छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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एक् बारजब पैंटी जाँघों तक आँ गई, तौ नीरा नें जल्द उतारकर सूँघने केँ बाद रोहित कि तरफउछल दि। अब नीरा कां बिल्कुल नंगा कामुक जिस्म रोहित केँ सामने थां। नीरा मात्र लालरंग केँ हाईहील सैंडल पहनेहुए बिल्कुल नंगी किसी अपसरा सें कम नहि लगरही थि। रोहित नें भि नीरा कि पैंटी पकड़कर अपने चेहरे पे दबाली। नीरा नें मुश्कुराते हुएफिन सें व्हिस्की कि बोतल उठायी औऱ बैड पर्र आँ गयीँ,। वोह सीधे बोतल सें हि पीती हुई रोहित कां लण्ड पकड़कर सहलाने लगी।
“मैडम… तुम् तौ बहोत बड़ी पियक्कड़ लगती हौ। …” रोहित अपना खाली ग्लास किनारे रखताहुआ बोला।
“मे आजखूब मजा लेना चाहती हूं। खूब मदहोश होकर चुदाई कां आनन्द लूँगी…” नीरा बोलि औऱ फिन एक् घूँट पीकर रोहित कां लण्ड अपने मुँह मे लेँ लिया। रोहित कां लण्ड चूसते हुए नीरा तेज़-तेज़ सें अपनासिर ऊपर-नीचे करनेलगी औऱ पूरारूम नीरा केँ मुँह सें निकलती चूसने औऱ सुड़कने कि अवाज़ों सें भर गय़ा। रोहित जल्द हि हल्की चीख लेतेहुए अपने चूतड़ ऊपर उठाकर नीरा केँ मुँह मे झड़ने लगा औऱ नीरा नें भि जल्द-जल्द उसका सारा वीर्य पी लिया।
“मम्म्म्म्म्म… अब तेरा उतावलापन कुछकम हुआ कि नहि…” नीरा मुश्कुराते हुए अपने होंठ चाटने लगी।
“वाउ… मैडम तुम् तोँ बिल्कुल रंडी कि तरह लण्ड चूसती हौ…”
नीरा कों रोहित कि ये टिप्पणी बहुत उत्तेजक लगी। वोह होटल केँ कमरे मे नशे मे मदहोश, पलंग पे केवल अपने सैंडल पहने अपने नंगे स्टूडेंट केँ संग थि जिसका लण्ड चूसकर उसने अभि-अभि वीर्य पिया थां औऱ अभि तौ उसे बहोत कुछ करना थां। नीरा ढिल्लो कों अपने बारे मे येबात पतालग गयीँ, थि कि उसे चुदाई बहोत प्यारी थि औऱ जब भि उसे चुदवाने कां मौका मिलेग वोह छोड़ेगी नहि। नीरा केँ चेहरे पे बहोत हि कुटिल भाव आँ गये। रोहित केँ ऊपर चढ़कर नीरा उसकेसिर केँ पास अपने टाँगें फैलाकर बैठ गई, औऱ अपनी बुर रोहित केँ मुँह पे रख दि।
जब नीरा कों रोहित कि जीभ अपनी बुर पे महसूस हुईँ तोँ वोह रोहित केँ मुँह पे अपनी बुर आगे-पीछे करके झूलने लगी। अपनी बुर चटवाती हुइ भि नीरा बोतल मुँह सें लगाकर शराबपी रही थि औऱ अबवोह बहुतनशे मे मदहोश थि। नीरा कों उम्मीद नहि थि कि वोह भि रोहित कि तरह इतनी जल्द झड़ने लगेगी। नीरा तेज़-तेज़ सें अपनी बुर रोहित केँ चेहरे पे रगड़ने लगी औऱ काँपती हुइ झड़ गयीँ,।
जैसे हि नीरा केँ जिश्म केँ धधकते शोले ठंडे पड़ने लगे तोँ रोहित केँ ऊपर सें हटकर नीरा घूमकर उसकीबगल मे लेट गयीँ,। उसेनशे मे मदहोश देखकर रोहित नें नीरा केँ हाथ सें आधीभरी बोतल लेकर बिस्तर केँ किनारे ज़मीन पे रख दि। फिन नीरा केँ ऊपरझुक कर रोहित उसकेी चूचियों सें खेलते हुए उन्हें मसलने लगा औऱ बीच-बीच मे कभी नीरा केँ निप्पल अपनी अँगुलियों सें मरोड़ देता। नीरा केँ निपल सख्त बनकर सीधे खड़े हौ गये तोँ रोहित अपने मुँह, होंठ औऱ जीभ सें अपनी टीचर कि चूचियां औऱ निप्पलों कों चूमने-चाटने लगा।
नीरा तेज़-तेज़ सें सिसकारियां लेतीहुए कालेज केँ इस युवा कड़के केँ बदन पे जहाँ भि हाथ पहुँच रहे थें, मसलने लगी। कभी उसकीपीठ याँ बाँहें होती तौ कभी रोहित कि गाण्ड पकड़कर उसके चूतड़ सहलाती औऱ कभी रोहित केँ लौड़े कों पकड़कर रग्ड़ने औऱ निचोड़ने लगती।
जब रोहित कां लण्ड नीरा केँ हाथ मे थां तोँ रोहित उसकेऊपर हि लेट गय़ा। नीरा नें अपनी टाँगें फैलाकर रोहित कां लण्ड अपनी बुर पे रख दिया औऱ रोहित नें भि बिनादेर किए धक्का मारकर लण्ड नीरा कि बुर मे पेल दिया। चुदाई चालू हुइ तौ दोनों केँ चूतड़ एक् स्वर मे चलनेलगे। औऱ उनकी घमासान चुदाई तब तक चलतीरही जब तक दोनों झड़ नहि गये।
“ओह, रोहित, वादाकर कि तूँ कभी मुझे चोदना बँद नहि करेगा…” नीरा प्रेम सें रोहित कां लण्ड पुचकारती हुई बोलीं।
“मे तोँ होस्टल मे रहता हूं। मुझे क्याँ दिक्कत हौ सकती हैं…” रोहित बोला।
दोनों फिन सें चिपटगये औऱ जब रोहित कां लण्ड खड़ाहुआ तोँ उन्होंने फिन सें चुदाई कि। बाद मे नीरा नें अपनी बुर-रस औऱ रोहित केँ वीर्य केँ मिश्रण सें भीगे रोहित केँ लण्ड कों अपने मुँह मे लेकर चूसा। उसे इसका स्वाद बहोत अच्छा लगा औऱ उसेऐसा एहसास हुआ कि वोह उसका सत्कार कररही हौ। संग हि एक् औऱ कारण भि थां - चूसने सें रोहित कां लण्ड दोबारा खड़ा होँ जाता थां। इसतरह, सोने सें पहले दोनों नें पाँचबार चुदाई कि।
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007 wrote:मस्तमजा आँ रहा हैं भइया rajsharma wrote:बहोत beautiful aur बड़ा update dhanyawaad Thanks. Update thodi der mai .
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अगलेदिन सुभहजब रोहित कि आँख खुली तोँ उसने अपनी टीचर कों अपना लण्ड चूसते पाया। नीरा अभि भि मात्र हाईहील सैंडल पहनेहुए बिल्कुल नंगी थि। जब रोहित केँ संग-संग उसका लौड़ा भि जाग गय़ा तौ नीरा नें उसकेऊपर चढ़कर उसका लण्ड अपनी बुर मे घुसेड़ लिया औऱ अपने झड़ने तक उसके खम्बे जैसे लण्ड पे ऊपर-नीचे उछलती हुइ अपने बुर चुदवाती रही। फिन रोहित केँ ऊपर सें हटकर नीरा नें उसका लण्ड अपने मुँह मे भर लिया। नीरा केँ अभ्यस्त मुँह औऱ जीभ नें जल्द हि रोहित केँ लण्ड कों स्खलित कर दिया औऱ उसका सारा वीर्य गटक गई,।
वोँ दोनों बाथरूम मे जाकर शावर केँ नीचे एक् दूसरे कों नहलाने लगे। नहाना खतम करने केँ पहले नीरा दीवार केँ सहारे झुककर अपनी गाण्ड बाहर् निकालकर खड़ी हौ गयीँ,। रोहित नें पीछे सें अपना लण्ड नीरा कि बुर मे घुसेड़ दिया औऱ आहिस्ता चोदने लगा जिसने बाद मे धुँआ-धार चुदाई कां रूप लें लिया। नीराइस चुदाई केँ दौरान दोबार झड़ी औऱ उसकेबाद रोहित भि स्खलित हौ गय़ा। उसकेबाद दोनों नें आपस मे मस्ती करतेहुए नहाना ज़ारी रखा, पर्र ये नहाना कम औऱ आपस मे खिलवाड़ ज़्यादा थां। जब पानी ठंडा होनेलगा तोँ दोनों विद्यालय केँ बच्चों कि तरह हँसते हुए शावर सें निकलकर गीले शरीर हि होटल केँ फर्श पे पानी कि धार टपकाते हुए बाथरूम सें बाहर् भागे।
दोनों पलंग पे कूद केँ एक् दूसरे सें लिपटते-चिपकते चूमा-चाटी करनेलगे औऱ जल्द हि रोहित कां लण्ड एक् बारफिन उसकी टीचर कि बुर मे जड़ तक घुसाहुआ थां। उन्होंने उसदिन कि अंतिम चुदाई कि औऱ फिन एक् बार जल्द सें नहाने केँ बाद सजधजकर होँ गए। दोनों कां हि होटल सें जाने कां मन नहि थां पर्र अन्त मे दोनों अपने-अपने घऱचले गए।
नीराइन दिनों बहोत हि खुश औऱ उत्साहित थि। उसने पहले जैसे हि कालेज मे अपनी कामुक हरकतों सें लड़कों कों तड़पाना जारीरखा औऱ रोहित सें जब भि मौका मिलता खूब चुदवाती। नीरा कों एक् दिन अपने पति केँ संग एक् फार्म-हाऊस पे जश्न मे जानां पड़ा। नीरा कां मूड तौ नहि थां पऱ पति औऱ पति केँ बिज़नेस-रिलेशंस कि वजह सें जाने कों सजधजकर होँ गयीँ,।
ये जश्न भि बाकी पाटिर्यों जैसी हि थि। वही पीना-पिलाना औऱ लोगों कां छोटे-छोटे झुँड बनाकर चर्चायें करना। नीरा नें उसदिन बहोत हि सेक्सी बर्थडे पार्टी गाऊन पहनाहुआ थां जिसमें उसके कँधे बिल्कुल नंगे थें। नीरा पहले तौ अलग-थलग खड़ी ड्रिंक पीतीरही पऱ जल्द हि लोगों मे घुल-मिल गयीँ, औऱ उसे थोडा अच्छा भि लगनेलगा। अपनीआदत सें मजबूर नीरा कां अपने ड्रिंक्स पे कोई नियंत्रण नहि थां औऱ वोह बहुतनशे मे थि। ऐसी पार्टियों मे लोगों कां नशे मे धुत्त होना अनुचित नहि समझा जाता थां। नीरा अपना चौथापैग पकड़े दीवार सें टिककर खड़ी हुई थि औऱ चार-पाँच औरतों केँ संग उनकी गपशपसुन रही थि कि तभीउसे विक्रम दिखायी दिया। वोह कमरे केँ दूसरी तरफ एक् दम्पति सें बातें कररहा थां।
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नीराइन दिनों बहोत हि खुश औऱ उत्साहित थि। उसने पहले जैसे हि कालेज मे अपनी कामुक हरकतों सें लड़कों कों तड़पाना जारीरखा औऱ रोहित सें जब भि मौका मिलता खूब चुदवाती। नीरा कों एक् दिन अपने पति केँ संग एक् फार्म-हाऊस पे जश्न मे जानां पड़ा। नीरा कां मूड तौ नहि थां पऱ पति औऱ पति केँ बिज़नेस-रिलेशंस कि वजह सें जाने कों सजधजकर होँ गई,।
ये बर्थडे पार्टी भि बाकी पाटिर्यों जैसी हि थि। वही पीना-पिलाना औऱ लोगों कां छोटे-छोटे झुँड बनाकर चर्चायें करना। नीरा नें उसदिन बहोत हि सेक्सी जश्न गाऊन पहनाहुआ थां जिसमें उसके कँधे बिल्कुल नंगे थें। नीरा पहले तोँ अलग-थलग खड़ी ड्रिंक पीतीरही पर्र जल्द हि लोगों मे घुल-मिल गई, औऱ उसे थोडा अच्छा भि लगनेलगा। अपनीआदत सें मजबूर नीरा कां अपने ड्रिंक्स पे कोई नियंत्रण नहि थां औऱ वोह बहुतनशे मे थि। ऐसी पार्टियों मे लोगों कां नशे मे धुत्त होना अनुचित नहि समझा जाता थां। नीरा अपना चौथापैग पकड़े दीवार सें टिककर खड़ी हुईँ थि औऱ चार-पाँच औरतों केँ संग उनकी गपशपसुन रही थि कि तभीउसे विक्रम दिखायी दिया। वोह कमरे केँ दूसरी तरफ एक् दम्पति सें बातें कररहा थां।
जब तक विक्रम अकेला नहि हुआतब तक नशे मे होने केँ बावजूद नीरा उसपर बाज़ कि तरह अपनी नज़ररखे रही क्योंकी बर्थडे पार्टी मे भीड़ बहोत थि औऱ नीराउसे खोना नहि चाहती थि। विक्रम कों अकेला पाकर नीरानशे केँ कारण अपनेहाई हील सैंडलों मे करीब-करीब लड़खड़ाती हुईँ उसकेपास गई, औऱ पीछे सें विक्रम केँ कँधे पे थपथपा केँ बोलि- “ओह… पहचाना मुझे?”
