A MAN V/S DEATH ( ADULT+ THRILL) COMPLETED - Metro Mein Chudai – New Episode
Update:-60
रूम सें बाहर् निकला। टेलीविज़न ऑन किया सुभह सुभह अधिककुछ नहि आँ रहा थां तभी एक् स्पोर्ट्स चॅनेल पे लगा दिया तौ उसपरकोई पुरानां सां मॅच आँ रहा थां….
30 पे 4 विकेट। यह हालतकब हुइ इंडिया कि…। मैंने सोक्ोरे देखते हुईँ कहाआ….कि तभीबेल बज्जी…
मैंने टेलीविज़न बंद किया औऱ घऱ कां दरवाजा खोला। सामने देखा तौ बाज्जु वाली आंटी खड़ी थि…
अरे आंटी आप् सुभह सुभह.कुछ कम थां? मैंने उनसे प्रश्न किया
नहि नहि बेटा। वोँ यह 30 ऋूपपे देनेआई हूं तुम्हारे। वोँ सोनू तुमसे लें गय़ा थां कुछ 3 याँ 4 महीने पहले औऱ अबबता रहा थां। मैंने उसकी अच्छी खड़ी काहबर ली हैं। बदमाश कहीं कां.
अरे आंटी कैसीबात कररही हैं आप्। वोँ मुझे बलकल पैसे लेँ सकता हैं। आप् 30 रुपये देनेआई हैं। मे यह नहि लेँ सकता औऱ वोँ इतने महीनों पुरानी बात। मुझे तौ याद भि नहि थि….मैंने थोडा स्टे हुईँ कहा.
अरे नहि नहि बेटा…रख लो… उन्होंने मेरेहाथ मे थमते हुईँ कहा… अच्छा मे चलती हूं.बोलते हुए वोँ निकल गई,.
मैंने दरवाजा बंदकर दिया औऱ 30 र्स कों वहीं टेबल पे रख दिया…अब सुभह सुभह मुझे कों कप कॉफ़ी पीने कि आदत हैं तौ चल पड़ा मे रसोई कि तरफ कों कप कॉफ़ी बनाने केँ लिए….
ऊहह टेरी कि दूध हि नहि हैं…। मैंने सर पे हाथ मरतेहुए कहा….रोज़ रात कों दफ़्तर सें आताहुआ दूध लें आता थां पर्र कलभूल गय़ा … मैंने फ्रीज बंद किया औऱ बाहर् बालकनी मे जाकर खड़ा होँ गय़ा कि अगर सोसाइटी मे आने वालादूध वाला आँ जाए तोँ आजउसी सें लेँ लूँगा….
औऱ मेरी भाग्य भि अच्छी निकली दूध वाला भि अंदरआता दिखाई दिया.
ओईई…… दूध वल्ली…मैंने आवाज़ लगाई औऱ उससेबोल दियादूध दे जाने केँ लिए…उप्पर आकर उसनेदूध दिया तोँ मैंने उससे 30 र्स पकड़ा दिये.अब 30 र्स मे इतनादूध मिल गय़ा कि एक् कप कों कप कॉफ़ी तौ बन हि जाती थि मैंने अपनेलिए कों कप कॉफ़ी बनाई….औऱ बना कि मे बाहर् अपने बालकनी मे आकरबैठ गय़ा न्यूसपेपर लेकर.
संडे केँ अक्भर मे ज़्यादा क्कूह होता हैं नहि पड़ने केँ लिए। पहले हि पेज पे। 30% डिसकाउंट कां एडलगा हुआ थां…। आख़िर तक हरकरजब कुछ नहि हुआ तौ मैंने वोँ अख़बार बंदकर केँ साइड मे रख दिया औऱ नीचे देखने लगा जहाँ बच्चे क्रिकेट खेलरहे थि…उनकी आवाजें आँ रही थि.
आबे 30 ऋण होँ गये हें… सिर्फ़ 4 बाकी हैं अब…। मे बना लूँगा…… उनकोदेख कि अपना बचपनयाद आँ गय़ा। फिन मे मुड़ा औऱ अंदर जाने लगा.औऱ अक्भर पे आज कि डेट पड़ा.
फिन पता नहि मुझे क्याँ हुआडेट देख कि मे उससेगौर सें देखने लगा। नां जाने क्यूं पऱ देखने लगा….फिन तभी मेरेमन मे कुछआया। जिससे मेरे जिस्म केँ अंदर बेचैनी बाद गई,। मैंने सबसे पहले घड़ी मे समय देखा 11 बजरहे थें….औऱ उसकेबाद अपनी स्टडी टेबल कि तरफ बगहा… उसमें कुछ ढूंढ़ने लगा। बहुत सारी बुक्स निकल केँ रख दि.मगर मुझे वोँ नहि मिला जिससे ढूंढ.रहा थां। फिन लगभग 20 महन्त केँ बाद मुझे वोँ चीज़ मिली जोँ मैंने बुक केँ बीच मे रखी थि संभाल कि…
वोँ पेपर… वोँ पेज जिसमें हमारी मौत कि कॅल्क्युलेशन्स हुईँ थि……लगभग 10 मिनट तक उसे पेपर कों देखने केँ बाद मेरीरूह कांप गयीँ,। औऱ मेरे सामने सुभह सें घटना घूमने लगी… वोँ 30/4 स्कोर। आंटी कां 30 र्स देना.दूध वाले कों 30 देना। डीस्कुंत कां 30% देख्ना। बच्चों कां क्रिकेट मे 30 कां स्कोर होना। मेरामन औऱ बदन पूरीतरह सें हिल गय़ा.
मैंने जल्दी राहुल कों मोबाइल लगायाअ……
रिंग जाती थि रही…जाती थि रही… औऱ फिन उनसे उठाई किया…
हाँ हर्षित केसेयाद किया सुभह सुभह…। राहुल ड्राइव करते हि बोला.उसके बगल मे इशिका बैठी थि। जौ काफफी खुशलग रही थि….
कहां हैं इस वक़्त तूँ? मैंने थोडा घबराया हुआबोल रहा थां.
मे बॅस दोस्त मैडमजी कों सुभह सें शॉपिंग करनी थि तौ इसलिये गॅलक्सी मालजा रहा हूं … क्यूं क्याँ हुआ.
इशिका भि तेरेसंग मे हैं? मैंने फिन सें घबराहत मे साव्ल किया
हाँ अबवीऔस दोस्त। अब मैडम तोँ इशिका हि हैं। तेरी क्याँ लगाकोई औऱ पताली मैंने
राहुल जल्द सें घऱ आँ जा मुझेकुछ अजीबलग रहा हैं…। हेलू…सुन रहा हैं नां तूँ….
उधर राहुल नें मोबाइल कोन पे नहि लागरखा थां उससे पुलिस वाले नें पकड़रखा थां…
हीलूओ हेल्लूऊऊऊओ मे बारबार बोलेजा रहा थां कि तभी राहुल कि आवाज़ आई.
आबे तेरेचाह कर मे चलनकाट रहा हैं बाद मे बात करता हूं। बोलते हुईँ उसने मोबाइल कटकर दिया
दमीड्ड…। मे गुस्से मे बोला औऱ फट सें घुस गय़ा रूम मे तैयार होने केँ लिए। लगभग 10 मिनट केँ अंदरघऱ सें बाहर् निकल गय़ा…औऱ अपनी गाड़ी निकली औऱ उसके बताए हुई स्थान पऱ निकल गय़ा…
उधर राहुल गद्दी अपनी मंजिल कि तरफबाद रहा थां औऱ पहुंचने केँ बाद उसने पार्किंग सें पहले नॉर्माली रोड कि साइड मे गद्दी लगा दि….
मे तेजी सें गद्दी चलारहा थां 5 याँ 7 मिनट लगते मुझे पहुंचने मे.
राहुल औऱ इशिका गद्दी सें बाहर् निकले…राहुल चल पड़ा पऱ उसने देखा तौ इशिका नहि दिखी.
क्याँ हुआइसी… राहुल नें आवाज़ लगाई.
दोस्त यहबार बार पर्स मे सें निकल केँ गिररहा हैं…। उसने पर्स पे लगी केँ सुकून कों दिकहते हुईँ कहा.
राहुल :- तौ हटादे नां इससे…
इशिका :- नहि हटूंगी…
अबजब उसने नाँ बोल दिया तौ बातहे कहतम…। राहुल औऱ इशिका चल पड़े.तभी राहुल केँ मोबाइल बज्जा
आजयह बड़ा परेशान हैं…। उसने मोबाइल उठाई किया.
हाँ राहुल तुँ जहाँ हैं वहीं रहियो मे आँ रहा हूं… सुनरहा हैं नाँ। मैंने कहा.
क्याँ… क्याँ बोलरहा हैं…। उससेकुछ सुनाई नहि दि रहा थां क्यूं कि डिवाइडर पे अड्वर्टाइज़िंग बोर्ड कां कम चालू थां वहां मशीन सें उस पोले पे कुछकर रहे थि….
अरेसुन रहा हैं नां क्याँ कहरहा हूं। वहींरुक मे आँ रहा हूं.
आबे क्याँ बोलरहा हैं ज़ोर सें बोल… सुनाई नहि देरहा…। (औऱ अचानक सें मोबाइल कट हौ जाता हैं)
श शितत बटीरी दोववण… राहुल बोलते हुइ आगेबाद रहा थां कि तभी उसने देखा कि इशिका उसकेसंग नहि हैं। उसने मूंड़ केँ देखा तौ इसका चलती हुईँ बीचरोड पे पहुह गई, थि अपनी केँ सुकून कों उतनी
यह भि नां। राहुल नें अपने आप् सें कहा औऱ फिन उसकी नज़रउसे तरफरोड पे पड़ा जहाँ एक् गद्दी तेजी सें आँ रही थि…। इशिका नें उसेतरफ धान नहि दिया….
इशिका………। राहुल छिलता हुआभगा इशिका केँ पास औऱ उससे अपनीतरफ खिच लिया… औऱ गद्दी सन करती हुई निकल गयीँ, ……
इसीइसी……। ठीक तौ हैं नां तुँ… राहुल नें डरी हि आवाज़ मे कहा.
हाँ…। वोँ भि डरी हुई थि.
मे कहरहा हूं कि चोददे उससे.मगर पता नहि क्याँ हैं…… राहुल नें इशिका कां हाथ पकड़ा औऱ फिनचल पड़ा…
थोड़ी हि दूरगये थें तौ राहुल नें इशिका कि तरफ देखा जिसका सेहरा मुरझाया हुआ थां
राहुल :- क्याँ हुआ?
इशिका :- कुछ नहि। चालू मुज़ेः कोई शॉपिंग नहि करनी.
राहुल :- ओफूऐसा क्याँ हैं उसे केँ सुकून मे जोँ इतना परेशान होँ रही हैं.
इशिका :- क्यूं कि वोँ तुमने दिया थां इसलिये। [इशिका नें बच्चों कि तरहकहा]
जिससे देख कि राहुल अपने आप् कों हँसने सें नहि रोक पाया। अच्छा बाबाला देता हूं। तूँ यहींरुक.
इशिका :- हम्। [ खुश होते हुई]
फिन राहुल चल पड़ता हैं उसे केँ सुकून कों लेने जोँ वहीं पड़ा थि ज़मीन पी….राहुल देखते हुई चल पड़ता हैं… औऱ आख़िर करउसे सुकून कों उठा लेता हैं औऱ इशिका कि तरफ मूंड़ कि उस्सी दिखाने लगती हैं। दोनों केँ चेहरे पे एक् मुस्कुराहट होती हैं.
मे तेजी सें गद्दी चलारहा थां औऱ ऑलमोस्ट पहुंच हि गय़ा थां गलक्ष्य केँ सामने बस मुझेयू टर्न लेना थां…कि तभी मेरी नज़र सामने राहुल पे पड़ा… मैंने उससे आवाज़ लगाई पर्र वोँ सुन हि नहि रहा थां। पऱ अचानक मेरी नज़र सामने जबरोड पे पड़ड़ती तौ एक् गद्दी हॉर्न बजाते हुइ तेजी सें बादरही थि उसकीतरफ.
पऱ राहुल तौ इशिका कि उसे मुस्कुराते चेहरे मे खो गय़ा थां औऱ इशिका उसमें। उन दोनों नें ध्यान हि नहि दिया कि वोँ दोनों कहां कहदे हें….
जब मैंने देखा वोँ गद्दी तेजी सें राहुल कि तरफबाद रहा हैं मैंने अपनी गद्दी कों फुल बढ़ता दिया औऱ साइड डिवाइडर मे घुसती हुईँ उसेरोड पी जैसे हि आया…। सामने सें आती हुइ गद्दी जौ राहुल कों उड़ाने वाली थि। सीधे उसमें क्रोध दि…। जिससे मेरी गद्दी औऱ उसकी गद्दी रोड कि दूसरी तरफ पहुंच गयीँ, ……
आआआआआआआआआआआ…। सभीलोग वहां कहदे छिलालयी। इस हमले सें इशिका भि चीलाईइ रहल नें भि अपनी नज़रइधर कि.तोँ उससेयह आक्सिडेंट दिखा….
मुझेचोट नहि लगी। एरबॅग खुलने कि वजह सि। बस हल्की सें सर पे लगी थि… मे जल्द सें उतरा पर्र शायददेर कर दि….
मेरेइस आक्सिडेंट कि वजह सें पिछले वेचिलेस कां बैलेन्स बिगड़ गय़ा.औऱ एक् गद्दी सीधे दिवदर सें टकराती हुईँ.
राहुल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल……। इशिका चिल्लइ… राहुल उसे गद्दी सें बच गय़ा। एप्र वोँ गद्दी सीधेउसे अड्वर्टाइज़िंग बोर्ड सें जा टकराई जिसके पोले अभि लगरहे थि… औऱ भूंम्म्मममम ढाम्म्म्ममममममममममम
आवाज़ कि स्ताः वोँ बोर्ड नीचे कि तरफ गिरने लगा…
राहुल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल……………….मे चिल्लाया… औऱ उसकीतरफ बगा… पऱ जैसे हि उसने उप्पर देखा तौ वोँ बड्डा सां बोर्ड उसके उप्पर गिर गय़ा.
पकचह जैसी आवाज़ आई…। औऱ राहुल कां बदन अव्हीन पिचक गय़ा। उसका एक् हाथ उसके जिस्म सें अलग होते हुइ साइड मे जा गिरा। औऱ बाकी कां शायर किसी सॅंडविच कि तरहपिस कि तकड़ों मे बदल गय़ा थां हर स्थान खून हि खूनफेल गय़ा…
नाहियीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई…इशिका ज़ोर सें चिल्लाई…। औऱ वहीं पे एक् वाहन औऱ आयी औऱ इशिका कों कुचल गयीँ, … मे कभी राहुल केँ उसे पीस्से हुई बदन कि तरफ देखता तौ अक्भी इशिका कों देखता… मेरेहाथ पेर सुन्न होँ गये थि। जौ भि देखा मैंने अभि अभि। क्याँ वोँ सपना थां। काश सपना हि होँ…
पऱ ऐसा नहि थां….वोँ सपना नहि हैं। हक्कइकात हैं… एक् ऐसी हक्कइकात जिससे हम् मुकर नहि सकती….
