छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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तभी अलका ड्रिंक लेकरआई औऱ सबको इतना मस्त देखकर वोह मोटे लण्ड वाले सें बोलीं- “आपका झड़ने वाला हैं तौ अब आप् सरिता केँ मुँह मे अपना लण्ड डालिए…”
औऱ पाँचवा व्यक्ति उसकी स्थान सरिता कि बुर चोदने लगा। मोटे लण्ड वाले नें अपना लंबातना हुआ गीला लण्ड सरिता कों चूसने केँ लिएदे दिया औऱ वोँ उसे मुँह मे लेकर चूसने लगी। बस थोड़ी देर मे मोटे लण्ड वाले नें लगभग 100 एम॰एल॰ वीर्य सरिता केँ मुँह मे झाड़ दिया।
औऱ सरिता गपक करके सारा वीर्य पी गई,। अब वोँ अगला लण्ड चूसने कों सजधजकर थि जौ कि उसके मुँह मे समा चुका थां।
उधर अलका किचन सें एक् कटोरी मे थोड़ी चीनी लें आई।
अब उसने सरिता कि फिन सें पोजीशन चेंज करवा दि। अब सरिता कि गाण्ड मे फँसा खीरा बाहर् निकाला गय़ा जौ कि सरिता कि टट्टी औऱ खून मे सना थां। दर्द केँ मारे शायद सरिता कि टट्टी निकल गई, थि। अलका नें सरिता केँ नीचेफिन एक् व्यक्ति कों बैठा दिया औऱ सरिता कों उसका लण्ड अपनी गाण्ड मे लेने कों कहा।
सरिता बोलीं- “नहि प्लीज़्ज़… मेरी बुर मारलो मगरयह मुझसे नहि होगा, बहोत दुखरहा हैं…” अलका नें फिन सें डंडी उठाई औऱ सरिता कि ओर भागीमगर सरिता उसके अपनेपास पहुँचने सें पहले हि अपनी गाण्ड मे लण्ड लेँ चुकी थि।
अब एक् औऱ व्यक्ति सरिता कि खुली हुई टांगों केँ बीच खड़ा होँ गय़ा। अलका नें उसके लण्ड पऱ कंडोम चढ़ाया औऱ बोलीं- “आप् थोडा सां लण्ड अंदर घुसाओ, मे ऊपर सें चीनी डालती हूं…”
मे कुछसमझ नहि पाया औऱ नाँ हि मेरी रंडी बेहनकुछ समझपाई, मगर अलका औऱ वोह व्यक्ति दोनों मुश्कुरा रहे थें। अबउस व्यक्ति नें धीरे धीरे सरिता कि बुर कों चोदना शुरुआत किया औऱ अलका थोड़ी-थोड़ी चीनीऊपर सें डालने लगी।
औऱ बस अगले हि लम्हा सरिता कों पताचल गय़ा कि चीनी किसलिए डाली गई, थि। चीनी केँ दाने लण्ड केँ संग सरिता कि बुर कों अंदर सें रगड़ने लगे थें औऱ सरिता कि बुर अंदर हि अंदर सें फटरही थि। चीनी केँ दानों कि रगड़ सें उसकी बुर अंदर सें छिलने लगी औऱ सरिता ज़ोर-ज़ोर सें चिल्लाने लगी- “ओह्ह… औह्ह ओफ्फ… अफ्फ……हे मम्मी… बस-बस आहिस्ता प्लीज़्ज़, आहिस्ता चोदो मुझे…”
अलका बोलि- “चलअब गर्म होकर चुदवा। जितना तेरी बुर सें पानी बहेगा उतनी जल्द चीनीघुल जाएगी…”
सरिता बोलि- “हाँ… मे तोँ मस्त होकर हि चुदवा रही हूं अहह…एस… औऱ चोदो नाँ, मुझे रंडी बनाओ, खूब चोदो मुझे, अहह… अहह… मेरी गाण्ड मे भि चीनी डालो अलका, चोदो औऱ जोर सें चोदोअहह… अहह…”अब सरिता पूरी मस्त हौ चुकी थि औऱ अपने गैंग-बैंग कां पूरा मज़ा लेँ रही थि।
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एक् दम मस्त किस्सा हैं जौनपुर भइया
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अलका नें इसबार सरिता कों दो आदमियों केँ बीव मे सैंडविच कर दिया। नीचे वाला तोँ उसकी बुर लगातार माररहा थां औऱ अब चीनी कि रगड़ सें सरिता कि बुर सें खूनआने लगा। अलका नें उसकी गाण्ड केँ छेद पर्र थोड़ी चीनी डाली औऱ अब एक् नये बंदे नें कंडोम पहनकर सरिता कि गाण्ड मे अपना लण्ड धंसा दिया औऱ उसकी गाण्ड मारने लगा।