विक्रम नें घूम केँ अपने पीछे खड़ी सुंदर महिला कां आकलन किया जिसकी मदहोश आँखों सें साफ ज़ाहिर हौ रहा थां कि वोहनशे मे थि। नीरा कों भि विक्रम केँ चेहरे कि भावों सें लगा कि वोहउसे याद करने कि कोशिश कररहा हैं औऱ फिन विक्रम कि आँखें एकदम बड़ी हौ गयीं।
“ओह, आप् हें?” विक्रम किसी थप्पड़ याँ वैसीकुछ आशा करताहुआ बोला। नीरा केँ चेहरे सें पता नहि लगरहा थां कि वोह गुस्से मे थि याँ अच्छे मूड मे थि।
“हाँ मे… क्याँ कुछदेर केँ लिए बाहर् बगीचे मे आओगे?यहा बहोत भीड़ हैं…” नीराकह केँ चल पड़ी।
विक्रम बिल्कुल सन्न थां पर्र उसेलगा कि अगरये स्त्री उसकी पिछली वारदात कों लेकरउसे फटकारना चाहती हैं तौ बाहर् बगीचा बहुत उप्युक्त थां क्योंकी एक् तौ बाहर् अँधेरा थां औऱ दूसरे बाहर् कोई थां भि नहि। विक्रम नें ताड़ केँ नीरा कि हाईहील सैंडल केँ कारण बलखाती गाण्ड देखी तौ वोँ थोडा घबड़ता हुआ नीरा केँ पीछेचल पड़ा। बाहर् आकरउसे अचानक नीरा कहीं नहि दिखी पर्र फिन उसने नीरा कों दूर खड़े अपनीतरफ हाथ हिलाते हुए देखा। वोह लोगों कि नज़रों सें दूर हरे-भरे लान मे नीरा केँ पास जाकर खड़ा होँ गय़ा।
“देखिये, मे उसदिन केँ लिए आपसे माफी…” विक्रम नें बोल्ना शुरुआत किया पऱ उसे धक्का सां लगाजब नीरा नें उसका चेहरा अपने दोनों हाथों मे पकड़कर अपने होंठ उसके होंठों पे रख दिये। नीरा कि इस अक्समात हरकत सें विक्रम कुछ क्षणों केँ लिएजम सां गय़ा। उसेसमझ मे नहि आँ रहा थां कि होँ क्याँ रहा हैं पऱ जब नीरा नें अपनीजीभ उसके होंठों कि बीच मे गड़ायी तोँ विक्रम नें अपने होंठ खोलकर नीरा कि जीभ अपने मुँह मे घुसने दि औऱ फिन दोनों एक् दूसरे केँ मुँह मे किस करनेलगे।
विक्रम कों समझ मे नहि आँ रहा थां कि अपने हाथों कां क्याँ करे। वोह नीरा कों अपनी बाँहों मे पकड़ना चाहता थां पऱ उसेडर थां कि कहीं पिछली बार कि तरहभाग नाँ जाए। उसने अपनेहाथ अपनी साईड पे हि रखेजब तक कि नीरा नें स्वयं उसकी बाँहों कों घसीटकर अपनी गाण्ड केँ इर्द-गिर्द नहि लपेटा। विक्रम नें नीरा केँ गाऊन केँ ऊपर सें हि उसकी नर्म-रसीले गाण्ड कों दबाया। वोह अभि भि अनिश्चित सां थां पर्र फिन नीरा केँ हाथों नें भि बढ़कर विक्रम कि गाण्ड दबोचली।
उन दोनों केँ होंठ अभि भि एक् दूसरे सें चिपके हुए थें औऱ दोनों इतनेजोश सें चूमरहे थें कि उन दोनों कि ठोड़ियां उनकेथूक केँ मिश्रण सें भीग गयीँ, थीं। नीरा बहोत उत्तेजित थि औऱ उसकी अँगुलियां पागलों कि तरह विक्रम कि बेल्ट टटोलरही थीं। विक्रम कि अँगुलियां भि नीरा कां गाऊन पीछे सें धीरे धीरे अपने मुट्ठियों मे भरतेहुए ऊपर खींचरही थीं। जब नीरा केँ गाऊन कां निचला किनारा उसकेहाथ मे आँ गय़ा तौ विक्रम नें ड्रेस कों एक् हाथ मे ऊपर पकड़ लिया औऱ दूसरा हाथ नीरा कि गाण्ड पे रख दिया। नीरा चूमते हुए विक्रम केँ मुँह मे हि सिसकने लगी।
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan - Next part miss mat karna
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .