शहजादी सलमा - शहजादी सलमा – New Episode
विक्रम नदी केँ किनारे सलमा कां प्रतीक्षा कररहा थां औऱ वही सलमा भि घोड़े पर्र सवार होकर निकल गई थि औऱ उसकेसंग सीमा औऱ सपना दोनो थि! सीमा सलमा सें बोलि:"
" शहजादी क्याँ इसतरह सें बिना सुरक्षा केँ हमारा घूमना सही हें ?
सलमा:"मत भूलो कि तुम् सलमा केँ संग होँ औऱ फिनयह हमारा राज्य हें जहां किसी कि हिम्मत नहि हैं कि आंखउठा करहमे देखसके!
सपना:"मगर फिन भि अचानक सें आप् बिना सुरक्षा केँ ऐसेसाम केँ टाइम आँ गई जरूरकोई तोँ बात जरूर होगी!
सलमा:"बात तौ जरूर हें सपना, दरअसल इस घोड़े कां असली मालिक एक् बार इससे मिलना चाहता हें औऱ उसकी सवारी करना चाहता हैं तौ हमने भि उसे वादाकर दिया थां! बसयहबात हैं
सीमा:" अच्छा अगर इतनी सि हि बात हें तौ फिन तौ ठीक हें शहजादी साहिबा!
विक्रम बेचैनी सें इधरउधर टहलरहा थां औऱ थोड़ी हि देरबाद उसे घोड़ों कि टापो कि गूंज सुनाई पड़ी औऱ औऱ अगले हि उसकी आंखो केँ आगेपवन पऱ बैठी हुइ सलमानजर आई जिसके संग सीमा औऱ सपना दोनो थि औऱ विक्रम केँ चेहरे पऱ खुशी कि लहर दौड़ गई औऱ सलमा नें घोड़े कि लगाम कों धीरे-धीरे धीरे-धीरे खींच दिया औऱ ठीक विक्रम केँ सामने आँ गई औऱ घोड़े सें नीचेउतर कर उसकेपास पहुंच गई! सीमा औऱ सपना नें अपना घोड़ा थोडा पीछे हि रोक दिया औऱ आपस मे बातें करनेलगी ! सलमा नें हमेशा कि तरह अपने मुंह पऱ नकाब लगाया हुआ थां औऱ यह नकाब सोने कि लड़ियों सें बनाहुआ थां जिसमे वोँ बेहद सुंदर लगरही थि औऱ सबसे बड़ीबात नकाब कि लड़ियों केँ उधरइधर हिलने सें उसका चेहरा भि थोडा थोडा नजर आँ रहा थां जिसे विक्रम नजरभर करदेख रहा थां!
सलमा नें घोड़े कि लगाम कों पकड़ा औऱ विक्रम केँ सामने आकर खड़ी हौ गई औऱ बोलीं:"
" लीजिए विक्रम यहरहा आपका घोड़ा, जैसे चाहे सवारी कीजिए!
विक्रम नें घोड़े कि पीठ पऱ हाथ फेरा औऱ बोला:"
" आपकीइस दरियादिली केँ लिए हम् सदैव आपके आभारी रहेंगे!
सलमा:"ठीक हें बाते हि करते रहेंगे याँ इसकी सवारी भि करेंगे आप्?
विक्रम घोड़े कि पीठ पऱ सवार होँ गय़ा औऱ बोला:"
" ठीक हें आप् रुकिए तब मे थोडा आगे सें घूमकर आताहु!
इतना कहकर विक्रम नें घोड़े कों चलने कां इशारा दिया औऱ देखते हि देखते घोड़ा हवा सें बाते करनेलगा औऱ सीमा औऱ सपनाअब सलमा केँ पास आँ गई औऱ बोलीं
" शहजादी यह विक्रम साहब हें कौन? क्याँ आप् इन्हे जानती हैं?
सलमा:" नहींयह तौ मैनेकभी सोचा हि नहि, बस इतना हि जानती हूं कि उसका घोड़ा मैने पकड़ लिया थां औऱ आजयह अपने घोड़े सें मिलने केँ लिएआया हें!
सपना:" अच्छा हि किया शहजादी! वैसे हि ज़्यादा जान पहचान अच्छी नहीं होती खासतौर सें जवान मर्दों केँ संग!
सलमा उसकीबात सुनकर हल्की सि मुस्कुराई औऱ बोलि:"
" तुम् भि नाँ बस सपना, जब देखो उल्टी सीधीबात करती रहती होँ!
सीमा:" सपना तुम्हे कितनी बारकहा हैं कि शहजादी कों मत परेशान कियाकरो!
सपना:"लो जीकरलो बात, अब भला इसमें मैने क्याँ गलतकह दिया! शहजादी केँ भले केँ लिए होँ तौ कहा हें!
उनकी बातेचल हि रही थि कि तभी उत्तर दिशा सें अचानक कुछ घुड़सवार तेजी सें आए औऱ देखते हि देखते उन्हे घेर लिया! सलमासमझ गई कि वोँ खतरे मे पड़ गई हें औऱ उसने सीमा औऱ सपना कों इशारा किया औऱ देखते हि देखते उनके हाथो मे तलवार नजरआई औऱ नदी कां खाली पड़ाहुआ मैदान युद्ध केँ मैदान मे तब्दील होँ गय़ा! सलमा नें अपनी तलवार कों मयान सें बाहर् निकाला औऱ दुश्मनों पर्र टूट पड़ी!
सलमा औऱ उसकी सहेलियां बेहद बहादुरी सें लड़रही थि मगर देखते हि देखते दुश्मनों कि संख्या बढ़ गई औऱ औऱ सपना औऱ सीमा दोनो घायल हौ गई औऱ आखिर सलमा कों पकड़ लिया गय़ा औऱ कुछ व्यक्ति उसे घसीटते हुए एक् घोड़ा बग्गी कि तरफ लेँ चले जिसमे उनका सरदार बैठाहुआ थां! युद्ध करतेहुए सलमा कां नकाबखुल गय़ा थां औऱ उसकी हुस्न अपने शबाब पऱ थि औऱ उसे देखते हि सरदार बोला:"
" क्याँ अद्भुत हसीन राजकुमारी हाथलगी हें! सच मे लगता हें जैसेकोई हूर जन्नत सें उतरआई हैं इसकेरूप मे! उठालो इन्हे औऱ डाल तोँ रथ मे पीछेहाथ पांव बांधकर इनके!
सलमा जानती थि कि अगर वोँ औऱ उसकी सहेली इन काबिलाई लोगो केँ हाथलग गई तौ जीवनमौत सें बदतर हौ जायेगी! वोँ सहायता केँ लिएइधर उधरदेख रही थि मगरदूर दूर तक कोईनजर नहीं आँ रहा थां! तभीतीन चार व्यक्ति उसे उठाने केँ लिएआगे बढ़े औऱ तभी एक् सर्रर केँ आवाज़ केँ संगतीर आया औऱ रथ पर्र बैठेहुए सरदार कि छाती मे घुस गय़ा औऱ उसके मुंह सें दर्दभरी चींख निकली औऱ जमीन पर्र गिर पड़ा! सलमा नें देखा कि सामने घोड़े पर्र सवार विक्रम तेजी सें उधर हि आँ रहा थां जिसके हाथ मे तीर कमान थां!