30 एप्रिल आज कि डेट। यानि कि 30 / 4। मौत कां समय इशिका औऱ राहुल नें स्वयं तय किया थां। याद हैं आप् सभी कों वोँ नंबर्स… जोँ राहुल औऱ इशिका नें स्वयं बताए थि…
12 + 00 + 00 + 28 = 30 यह इशिका नें बताया थां उसे ट्रेन नो। केँ कलक्लुआतीओं सें.
12 + 00 + 00 + 28 = 31 … मतलब कि 3 + 1 = 4
30 यँनी कि आज कि डेट औऱ 4 आज कां मंथ यानि कि एप्रिल……
इतने हि ज़ीरो थि इस ट्रेन नंबर मे। जोँ हमेंकभी उसे हि नहि किया…। क्यूं कि हमारी नज़र मे ज़ीरो कि कोई वॅल्यू नहि हैं पर्र शायदमौत कि नज़र मे ज़ीरो कि बहोत वॅल्यू हैं…। एक् बारफिन मौत नें हमें धोकादे दिया… औऱ वोँ जीत गयीँ,। आख़िर उसने राहुल औऱ इशिका कों हमसेछीन लिया…
मे एक् बारफिन हर गय़ा।
And story kaa हुआ the end, and mein बात yeh h की moth से बड़ा कुछ na h na hero na vilan usse koyi na jeet sakta bus taal sakte hu woh bi thode der के liye।
A MAN V/S DEATH ( ADULT+ THRILL) COMPLETED - Metro Mein Chudai – New Episode
Hello Everyone
We are Happy too present too you The annual kahani contest of Xforum "The Ultimate kahani Contest" (USC).
Jaisa की ap sabko maalum h abi pichle hafte he humne USC की announcement की h aur abi कुछ waqt pahle Rules and Queries thread bi open किया h aur Chit chat thread तो pahle से he Hind section में khulla h.
Iske baare main थोड़ा aapko btaadun yeh एक short kahani contest h jisme ap kissi bi prefix की short kahani post krr shaktey hu joo minimum 700 words and maximum 7000 words takk hu taqat h। iss liye mein aapko invitation deta hoon की ap is contest main apne khayaalon ko shabdon ka Rupp देकर ismein apni kahaniyan daalein jisko poora Xforum dekhega yeh एक bohot accha kadam hoga aapke aur aapki kahaniyan ke liye क्योंकि USC kee kahaniyan ko pure Xforum ke readers read kartey haen। aur joo readers likhna नहीं caahtey wo bi is contest main participate krr shaktey haen "Best Readers Award" ke liye aapko bas krna yeh hoga की contest main posted kahaniyan ko read karke unke Uppar apne views dene honge.
Winning Writer's ko well deserved Awards milenge, उसके aalwa aapko अपना thread apne section में sticky karne ka mouka bi milega Taaki aapka thread top पर rahe uss dauraan। iss liye aapsab ke liye yeh एक behtareen mouka h Xforum ke sabhi readers ke Uppar apni chaap chhodne kaa aur apni reach badhaane ka.
Entry thread 7th February ko open hoga matlab ap 7 February से kahani daalna suru krr shaktey haen aur wo thread 21st February takk open rahega is dauraan ap apni kahani daal shakte haen। iss liye ap abi से apni kahani likhna suru kardein तो aapke liye better rahega.
koy bi issue hu तो ap kissi bi staff member ko Message krr shaktey haen.
Regards : XForum Staff.
A MAN V/S DEATH ( ADULT+ THRILL) COMPLETED - Metro Mein Chudai - Kahani ab aur interesting hogi
Sorry bro lekin kahani iss completed koy jyada bande padhte nahee they too mein juldi complete krr di nahee too aram say hinglish mai likh k hi complete krta
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