एक् औऱ आदमी सरिता केँ मुँह केँ पासबैठ गय़ा औऱ अपना लण्ड उसकेहलक मे दे दिया। सरिता कि बुर औऱ गाण्ड सें छप-छप-छप कि आवाज़ें आँ रही थि औऱ सरिता पूरी मस्त होकर ज़ोर-ज़ोर सें सिसककर रही थि- “उम्म…अहह… एस… औऱ जोर सें, औऱ जोर सें, अलका मज़ा आँ गय़ा… तुन्न्ने तौ मुझे रंडीबना दिया, अहह… मेरे मम्मे कों भि रगड़दो प्लीज़्ज़… अहह… मुझे वीर्य पिलाओ अहह…एस… एस… मेरी मम्मी…”
अगले हि लम्हा सरिता झड़ गई, औऱ उसकी बुर सें गाढ़ा सफेद वीर्य बह निकला, उधर अलका नें एक् प्लेट मे सब आदमियों कां वीर्य जमाकर लिया। सरिता कों चोदकर उसको फर्श पर्र फेंक दिया। अब सभी अपनी अपनी साँसें कंट्रोल कररहे थें, जबकि सरिता पूरीतरह सें पसीने औऱ वीर्य मे लिपटी हुईँ अब भि दर्द सें सि… सि… कररही थि।
10 मिनट हौ चुके थें, अब अलकाउठी औऱ उसने गाढ़े वीर्य सें भरी प्लेट सरिता केँ सामने रख दि औऱ बोलि- “कैसालग रहा हैं अब तुम्हारी तरफ…”
सरिता बोलीं- “आह्ह्ह… पूरी रंडीबना दियाआज तूने…”
अलका बोलीं- “लगरहा हैं नाँ अब तुम को कि तुँ रंडी हैं…”
सरिता बोलीं- “हाँ…अब तोँ ऐसा महसूस होँ रहा हैं जैसे मे बहोत बड़ी रंडी हूं…”
अलका बोलीं- तोँ लेँ चलूं तुम्हारी तरफ कोठे पऱ?
सरिता बोलीं- अबबचा हि क्याँ हैं कोठे केँ लिए?
अलकाहँस पड़ी औऱ बोलीं- “चलयह वीर्य खा…”
सरिता नें प्लेट कि तरफ देखा औऱ बोलि- “इतना सारा… औऱ प्लेट कों हाथ मे लेकर धीरे धीरे वीर्य प्लेट सें खानेलगी। थोड़ी हि देर मे वोह सारा वीर्य खा गयीँ, औऱ बोलि- “अहह… क्याँ औऱ चोदोगे अभि?”
यह देखकर मेरा लण्डफिन सें खड़ा हौ गय़ा औऱ मे भि उसको चोदने केँ लिए मचलने लगा।
सरिता नें ये सुनकर एक् लंबी साँसली औऱ बोलि- “दो-दो सें तौ मे मर जाऊँगी, मुझसे चला भि नहि जारहा, प्लीज अबबसकरो। तुम् जब भि बोलोगी मे फिन सें आँ जाऊँगी…” औऱ सरिता रोनेलगी।
मगर मे तौ उसकी गाण्ड मे दो-दो लण्ड घुसते देख्ना चाहता थां औऱ वहीहुआ। उन लोगों नें सरिता कि एक् नां सुनी औऱ उसकेहाथ बाँधकर उसकी गाण्ड मे दो-दो लण्ड घुसाए।
क्याँ बीती सरिता पऱ औऱ केसे उसने दो-दो लण्ड कि चुदाई सहनकरी यह मे अगलेभाग मे बताऊँगा औऱ हाँकिस तरह मैंने अपनी बेहन कों उन लोगों केँ संग मिलकर पीटा औऱ चोदायह भि बताऊँगा।
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***** END ख़त्म *****
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दोस्तों,
यह स्टोरी मुझे(नेट सें) यही तक मिली थि। यदि आपकेपास इसकेआगे कि कथा हैं तोँ शेयर करें।
शुक्रिया।
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चुदवाने गई हैं मेरी पत्नि
रविवार कां दिन थां, मे सवेरे सवेरे अपने ड्राइंग रूम मे बैठाहुआ ब्रेकफास्ट कररहा थां, अचानक मेरा साथी मयंक आँ गय़ा। मयंक मेरा पुरानां यार हैं औऱ जबकब हि मिलता हैं। उसकाघऱ हमारे घऱ सें बहुतदूर हैं। मैंने उसे भि नाश्ते मे शामिल कर लिया। ब्रेकफास्ट करते करते हम् बातें करनेलगे। खूब इधर-उधर कि बातें कि, मूड बिल्कुल फ्रेश हौ गय़ा।
उधर ब्रेकफास्ट भि समाप्त हौ गय़ा। हमने अपने-अपने हाथ धोये औऱ फिन सोफे पर्र धीरे-धीरे बैठकर बातें करनेलगे। दिन केँ लगभग 11:00 बज चुके थें। बातें कुछ पर्सनल औऱ गहरी होती गई।
अचानक मयंकपूछ बैठा- दोस्त मनोज, मीनाक्षी भाभी नहि दिखाई पड़रही हें, कहां गई हैं तेरी पत्नि?
