मेरी चालू बीवी completee - Indian sex story – New Episode
एपसोड 10
पारस-वाउ दोस्त… तुम्हारा काम तोँ बहोत मजेदार हैं.
लड़का- क्याँ साहब… बहोत मेहनत कां काम हैं…पारस- वोँ तौ हैं दोस्त देख मेरे केसे पसीने छूट गए…औऱ तेरे भि जाने कहां कहां सें, सभी स्थान सें गीला होँ गय़ा तुँ तौ…
सलोनी- बसअब तोँ होँ गय़ा नाँ
पारस-हाँ जानेमन होँ गय़ा… अब स्कर्ट तौ नीचेकर लो, क्याँ ऐसे हि ऊपर पकड़े खड़े रहोगी… हाहा?
लड़का-हा हा… क्याँ साहब?
सलोनी- उउऊऊनन्न्न मारूंगी मे अब तुमको। चलेंअब…?
पारस- अभि कहां जान, क्याँ ब्रा नहि लेनी?लड़का- हाँ मैडमजी, मम्मो कां तोँ सहीनाप आपको बहोत सेक्सी दिखाता हैं.
सलोनी- अब क्याँ यहा इसके सामने खुले मे पूरी नंगी होऊँ मे?
पारस-अरे क्याँ जान…बस ऊपर सें टॉप कन्धों सें नीचेकर लो, ऐसे… ठीक हैं मास्टरजी… इतने बूब्ज़ सें कामचल जायेगा नाँ?
लड़का-हाँ साहब, पहले बूब्ज़ केँ ऊपर औऱ नीचे वाले हिस्से सें कमर कां नाप लीजिये.
पारस-ओह जान, कितना हिलरहे हें तुम्हारे मम्मे…
लड़का- नहि साहब…ये तोँ पूरा फीताहिल गय़ा.
पारस- दोस्त तूँ लेँ यहनाप, मे इन मम्मो कों पकड़कर रखता हूं.
सलोनी- ओह नहि पारस, ये तुम् क्याँ कहरहे होँ?
पारस-कुछ नहि जान… मे हूं नं, मे अपनाहाथ रखे रहूँगा, वोँ मात्र फीता पकड़ेगा.
लड़का-हाँ साहब, बस यहऐसे… इतना हि… यहयहा 32… औऱ……यहा 30…वाउ बहोत सेक्सी नाप हैं मैडमजी आपका…साहब जराहाथ हटाइये… अबयहऊपर सें बसयहा सें…
पारस-यहा सें?
सलोनी- ऊऊऊऊउईईईईईईईई क्याँ करते हौ…
पारस-ओह सॉरी डियर !
लड़का-वाओ साहब… ऊंचाई 37… बहोत मस्त हैं……मैडम जी… आप् देख्ना अब…यह वाली ब्रा पहनकर आपकीसब कपड़े कितने मस्त दिखेंगे…आप् पूरी हिरोइन दिखोगी…
पारस-चल वेचल… मेरीजान तौ हमेशा सें हि हिरोइन कों भि मात देती हैं…
सलोनी- अच्छा ठीक हैं… अब हौ गय़ा…
लड़का-बस मैडमजी… इन दोनों कि गोलाई कां नाप औऱ लेँ लूँ.
सलोनी- वोँ क्यूं?
लड़का-अरे मैडमजी… दोनों कां नाप अलग-अलग होता हैं… फिन देख्ना आपको कितना आराम मिलेगा.
पारस-अरे दोस्त… येसही हि तौ कहरहा होगा, कौन सां तुम्हारे बूब्ज़ कों खा जायेगा.
सलोनी- धत्त… जल्दकरो अच्छा…
लड़का- साहबजरा यहा सें पकड़ लीजिये… बस देखा आपने साहब पूरे एक् इंच कां फ़र्क हैं। किसी किसी कां तोँ 3-4 इंच तक कां होता हैं
सलोनी- अब तौ ऊपरकर लूँ कपड़े… होँ गय़ा नाँ?
पारस- तुम्हारी मर्जी जान, वैसेऐसे हि बहोत गजबढा रही होँ। चाहो तोँ ऐसे हि चलेंघऱ…?
सलोनी- होँ हौ… बड़ेआये… तुम् तौ घऱचलो फिन बताती हूं…
लड़का- हा…हा…हा… क्याँ साहब… आप् भि बहोत मजाकिया होँ…मेमसाब आपकी निप्पल बहोत सेक्सी हें… मे आपकोनोक वाले ब्रा दिखाऊंगा…आप् वही पहनना…देखा कितनी मस्त दिखोगी…
सलोनी- हाँ, मैंने देखीथीं वोँ एक् अपनी सहेली केँ पास… मे तौ उस जैसी हि चाहती थि, अच्छा हुआ तुमने याद दिला दिया…चलो अब… जल्द सें दो…
लड़का- मैडमजी, यह वाली तोँ मे रेडी करवा दूंगा… 2-3 दिन लगेंगे…
सलोनी- तौ अभि मे क्याँ लूँगी?
पारस-तब तक जानऐसे हि घूमो, किसेपता चलता हैं कि तुमने पहनी याँ नहि पहनी.
सलोनी- मारूंगी अब मे तुमको…
लड़का- हा…हा… साहब मुझेपता हैं…साहब एक् बात बताऊँ…हमारे पहनने याँ नं पहनने सें किसी कों फर्क नहि पड़ता, पऱ लड़की कां सबकोपता चल जाता हैं, क्योंकि सभी ताड़ ताड़कर वहीं देखते हें…
सलोनी- हाँ तौ अब मे क्याँ लूँ?
लड़का- मैडमजी जौ, पहले आपने देखे थें उसी मे सें पसंदकर लीजिये.
सलोनी- ठीक हैं…
पारस-यह औऱ यह लें लो…
सलोनी- ओके भैया… यह वालेदे दो…ओके… फिन चलते हें। मे 3-4 दिनबाद आऊँगी। आपकेपास सहीनाप लेकर आँ जायेंगे.…
…
…
पारस-ओह भाभी…फिन भूल गई वैसे हि बैठो नं…
सलोनी- हाँहाँ, मगरसभी इधर हि देखरहे हें, कितनी भीड़ हैं यहा…
पारस- तोँ क्याँ हुआ?…
…
कोईदूर सें आवाज़ आँ रही थि… जैसेकोई पीछे सें बोलरहा हौ…
अन्जान आवाज़- …ओययय…ईईईए… बोदेख उसने कच्छी नहि पहनी…
कोई दूसरा- …क्याआआआ…?
पहला-…हाँ दोस्त… मैंने उसकी फ़ुद्दी देखी… पूरी नंगी थि दोस्त……चल पीछा करते हें…
सलोनी- …देखामना कररही थि नाँ… क्याँ कहरहा हैं वोँ…
पारस-हा… हा… हाहाहाहा… आनंदआया याँ नहि… आपने सुना नहि… कहरहा थां कि ‘मैंने उसकी फ़ुद्दी देखी’हा… हा… हाहाहा…
सलोनी- तुँ आज सबको मेरी बुर दिखा दिखाकर हि खुश होते रहना… पागल… सरफिरा…
पारस- भाभी… वोँ पीछे आँ रहे हें… जराकस कर पकड़लो, मे बाइकतेज भगाने वाला हूं…
सलोनी- माएगॉड, तुँ मरवा देगाआज… जल्दचला…
पारस-अरे कुछ नहि होगा भाभी…बस कसकर चिपकजाओ…
सलोनी- देख कितना चिल्ला रहे हें वोँ…
पारस- भाभी अपनी स्कर्ट पकड़ो… वोँ गांड…गांड.क्याँ मस्त गांड हैं करके चिल्ला रहे हें…
सलोनी- अब तुझेही पकड़ू याँ स्कर्ट, तुँ तोँ भगा जल्द औऱ इन सबसे पीछा छुड़वा…
पारस-ओके भाभी…यह लोऊऊऊ…ओ… आआआआआ……
पारस-अब तौ ठीक हैं नां भाभी, जरा देखो पीछे, अब तोँ नहि आँ रहे…
सलोनी- हाँअब तोँ कोई नहि दिखरहा… थैंक्स गॉड.…आज तौ बच गई…
पारस-हा… हा… क्याँ भाभी, आप् याँ आपकी गांड…
सलोनी- हाँहाँ तेरी तोँ बहोत मस्ती सूझरही हैं नाँ… हि हि… वैसे दोनों हि बच गई… कितना चिल्ला रहे थें वोँ, नाँ जाने क्याँ हाल करते…
पारस-यहा पर्र आप् गलत हौ भाभी, आप् तौ बच गई परन्तु गांड नहि बचेगी… देखो मेरे लण्ड कां क्याँ हाल हैं…
सलोनी- माँ गॉड, यह जनाब तोँ पूरे टनटना रहे हें…
पारस-हाँ भाभी प्लीज, जरा सुकून खोलकर सहलादो न्… अंदरदम घुटरहा हैं बेचारे कां…
सलोनी- इस चलतीरोड पऱ…
पारस- तौ क्याँ हुआ भाभी… टी-शर्ट तौ हैं नं ऊपर…
सलोनी- वाओ…यह साहब तौ कुछ अधिक हि बड़े औऱ गरम होँ गए हें…
पारस- आःआआ…हा… ह्ह्ह्हह्ह… कितना नरमहाथ हैं आपका… आनंद आँ गय़ा…भाभी इसे अपनी गांड मे लेँ लो न्…
सलोनी- तौ घऱ तोँ चल पागल… क्याँ यहीं डालेगा…
पारस-काश भाभी… आप् आगेआकर दोनों पांव इधर-उधर कर मेरी गोदी मे बैठजाओ औऱ मे तुमको चोदता हुआ बाइक चलाऊँ… …आःआआ ह्ह्हह्ह्ह्ह…
सलोनी- अच्छा अच्छा… अब नं तौ सपनादेख औऱ नां दिखा… जल्द सें घऱचल मुझे बहोत तेजसू सू आँ रही हैं…
पारस-वाओ भाभी… क्याँ कहरही हि… आज तौ आपको खुले मे मुत्ती करवाएँगे…
सलोनी- फिनसनक गय़ा तूँ… मे यहा कहीं नहि करने वाली…
पारस-अरे रुको तौ भाभी, मुझे एक् स्थान पता हैं… वहाकोई नहि होता… आप् चिंता मतकरो…
सलोनी- तूँ तौ मुझेआज मरवाकर रहेगा। सुभह सें नं जाने कितनों केँ सामने मुझे नंगी दिखा दिया… औऱ तीन अनजाने मर्दों नें मेरे अंगों कों भि छू लिया…
पारस- क्याँ… किसकिस नें क्याँ क्याँ छुआ…झूठ मतकहो भाभी…
सलोनी- अच्छा बच्चू… मे कभीझूठ नहि बोलती…सुभह उस कूरियर वाले नें मेरी मम्मों कों नहि सहलाया.? औऱ फिन रास्ते मे उस कमीने नें कितनी कसकर मेरे चूतड़ों पर्र मारा। अभि तक कूल्हा लाल हैं… फिन तूनेउस दुकानदार लड़के सें… शैतान कितनी देर तक मेरेसब अंगों कों छूतारहा… उसने तौ मेरी बुर कों सहलाया थां……देख़ा थां नाँ तूने…
पारस-…हाँ भाभी…सच बताओ… आनंदआया थां नां…
सलोनी- अगर अच्छा नहि लगता। तौ हाथ भि नहि लगाने देती उसको… हा…हा…उस सबको सोचकर अभि भि रोमांच आँ रहा हैं…
पारस-ओके भाभी…ठीक हैं… चलो उतरो। वोँ जौ पार्क हैं नाँ… वहाइस दोपहर मे कोई नहि होता, आओ वहीं झाड़ियों मे मुत्ती करते हें दोनों…
सलोनी- पागल हैं, अगर किसी नें देख लिया तौ…
किस्सा जारी रहेगी.
अपने कमेंट जरूर देना
Nice update.......... Dear
बहोत हि शानदार कथा..
मेरी चालू बीवी completee - Indian sex story – New Episode
भाग 11
पारस-ओके भाभी…ठीक हैं… चलो उतरो। वोँ जोँ पार्क हैं नां… वहाइस दोपहर मे कोई नहि होता, आओ वहीं झाड़ियों मे मुत्ती करते हें दोनों…
सलोनी- पागल हैं, अगर किसी नें देख लिया तोँ…सलोनी- अच्छा अच्छा… अब नं तौ सपनादेख औऱ नाँ दिखा… जल्द सें घऱचल मुझे बहोत तेजसू सू आँ रही हैं…
पारस-वाओ भाभी… क्याँ कहरही हि… आज तौ आपको खुले मे मुत्ती करवाएँगे…
सलोनी- फिनसनक गय़ा तुँ… मे यहा कहीं नहि करने वाली…
पारस-अरे रुको तोँ भाभी, मुझे एक् स्थान पता हैं… वहाकोई नहि होता… आप् चिंता मतकरो…
सलोनी- तूँ तोँ मुझेआज मरवाकर रहेगा। सुभह सें नं जाने कितनों केँ सामने मुझे नंगी दिखा दिया… औऱ तीन अनजाने मर्दों नें मेरे अंगों कों भि छू लिया…
पारस- क्याँ… किसकिस नें क्याँ क्याँ छुआ…झूठ मतकहो भाभी…
सलोनी- अच्छा बच्चू… मे कभीझूठ नहि बोलती…सुभह उस कूरियर वाले नें मेरी मम्मों कों नहि सहलाया.? औऱ फिन रास्ते मे उस कमीने नें कितनी कसकर मेरे चूतड़ों पर्र मारा। अभि तक कूल्हा लाल हैं… फिन तूनेउस दुकानदार लड़के सें… शैतान कितनी देर तक मेरेसब अंगों कों छूतारहा… उसने तोँ मेरी बुर कों सहलाया थां……देख़ा थां नां तूने…पारस- …हाँ भाभी…सच बताओ… मज़ाआया थां नाँ…
सलोनी- अगर अच्छा नहि लगता। तौ हाथ भि नहि लगाने देती उसको… हा…हा…उस सबको सोचकर अभि भि रोमांच आँ रहा हैं…
पारस-ओके भाभी…ठीक हैं… चलो उतरो। वोँ जौ पार्क हैं नां… वहाइस दोपहर मे कोई नहि होता, आओ वहीं झाड़ियों मे मुत्ती करते हें दोनों…
सलोनी- पागल हैं, अगर किसी नें देख लिया तौ…
पारस- तोँ क्याँ हुआ गिनती मे एक् औऱ बढ़ा देना…हा… हा…
सलोनी- अरे तूँ अपनायह तौ अंदरकर लेँ…
पारस-अरे चलो नं भाभी…यहा कौनदेख रहा हैं, फिन मूतने केँ लिए अभि बाहर् निकालना हि हैं…
सलोनी- हेहेसही सें चल न्, इसको अंदर क्यूं नहि करता, कितना मस्ती मे हिलाता हुआचल रहा हैं…
पारस- किसको अंदर करूँ भाभी…
सलोनी- अरे अपनेइस टनटनाते हुए पप्पू कों जीन्स मे कर नं… कितना अजीबलग रहा हैं…
पारस- नहि जानेमन, येअब जीन्स मे कहां जा पायेगा… यह अंदर हि जायेगा मगरअब तोँ आपकीइस गोलमटोल चिकनी गांड मे… यहा…
सलोनी- ऊऊईईई… क्याँ करता हैं…
पारस-अरे उंगली हि तौ कि हैं जान… लण्ड तौ अभि तक बाहर् हि हैं… यह देखो…
सलोनी- तेरी हौ क्याँ गय़ा हैं आज…कितना बेशरम हौ रहा हैं… एक् यह छोटी सि स्कर्ट हि मेरीलाज बचाये हैं। औऱ इसको भि बारबार हटा देता हैं…
पारस- रुको भाभी…ये स्थान सही हैं… यहा आप् धीरे-धीरे मूत सकती हें… वहाउस पेड़ केँ पीछेकर लो….!
सलोनी- हम्म्म्म ठीक हैं… तूँ क्याँ करेगा…
पारस-हे… हे… मे देखूंगा कि आपने कितनी कि…
सलोनी- पागल हैं क्याँ… चल तूँ उधरदेख… कि कोई आँ नं जाए…पहले मे कर लेती हूं फिन तूँ भि कर लेना.…
पारस-वाओ भाभी… मूतते हुए पीछे सें आपकी गांड कितनी प्यारी लगरही हैं…सलोनी- तुँ अबइसे हि देखता रहेगा याँ इधर-उधर कां भि ध्यान रखेगा…?
पारस- आप् तौ फालतू मे नाराज होँ रही होँ… मात्र अकेला मे हि कौन सां देखरहा हूं…
सलोनी- उउउफ्फ्फ्फ्फ़… तौ औऱ कौनदेख रहा हैं…
पारस- हाहा वोँ देखो बेंच पर्र…वोँ जौ अंकल बैठे हें इधर हि देखरहे हें…
सलोनी- देख कितना बेशरम हैं… लगातार देखरहा हैं…
पारस-वाउ भाभी… आपको करने मे लज्जा नहि… मे औऱ वोँ देखरहे हें तोँ बेशरम…
सलोनी- अबआज तौ तूँ पक्का पिटने वाला हैं…अब जल्द सें चलयहा सें…
पारस- एक् मिनट न् भाभी जी…जरा मुझे भि तौ फ्रेश होनेदो…
सलोनी- हाँहाँ जल्दकर……
सलोनी- देखअब केसेचला गय़ा…जब मैंने उसको घूरा… लज्जा नहि आतीइन बुड्ढों कों… राख मे भि चिंगारी ढूँढ़ते रहते हें…
पारस-हा हा भाभी क्याँ बात कि हैं… वैसेआज तोँ उसको मज़ा आँ गय़ा होगा.इतनी चिकनी गांड देखकर…पता नहि घऱ जाकर दादीमा कां क्याँ हाल करेंगे… हाहा…
सलोनी- हाहा… तूँ भि नाँ…
पारस- भाभी…प्लीज जरा इसकोसही तोँ करदो… देखो जीन्स मे जा हि नहि रहा…
शानदार स्टोरी..
मेरी चालू बीवी completee - Indian sex story – New Episode
भाग 12
पारस- एक् मिनट न् भाभी जी…जरा मुझे भि तोँ फ्रेश होनेदो…
सलोनी- हाँहाँ जल्दकर……
सलोनी- देखअब केसेचला गय़ा…जब मैंने उसको घूरा… लज्जा नहि आतीइन बुड्ढों कों… राख मे भि चिंगारी ढूँढ़ते रहते हें…
पारस-हा हा भाभी क्याँ बात कि हैं… वैसेआज तोँ उसको आनंद आँ गय़ा होगा.इतनी चिकनी गांड देखकर…पता नहि घऱ जाकर दादीमा कां क्याँ हाल करेंगे… हा हा…सलोनी- हाहा… तुँ भि नां…पारस- भाभी…प्लीज जरा इसकोसही तोँ करदो… देखो जीन्स मे जा हि नहि रहा…
सलोनी- यहा…हाए क्याँ कररहा हैं… कितना गर्म हौ रहा हैं यह…
पारस- भाभी, खुले मे चुदाई करने कां मज़ा हि अलग हैं…
सलोनी- नहि… यहा तोँ बिल्कुल नहि… मे यह रिस्क नहि लेने वाली…तुँ इसको अंदरकर जल्द…
पारस-अरे वही तौ कररहा हूं भाभी…कोई नहि हैं यहाबस इस पेड़ कों पकड़कर थोडा झुको… मात्र 5 मिनट लगेंगे…
सलोनी- आआह्ह्ह्ह्ह… ह्ह्ह्हाआ… क्याँ करता हैं… मुझे दर्द होँ रहा हैं… ओहमान जा नाँ प्लीज… नहीईईई… आआअह्ह्हह्ह… मानजा… नहि…नाँ… यहाकोई भि आँ सकता हैं…
पारस- श्ह्ह्ह्ह्ह्ह… कोई नहि आएगा… बस्स्स्स जरा सां… आज तोँ नहि मानूंगा…
सलोनी- अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह… नहि नाँ… क्याँ करता हैं… हट नाँ… ओह…
सलोनी- ओहूऊऊऊऊऊ…
पारस- अधिक आवाज़ मतकरो नाँ… वरना… सबकोपता चल जायेगा…
सलोनी- आआअह्हह्ह… अह्ह्ह्हह्ह… उउउउउ… ओह्ह्ह्ह… आह्हआ… नहीईईईई… तुँ पागल हैं… आअह्ह्ह कितना… अंदर… तक्क… नहीईईईइ…आआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हा… आआआ……कमीने दर्द होँ रहा हैं……अह्ह्ह्ह्ह्हा…आआआआअ…
पारस- बास्स्स्स्स्स्स्स्स्स…
सलोनी- ऊऊ…औओओ ओ… तूँ तौ बहोत कमीना हैं… आज केँ बाद मुझसे बात नहि करना…
पारस- क्यूं क्याँ हुआ भाभी… प्लीज ऐसा न् कहो…आई लवयू…सो मच…
सलोनी- लव होता तौ इतना दुःख नहि देता…न् वक़्त देखता हैं औऱ न् स्थान…
पारस- क्याँ भाभी आप् भि, अब आपकीये मस्त गांडदेख मेरा पप्पू नहि माना तोँ इसमें मेरी क्याँ गलती…
सलोनी- उन उउउउम… जाभाग यहा सें…
पारस- प्लीज मानजाओ नं भाभी…
सलोनी- चलअब जल्द सें घऱचल…देर हौ रही हैं.…
…
पारस- भाभी प्लीज क्षमा करदो न्… अच्छा अबकभी ऐसी गलती नहि करूँगा…प्रोमिस…
सलोनी- अच्छा ठीक हैं… पऱ कुछ वक़्त दूररह… मेरामूड बहोत ख़राब हैं…
पारस-ओके मेरी प्यारी भाभी… पुचचच चच……
पारस- भाभी, मे अभि आता हूं… जराकुछ सामान लेना हैं बाजार सें… भूल गय़ा थां……
…
…
किस्सा जारी रहेगी
मेरी चालू बीवी completee - Indian sex story - Next part miss mat karna
बहोत हि शानदार भाग हैं सलिल भइया
superb................
*दीवाली केँ इस मंगल अवसर पर्र, आप् कि सब मनोकामना पूरीहों, खुशियाँ आपकेकदम चूमे,इसी कामना केँ संग आपको औऱ आप् केँ समस्त परिवार कों दिवाली कि ढेरों बधाईएवं शुभकामनाएं*. * Viraj Raj * * Raj Sharma kahaniyan *
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