब Swami ne tape kaa use किया thaa। huwa yeh कि एक् baar Swami ko एक् politician सें काम pada, too us काम ko karne केँ badle मे usne एक् stri ko कहा कि tm 2 ghante केँ liye us moti taund wale neta केँ pass jakar usko khus krr दो, naheen too me tumhara tape तुंहारे gharwalon ko dikha dunga। iss prakaar Swami ne us stri ko bhejkar neta सें अपनाकाम nikalwa लिया।
Us ashram मे sabhi jawaan shadishuda auratein apni Saas केँ sath aati thi औऱ isi prakaar Swami Bhoganand un sab ko chodta thaa.
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
मगर आँचल केँ मामले मे स्वामी यह देखकर खुश थां कि यह हसीन महिला तौ स्वयं हि चुदवाने कों इतना बेचैन हैं। क्यूंकी वोँ अपनी सेक्स लाइफ सें संतुष्ट नहीं थि, बाकी औरतें इतनी जल्द गर्म नहीं होती औऱ बहोत नाँ नुकुर नखरे करतीथीं। आँचल कों उत्तेजना सें तड़पता देखकर स्वामी सोचने लगा, इसको चोदने मे तोँ बहोत हि मजा आएगा.
आँचल जबसे मायके सें आई थि, तबसे उसकीढंग सें चुदाई नहि हौ पाई थि। मायके मे रामू औऱ दूसरे नौकर नें रामू केँ कमरे मे उसकोजी भरके छोड़ा थां मगरउस बात कों अब काफ़ी दिनबीत चुके थें। एक् अच्छी चुदाई केँ लिए वोँ तरसरही थि। अपने सामने खड़े नंगे स्वामी औऱ उसके फनफनाते लन्ड कों देखकर उसकी बुर गीली होँ गयीँ, औऱ रस निकलकर जांघों मे बहनेलगा.
आश्रम मे पहलेदो लड़कियों नें जिस्म कि मालिश करकेउसे उत्तेजित किया थां फिन स्वामी नें टॉवेल सें शरीर रगड़कर औऱ उत्तेजित कर दिया थां। आँचल नें देखायह स्वामी कां जिस्म तोँ किसी पहलवान जैसा लंबा चौड़ा हैं, वोँ उसका लन्ड अपनी बुर मे लेने कों मचलउठी। मगर उसकीसमझ मे नहीं आँ रहा थां कि स्वामी उसकोमना क्यूं कररहा हैं ?
“मुझेचोद स्वामी …ओह…”, आँचल नें फिन सें कहा.
स्वामी घुटनो केँ बल अपने सामने बैठी हसीन आँचल केँ मुँह सें यह शब्द सुनकर बहोत खुशहुआ औऱ अपने लन्ड कों हाथ मे पकड़कर, आँचल केँ चेहरे केँ लगभग लाया। आँचल नें लन्ड मुँह मे लेने केँ लिए होंठखोल दिएमगर स्वामी उसको तड़पाते हुए लन्ड कों मुँह केँ अंदर डालने केँ बजे होठों केँ दोनोतरफ घुमाने लगा। उसने देखा कि यह स्त्री मेरे लन्ड कों अपने मुँह मे लेने कों कितना प्यास रही हैं। उसने हंसते हुए अपने लन्ड सें आँचल केँ गाल पऱ दोतीन थप्पड़ मारे औऱ फिनउन दोनो लड़कियों सें आँचल कों दूसरे कमरे मे लेँ जाने कों कहा.
वोँ दोनो लड़कियाँ आँचल कों पकड़कर एक् दूसरे कमरे मे लेँ गयीँ,। उस कमरे केँ बीच मे एक् बड़ाबेड थां औऱ पूरीछत पर्र शीशे (मिरर्स) लगेहुए थें। कमरे मे एसीलगा हुआ थां औऱ दीवारों पर्र हरतरफ संभोग करते महिला-पुरुषों कि पिक्चर्स लगी हुई थि।
स्वामी कमरे मे आया औऱ उन दोनो लड़कियों सें बाहर् जाने कों कहा.जब वोँ दोनो बाहर् चली गई, तौ उसने आँचल कों उठाया औऱ बेड पर्र पटक दिया। आँचल स्वामी कि ताक़त देखकर हैरान रह गई,। उसने आँचल कों एक् बच्चे केँ जैसेउठा लिया थां औऱ बेड पऱ फेंक दिया। आँचल कि कद 5’4” थि औऱ वेट 62 किलो थां। औऱ स्वामी नें बिना तकलीफ़ केँ उसेउठा केँ नरमखाट पर्र पटक दिया थां। वोँ स्वामी सें इंप्रेस होकर उसके चोदने कां इंतजार करनेलगी.
आँचल कों बेड पऱ पड़ेहुए अपना इंतजार करते देखकर स्वामी भोगानंद मुस्कुराया औऱ बोला, “ तुम्हारा पति तुम्हें बच्चा नहींदे सकता, कोईबात नहीं……….मे तुम्हें बच्चा दूँगा.”
जवाब मे आँचल सिर्फ़ सिसकारियाँ लेतीरही। स्वामी नें अपना लन्ड आँचल कि प्यासी परंतु गीली बुर पर्र लगाया औऱ उत्तेजना सें फूलेहुए बुर केँ होठों केँ भीतर डालकर एक् झटके मे सुपाड़ा अंदर घुसा दिया।
“अहह…उन्न्ञन्….ओइईईईईईईई…माआआआअ….”, आँचल कि टाइट बुर कि दीवारों कों फैलाते हुए जैसे हि सुपाड़ा अंदर घुसा, आँचल केँ मुँह सें चीख निकल गई,.
फिन पूरे लन्ड कों आँचल कि बुर मे गहराई तक घुसाकर स्वामी नें लम्बे मगर धीमे स्ट्रोक लगाने शुरुआत करदिए। स्वामी केँ ताकतवर धक्कों सें आँचल कां बदनहिल गय़ा। उत्तेजना मे अब वोँ भि अपनी गांडऊपर कों उछालकर स्वामी केँ धक्कों कां जवाब देनेलगी.
“उंगग्घह….आहह-आहह……औऱ ज़ोर सें चोदो ……आहह-आहह”, आँचल नें स्वामीजी सें आग्रह किया.
स्वामी आँचल कि बुर कि टाइटनेस सें बड़ाखुश हुआ कि इस शादीशुदा महिला कि बुर तोँ कुँवारी लड़की जैसी टाइट हैं, अवश्य इसके पति कां लन्ड पतला होगा जिससे बुर फैल नाँ पाने सें टाइट हि रह गई, हैं। उसने आँचल केँ आग्रह करने पर्र फटाफट तेजतेज धक्के लगाने शुरुआत करदिए। तेजतेज धक्कों सें आँचल कि बड़ी बड़ी गोरी चूचियाँ धक्कों केँ संग हि तेज़ी सें हिलने लगी.इस मादक दृश्य कों देखकर स्वामी कामानंद सें पागल हौ उठा औऱ कुछदेर तक धक्के लगाने केँ बाद सुंदर आँचल कि टाइट बुर कों उसने अपने गर्म वीर्य सें पूराभर दिया.
आँचल नें अपनी बुर मे गर्म वीर्य कों महसूस किया औऱ इसबात कां शुक्र मनाया कि उसनेपिल लें ली थि, नहीं तोँ इतने वीर्य केँ अपनी बुर कि गहराई मे घुसने सें वोँ अवश्य प्रेग्नेंट हौ जाती.
तभी स्वामी नें उसको गुड़िया केँ जैसे उठाया औऱ अपनीगोद मे बैठा लिया.फिन वोँ आँचल केँ सुंदर चेहरे कों चूमने, चाटने लगा औऱ बड़ी बड़ी चूचियों कों मसलने औऱ दांतो सें काटने लगा।
उसके चेहरे कों चाटते हुए स्वामी बोला, “ अच्छा लगा तुम्हें ?”
