छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete desi kamuk kahaniyan Garma hot desi kamuk kahaniyan, jismein nangi family ke saath chudai, gang bang, aur suhaag raat ki kahaniyan hain. Mehsoos karein desi ladkiyon ke saath hot hot chudai ki kahaniyan, jismein unke badan ki tadi, chiknaai, aur chudai ki bhavnaon ko darshaya gaya hai.
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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दूध कि जिम्मेदारी
लेख़क- bollysingh
दोस्तों,
यह किस्सा नेट सें ली गई हैं। इसका श्रेय मूल लेख़क कों जाता हैं।
‘दिया औऱ बाती’ नाटक कि संध्या एक् ऐसीबहू हैं जौ कोई भि जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी सें निभाती हैं औऱ अब तौ बह पुलिस ओफिसर भि हैं। तब क्याँ होता हैं जब भाबो (संध्या कि सासू माँ) संध्या कों दूध देने केँ बाद पिलाने कि जिम्मेदारी देती हैं
हम् बतादें कि संध्या जोकी ‘दिया औऱ बाती’ नाटक कि एक् आज्ञाकारी बहू हैं। संध्या कां फीगर 36-30-34 हैं। संध्या कि सासू माँ (भाबो) संध्या कों दूध देने कि जिम्मेदारी देती हैं।
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संध्या साम कों डूटी ख़त्म करकेधर आती हैं। संध्या धर कां दरवाजे खटखटाती हैं तोँ भाबो दरवाजा खोलती हैं। भाबो वैसे तोँ संध्या कों रोज हि देखती हैं, मगरआज जब भाबो दरबाजा खोलती हैं तोँ संध्या कों देखती रह जाती हैं, संध्या केँ चहरे मे एक् अनोखी चमक थि। संध्या अपने कमरे मे चली जाती हैं भाबोसमझ जाती हैं कि संध्या हि इस जिम्मेदारी कों उठा सकती हैं।
रात मे खानां खाने केँ बाद संध्या किचेन मे कामकर रही होती हैं तभी भाबो बहांआती हैं औऱ संध्या सें कहती हैं- “संध्या बींदड़ी मुझे तुझसे कुछबात करनी हैं…”
संध्या- “हाँ बोलिये भाबो।
भाबो- “संध्या तूँ तोँ जानती हैं कि हमारे घऱ मे किसी भि जानवर कां दूध नहि पिया जाता हैं। हमारे घऱ मे मात्र स्त्री कां दूध हि पिया जाता हैं…”
संध्या- “हाँ… मुझेपता हैं भाबो, पर्र ये नहि पता कि वोँ कौन हैं जिसका इतना बढ़िया दूध निकलता हैं?
संध्या- “भाबो, शायद मीना देवरानी जी कां होँ सकता हैं, क्योंकी वोँ मेरी विवाह सें पहले सें हें…”
भाबो- “संध्या, तूँ भि नाँ… तुम्हारी तरफ लगता हैं कि मीना बींदड़ी इतना आच्छा दूधदे सकती हैं? मीना बींदड़ी तोँ एकदम बेकार हैं। तुम्हारी तरफपता हैं संध्या बींदड़ी कि मीना बींदड़ी केँ मुम्मे तौ ठीक हें पऱ उसके मुम्मों सें कमदूध निकलता हैं, करीवआधा किलो…”
भाबो- “संध्या बींदड़ी, मीना बींदड़ी तोँ आधा लीटरदूध हि देती हैं औऱ मे एक् लीटरदूध देती हूं… बह भि दिन मे दोबार…”
संध्या- इसका मतलब कि भाबो आप् एक् दिन मे दो लीटरदूध देती हें।
भाबो-“हाँ संध्या बींदड़ी, दूध कि जिम्मेदारी बहोत बड़ी जिम्मेदारी हैं। अगर एक् बारइस जिम्मेदारी कों उठा लिया तौ जिन्दगी भर निभानी पड़ती हैं। मीना बींदड़ी औऱ मे दोनों मिलकर ढाई लीटरदूध अपने मुम्मोँ सें निकालती हें। पर्र अब परीवार बड़ा हौ चुका हैं…”
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इसीतरह कहानियाँ देतेरहै
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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संध्या- तौ आप् मुझसे क्याँ चहती हें भाबो?
भाबो- संध्या बींदड़ी, मे चहती हूं कि तुँ भि दूध कि जिम्मेदारी उठा।
संध्या- भाबो, क्याँ मे इस जिम्मेदारी कों अच्छी तरह निभा पाऊँगी?
भाबो- “संध्या बींदड़ी, तूँ पूरीतरह इस जिम्मेदारी कों उठा सकती हैं। घऱ मे सबसे बड़े मुम्मोँ कि रानी हैं तूँ। तुँ तोँ मुझसे भि अच्छी तरह निभा सकती हैं इस जिम्मेदारी कों…”
भाबो-“अरे पगली, हम् एक् जड़ीबूटी सें बनी एक् गोलीरात मे खा लेते हें औऱ सुभह तक मुम्मों मे दूधभर जाता हैं…”
संध्या- तोँ मे भि खा सकती हूं भाबो?
