नॉकरानी और मसाज-वसाज - नॉकरानी चुदाई – New Episode
भाग 9:
कमरे मे अबबस'फच फच फच.फच्चाक' औऱ उस अबला गुजरातन कि आहो सें गूंजने लगा.!फिन सें एक् बारचरम सुख प्राप्त कर शेफाली जी चिपक सें गयीँ, मुझसे औऱ तभी बाबूराव नें अपना गाढ़ेमाल कि उल्टी करके उनकी मुनिया कि टँकी कों लबालब भर दिया.!!!!
अबआगे:
पसीने सें तरबतर हौ चुके थें हम् दोनों.इस घनघोर पर्र-महिला चोदन केँ पश्चात मे शेफाली जी केँ ऊपर हि लेटाहुआ उनके हुष्ट-पुष्ट चूंचियों कों सहलाते हुए उनकी बिखरकर पसीने सें चिपक चुकी ज़ुल्फ़ों कों उनके चेहरे सें हटारहा थां.शेफाली जी अभि भि दमे कि मरीज़ कि तरह हांफरही थीं.औऱ बाबूराव उनकीजबर चुदी हुइ बुर कि गर्मी कि मस्ती मे अंदर ठुंकि मारते हुए अपनेबचे हुएमाल कि हल्के बूंदों कों चिरकते हुए सिंचाई कररहा थां.!
SP: "स्स्स.करके हि माने नां अपनीमन कि.बोला थां हाथ सें हिला केँ निकल लो.पऱ सब्र नहींहुआ तुमसे थोड़ा भि.! केसे करते होँ जानवर कि तरह.जान हि निकल गई जैसे.!"
मे: (उनकेसर केँ बालों कों प्रेम सें सहलाते हुए) "सॉरी भाभी.वोँ क्याँ हैं नाँ.बहुत महीनों सें किया नहीं थां.औऱ ऊपर सें आप् इतनी हसीन औऱ गदराई माल हें कि कंट्रोल हि नहींहुआ.!"
SP: थोड़ा शर्माते हुए "धत्त.बेशर्म झूठेकही केँ.! अच्छा अब उठो.घऱ भर कां कामपड़ा हुआ हैं.सेजल भि कॉलेज सें आएगीकुछ देर मे.!"
इतने दिनों बाद क्याँ लज़ीज़ गोश्त नसीबहुआ थां.अभि इतनी जल्द छोड़ने कां बिल्कुल मन न् थां.सोचा कि चलोइस बातूनी बड़बोली गुजरातन कों बातों मे उलझाते हें!
मे: "अरे नहीं भाभी.शपथ सें.! आप् केँ जैसा प्यारा नरम रसीले मालआज सें पहलेकभी नहीं चोदा.जी करता हैं कि सुभहसाम आपकोबस चोदता हि रहूं.!"यह कहतेहुए लंड कों हल्के-हल्के घुमाने लगा मे उनकी बुर मे.
SP: मुस्कुराते हुए झूठा क्रोध दिखाते हुए "लज्जा नहीं आती.अपने सें उम्र मे बड़ी भाभी सें ऐसे बाते करते हुए.यह क्याँ चोदा-चोदा लगारखा हैं.तमीज़ सें Sex नहींबोल सकते.??"
नाटक तौ देखो बेहन कि लौड़ी केँ.चुदवाने केँ लिए लौंडा घऱ लेँ करआई हैं औऱ तमीज़ सिखारही हैं.!
मे: बुर मे लंड घुमाते हुए "अच्छा जी.अंग्रेज़ी मे Sex बोले तोँ तमीज़.औऱ चुदाई बोले तौ बदतमीज़ी.! मुझसे अपनी मातृभाषा कां अपमान नं सहा जाएगा.इसलिये आपकी Pussy मे Dick नहीं.आपकी बुर मे लंड डालूंगा मे तोँ.! आप् भि कहो। चुदाई.!" यहकह केँ उनकी विशाल रसीले चूंची कों कस केँ निचोड़ दिया अपुन नें.!
SP: "अहह.अच्छा बाबा.चु.चु.चुदाई.! अब खुश.अब चलो उतरो भि.भूख केँ मारे बुराहाल हैं.निराली भाभी केँ संग मन्दिर भि जानां हैं.!!"
मे: (निप्पलों कों हल्के सें मरोड़ते हुए) "अरे.बस इतनी सि बात.भूख लगी हैं.चलो मे अपनी प्यारी पड़ोसन भाभी कों अपने लंड कि गाढ़ी मलाई खिलाता हूं.!!"