“ उम्म्म्म….स्वामीजी….उउउम्म्म्मम.”, आँचल नें मदहोशी मे जवाब दिया।
उसके नितंबों मे नीचे सें स्वामी कां खड़ा लन्ड चुभरहा थां.
फिन स्वामी नें आँचल कि दोनो टांगों कों आपस मे चिपका कर सीधाऊपर कों कर दिया औऱ उसकी बुर मे लन्ड डाल दिया। दोनो टांगों केँ आपस मे सटे होने सें इस पोज़ मे आँचल कि बुर औऱ भि टाइट हौ गई, औऱ स्वामी केँ मोटे लन्ड सें आँचल कों लगा कि उसकी बुर कि दीवारें बिल्कुल स्ट्रेच होँ गयीँ, हें। फिन स्वामी नें आँचल कों अपनीगोद मे उछालना शुरुआत किया औऱ उसका लन्ड किसी पिस्टन कि तरह बुर मे अंदर बाहर् होनेलगा। आँचल कि चूचियाँ स्वामी केँ चेहरे केँ सामने उछलने लगी। स्वामी नें उनपर मुँह लगाकर उन्हे जितना हौ सके मुँह मे भर लिया औऱ उनपर दाँत काटने लगा। आँचल उत्तेजना औऱ दर्द सें चीखने लगी.फिन आँचल कों गोद मे उछालकर चोदते हुए स्वामी नें उसकी गांड केँ छेद मे अपनी उंगली डाल दि.
आँचल उत्तेजना सें सिसकारियाँ लें रही थि, गांड मे उंगली जाने सें उसको बर्दाश्त सें बाहर् होँ गय़ा औऱ ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेतेहुए उसको जबरदस्त ओर्गास्म आँ गय़ा, कामसुख औऱ दर्द कि लहरें उसके शरीर मे उठी औऱ वोँ झड़ गई,। वोँ ज़ोर सें चिल्लाई, ” स्वामीईई………। उईईईईईई……… माआआआअ….”
फिन स्वामी नें अपना लन्ड उसकी बुर सें बाहर् निकाल लिया औऱ उसकोगोद मे उठाकर बेड पऱ लें गय़ा। बेड मे बिठाकर उसने आँचल सें उस उंगली कों चूसने कों कहा जोँ आँचल कि गांड मे घुसाई थि। आँचल केँ चेहरे पऱ आए ह्युमिलिएशन केँ भाव देखकर उसे बहोत मजाआया। फिन उसने आँचल कों पलटकर घुटनो केँ बल कुतिया बना दिया.फिन उसके बड़ेगोल नितंबों कों हाथ सें मसलते हुए डॉगी पोज़ मे लन्ड आँचल कि बुर मे डाल दिया। चोदते चोदते स्वामी आँचल केँ नितंबों पऱ थप्पड़ मारने लगा। आँचल कों चुदाई कां मजा औऱ थप्पड़ कां दर्द एक् संग मिलने लगा। स्वामी उत्तेजना सें पागल होकर आँचल कों बुरीतरह सें रौंदने लगा औऱ संग हि संग नितंबों पऱ थप्पड़ भि लगाता रहा। थप्पड़ों कि मार सें आँचल केँ नितंबों पर्र लाल निशान बनगये। अपनी बुर पर्र स्वामी केँ लन्ड सें पड़ते धक्कों सें उसको ओर्गास्म पर्र ओर्गास्म आतेरहे औऱ वोँ ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेतेहुए कईबार झड़ गई,। स्वामी नें भि आँचल कि बुर अपने वीर्य सें एक् बारफिन सें भर दि औऱ उसके शरीर पऱ हि लेट गय़ा। स्वामी केँ वेट सें आँचल कां शरीरदब गय़ा औऱ वोँ दोनो पसीने सें भीगेहुए कुछसमय तक ऐसे हि लेटेरहे.
फिन स्वामी आँचल केँ ऊपर सें हटकरबगल मे लेट गय़ा। तभी वोँ दोनो लड़कियाँ कमरे मे आई औऱ उन्होने आँचल कों बेड सें उठाया। आँचल लड़खड़ाते कदमों सें उनकीमदद सें चलनेलगी। आँचल नें देखा स्वामी बेड पर्र लेटेहुए मुस्कुरा रहा हैं.
स्वामी बोला, “ कलफिन ठीकसमय पर्र आँ जानां। औऱ चोदना हैं तुम्हें.”
आँचल नें झिझकते हुएकहा, “ आऊँगी…”
तौ यह थि स्वामी कि स्पेशल पूजा जिसके लिए उसने आँचल कि सासू माँ सें 25000 रुपये रखवालिए थें.
फिन वोँ दोनो लड़कियाँ आँचल कों बाथरूम मे लेँ गयीँ,। वहा उन्होने आँचल केँ शरीर मे साबुन लगाया औऱ शावर केँ नीचे ठंडे पानी सें उसे नहलाने लगी.
तभी बाथरूम मे स्वामी आँ गय़ा। उसका लन्ड तन केँ खड़ा थां। उसने आँचल कों अपनीतरफ खींचा। फिन उसकी एक् टाँग उठाकर एक् धक्का मारकर लन्ड फिन सें बुर मे घुसेड दिया.
इस अचानक हुए हमले सें आँचल सिसकउठी, “….ह….उउउनघगह…”
स्वामी नें उसको एक् हाथ सें सपोर्ट देतेहुए ज़ोर ज़ोर सें खड़े खड़े हि चोदना शुरुआत कर दिया.
दोनो लड़कियाँ आँख फाडे हैरानी सें यहसभी देखरही थि। ऐसा पहलेकभी नहींहुआ थां। शायद स्वामी नें आँचल जैसी मादक महिला पहलेकभी नहीं देखी थि। वोँ अपने आश्रम केँ कायदे भि भूल गय़ा औऱ अपनी सेविकाओ केँ सामने हि अपनी कामान्धता सें पागल होँ गय़ा.
अपने सामने आँचल कों स्वामी सें चुदते देखकर वोँ दोनो लड़कियाँ भि उत्तेजित होँ गई,। आँचल ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेतेहुए चुदरही थि। अब उनमे सें एक् लड़की सें रहा नहीं गय़ा औऱ उसने अपनी बुर मे उंगली डालकर मूठ मारनी शुरुआत कर दि.
जोरदार चुदाई सें स्वामी औऱ आँचल एक् बार औऱ झड़गये। फिन अपना मुरझाया हुआ लन्ड लेकर स्वामी बाथरूम सें बाहर् चला गय़ा। आँचल कि टाँगे कंपकपा रही थि वोँ फर्श पर्र शावर केँ नीचेगिर पड़ी।
स्वामी केँ जाने केँ बाद वोँ दोनो लड़कियाँ आँचल पऱ टूट पड़ी। उनमे सें एक् नें आँचल केँ चेहरे औऱ चूचियों कों चूमना, चाटना शुरुआत कर दिया औऱ दूसरी लड़की आँचल कि बुर चाटने लगी.उन दोनो लड़कियों नें आँचल कों फिन औऱ कईबार झड़ा दिया.
थोड़ी देरबाद स्वामी फिनवहा आया औऱ आँचल सें सजधजकर होने कों कहनेलगा क्यूंकी उसका पति सुनील उसेघऱ लें जाने आँ चुका थां औऱ वेटिंग रूम मे बैठ उसका इंतजार कररहा थां.
वोँ दोनो लड़कियाँ आँचल कों कपड़े पहनाने लगी। आँचलमन हि मन सोचने लगी 4 घंटे केसे निकलगये पता हि नहींचला। क्याँ मस्त चुदाई कां मजा मिला हैं मुझेआज.
आँचल स्वामीजी केँ संग वेटिंग रूम मे आई, सुनील नें स्वामी कों देखकर हाथ जोड़दिए। आँचल केँ चेहरे पर्र परम संतुष्टि केँ भाव देखकर सुनील खुशहुआ, उसने सोचा पूजा बहोत अच्छी तरह सें हुईँ, लगरहा हैं.
स्वामी नें सुनील सें कहा, “ कल इसकोफिन समय पर्र लेँ आनां.”
औऱ फिन आँचल केँ चेहरे पऱ आईशरम कों देखकर मुस्कुराने लगा.
घऱ पहुँचने केँ बाद सुनील वापस फैक्ट्री चला गय़ा।
दोपहर का खाना वक्त मे आँचल केँ ससुरजी नें उससे पूछा, “ पूजा कैसीरही ?”
आँचल नें सर झुकाकर जवाब दिया, “ स्वामीजी नें बहोत अच्छे ढंग सें पूजा कि.”
फिन ससुरजी बोला, ”कल मे तुम्हें पूजा केँ बाद आश्रम सें लेने आऊँगा क्यूंकी बैंक मे कुछ पेपर्स पर्र तुम्हारे साइन करवाने हें.”
मगर आँचल कों मालूम नहीं थां कि ठरकी बुड्ढा बैंक केँ बहाने सें उसकोउसी मित्र केँ होटेल मे लेँ जानां चाहता हैं जहाँ वोँ अपनेयार केँ संग मिलकर कभीकभी रंडी चोदता हैं। ससुरजी मन हि मनसोच रहा थां कल तौ होटेल मे इस सेक्सी बहू कों मे चोदूँगा हि चोदूँगा.
halanki Aanchal केँ mamle मे swami yeh dekhkar खुश thaa कि yeh haseen stri too khud hi chudwane ko itna baichain h। kyonki woh apni sex life सें santust नहि thi, baki auratein itni juldi garam नहि hoty औऱ बहोत na nukur nakhre krti thi। Aanchal ko uttezna सें tadapta dekhkar swami sochne laga, isko chodne मे too बहोत hi majaa aayega.
Aanchal jabse mayke सें aayi thi, tabse उसकी dhang सें chudayi naho hu payi thi। Mayke मे Ramu औऱ doosre naukar ne Ramu केँ kamre मे usko ji bharke choda thaa मगर us बात ko अब kaafi दिन beet chuke the। Ek achchi chudayi केँ liye woh taras rahi thi। Apne samne khade nange swami औऱ उसके fanfanate loda ko dekhkar उसकी chut gili hu gai औऱ ras nikalkar jhanghon मे behne laga.
Ashram मे pahle दो ladkiyon ne badan कि malish karke use uttezit किया thaa फिन swami ne towel सें badan ragadkar औऱ uttezit krr दिया thaa। Aanchal ne देखा yeh swami kaa sharir too kisi pehalwan jaisa लम्बा chauda h, woh उसका loda apni chut मे lene ko machal uthi। halanki उसकी samajh मे नहि aa raha thaa कि swami usko mana kyun krr raha h ?
“muze chodo swami …ohhhhhh…”, Aanchal ne फिन सें कहा.
Swami ghutno केँ bal apne samne baithi haseen Aanchal केँ munh सें yeh sabd sunkar बहोत खुशहुआ औऱ apne loda ko hath मे pakadkar, Aanchal केँ chehre केँ kareeb laya। Aanchal ne loda munh मे lene केँ liye hoth khol diye मगर swami usko tadpate hue loda ko munh केँ andar dalne केँ bajay hothon केँ dono tarf ghumane laga। Usne देखा कि yeh stri मेरे loda ko apne munh मे lene ko kitna tadap rahi h। Usne hanste hue apne loda सें Aanchal केँ gaal पऱ दोतीन thappad mare औऱ फिन un dono ladkiyon सें Aanchal ko doosre kamre मे le jane ko कहा.
woh dono ladkiyan Aanchal ko pakadkar एक् doosre kamre मे le gai। Us kamreke beech मे एक् बड़ा bed thaa औऱ puri chat पऱ shishe (mirrors) lage hue the। kamre मे AC laga हुआ thaa औऱ diwaron पर्र har tarf sambhog karte aurat-purushon कि pictures lagi hoyi thi।
Swami kamre मे आया औऱ un dono ladkiyon सें बाहर् jane ko कहा। jb woh dono बाहर् chali gai too usne Aanchal ko uthaya औऱ bed पर्र patak दिया। Aanchal swami कि takat dekhkar हैरान rha gai। Usne Aanchal ko एक् bacche केँ जैसे utha लिया thaa औऱ bed पर्र phenk दिया। Aanchal कि height 5’4” thi औऱ weight 62kg thaa। or swami ne bina samasya केँ use utha केँ naram bistar पऱ patak दिया thaa। woh swami सें impress hokar उसके chodne kaa intzaar karne lagi.
Aanchal ko bed पऱ pade hue अपना intzar karte dekhkar swami Bhoganand muskuraya औऱ बोला, “ tumhara shauhar tumhe baccha नहि de sakta, कोईबात नहि……….me tumhe baccha dunga.”
Jawab मे Aanchal sirf siskariyan leti rahi। Swami ne अपना loda Aanchal कि pyasi parantu gili chut पऱ lagaya औऱ uttezna सें phule hue chut केँ hothon केँ bhitar dalkar एक् jhatke मे supdaa andar ghusa दिया।
“ahhh…unnnn….oiiiiiiiiii…maaaaaaaaa….”, Aanchal कि tight chut कि diwaron ko failate hue जैसे hi supdaa andar ghusa, Aanchal केँ munh सें chikh nikal gai.
fir pure loda ko Aanchal कि chut मे gehrayi tak ghusakar swami ne lumbe मगर dhime stroke lagane shuru krr diye। Swami केँ takatwar dhakkon सें Aanchal kaa jism hil गय़ा। Uttezna मे अब woh bi apni gaand ऊपर ko uchalkar swami केँ dhakkon kaa jawab dene lagi.
“unggghhhh….ahhhhh……औऱ jor सें chodo ……ahhhhhhh”, Aanchal ne swamiji सें agrah किया.
Swami Aanchal कि chut कि tightness सें बड़ाखुश हुआ कि iss shadishuda stri कि chut too kunwari ldki jaisi tight h, jaroor iske shauhar kaa loda patla hoga jisse chut fail na pane सें tight hi rha gai h। Usne Aanchal केँ agrah karne पर्र fatafat tej tej dhakke lagane shuru krr diye। Tej tej dhakkon सें Aanchal कि badi badi gori chuchiyan dhakkon केँ sath hi teji सें hilne lagi। iss madak drishya ko dekhkar swami kamanand सें pagal hu utha औऱ कुछ der tak dhake lagan eke बाद haseen Aanchal कि tight chut ko usne apne garam virya सें poora bhar दिया.
Aanchal ne apni chut मे garam virya ko ehsaas किया औऱ iss बात kaa shukra manaya कि usne pill le li thi, नहि too itne virya केँ apni chut कि gehrayi मे ghusne सें woh jarur pregnant hu jati.
Tabhi Swami ne usko gudiya केँ जैसे uthaya औऱ apni god मे baitha लिया। fir woh Aanchal केँ haseen chehre ko choomne, chatne laga औऱ badi badi chuchiyon ko masalne औऱ danto सें katne laga।
Uske chehre ko chat-te hue Swami बोला, “ acha laga tumhe ?”
“ ummmm….swamiji….uuummmmm.”, Aanchal ne madhoshi मे jawab दिया।
Uske nitambon मे नीचे सें Swami kaa khada loda chubh raha thaa.
fir Swami ne Aanchal कि dono tango ko aapas मे chipka krr sidha ऊपर ko krr दिया औऱ उसकी chut मे loda dal दिया। Dono tango केँ aapas मे sate hone सें iss pose मे Aanchal कि chut औऱ bi tight hu gai औऱ Swami केँ mote loda सें Aanchal ko laga कि उसकी chut कि diwaren bilkul stretch hu gai h। fir swami ne Aanchal ko apni god मे uchalna shuru किया औऱ उसका loda kisi piston कि prakaar chut मे andar बाहर् hone laga। Aanchal कि chuchiyan Swami केँ chehre केँ samne uchalne lagi। Swami ne unpar munh lagakar unhe jitna hu sake munh मे bhar लिया औऱ unpar dant katne laga। Aanchal uttezna औऱ durd सें chikhne lagi। fir Aanchal ko god मे uchal krr chodtay hue Swami ne उसकी gaand केँ ched मे apni ungli dal di.
Aanchal uttezna सें siskariyan le rahi thi, gaand मे ungli jane सें usko bardast सें बाहर् hu गय़ा औऱ jor jor सें siskariyan lete hue usko jabardast orgasm aa गय़ा, kamsukh औऱ durd कि lehren उसके jism मे uthi औऱ woh jhad gai। woh jor सें chillayi, ” swamiiiii………। uiiiiiiii……… maaaaaaaaa….”
fir Swami ne अपना loda उसकी chut सें बाहर् nikal लिया औऱ usko god मे uthakar bed पऱ le गय़ा। Bed मे bithakar usne Aanchal सें us ungli ko choosne ko कहा joo Aanchal कि gaand मे ghusayi thi। Aanchal केँ chehre पर्र aaye humiliation केँ bhav dekhkar use बहोत majaa आया। fir usne Aanchal ko palat krr Ghutno केँ bal kutia bnaa दिया। fir उसके bade gol nitambon ko hath सें masalte hue doggy pose मे loda Aanchal कि chut मे dal दिया। chodtay chodtay Swami Aanchal केँ nitambon पऱ thappad marne laga। Aanchal ko chudayi kaa sukh औऱ thappad kaa durd एक् sath milne laga। Swami uttezna सें pagal hokar Aanchal ko buri prakaar सें raudne laga औऱ sath hi sath nitambon पऱ thappad bi lagata raha। Thappadon कि maar सें Aanchal केँ nitambon पर्र laal nishan ban gaye। Apni chut पर्र Swami केँ loda सें padte dhakkon सें usko orgasm पर्र orgasm आते rahe औऱ woh jor jor सें siskariyan lete hue कई baar jhad gai। Swami ne bi Aanchal कि chut apne virya सें एक् bar फिन सें bhar di औऱ उसके badan पऱ hi let गय़ा। Swami केँ weight सें Aanchal kaa badan dab गय़ा औऱ woh dono pasine सें bhige hue कुछ pal tak ayese hi lete rahe.
fir Swami Aanchal केँ ऊपर सें hat krr bagal मे let गय़ा। Tabhi woh dono ladkiyan kamre मे aayi औऱ unhone Aanchal ko bed सें uthaya। Aanchal ladkhadate kadmon सें unki sahayta सें chalne lagi। Aanchal ne देखा Swami bed पऱ lete hue muskura raha h.
Swami बोला, “ कलफिन theek waqt पर्र aa jana। औऱ chodna h tumhe.”
“Aanchal ne jhijhakte hue कहा, “ Aaungi…”
too yeh thi Swami कि special puja jiske liye usne Aanchal कि Saas सें 25000 rupiye rakhwa liye the.
fir woh dono ladkiyan Aanchal ko batroom मे le gai। Wahan unhone Aanchal केँ badan मे sabun lagaya औऱ shower केँ नीचे thande paani सें use nahlane lagi.
Tabhi batroom मे Swami aa गय़ा। uskah loda tun केँ khada thaa। Usne Aanchal ko apni tarf khincha। fir उसकी एक् tang uthakar एक् dhakka markar loda फिन सें chut मे ghused दिया.
iss achanak hue hamle सें Aanchal sisak uthi, “….Ahhhh….uuunghhhghhhh…”
Swami ne usko एक् hath सें support dete hue jor jor सें khade khade hi chodna shuru krr दिया.
Dono ladkiyan आंख phade hairani सें yeh sab dekh rahi thi। aesa pahle कभी नहि हुआ thaa। shayad Swami ne Aanchal jaisi madak stri pahle कभी नहि देखी thi। woh apne ashram केँ kayde bi bhul गय़ा औऱ apni sewikao केँ samne hi apni kamandhta सें pagal hu गय़ा.
Apne samne Aanchal ko Swami सें chudte dekhkar woh dono ladkiyan bi uttezit hu gai। Aanchal jor jor सें siskariyan lete hue chud rahi thi। Ab unme सें एक् ldki सें raha नहि गय़ा औऱ usne apni chut मे ungli dalkar muth marni shuru krr di.
Jordar chudayi सें Swami औऱ Aanchal एक् bar औऱ jhad gaye। फिन अपना murjhaya हुआ loda लेकर Swami batroom सें बाहर् chala गय़ा। Aanchal कि tange kampkapa rahi thi woh farsh पऱ shower केँ नीचे gir padi।
Swami केँ jane केँ bad woh dono ladkiyan Aanchal पऱ tut padi। Unme सें एक् ne Aanchal केँ chehre औऱ chuchiyon ko chomna, chaatnaa shuru krr दिया औऱ dusri ldki Aanchal कि chut chatne lagi। Un dono ladkiyon ne Aanchal ko फिन औऱ कई bar jhada दिया.
Thodi der bad Swami फिनवहा आया औऱ Aanchal सें taiyar hone ko kehne laga क्योंकि उसका shauhar Sunil use घऱ le jane aa chuka thaa औऱ waiting kamara मे baith उसका intzar krr raha thaa.
woh dono ladkiyan Aanchal ko kapde pehnane lagi। Aanchal man hi man sochne lagi 4 ghante kese nikal gaye ptaa hi नहि chala। Kya mast chudayi kaa sukh मिला h muze आज.
Aanchal Swamiji केँ sath waiting kamara मे aayi, Sunil ne Swami ko dekhkar hath jod diye। Aanchal केँ chehre पर्र param santusti केँ bhav dekhkar Sunil खुशहुआ, usne socha puja बहोत achchi prakaar सें hoyi lag raha h.
Swami ne Sunil सें कहा, “ कल isko फिन waqt पर्र le आनां.”
औऱ फिन Aanchal केँ chehre पऱ aayi lajja ko dekhkar muskurane laga.
ghrr pahunchne केँ बाद Sunil wapis factory chala गय़ा।
Lunch waqt मे Aanchal केँ sasur ne usse pucha, “ puja kese rahi ?”
Aanchal ne sar jhukakar jawab दिया, “ swamiji ne बहोत acche dhang सें puja कि.”
fir Sasur बोला, ” Kal मे tumhen puja केँ bad ashram सें lene aunga क्योंकि bank मे कुछ papers पर्र तुंहारे sign karwane haen.”
halanki Aanchal ko malum नहि thaa कि tharki Buddha bank केँ bahane सें usko usi friend केँ hotel मे le jana chahta h jahan woh apne friend केँ sath milkar कभीकभी randi chodta h। Sasur man hi man सोच raha thaa कल too hotel मे iss sexy bahu ko me chodunga hi chodunga.
super hot kahani bro
आँचल की अय्याशियां - desi bahu – New Episode
दोपहर का खाना केँ बाद आँचल अपने बेडरूम मे चली गई, औऱ द्वार (दरवाज़ा) बंद करके बाथरूम मे बाथटब मे गर्म पानी भरकेटब मे बैठकर नहाने लगी.आज केँ दिन जौ उसकोमजा मिला थां उन पलों केँ बारे मे सोचने लगी। स्वामी भोगानंद वास्तव मे एक् अनुभवी चोदू थां। स्वामी औऱ उसकी चुदाई केँ बारे मे सोचने सें आँचल उत्तेजना महसूस करनेलगी। अभि दोदिन तक औऱ स्वामी उसको पूजा केँ बहाने चोदने वाला थां.
वोँ दोनो लड़कियाँ भि सेक्सी थि औऱ ख़ासकर जिस लड़की नें आँचल कि बुर चाटी थि, उसकाऐसा करना आँचल कों बहोत पसन्द आया थां। आँचल सोचने लगीकाश स्वामी उन दोनो लड़कियों कों भि सेक्स करते टाइम बुला लेँ तौ मजाबढ़ जाएगा.आँचल उन दोनो लड़कियों कों अपने सामने स्वामी सें चुदते हुए देख्ना चाहती थि। इनसभी कामुक ख़यालों कों सोचते हुए आँचल कि बुर सें रस बहकर बाथटब केँ गर्म पानी मे मिल गय़ा। आँचल बुर मे उंगली डालकर मूठ मारने लगी.फिन आँचल कों यादआया कि उन दोनो लड़कियों नें अपनी बुर मे बालसाफ किएहुए थें।
आँचल नें कभी भि अपनी बुर शेव नहीं कि थि उसकी बुर मे कालेघने बाल थें। वोँ बाथटब सें उठी औऱ सुनील केँ रेज़र सें बुर केँ सारेबाल साफकर दिए। अपनी चिकनी साफ बुर कों देखकर उसेऐसा लगा कि जैसेयह शादीशुदा स्त्री कि नाँ होकर किसी कुँवारी लड़की कि बुर हैं। उस टाइट बुर कि वजह सें हि उसे चोदने वालों कों इतना अधिकमजा मिलता थां कि वोँ कामोन्माद सें पागल होँ जाते थें।
फिन चिकनी बुर पर्र हाथ फेरते हुए वोँ अपनी क्लिट कों मसलने लगी औऱ जल्द हि ओर्गास्म सें झड़ गई,। गर्म पानी सें नहाने केँ बाद उसने एक् पारदर्शी नाइटी पहनी औऱ दोपहर कि नींद लेने केँ लिएबेड मे लेट गयीँ,। जैसे हि उसको नींदआने लगी, किसी नें उसका द्वार (दरवाज़ा) खटखटाया। कौन आँ मरायह नींद खराब करने ! हद हैं.
आँचल नें उठकर द्वार (दरवाज़ा) खोला, कौन थां भइया ?
औऱ कौन होगावही ठरकी ससुरजी थां.
ससुरजी कहनेलगा कि ताश केँ पत्ते खेलने कां मूड होँ रहा हैं। आँचल नाँ नुकुर करनेलगी मगर बुड्ढा सीधे अंदरआकर बेड मे बैठ गय़ा औऱ ताश केँ पत्ते फेटने लगा। आँचल कों नां चाहते हुए भि खेलने केँ लिए ससुरजी केँ संग बैठना पड़ा.
खेलते समय ससुरजी कि नज़रे देखकर आँचलसमझ गई, कि यह पारदर्शी नाइटी केँ मज़े लें रहा हैं। आँचल नें तौ सोने केँ लिए वोँ नाइटी पहनी थि उसे क्याँ पता थां कि ससुरजी उसके बेडरूम मे आँ धमकेगा। उसकामन हुआ कि बाथरूम जाकर नाइटी बदल केँ आए.मगर फिन उसने सोचा कि उसदिन सलीम केँ चोदने केँ बाद मुझेबेड पर्र नंगी रोतेहुए ससुरजी देख हि चुका हैं, तोँ रहने देती हूं.
वैसे भि आँचल कों अपने ससुरजी कों टीज़ करने मे मजाआता थां। उसने सोचाचलो बुड्ढे कों तड़पाकर मज़े लेती हूं। घऱ मे सासू हैं तोँ यहकुछ गड़बड़ कर नहीं पाएगा। आँचल पत्ते उठाने केँ बहाने जानबूझकर झुकने लगी औऱ ससुरजी कों अपनी चूचियाँ दिखाने लगी। ससुरजी समझ गय़ा यह सेक्सी बहूफिन मुझे टीज़कर रही हैं। वोँ उत्तेजित होनेलगा। मन हि मन सोचने लगाकल तुम्हे पूजा केँ बाद मे आश्रम मे लेने आऊँगा औऱ फिन साथी केँ होटेल लें जाकरजी भरके चोदूँगा.
फिन आँचल खेलने केँ बहाने ससुरजी कि बाँहटच करनेलगी औऱ सेक्सी सां चेहरा बनाकर मंदमंद मुस्कुराने लगी.अब ससुरजी सें कंट्रोल नहीं होँ पाया औऱ उसने आँचल कां हाथ पकड़कर अपने पैंट मे खड़े लन्ड केँ ऊपररख दिया। आँचल हैरानी सें अवाकरह गई, उसकी हालत देखकर ससुरजी मुस्कुराने लगा.
आँचल नें अपनेहाथ मे पैंट केँ अंदर फनफनाते लन्ड कों महसूस किया, जौ लोहे कि तरह सख़्त हौ चुका थां। आँचल धीरे-धीरे सें बोलि, “ उन्ह…….ससुरजी यह आप् क्याँ कररहे हें ?”
ससुरजी भि धीरे-धीरे सें बोला, “ देखोगी क्याँ ?”
“नहीं…नहीं…उम्म्म…कोई आँ जाएगा, ” आँचल नें जवाब दिया.
जब ससुरजी नें देखा कि बहू तौ अपनाहाथ नहीं छुड़ा रही हैं तौ उसकी हिम्मत औऱ बढ़ गई,, वोँ बोला, “ ज़ोर सें पकड़ो, स्वयं हि देखलो, मे अभि भि जवान हूं.”
ससुरजी नें देखा कि उसके कहने सें, आँचल नें उसके लन्ड कों पैंट केँ बाहर् सें थोडा ज़ोर सें पकड़ लिया हैं, वोँ उत्तेजना मे बोला, “ कल देख्ना मे तुम्हे चोदूँगा औऱ तुम्हारी जवानी कि प्यास बुझाऊँगा, मेरी आँचल रानी.”
ससुरजी केँ खड़े लन्ड कों पकड़ने सें औऱ उसके मुँह सें कल कों अपनी चुदाई केँ इरादे कि बात सुनकर आँचल कि उत्तेजना बढ़ गई, औऱ उसकी साँसे भारी होँ गई,। उसके दिमाग़ कि बजायफिन बदन कि प्यास हावी होनेलगी। उसका ससुरजी केँ लन्ड सें हाथ हटाने कों मन हि नहींकर रहा थां। वोँ सोचने लगी ससुरजी कां लन्ड कितना सख़्त औऱ मोटालग रहा हैं पैंट केँ बाहर् सें हि। आँचल कि बुर सें रस बहनेलगा.
अपनीबहू कों विरोध नां करते देखकर औऱ गहरी गहरी साँसे लेतेहुए देखकर, ससुरजी बोला, ” मेरी आँचल रानी, मे तुम्हें बहोत मजा दूँगा, तुम्हें चोदकर मस्तकर दूँगा.”
फिन वोँ आँचल केँ लगभग आँ गय़ा औऱ उसको अपने आलिंगन मे जकड़ लिया।
अपने ससुरजी केँ टाइट आलिंगन सें आँचल कसमसाई, ”…उउउन्न्ह….ओह्ह ससुरजी….”
ससुरजी आँचल कि पीठ पर्र हाथ फिराने लगा। ससुरजी कि गंदी बातों औऱ अपने जिस्म सें छेड़खानी सें आँचल मदहोश होँ गई,। अगर ससुरजी चाहता तोँ बहू कों इस टाइम धीरे-धीरे चोद सकता थां क्यूंकी आँचल मदहोशी सें विरोध नहींकर पाती.मगर घऱ मे सासू केँ होने सें ऐसा करने मे बहोत ख़तरा थां.
ससुरजी उसको आलिंगन मे लेकर उसके जिस्म पऱ हाथ फेरते हुए बोला, ” मे तुम्हारी बुर सें तुम्हारा रस पीयूँगा, मेरी आँचल रानी.”
ससुरजी केँ मुँह सें ऐसी कामुक बातें सुनकर आँचल ज़ोर ज़ोर सें सिसकारियाँ लेनेलगी। ससुरजी कि फट गयीँ, कोईसुन नाँ लेँ, उसने जल्द सें आँचल केँ मुँह पऱ अपनाहाथ रख दिया। आँचल कि पैंटी चूतरस सें पूरीभीग चुकी थि औऱ बुर केँ होंठ उत्तेजना सें फूल चुके थें। उसको ओर्गास्म आँ गय़ा औऱ वोँ ससुरजी केँ आलिंगन मे झड़ गयीँ,.