देखते हि देखते उसनेकुछ तीर औऱ चलाए औऱ कुछ औऱ दुश्मन मौत केँ घाटउतर गए! मौके कि नजाकत कों देखते हुए सलमा नें अपनेपास पड़ी हुइ एक् तलवार कों उठा लिया औऱ दुश्मनों पर्र टूट पड़ी! विक्रम औऱ सलमा केँ संगसंग अब सपना औऱ सीमा भि मैदान मे कूद पड़ी औऱ देखते हि देखते दुश्मनों कि लाश केँ ढेर लगनेलगे! विक्रम पूरी ताकत औऱ बहादुरी सें लड़रहा थां औऱ सलमा लड़ते लड़ते भि उस पऱ ध्यान रखरही थि! तभी विक्रम पऱ एक् व्यक्ति नें वार किया औऱ विक्रम नें अपनीडाल पर्र उसेरोक लिया औऱ उसकी तलवार बिजली कि गति सें लहराई औऱ उस दुश्मन कि गर्दन जमीन पऱ गिर पड़ी! विक्रम कि तलवार अब जादुई रफ्तार सें चलरही थि औऱ एक् केँ बाद एक् दुश्मन हलाक होतेचले जारहे थें!
विक्रम कां ऐसा रौद्र रुप देखकर बचेहुए दुश्मन भाग खड़ेहुए औऱ सलमा नें चैन कि सांसली! वोँ विक्रम कि तरफबढ़ हि रही थि कि तभी विक्रम केँ पास पड़ेहुए एक् सैनिक नें तलवार कां वार विक्रम पऱ किया औऱ उसके पांव सें खून कि धारबह निकली औऱ सलमा नें तेजी सें तलवार कां वार किया औऱ उस सैनिक कि गर्दन उड़ा दि! विक्रम दर्द केँ मारे नीचे जमीन पर्र बैठ गय़ा औऱ सलमा बोलि:"
" सपना सीमा जल्द सें पानी लेकरआओ!
दोनोनदी कि तरफ दौड़ गई औऱ सलमा नें अपने दुपट्टे कों फाड़कर उसकेपेर पऱ लपेट दिया औऱ उसका जख्मी पांव देखकर बोलीं:"
" मेरेलिए स्वयं कों खतरे मे डालने कि जरूरत क्याँ थि?
विक्रम बेशक दर्द सें कराहरहा थां मगर उसके माथे पऱ दर्द कि एक् लकीर तक नहि थि औऱ बोला:"
" शहजादी आप् मेरे बुलावे पर्र यहांआई थि औऱ आपकी हिफाजत करना मेरा फर्ज थां!
नाँ चाहते हुए भि विक्रम केँ मुंह सें एक् दर्दभरी अहह निकल पड़ी औऱ सलमा कि आंखो सें आंसूछलक पड़े औऱ रोतेहुए बोलीं:"
" मेरीवजह सें आपकायह हाल होँ गय़ा हैं! मुझेमाफ कर दीजिए आप् खुदा केँ लिए!
इतना कहकर उसने उसने अपने दोनो हाथो कों अपने मुंह पर्र रख लिया औऱ रो पड़ी!
सलमा केँ आंसू देखकर विक्रम बोला:" शहजादी सलमा आप् रोतेहुए बेहद बुरी लगती हें, आप् जैसी खूबसूरत औरत कि आंखो मे आंसू अच्छे नहि लगते!
विक्रम कि बात सुनकर सुनकर सलमा कों अपने बेनकाब होने कां एहसास हुआ औऱ वोँ अपना हिजाब ठीक करनेलगी तौ विक्रम मे उसकाहाथ पकड़ लिया औऱ बोला:"
" हम् औऱ औऱ जुल्म मत कीजिए शहजादी! आपकायह सुंदर चेहरा देखकर मुझे दर्द मे भि चैनमिल रहा हैं!
किसी जवान मर्द नें पहली औऱ उसकी तारीफ करी थि औऱ शहजादी सलमा अपनी नाजुक कलाई पर्र विक्रम केँ कठोर उंगलियों कां एहसास महसूस करके बेचैन हौ उठी औऱ औऱ अपनाहाथ छुड़ाने कि कोशिश करतेहुए बोलि:"
" हमारा हाथ छोड़िए विक्रम! यहठीक नहि हैं!
विक्रम नें उसकाहाथ हाथ नहीं छोड़ा औऱ उसकीतरफ देखता रहा तौ शहजादी कसमसा उठी औऱ बोलीं:"
" हम् पऱ ऐसा जुल्म मत कीजिए विक्रम! कोईदेख लेगा तौ हम् किसी कों मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे!
इतना कहकर सलमा पूरी ताकत सें अपनाहाथ पीछे खींचने लगीमगर विक्रम कि ताकत केँ आगे उसकी एक् नं चली औऱ औऱ विक्रम बोला:"
" हमेयूं न् तड़पाए सलमा!कोई नहीं देखारहा औऱ वैसे भि आपके बदनाम होने सें पहले हम् मौत कों गले लगाना पसन्द करेंगे!
उसकीबात सुनकर सलमा नें अपने दूसरे हाथ कि उंगली कों उसके होंठो पर्र रख दिया मानो उसकीबात सें नाराज हौ औऱ कुछ नहीं बोलि! तभीदूर सें उसे सपना औऱ सीमाआती हुइ दिखाई दि तौ सलमा कांपउठी औऱ बोलि:"
" खुदा केँ लिएअब रहम कीजिए! वोँ दोनो आँ रही हें अगर हमेंदेख लिया तोँ गजब होँ जायेगा!
विक्रम:" ठीक हें छोड़ दूंगा मगर वादा कीजिए आप् कल हमसेयही फिन मिलने आएंगी!
सलमा उसकीतरफ देखकर कसमसा उठी औऱ आंखे दिखाते हुए बोलीं:"
" आप् पहले आराम कीजिए एक् हफ्ता! आज हि केँ दिनमै आपका प्रतीक्षा करूंगी यहीतब तक आपके जख्म भि ठीक हौ जाएंगे!
विक्रम:" हमेऐसे न् तड़पाए! एक् हफ्ता हम् आपके बिना नहि जी पायेंगे! आपकी सुरक्षा कों ध्यान मे रखतेहुए हम् राजमहल मे हि आपसे मिलने आयेंगे!
सलमा:"ऐसा गजबमत करना! पकड़े गए तोँ मारे जाओगे! महल मे हरबार घुसना आसान नहीं होगा !
विक्रम:" उसकीबात आप् चिंता मतकरो! मे स्वयं जा जाऊंगा!
सलमा:" मे आज केँ हि दिनसाम कों सातबजे महल कि छत पऱ आपका प्रतीक्षा करूंगी औऱ वहांकोई सैनिक भि नहीं होगा!
विक्रम:" यह तोँ बहोत अच्छी बात हें! मे जरूर आऊंगा शहजादी!
तभी सपना औऱ सीमापास आने वाली थि तोँ सलमा बोलीं:"
" ठीक हैं मे प्रतीक्षा करूंगी! मगर खुदा केँ लिए अभि मेराहाथ छोड़ दीजिए! उन्होंने देख दिया तोँ गजब जायेगा!
विक्रम थोडा सां आगे कों झुका औऱ सलमा कां हाथचूम लिया तोँ सलमा केँ मुंह सें अहह निकल पड़ी औऱ विक्रम नें उसकाहाथ छोड़ दिया औऱ सलमा अपना नकाबठीक करतेहुए उसे गुस्से सें देखरही थि औऱ तभी सीमा औऱ सपना आँ गई औऱ सलमा नें विक्रम केँ जख्म कों पानी सें धो दिया औऱ उसकेबाद पट्टी करी औऱ बोलीं:"
" विक्रम अबहमे इजाजत दीजिए! राजमहल मे हम् नहीं पहुंचे तोँ दिक्कत होँ जाएगी!
इतना कहकर सलमा खड़ी हुइ औऱ घोड़े पर्र सवार होनेलगी तोँ सीमा औऱ सपना विक्रम सें बोलि:"
" हमारी जान बचाने केँ लिए आपका धन्यवाद! आप् बेहद ताकतवर औऱ बहादुर हैं!
उसकेबाद सपना औऱ सीमा भि अपने घोड़े पऱ सवार होनेलगी औऱ उन दोनों कि बात सुनकर सलमा कों उन पर्र क्रोध आँ रहा थां मगरकुछ नहीं बोलीं औऱ देखते हि देखते सीमा औऱ सपना अपने घोड़े पर्र सवार होकरआगे बढ़ गई औऱ सलमावही खड़ी हुई अब भि विक्रम कों देखरही थि! मुंह पऱ नकाब लगाएहुए अपनी मदभरी मस्तानी आंखो सें लगातार विक्रम कों देखरही थि, सलमा केँ चेहरे पऱ हल्की सि मुस्कान औऱ उसकी बड़ी बड़ी कालीगोल आंखे मानो विक्रम पऱ कयामत बनकरटूट रही थि!
विक्रम भि बिना पलके झुकाए उसे हि देखरहा थां औऱ धीरे-धीरे सें बोला:"
" जानां जरूरी हैं क्याँ शहजादी?
सलमा उसकी आंखो मे देखते हुए बोलीं:" मेरी मजबूरी हैं विक्रम!
विक्रम:" आप् मेरीजान लेकर रहोगी शहजादी! अच्छा जाने सें पहले एक् बार अपना अपना सुंदर चांद सां चेहरा मुंह दिखा दीजिए! आपको मेरीशपथ हें शहजादी!
सलमा अपनाहाथ अपने नकाब पऱ लेँ गई औऱ उसेखोल दिया जिससे एक् बारफिन सें उसका हसीन चांद सां रोशन चेहरा पूरीतरह सें बेपर्दा होँ गय़ा
नकाब केँ हटते हि ऐसालगा जैसे चांद बादलों केँ बीच सें निकलआया हौ औऱ विक्रम अपनेहोश खो बैठा औऱ बोला:"
" अदभुत, अकल्पनीय औऱ अविश्वसनीय रूप सें खूबसूरत हौ आप् सलमा!
सलमा नें फिन सें अपना नकाब लगाया औऱ विक्रम कि आंखे मे देखते हुए अपने घोड़े कों आगे बढ़ा दिया औऱ देखते हि देखते विक्रम कि आंखो सें ओझल होतीचली गई! विक्रम उसे तक तक देखता रहाजब तक वोँ दिखती रही औऱ उसकेबाद घोड़े पर्र सवार होकर अपने राज्य वापिस लौट गय़ा औऱ सीधे वैद्य केँ पास गय़ा औऱ वैद्य उसका जख्म देखकर परेशान हुए औऱ बोले:"
" अपना ध्यान रखा कीजिए आप् युवराज! मैने इलाजकर दिया हैं तौ तीनचार दिन केँ अंदर आपका जख्म पूरीतरह सें भर जायेगा!
विक्रम:" आपका बहोत बहोत शुक्रिया वैद्य जी!मगर ध्यान रखनाइस बारे मे किसी कों पता नहि चलना चाहिए कि मुझेचोट लगी हुई हें!
वैद्य नें उससे वादा किया औऱ विक्रम महल कि तरफलौट आया औऱ उसकी आंखो केँ आगे अभि भि सलमा कां सुंदर चेहरा घूमरहा थां!
वहीं दूसरी तरफ सलमा सीमा औऱ सपना केँ पास पहुंच गई औऱ बोलि:"
" आज जोँ हुआ उसकामहल मे किसी कों पता नहि चलना चाहिए नहीं तोँ दिक्कत होगी!
सीमा:" आप् फिकर नाँ करे राजकुमारी मगर वोँ तौ भला हौ उस बेचारे राजकुमार कां नहीं तोँ पता नहि क्याँ गजब होँ जाता!
सपना:"सच मे उसनेजी आज हम् सबको बचाया हैं! जितना बहादुर हैं उससे कहीं ज़्यादा हसीन हें! ऐसे राजुकमार पर्र तौ कोई भि सुंदरी मर मिटे!
सलमा उनकी बातेसुन करमन हि मनखुश हौ रही थि औऱ थोड़ी देरबाद हि वोँ राज केँ अंदरघुस गए औऱ दोनो अपनेघऱ लौट गई औऱ सलमा राजमहल मे चली गई जहां उसकी अम्मी रजिया उसकेलिए परेशान होँ रही थि औऱ सलमा कों देखकर उन्होंने सुकून कि सांसली औऱ बोलि:"
" कहां चली गई थि आप् बिना बताए ? आपको एहसास हैं कि मुझे आपकी कितनी चिंता होँ रही थि?
सलमा:" हम् बस थोडा घूमने केँ लिए निकलगए थें! हमेमाफ कर दीजिए अम्मी आगे सें ऐसी गलती नहि होगी!
रजिया नें उसेगले सें लगा लिया औऱ उसका माथाचूम कर बोलीं
" कहीं भि जाओबस बताकर जायाकरो! चलो जल्द सें नहाकर आँ जाओफिन भि खानां खायेंगे!
सलमा बहाने केँ बाद खाने kr दस्तर खान पर्र बैठ गई मगर उसकामन तोँ कहीं औऱ हि लगाहुआ थां औऱ अनमने ढंग सें थोडा कुछ खाया तौ रजिया उससे बोलीं:
"क्याँ हुआ शहजादी, आपकी तबियत तौ ठीक हैं नाँ ?
सलमा:"हां अम्मी, बसआज ज़्यादा भूख नहीं हैं, अच्छा हम् सोने केँ लिए चलते हें!
इतना कहकर वोँ अपने कक्ष कि औऱ चल पड़ी औऱ बेड पर्र लेट गई औऱ विक्रम केँ बारे मे हि सोचने लगी कि सच मे वोँ कितना अच्छा इंसान हें औऱ कितना प्यारा भि! सलमा कों लगा कि उसे उसके बारे मे ज़्यादा नहीं सोचना चाहिए क्योंकि यहगलत हैं! मगरजब उसने मेराहाथ पकड़ा तौ केसे मेरारोम रोम कांपउठा औऱ उसकाहाथ कितना ज़्यादा कठोर थां! यहसभी सोचकर सलमा नें अपनी आंखेबंद ली औऱ तभीउसे एक् समय कां एहसास हुआजब विक्रम नें उसकेहाथ कों चूमा थां तोँ सलमा कि सांसे तेज हौ गई औऱ उसने उसने अपनेहाथ कों वही पऱ चूम लिया जहां विक्रम केँ होंठो नें उसेछुआ थां औऱ ऐसा करते हि सलमा केँ मुंह सें अहह निकल पड़ी " आह्ह्ह विक्रम!!
सलमा कों महसूस हौ रहा थां कि विक्रम केँ गरम दहकते हुए होंठो पर्र कां एहसास उसे अभि भि अपनेहाथ पर्र होँ रहा थां औऱ उत्तेजना मे सलमा कि नाजुक नर्म, गरम पतली रसीली जीभ बाहर् निकली औऱ उस स्थान कों चूसने लगीं औऱ जोर सें अपनी जांघो कों एक् दूसरे सें कस लिया औऱ उसकी चूचियां इसकदर उछलरही थि मानो बाहर् निकलआने केँ लिएलिए फड़फड़ा रही थि! सलमा नें बड़ी मुश्किल सें स्वयं पऱ काबू पाया औऱ जैसे तैसे करके सोने कि कोशिश करनेलगी!!
वही दूसरी तरफ विक्रम कि हालत भि सलमा सें कुछ जुदा नहि थि! बड़ी मुश्किल सें थोडा सां खानां खाया औऱ अपने कक्ष मे आराम करनेलगा औऱ वोँ एक् समय केँ लिए भि सलमा कों नहींभूल पारहा थां!
वही दूसरी तरफ राजमाता नें अजय कों बताया थां कि जल्द हि एक् शुभ अवसर पर्र राज्य कि सुरक्षा कि जिम्मेदारी उसके हवाले कर दि जाएगी! आज वोँ जाकर अपनी माँ कों यहबात बताए ताकि उसकी मम्मी उसेइस प्रथा औऱ जिम्मेदारी केँ लिएबता सके!अजय राजमाता केँ पांव छूकर अपनेघऱ कि तरफचल पड़ा जहां उसकी माता मेनका उसका प्रतीक्षा कररही थि!
आपके कीमती सुझाव केँ लिए बहोत बहोत शुक्रिया! अपनीतरफ सें इस स्टोरी कों अच्छी बनाने कि पूरी कोशिश करूंगा
बिलकुल प्यार कथा कि शुरुवात तोँ जरूर हौ गई हैं मगर जैसे हि सलमा कों विक्रम कि सच्चाई पता चलेगी तोँ किस्सा मे बदलाव आयेगा
शहजादी सलमा - शहजादी सलमा – New Episode
आप् नें जब सें इस फोरम पर्र लिखना प्रारंभ कियातब सें हि आपकी किस्सा पढ़रहा हूं औऱ शायद आप् कि सब कहानी पढ़ चुका हूं। इरोटिक लेखन मे आप् माहिर हैं, इसमेरति भर भि किसी कों शक नहीं। मगरइधर कई दिनों सें आपके लेखन स्किल मे भि अभूतपूर्व बदलाव आया हैं। राइटिंग स्किल पहले सें लाख गुना बेहतर होँ गई हैं। हरचीज कों, हर शब्द कों, हर घटनाक्रम कों बहुतसोच समझकर औऱ बहुत बारीकी सें लिखरहे हैं। ये वास्तव मे एक् बहोत बड़ी उपलब्धि हासिल कि हैं आपने।
इसभाग कां प्रत्येक घटनाक्रम औऱ उस घटनाक्रम कां डिटेल वर्णन बहोत हि हुस्न सें प्रस्तुत किया आपने।
सलमा औऱ विक्रम केँ दरम्यान शुरुआत मे थोड़े-बहोत तनाव औऱ अबउस तनाव कां आकर्षण मे तब्दील होना एक् प्यार स्टोरी कों जन्मदे रहा हैं। औऱ येसभी फिन सें कहरहा हूं कि बहोत हि हुस्न सें वर्णन किया हैं आपने।
मगरये देख्ना रीडर्स केँ लिए कौतुहल कां सब्जेक्ट रहेगा कि इस प्यार कहानी केँ बीच इन्सेस्ट केसे जन्म लेता हैं औऱ उस इन्सेस्ट रिलेशनशिप केँ मुख्य किरदार कौनकौन होंगे।
बहोत हि हसीनभाग यूनिक स्टार भइया।
आउटस्टैंडिंग एंड अमेजिंग।
शहजादी सलमा - शहजादी सलमा – New Episode
हमेशा कि तरह बढ़िया कथालिख रहे हौ भइया आप्।
विक्रम औऱ सलमा कि प्यार कथा हि इस कां मुख्य बिंदु हैं, जोँ राज्यों मे उत्पन्न गलतफहमी केँ कारण झंझावातों सें गुजरेगी। औऱ शायदइस गलतफहमी कारण भि जब्बार हि हैं।
बाकी मुझे राजमाता कां किरदार भि कुछ रहस्यमई लगा। औऱ लगता हैं मेनका औऱ अजय केँ बीचकुछ होने वाला हैं जोँ परंपरा केँ नाम पर्र किया जाएगा अगले एपसोड मे।
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