नॉकरानी और मसाज-वसाज - नॉकरानी चुदाई – New Episode
रमा:"यह क्याँ कररहे हें आप्.जब शपथली हैं भाभी नें तोँ क्योशपथ तुड़वा रहे हें इनकी.चलिए निकालिये.!!"
मे मंत्रमुग्ध सें उस सुंदरी कि ओर देखते हुए उसके निर्देशानुसार अपने लिंग कों उस पराई योनि केँ आलिंगन सें मुक्त करतेहुए निष्कासित कर लिया.!"पकक."
NP: कुछ उलझन मे "रर रमा.रहने दो.कर लेनेदो इनको अपनेमन कि आज.पहली बार हैं.अब आगे सें नहीं करेंगे यह." औऱ मेरीओर देखते हुए "आप् डाल लीजिये.आपको अधूरा नहींछोड़ सकती.!!"
मेरेमन मे मधुर सितार कां वादन हौ उठा.औऱ मे हर्षोल्लास मे अपने लिंग कों पकड़कर निराली जी कि योनि मे वापस स्थापित कर दिया.परन्तु इससे पहले कि ग्रहप्रवेश पुनः हौ पाता.
रमा: "अरे अरे.क्याँ कररहे हें.बोला न्.हटाईये लंड भाभी कि बुर सें.!!!
डिस्कवरी मे एक् कुत्ते केँ ट्रेनर कों देखा थां.जौ भूखे कुत्ते केँ सामने बिस्कुट रखकरउसे नां खाने कां निर्देश देता.औऱ वोँ बेचारा कुत्ता "कुंई कुंई कुंई" करतेहुए लार टपकाते हुएबस बैठकर बिस्कुट कों टकटकी लगाए देखता रहता.
यहां वोँ ट्रेनर रमा थि.औऱ मे वोँ कुत्ता.मैंने अपने लिंग कों निराली जी कि योनि सें हटा लिया कुंई कुंई कुंई.
आपडेट #22
रमा: "बोलीं नं निराली भाभी.पाप लगेगा आपको.क्यो नरक मे जानां चाहते हें.?? क्यो हैं न् भाभी.कहो.इनको आप् हि समझाओ.!!"
NP : थोड़ा हिचकिचाते हुए"हाँ। मम.मतलब नहीं.मतलब अब तौ लग हि चुका हैं इनको जौ लगना थां पाप.डाल तोँ लिए हि थें यह मेरे अंदर नाँ.तौ बेचारे कों पूराकर लेने दीजिये.वरना इनको अधूरा छोड़ने कां पापअलग सें लगेगा मुझको नां.!"
रमा: थोड़ा बनवटी गुस्से मे "लीजिये.बन गए आप् पापी.थोड़ा भि नहीं सम्भलता नं आपसे.इनकी गुड़िया कि विवाह हौ जाने देते तौ फिन उसकेबाद थोड़ेमना करतीं आपको भाभी.!अब नरक मे जब खौलते तेल कि कढ़ाई मे आपके पिछवाड़े कां 'गोबी कां पकौड़ा' बनेगा तब यमदूत गरमचाय केँ संग खाएंगे आपके पकौड़े.क्यो हैं नां भाभी.??"
ईस्की पकौड़े कि मम्मी बुर। कलसाम कों हि गोबी लाया थां.प्लान कैंसिल मादरचोद.!
NP: "अरे नहीं.ठाकुर जी मेरीसभी सुनते हें.उनको बोलकर पाप हटवा दूंगी इनपर सें.मे स्वयं पऱ लेँ लुंगी इनके हिस्से कां." औऱ मेरी आंखों मे देखकर लंड थामती हुइ "आप् डालो अब.करलो दिल कि अपनी.मे मनमार करझेल लुंगी आपकी खातिर.!!"
बहनचोद यहपाप न् हुआ बर्थडे पऱ क्लास मे बंटती टॉफी हौ जैसे औऱ ठाकुर जी बर्थडे-बॉय जौ मेरे हिस्से कां इसकोमिल जाएगा.!!
गुजरातन हौले हौले लंड सहलाते हुएबड़ी आस सें देखरही थि अपुन कों.औऱ जोश मे चेतक कि भांति उचककर अपुन उनकी टांगों केँ बीच पोज़िशन बनाते हुए उनकी गोरी गदराई जांघों कों भींचते हुए उठाया औऱ बुरीतरह सें टनटना चुके बाबूराव कों खूंटा गाड़ने कि स्थिति मे लाकर दांत भींचकर 'हिनन हिनन हिनन.!!!'
केँ तभी."रुकिए.!" रमा गरजती हुइ बोलीं.
कुंई कुंई कुंई.चेतक बेहन कां लौड़ा पूंछ टांगो केँ बीच डालता हुआ टॉमीबन गय़ा.!
रमा: गुस्से मे "आपकोबस अपनीपड़ी हैं.गुड़िया कां सोचा हैं क्याँ होगा.उसकी विवाह केँ लिए मन्नत थि यह.!!!" औऱ निराली भाभी कां हाथ झडकते हुए."छोड़िए भाभी आप् इस मुंये मूसल कों.इनकी खुशी केँ लिए अपनी बेटी कि खुशियां मत बर्बाद करिये.पहले विवाह करवाइए उसकीफिन इनको बुलाना.इनका क्याँ हैं.इनको तौ वैसे भि आप् दिलवा रही होँ न् दूसरी बुर.!!"
उस चुदासी गुजरातन केँ हाथ सें लंड क्याँ छूटा.उनके मुंह मे वोँ भाव आँ गए जैसे इमरान खान कां सरकार जाते वक्तआया थां.
NP: उत्तेजित होतेहुए "अरे उसकी विवाह तौ जब चाहूं तब करवादूँ। लड़के वालों कि लाइनलगी हुईँ हैं.कल जोँ सूरत सें शाह फैमिली देखने आए थें.उनको मनपसंद आँ गई, हैं गुड़िया.बस दहेज पर्र बात फंसी हैं.वोँ तौ लड़के केँ बाप कि आंखे पहचान गई, हुँ। मेरी छाती कों घूरेजा रहे थें शाह साहब.बटन खोल दूंगी तोँ आधे दहेज पऱ मान जाएंगे.औऱ कल्पेश सें बोलकर उनकी पत्नि फंसवा दु तौ बिना दहेज डोलीउठ जाएगी मेरी गुड़िया कि.! आप् चोदलो बस अब.मन हल्का करलो.!!!"ये बोलते हुए गुजरातन कि पनियायी बुर नें दो मोतीबहा दिए.
मे रमा कि ओर विनती भरी नजरों सें देखा तौ उसने धीरे-धीरे सें मुंडी नाँ मे हिला दि.कुंई कुंई कुंई.
रमा: "हाँ भाभी.यह बात तौ हैं.औऱ वोँ भि तौ हैं मुयाँ स्क्रैप व्यपारी कां लड़का.बड़ी चिपक केँ उसकी मोटरसाइकिल पऱ घूमती थि गुड़िया.मालदार बर्थडे पार्टी हैं.उधर हि करवादो.!"
NP: "अरे नहीं.वोँ कमीना अपने अलग-अलग 3-4 दोस्तों केँ संग मेरीफूल सि गुड़िया कों उस 'बन्दोबस्त लॉज' मे लेँ जाता थां.रुपया बचाने केँ लिएउस हरामी लॉज वाले कों भि रूम मे बुला लेता थां.! वोँ जब पिछली बारजब गुड़िया केँ बैग सें एबॉर्शन-सेंटर कि रसीद पकड़ी मैंने तब मेरीमार खाकरसभी उगल दि.कंडोम मे रुपया बचाता हैं चिन्दी.उससे तोँ कभी नहीं.पता नहीं किसका किसका बच्चा जनवायेगा मेरीफूल सि बेटी सें विवाह केँ बाद.!
रमा"अरे वोँ बन्दोबस्त लॉजवही नाँ.जहाँ आप् पकड़ी गयींथीँ अपने कॉलेज केँ उस बंगाली चपरासी चटर्जी केँ संग एक् बार.??"
गुजरातन लज्जा सें पानी पानी हौ कर "क्याँ रमा.कब कि बात निकाल रही होँ.वोँ तोँ बस मार्कशीट पर्र वोँ नम्बर बढ़ा दिया करता थां तोँ उसलिए."
रमा: "चटर्जी कां लड़का अबउस कॉलेज मे पढाता हैं.उसके संग भि तौ घूमती थि गुड़िया.उसको हि देख लो.अच्छा कमाखा लेता हैं.!"
NP: गुस्से मे "नाममत लो उसका.पता हैं जब वोँ उस वक्त गुड़िया कों छोड़ने घऱआया करता थां तौ हरबार गुड़िया सें नजरबचा केँ मेरे पिछवाड़े पर्र कभी चुटकी काट देता तोँ कभीदूध सहला देता.मे बदमाशी समझमाफ कर देती.एक् बारजब गुड़िया ऊपर कमरे गई, हुईँ थि तौ रसोई मे पीछे सि आकर मेरी साड़ी उठाकर मुझे हि रगड़ दिया हरामी.औऱ मे आंखे मूंदे समझती रही कि कल्पेश लें रहा हैं.!!!"
रमा : आश्चर्य सें."ओह दइया.! तौ आपको नहींसमझ आया कि देवरु नहीं बेटी कां दोस्त चोदरहा हैं आपको.???"
NP: "अरे क्याँ बताऊँ तुम्हे रमा.कल्पेश शहर सें बाहर् गय़ा हुआ थां औऱ उसीदिन मोबाइल पर्र मुझसे बोला थां कि 'भाभीआज वापसआकर चोदूंगा आपको.' तौ मे उसीधुन मे थि.औऱ देवरु जी भि अक्सर रसोई मे आकरउसी तरह साड़ीउठा कर पेलते हें मुझे.तोँ मुझेलगा वही हैं.औऱ बहुतदिन बादहरी हौ रही थि उसदिन तौ मस्ती मे समझ हि नहींआया.!"
रमा: "तोँ पताकब चला आपको.???"
NP: "वोँ.वोँ जब पानी अंदर गिरा नाँ मेरेतब माथा ठनका.क्योके कल्पेश सेजल-जेसल केँ बाद सें पानी अंदर नहीं गिराता.बड़ा जिम्मेदार हैं वोँ.!! हमेशा मेरे मुंह मे गिराता हैं अपना पानी.औऱ फिन वोँ बदमाश पानी निकल जाने केँ बादजब बोला कि 'सासु मां आप् तौ अपनी बेटी सें ज़्यादा मज़ा देतीं हें.!' तबसमझ आया.!!!"ये बोल गुजरातन कुछ शर्मा सि गयीं.
रमा: "ओह.अच्छा किया जोँ उसकेबाद आपने गुड़िया सें अलग करवा दिया आपने.पता नहीं विवाह केँ बाद अपनी पत्नि कों गाभिन करता याँ अपनी सासू कों.!!"
NP: तपाक सें "अरे विवाह केँ बाद मे क्याँ.पहले हि कर दिया थां मुझको उसने."बोल कर बड़बोली गुजरातन नें अपनीजीभ काटली.
रमा : "क्याँ.!! उस एक् बार मे आप् पेट सें भि हौ गईं.??"
NP: "वोँ.वोँ क्याँ हैं नाँ.गुड़िया कां दिल नहीं तोड़ना चाहरही थि मे.वोँ पगली बहोत प्रेम करती थि उससे.तोँ मैंने बड़ा-दिल दिखाते हुएमाफ कर दिया उसको."
हाँ चुड़ककड.बहोत बड़ादिल हैं.काश इतनाबड़ा दिलऊपर वालाहर बेटी कि मां कों दे.!
NP: "पर्र वोँ तोँ उसकेबाद हर दूसरे दिन दोपहर कों गुड़िया केँ कॉलेज केँ वक़्त आँ करचढ़ जाता थां मुझपर.मैंने शुरुआत शुरुआत मे तोँ मना किया.पऱ बाद मे सोचा कि ट्रेनिंग लें रहा हैं.गुड़िया कों विवाह केँ बाद बहोत खुश रखेगा.पर्र चोद-चोद कर मेरी हि माहवारी रुकवा दि कमीने नें.! पता हैं वोँ हरामी मजीठिया डॉक्टर भि बस कहने कों मेरे उनका घनिष्ट यार हैं.जब मैंने एबॉर्शन लीबात उनको नं बताने कों उससे बोलि, तोँ उसकेबाद सें वोँ भि जब देखोतब मुझे अपने क्लीनिक बुला लेता हैं लंड चुसवाने। हरामी कहता हैं कि साथी कि पत्नि हौ आप् तोँ चोदूंगा नहींबस लंड चुस्वाता हु आपसे.!"
रमा: "म्म्म.बेचारी आप् पर्र क्याँ क्याँ गुज़री.! तोँ उसकेबाद नाता तुड़वाया आपने.सही किया.!"
NP: "अरे नहीं.वोँ इतना गिल्टी फील किया उसके बाद.मेरे पांवपकड़ कर रोया औऱ प्रोमिस किया मुझसे कि हमेशा कंडोम लगा कि चोदेगा मुझेअब सें तौ मैंने जाने दिया."
दिल दरिया औऱ गाँड़ समंदर.!
NP: "आखिर गुड़िया कि खुशियों कां मामला थां.! पता हैं उसकेकुछ वक़्त बाद एक् दिनजब मे डॉ मजीठिया केँ यहां लंड चूसरही थि उनकातब उन्होंने बताया कि वोँ चटर्जी कां लड़का उसकेबाद अपनी नॉकरानी औऱ चाची कों भि लाया थां एबॉर्शन करवाने.मैंने तब भि येसोच कर जाने दिया कि जवानी केँ जोश मे किसका पांव नहीं फिसलता.पऱ उसकेबाद एक् दिन तोँ हद हि हौ गई,.!!!"
रमा: कुटिल उत्सुकता सें "क्याँ हुआ भाभी.??"
NP : "वोँ एक् बार मेरी बैकलेस चोली वाली फ़ोटो गुड़िया केँ फोन मे थि.बेचारा कल्पेश शहर केँ बाहर् थां औऱ बारबार मेरी बैकलेस चोली मे फोटू मांगरहा थां.मे गुड़िया केँ पीछे उसकेफोन सें वोँ लेनेजब उसकी गैलेरी मे झांकी तोँ होशउड़ गए मेरे.!!!"