तभी उनको सासू माँ कि आवाज़ सुनाई दि जौ नौकर सें पूछरही थि, “ तुमने साहब कों कहीं देखा ?”
सासू बेडरूम कि तरफ हि आँ रही थि.
आँचलबेड सें कूदकर बातरूम मे भागी, वोँ अभि भि उत्तेजना सें कांपरही थि.
ससुरजी अपने लन्ड केँ इरेक्शन कों छुपाने कि कोशिश करनेलगा औऱ उत्तेजना सें छलकआए पसीने कों चेहरे सें पोछने लगा.फिन जल्द सें हाथ मे ताश केँ पत्ते लेकरबैठ गय़ा.
तभी सासू बेडरूम मे आँ गयीँ,।
ससुरजी कों वहा बैठे देखकर वोँ भड़क गई, औऱ बोलीं, ” यहा पत्ते लेकर क्याँ बैठे हौ। बहू सुभह उतनीदेर तक पूजा सें थककर लौटी हैं.थोड़ी देर दोपहर मे उसको आराम तौ करने देते.अब चलोयहा सें.”
पत्नि कि डांट खाकर ससुरजी चुपचाप सासू केँ पीछे पीछे आँचल केँ बेडरूम सें बाहर् चला गय़ा.
आँचल अपने बाथरूम सें सभीसुन रही थि औऱ डर औऱ उत्तेजना सें कांपरही थि। उसने सोचा अभि सासू माँ नें पकड़ हि लिया थां ससुरजी केँ संग। ससुरजी केँ संग तौ बहोत हि ख़तरा हैं। मुझे अपने शरीर पर्र काबू रखना चाहिए।
मगर वोँ अपने शरीर पर्र काबू केसेरख सकती थि ? वोँ सेक्सुअली फ्रस्टरेटेड थि क्यूंकी उसका पति पलंग मे उसको सैटिस्फाई नहींकर पाता थां। वोँ जवान थि, सुंदर थि औऱ अबजब उसने असली चुदाई कां स्वाद चख लिया थां तोँ वोँ केसे कंट्रोल कर सकती थि। उसको चुदाई मे बहोत मजाआता थां मगर उसका पति जल्दझड़ जाने केँ कारण उसकी प्यास नहीं बुझा पाता थां।
मगर ससुरजी केँ संगकोई भि संबंध बहोत रिस्की थां, यह उसने अभि देख लिया थां कि वोँ केसे सासू द्वारा पकड़े जाने सें बालबाल बची थि। इसलिये आँचल नें फ़ैसला किया कि वोँ ससुरजी कों अपने सें दूर हि रखेगी। वोँ ससुरजी केँ संगकल बैंक जाने सें बचने कां मार्ग ढूंढने लगी.
फिन उसने अपने बेडरूम कां दरवाजा बंद किया औऱ बेड मे सोचते सोचते उसे नींद आँ गई,.
उठने केँ बाद आँचल नें बैडमिंटन खेलने केँ लिए क्लब जाने कि सोची। इससे उसकी थोड़ी एक्सर्साइज़ भि होँ जाएगी औऱ सुनील केँ घऱआने तक वोँ अपने सासू माँ ससुरजी सें दूर भि रह पाएगी। क्लब पहुँचने केँ बाद उसने लेडीज लॉकररूम मे कपड़े बदलकर सफेद टीशर्ट औऱ सफेद स्कर्ट पहनली। क्लब मे ड्रेस केँ मामले मे बहोत सख्ती थि औऱ कैज़ुअल ड्रेस मे खेलने कि मनाही थि.
आँचल क्लब मे किसी कों भि नहीं पहचानती थि इसलिये उसनेवहा केँ एक् कर्मचारी सें एक् गेम खेलने कि रिक्वेस्ट कि। वोँ 20 मिनिट कां गेम खेलने कों रेडी होँ गय़ा। उस बुड्ढे कर्मचारी नें आँचल कों पूरे कोर्ट मे दौड़ा दौड़ा करखूब एक्सर्साइज़ करवा दि.
वहींकुछ विद्यालय केँ लड़के भि खड़े थें, वोँ सभी आँचल कों देखरहे थें। सेक्सी आँचल कों कोर्ट मे इधरउधर दौड़ते औऱ उसकी चूचियों कों टीशर्ट मे उपर नीचे हिलते देखकर उन्हे बहोत मजा आँ रहा थां। आँचलजब शट्लकॉक उठाने केँ लिए झुकती थि तौ वोँ उसकी पैंटी देखने कि कोशिश करते थें। आँचल कां ध्यान उनकीतरफ नहीं थां। वोँ लड़के क्लब मे बैडमिंटन खेलने अपने ग्रुप केँ संगआया करते थें औऱ आज मादक आँचल कों टीशर्ट औऱ स्कर्ट मे बैडमिंटन खेलते देखकर अपना खेलना भूलगये थें। उनकी निगाहे आँचल पऱ हि जमी थि.
गेम समाप्त होने केँ बाद आँचल पसीने सें लथपथ होँ गयीँ,। उसकी टीशर्ट पसीने सें भीगकर उसके शरीर सें चिपक गयीँ, औऱ गीली होने सें थोड़ी पारदर्शी होँ गई,। आँचल कोर्ट केँ किनारे बैठकर टॉवेल सें अपने कों पोछने लगी.तभी वोँ 3 लड़के उसकेपास आए औऱ उसेगुड आफ्टरनून बोले.फिन उन्होने आँचल सें 2-2 कां जोड़ा बनाकर डबल्स गेम खेलने कि रिक्वेस्ट कि। आँचल नें कहा थोडा रेस्ट कर लेती हूं फिन खेलेंगे.
उनमे सें 2 लड़के कोर्ट मे खेलने लगेमगर जौ सबसे लंबा लड़का थां वोँ आँचल केँ पास बैठारहा। उसने अपनानाम विकी बताया औऱ अपने दोस्तों केँ बारे मे आँचल कों बताने लगा। बोलते हुए वोँ आँचल कों ऊपर सें नीचे तक ताड़रहा थां। विकी नें आँचल कि हुस्न कि तारीफ कि औऱ उससे पूछा कि वोँ किस कॉलेज मे पढ़ती हैं ? जब आँचल नें बातया कि वोँ शादीशुदा हैं औऱ मिसेज जोशी हैं तौ विकी कहनेलगा, आप् टीशर्ट औऱ स्कर्ट मे बहोत हसीनलग रही होँ, शादीशुदा स्त्री कौन बताएगा आपको.
आँचल विकी केँ मुँह सें अपनी हुस्न कि तारीफ सुनकर शरमा गयीँ, औऱ मन मे उसे खुशी हुईँ कि मे इतनी खूबसूरत दिखती हूं। फिन विकी केँ संग जोड़ा बनाकर उसनेगेम खेलना शुरुआत किया। विकी बैडमिंटन खेलने मे एक्सपर्ट थां उसको खेलते देखकर आँचल उसकी चुस्ती औऱ फिजिक सें प्रभावित हुईँ।
गेम केँ दौरान जब भि शट्लकॉक आँचल केँ पास गिरती तोँ विकी फटाफट उठाने आँ जाता औऱ आँचल कि स्कर्ट केँ अंदर झाँककर उसकी जांघें औऱ पैंटी देखने कां खुशी लेता.दो तीनबार उसनेगेम केँ बहाने सें आँचल कि जांघों औऱ उसकी चूचियों कों छू भि दिया पऱ हरबार सॉरी कहकरऐसा दिखाता जैसे ग़लती सें टचहुआ हैं.
जब आँचलथक गई, तोँ लेडीज रूम मे जाकर उसने शावर केँ नीचे नहाया। लेडीज रूम मे लाइन सें शावरबने हुए थें मगरओपन थें। आँचल नें वहाकुछ लड़कियों कों तारीफ भरी निगाहों सें अपने जिस्म कों ताकते पाया। आँचल कों पता नहीं थां कि उन लड़कियों मे एक् विकी कि गर्लफ्रेंड करिश्मा भि थि। करिश्मा नें देखा थां कि केसेगेम खेलने केँ बहाने उसका BF आँचल केँ जिस्म कों छूने कि कोशिश कररहा थां। करिश्मा कों जलन महसूस हुईँ। जब उसने आँचल कों लॉकररूम मे जाते देखा तौ वोँ भि उसके पीछेचली आई। नहाते टाइम आँचल केँ मादक शरीर कों देखकर करिश्मा कों उत्तेजना महसूस हुई.
नहाने केँ बाद फटाफट कपड़े पहनकर आँचल अपनेघऱ चली गई,.
रात मे डिनर करते वक़्त आँचल नें देखाआज ससुरजी बहोत खुश हैं। उसकोकुछ अधिक हि खुश औऱ मुस्कुराते देखकर वोँ समझ गयीँ, कि यहकल केँ अपने चुदाई केँ प्लान सें इतनाखुश हौ रहा हैं। वोँ परेशान हौ गई, कि इस समस्या कां हल केसे निकाले.
Lunch केँ बाद Aanchal apne bedroom मे chali gai औऱ darwaaza बंद karke batroom मे bathtub मे garam paani bharke tub मे baithkar nahane lagi। aj केँ दिन joo usko majaa मिला thaa un palon केँ bare मे sochne lagi। Swami Bhoganand vastav मे एक् anubhavi chodoo thaa। Swami औऱ उसकी chudayi केँ bare मे sochne सें Aanchal uttezna ehsaas karne lagi। abi दोदिन tak औऱ Swami usko pooja केँ bahane chodne wala thaa.
woh dono ladkiyan bi sexy thi औऱ khaskar jis ldki ne Aanchal कि chut chati thi, उसका aesa krna Aanchal ko बहोत मनपसंद आया thaa। Aanchal sochne lagi kaash Swami un dono ladkiyon ko bi sex karte वक्त bula le too majaa bad jayega.Aanchal un dono ladkiyon ko apne samne Swami सें chudte hue देख्ना chahti thi। In sab kamuk khayalon ko sochte hue Aanchal कि chut सें ras behkar bathtub केँ garam paani मे mil गय़ा। Aanchal chut मे ungli dalkar muth marne lagi। fir Aanchal ko yaad आया कि un dono ladkiyon ne apni chut मे baal saaf kiye hue the।
Aanchal ne कभी bi apni chut save नहि कि thi उसकी chut मे kale ghane baal the। woh bathtub सें uthi औऱ Sunil केँ razor सें chut केँ sare baal saaf krr diye। Apni chikni saaf chut ko dekhkar use aesa laga कि जैसे yeh shadishuda stri कि na hokar kisi kunwari ldki कि chut h। Us tight chut कि wajah सें hi use chodne waalon ko itna jyada majaa milta thaa कि woh kamonmad सें pagal hu jate the.
fir chikni chut पर्र hath pherte hue woh apni clit ko masalne lagi औऱ juldi hi orgasm सें jhad gai। Garam paani सें nahane केँ बाद usne एक् pardarshi nighty pehni औऱ dopahar कि neend lene केँ liye bed मे let gai। jaesa hi usko neend aane lagi, kisi ne उसका darwaaza khatkhataya। Kaun aa mara yeh neend bura karne ? hadd h
Aanchal ne uth krr darwaaza khola, कौन thaa bhay?
or कौन hoga vahi tharki sasur thaa.
Sasur kehne laga कि tash केँ patte khelne kaa mood hu raha h। Aanchal na nukur karne lagi मगर Sasur sidhe andar aakar bed मे baith गय़ा औऱ tash केँ patte fetne laga। Aanchal ko na chahte hue bi khelne केँ liye sasur केँ sath baithna pada.
Khelte time sasur कि nazre dekhkar Aanchal samajh gai कि yeh pardarshi nighty केँ maze le raha h। Aanchal ne too sone केँ liye woh nighty pehni thi use क्याँ ptaa thaa कि sasur उसके bedroom मे aa dhamkega। uskah man हुआ कि batroom jakar nighty badal केँ aaye। halanki फिन usne socha कि us दिन salim केँ chodne केँ बाद muze bed पर्र nangi rote hue Sasur dekh hi chuka h, too rehne deti hoon.
Waise bi Aanchal ko apne sasur ko tease karne मे majaa aata thaa। Usne socha chalo buddhe ko tadpakar maze leti hoon। ghrr मे Saas h too yeh कुछ gadbad krr नहि payega। Aanchal patte uthane केँ bahane jaanboojhkar jhukne lagi औऱ sasur ko apni chuchiyan dikhane lagi। Sasur samajh गय़ा yeh sexy bahu फिन muze tease krr rahi h। woh uttezit hone laga। man hi man sochne laga कल tuze pooja केँ बाद me ashram मे lene aaunga औऱ फिन friend केँ hotel le jakar ji bharke chodunga.
fir Aanchal khelne केँ bahane sasur कि banh touch karne lagi औऱ sexy sa चेहरा banakar mand mand muskurane lagi। Ab Sasur सें control नहि hu paya औऱ usne Aanchal kaa hath pakadkar apne pant मे khade loda केँ ऊपररख दिया। Aanchal hairani सें awaak rha gai उसकी halat dekhkar Sasur muskurane laga.
Aanchal ne apne hath मे pant केँ andar fanfanate loda ko ehsaas किया, joo lohe कि prakaar sakht hu chuka thaa।
Aanchal dhire सें boli, “ unhhh…….Sasurji yeh ap क्याँ krr rahe haen?”
Sasur bi dhire सें बोला, “ dekhogi क्याँ ?”
“नहि…नहि…ummm…कोई aa jayega, ” Aanchal ne jawab दिया.
jb Sasur ne देखा कि bahu too अपना hath नहि chuda rahi h too उसकी himmat औऱ bad gai, woh बोला, “ jor सें pakdo, khud hi dekh lo, me abi bi jawaan hoon.”
Sasur ne देखा कि उसके kehne सें, Aanchal ne उसके loda ko pant केँ बाहर् सें थोडा jor सें pakad लिया h, woh uttezna मे बोला, “ कल देख्ना me tumhe chodunga औऱ tumhari jawani कि piyas boojhaunga, मेरी Aanchal rani.”
Sasur केँ khade loda ko pakadne सें औऱ उसके munh सें कल ko apni chudayi केँ irade कि बात sunkar Aanchal कि uttezna bad gai औऱ उसकी sanse bhari hu gai। Uske dimag कि bajay फिन jism कि piyas havi hone lagi। uskah sasur केँ loda सें hath hatane ko man hi नहि krr raha thaa। woh sochne lagi sasurji kaa loda kitna sakht औऱ mota lag raha h pant केँ बाहर् सें hi। Aanchal कि chut सें ras behne laga.
Apni bahu ko virodh na karte dekhkar औऱ gehri gehri sanse lete hue dekhkar, Sasur बोला, ” मेरी Aanchal rani, me tumhe बहोत majaa dunga, tumhe chodkar mast krr dunga.”
fir woh Aanchal केँ karib aa गय़ा औऱ usko apne alingan मे jakad लिया।
Apne sasur केँ tight alingan सें Aanchal kasmasayi, ”…uuunnhhh….ohhhh sasurji….”
Sasur Aanchal कि peeth पर्र hath firane laga। Sasur कि gandi baton औऱ apne badan सें chedkhani सें Aanchal nasha hu gai। Agar sasur chahta too bahu ko iss वक़्त aaram सें chod sakta thaa क्योंकि Aanchal madhoshi सें virodh नहि krr shauhar। halanki घऱ मे saas केँ hone सें aesa karne मे बहोत khatra thaa.
