शक कां अंजाम – New Episode
mene iss story mai shuru से joo देखा h kafi sai h लेकिन एक बात notice की h.jaisa iss story mai likha गया h vaisa नहीं hotha h.ismein ritu के sath roleplay sex hain jabki kisi patni ko ptaa chl jaaye तब vo raaji नहीं hongi.haa kisi heroin jaisa krne kahoge तब raji hu skti h लेकिन sagi behen नहीं.
2। Prasant seedha आदमी h yeh बात thodi atpati h.seedha vyakti yaa too बहुत gusse wala hotha h yaa khamosh rehne wala hotha h।.kisi की patni kaisi bi hu shaadi ke बाद shauhar ke samne itna vyabhichar नहीं dikhati jis prakaar ve लोग bikni और एक doosre की baho mai जाते h.
3। Dusra usme sirf jija की एक बात से neeru impress h की उसका jija ne thappad maara thaa usko.लेकिन prasant kaa yeh kehna की अब vo jawaan hain जब bachchi thi.iss बात ko proof karne ke kafi tareeke h.proof.yeh shabd sabse pahle dimaag mai aata h.
4। recording.usne kamre mai itni baar jaake dekhne की kosis की लेकिन कुछ na मिला.itna chutiya insaan.-year 2004 से ayese mobile aane shuru hu gaye the joo cemera wale hote h.और memory card bi 16 GB tak kaa aata thaa.too क्या vo kamre mai apni biwi से chhipake एक phone na रख saka har baar usko range hath pakadna thaa.
5.जब apni biwi per usko shaq thaa तब usko shamil hoke usi ko idea de rah h और फिर usi के kehne per jaake काम krr rah h.अगर mein characterless हुआ तब मेरी biwi mujhpe shaq kare की उसकी behen muze fasana chahti h too mein usko kahunga की tu aake muze pakad लेना.जब vo मेरे pass aaaye.और फिर vo tayyari mai rahegi jabki mein usko leke kahin और maje maar rah hunga.ayese hi neeru maje krti.isko kahin bhejkar
6.jija bura character hain matlab villain h.too itna chutiya insaan की dushmani से hi har बात krr rah h.itni baar bewakoof banne kaa बाद too seedha आदमी bi keh deta h mummy chuda tu.अब tere chakkar mai na aaunga.
7.biwi per shaq hu तब बहुत saare tareeke the jaannne ke.अब prasant itna b seedha नहीं.varna naukri नहीं milti अगर bholi gaay hotha। kahani ko kham kha एक aesa plot banaya गया h jisse लोग ise थोड़ा hawas और थोड़ा aage क्या hoga ke roop mai le.
Bhaiyya मेरी कोई dushman नहीं h joo mene aesa likha.story mai हम padhte h ya movie dekhte h too apne aapko as a hero sochte h.अगर kisi ldki की story hu too usko कम padhte h.hawas mai padh skte h.लेकिन yaha as a hero hamara mind काम karta h.too story per गुस्सा aata h.बहुत saare tareeke h.jinse banda काम nikalwa skta h.aesa नहीं hain shaadi ke बाद world mai wahi एक stri hain joo bachi hoyi h.mene देखा h कुछ logo ko। apni biwi से pyaar krte h लेकिन जब dikkat hoty h तब usko peetne से darte नहीं hain
mein bus iss story ko yeh kehna chah rah ho की yaa too isko relationship mai rakho yaa फिर prasant ko थोड़ा aesa karo joo vo badla le sake.kyuki बाद mai har कोई khoonkhar hu jaata h ya jindagi से haar jaata h.अब end kardo iska iss prakaar.end kerne mai bi kafi update lagenge.
.sayad अब 3rd part kisi और ne shuru किया h.too maharaj call karna alag hotha h.बात joo kehni h msg mai bi keh skte h.canada jaana thaa msg bhej deta.
Kuch galt likha hu too muaf kr देना।
शक कां अंजाम – New Episode
mai es forum के prabudh pathko से gugarish krna chahunga की yeh एक story h और esko criticise krna chode और story kaa sukh le.Eriter mahodaya abi achhe से ese age badha rahe h too unkah honsla badhana चाहिए.
bhut hi achhe tarike से story badh rahi h.
Superb.
Waiting for next update
शक कां अंजाम – New Episode
शक कां अंजाम
PART 3
UPDATE 44
मूल लेखक नें यह किस्सा जिस स्थान ख़त्म कि हैं। मेरा प्रयास हैं कथावही सें कों आगे बढ़ाने कां औऱ नए मौलिक एपसोड देने कि। एक् पाठक (जिन्हो अपनानाम नहि बताने केँ लिए अनुरोध किया हैं) औऱ मेरा मिलजुल कर प्रयास रहेगा, इसकथा कों औऱ आगे लेँ कर जाने कां। लीजिये पेश हैं भाग 3 Update 44। ( New-8) -
प्रशांत नीरज द्वारा भेजी गयीँ, रिकॉर्डिंग कों फिन सुनता हैं जिसमे असल मे काजल नीरू कां रोल प्लेकर रही हैं -
नीरज : "वाउ निरु (काजल), आज तोँ बड़ी कमाल कि लगरही हौ"
नीरज नें नीरू कि तारीफ करनी शुरुआत कि
नीरु: "आपकेलिए हि सजधजकर हुयी हूं जीजाजी."
नीरज : मैंने उसको लिटाया, औऱ मैंने भि उसकेसंग लेट गय़ा गय़ा, लगा सहलाने। औऱ उसका पल्लू खींचने लगा
नीरू: जीजाजी आहिस्ता इतनी जल्द क्याँ हैं,
नीरज: क्यूं नहि जल्द हैं मे तौ इसदिन कां इंतज़ार तौ मे तब सें कररहा हूं जब सें तुम् जवान हुईँ होँ
औऱ तुम् कहती होँ कि क्याँ जल्द हैं। निरुआज भि औऱ तुम् बचपन मे भि जब मुझसे गले लगती होँ तोँ सच मे मुझे बहोत अच्छा लगता हैं। मे भि चाहता हूं कि तुम् मुझसे बारबार चिपको। वोँ तौ मुझे तुम्हारे संगकभी कुछ करने कां मौका नहि मिला वार्ना अब तक तोँ मे तुम्हे कितनी बारचोद चुका होता""
उस दिन पहलीबार निरु तुम्हे अन्दर केँ कपड़ो मे देखकर मे पागल होँ गय़ा थां। उसीदिन सोच लिया थां कि एक् बार तुम्हे जरूर चोदना हैं। मे तोँ सजधजकर थां, पर्र बेडरूम केँ खुले दरवाजे केँ बाहर् दूर सें मुझेऋतू रसोई केँ दरवाजे पऱ खड़ीदिख गई, थि। वोँ हमें हि देखरही थि। अगरउस दिनघऱ मे ऋतू नहि होती तौ मेरेदिल केँ अरमान उसीदिन पुरे होँ जाते.
उस दिन गुस्से गुस्से मे निरु तुमने मेरे कपडेखोल कर मेरा लन्ड पकड़ा थां। तुम्हे बता नहि सकता मुझे कितना मज़ाआया थां। औऱ फिन तुम्हारी चुदाई मे मेरी सहायता स्वयं प्रशांत नें हि कर दि। औऱ अबआगे सें जीजाजी नहि नीरज बोलाकरो
यहबात सुनकर प्रशांत कों कुछ भि अजीब नहि लगा क्योंकि यहबात तोँ वोँ नीरज केँ मुँह सें स्वयं हि सुन चूका थां औऱ अब नीरज नें यहबात स्वयं होँ बाते करतेहुए बतारहा थां।
नीरू : जीजाजी मे आपकोनाम सें नहि बुला पाऊँगी किसी केँ भि सामने.अब इतनेसाल कि आदत जौ हैं मुझे औऱ दिदी केँ सामने तौ बिलकुल भि नहि
नीरज : अच्छा ऋतू केँ सामने मत केहना पऱ अकेले मे तोँ नामलो
नीरू : अच्छा नीरजजी। औऱ। यह.
कुछदेर रिकॉर्डिंग मे शान्ति हौ गयीँ,।। वोँ इतना दुखी थां कि इस औऱ उसका अधिक ध्यान नहि गय़ा.
नीरू : अच्छा जीजाजी जौ मर्जी करलो, मे तौ तुम्हारी हु,
नीरज : फिन जीजाजी
नीरू : अब भि अच्छा नीरजजी
नीरज : नहि केवल नीरजकहो
नीरू : नीरज
फिन ऑडियो मे किसिंग कि आवाज़ आती हैं
औऱ रिकॉर्डिंग समाप्त होँ जाती हैं
तभी प्रशांत सोचने लगता हैं बीच मे रिकॉर्डिंग मे घर्रर कि आवाज़ क्यूं आयी। तभी उसकाफ़ोन बजउठा औऱ फिन सें नीरू केँ नम्बर सें फ़ोन थां.
उधर नीरज थां
नीरज। प्रशांत रिकॉर्डिंग सुनी
प्रशांत : नीरजजी यह भि तौ अधूरी थि
नीरज ;; हाँ मे तुम्हे छोटे छोटे हिस्सों मे भेजरहा हूं। मे कोई प्रोफेशनल तौ हूं नहि। छुपेहुए रिकॉर्डर सें रिकॉर्ड कि हैं.
कुछ खराबी आँ गई, हैं रिकॉर्डिंग मे इसलिए अबसुन लें आगे क्याँ हुआ
नीरज : मैंने नीरू सें कहाः मेरीजान अब मुझेकौन रोकेगा, मैंने उसे अपने बाहों मे भरगले लगा लिया थोड़ीदेर तक मे उसे अपनी बांहों मे भरकर उसकीपीठ कों अपने हाथों सें सहलाता रहा। वोँ भि मेरीपीठ कि सहलाती रही.फिन मैंने उसके चेहरे कों अपनेहाथ सें ऊपर उठाया.
नीरज: दोस्त प्रशांत शपथ सें … उसकेलाल लाल होंठों कों देखकर मे अपनेहोश खोनेलगा औऱ ख़्वाहिश तौ ऐसी हुइ कि अभि हि उसके सुर्ख औऱ जबरदस्त सेक्सी होंठों कों खा हि जाऊबस किसीतरह सें, मैंने अपनेऊपर काबू किया औऱ मे धीरे-धीरे सें अपने होंठों कों उसके तपते होंठों केँ पास लाया औऱ उसके होंठों सें हल्का सां छुआ औऱ मे धीरे-धीरे उसकेनरम गुलाब सें सुर्ख होंठों कों आहिस्ता चूसरहा थां। नीरू नें भि अब अपने होंठों सें मेरे होंठों कों चूसना शुरुआत कर दिया थां। धीरे-धीरे धीरे-धीरे अब नीरू केँ होंठ भि खुलने लगे औऱ हम् दोनों एक् दूसरे सें औऱ ज़्यादा चिपकगए.
दोनों एक् दूसरे केँ होंठों कों चूसरहे थें। मैंने अपनीजीभ नीरू केँ मुँह मे डाल दि, उसने मेरीजीभ कों चूसना शुरुआत कर दिया। मैंने उसेजोर सें अपनी बांहों मे भींचा
अब तोँ कभी मे उसकीजीभ कों अपने होंठों सें चूसता … तोँ कभी वोँ मेरी जुबान कां स्वाद लेती.
हम् दोनों हि आंखें बंद करके एक् दूसरे केँ होंठों कों खा सां रहे थें औऱ जोरजोर सें चूसरहे थें। पसीने सें जिस्म गीले होनेलगे थें। फिन हम् डीप किसिंग करनेलगे औऱ करीब१५ मिनटकिश करतेरहे.इसतरह हमारे होंठ मिलते हि नीरू केँ शरीर मे चुदाई कि प्यास जागउठी
नीरू केँ होंठो कों अपने होंठो मे काबू करतेहुए औऱ किसतोड़ कर उसके माथे। आँखों गालो कि किश करता औऱ चाटता हुआ उसकी गर्दन औऱ कंधो पर्र किश करनेलगा
मैंने नीरू कि चोली कि ऊपरी डोरीखोल दि उसके कंधे औऱ उसकीपीठ मेरी छुअन सें कम्पन करनेलगी औऱ पीछे सें पीठ कां हिस्सा, जोँ खुलाहुआ थां, उसकी थिरकन कों मे धीरे-धीरे महसूस करनेलगा। मैंने उसे थोड़ा सां घुमाया औऱ अपने होंठों कों उसकी नंगीपीठ पऱ चिपका दिया औऱ उसके कंधों कों पकड़ लिया नीरू कां जिस्म बल खाकर मचलने लगा औऱ मे उसकी चिकनी औऱ गोरीपीठ पऱ जोरजोर सें अपने होंठ रगड़ने लगा। उसके तपते औऱ गरम होंठों सें मादक सिसकारियां निकलने लगी.
फिन मैंने उसकी चोली कि नीचे कि डोरी भि खींच दि उसकेबाद मैंने धीरे-धीरे सें उसको अपनीतरफ खींचकर अपने सीने सें चिपका लिया। नीरू मेरी बांहों मे सिमट गई। उसकी मांसल छातियां मेरे सीने सें चिपक गई, थीं। इससे मुझे कामुक औऱ नर्म स्तनों कां अहसास हौ रहा थां। मैंने जोर सें उसको अपनी बांहों मे भींच लिया थां, जिससे उसके बोबे पिचककर मेरे सीने सें पिसने लगे थें.
इधर मेरा लन्ड पायजामे मे अंगड़ाईयाँ लें करतन गय़ा थां.
जिसतरह विवाह केँ कुछसमय बाद तुम्हे भि नीरू केँ जिस्म केँ संवेदनशील हिस्सों कां पतालग जाता हैं बिलकुल उसीतरह नीरू ( काजल) केँ संगकई बार सेक्स करने केँ बाद मुझे भि इसका पूरा अंदाज़ा हौ चुका थां। कि नीरू केँ जिस्म केँ वोँ कौन सें हिस्से हें जिन कों छेड़ने पर्र उस कां जिस्म गर्म होने लगता हैं। उसके ओंठो कों अपने ओंठो मे कैद करतेहुए मे अपनाहाथ नीरू केँ स्तनों पर्र फेरता हुआ उसके लहंगे केँ ऊपर सें उस कि फूली हुई गर्म बुर पर्र लेँ गय़ा.
मेराहाथ कों अपनीचुत केँ ऊपर महसूस करते हि नीरू सिसकी “ आहह-आहह”
जब मेरेहाथ नीरू कि बुर कों छेड़ने लगे तोँ नीरू नें भि मेरे पायजामे मे मचलते लन्ड कों अपनेहाथ मे लिया औऱ उस कों प्रेम सें सहलाने लगी.
मेरा दूसरा हाथ उसके स्तनों पर्र चला गय़ा औऱ मैंने उन्हें पहले प्रेम सें सहलाया औऱ फिन थोड़ा दबाया तोँ वोँ कराहने लगी। उसकी चोली पऱ उसकादूध लगा थां मैंने उसकी चोली कों उस केँ बदन सें अलगकर दिया। मे निरु कि छाती कों घूरने लगा जौ दूध सें गीली थि। मांसल औऱ कामुक चूचियां उसकी चलती हुइ तेज सांसों केँ संगऊपर नीचे हौ रहीथीं। उसकादिल बहोत हि तेजगति केँ संगधड़क रहा थां। वोँ सच मे बहुतभर गए थें औऱ अधिकगोल मटोल हौ चुके थें। पतलीकमर केँ ऊपर इतने भारी मम्मे बहोत अधिक सेक्सी लगरहे थें।
नीरू कि बड़ीबड़ी दूध सें भरीगोल गोल चूचियां देखते हि मे पगला गय़ा औऱ मे झपटपड़ा, ओह्ह्ह क्याँ बताऊँ प्रशांत आनंद आँ गय़ा थां, निरु केँ निप्पल जोँ एक् किसमिस कि तरह थें अबफूल कर अंगूर बनगए थें। मे निप्पल कों ऊँगली सें दबाना शुरुआत कर दिया, वोँ अंगड़ाई लेँ रही थि, नीरू केँ बूब्स अब औऱ भारी हौ गए हें, मे उनकोदेख उन्हें दबाने औऱ चुसने केँ लिएतड़प उठा। मे टूटपड़ा थां उसके बूब्स पे। मे तुरन्त उसकेपास गय़ा औऱ बिनादेर कियेझुक कर उसके निप्पल कों चुसने लगा। पहलीबार मे हि उसके निप्पल सें गुनगुना दूध निकलकर मेरे मुँह मे आँ गय़ा। मैंने गटक लिया। फिन मे उसके मुम्मो कों चुसता हि रहा औऱ दोनों हाथों सें दबाते रहा। इस बीच निरु सिसकिया माररही थि, शायद उसको दर्द हौ रहा थां। मे अब पीछेहटा तौ उसके बूब्स थोड़े गीले हौ चुके थें। निरु केँ निप्पल गीले थें।
मेरा मुँह उसकेदूध सें भर गय़ा औऱ जौ मैंने मुँह मे भरकर उसके ओंठो पर्र मुँहलगा करउसे उसकादूध पिलाया जोँ बहोत मीठा थां.
नीरूआगे कों झुक गयीँ, निरु केँ मम्मे झुकने पर्र भि अपनीगोल शेप कायम रखते हें औऱ प्रशानत तुम्हे तोँ यह अच्छे सें ध्यान होगा कि नीरू केँ मम्मों कितने शानंदार हैं जबकि ऋतू केँ मम्मे लटकने केँ बादगोल कि बजाय तोतापुरी आम जैसे लंबे होँ गए
औऱ फिन एक् एक् कर केँ अपने औऱ नीरू केँ कपड़े उतारने लगा। औऱ मैंने धीरे-धीरे धीरे-धीरे उसके सारे गहने भि उतारदिए औऱ जोँ भि गहन उतारता वहांकिस कर देता। मा बनने केँ बाद उसका जिस्म भि अब औऱ गुदगुदेदार होँ गय़ा थां। उसके मम्मे बढ़गए थें। हालाँकि उसको देखने पऱ कोई फ़र्क़ महसूस नहि होता, अभि भि वोँ वैसे हि पतलीकमर वाली स्लिम लड़की थि। नीरु कि चिकनी गोरीगोल गांड मेरे सामने थि। मैंने उसकी गांड पऱ हाथफेर सहलाने लगा। मैंने अपनी ऊँगली निरु कि गांड कि दरार मे फिरा दि औऱ मै अपनी ऊँगली औऱ नीचे लें गय़ा औऱ मेरी ऊँगली निरु कि बुर केँ छेद केँ ऊपर केँ बालो कों लगी औऱ थोडा गीला होँ गयीँ,।
अच्छा प्रशांत अबआगे रिकॉर्डिंग भेजरहा हूं।
प्रशांत एक् बारफिन नीरज द्वारा भेजी गई, रिकॉर्डिंग कों फिन सुनता हैं जिसमे असल मे काजल नीरू कां रोल प्लेकर रही हैं -
नीरज : नीरूआज मे तुम्हे बिना प्रोटेक्शन केँ पूरा चोदूंगा औऱ तुम्हे पूरा आनंद दूंगा औऱ तुम् भि मुझे पूरा मज़ादो औऱ ताकि तुम् जल्द सें प्रेग्नेंट होँ कर मेरे बच्चे कि मां बनजाओ औऱ "हां दोस्त, बिना प्रोटेक्शन केँ बिनाडरे हुए पूरा चोदने मे कितना मज़ाआता हें, क्याँ बताऊ!"
अबऋतू कों तौ मे हमेशा बिना प्रोटेक्शन केँ हि चोदता हूं। मुझेयह प्रोटेक्शन लगाना याँ फिनऍन मौके पर्र लन्ड बुर सें बाहर् निकालना बिलकुल अच्छा नहि लगता, आज तौ तुम्हे अपनी बुर मे हि मेरा साराजूस मिलेंगा। "
नीरु: "जीजाजी चलो नं, आज कि चुदाई कों स्पेशल बनाओ। आपनेकहा थां कि जिसदिन हमारा पहला मिलान होगाउस दिन२४ घन्टे मे मेरी स्पेशल चुदाई होगीअब पाना वादा निभाऔ औऱ मेरी स्पेशल चुदाई करो ताकियह चुदाई मुझे हमेशा यादरहे। "
जारी रहेगी
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