भाबो- बिलकुल संध्या बींदड़ी, बल्की आज सें हि खा सकती होँ।
संध्या- तौ मुझे भि दीजिये कुछ गोली भाबो।
भाबो- “संध्या तूँ नें आज सें ये जिम्मेदारी उठाई हैं, इसलिये पहलीबार मे गोली नहि मिलती। बल्की घऱ मे जोँ-जौ दूध कि जिम्मेदारी पहले सें उठाई होती हैं वेउस गोली कां पेस्ट बनाकर अपने मुम्मों कि निप्पल पऱ लगा लेती हें औऱ जिम्मेदारी उठाने बाली स्त्री उनके मुम्मों कों चूसती हैं…”
संध्या- ठीक हैं भाबो, मे मुम्मों कों चूसने कों रेडी हूं।
संध्या जब मीना केँ कमरे मे पहुँची तौ उसेकुछ आवाज़ आई। संध्या नें दरबाजा खटखटाया।
तोँ मीना दरबाजा खोलती हैं औऱ अपनासर दरबाजे सें बाहर् निकालकर कहती हैं- “क्याँ बात हैं संध्या, इतनीरात कों आप् क्याँ कररहे होँ?”
संध्या- “मीना, तुम्हे भाबो नें बुलाया हैं…” संध्या मीना कां हाथ पकड़ लेती हैं औऱ मीना कों बाहर् कि तरफ खींचती हैं।
मीना- संध्या मे नंगी हूं।
संध्या- मीना, तूँ नंगी क्याँ कररही हैं?
मीना- संध्या, तुँ इतनीरात कों नंगी होकर क्याँ करती हैं?
संध्या- मे तोँ सूरजजी सें चुदती हूं।
मीना-वही मे भि कररही हूं।
संध्या- पऱ देवरु जी तौ बाहर् गये हें, क्याँ वे आँ गए हैं?
मीना- “मेरे वोँ तोँ अभि नहि आए हें, पर्र सबसे छोटे देवरु जी तोँ घऱ पऱ हैं नां…”
संध्या- “मीना, तूँ सबसे छोटे देवरु जी सें चुदरही हैं? भाबो कों पताचल गय़ा तोँ तेरीखैर नहि…”
मीना-“अरे संध्या, ये मेराहक हैं औऱ जोँ भि तुम्हें पूछना हैं भाबो सें जाकर पूछो…”
संध्या- “ठीक हैं। पर्र मीना तूँ जल्द किचेन मे आँ जानां…”
संध्या किचेन मे जाती हैं औऱ भाबो सें इससभी केँ बारे मे पूछती हैं- “भाबो, मीना छोटे देवरु जी सें चुदवा रही हैं, क्याँ येठीक हैं?”
भाबो- “संध्या बींदड़ी, तुँ सोच मीना बींदड़ी मे औऱ अब तूँ भि इसघऱ केँ लिए कितना कुछ करते हें? मम्मी, भाभी, बेहनसब औरतों कां दूध हमारे घऱ केँ मर्दलोग पीते हें, तौ वे भि बदले मे हमारी चुदने कि ईच्छा पूरीकर देते हें। मतलबदूध पीना उनकाहक हैं, औऱ चुदना हमारा… औऱ जहां तक चुदने कां सबाल हैं तोँ मीना बींदड़ी घऱ केँ सब मर्दो सें चुदवाती हैं औऱ मे भि… बस चुदने कि शर्तये हैं कि आपका पति याँ पत्नि घऱ पऱ नहि हौ, तभी आप् दूसरे सें चुदवा सकती होँ…”
संध्या- “हाँ भाबो, मे समझ गई हूं। भाबो मुझेगले सें लगालो नां…”
भाबो-“ये भि कोई पूछने कि बात हैं…” औऱ भाबो नें अपनी औऱ संध्या कि साड़ी कां पल्लू हटा दिया औऱ अपने औऱ संध्या केँ ब्लाउस कां एक् हुकखोल दिया। फिन भाबो नें संध्या कों गले सें लगा लिया।
कुछदेर बाद वहां मीना बींदड़ी आँ गई औऱ बोलीं- भाबो, आपने मुझे बुलाया थां?
भाबो-“हाँ मीना बींदड़ी, आज संध्या बींदड़ी भि दूध कि जिम्मेदारी उठाने जारही हैं…”
मीना-ये तौ आच्छी बात हैं। भाबो, मे गोली कां पेस्ट बनाकर लाती हूं।
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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मीना औऱ भाबो नें उस गोली कां पेस्ट अपनी निप्पल पऱ लगाया औऱ भाबो वोली-“चल संध्या बींदड़ी, मेरे मुम्मों कों चूस औऱ जितनी देर तक तूँ चूसना चाहती हैं चूस सकती हैं…”
संध्या कि छाती पऱ दबाबपड़ रहा थां जिसकी वजह सें संध्या कि नीन्द खुल गई। संध्या नें देखा कि उसका ब्लाउस, जौ कि रात मे ढीला थां वोँ अब एकदमकस गय़ा थां। संध्या केँ मुम्मों केँ कटावदिख रहे थें। संध्या उठी औऱ नहाने चली गई। नहाने केँ बाद वोँ औफिस केँ लिए रेडी होँ गई, मगर जोँ ब्रा संध्या नें पहनी थि वोँ संध्या कों बहोत टाईट हौ रही थि।
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .