Doston, ek nai kahani shuru ho rahi hai, jismein pariwar ke andar aur bahar ke rishte khulenge. Incest aur adultery ki kahani, jahan chudai ki kami nahi hogi. Threesome, foursome, group sex, gangbang aur orgy ki rasleela dekhi jayegi. Padhne ke baad apne reviews dijiyega, aur is sinful fantasy ko anubhav kijiye.
Garam chut, lund, aur pani chhutna ka anubhav, ahhh ufff, moan, tight, throbbing, sweat, heat, craving, sinful pleasure.
leela key rasleela ( + ) (incest special) (adultery special) - Real Kahani Part 1
Hello doston, mein एक nayee kahani shuru krr raha hun। yeh kahani incest और adultery theme पर based h तो chudayi की bilkul abhav नहीं hongi, dheere–dheere parivar के andar औरबाहरके rishta khulenge, threesome, foursome, group sex, gangbang और orgy sab padhne के liye milega और sab कुछ natural tareeke से aage badhega.
Readers के likes, comments और feedback से hi kahani aage badhegi तो padhne केबाद apne reviews dijiyega। Hope ap sabhi ko iss story ko padhkar बहुत majaa aayega।
सुभह–सुभह देहात मे हल्की धुंधछाई हुइ थि, ४०साल कि लीला अपने कमरे केँ पुराने पलंग सें उठकर एक् गहरी सांसली, उसका भारी–भरकम शरीर पसीने कि गंध सें भराहुआ थां औऱ बाल बिखरे हुए थें। खेतों केँ किनारे लीला कां छोटा–सां घर-मकान थां। लीलाभरे हुए कामुक जिस्म वाली महिला थि।
लीला केँ पति कि मौतहुए पांचसाल हौ चुके थें, उसका पति बेहद पियक्कड़ औऱ नशेबाज किस्म कां व्यक्ति थां। लीला केँ दो बच्चे थें, बेटी कोमल, चौबीस साल कि, जोँ अपनी मम्मी केँ संगघऱ केँ काम संभालती थि, उसकी विवाह कि उम्र हौ चुकी थि औऱ बेटा लल्लू, इक्कीस साल कां, खेतों कां काम संभालता थां।
तभी बाहर् सें आवाज़ आई।
"लीला। बेहन, सो रही हैं क्याँ?"
आवाज़ सुनते हि लीला नें जल्द सें एक् पुरानी हल्की साड़ी कों अपने जिस्म पऱ लपेट लिया। फिन आंगन सें एक् छोटा सां लोटा उठाया, उसमें पानीभर लिया(शौच केँ बाद धोने केँ लिए) औऱ बिना किसी कों जगाए चुपचाप घऱ केँ पीछे केँ दरवाजे सें बाहर् निकलआई।
पीछे केँ दरवाजे पर्र रज्जो खड़ी थि, फिन लीला औऱ रज्जो दोनों खेत कि ओरचलदीं।
रज्जो, पैंतालीस साल कि, भरेहुए शरीर कि स्त्री थि, मंदिर केँ किनारे उसका छोटा–सां घर-मकान थां। रज्जो, लीला कि जीजी थि, उसका पति हरिया, पचाससाल कां, खेतीबाड़ी कां काम संभालता थां। बेटा जग्गू, उनतीस साल कां, शहर केँ थाने मे दारोगा थां। बहू फातिमा, चौबीस साल कि, गृहिणी थि। ननदी माधुरी, चालीस साल कि, देहात मे छोटा–सां ब्यूटी पार्लर चलाती थि।
खेत केँ किनारे पुरानां बांस कां झाड़ थां, वहांशौच केँ लिए मात्र महिलाएं आतीथीं, झाड़ केँ पीछे पहुंचकर दोनों नें इधर-उधर देखा, फिन साड़ी औऱ पेटीकोट ऊपर करके उकड़ू बैठगईं।
कुछ हि देर मे लीला कि बुर सें पेशाब कि तेजधार निकलने लगी।
“लीला। तेरी बुर तौ आज बड़ीतेज सीटीबजा रही हैं बेहन। रात कों खूब पानी पिया थां क्याँ जोँ बुर मे इतनी उथल-पुथल मची हुई हैं?”
“छोड़ो नाँ जीजी। जैसे तुम्हें तौ कुछपता हि नहि”
“बेचारी। अब तौ पांचसाल होँ गए तेरे पति केँ जाने केँ बाद, मै सोचती हूं कि तुँ कितना अकेलापन झेलरही हैं, अगरकोई औऱ होती तोँ ऐसे अपनी जवानी बर्बाद नहि करती”
“बहोत मुश्किल होँ रहा हैं जीजी.दिन तोँ किसीतरह कट जाता हैं काम मे, मगर रातें। कभी-कभी तोँ लगता हैं कि बसअब औऱ नहि, मगरफिन समाज केँ बारे मे सोचती हूं तौ डर लगता हैं, बैंगन वगैरह सें थोडा-बहोत काम चलाने कि कोशिश करती हूं मगर असली आनंद तोँ.”
"असली आनंद तोँ क्याँ बेहन? तुम्हारी तरफ मर्द कां लंबा, मोटा लंड चाहिए नाँ जोँ तेरी बुर केँ परखच्चे उड़ादे औऱ समाज कि परवाह मतकर, न् तोँ कोई तेरी खाने कों देरहा न् हि पहनने कों, तूँ अपनी जवानी कां मज़ा लेँ"
“जीजी। लज्जा आती हैं मगर क्याँ करूं? कहां सें लाऊं?"
“लीला। तूँ तोँ बिलकुल फूल-सि खिली हुई हैं तेरे एक् इशारे पऱ देहात केँ मर्द भूखे कुत्ते कि तरहलार टपकाते हुए तेरे पीछे–पीछे आएंगे। महिला हैं तूँ, मर्द कों अपनी उंगलियों पऱ नचा सकती हैं बस आरामसे कोशिश कर, कोई नं कोई मार्ग निकल आएगा। ”
“जीजी, आपकी बातें सुनकर तौ मे औऱ उलझ गई हूं। ”
“बेहन। कभी-कभी उलझन सें हि नया मार्ग निकलता हैं। चल, अबघऱ चलते हें, मुझे ब्रेकफास्ट रेडी करना हैं। "
"हां जीजी, मुझे भि बच्चों कों उठाना हैं। "
फिन दोनों साड़ी औऱ पेटीकोट नीचे करके अपनेघऱ कि ओरचल पड़ीं।
Lagta h kafi समयबादकुछ masaledar padhne के liye milega
story kaa setup mast h, title से hi ptaa chl raha h Leela iss story के lead role में h, waise too Leela swabhav से chudakkad lag rahi h khair abi उसका past clear नहीं h too कुछ comment krna theek नहीं
Baaki khet wala scene chota thaa लेकिन majaa aa गया
maira suggestion yahi rahega की story ko buildup karo और characters ko explore karo
Aage से update थोड़ाबड़ादेनाऔर dheere-dheere characters add krna और mujhse कुछ ideas चाहिए hu too dm mai personally, mein bi writer raha hun, you can explore my kahaniyan in pdf section
BSs ek baat Leela kee raasleela sirf uske Bete k sath hi hnaa chahiye. BAAP kee dharti jaydaad jarr aur joru par beta kaa adhikar hotha h. yeh dhyan mai rkh kr kahani likhna. koy 3rd person Leela k ghrr kee pratishta na loot sake
Raju
शुक्रिया मित्रों एपसोड पोस्ट कर दिया गय़ा हैं कृपया पढ़ने केँ बाद लाइक्स करें औऱ कमेंट्स मे अपने रिव्यूज जरूरी दें।
Ramya
So disappointed since last update koy reviews nahee aaye Still I have too se kee kahani complete karunga , pahle socha thaa kee 200 updates toh atleast likhunga lekin ab 50 updates main hi ek short kahani kee prakaar isko complete karunga
Varshaa
Badhia update bhay.accha kiya aapne joo thora mahaul bnaa rahe hu warna sidhe chudayi hu jati too majaa nahee ata.iintazaar rahegi agle update kee.