छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete desi kamuk kahaniyan Garma hot desi kamuk kahaniyan, jismein nangi family ke saath chudai, gang bang, aur suhaag raat ki kahaniyan hain. Mehsoos karein desi ladkiyon ke saath hot hot chudai ki kahaniyan, jismein unke badan ki tadi, chiknaai, aur chudai ki bhavnaon ko darshaya gaya hai.
“वोँ बहुत सख्त हैं…” नितेश थोडा सां संकोच करतेहुए बोला- “विशेषकर जब सें आप् इस कालेज मे टीचरबन केँ आयी हें…”
“मायगाड… इससे पहले कि यह मुरझा जाये। जल्द सें अपना लौड़ा मेरी बुर मे पेलदे…”
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बहोत मस्तभाग हैं भइया
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Thanks Dear.
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. dosto, There are lot of 'POP_UP' screens, while updating at every click. It iss quite annoying. earlier it was not there. I will request Admin too look into it, urgently. Thanks. .
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दोस्तों,
यहकथा 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस पऱ पूरी होँ जायेगी। रही आपकी भूलने कि बात तौ यह आपकी व्यक्तिगत बात हैं, वोँ कभी भि कर सकते हें।
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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आलोक नें धीरे धीरे चोदना चालू किया। हर बारजब वोह अपना लण्ड बाहर् खींचता तोँ नीरा- “आआआहहह…” करती औऱ औऱ हरबार जबवोह अपना लण्ड वापस बुर मे अंदर ठाँसता तौ नीरा “ऊऊऊऊहहहह…” करके कराहती। जल्द हि नीरा कि कराहें “आआआहहह… ऊऊऊहहह… आआआहहहह… ऊऊऊहहह…” सें “आआहह…ऊहह… आआहह…ऊहह…” मे बदल गयीं औऱ फिन जैसे-जैसे आलोक औऱ जोर सें चोदने लगा, नीरा मात्र “आँ… आँ… घों…घों…” करके घुरघुरा पारही थि।
आलोकअब अपना ग्यारह इंच लंबा लण्ड पागलों कि तरह तेज़-तेज़ सें धक्के मारता हुआ नीरा कि बुर मे पेलरहा थां। नीरा अपनी टाँगों केँ बीच कि सनसनी मे खोयी हुईँ थि। उसनेऐसा कभी भि महसूस नहि किया थां जैसा कि वोँ अभि महसूस कररही थि। नीरा कों इतने बड़े लौड़े सें चुदते हुए ख्याल आँ रहा थां कि किसीगधे सें चुदने मे कैसा लगेगा। नीरा कि बुर कों इतना फैलाकर चोदने केँ संग-संग वोँ लंबा-मोटा लौड़ा लगातार नीरा कि क्लिट कों भि घिसरहा थां।
इसीतरह तीखे स्वर सें चीखती-कराहती नीराकई बार झड़ी पर्र आलोकउसे बिना रुके चोदता जारहा थां औऱ नीराफिन सें कईबार झड़ी। इतनीबार झड़ने केँ कारण नीराअब बदहवासी कि हालत मे थि। ठीकजिस वक़्त नीरा कों लगनेलगा कि अगर वोँ एक् बार भि फिन झड़ी तोँ उसकीजान हि निकल जायेगी, तभी आलोक केँ तेज़ लंबे धक्के छोटे-छोटे झटकों मे परिवर्तित होँ गये औऱ आलोक नें नीरा कि टाँगें कसकर अपनी बाँहों मे पकड़लीं। नीरा नें आलोक कां वीर्य अपनी बुर मे इतनीवेग सें छूटकर बहतेहुए महसूस किया कि ज़िंदगी मे पहलेकभी इतनी अधिक ताकत सें वीर्य अपनी बुर मे निकलता महसूस नहि किया थां। नीरा कों ऐसालग रहा थां जैसे किसी नें पानी कां पाइप उसकी बुर मे घुसेड़कर पूरानल खोल दिया हौ। जब आलोक कां चिपचिपा लण्ड नीरा कि बुर सें बाहर् निकला तौ नीरा नें मुँह खोलकर साँसली औऱ अपने बुर कों जकड़कर आलोक केँ लण्ड कों बुर केँ अंदर हि रोकने कि चेष्टा कि।
जिस लण्ड कों अपनी बुर मे लेने सें नीरा पहलेडर रही थि उसी लण्ड सें चुदवाने मे उसे इतना खुशी औऱ तृप्ति मिली थि कि वोह इतनी आसानी सें छोड़ना नहि चाहती थि। मगरअंत मे वोह पूरा बाहर् निकलआया औऱ नीरा कि बुर मे सें ढेर सारा वीर्य बाढ़ कि तरह बाहर् बहनेलगा।
नीरा नें जब अपनी आँखें खोलीं तौ आलोक कों अपनीतरफ देखते हुए मुश्कुराते पाया। नीरा नें सीधे बैठकर अपनी बाँहें आलोक कि गर्दन मे डालकर उसका चेहरा अपनीतरफ खींचा औऱ अपने होंठ आलोक केँ होंठों सें दबाकर अपनीजीभ आलोक केँ मुँह मे घुसेड़ दि। दोनों तब तक कामुक्ता सें किस करतेरहे जब तक आलोक साँस लेने केँ लिए पीछे नहि हटा।
“तोँ मे यह समझूँ कि तुम्हें चुदाई पसन्द आयी? आलोक नें पूछा…”
नीरा नें कुछ जवाब नहि दिया क्योंकी वोह अभि भि खुशी सें कराहरही थि।
“तुम्हारे पासकोई टीशू पेपर याँ रूमाल वगैरह हैं? मे पैंट पहनने सें पहले अपना लण्डसाफ करना चाहता हूं…”
नीराजब अपने डेस्क सें फिसलते हुए नीचे उतरी तौ उसके चेहरे पर्र स्वप्नमय भाव थें। मगरवोह डेस्क सें उतरकर खड़ी नहि हुई, बल्कि, अपने घुटनों केँ बल बैठकर अपने सहकर्मी केँ चिपचिपे लौड़े कों लालसा सें देखने लगी। नीरा कों अपनी बुर मे सें आलोक कां वीर्य बाहर् टपकता महसूस हौ रहा थां। नीरा नें सोचा कि इतने बड़े लण्ड सें चुदने केँ बाद बुर कां मुँह अभि भि खुला हि होगा। फिन उसने आलोक केँ नर्मपड़ चुके लण्ड पऱ वीर्य चिपका हुआ देखा।
बिनाकुछ कहे नीरा अपने अँगुलियां चिपचिपे लण्ड पे फिराने लगी औऱ फिनउसे अपनी अँगुलियों औऱ अँगूठे केँ बीच मे दबा लिया औऱ उसे अपने होंठों केँ पास लाकर अपना मुँहखोल दिया। आलोक कों विस्मय मे डालते हुए नीरा नें अपने होंठउस लिसलिसे लण्ड पऱ कसदिए औऱ चूसने लगी। आलोक कों नीरा कि जीभ अपने सुपाड़े पर्र फिरती हुई महसूस हुई औऱ फिन नीरा नें बिना साँस घुटे जितनी दूर तक होँ सकता थां अपने होंठ ज़्यादा सें अधिकआगे फिसला दिए। जब नीरा कों पूरा विश्वास हौ गय़ा कि उसने लण्ड पे चिपटा सारा वीर्य चाट लिया हैं, उसकेबाद हि नीरा नें लण्ड अपने मुँह सें बाहर् निकाला।
फिन अँगुलियों मे आलोक कां लण्ड पकड़कर उस हिस्से कों चाटने लगी जौ वोह अपने मुँह मे नहि लेँ पायी थि। बाद मे उसने आलोक कि गोटियों पऱ भि अपनीजीभ फिरायी। औऱ नीरा बोलीं- “हुम्म… अब तौ ठीक हैं कि अभि भि टीशू पेपर चाहिए?”
आलोक नें अविश्वास सें नीरा कों ताकते हुए मात्र अपनासिर हिलाया। उसने अपनी पैंट पहनी औऱ क्लास-रूम केँ फर्श पऱ मात्र अपने सैंडल पहने बैठी नंगी टीचर कि तरफ देखा। आलोक नें नीरा कों बायकहा तोँ नीराआँख मारकर मुश्कुरा दि। आलोक केँ जाने केँ बाद भि नीरा वैसे हि फर्श पऱ अपनी ज़िंदगी कि सबसे धुँआधार चुदाई केँ बाद कि असीम संतुष्टि कि दीप्ति मे बैठीरही। नीरा नें स्वयं सें वादा किया कि ये अंतिम बार नहि थां जब उसने इतने विशाल लौड़े सें अपनी बुर चुदवायी थि। नीरा नें अपनी अँगुलियों सें अपनी बुर केँ बाहर् औऱ जाँघों पे लगा वीर्य पोंछा औऱ अपनी अँगुलियां चाटकर वीर्य कां स्वाद लिया। उसने देखा कि बहुत सारा वीर्य उसकी बुर सें टपककर फर्श पे भि पड़ा थां। नीरा कों एक् गंदी शरारत सूझी औऱ वोँ झुककर फर्श पे सें वीर्य चाटने लगी।
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan - Next part mein bada twist
जौनपुर भइयाअब आपकी बारी हैं आपकी किस्सा बड़ी प्यारी हैं अब इतना तोँ नाँ तरसाओ ए मित्र वरना हमेंभूल जाने कि बीमारी हैं :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: :lol: he he he he he he he he
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .