raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ complete - Desi kamuk kahani – New Episode
मस्त घोड़ियाँ--16
गतान्क सें आगे.
मनोहर- यही कि जब मे तुम्हे चोदने कां मन करताहू तोँ तुम्हे आगे सें चोदने कां मन होता हैं औऱ जब संध्या कों चोदने कां मन करता हैं तोँ संध्या कों पिछे सें चोदने कां मन होता हैं,
संगीता- इसका मतलब आप् ये कहना चाहते हैं कि आपको मेरी बुर बहोत पसन्द हैं औऱ भाभी कि मोटीगंद बहोत मनपसंद हैं,
मनोहर- हाँबस ऐसा हि समझलो, फिन क्याँ थां हम् दोनो धीरे-धीरे सें पिताजी केँ पास जाकर उनसे चिपक गई औऱ पिताजी कभी मेरीगंद कों सहलाते कभी मेरी बुर मे उंगली डालकर हिलाते औऱ कभी संगीता कि बुर कों सहलाने लगते,
हम् दोनो घुटने केँ बलवही बैठ गई औऱ बापू कां मोटा लन्ड निकाल कर चूसने लगी, कभी मे पिताजी कां टोपा चुस्ती तोँ संगीता उनके गोते चूसने लगती औऱ कभी मे उनके गोटे सहलाती तब संगीता उनके लन्ड केँ फूलेहुए सूपदे कों चूसना शुरुआत कर देती,
बापू भि बारी-बारी सें कभी मेरेदूध दबाते औऱ कभी संगीता केँ दूध कों मासल्न लगते थें, कुछदेर बाद पिताजी कुर्सी सें खड़े हौ गये औऱ उनका मोटा लन्ड आसमान कि ओरसरउठा कर खड़ा हौ गय़ा बापू नें हम् दोनो कि गंद पर्र थपकीया मारते हुएहमे घोड़ी बनाकर झुका दिया औऱ फिन बापू नें मेरीगंद औऱ बुर कों पागलो कि तरह फैला-फैला कर चाटना शुरुआत कर दिया मे एक् दम मस्ती मे मस्त होनेलगी औऱ अपनीगंद पिताजी केँ मूह पर्र मारने लगी,
तभी बापू नें संगीता कि बुर कों अपनेमूह मे भरकर चूसना शुरुआत कर दिया, पिताजी संगीता कि बुर चूस्ते हुए मेरी बुर मे तीन उंगलिया डालकर आगे पिछे करनेलगे उधर संगीता कुछ ज्यादा हि रसीली हौ रही थि औऱ कहरही थि,
संगीता- ओह बापूचतो औऱ चतो अपनी बेटी कि बुर चाट-चाट करलाल करदो बहोत चुदासी बेटी हैं आपकीखूब चूसोअहह आँ अहह आँ
तभी पिताजी नीचेलेट गये औऱ मेरीगंद कों पकड़कर अपनेमूह पर्र रखनेलगे औऱ मे अपनी दोनो जाँघो कों खोलकर पिताजी केँ मूह केँ उपर अपनी बुर रखकरबैठ गई औऱ बापू मेरी बुर कों खूब फैलाकर चाटने लगे, उधर संगीता पिताजी केँ लन्ड पऱ अपनी बुर रखकर आरामसे आँखेबंद करके बैठने लगीतभी बापू नें नीचे सें एक् कसकर धक्का संगीता कि बुर मे मार दिया औऱ संगीता अहह करकेधम सें बापू केँ लन्ड पऱ बैठ गई औऱ उसकी बुर मे बापू कां पूरा लन्ड फस गय़ा,
थोड़ी देरबाद मे खड़ी हुईँ औऱ अपनामूह संगीता कि ओर करके वापस बापू केँ सीने पऱ बैठ गई बापू नें जैसे हि अपनीजीभ सें मेरी मोटीगंद केँ छेद कों सहलाया मैने संगीता केँ होंठो कों अपने होंठो मे भर लिया संगीता भि मुझसे चिपक गई औऱ मेरे मोटे-मोटे दूध कों खूब कस-कसकर मसल्ने लगी मैने भि संगीता केँ दूध कों खूब कस-कसकर निचोड़ा, बापू जितनी ज़ोर सें मेरीगंद केँ सुराख मे अपनीजीभ रगड़ते मे भि उतनी हि ज़ोर सें संगीता केँ दूध कों मसल्ने लगती,
उधर पिताजी अपनीकमर उठा-उठा कर संगीता कि बुर जितनी ज़ोर सें ठोकते संगीता उतना हि मुझसे चिपकने लगती,
मैने संगीता केँ निप्पल अपनेमूह मे भरकर चूसना शुरुआत कर दिया औऱ पिताजी नें मेरी बुर केँ छेद मे अपनीजीभ घुसाकर रस चूसने लगे, अब पिताजी बड़ी तेज़ी सें संगीता कों चोदरहे थें औऱ संगीता भि खूब ज़ोर-ज़ोर सें बापू केँ लन्ड पऱ कूदरही थि इधर जितनी तेज़ी सें पिताजी संगीता कि बुर माररहे थें उतनी हि तेज़ी सें मेरी बुर कों भि चूसरहे थें,
संगीता- ओह पिताजी औऱ तेजखूब कसकर मारिए औऱ मारिए हाँऐसे हि खूब चोदिये अहहअहह आँ
इधर मे भि बापू केँ मूह सें अपनी बुर रगड़ते हुएओह बापूखूब ज़ोर सें चातिए खूब चुसिये अपनीबहू कि बुर ओहओहअहह आँ सि सि अहह,
कुछ देरबाद संगीता नें पानी छ्चोड़ दिया औऱ उधर बापू नें मेरी बुर कां पानी भि चूम-चूमकर झाड़ा दिया, संगीता तोँ लुढ़क कर हफनेलगी पर्र शायद बापू कां पानी नहीं च्छुटा थां औऱ वो खड़े हौ गये मे समझ गई बापूजब तक मुझे नहींचोद लेते उनका पानी नहीं निकलेगा, मे बिनाकुछ कहे सीधे घोड़ी बन गई औऱ फिन
बापू नें मेरी बुर कों खूब कस-कसकर ठोकना शुरुआत कर दिया,
बापू बुर मारने मे एकदम माहिर थें उन्होने मेरीगंद कों सहलाते हुए मुझेखूब हुमच-हुमच कर चोदना शुरुआत कर दिया औऱ मे किसी कुतिया कि तरह अपनीगंद उठाए उनका तगड़ा लन्ड गपगाप अपनी रसीली बुर मे लें रही थि औऱ सीसीया रही थि ओह पिताजी औऱ चोदोखूब कसकर चोदोआज फाड़दो अपनीबहू कि बुर अहहअहह अहह
ओह ओहओह पिताजी मे गई औऱ फिन पिताजी नें एक् जबार्दुस्त धक्का मेरी बुर मे ऐसा मारा कि उनका मोटा लन्ड मेरी बच्चेदनि सें टकरा गय़ा औऱ मे वहीपेट केँ बललेट गई औऱ पिताजी मेरी बुर मे जड़ तक अपने लन्ड कों फसाए मेरीगंद केँ उपरलेट गये औऱ हफनेलगे, जब हम् दोनोकुछ देरऐसे हि पड़ेरहे तब संगीता कों मस्ती सूझी औऱ वो बापू केँ उपर आँ करपेट केँ बल उनसे चिपककर लेट गई,
कुछदेर बाद मैनेजब हरकत कि तब पिताजी नें संगीता कों उठाकर स्वयं भि मेरेउपर सें उठगये औऱ फिन हम् तीनो नें जल्द सें कपड़े पहने औऱ नीचे आँ गये,
मामाजी- क्यो भइया रोहित खूब ससुराल केँ माल कां मजा लें रहे होँ हमे नहीं बताओगे क्याँ-क्याँ हुआवहा
रोहित- अरे मामाजी बसयहसमझ लो हमारे यहा ससुराल केँ जौ मज़े हैं वो दुनिया मे कही नहीं हैं बस मस्ती हि मस्ती छाई रहती हैं,
मामाजी- दोस्त रोहित एक् बातकहु अगर तूँ बुरा नाँ माने तौ
रोहित- बोलो मामाजी क्याँ बात हैं
मामाजी- रोहित संगीता कों चोदने कां वैसामजा नहीं आँ पाया जैसा मे चाहता थां बिल्कुल धीरे-धीरे सारीरात उसे नंगी करके चोदने मे हि अधिकमजा आएगा,
रोहित- अरे मामाजी तुम् एक् काम क्यो नहीं करते, माँ सें बात करके संगीता कों कुछ दिनो केँ लिए अपनेघऱ लें जाओ औऱ फिन 10-15 दिन तक जब तुम् रोज संगीता कि बुर मरोगे तब तुम्हारा मन भि भर जाएगा औऱ सारी-सारी रात तुम् उसे नंगी लेकर पड़े भि रहोगे,
मामाजी- वाउ भान्जे क्याँ आइडिया दिया हैं तूनेचल अभि दिदी सें बात करते हैं तभी सामने सें मंजू आँ जाती हैं,
मंजू- क्याँ बात करना हैं भइया दिदी सें
मामाजी- अरे दिदी मे तोँ ये कहना चाहता थां कि संगीता कि मामीजी कहरही थि कि कुछ दिनो केँ लिए संगीता कों अपनेयहा लेकर आँ जाओ वो भि अपने मामाजी मामीजी कां घऱदेख लेगी,
मंजू-अरे तोँ इसमे तुम्हारी तरफ मेरी पर्मिशन कि क्याँ ज़रूरत हैं तेरी बेटी हैं जब चाहे लें जा,
मामाजी- ठीक हैं दिदी तुम् संगीता कों कह देनाकल सजधजकर होँ जाएगी मे कलघऱजा रहाहू
मंजू-अरे इतनी जल्द क्याँ हैं अभि तुम्हारी तरफआए दिन हि कितने हुए हैं,
मामाजी- नहीं दिदी वहा बड़ाकाम पड़ा हैं औऱ घऱ पर्र देखभाल करने वाला भि कोई नहीं हैं,
अगलेदिन संगीता अपने मामाजी केँ संग उनकेयहा चली जाती हैं औऱ घऱ मे रोहित संध्या औऱ मंजू औऱ मनोहर रह जाते हैं,
साम कों संध्या औऱ रोहित बालकनी मे खड़े थें रोहित संध्या केँ दूध दबाता हुआ नीचे सें जाती हुइ औरतो कि गंददेख रहा थां औऱ संध्या सें उनके बारे मे बातेकर रहा थां,
रोहित- देखो संध्या उस महिला कि गंद कितनी मोटी हैं
संध्या- हाँ बिल्कुल माँ जी कि गंद कि तरहलग रही हैं,
रोहित- संध्या- अभि तक मां कों चोदने कि ख़्वाहिश मन मे हि हैं तुम् कुछ आइडिया क्यो नहीं बताती होँ
संध्या- लगता हैं मुझेकुछ करना हि पड़ेगा, खेर तुम् चिंता मतकरो औऱ मे जैसा कहतीहू वैसा हि करना हौ सकता हैं आजरात कों हि तुम्हे अपनी माँ कि बुर औऱ गंद कों चोदने कां मोकामिल जाए पर्र जब तुम् माँ कों चोदोगे तब मे क्याँ करूँगी,
रोहित- मेरी रानी तुम् काफ़ी होशियार होँ मे जानता हूजिस दिन मे माँ कि बुर औऱ गंद कों चोदरहा होऊँगा उसदिन तुम् भि बापू केँ मोटे लन्ड सें खूब अपनी बुर मरवारही होगी,
संध्या- सच रोहित पिताजी सें चुदने मे एक् अलग हि मजाआता हैं, उनका लन्ड भि बड़ा मस्त हैं
रोहित- तुम्हे तोँ कम सें कमये तोँ पता हैं कि बापू सें चुदने मे कितना मजाआता हैं पऱ मुझे तोँ ये भि नहींपता कि जब मे अपनी माँ कों चोदुन्गा तौ कितना मजा आएगा,
संध्या- चलोआज तुम्हारी ख़्वाहिश पूरीकर देतीहू मगर जैसा मे कहरही हू वैसा हि करना औऱ फिन संध्या औऱ रोहित वहा सें अंदर आँ जाते हैं, रात कों 9 बजे पिताजी टेलीविज़न केँ सामने बैठे थें औऱ संध्या उनकेपास जाकरबैठ जाती हैं उधर मंजू अपनेरूम मे थि औऱ रोहित अपनेरूम सें संध्या औऱ पिताजी कों देखरहा थां,
संध्या- पिताजी
मनोहर- हाँबहू कहो क्याँ बात हैं
संध्या- बापू मुझे दारू पीना हैं
मनोहर- संध्या कों हैरतभरी निगाहो सें देखता हुआ, क्याँ बातकर रही होँ बेटी,
संध्या- पिताजी आज बहोत मनकररहा हैं कम सें कम बीआर हि पीलादो,
मनोहर- मगर बेटी रोहित देखेगा तौ क्याँ बोलेगा, आप् फिकर नां करो एक् बोत्तेल उनकेलिए भि मॅंगा लीजिए नाँ मे उन्हे अंदर देकर आँ जाउन्गि वो पी लेंगे फिन मे आपकेपास आकर आपकेसंग पीना चाहती हू,
मनोहर- मगर मंजू नें कुछकहा तोँ
संध्या- तोँ आप् मां कों कोल्ड्ड्रिंक मे बियर मिलाकर उनको भि पिला दीजिए नाँ,
मनोहर- बहूआज तुम् किसीअलग मूड मे लगरही हौ क्याँ बात हैं साफ-साफ बताओ,
संध्या- पिताजी मे चाहती हूआज आप् मेरे सामने मां कों पूरी नंगी करके चोदिये औऱ फिन उसकेबाद आप् मुझे माँ केँ सामने पूरी नंगी करके चोदिये, होश मे शायद माँ शरमाने लगे इसलिये मे येसभी कहरही हू,
मनोहर- मुस्कुरकर संध्या कि मोटीगंद कों सहलाते हुए, एक् शर्त पर्र मे येसभी कर सकताहू
संध्या- मुझे आपकीसब शर्त मंजूर हैं
मनोहर- पहले शर्त तौ सुनलो बाद मे कहीपलट गई तौ
संध्या- मुझेपता हैं आपकी शर्त, आप् आजरात कों मेरीगंद मारना चाहते होँ नाँ,
मनोहर- आश्चर्या सें संध्या कों देखता हुआ, तुम्हे केसेपता मे यही शर्त कहने वालाहू
संध्या- बापूउपर वाला भि एक् जैसे विचारो वाले लोगो कों जल्द हि मिलवा देता हैं चाहे हिन्दी सेक्सी कहानियाँ केँ थ्रू हि क्यो नां मिलवाए,
मनोहर- पऱ बेटी रोहित कां क्याँ करेगे,
संध्या- अरे बापू रोहित भि माँ जी कों चोद लेगा, हम् चारोमिल करमजा लेंगे
मनोहर- पर्र बेटी ये केसे संभव हैं रोहित क्याँ अपनी मां कों चोदेगा
संध्या- क्यो नहीं पिताजी जब आप् रोहित कि बीबी कों चोद सकते होँ तौ रोहित आपकी बीबी कों क्यो नहींचोद सकता हैं,
मनोहर मुस्कुराते हुएठीक हैं मगरये सभी केँ लिए बियर कां नशा काफ़ी नहीं रहेगा, तौ फिन आप् क्याँ लेकर आओगे,
मनोहर- बेटी इसकेलिए तौ आज मुझे वोद्का लेकर आनां पड़ेगी मगर ध्यान रखना मंजू कों भनक नां लगे कि कोल्ड्ड्रिंक मे वोद्का हैं,
क्रमशः.
MAST GHODIYAN--16
gataank सें aage.
darshaniya- yahi कि जब me tumhe chodne kaa mann krta ho too tumhe aage सें chodne kaa mann hotha h औऱ जब sandhya ko chodne kaa mann krta h too sandhya ko pichhe सें chodne kaa mann hotha h,
sangita- iska matlab ap yah kahna chahte h कि aapko मेरी choot बहोत पसन्द h औऱ bhabhi कि moti gaand बहोत मनपसंद h,
darshaniya- haan bus aesa hi samajh lo, फिन क्याँ thaa हम् dono dhire सें papa केँ paas jakar unse chipak gayi औऱ papa कभी मेरी gaand ko sahlate कभी मेरी choot me ungli dal krr hilate औऱ कभी sangita कि choot ko sahlane lagte,
हम् dono ghutne केँ bal wahi beth gayi औऱ papa kaa mota land nikal krr chusne lagi, कभी me papa kaa topa chusti too sangita unke gote chusne lagti औऱ कभी me unke gote sahlati तब sangita unke land केँ phule huye supade ko chusna shuru krr deti,
papa bi bari-bari सें कभी मेरे dudh dabate औऱ कभी sangita केँ dudh ko masalne lagte the, कुछ der bad papa kursi सें khade hu gaye औऱ unkah mota land akash कि औऱ sar utha krr khada hu गय़ा papa ne हम् dono कि gaand me thapkiya marte huye hame ghodi bnaa krr jhuka दिया औऱ फिन papa ne मेरी gaand औऱ choot ko paglo कि prakaar phaila-phaila krr chaatnaa shuru krr दिया me एक् dum masti me mast hone lagi औऱ apni gaand papa केँ muh me marne lagi,
तभी papa ne sangita कि choot ko apne muh me bhar krr chusna shuru krr दिया, papa sangita कि choot chuste huye मेरी choot me तीन ungliya dal krr aage pichhe karne lage udhar sangita कुछ jyada hi rasili hu rahi thi औऱ kah rahi thi,
sangita- oh papa chato औऱ chato apni beti कि choot chat-chat krr lal krr दो बहोत chudasi beti h aapki khub chuso aah aah aah aah
तभी papa नीचे let gaye औऱ मेरी gaand ko pakad krr apne muh me rakhne lage औऱ me apni dono jangho ko khol krr papa केँ muh केँ ऊपर apni choot रख krr beth gayi औऱ papa मेरी choot ko khub phaila krr chatne lage, udhar sangita papa केँ land पऱ apni choot रख krr dhire-dhire aankhe बंद karke bethne lagi तभी papa ne नीचे सें एक् kas krr dhakka sangita कि choot me mar दिया औऱ sangita aah karke dham सें papa केँ land पऱ beth gayi औऱ उसकी choot me papa kaa poora land fas गय़ा,
thodi der bad me khadi hoyi औऱ अपना muh sangita कि औऱ karke vapas papa केँ sine पर्र beth gayi papa ne जैसे hi apni jeebh सें मेरी moti gaand केँ chhed ko sahlaya mene sangita केँ hontho ko apne hontho me bhar लिया sangita bi mujhse chipak gayi औऱ मेरे mote-mote dudh ko khub kas-kas krr masalne lagi mene bi sangita केँ dudh ko khub kas-kas krr nichoda, papa jitni jor सें मेरी gaand केँ surakh me apni jeebh ragadte me bi utni hi jor सें sangita केँ dudh ko masalne lagti,
udhar papa apni kamar utha-utha krr sangita कि choot jitni jor सें thokte sangita utna hi mujhse chipakne lagti,
mene sangita केँ nippal apne muh me bhar krr chusna shuru krr दिया औऱ papa ne मेरी choot केँ chhed me apni jeebh ghusa krr ras chusne lage, अब papa badi teji सें sangita ko chod rahe the औऱ sangita bi khub jor-jor सें papa केँ land पर्र kud rahi thi idhar jitni teji सें papa sangita कि choot mar rahe the utni hi teji सें मेरी choot ko bi chus rahe the,
sangita- oh papa औऱ tej khub kas krr mariye औऱ mariye haan ayese hi khub chodye aah aah aah
idhar me bi papa केँ muh सें apni choot ragadte huye oh papa khub jor सें chatiye khub chusiye apni bahu कि choot oh oh aah aah si si ah,
कुछ der bad sangita ne paani chhod दिया औऱ udhar papa ne मेरी choot kaa paani bi chus-chus krr jhada दिया, sangita too ludhak krr hafne lagi पर्र sayad papa kaa paani नहि chhuta thaa औऱ wah khade hu gaye me samajh gayi papa जब tak muze नहि chod lete unkah paani नहि niklega, mene bina कुछ kahe sidhe ghodi ban gayi औऱ फिन
papa ne मेरी choot ko khub kas-kas krr thokna shuru krr दिया,
papa choot marne me ekdam mahir the unhone मेरी gaand ko sahlate huye muze khub humach-humach krr chodna shuru krr दिया औऱ me kisi kutiya कि prakaar apni gaand uthaye unkah tagda land gapagap apni rasili choot me le rahi thi औऱ sisiya rahi thi oh papa औऱ chodo khub kas krr chodo आज fad दो apni bahu कि choot aah aah aah
oh oh oh papa me gayi औऱ फिन papa ne एक् jabardust dhakka मेरी choot me aesa mara कि unkah mota land मेरी bachchedani सें takra गय़ा औऱ me wahi pet केँ bal let gayi औऱ papa मेरी choot me jad tak apne land ko phasaye मेरी gaand केँ ऊपर let gaye औऱ hafne lage, जब हम् dono कुछ der ayese hi pade rahe तब sangita ko masti sujhi औऱ wah papa केँ ऊपर aa krr pet केँ bal unse chipak krr let gayi,
कुछ der bad mene जब harkat कि तब papa ne sangita ko utha krr khud bi मेरेऊपर सें uth gaye औऱ फिन हम् teeno ne juldi सें kapde pahne औऱ नीचे aa gaye,
mama- kyo bhay rohit khub sasural केँ mal kaa majaa le rahe hu hame नहि bataoge क्याँ-क्याँ हुआ vaha
rohit- are mama bus yeh samajh lo humare yaha sasural केँ joo maje h wah world me kahin नहि h bus masti hi masti chhai rahti h,
mama- yar rohit एक् bat kahu अगर tu बुरा na mane too
rohit- kaho mama क्याँ bat h
mama- rohit sangita ko chodne kaa vaisa majaa नहि aa paya jaisa me chahta thaa bilkul aaram सें sari rat use nangi karke chodne me hi jyada majaa aayega,
rohit- are mama tm एक् कम kyo नहि karte, maa सें bat karke sangita ko कुछ dino केँ liye apne घऱ le jao औऱ फिन 10-15 दिन tak जब tm roj sangita कि choot maroge तब tumhara mann bi bhar jayega औऱ sari-sari rat tm use nangi लेकर pade bi rahoge,
mama- vah bhanje क्याँ idea दिया h tune chl abi didi सें bat karte h तभी samne सें manju aa jati h,
manju- क्याँ bat krna h bhay didi सें
mama- are didi me too yah kahna chahta thaa कि sangita कि mami kah rahi thi कि कुछ dino केँ liye sangita ko apne yaha लेकर aa jao wah bi apne mama mami kaa घऱ dekh legi,
manju- are too ismein tuze मेरी permission कि क्याँ jarurat h tairi beti h जब chahe le jaa,
mama- thik h didi tm sangita ko kah देनाकल tayyar hu jayegi me कलघऱ jaa raha ho
manju- are itni juldi क्याँ h abi tuze aaye दिन hi kitne huye h,
mama- नहि didi vaha बड़ाकम pada h औऱ घऱ पऱ dekhbhal karne wala bi कोई नहि h,
agle दिन sangita apne mama केँ sath unke yaha chali jati h औऱ घऱ me rohit sandhya औऱ manju औऱ darshaniya rha jate h,
sham ko sandhya औऱ rohit balkani me khade the rohit sandhya केँ dudh dabata हुआ नीचे सें jati hoyi aurto कि gaand dekh raha thaa औऱ sandhya सें unke bare me bate krr raha thaa,
rohit- dekho sandhya us stri कि gaand kitni moti h
sandhya- haan bilkul maa ji कि gaand कि prakaar lag rahi h,
rohit- sandhya- abi tak maa ko chodne कि ichcha mann me hi h tm कुछ idea kyo नहि batati hu
sandhya- lagta h muze कुछ krna hi padega, kher tm fikr mat karo औऱ me jaisa kahti ho vaisa hi krna hu sakta h आज rat ko hi tumhe apni maa कि choot औऱ gaand ko chodne kaa moka mil jaye पर्र जब tm maa ko chodege तब me क्याँ karungi,
rohit- मेरी rani tm kaphi satark hu me janta ho jis दिन me maa कि choot औऱ gaand ko chod raha hounga us दिन tm bi papa केँ mote land सें khub apni choot marwa rahi hongi,
sandhya- sacch rohit papa सें chudne me एक् alag hi majaa aata h, unkah land bi बड़ा mast h
rohit- tumhe too कम सें कम yah too ptaa h कि papa सें chudne me kitna majaa aata h पर्र muze too yah bi नहि ptaa कि जब me apni maa ko chodunga too kitna majaa aayega,
sandhya- chalo आज tumhari ichcha puri krr deti ho मगर jaisa me kah rahi ho vaisa hi krna औऱ फिन sandhya औऱ rohit vaha सें andar aa jate h, rat ko 9 baje papa tv केँ samne bethe the औऱ sandhya unke paas jakar beth jati h udhar manju apne kamara me thi औऱ rohit apne kamara सें sandhya औऱ papa ko dekh raha thaa,
sandhya- papa
darshaniya- haan bahu bolo क्याँ bat h
sandhya- papa muze daru pina h
darshaniya- sandhya ko hairat bhari nigaho सें dekhta हुआ, क्याँ bat krr rahi hu beti,
sandhya- papa आज बहोत mann krr raha h कम सें कम beear hi pila दो,
darshaniya- मगर beti rohit dekhega too क्याँ bolega, ap fikar na karo एक् bottel unke liye bi manga lijiye na me unhe andar देकर aa jaungi wah pi lenge फिन me aapke paas aakar aapke sath pina chahti ho,
darshaniya- मगर manju ne कुछकहा too
sandhya- too ap maa ko colddrink me beer मिला krr unko bi pila dijiye na,
darshaniya- bahu आज tm kisi alag mood me lag rahi hu क्याँ bat h saf-saf batao,
sandhya- papa me chahti ho आज ap मेरे samne maa ko puri nangi karke chodye औऱ फिन उसके bad ap muze maa केँ samne puri nangi karke chodye, hosh me sayad maa sharmane lage इसलिये me yah sab kah rahi ho,
darshaniya- muskurakar sandhya कि moti gaand ko sahlate huye, एक् shirt पर्र me yah sab krr sakta ho
sandhya- muze aapki sabhi shirt manjur h
darshaniya- pehle shirt too sun lo bad me kahin palat gayi too
sandhya- muze ptaa h aapki shirt, ap आज rat ko मेरी gaand marna chahte hu na,
darshaniya- ashcharya सें sandhya ko dekhta हुआ, tumhe kese ptaa me yahi shirt kahne wala ho
sandhya- papa ऊपर wala bi एक् जैसे vicharo wale logo ko jald hi milwa deta h chahe RSS केँ through hi kyo na milwaye,
darshaniya- पऱ beti rohit kaa क्याँ karege,
sandhya- are papa rohit bi maa ji ko chod lega, हम् charo mil krr majaa lenge
darshaniya- पऱ beti yah kese sambhav h rohit क्याँ apni maa ko chodega
sandhya- kyo नहि papa जब ap rohit कि bibi ko chod sakte hu too rohit aapki bibi ko kyo नहि chod sakta h,
darshaniya muskurate huye thik h मगर yah sab केँ liye beer kaa madhosh kaphi नहि rahega, too फिन ap क्याँ लेकर aaoge,
darshaniya- beti iske liye too आज muze vodka लेकर आनां padegi मगर dhyaan rakhna manju ko bhanak na lage कि colddrink me vodka h,
kramashah.
raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ complete - Desi kamuk kahani – New Episode
मस्त घोड़ियाँ--17
गतान्क सें आगे.
संध्या- आप् फिकर नाँ करो बापू मे सभी संभाल लूँगी औऱ फिन संध्या वहा सें उठकर अपनेरूम मे आँ जाती हैं,
रोहित अपनी बीबी कि प्लॅनिंग सें खुस होँ जाता हैं औऱ संध्या केँ आते हि उसके होंठो कों चूमकर उसकी मोटीगंद पऱ थप्पड़ मारते हुए मुस्कुरकर वाकई रानी तुम् कमाल कि प्लॅनिंग करती होँ,
संध्या- चलो अपना लन्ड बाहर् निकालो आज मे इसकी सरसो केँ तेल सें अच्छी मालिश कर देतीहू आख़िर आजये अपनी माँ कि मोटीगंद कों औऱ फूली बुर कों जोँ फाड़ने वाला हैं औऱ फिन संध्या रोहित केँ खड़े मोटे लन्ड कों तेल सें नहलकर उसकी मालिश करने लगती हैं, औऱ उसेरात कि प्लॅनिंग बताने लगती हैं,
रोहित सारी बाते ध्यान सें समझकर संध्या कि प्लॅनिंग कि तारीफ करतेहुए उसेचूम लेता हैं तभी बाहर् सें बापू कि आवाज़ आती हैं अरे संध्या बेटी ज़रायहा आनां औऱ संध्या अपनेतेल सें भीगेहाथ कों ऐसे हि लेकर पिताजी केँ पास पहुच जाती हैं औऱ
संध्या- क्याँ बात हैं बापू
मनोहर- अरेये तेरेहाथ मे इतनातेल केसेलगा रखा हैं
संध्या- कुछ नहींबस सोचा आपके मोटे लन्ड पऱ थोडा तेललगा दू आख़िर आज आप् अपनीबहू कि मोटीगंद जौ मारने वाले होँ औऱ फिन संध्या बापू केँ लन्ड पऱ तेल मलने लगती हैं औऱ अपनेरूम कि ओर मुस्कुरकर देखती हैं औऱ रोहित भि उसकी छीनल्पने कों देखकर मुस्कुरा देता हैं,
साम कों पिताजी शराब लेने केँ लिएचले गये औऱ मे औऱ मां छत पर्र खड़ी होकररोड कां नज़ारा लेनेलगी
मंजू- क्यो संध्या तूने बताया नहीं अपने पिताजी केँ यहा तूने औऱ रोहित नें कितने मज़े मारे थें, मुझे तौ तब
पता चलाजब इन्होने मुझे बताया, अपने ससुरजी कों तौ झट सें बता देती हैं पऱ मुझे बताने मे तुम्हे लज्जा
आती हैं क्याँ,
संध्या- अरे नहीं मां ऐसीबात नहीं हैं बस मुझे मोका हि नहींलगा नहीं तौ क्याँ मे आपसेऐसी बाते
छुपाटी,
मंजू- अच्छा तोँ येबता क्याँ तेरे पिताजी नें तेरीखूब चोदा थां,
माँ केँ प्रश्न कों सुनकर मे समझ गई कि आज मेरी रंडी सासू खूब चुदासी लगरही हैं आज साली कों इतना गर्म
कर देतीहू कि यही खड़ी-खड़ी मूतने लगे,
संध्या- हाँ माँ मेरे जाते हि बापू नें मुझे अपने सीने सें लगा लिया औऱ मेरे मोटे-मोटे दूध कों खूब
कस-कसकर दबाने लगे औऱ मेरे होंठो कों चूमने लगे,
मंजू-फिन तूने क्याँ किया
संध्या- मैने माँ झट सें बापू कां लूँगी मे खड़ा मोटा लन्ड अपने हाथो मे पकड़कर दबोच लिया
मंजू- क्याँ खूब मोटा हैं तेरे बापू कां लन्ड
मैने मां कां हाथ पकड़कर कहा माँ पहले मेरी बुर मे हाथडाल करउसे सहलाती जाओतब मे आपको
सारीबात बता देतीहू, माँ नें जल्दी अपनेहाथ कों मेरी साडी मे डालकर मेरी फूली बुर कों अपनी मुट्ठी मे
भर लिया औऱ दबाते हुए कहनेलगी,
मंजू-फिन क्याँ हुआ संध्या बता नां
संध्या- फिन क्याँ थां मां, पिताजी मेरे चूतादो कों खूब कस-कसकर दबाने औऱ मसल्ने लगे
मंजू-सच संध्या तेरे चूतड़ पहले सें काफ़ी मोटे हौ गये हैं तेरे पिताजी कों तौ तेरी मोटीगंद दबोचने मे
मजा आँ गय़ा होगा,
संध्या- हाँ मां मैनेझट सें बापू केँ मोटे लन्ड कों अपनेमूह मे भरकर चूसना चालूकर दिया,
मंजू- औऱ रोहित क्याँ कररहा थां
संध्या- रोहित मेरी मां कि मोटीगंद कों खूब कस-कसकर मसलरहा थां
मंजू- क्याँ रोहित कों तेरी मां कि गंद बहोत पसन्द हैं
संध्या- हाँ मां रोहित नें मां कों वही झुका दिया औऱ उनकी साडी उनकीगंद सें उठाकर उनकी पॅंटी उतार दि
औऱ फिन रोहित नें कम सें कमआधे घंटे तक माँ कि गोरी-गोरी मोटीगंद कों चाट-चाट करलाल कर दिया,
सच मां रोहित बहोत मस्त तरीके सें बुर औऱ गंद चाट्ता हैं औऱ मोटी-मोटी गंद कां तौ वो दीवाना हैं उसे
औरतो केँ भारी चूतड़ बहोत अच्छे लगते हैं तभी तौ वो दिनरात बस आपकीगंद चोदने केँ बारे मे सोचता हैं
मंजू- क्याँ रोहित कों मेरीगंद बहोत अच्छी लगती हैं
मैने माँ कि बातसुन कर उनकी साडी केँ अंदरहाथ डालकर उनकी बुर कों जैसे हि दबोचा ढेर सारा पानी मेरे
हाथो मे लग गय़ा औऱ मे समझ गई साली पूरीभीग चुकी थि,
संध्या- हाँ माँ रोहित तोँ आपको पूरी नंगी करके चोदना चाहता हैं
मंजू- क्याँ उसने तुझसे ऐसाकहा हैं कि वो मुझे पूरी नंगी करके चोदना चाहता हैं
संध्या- हाँ माँ वो तोँ कईबार मुझे अपनी माँ बनाकर भि मेरीगंद मारते हैं
मंजू-खूब मोटा लन्ड हैं नां रोहित कां खूबमजा आता होगा नाँ तुम्हे
संध्या- हाँ मां जब रोहित कां मोटा लन्ड मेरीगंद मे जाता हैं तौ ऐसा लगता हैं कि रोहित खूब कस-कसकर
अपने लन्ड कों मेरीगंद मे मारे औऱ मुझेखूब रगड़-रगड़ कर चोदे औऱ फिन मैने मां केँ मोटे-मोटे
दूध कों दबाते हुए एक् हाथ सें मां कि गुदा सहलाते हुएकहा मां जब रोहित कां मोटा लन्ड आपकी मोटी
गंद मे जाएगा तब देख्ना आप् मस्त हौ जाओगी औऱ स्वयं हि रोहित सें कहोगी कि ठोंक बेटा खूब कस-कसकर मार
अपनी मां कि मोटीगंद अपने मोटे लन्ड सें माँ मेरीबात सुनकर मुझसे बुरीतरह चिपक गई औऱ मैने
माँ केँ होंठो कों अपनेमूह मे भरकर चूसना शुरुआत कर दिया औऱ फिन मैने माँ सें कहा
संध्या- कहो माँ अपने बेटे कां मोटा लन्ड अपनीइस भारीगंद मे घुसाने कां मनकररहा हैं नां औऱ फिन
मैने मां कि मोटीगंद कों कसकर दबोच लिया
मंजू-अहह अहहहाँ हाँ बेटी मेरादिल कररहा हैं कि रोहित अभि मुझेखूब रगड़-रगड़ कर चोदे मेरी बुर औऱ
गंद अपने मूसल सें फाड़कर रखदे,
मैने माँ कि बुर मे फिन सें अपनाहाथ डालकर मां सें कहाकहो मां चुद्वओगि अपने बेटे सें औऱ
फिन मैने अपनी उंगली माँ कि बुर मे भर दि औऱ मां मुझसे पागलो कि तरह लिपट गई औऱ मुझे चूमते
हुए कहनेलगी
मंजू-हाय रे संध्या एक् बार मेरी बुर मे रोहित कां लन्ड डलवादे अया आँ आँ ओह संध्या
मैने मां कि बुर मे तीन उंगलिया डालकर खूब ज़ोर सें उनकी बुर मे आगे धकेलने लगी औऱ माँ नें अपनी
टाँगे औऱ चौड़ी करली, मे बड़े आहिस्ता माँ कि बुर मे उंगली डालने लगी औऱ मां सीसियाते हुए कहने
लगी संध्या बता नां कब मेरी बुर मे तूँ रोहित कां लन्ड डालेगी, कब मेरा बेटा अपनी माँ कों पूरी नंगी करके
उसकी बुर मे अपना लन्ड डालेगा,
संध्या-मां अभि आपको रोहित सें चुदवा दूँगी पऱ आपको भि मेरी एक् इक्च्छा पूरी करनी होगी
मंजू-कौन सि इक्च्छा
संध्या- मेरादिल करता हैं कि एक् बार आप् औऱ बापू दोनो मिलकर मुझे चोदो
मंजू- क्यो नहीं बेटी आजरात तूँ हमारे रूम मे आँ जानां औऱ मेरे औऱ अपने बापू केँ बीच मे सोनाफिन देख्ना
हम् दोनो मिलकर तुम्हें पूरीतरह मस्तकर देगे
संध्या- नहीं माँ आपकेरूम मे नहीं बल्कि बैठक वालेरूम मे जहाँ सें रोहित भि हमे अपनेरूम सें
देखसके, आप् नहीं जानती रोहित आपको पूरी नंगी देखने केँ लिएमरा जारहा हैं इसलिये आज आप् उसे अपनी मोटी
गंद खूबउठा -उठाकर दिखना फिन देख्ना वो आपकीगंद देखकर आपको नंगी हि उठाकर अपनेबेड पऱ लेँ
जाएगा औऱ खूब कस-कसकर चोदेगा,
रात कों पिताजी सोफे पऱ बैठे टेलीविज़न देखरहे थें औऱ मे उनकेपास जाकरबैठ गई रोहित पूरा नंगा होकर अपनेरूम
सें हमेदेख रहा थां, तभी सामने सें मां आँ गई माँ नें मेकप कियाहुआ थां औऱ बहोत सेक्सी लगरही
थि वो जैसे हि पिताजी केँ पास आँ कर खड़ी हुई पिताजी नें माँ कि चिकनी कमर कों थामकर उन्हे अपनीगोद मे
खींचकर बैठा लिया औऱ उनके मोटे-मोटे दूध कों खूबकस करदबा दिया,
मंजू- हस्ते हुएअरे छ्चोड़ो नाँ क्याँ कररहे होँ सामने बहू बैठी हैं,
मनोहर- अरे मेरी रानीबहू भि जानती हैं कि आज तुम्हारी बुर सें बहोत पानी आँ रहा हैं खूब मोटा लन्ड लेने कां
मनकररहा हैं नां,
मंजू- मुस्कुराते हुए, छ्चोड़िए भि संध्या क्याँ सोचरही होगी
मनोहर- अरे संध्या सें क्यो शर्मा रही हौ, लो मे अभि तुम्हारी शरमदूर कर देताहू औऱ फिन पिताजी नें
मुझे भि अपनीगोद मे खींचकर बैठा लियाअब बापू एक् हाथ सें मां केँ दूधमसल रहे थें औऱ दूसरे
हाथ सें मेरेदूध मसलरहे थें,
मंजू- बहोत बेशरम होँ तुम्, मे जारही हू सोने,
संध्या- मां ज़रा बैठिए तौ सही मे अभि कुच्छ खाने पीने केँ लिए लेकरआती हू औऱ फिन मे सीधे रोहित केँ
पास गई औऱ सब केँ लिए लार्ज ग्लास ड्रिंक बनाकर लेँ आई, पहले बापू नें एक् ग्लास उठाकर एक् हि घुट मे ख़तम
कर दियाफिन बापू नें दूसरा ग्लास उठाकर माँ केँ गालो कों चूमते हुएकहा लेँ रानीये सोमरास पी लेँ फिनआज
तेरी मस्ती सें चोदुन्गा,
माँ मेरीओर देखरही थि औऱ मैने इशारे सें उन्हे पीने केँ लिएकहा औऱ फिन मां पूरा ग्लास पी गई औऱ
माँ केँ चेहरे पर्र एक् मस्ती सि दिखाई देनेलगी,
संध्या- पिताजी मुझे भि अपने हाथो सें पिलादो नां
मंजू - बहू तूँ अपने पति केँ हाथ सें पी
संध्या- नहीं माँ मुझे तोँ पिताजी केँ हाथो सें हि पीने मे मजाआता हैं,
क्रमशः.
MAST GHODIYAN--17
gataank सें aage.
sandhya- ap fikar na karo papa me sab sambhal lungi औऱ फिन sandhya vaha सें uth krr apne kamara me aa jati h,
rohit apni bibi कि planning सें khus hu jata h औऱ sandhya केँ आते hi उसके hontho ko chum krr उसकी moti gaand पऱ thappad marte huye muskurakar wakai rani tm kamal कि planning krti hu,
sandhya- chalo अपना land बाहर् nikalo आज me iski sarso केँ tel सें acchi malish krr deti ho aakhir आज yah apni maa कि moti gaand ko औऱ phuli choot ko joo phadne wala h औऱ फिन sandhya rohit केँ khade mote land ko tel सें nahlakar उसकी malish karne lagti h, औऱ use rat कि planning batane lagti h,
rohit sari bate dhyaan सें samajh krr sandhya कि planning कि tarif karte huye use chum leta h तभी बाहर् सें papa कि aawaj aati h are sandhya beti jara yaha आनां औऱ sandhya apne tel सें bhige hath ko ayese hi लेकर papa केँ pass pahuch jati h औऱ
sandhya- क्याँ bat h papa
darshaniya- are yah tere hath me itna tel kese laga rakkha h
sandhya- कुछ नहि bus socha aapke mote land पर्र थोडा tel laga du aakhir आज ap apni bahu कि moti gaand joo marne wale hu औऱ फिन sandhya papa केँ land पऱ tel malne lagti h औऱ apne kamara कि औऱ muskurakar dekhti h औऱ rohit bi उसकी chinalpane ko dekh krr muskura deta h,
sham ko papa sharab lene केँ liye chale gaye औऱ me औऱ maa chhat पर्र khadi hokar road kaa najara lene lagi
manju- kyo sandhya tune bataya नहि apne papa केँ yaha tune औऱ rohit ne kitne maze mare the, muze too तब
ptaa chala जब inhone muze bataya, apne sasur ko too jhat सें bata deti h पऱ muze batane me tuze sharm
aati h क्याँ,
sandhya- are नहि maa aisi bat नहि h bus muze moka hi नहि laga नहि too क्याँ me aapse aisi bate
chhupati,
manju- achcha too yah bata क्याँ tere papa ne tuze khub choda thaa,
maa केँ sawal ko sun krr me samajh gayi कि आज मेरी randi sas khub chudasi lag rahi h आज sali ko itna garam
krr deti ho कि yahi khadi-khadi mutne lage,
sandhya- haan maa मेरे jate hi papa ne muze apne sine सें laga लिया औऱ मेरे mote-mote dudh ko khub
kas-kas krr dabane lage औऱ मेरे hontho ko chumne lage,
manju- फिन tune क्याँ किया
sandhya- mene maa jhat सें papa kaa lungi me khada mota land apne hantho me pakad krr daboch लिया
manju- क्याँ khub mota h tere papa kaa land
mene maa kaa hath pakad krr कहा maa pehle मेरी choot me hath dal krr use sahlati jao तब me aapko
sari bat bata deti ho, maa ne turant apne hath ko मेरी sadi me dal krr मेरी phuli choot ko apni mutthi me
bhar लिया औऱ dabate huye kahne lagi,
manju- फिन क्याँ हुआ sandhya bata na
sandhya- फिन क्याँ thaa maa, papa मेरे chutado ko khub kas-kas krr dabane औऱ masalne lage
manju- sacch sandhya tere chutad pehle सें kaphi mote hu gaye h tere papa ko too tairi moti gaand dabochne me
majaa aa गय़ा hoga,
sandhya- haan maa mene jhat सें papa केँ mote land ko apne muh me bhar krr chusna chalu krr दिया,
manju- औऱ rohit क्याँ krr raha thaa
sandhya- rohit मेरी maa कि moti gaand ko khub kas-kas krr masal raha thaa
manju- क्याँ rohit ko tairi maa कि gaand बहोत पसन्द h
sandhya- haan maa rohit ne maa ko wahi jhuka दिया औऱ unki sadi unki gaand सें utha krr unki panty utar di
औऱ फिन rohit ne कम सें कम aadhe ghante tak maa कि gori-gori moti gaand ko chat-chat krr lal krr दिया,
sacch maa rohit बहोत mast tarike सें choot औऱ gaand chatta h औऱ moti-moti gaand kaa too wah diwana h use
aurto केँ bhari chutad बहोत achche lagte h तभी too wah दिन rat bus aapki gaand chodne केँ bare me sochta h
manju- क्याँ rohit ko मेरी gaand बहोत acchi lagti h
mene maa कि bat sun krr unki sadi केँ andar hath dal krr unki choot ko जैसे hi dabocha dher sara paani मेरे
hantho me lag गय़ा औऱ me samajh gayi sali puri bhig chuki thi,
sandhya- haan maa rohit too aapko puri nangi karke chodna chahta h
manju- क्याँ usne tujhse aesa कहा h कि wah muze puri nangi karke chodna chahta h
sandhya- haan maa wah too कई bar muze apni maa bnaa krr bi मेरी gaand marte h
manju- khub mota land h na rohit kaa khub majaa aata hoga na tuze
sandhya- haan maa जब rohit kaa mota land मेरी gaand me jata h too aesa lagta h कि rohit khub kas-kas krr
apne land ko मेरी gaand me mare औऱ muze khub ragad-ragad krr chode aue फिन mene maa केँ mote-mote
dudh ko dabate huye एक् hath सें maa कि guda sahlate huye कहा maa जब rohit kaa mota land aapki moti
gaand me jayega तब देख्ना ap mast hu jaogi औऱ khud hi rohit सें kahogi कि thonk beta khub kas-kas krr mar
apni maa कि moti gaand apne mote land सें maa मेरी bat sun krr mujhse buri prakaar chipak gayi औऱ mene
maa केँ hontho ko apne muh me bhar krr chusna shuru krr दिया औऱ फिन mene maa सें कहा
sandhya- bolo maa apne bete kaa mota land apni iss bhari gaand me ghusane kaa mann krr raha h na औऱ फिन
mene maa कि moti gaand ko kas krr daboch लिया
manju- aah aah haan haan beti मेरा dill ❤️ krr raha h कि rohit abi muze khub ragad-ragad krr chode मेरी choot औऱ
gaand apne musal सें fad krr रख de,
mene maa कि choot me फिन सें अपना hath dal krr maa सें कहा bolo maa chudwaogi apne bete सें औऱ
फिन mene apni ungali maa कि choot me bhar di औऱ maa mujhse paglo कि prakaar lipat gayi औऱ muze chumte
huye kahne lagi
manju- hay sandhya एक् bar मेरी choot me rohit kaa land dalwa de aaah aah aah oh sandhya
mene maa कि choot me तीन ungliya dal krr khub jor सें unki choot me aage dhakelne lagi औऱ maa ne apni
tange औऱ chaudi krr li, me bade aaram सें maa कि choot me ungli dalne lagi औऱ maa sisiyate huye kahne
lagi sandhya bata na कब मेरी choot me tu rohit kaa land dalegi, कब मेरा beta apni maa ko puri nangi karke
उसकी choot me अपना land dalega,
sandhya-maa abi aapko rohit सें chudwa dungi पऱ aapko bi मेरी एक् icchha puri karni hongi
manju- कौन si icchha
sandhya- मेरा dill ❤️ krta h कि एक् bar ap औऱ papa dono milkar muze chodo
manju- kyo नहि beti आज rat tu humare kamara me aa jana औऱ मेरे औऱ apne papa केँ beech me sona फिन देख्ना
हम् dono milkar tuze puri prakaar mast krr dege
sandhya- नहि maa aapke kamara me नहि balki bethak wale kamara me jaha सें rohit bi hame apne kamara सें
dekh sake, ap नहि janti rohit aapko puri nangi dekhne केँ liye mara jaa raha h इसलिये आज ap use apni moti
gaand khub utha -utha krr dikhana फिन देख्ना wah aapki gaand dekh krr aapko nangi hi utha krr apne bed पर्र le
jayega औऱ khub kas-kas krr chodega,
rat ko papa sofe पर्र bethe tv dekh rahe the औऱ me unke pass jakar beth gayi rohit poora nanga hokar apne kamara
सें hame dekh raha thaa, तभी samne सें maa aa gayi maa ne makup कियाहुआ thaa औऱ बहोत sexy lag rahi
thi wah जैसे hi papa केँ paas aa krr khadi hoyi papa ne maa कि chikni kamar ko tham krr unhe apni god me
khinch krr betha लिया औऱ unke mote-mote dudh ko khub kas krr daba दिया,
manju- haste huye are chhodo na क्याँ krr rahe hu samne bahu bethi h,
darshaniya- are मेरी rani bahu bi janti h कि आज tumhari choot सें बहोत paani aa raha h khub mota land lene kaa
mann krr raha h na,
manju- muskurate huye, chhodiye bi sandhya क्याँ सोच rahi hongi
darshaniya- are sandhya सें kyo sharma rahi hu, lo me abi tumhari lajja dur krr deta ho औऱ फिन papa ne
muze bi apni god me khinch krr betha लियाअब papa एक् hath सें maa केँ dudh masal rahe the औऱ doosre
hath सें मेरे dudh masal rahe the,
manju- बहोत beshram hu tm, me jaa rahi ho sone,
sandhya- maa jara bethiye too sai me abi kuchh khane pine केँ liye लेकर aati ho औऱ फिन me sidhe rohit केँ
pass gayi औऱ sabhi केँ liye larg glass drink bnaa krr le aai, pehle papa ne एक् glass utha krr एक् hi ghut me khatam
krr दियाफिन papa ne dusra glass utha krr maa केँ galo ko chumte huye कहा le rani yah somras pi le फिनआज
tuze masti सें chodunga,
maa मेरी औऱ dekh rahi thi औऱ mene ishare सें unhe pine केँ liye कहा औऱ फिन maa poora glass pi gayi औऱ
maa केँ chehre पर्र एक् masti si dikhai dene lagi,
sandhya- papa muze bi apne hantho सें pila दो na
manju - bahu tu apne shauhar केँ hath सें pi
sandhya- नहि maa muze too papa केँ hantho सें hi pine me mazaa aata h,
kramashah.
raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ complete - Desi kamuk kahani – New Episode
मस्त घोड़ियाँ--18
गतान्क सें आगे.
मैने देखा माँ कों सुरूर आनेलगा थां औऱ वो अब धीरे-धीरे सें बापू केँ मोटे लन्ड कों दबाने लगी थि, तभी
पिताजी नें मेरेलबो सें ग्लास लगा दिया औऱ मेरे मोटे-मोटे दूध कों खूब कस-कसकर दबाते हुए मुझे पिलाने
लगे,
मैने जैसे हि ग्लास ख़तम किया बापू नें सीधे मेरे मुलायम भीगे होंठो कों अपनेमूह मे भरकरचूस
लिया औऱ मे एक् दम सें मस्त होँ गई, माँ नें जब मुझे बापू सें चिपकते देखा तोँ वो भि बापू केँ लन्ड कों
बाहर् निकाल कर सहलाने लगी, बापू मेरीओर अधिक ध्यान देरहे थें औऱ मेरे ब्लौज कों खोलकर बापू मेरी सफेद
रंग कि ब्रा केँ उपर सें मेरे सुडोल भरेहुए दूध कों मसलरहे थें,
माँ पूरी मस्ती मे आँ चुकी थि तभी पिताजी नें कहा संध्या बेटी एक्-एक् ग्लास औऱ लेकरआओ तब तक मे
तुम्हारी मां कों पूरी नंगीकर देताहू,
मे जल्द सें अंदर गई तौ रोहित नें मुझे दबोच लिया उसका मोटा लन्ड
पूरीतरह खड़ाहुआ थां औऱ वो अपने लन्ड पर्र तेल लगा-लगा करमसल रहा थां, रोहित नें मुझे पिछे सें
दबोचते हुएकहा मेरी रंडी बीबी मेरे पिताजी सें बहोत चिपकरही थि, बहोत मनपसंद हैं तुम को पिताजी कां लन्ड,
औऱ फिन रोहित नें मेरी साडी औऱ पेटिकोट भि उतार दिया औऱ मे ब्रा औऱ पॅंटी मे रह गई,
फिन रोहित नें मेरी पॅंटी
भि उतार दि औऱ ब्रा कों भि खोल दिया औऱ मेरीगंद केँ पिछे सें अपने लन्ड कों रगड़ने लगा,
रोहित केँ लन्ड पऱ तेल कि खूब चिकनाई थि औऱ मेरी बुर भि पूरी गीली थि अचानक रोहित नें थोडा ज़ोर लगाया औऱ उसका
मोटा लन्ड सॅट सें मेरी बुर मे अंदर तक समा गय़ा औऱ रोहित मेरे होंठो कों पागलो कि तरह चूमने लगा,
संध्या- अहह क्याँ बात हैं रोहित मां कि गुदाज गंद औऱ ब्लॅक ब्रा पॅंटी देखकर तुम्हारा लन्ड कुच्छ ज़यादा
हि झटकेमार रहा हैं,
रोहित- मेरी रानीआज मे तुम्हारी तरफ औऱ माँ कों दोनो कों एक् संग पूरी नंगी करके चोदुन्गा,
संध्या- ठीक हैं चोद लेना पऱ पहले बापू कों तोँ फ्रीकर दूचलो अब लन्ड बाहर् निकालो औऱ अपनी मां केँ लिए
एक् लार्ज ग्लास बनादो तभी तोँ वो खूबगंद उठा-उठा कर तुमसे चुद्वयेगि,
रोहित- अच्छा ठीक हैं औऱ फिन मे पूरी नंगी हि उन लोगो केँ लिए ड्रिंक लेँ करचली गई रोहित मुझे जातेहुए मेरे
नंगे भारी चुतडो कों देखकर लन्ड मसलरहा थां, मैने जैसे हि बापू कि ओर ट्रे बढ़ाया पिताजी नें माँ
कों बीच मे बैठा लिया औऱ मे माँ केँ साइड मे बैठ गई,
मनोहर- बेटी संध्या अब तुम् औऱ मे दोनो तुम्हारी मां कों ड्रिंक पिलाएगे मगर पहले हम् दोनो अपना वाला
ग्लास ख़तमकर देते हैं उसकेबाद बापू नें माँ केँ ब्लौज केँ बटन खोलना शुरुआत करदिए, मां मस्ती
मे लगातार बापू कां लन्ड मसलेजा रही थि औऱ पिताजी माँ कि ब्राखोल कर उनकी साडी औऱ पेटिकोट भि उतार देते
हैं,
अब माँ कि गुदाज भारी भारी जंघे मोटी मोटी फैली हुई गंद, बड़े बड़े मोटे मोटेदूध औऱ उठाहुआ
गुदाज मसलपेट सभी कुच्छ सामने थां, पिताजी नें ड्रिंक कों मां केँ मोटे-मोटे बोबो पऱ डालते हुए उनके निप्पल
कों चूसना शुरुआत कर दिया औऱ मां अहह सि अहह करनेलगी,
बापू कि ये हरकत मुझे भि पसन्द आई औऱ मैने भि माँ केँ दूसरे दूध कों खूबकस कर दबोचते हुए
उसकेउपर थोड़ी ड्रिंक डालकर उसे चूसना शुरुआत कर दिया, हम् तीनो सोफे सें टिककर बैठे थें फिन मैने औऱ पिताजी
नें मां कि दोनो टाँगो कों उपरउठा कर मोड़ दिया औऱ अब माँ कि एक् मोटी जाँघ बापूदबा रहे थें औऱ
दूसरी मोटी जाँघ मे दबाने लगीतभी पिताजी नें माँ कि दोनो जाँघो कों खूब फैलाकर उनकी फूली हुईँ बुर कि
एक् फाँक कों अपनीओर खींचा तब मैने भि मां कि बुर कि दूसरी फाँक कों अपनीओर खींचा,
सामने सें रोहित ये नज़ारा देखकर पागलहुआ जारहा थां उसके सामने उसकी मां कि मस्त फूली हुईँ चिकनी बुर
पूरीतरह खुली हुईँ थि औऱ बापू औऱ मे एक्-एक् फांको कों पकड़कर अपनीओर खींचरहे थें,
कुच्छ देरबाद हम् सबनशे मे मस्त होँ चुके थें औऱ रोहित सें भि रहा नहींजा रहा थां,
रोहित नें मुझे
देखते हुए पूच्छा कि वो भि आँ जाए क्याँ तब मैनेउसे आने कां इशारा कर दिया औऱ मे जाकर बापू केँ मोटे
लन्ड केँ उपरबैठ गई मेरी बुर मे पिताजी कां पूरा लन्ड उतार गय़ा औऱ उन्होने मुझे अपने सीने सें लगा लिया,
मां आँखेबंद करके अपनी जाँघो कों फैलाए अपनी बुर सहलारही थि तभी रोहित आँ गय़ा औऱ उसने
माँ कि गुलाबी बुर सें अपनीजीभ लगा दि औऱ उनकी चूत चाटने लगा,
माँ नें औऱ भि अपनी टाँगे फैला दि, तभी बापू नें मुझे उठाया औऱ अपने लन्ड पर्र खड़े होकर पूरीतरह
बैठा लिया मेरी बुर मे उनका मोटा लन्ड पूरीतरह फसाहुआ थां औऱ मे उनके सीने सें अपने मोटे-मोटे दूध कों
दबाएहुए चिपकी हुई थि,
बापू नीचे सें मेरी बुर मे तबीयत सें लन्ड पेलरहे थें औऱ मे अरे बापूअहह अहह
बहोत अच्छा लगरहा हैं ऐसे हि मुझे अपने लन्ड पर्र चढ़ाए हुए चोद्ते रहिए, पिताजी मेरे होंठो कों
चूस्ते हुए लगातार मेरे बोबे मसल-मसल कर मेरी बुर कों ठोंकरहे थें,
फिनवहा स्थान कम होने केँ कारण पिताजी मुझेउठा कर बिस्तेर पऱ लें गये औऱ वहा मुझे घोड़ी बनाकर खूब
हुमच हुमचकर मुझे चोदने लगे,
रोहित नें भि माँ कों खड़ीकर केँ उनसेरूम केँ अंदर चलने कों कहा औऱ माँ आगेआगे चलनेलगी औऱ
रोहित मां कि मोटीगंद कों दबोचते हुए उनके पिछे पिछे चलनेलगा, रोहित नें अपनी एक् उंगली माँ कि
गंद केँ छेद सें लगारखी थि औऱ दूसरे हाथ सें मां केँ मोटे मोटे चूतादो कों थपकीया रहा थां, रोहित कों
माँ कि मोटीगंद बहोत अच्छी लगी औऱ रोहित नें माँ कों पेट केँ बल बिस्तेर पऱ लेटा दिया औऱ मां कि
गंद कों दबोचते हुएउस पर्र थप्पड़ मारने लगा रोहिर अपने लन्ड कों सहलाते हुए अपनी मां कि गंद मे जैसे
हि थप्पड़ मारता उसकी मां कि गंदलाल होँ जाती औऱ मंजूअहह रोहित बेटे क्याँ कररहा हैं,
रोहित- माँ आपके चूतड़ बहोत मस्त हैं लगता हैं इन्हे खूब चाँते हि चाँते मारमार करलाल करदू
मंजू-अहह सि बेटेजब तुँ मेरीगंद पऱ थप्पड़ मारता हैं तौ मेरादिल करता हैं कि मेरीगंद मे तुँ अपना लन्ड
फसाकर खूबचोद दे, बेटे मेरीगंद मे थप्पड़ मारते हुएउसे चाट्ता भि जा, मे जानती हू तुम को औरतो कि गंद
औऱ बुर चाटने मे बहोत मजाआता हैं,
रोहित नें मां कि गंद कों फैलाकर उसे चाटना शुरुआत कर दिया वो माँ कि बुर कों उपर सें लेकर नीचे तक
चाट्ता फिन माँ कि गंद केँ छेद कों चाटकर उसकी गुदा मे उंगली डाल देता थां,
रोहित जब पिताजी कों देखता हैं कि वोँ मुझेखूब कसकसकर झुकाए हुए मेरीगंद माररहे हैं तब रोहित भि
माँ कों वही घोड़ी बनाकर उसकी मोटीगंद मे अपनेतेल सें सने लन्ड कों लगाकर माँ केँ मोटे-मोटे
चूतादो कों खूब फैलाकर उनकीगंद मे एक् करारा धक्का मार देता हैं औऱ रोहित कां लन्ड मां कि मोटी गुदा
कों फैलाते हुए गच्छ सें अंदरफस जाता हैं,
मंजू-ओह मामर गई कितना मोटा लन्ड हैं बेटे तेरा पूरी गुदाखोल कर फैला दियाहे रोहित मार डालारे, मैने
जब रोहित केँ लन्ड कों मां कि गंद मे घुसा देखा तोँ रोहित कि ओर इशारा किया कि खूब तबीयत सें अपनी मां
कि गंद मारो, रंडी पर्र बिल्कुल रहममत करोखूब कसकसकर उसकी गुदा कों चोदोतभी उसेमजा आएगा,
रोहित मेरा इशारा समझ गय़ा औऱ इसबार उसनेऐसा झटका सासू मा कि गंद मे मार दिया कि सासू माक़ी एक् दम सें
बोलती हि बंद होँ गई, रोहित कां मोटा लन्ड पूरा उसकी मां कि मखमली गंद केँ छेद मे समा गय़ा औऱ मंजू
ओह ओह सि सि करतेहुए अपने चूतादो कों इधरउधर मटकाकर अड्जस्ट करनेलगी, मे भि पिताजी केँ लन्ड कों सटासॅट
अपनीगंद मे लेँ रही थि मगर बापू मुझे बड़े धीरे-धीरे मेरी चूत कों सहलाते हुएचोद रहे थें मगर रोहित
मां केँ चुतडो पर्र थप्पड़ मारते हुए उनकीगंद केँ छेद कों खूब हुमच हुमचकर चोदरहा थां,
पिताजी कभी मेरे बोबेमसल देतेकभी मेरीगंद दबा देते औऱ कभी मेरी बुर कों दुलार्ने लगते,
रोहित नें मां केँ मूह कों पकड़कर अपनीओर मोड़ लिया औऱ उनके होंठो कों पीतेहुए उनकी गुदा कों ठोकना
शुरुआत कर दिया, रोहित केँ हर धक्के केँ संग सासू माउहउह अहहअहह करने लगती थि, करीब एक् आधे घंटे तक
बापू औऱ रोहित नें मुझे औऱ माँ कों खूबकस कर चोदा उसकेबाद बिस्तर पऱ पिताजी औऱ रोहित मुझे औऱ