रमा:"ऐसा क्याँ देखा भाभी.????"
NP: "उस कमीने केँ मैसेज आये थें कुछ.मैंने सोचामज़े लेती हूं.देखू क्याँ रोमांस चलरहा हैं मेरी बेटी केँ संग.तौ देखती हूं केँ उसने वीडियो भेजे थें जिसमें वोँ कमीना अपने बाप केँ संगमिल कररगड़ रहा थां मेरीफूल सि गुड़िया कों.!!! उसके बाप कों कभी मैंने अपनी पिछाड़ी नहीं दि थि.वोँ हरामी वोँ कसर मेरी बेटी कि पिछाड़ी सें पूराकर रहा थां.!!!"
रमा:"हाय रे दइया। दोनों बाप-बेटों नें मां-बेटी दोनों चोदली.!!" बोलकर मेरीओर देखकर निराली जी सें छुपकर एक् आंखमार दि.
मे खुले मुंहलिए मम्मी-बेटी केँ इस पूरे रंडियापे कों सुनकर हैरान भि थां औऱ उत्तेजित भि.मेरा लौड़ाफूल कर टनटनाहट केँ संगइधर उधर मस्ती मे झूलरहा थां.
NP: "यही नहीं.औऱ ऊपर केँ मैसेज देखे तौ मेराखून खौल गय़ा रमा.उस कमीने नें गुड़िया कों मेरी औऱ उसकी चुदाई केँ कुछ चोरी-छुपे वीडियो भि भेजेहुए थें.!!! औऱ उस कमीने केँ बहकावे मे आँ कर मेरी भोली गुड़िया नें मेरे औऱ कल्पेश केँ कुछ अंतरंग क्षणों कों रिकॉर्ड करके उसको भेजाहुआ थां क्योके उसने मांगे थें मेरी प्यारी गुड़िया कों बहलाकर.!"
ईतनी भोली हैं गुड़िया मादरचोद केँ हरकोई बहला फुसला जाता हैं.सच मे !
रमा: "क्याँ.!!! तोँ गुड़िया पऱ तोँ क्रोध फूटा होगा आपका उसके तरन्त बाद.!!"
NP: "मत पूछो रमा.उस दिन तोँ मेरा पाराचढ़ा हुआ थां.गुड़िया फोन चार्जिंग पर्र लगाकर पड़वा मे गई, हुई थि तोँ मे डंडा लें कर उसकावेट कररही थि.उतने मे वोँ कमीना मजीठिया मोबाइल पर्र मोबाइल कररहा थां क्योके मुझे जानां थां उसके क्लीनिक उस दिन.मे जब बोलि मे नहीं आऊंगी तब उसने मोबाइल पऱ उस चटर्जी लड़के केँ बारे मे कुछनया बताने कां बोलाअगर मे क्लीनिक पहुचकर उसका लौड़ाचूस दु तौ.मे भागी-भागी गई, औऱ दोबार अपना पानी मेरे मुंह पर्र उड़ेलने केँ बाद वोँ हरामी मुस्कुराते हुए बोला केँ गुड़िया भि तीनबार उसके क्लीनिक आयी थि उस चटर्जी लड़के केँ संग बच्चा गिरवाने.!!!"
रमा:"ओह। मम्मी-बेटी दोनों एक् लंड सें गाभिन हुई..बहोत बुराहुआ भाभीसच मे आपकेसंग.!!"
N P: गुस्से मे "अरे नहीं रमा.जब घऱआकर मैंने गुड़िया कों नंगा करके पीटातब उसने बताया कि लड़के नें तौ मात्र एक् हि बार उसको प्रेग्नेंट किया.2बार तौ गुड़िया नें उसके बाप कां बच्चा गिरवाया हुआ थां.!!! उसदिन हम् मां-बेटी दोनों एक् दूसरे सें लिपटकर रोये औऱ तय किया कि उससेअब कोई नाता नहीं रखनाआगे सें.!!!"
ईस्की मां कां.सबको बांटो औऱ हमको डाँटो.???
नॉकरानी और मसाज-वसाज - नॉकरानी चुदाई – New Episode
ईतनी भोली हैं गुड़िया मादरचोद केँ हरकोई बहला फुसला जाता हैं.सच मे !
रमा: "क्याँ.!!! तौ गुड़िया पऱ तौ क्रोध फूटा होगा आपका उसके तरन्त बाद.!!"
NP: "मत पूछो रमा.उस दिन तौ मेरा पाराचढ़ा हुआ थां.गुड़िया फोन चार्जिंग पऱ लगाकर पड़वा मे गयीँ, हुइ थि तोँ मे डंडा लेँ कर उसकावेट कररही थि.उतने मे वोँ कमीना मजीठिया मोबाइल पऱ मोबाइल कररहा थां क्योके मुझे जानां थां उसके क्लीनिक उस दिन.मे जब बोलि मे नहीं आऊंगी तब उसने मोबाइल पर्र उस चटर्जी लड़के केँ बारे मे कुछनया बताने कां बोलाअगर मे क्लीनिक पहुचकर उसका लौड़ाचूस दु तोँ.मे भागी-भागी गई, औऱ दोबार अपना पानी मेरे मुंह पऱ उड़ेलने केँ बाद वोँ हरामी मुस्कुराते हुए बोला केँ गुड़िया भि तीनबार उसके क्लीनिक आयी थि उस चटर्जी लड़के केँ संग बच्चा गिरवाने.!!!"