Sasur usko alingan मे लेकर उसके badan पर्र hath ferte hue बोला, ” me tumhari chut सें tumhara ras piyunga, मेरी Aanchal rani.”
Sasur केँ munh सें aisi kamuk batein sunkar Aanchal jor jor सें siskariyan lene lagi। Sasur कि fat gai कोई sun na le, usne juldi सें Aanchal केँ munh पर्र अपना hath रख दिया। Aanchal कि panty chootras सें puri bheeg chuki thi औऱ chut केँ honth uttezna सें phool chuke the। Usko orgasm aa गय़ा औऱ woh sasur केँ alingan मे jhad gai.
Tabhi unko Saas कि awaz sunayi di joo naukar सें puch rahi thi, “ tumne sahab ko kahi देखा ?”
Saas bedroom कि tarf hi aa rahi thi.
Aanchal bed सें kudkar batroom मे bhagi, woh abi bi uttezna सें kanp rahi thi.
Sasur apne loda केँ erection ko chupane कि koshish karne laga औऱ uttezna सें chalak aaye pasine ko chehre सें pochne laga। fir juldi सें hath मे tash केँ patte लेकर baith गय़ा.
Tabhi Saas bedroom मे aa gai।
Sasur ko वहा baithe dekhkar woh bhadak gai औऱ boli, ” यहा patte लेकर क्याँ baithe hu। Bahu subah utni der tak pooja सें thakkar lauti h.Thodi der dophar मे usko aaram too karne dete। Ab chalo यहा सें.”
Biwi कि dant khakar Sasur chupchap Saas केँ piche piche Aanchal केँ bedroom सें बाहर् chala गय़ा.
Aanchal apne batroom सें sab sun rahi thi औऱ dar औऱ uttezna सें kanp rahi thi। Usne socha abi Saas ne pakad hi लिया thaa sasur केँ sath। Sasur केँ sath too बहोत hi khatra h। muze apne jism पऱ kaboo rakhna चाहिए।
halanki woh apne jism पर्र kaboo kese रख sakti thi ? woh sexually frustrated thi क्योंकि उसका shauhar bistar मे usko satisfy नहि krr ptaa thaa। woh jawaan thi, haseen thi औऱ अबजब usne asli chudayi kaa swad chakh लिया thaa too woh kese control krr sakti thi। Usko chudayi मे बहोत majaa aata thaa मगर उसका shauhar juldi jhad jane केँ karan उसकी piyas नहि boojha ptaa thaa।
halanki Sasur केँ sath कोई bi sambandh बहोत risky thaa, yeh usne abi dekh लिया thaa कि woh kese saas dwara pakde jane सें baal baal bachi thi। iss liye Aanchal ne faisla किया कि woh Sasur ko apne सें dur hi rakhegi। woh sasur केँ sath कल bank jane सें bachne kaa raah dhondhne lagi.
fir usne apne bedroom kaa darwaja बंद किया औऱ bed मे sochte sochte use neend aa gai.
Uthne केँ बाद Aanchal ne badminton khelne केँ liye club jane कि sochi। Isse उसकी thodi exercise bi hu jayegi औऱ Sunil केँ घऱ aane tak woh apne saas sasur सें dur bi rha payegi। Club pahunchne केँ बाद usne ladies locker kamara मे kapde badalkar safed tshirt औऱ safed skirt pahan li। Club मे dress केँ mamle मे बहोत sakhti thi औऱ casual dress मे khelne कि manahi thi.
Aanchal club मे kisi ko bi नहि pehchanti thi इसलिये usne वहा केँ एक् karmchari सें एक् khel khelne कि request कि। woh 20 min kaa khel khelne ko taiyar hu गय़ा। Us buddhe karmchari ne Aanchal ko pure court मे dauda dauda krr khoob exercise karwa di.
Wahin कुछ school केँ ladke bi khade the, woh sab Aanchal ko dekh rahe the। Sexy Aanchal ko court मे idhar udhar daudte औऱ उसकी chuchiyon ko tshirt मे ऊपर नीचे hilte dekhkar unhe बहोत majaa aa raha thaa। Aanchal जब shuttlecock uthane केँ liye jhukti thi too woh उसकी panty dekhne कि koshish karte the। Aanchal kaa dhyaan unki tarf नहि thaa। woh ladke club मे badminton khelne apne group केँ sath आया karte the औऱ आज madak Aanchal ko tshirt औऱ skirt मे badminton khelte dekhkar अपना khelna bhul gaye the। unki nigahe Aanchal पऱ hi jami thi.
khel khatam hone केँ बाद Aanchal pasine सें lathpath hu gai। Uski tshirt pasine सें bhigkar उसके badan सें chipak gai औऱ gili hone सें thodi pardarshi hu gai। Aanchal court केँ kinare baithkar towel सें apne ko pochne lagi। Tabhi woh 3 ladke उसके pass aaye औऱ use good afternoon bole। fir unhone Aanchal सें 2-2 kaa joda banakar doubles khel khelne कि request कि। Aanchal ne कहा थोडा rest krr leti hoon फिन khelenge.
Unme सें 2 ladke court मे khelne lage मगर joo sabse लम्बा ldka thaa woh Aanchal केँ pass baith raha। Usne अपना nam Vicky bataya औऱ apne doston केँ bare मे Aanchal ko batane laga। Bolte hue woh Aanchal ko ऊपर सें नीचे tak ghoor raha thaa। Vicky ne Aanchal कि khoobsurati कि tareef कि औऱ usse pucha कि woh kis kaalej मे padti h ? jb Aanchal ne baataya कि woh shadisuda h औऱ Mrs Joshi h too Vicky kehne laga ap tshirt औऱ skirt मे बहोत haseen lag rahi hu, shadisuda stri कौन batayega aapko.
Aanchal Vicky केँ munh सें apni khoosurati कि tareef sunkar sharma gai औऱ man मे use khusii hoyi कि me itni beautiful dikhti hoon। fir Vicky केँ sath joda banakar usne khel khelna shuru किया। Vicky badminton khelne मे expert thaa usko khelte dekhkar Aanchal उसकी chusti औऱ physic सें prabhawit hoyi।
khel केँ dauran जब bi shuttlecock Aanchal केँ pass girti too Vicky fatafat uthane aa jata औऱ Aanchal कि skirt केँ andar jhank krr उसकी janghe औऱ panty dekhne kaa sukh leta। Do तीन baar usne khel केँ bahane सें Aanchal कि jangho औऱ उसकी chuchiyon ko chu bi दिया पऱ har baar sorry kehkar aesa dikhata जैसे galti सें touch हुआ h.
jb Aanchal thak gai too ladies kamara मे jakar usne shower केँ नीचे nahaya। Ladies kamara mai line सें shower bane hue the मगर open the। Aanchal ne वहाकुछ ladkiyon ko tareef bhari nigahon सें apne badan ko takte paya। Aanchal ko ptaa नहि thaa कि un ladkiyon मे एक् Vicky कि girlfriend Karishma bi thi। Karishma ne देखा thaa कि kese khel khelne केँ bahane उसका BF Aanchal केँ badan ko chune कि koshish krr raha thaa। Karishma ko jalan ehsaas hoyi। jb usne Aanchal ko locker kamara मे jate देखा too woh bi उसके piche chali aayi। Nahate वक्त Aanchal केँ madak jism ko dekhkar karishma ko uttezna ehsaas hoyi.
Nahane केँ बाद fatafat kapde pahankar Aanchal apne घऱ chali gai.
rath मे dinner karte वक़्त Aanchal ne देखाआज Sasur बहोत खुश h। Usko कुछ jyada hi खुश औऱ muskurate dekhkar woh samajh gai कि yeh कल केँ apne chudayi केँ plan सें itna खुश hu raha h। woh pareshan hu gai कि iss pareshani kaa hal kaise nikale.
आँचल की अय्याशियां - desi bahu - Next part miss mat karna
aage updete
मस्ती सें भरपूर कथा हैं मित्र जी चाहता हैं आप् भाग देते रहें औऱ हम् पढ़ते रहें
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