माँ कों लेकरलेट गये मे औऱ माँ पूरी नंगी एक् दूसरे सें नशे मे चिपकी हुईँ थि औऱ एक् दूसरे केँ मुलायम
होंठो कों चूस्ते हुए एक् दूसरे केँ बोबो कों खूबमसल रही थि,
उधर रोहित औऱ पिताजी दोनो मेरी औऱ माँ कि गंद केँ पिछे सें चिपके हुए थें पिताजी मेरे चूतादो कों दबोच
दबोचकर सहलारहे थें औऱ रोहित मां कि गंद मे अभि भि लन्ड फसाए उन्हे गहराई तक धक्के देरहा
थां,
अब मे औऱ माँ एक् दूसरे सें पूरे चिपकगये औऱ रोहित औऱ बापू हम् दोनो केँ पिछे सें पूरीतरह अपना
अपना लॅंडफसा कर चिपकगये औऱ फिन हम् दोनो कों खूबकस कसकर ठोकने लगे, उन दोनो केँ धक्के जब
हमारी गंदमई पड़ते तौ मेरे औऱ माँ केँ शरीरआपस मईखूब चिपक जाते, जैसे जैसे रोहित औऱ बापू कां
जोशबढ़ रहा थां वैसे वैसे मेरे औऱ माँ केँ बीच कि दूरीकम हौ रही थि, फिनजब पिताजी औऱ रोहित कों
खूबमजा आनेलगा तब दोनो हमारी गंद पऱ चढ़चढ़ करहमे ठोकने लगे, चुदाई औऱ उसकीठप कि
थपथपाहट पूरे कमरे मे गूँजरही थि औऱ पिताजी औऱ रोहित मुझे औऱ माँ कों लेकर पूरीतरह गुत्थम
गुत्थ होँ रहे थें, हम् दोनो कि गंदचुद चुदकर पूरीलाल हौ चुकी थि, तभी रोहित नें एक् तगड़ा झटकामार दिया
औऱ बापू नें मेरीगंद मे भि अपना मूसलखूब अंदर तक दबा दिया,
मंजू-अहह अहहचोद बेटा चोदखूब चोद औऱ मार अपनी मां कि गंदआज फाड़दे बेटा अहह आँ अहह सि सि
संध्या- ओह बापू औऱ चोदिये खूब चोदिये आज फाड़ दीजिए अपनीबहू कि बुर अहहअहह अहहओह ओह सि सि
बापू औऱ रोहित हमेचोद चोदकर पूरी मस्तकर दिया औऱ फिन पिताजी मुझे चोद्ते हुए मां कि बुर सहलाने
लगे औऱ रोहित माँ कि गंद ठोकता हुआ मेरी बुर सहलाने लगा, मे मां केँ दूधमसल रही थि औऱ
माँ मेरेदूध मसलरही थि, तभी रोहित औऱ बापू केँ धक्के पूरी मस्ती मे मेरी औऱ मां कि गंद मे
पड़ने लगे औऱ हम् दोनो रंडियो नें एक् दूसरे कों खूबकस कर दबोचते हुए अपनी अपनी बुर कां पानी छ्चोड़ना
शुरुआत कर दियातभी पिताजी नें अपना गर्म गर्म वीर्य मेरी गुदाज गंद मे पूराभर दिया औऱ उधर रोहित नें
मां कि मोटीगंद मे अपना वीर्य छ्चोड़ कर उनकीगंद कि गहराई मे अपने लन्ड कों पूरादबा दिया,
उस रात पिताजी औऱ रोहित नें हम् सासू माँ बहू कि दोबार औऱ खूब तबीयत सें चुदाई कि औऱ पूरीरात रंडियो कि तरह दोनो
बाप बेटो नें मिलकर हमे दबोचा चोदा औऱ हमारा रस पिया,
एक् दिन मे औऱ पिताजी दोनो मार्केटएमई घूमरहे थें कि अचानक मुझेवही व्यक्ति नज़र आँ गय़ा जिसने मेरा
बलात्कार करने कि कोशिश कि थि, मैने इशारे सें बापू कों बताया तौ बापू नें कहा कि उसे पोलीस केँ हवाले करे
क्याँ मैनेकहा अब रहनेदो मगरचलो उससे थोड़ी बात करते हैं, मे औऱ पिताजी उसकेपास पहुचे,
औऱ मैने
उससेकहा बोलो भैया क्याँ हाल हैं आपके,
उसने मुझेगौर सें देखा औऱ कहा बेहनजी मैने आपको पहचाना नहीं,
संध्या- हस्ते हुए, भैया आपकीवजह सें हि आपकी बेहनआज मस्त विवाह शुदा जीवनजी रही हैं, सच भैया
आपकामुझ पर्र बड़ा अहसान हैं बस इतनाकह कर मे औऱ पिताजी वहा सें हस्ते हुएचल दिए औऱ वो काला व्यक्ति
अपनामूह फाडेहमे देखता रह गय़ा शायद वो समझ नहीं पाया कि उसने मेरेउपर कब औऱ कौन सां एहसान
किया हैं, बस इतना अवश्य थां कि वो कुच्छ दिन तक येसोच कर परेशान रहेगा कि इतना मस्तमाल कौन थां औऱ
मैनेउस पर्र क्याँ एहसान किया थां औऱ कब किया थां,
दोस्तो यह स्टोरी यही ख़तम होती हैं फिन मिलेंगे किसीनई स्टोरी केँ संग
खत्म
दा एंड
MAST GHODIYAN--18
gataank सें aage.
mene देखा maa ko surur aane laga thaa औऱ wah अब dhire सें papa केँ mote land ko dabane lagi thi, तभी
papa ne मेरे labo सें glass laga दिया औऱ मेरे mote-mote dudh ko khub kas-kas krr dabate huye muze pilane
lage,
mene जैसे hi glass khatam किया papa ne sidhe मेरे rasile bhige hontho ko apne muh me bhar krr chus
लिया औऱ me एक् dum सें mast hu gayi, maa ne जब muze papa सें chipakte देखा too wah bi papa केँ land ko
बाहर् nikal krr sahlane lagi, papa मेरी औऱ jayda dhyaan de rahe the औऱ मेरे blauj ko khol krr papa मेरी safed
rang कि bra केँ ऊपर सें मेरे sudol bhare huye dudh ko masal rahe the,
maa puri masti me aa chuki thi तभी papa ne कहा sandhya beti एक्-एक् glass औऱ लेकर aao तब tak me
tumhari maa ko puri nangi krr deta ho,
me juldi सें andar gayi too rohit ne muze daboch लिया उसका mota land
puri prakaar khada हुआ thaa औऱ wah apne land पऱ tel laga-laga krr masal raha thaa, rohit ne muze pichhe सें
dabochte huye कहा मेरी randi bibi मेरे papa सें बहोत chipak rahi thi, बहोत पसन्द h tuze papa kaa land,
औऱ फिन rohit ne मेरी sadi औऱ petikot bi utar दिया औऱ me bra औऱ panty me rha gayi,
फिन rohit ne मेरी panty
bi utar di औऱ bra ko bi khol दिया औऱ मेरी gaand केँ pichhe सें apne land ko ragadne laga,
rohit केँ land me tel कि khub chiknai thi औऱ मेरी choot bi puri gili thi achanak rohit ne थोडा jor lagaya औऱ उसका
mota land sat सें मेरी choot me andar tak sama गय़ा औऱ rohit मेरे hontho ko paglo कि prakaar chumne laga,
sandhya- aah क्याँ bat h rohit maa कि gudaj gaand औऱ black bra panty dekh krr tumhara land kuchh jayada
hi jhatke mar raha h,
rohit- मेरी rani आज me tuze औऱ maa ko dono ko एक् sath puri nangi karke chodunga,
sandhya- thik h chod लेना पर्र pehle papa ko too free krr du chalo अब land बाहर् nikalo औऱ apni maa केँ liye
एक् larg glass bnaa दोतभी too wah khub gaand utha-utha krr tumse chudwayegi,
rohit- achcha thik h औऱ फिन me puri nangi hi un logo केँ liye drink le krr chali gayi rohit muze jate huye मेरे
nange bhari chutado ko dekh krr land masal raha thaa, mene जैसे hi papa कि औऱ tra badhaya papa ne maa
ko beech me betha लिया औऱ me maa केँ side me beth gayi,
darshaniya- beti sandhya अब tm औऱ me dono tumhari maa ko drink pilayege मगर pehle हम् dono अपना wala
glass khatam krr dete h उसके bad papa ne maa केँ blauj केँ button kholna shuru krr diye, maa masti
me lagatar papa kaa land masale jaa rahi thi औऱ papa maa कि bra khol krr unki sadi औऱ petikot bi utar dete
h,
अब maa कि gudaj bhari bhari janghe moti moti phaily hoyi gaand, bade bade mote mote dudh औऱ utha हुआ
gudaj masal pet sab kuchh samne thaa, papa ne drink ko maa केँ mote-mote bobo पर्र dalte huye unke nippal
ko chusna shuru krr दिया औऱ maa aah si aah karne lagi,
papa कि yah harkat muze bi पसन्द aai औऱ mene bi maa केँ doosre dudh ko khub kas krr dabochte huye
उसकेऊपर thodi drink dal krr use chusna shuru krr दिया, हम् tino sofe सें tik krr bethe the फिन mene औऱ papa
ne maa कि dono tango ko ऊपर utha krr mod दिया औऱ अब maa कि एक् moti jangh papa daba rahe the औऱ
dusri moti jangh me dabane lagi तभी papa ne maa कि dono jangho ko khub phaila krr unki phuli hoyi choot कि
एक् fank ko apni औऱ khincha तब mene bi maa कि choot कि dusri fank ko apni औऱ khincha,
samne सें rohit yah najara dekh krr pagal हुआ jaa raha thaa उसके samne उसकी maa कि mast phuli hoyi chikni choot
puri prakaar khuli hoyi thi औऱ papa औऱ me एक्-एक् fanko ko pakad krr apni औऱ khinch rahe the,
kuchh der bad हम् sabhi nashe me mast hu chuke the औऱ rohit सें bi raha नहि jaa raha thaa,
rohit ne muze
dekhte huye puchcha कि wah bi aa jaye क्याँ तब mene use aane kaa ishara krr दिया औऱ me jakar papa केँ mote
land केँ ऊपर beth gayi मेरी choot me papa kaa poora land utar गय़ा औऱ unhone muze apne sine सें laga लिया,
maa aankhe बंद karke apni jangho ko phailaye apni choot sahla rahi thi तभी rohit aa गय़ा औऱ usne