रमा:"ओह। मम्मी-बेटी दोनों एक् लंड सें गाभिन हुईँ.बहोत बुराहुआ भाभीसच मे आपकेसंग.!!"
N P: गुस्से मे "अरे नहीं रमा.जब घऱआकर मैंने गुड़िया कों नंगा करके पीटातब उसने बताया कि लड़के नें तौ सिर्फ एक् हि बार उसको प्रेग्नेंट किया.2बार तौ गुड़िया नें उसके बाप कां बच्चा गिरवाया हुआ थां.!!! उसदिन हम् मम्मी-बेटी दोनों एक् दूसरे सें लिपटकर रोये औऱ तय किया कि उससेअब कोई नाता नहीं रखनाआगे सें.!!!"
ईस्की मम्मी कां.सबको बांटो औऱ हमको डाँटो.???
एपसोड#23
उस गुजराती हरामन कि बुर इनसभी केँ बीच बिल्कुल लसलसा गयीँ, थि औऱ जैसे चूतरस तौ जैसे कल्लू हलवाई केँ गुलाबजामुन पऱ सें चाशनी जैसाभ रहा थां.रमा देखी औऱ मन्द मन्द मुस्काते हुए बोलि
R: "ओहहो देखिये तोँ भाभी कि मुनिया मुई पूरा फर्श गन्दा कररही हैं खट्टी-चटनी टपका-टपका केँ.अभि पोंछा लगाया थां वापस सें लगाना पड़ेगा.चलिए भाभी उठिए औऱ बाथरूम जाकर पानी उडेलिये अपनी भट्टी मे.!!"
निराली भाभी कां मुंहऐसा बन गय़ा जैसे कि बिल्ली केँ पांव पऱ रिक्शा चढ़ गय़ा हौ.औऱ दयनीय भाव सें रमा केँ आगे आखिरकार गिड़गिड़ाई अपनीलाज कों गधे कि गाँड़ मे डालकर
NP : "रमा.प्लीज़ दोस्त.मुझे चुदना हैं इनसे.अब नहींरहा जा रहा.पहली बारऐसा इतनेबड़े लंड वाला दमदार चोदू मिला हैं जोँ पूरी बेरहमी सें निचोड़ लें औऱ रगड़ दे.प्लीज़ चुदवा दो मुझे इनसे.तुम्हारे नाम कां प्रशाद चढ़ाऊंगी अपने ठाकुर जी कों शपथ सें.पूरे ₹21 कां.!!! "
रमामन हि मन विजयी भावना सें मुस्कुराई कि चलोऐसी हरामन ऐसे अपनी खोखली इज़्ज़त कों ताक पर्र रखकर उसकेआगे मिन्नतें कररही चुदने केँ लिए.!
R: "एक् बार चुदाई शुरुआत होगी तोँ पीछे तोँ नहीं हटोगी भाभी.?? क्याँ हैं कि मेरे साहब कां असल मे बड़ीदेर सें निकलता हैं माल.बताए देती हूं.वरना दोष मुझे हि दोगी कि रमा तूने बताया नहीं.!!"
NP : आशा कि किरणदेख केँ खुशी औऱ उतावलेपन सें "अरे नहीं नहीं रमा.जितना देर निचोड़ेंगे उतना हि अच्छा हैं मेरा तोँ.वरना आजकल तौ जोँ मिलता हैं 2-4 मिनट मे हि झड़ जाता हैं मेरी गर्म मुनिया मे.चाहे जैसे चोदेयह मे नाँ पीछे हटने वालीशपथ सें.!!!"
R: एक् कुटिल मुस्कान केँ संग "हम्म.चाहे जैसेहाँ। सोचलो अभि भि.औऱअगर पीछेहटी औऱ निकालने कों बोलीं तौ क्याँ दोगीयह बताओ.??"
NP : "अगर जोँ हार मानी तौ तेरी एक् नया लहंगा-चोली सिल्वा दूंगी अगले डांडिया सें पहले.!!शपथ सें.!!" यहसुन रमा खुशी सें झूमउठी.!
इसकी मम्मी केँ लहंगा-चोली मे भूत नाचे.इस बन्दरबांट मे स्वयं कों चूतिया बनतेदेख देख मे भि लौड़ा हिलाते हुएबोल पड़ा
मे: "अच्छा.रमा कों लहंगा चोली औऱ मुझे क्याँ मिलेगा.???"