SP: (खिलखिला केँ हंसते हुए)"हट बुद्धू.उपवास तुड़वायेगा क्याँ मेरा.!! मे आज केँ दिन बिना मन्दिर गएकुछ भि नहीं खाती.!!"
इसकी मां कि आंख.उपवास.नरक मे भिजवायेगी यह बेहेन कि लौड़ी.! ! लंड नें हल्की ठुंकि खाई बुर केँ अंदर.
मे: "अच्छा जी.औऱ जौ मलाई-भोग अभि-अभि आपकी बुर कों लगाया हैं थोड़ेदेर पहले उससे उपवास नहीं टूटा.??"
SP: "धत्त बेशर्म.वोँ मलाईपेट मे थोड़े हि गई जौ उपवास टूटेगा.!!"
मे: "वाउभई। मानगए पारेख जी कि क़िस्मत कों.क्याँ आप् जैसी धार्मिक पत्नि मिली हैं.!" इसकेसंग हि बिल्कुल हल्के सें अपने वापसखड़े होते लंड कों बुर केँ बाहर् खींच केँ अंदर सरकाया अपुन नें.
SP: (थोड़े गर्व सें) "वोँ तोँ हैं.पता हैं.सोसाइटी मे मेरे जैसा कठिन उपवास कोई नहींरख पाता.!!चलो अबउठो भि.नहा केँ मंदिर जानां हैं.!"
मे: "भइयाजलन होती हैं पारेख भाईसाहब सें.पक्का रोज़ आप् जैसी नमकीन गदराई माल कों घण्टों चोदते होंगे.!!" कहकर वापस लंड थोड़ा बाहर्-अंदर करके बुर केँ अंदर धीरे धीरे घुमाने लगा.
SP: थोड़े गुस्से औऱ अफसोस केँ संग"नाम मतलो अपने पारेख भाईसाहब कां.अगर वोँ रोज़ चोदते तौ मुझे क्याँ आनपड़ी थि जोँ तुम्हारे नीचे लेटेहुए अपनीफूल जैसी मुनिया कां सत्यानाश करवाती.!! औऱ ऊपर सें अगर किसीदिन ठाकुर जी कि कृपा सें चढ़ भि गएऊपर तोँ 10-15 सेकंड मे हि टांय होकर लुढ़ककर हांफने लग जाते हें.!!! मेरी तोँ भाग्य हि फूटी थि जौ इनके पल्ले पड़ गई.औऱ कहां मेरी दिदी कों देखो.रोज़ रात कल्पेश जीजू कों टांगो केँ बीचलिए पड़ी रहती हैं आज भि.औऱ वोँ निराली भाभी कों देखो.40 कि उमर मे भि पिछले महीने एबॉर्शन करवा केँ आई.!!!"
इसकी मम्मी कां.यह साली औरतों कां मुँहकहि नहीं रुकता क्याँ.अपनी चुदाई कि गाथा कों लोकल केबिल नेटवर्क केँ चैनल पऱ प्रसारित करतीं रहती हें.!!!
मे: "च.च.च.बोहोत दुख झेला हैं आपने भाभी.कोई बात नहीं.अब मे जौ हु.! अच्छा यह बताइये.हफ्ते मे कितने बारचोद लेते हें भाईसाहब.??"
SP: "हफ्ते मे.सालो मे पूछो.!!! विवाह केँ महीने हि जेसलपेट मे आँ गयीँ,.उसके बाद नॉवे महीने मे उसके होने केँ बाद सीधेतब चढ़े थें जब वोँ नर्सरी मे जानेलगी.! फिन सेजल होँ गई.उसके बाद तोँ समझलो इनको धंधे सें फुर्सत हि नहीं मिली.इन दोनों केँ दहेज केँ लिएदिन रातलगे रहते हें.!!
मे: "ओह्ह.बेचारी मेरी भाभी.! पर्र यह बताओ.सुहागरात कों सील तौ ठीक सें खोल पाये थें पारेख भाईसाहब.???"
SP: (तुरन्त बिना सोचे)"अरे कहां इनमेसील खोलने कि तमीज़ हैं.टोपा अंदर करते करते 2 महीने लगगए इनको औऱ पूरा अंदर डालने मे 4.वोँ सील तौ मेरी विवाह केँ 3 दिन पहले हि खुल."
इतनाबोल कर अपनीजीभ दांतों केँ बीचदबा बैठी मिसेज़ पारेख.