maa कि gulabi choot सें apni jeebh laga di औऱ unki bur chatne laga,
maa ne औऱ bi apni tange phaila di, तभी papa ne muze uthaya औऱ apne land पऱ khade hokar puri prakaar
betha लिया मेरी choot me unkah mota land puri prakaar fasa हुआ thaa औऱ me unke sine सें apne mote-mote dudh ko
dabaye huye chipki hoyi thi,
papa नीचे सें मेरी choot me tabiyat सें land pel rahe the औऱ me hay papa aah aah
बहोत achcha lag raha h ayese hi muze apne land पऱ chadhaye huye chodtay rahiye, papa मेरे hontho ko
chuste huye lagatar मेरे bobe masal-masal krr मेरी choot ko thonk rahe the,
फिन vaha स्थान कम hone केँ karan papa muze utha krr bister पऱ le gaye औऱ vaha muze ghodi bnaa krr khub
humach humach krr muze chodne lage,
rohit ne bi maa ko khadi krr केँ unse kamara केँ andar chalne ko कहा औऱ maa aage aage chalne lagi औऱ
rohit maa कि moti gaand ko dabochte huye unke pichhe pichhe chalne laga, rohit ne apni एक् ungli maa कि
gaand केँ chhed सें laga rakhi thi औऱ doosre hath सें maa केँ mote mote chutado ko thapkiya raha thaa, rohit ko
maa कि moti gaand बहोत acchi lagi औऱ rohit ne maa ko pet केँ bal bister पर्र leta दिया औऱ maa कि
gaand ko dabochte huye us पर्र thapad marne laga rohir apne land ko sahlate huye apni maa कि gaand me जैसे
hi thapad marta उसकी maa कि gaand lal hu jati औऱ manju aah rohit bete क्याँ krr raha h,
rohit- maa aapke chutad बहोत mast h lagta h inhe khub chate hi chate mar mar krr lal krr du
manju- aah si bete जब tu मेरी gaand me thappad marta h too मेरा dill ❤️ krta h कि मेरी gaand me tu अपना land
fasa krr khub chod de, bete मेरी gaand me thappad marte huye use chtta bi jaa, me janti ho tuze aurto कि gaand
औऱ choot chatne me बहोत mazaa aata h,
rohit ne maa कि gaand ko phaila krr use chaatnaa shuru krr दिया wah maa कि choot ko ऊपर सें लेकर नीचे tak
chatta फिन maa कि gaand केँ chhed ko chat krr उसकी guda me ungli bhar deta thaa,
rohit जब papa ko dekhta h कि vo muze khub kas kas krr jhukaye huye मेरी gaand mar rahe h तब rohit bi
maa ko wahi ghodi bnaa krr उसकी moti gaand me apne tel सें sane land ko laga krr maa केँ mote-mote
chutado ko khub phaila krr unki gaand me एक् karara dhakka mar deta h औऱ rohit kaa land maa कि moti guda
ko phailate huye gachch सें andar fas jata h,
manju- oh ma mar gayi kitna mota land h bete teraa puri guda khol krr phaila दिया hay rohit mar dala re, mene
जब rohit केँ land ko maa कि gaand me ghusa देखा too rohit कि औऱ ishara किया कि khub tabiyat सें apni maa
कि gaand maro, randi पऱ bilkul raham mat karo khub kas kas krr उसकी guda ko chodo तभी use mazaa aayega,
rohit मेरा ishara samajh गय़ा औऱ iss bar usne aesa jhatka sasu ma कि gaand me mar दिया कि sasu ma कि एक् dum सें
bolti hi बंद hu gayi, rohit kaa mota land poora उसकी maa कि makhmali gaand केँ chhed me sama गय़ा औऱ manju
oh oh si si karte huye apne chutado ko idhar udhar matka krr adjust karne lagi, me bi papa केँ land ko sata sat
apni gaand me le rahi thi मगर papa muze bade aaram सें मेरी bur ko sahlate huye chod rahe the मगर rohit
maa केँ chutado पऱ thappad marte huye unki gaand केँ chhed ko khub humach humach krr chod raha thaa,
papa कभी मेरे bobe masal dete कभी मेरी gaand daba dete औऱ कभी मेरी choot ko dularne lagte,
rohit ne maa केँ muh ko pakad krr apni औऱ mod लिया औऱ unke hontho ko pite huye unki guda ko thokna
shuru krr दिया, rohit केँ har dhakke केँ sath sasu ma uh uh aah aah karne lagti thi, lagbhag एक् aadhe ghante tak
papa औऱ rohit ne muze औऱ maa ko khub kas krr choda उसके bad palang पऱ papa औऱ rohit muze औऱ
maa ko लेकर let gaye me औऱ maa puri nangi एक् doosre सें nashe me chipki hoyi thi औऱ एक् doosre केँ rasile
hontho ko chuste huye एक् doosre केँ bobo ko khub masal rahi thi,
udhar rohit औऱ papa dono मेरी औऱ maa कि gaand केँ pichhe सें chipke huye the papa मेरे chutado ko daboch
daboch krr sahla rahe the औऱ rohit maa कि gaand me abi bi land fasaye unhe gahrai tak dhakke de raha
thaa,
अब me औऱ maa एक् doosre सें pure chipak gaye औऱ rohit औऱ papa हम् dono केँ pichhe सें puri prakaar अपना
अपना land fasa krr chipak gaye औऱ फिन हम् dono ko khub kas kas krr thokne lage, un dono केँ dhakke जब
hamaari gaand me padte too मेरे औऱ maa केँ badan apas me khub chipak jate, जैसे जैसे rohit औऱ papa kaa
josh badh raha thaa vaise vaise मेरे औऱ maa केँ beech कि duri कम hu rahi thi, फिनजब papa औऱ rohit ko
khub mazaa aane laga तब dono hamaari gaand पर्र chadh chadh krr hame thokne lage, chudayi औऱ उसकी thap कि
thapthapahat pure kamre me gunj rahi thi औऱ papa औऱ rohit muze औऱ maa ko लेकर puri prakaar guttham
gutth hu rahe the, हम् dono कि gaand chud chud krr puri lal hu chuki thi, तभी rohit ne एक् tagda jhatka mar दिया
औऱ papa ne मेरी gaand me bi अपना musal khub andar tak daba दिया,
manju- aah aah chod beta chod khub chod औऱ mar apni maa कि gaand आज fad de beta aah aah aah si si
sandhya- oh papa औऱ chodye khub chodye आज fad dijiye apni bahu कि choot aah aah aah oh oh si si
papa औऱ rohit hame chod chod krr puri mast krr दिया औऱ फिन papa muze chodtay huye maa कि choot sahlane
lage औऱ rohit maa कि gaand thokta हुआ मेरी choot sahlane laga, me maa केँ dudh masal rahi thi औऱ
maa मेरे dudh masal rahi thi, तभी rohit औऱ papa केँ dhakke puri masti me मेरी औऱ maa कि gaand me
padne lage औऱ हम् dono randiyo ne एक् doosre ko khub kas krr dabochte huye apni apni choot kaa paani chhodna
shuru krr दियातभी papa ne अपना garam garam veerya मेरी gudaj gaand me poora bhar दिया औऱ udhar rohit ne
maa कि moti gaand me अपना veerya chhod krr unki gaand कि gahrai me apne land ko poora daba दिया,
us rat papa औऱ rohit ne हम् sas bahu कि दो bar औऱ khub tabiyat सें chudayi कि औऱ puri rat randiyo कि prakaar dono
bap beto ne mil krr hame dabocha choda औऱ hamara ras piya,
एक् di me औऱ papa dono market me ghum rahe the कि achanak muze wahi aadnmi drishti aa गय़ा jisne मेरा
balatkar karne कि koshish कि thi, mene ishare सें papa ko bataya too papa ne कहा कि use police केँ hawale kare
क्याँ mene कहाअब rahne दोमगर chalo usse thodi bat karte h, me औऱ papa उसके paas pahuche,
औऱ mene
usse कहा kaho bhaiya क्याँ hal h aapke,
usne muze gaur सें देखा औऱ कहा bahen ji mene aapko pahchana नहि,
sandhya- haste huye, bhaiya aapki vajah सें hi aapki bahen आज mast shadisuda jindagi ji rahi h, sacch bhaiya
aapka mujh पर्र बड़ा ahsan h bus itna kah krr me औऱ papa vaha सें haste huye chl diye औऱ wah kaalaa व्यक्ति
अपना muh fade hame dekhta rha गय़ा sayad wah samajh नहि paya कि usne मेरेऊपर कब औऱ कौन sa ehsan
किया h, bus itna jarur thaa कि wah kuchh दिन tak yah सोच krr pareshan rahega कि itna mast mal कौन thaa औऱ
mene us पऱ क्याँ ehsan किया thaa औऱ कब किया thaa,
The End
raj sharma stories मस्त घोड़ियाँ complete - Desi kamuk kahani - Next part mein bada twist
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