NP : इतराते हुए"अरे आपको तोँ अपनी सबसे बेशकीमती खजाना देरही हूं.अपनी इज़्ज़त.!!"
गधे कि गाँड़.बहनचोद चौराहे केँ भंडारे मे कईबार चल चुकी झूठी पत्तल पऱ खीचड़ा परोस केँ खजाना बोलरही मम्मी कि लौड़ी.!!
रमा मेरेमुख पर्र आएहुए फ़टीदूध कि गरमचाय जैसी अभिव्यंजना कों भांप गयीँ, औऱ तपाक सें बोलपड़ी.
R: "ओहअरे भाभी.ऐसा केसे.आपकी इज़्ज़त तोँ वोँ मुयाँ चौकीदार, उसका बेटा, आपके देवर जी औऱ पता नहीं कितने दर्जनों मे पहले हि बंट चुकी.आखिरकार इतने इज़्ज़तदार घऱ केँ मेरे साहब सारी मेहनत करेंगे औऱ उनको आपकोहार मनाने पर्र कुछसही मे बेशकीमती मिलना चाहिए.!!!"
NP: "तोँ क्याँ दूकहो.?? एक् काम करती हूं.1 किलो रबड़ी औऱ अपनीगाय कां 5 लीटरदूध भिजवाती हु इनको.आखिरकार अपनी मलाई पऱ मलाई जोँ खरचेंगे मुझ पर्र.!" बोलकर खिलखिला केँ हंस दि बेहन कि लौड़ी.!
अबयह बुर न् हुईँ ब्लड-बैंक हौ गय़ा.जौ मलाई केँ बदलेदूध मिलेगा मादरचोद.!
R: "यह तौ आप् देंगी हि.पर्र असल इनाम मे एक् नई बुर दिलाइये इनकोतब कुछबात बनेगी.!!" बोलकर मेरीतरफ देख मुस्काई.
मन हि मन निश्चय कर लियातभी कि 2 हजार कि मां चोदकर कल हि दिलाना हैं रमा कों नई साड़ी औऱ फिनफिने कपड़े वाला जालीदार ब्लाउज़.!! कितना ख्याल रखती हैं मेरा.!
NP : "हाँहाँ। क्यो नहीं.1 नहीं 2 दिलाऊंगी इनको.एक् तोँ कल हि जेठानी आँ रहीं हैं.जेठ जी रिटायरमेंट केँ बाद सें कुछ नहींकर पातेसो बेचारी कां हरा-भरा होँ जाएगा.कल् हि दिलाती हु.बस थोड़ा गठिया शुरुआत हुआ हैं नं उनको तौ थोड़ा आहिस्ता चढ़नाउन पर्र.बस पांव थोड़ादेख कर फैलाना.वोँ अभि पिछले साल हि बवासीर कां ऑपरेशन भि करवाया हैं उन बेचारी नें.!"
अब मादरचोद यहीदिन बचा हैं कि गठिया, बवासीर औऱ पता नहीं क्याँ सम्भालता फिरू.कल् कों फोड़े-फुंसी भरी चूत वाली भि लें कर आएगीयह बेहन कि लौड़ी.???
R: "अरेकहा उनकोअब इस ढलतीउमर मे गन्ने कि सवारी कराने पर्र तुली हौ भाभी.कम सें कम 58-60 कि होंगी.उनके तोँ आधा-एक् किलो कां लौकी-बैंगन हि अबकाम कां हैं.औऱ इनके बेरहम झटकों सें कहीउन बेचारी केँ कूल्हे कि हड्डी सरक-वरक गयीँ, तौ औऱ झेलो फिन.इनके लिए तौ करारा जवानमाल चाहिए.!"
NP: कुछसोच कर "हम्म.चलो वोँ गुप्ताइन कि दिलाती हु.वोँ भि बेचारी अपने देवर जी केँ हवाई फायर सें ऊब गयीँ, हैं.!"
हवाई-फायर.यह लौडू कि एयरगन तोँ हर चौक-चौराहे पर्र प्रसिद्ध हैं बहनचोद.! अपने बायो-डेटा मे लिखवाए फिरता हैं क्याँ.???
R: तपाक सें "अरे वोँ तौ ऐसे हि लार टपकाती हैं मेरे साहब कों देख कर.कमीनी उसदिन वोँ दूसरे माले वाली सहेली सें बोल भि रही थि सुना मैंने कि सुभह अखबार उठाते टाइम इनके नीले चड्ढ़े केँ उपर सें मोटे लम्बे खीरे जैसा देखा हैं उन्होंने कईबार अपनी रसोई कि खिड़की सें.! बेशर्म कंही कि.औऱयह भि कम नहीं हैं.यह नहीं कि एक् अच्छा सां पटरेदार ढीला कच्छा पहनाकरे। पंहुच जाए हें उसमुई छोटी सि नीली चड्डी नुमाचीज़ कों पहन केँ जगदिखाई करवाने.!" बोलकर मेरीओर कुछ हल्के गुस्से सें देखी.
अबयहकब हुआ मादरचोद.??? बताता हूं उस गुप्ताइन बेहन कि लौड़ी कों किसी दिन.बहोत शौक हें नां खिड़की सें छुपकर झांकने कां.कल सुभह लौड़ा बाहर् लटकाए लेता हूं अखबार.!! औऱ वोँ नीली चड्ढीनुमा चीज़ कों बॉक्सर कहते हैं.!!
R: "वोँ तौ ऐसे हि दे देंगी इनको.दिलाना हैं तौ सही मे कुछ बेशकीमती दिलवाओ आप् इनको अपनीहार केँ हर्जाने मे.!!"
NP: "अब क्याँ सीलपैक दिलवाऊ इनको.देखो इनकायह कलाईभर मोटागधे जैसा सामान। फाड़ केँ खून-खराबा कर डालेंगे किसी कुंवारी कों.!!"
R: कुछगहन चिंतन मे सँगलग्न हौ कर "हम्म.बात तोँ सही हैं आपकी." मेरे इधर-उधर झूलते मुंह फुलाये बाबूराव कों देखते हुए "इनकेलिए खेली-खाई हि चाहिए कोई.!"
NP: "वही तोँ.मेरी मानो जेठानी जी हि सही रहेंगी.4 बच्चे निकाल चुकी हैं.आहिस्ता लें लेंगी अंदर.!!"
अबे पेलना हें.अंदर बैठकर ताश नहीं खेलना.!!!
R: "ऐसा हैं.अब जब आपको इतना हि भरोसा हैं अपनी कामशक्ति पर्र भाभी.तौ फिन शर्त कों थोड़ा औऱ आकर्षक बनाते हें.!!"
NP: "अरे जल्दबोल बेहन.मे रेडी हूं.बता.!!"
R: "तोँ फिन सुनिए.अगर आप् हरमान गयीँ, औऱ बस करने केँ लिए बोलीं.तोँ फिन 1 किलो रबड़ी औऱ 5 लीटरदूध लेकर गुड़िया कों भेज देना.!"
निराली भाभी कां येसुन कर गाँड़ मे विस्फोट होँ गय़ा.!!!
NP: "अरे नहीं नहीं.क्याँ बोलती होँ तुम् भि रमा.वोँ बेचारी कच्ची कली हैं.औऱ बेटी हैं मेरी.उसको केसे.नं नं न्.कल् कों विवाह होगी उसकी तौ उसका पति देखकर हि जान जाएगा अगरऐसे घोड़े जैसे औज़ार सें खेली-खाई होँ। कैसीबात करती हौ.!!!"
मेरी भि फटलीयह सुन कर.यहरमा केँ चक्कर मे रहा तोँ वोँ पटेल अपनी पत्नि औऱ बेटी कि बुर फाड़ने कों लेकर मेरी गाँड़ मे छाताडाल देगा.
R: "अरे तुम् सुनो भाभी.ध्यानसे.
1- कोई कच्ची कली नहीं हैं अब गुड़िया.3 बार तौ तुम्हारी जानकारी मे बच्चा गिरवाई हैं.तुम्हारे पीठ-पीछे 4-5 बार औऱ होगा.
2- तुम्हारी बेटी हैं तौ क्याँ हुआ.इससे पहले भि तोँ एक् लंड सें चुदी हौ आप् मां-बेटी तोँ अबकौन सां नया कांड होँ जाएगा
3- उसके पति सें बोल देना पहले हि कि भाग-दौड़, ऊंचीकूद औऱ जिम्नास्टिक सीखी हैं गुड़िया.बस उसी मे फैल गयीँ, यह समझेगा.औऱ फिन फिटकरी हें नाँ.खूब घिसना उसकी मुनिया मे.उससे वापस टाइट हौ जाती हैं
4- औऱ अंतिम बात.आप् जैसी खेली-खाई घोड़ी कों कहां थका पाएंगे यह बेचारे.औऱ आप् हि तोँ बोलि नं कि आपकी मुनिया कि गर्मी मे सभी केँ लौड़े उल्टी कर डालते हें.तोँ बस विश्वास रखिये.!
लॉजिकल-रीजनिंग वाला चैप्टर अगररमा सें पढ़ लेता तौ ज़्यादा नम्बर आँ जाते इसकी मम्मी कां.!
रमा कि बातों मे कुछखो सि गई, वोँ चुदासी गुजरातन.कुछ लॉजिक सें लगने लगा.पर्र फिन उसकी ममता हावी होनेलगी
NP: "हम्म.नहीं रमा.फिन भि दिल नहीं मानता.कुछ औऱ बता नं.इनके संग करके गुड़िया कों भेजने मे बड़ा अजीब लगेगा.तूँ समझ नं."
रमाअब थोड़ा उग्र होँ करबोल उठी "वाउ.अपनी बिटिया केँ ठोकु सें पिलवा कर स्वयं गाभिन होँ सकती हौ भाभी पर्र अपना निवाला उसके मुंह मे नहींडाल सकती.??यह सभी दोगलापन हैं.!!"
यह बहनचोद.वोँ शार्क-टैंक वाले अशनीर ग्रोवर वाली लाइन.मां चोद दि रमा नें तौ इस हरामन कि शपथ सें.!
R: उसी उग्रटोन मे "चलिए उठिए अब.जमीन साफ करनी पड़ेगी फिन सें.औऱ आप् (मेरीओर देख कर).देख क्याँ रहे हें लंड लटकाए.जाईये बाथरूम औऱ हिला केँ सो जाईये.!!"
कुईकुई कुई..औऱ उठनेलगा मे पूंछ पैरों केँ बीचदबा केँ
निराली भाभी मामला बिगड़ते देख तुरन्त सरेंडर होँ गयीँ, औऱ हड़बड़ाते हुएबोल पड़ी
NP: "रर रमा.मुझे मंजूर हैं."
रमा नें एक् कुटिल मुस्कान सें मेरीओर देखा औऱ इसकी मां कां मेरामन तोँ कियारमा केँ चरणधो केँ पी लू.ऐसा सौदा तोँ मेरे पुरखे भि नहींकर सकते होंगे.!
बाबूराव भि अब अमरेंद्र बाहुबली जैसेजोश मे आँ कर हिनहिनाने लगे हिन्न हिन्न हिन्न.!!!
bohot hi maazedaar aur erotic kahani h Baat jb Rama k sath chudayi kee aayegi too bohot hi shandar-jandar aur kamukta say bhara huwa update dena with pic aur gif add karke
नॉकरानी और मसाज-वसाज - नॉकरानी चुदाई – New Episode
Jaisa की ap sabko maloom h abi pichhle hafte hi humne USC की announcement की h aur abi कुछ waqt pahle Rules and Queries thread bi open किया h aur Chit Chat thread तो pahle से hi Hindi section में khula h.
Well iske baare में थोड़ा aapko bata dun yeh एक short kahani contest h jisme ap kisi bi prefix की short kahani post krr sakte hu, joo minimum 700 words and maximum 8000 words के bich honi चाहिए (kahani के words count karne के liye iss tool kaa use kare — Characters Tool)। iss liye mein aapko invitation deta hoon की ap iss contest में apne khayaalon ko shabdon ka roop देकर ismein apni kahaniyan daalein jisko pura XForum dekhega, yeh एक bohot अच्छा kadam hoga aapke aur aapki kahaniyan के liye क्योंकि USC की kahaniyan ko poore XForum के readers read karte haen। ap XForum के sarvashreshth lekhakon में से एक haen। और aapki story bi बहुत achchi chl rahi h। iss liye हम aapse USC के liye एक choti story likhne kaa anurodh karte haen। हम jaante haen की aapke pas समय की abhav h लेकिन iske bawajood हम yeh bi jaante haen की aapke liye कुछ bi asambhav नहीं h.
or joo readers likhna नहीं chahte wo bi iss contest में participate krr sakte haen "Best Readers Award" के liye। Aapko bus krna yeh hoga की contest में posted kahaniyan ko read karke unke ऊपर apne views dene honge.
Winning Writer's ko well deserved Cash Awards milenge, उसके alawa aapko अपना thread apne section में sticky karne kaa mouka bi milega taaki aapka thread top पर rahe uss dauraan। iss liye aapsab के liye yeh एक behtareen mouka h XForum के sabhi readers के ऊपर apni chhaap chhodne kaa aur apni reach badhaane ka। yeh ap sabhi के liye एक बहुत hi sunehra avsar h apni kalpanao ko shabdon kaa raah dikha के यहाँ pesh karne kaa। iss liye aage badhe और apni kalpanao ko shabdon में likhkar world ko dikha de.
Entry thread 25th March ko open hu chuka matlab ap apni kahani daalna shuru krr sakte haen aur wo thread 25th April 2025 tak open rahega iss dauraan ap apni kahani post krr sakte haen। iss liye ap abi से apni kahani likhna shuru kardein तो aapke liye better rahega.
or ha! story ko sirf एक hi post में post किया jaana चाहिए। kyonki yeh एक short kahani contest h jiska matlab h की हम kewal choti kahaniya की ummeed krr rahe haen। iss liye apni story ko kayi post / bhaagon में post karne की anumati नहीं h। Agar कोई bi issue hu तो ap kisi bi staff member ko Message krr sakte haen.
Important Links:
- Chit Chat Thread (For discussions)
- Review Thread (For reviews)
- Rules & Queries Thread (For contest details)
- Entry Thread (too submit your kahani)
Regards, XForum Staff
नॉकरानी और मसाज-वसाज - नॉकरानी चुदाई - Next part miss mat karna
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