Yes Sir.You are spot on.I started writing this there.lekin that website got shut down.So re-started writing this as my drafts were not saved anywhere.! Indebted too you for your kind words of appreciation.Hope my future writing deserves similar likes from you.!
नॉकरानी और मसाज-वसाज - नॉकरानी चुदाई – New Episode
एपसोड #10
SP: (तुरन्त बिना सोचे)"अरे कहां इनमेसील खोलने कि तमीज़ हैं.टोपा अंदर करते करते 2 महीने लगगए इनको औऱ पूरा अंदर डालने मे 4.वोँ सील तोँ मेरी विवाह केँ 3 दिन पहले हि खुल."
इतनाबोल कर अपनीजीभ दांतों केँ बीचदबा बैठी मिसेज़ पारेख.
अबआगे:
3 दिन पहले.यह सुनते हि बाबूराव नें एक् झटका सां खायाउस गुजरातन कि ताज़ी चुदी बुर मे.! मैच सें पहले नेट-प्रैक्टिस हौ चुकी थि.मतलब कोई चोदू जोँ शायद बहुत पहले सें इनकी लेने कि फिराक़ मे थां.वोँ पिच पर्र बॉलिंग होने सें पहले हि विकेट गिरा चुका थां.औऱ बीचारे पारेख साहबउस एग्जाम कि तैयारी मे जुटेरहे जिसका पेपर पहले हि आउट हौ चुका थां.!
मे: एक् कुटिल मुस्कान केँ संग उनके निप्पल मरोड़ते हुए"ओह। क्याँ बात हैं.मतलब बॉयफ्रेंड कों हर्जाने केँ तौर पर्र दे आयीं होंगी बुर विवाह सें पहले.!!"
SP: "धत्त.औऱ लड़कियों कि तरहसमझ लिया हैं क्याँ मुझे.मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं थां विवाह सें पहले.शरीफ खानदान सें हूं समझे.वोँ तौ बस ग़लती सें हौ गय़ा थां.कई लड़के आगे-पीछे घूमते थें मेरेपता हैं, पऱ मजाल हैं कि मैंने कभी किसी कों भाव दिया हौ कभी.वरना आजकल तौ लड़कियां सुहाग-रात मे फूल कि बजाय पूरा गुलदस्ता बन केँ जातीं हैं.वोँ अपनी निराली भाभी कों हि लें लो.विवाह सें पहले अपनी पड़ोस केँ बचेलर-फ्लैट केँ 5-5 लड़कों सें खूँटा गड़वाये फिरती थि औऱ अभि एक् बेटी कि विवाह करवाने केँ बाद भि वोँ मुये यादव दूधवाले केँ लड़के कों पावभर एक्स्ट्रा दूध केँ बदले अपने घाघरे मे घुसवा लेती हैं.!!! "
ज़िन्दगी मे पहलीबार 'व्रत वालाभोग' ग्रहण कियेहुए बाबूराव नें इस 'शरीफ खानदान कि बुर' मे वापस सें सिर उठाना शुरुआत कर दिया थां.यह निराली भाभी केँ घाघरे अपना भि नागरा लगाना पड़ेगा जल्द हि.!!!
SP: "चलोहटो भि अब.मगरमछ कि तरह पसरेहुए हौ तब सें मेरेऊपर."
थोड़ी कसमसाहट केँ संग लंड थोड़ा निकल सां आया बुर सें.पऱ टोपा अभि भि अंदर किये बाबूराव बाहर् कि खुलीहवा मे जबर तरीके सें फूलने लगा.!
मे: (भाभी केँ नर्म गालो कों सहलाते हुए) "पहले बताइये.आपके बुर मे पहला खूँटा किसने गाड़ा थां.??"
SP: "हटो बेशर्म.कोई तमीज़ भि हैं तुमको.एक् शादीशुदा औरत सें ऐसे प्रश्न भि कभीकोई पूछता हैं भला.! मे नहीं बताती.तुमने गाड़ लिया न् अपना खूँटा.बस खुशकिस्मत होँ औऱ इसी मे खुश रहो.वोँ मेराराज़ हैं.मुझे लज्जा आती हैं.!!"
मैने शेफाली भाभी केँ नर्म होंठो कों अपने होंठों मे भर लिया औऱ बड़ी लज़्ज़त सें चूसते हुए उनकी आंखों मे झांककर कहा"अब मेरीजान भाभी मुझी सें शर्माएगी.! अब तोँ हम् दोनों भि एक् दूसरे केँ राज़दार हैँ। मुझपे भरोसा करिये.प्लीज़ बताइये नाँ.आपको पारेख साहब कि शपथ.!"
SP: "हायरे मेरे ठाकुर जी.कहा फंस गई.एक् तौ इस बड़बोले बातूनी नें नाँ जाने केसे मेरे मुंह सें यह निकलवा लिया औऱ अब मेरे उनकीशपथ दिला दि.तुम् नां.बड़े वोँ हौ.!! बताती हु पर्र प्लीज़ किसी कों मत बताना कभी वरना सेजल केँ पिताजी कों मुंह नहीं दिखा पाउंगी कभी.!!"
हां बहनचोद। मे बड़बोला बातूनी.आप् सती-सावित्री.पाकिस्तान अमन कां मसीहा औऱ कांग्रेस कां पप्पू सबसे समझदार.!!!
मैंने उनकी आंखों मे झांकते हुए मुस्कुराते हुए गर्दन हां मे हिलायी औऱ उनकी नर्म चूंची कों सहलाते हुए लंड केँ टोपे सें बुर केँ बाहरी होंठो कों कुरेदने लगा "बोलिये नाँ.कौन थां वोँ बेहेन कां लौड़ा.??"
SP: "गालीमत दो प्लीज़.वोँ.वोँ.वोँ कल्पेश जीजा हैं नां.उन्ही सें होँ गय़ा थां ग़लती सें.भले इंसान हैं वोँ.!"
इसकी मम्मी कां.साला बुर न् हुईँ कोल्डड्रिंक कि बोतल हुई जोँ 'ग़लती सें' सीलखुल गई.इस भले-इंसान कि मम्मी कां भोसड़ा.साली आधी घरवाली वालीबात कों सिद्ध कर गय़ा.यह तौ वाकई 'बेहेन कां लौड़ा' निकला.!!
मे: "ओह.तौऐसा थां.चलिए कोई नहीं.जीजा साली मे तौ चलता रहता हैं लेन-देन.वैसे केसे हुइ यह ग़लतीयह तोँ बताइए.!"
SP: "अरे वोँ क्याँ हुआ नां.विवाह कां घऱ थां.बड़ी खचाखच भीड़ थि मेहमानो कि.नाच-गाना सें थक केँ मे दिदी केँ कमरे मे जाकर थोड़ा सुस्ताने केँ लिए लेटी थि.लाइट ऑफ थि.औऱयह कल्पेश जीजा बाकी मर्दो केँ संग पीयेहुए थें.वोँ कमरे मे आकर मुझे दिदी समझ केँ मेरा घाघरा ऊपर सरका केँ चढ़गएमुझ पर्र.मे सुहाग-रात कां सपनासमझ मज़ा लें रही थि शुरुआत मे.पऱजब उनका वोँ मेरे वहांघुस गय़ा तब माथा ठनका.बड़ा दर्दहुआ पर्र चीख न् सकी क्योके मेहमान सुन लेते.पर्र यह मेरे बुद्धू जीजा भि पता नहीं केसेसमझ नहीं पाये.कहा उस वक्त दिदी केँ इतनी बड़ी-बड़ी दूध कि टँकीया औऱ कहा मेरेउस वक़्त केँ सन्तरे.पर्र वोँ बेचारे दबाते हुएलगे रहे औऱ चद्दर लालकर दिया.!"
अरे बावली गुजरातन.उस 'बेचारे' बेहेन केँ लौड़े नें रेप किया थां तेरा.औऱ जाकरलेट अपनी बेहन केँ पलंग पऱ.!!!
मे: "फिन.??"
SP: "फिन क्याँ.उसके बादबड़ी माफी मांगी उन्होंने मुझसे.बोले कि नशे मे समझ नं आया उनको.बेचारे सें दारू संभलती नहीं.फिन भि मुये बाकीसभी पकड़ केँ पिला देते हें.शुरुआत मे तोँ एक् बार कों लगा केँ जान-बूझ कर रगड़े हें मुझको.छेड़-छाड़ जौ किया करते थें.पर्र विवाह केँ एक् दिन पहले मुझे पक्का यकीन हौ गय़ा कि बेचारे सें ग़लती हि हुईँ थि उसदिन."
मे: "केसे केसे.?"
SP: "वैसे बताना तौ नहीं चाहिए.पऱ अब तुमसे क्याँ छुपाना.वोँ विवाह केँ एक् दिन पहलेरात कों म्यूज़िक मे सें उठकरजब मे दिदी केँ कमरे मे गयीँ, कुछ सामान लेने.तब दरवाज़े सें देखा कि बैड पर्र मां जीपड़े हुए हांफ रहींथीं औऱ कल्पेश जीजानशे मे धुत्त नंगे उनसे अपनीउसी वापस हुइ ग़लती केँ लिएकान पकड़ केँ माफी मांगरहे थें बेचारे.बड़े भलेदिल केँ संस्कारी पुरुष हैं मेरे कल्पेश जीजा.वरना अपनी गलती कि माफी आजकलकौन मांगता हैं स्वयं सें कहो.!!"
हां मादरचोद पूरा संस्कार चैनल चलता हैं इनकेघऱ मे.नशे मे ग़लती कां बहाने करके सासू माँ कों भि चोद गय़ा इनका वोँ ठरकी कल्पेश जीजा.!
मे: "तौ आपकी माँ जी नें माफकर दिया उनको.??"
SP: "अरेहां औऱ क्याँ.ग़लती हुइ वोँ भि नशे मे बेचारे सें.माँ जी तौ जान छिड़कती हें उनपर.घऱ केँ लाडले जोँ हैं मेरे जीजू.!"
ईश्वर ऐसेघऱ कां दामाद हर मेरे जैसे ठरकी बन्दे कों बनाये.!!!
तभी अचानक.दिमाग़ मे एक् बिक़ली सि कौंधी.!!!
मे: "एक् मिनट.आपने बोला कि पारेख साहब कों खूँटा गाड़ने मे 4 महीने लगे.औऱ जेसल पहले हि महीने मे पेट मे आई थि.इसका मतलब 'जेसल केँ बापू' औऱ 'सेजल केँ पिताजी' एक् नहीं हौ सकते.!!!!
मिसेज़ पारेख कां गांड मे फटफटी सि चल निकली.चेहरा पीला सें पड़ गय़ा.औऱ लज्जा एंवख़ौफ़ केँ मिले जिले मिश्रित भाव कों चेहरे मे लिए एक् हाथ उनके मुंह पर्र आँ गय़ा.!!!!
बाबूराव नें ठुंकि लगाई औऱ बुर केँ 2-3 इंच अंदरसरक लिए।
नॉकरानी और मसाज-वसाज - नॉकरानी चुदाई – New Episode
Hello Everyone
We are Happy too present too you The annual kahani contest of Xforum "The Ultimate kahani Contest" (USC).
Jaisa की ap sabko maalum h abi pichle hafte he humne USC की announcement की h aur abi कुछ waqt pahle Rules and Queries thread bi open किया h aur Chit chat thread तो pahle से he Hind section में khulla h.
Iske baare main थोड़ा aapko btaadun yeh एक short kahani contest h jisme ap kissi bi prefix की short kahani post krr shaktey hu joo minimum 700 words and maximum 7000 words takk hu taqat h। iss liye mein aapko invitation deta hoon की ap is contest main apne khayaalon ko shabdon ka Rupp देकर ismein apni kahaniyan daalein jisko poora Xforum dekhega yeh एक bohot accha kadam hoga aapke aur aapki kahaniyan ke liye क्योंकि USC kee kahaniyan ko pure Xforum ke readers read kartey haen। aur joo readers likhna नहीं caahtey wo bi is contest main participate krr shaktey haen "Best Readers Award" ke liye aapko bas krna yeh hoga की contest main posted kahaniyan ko read karke unke Uppar apne views dene honge.
Winning Writer's ko well deserved Awards milenge, उसके aalwa aapko अपना thread apne section में sticky karne ka mouka bi milega Taaki aapka thread top पर rahe uss dauraan। iss liye aapsab ke liye yeh एक behtareen mouka h Xforum ke sabhi readers ke Uppar apni chaap chhodne kaa aur apni reach badhaane ka.
Entry thread 7th February ko open hoga matlab ap 7 February से kahani daalna suru krr shaktey haen aur wo thread 21st February takk open rahega is dauraan ap apni kahani daal shakte haen। iss liye ap abi से apni kahani likhna suru kardein तो aapke liye better rahega.
koy bi issue hu तो ap kissi bi staff member ko Message krr shaktey haen.
Regards : XForum Staff.
नॉकरानी और मसाज-वसाज - नॉकरानी चुदाई - Continue reading for full story
Relavant source : click here