मैंने कहा- चुदवाने गई हैं मेरी पत्नि।
“क्याँ कहरहे हौ दोस्त? कुछ तोँ लज्जा करो?”
“इसमें लज्जा कि क्याँ जरूरत हैं मेरेयार? ये तोँ हकीकत हैं। मेरी पत्नि चुदवाने हि गई हैं…”
“तौ कब वापस आएँगी भाभी?”
“साम तक जरूर आँ जायेगी…”
“तौ क्याँ बहोत दूर गई हें वोँ?”
“दूर नहि, बस नजदीक हि हैं, मगरउसे आजकई लोगों सें चुदवाना हैं…”
इतने मे डोरबेल बजउठी। मैंने दरवाजा खोला तोँ सामने एक् हसीनऔरत खड़ी थि।
वो बोलि- क्याँ मे मिस्टर मनोज सें मिल सकती हूं?
मैंने कहा- मैडम, मे हि हूं मनोज, आप् आईये औऱ अन्दर बैठिये।
वो इत्मीनान सें बैठ गई। मे उसकी हुस्न देखने मे मशगूल हौ गय़ा। गोरी चिट्टी बड़ी-बड़ी चूचियों वाली बड़ी-बड़ी आँखों वाली औऱ बेहद सेक्सी जिश्म वाली महिला कों मे देखे हि जारहा थां। मे अंदर हि अंदरसमझ तोँ गय़ा थां मगर मे उसकेमुख सें हि कुछ सुनना चाहता थां।
वो बोलीं- तोँ येसच हैं कि आप् हि मनोज हें?
मैंने कहा-हाँ मैम, बिल्कुल सच हैं, आप् काम बताईये?
वो बोलीं- “मे मिसेज़ सुषमा जैन हूं। मुझेमधु जैन नें आपकेपास भेजा हैं…” फिन उसने धीरे-धीरे सें कहा- “दोस्त मे तुमसे चुदवाने आई हूं…”
मैंने कहा-“हाँ हाँ, मे तौ आपका हि इंतजार कररहा थां। आप् शौक सें बैठिये, मे अभि आया…” मैंने पूछा- क्याँ पियोगी भाभीजी?
वो बोलीं- दोस्त व्हिस्की पिलाओ पहले।
मैंने उसे अपने मित्र मयंक सें मिलवाया।
वो भि खुश हुईँ।
हम् तीनों लोग शराब पानेलगे। सुषमा नें गिलास उठाया, चियर्स बोला औऱ एक् हि सांस मे गिलास पूरा खालीकर दिया। फिन उसने सिगरट मांगी औऱ पीनेलगी।
मयंक तौ बिल्कुल हैरत मे थां वो सोच नहि पारहा थां कि येसभी क्याँ हौ रहा हैं?
मैंने कहा- सुषमा दोस्त, ये मेरायार आज मेरेसंग रह सकता हैं न्? अगर नहि तोँ मे जाने कों कहे देता हूं?
वोँ अपने मुँह सें धुआं निकालती हुइ बोलि- “अबे भोसड़ी केँ, क्यूं जाने दोगेइसे? इसे यहींरखो… आज तुम् दोनों बहनचोद मिलकर चोदो मुझे। मुझे भि अच्छा लगेगा…” ऐसा कहकर उसने दूसरा गिलास भि खालीकर दिया औऱ मुझसे लिपट गई।
हम् दोनों नें भि उसीतरह दूसरा गिलास खालीकर दिया। दो-दोपैग शराब सबने एक् झटके मे पीली तौ नशा एकदम सें चढ़ गय़ा। मे जैन मैडम केँ शरीर सें खेलने लगा, उसे हरतरफ सें कपड़ों केँ ऊपर सें मसलने लगा।
मयंक मुझेदेख रहा थां।
मैंने उसेआँख मारी औऱ उससे भि लिपट जाने कों कहा।
उसने सीधे हमला उसकी चूचियों पर्र कर दिया।
सुषमा मेरा लण्ड टटोलने लगी औऱ जब मयंकआया तोँ उसका भि लौड़ा झंझोड़ने लगी। मे समझ गय़ा कि अबये बुरचोदी मैडम सुषमा जैनजोश मे आँ गई हैं। तौ मे उसे बेडरूम लें गय़ा, उसके एक्-एक् करके कपड़े उतारने शुरुआत किया।
वो बोलीं- “अब भोसड़ी केँ तुम् भि नंगे हौ जाओ। खोलो अपने-अपने लण्ड…” उसने हमारे कपड़े उतावले पन सें उतारदिए। एक् हाथ मे मेरा लण्ड लिया औऱ दूसरे मे मयंक कां… जितनी वो मस्त होतीजा रही थि उतने हि हम् लोग भि…
लण्ड दोनों केँ दोनों टन-टना कर खड़े हौ गये।
सुषमा बोलीं- वाउ कितने मस्ताने लौड़े हैं दोस्त? मधु नें जैसाकहा थां बिल्कुल वैसा हि हैं तेरा लौड़ा मनोज? दोस्त तुम् मधु कों पहलेचोद चुके होँ? उसकी चूत मे पेल चुके होँ अपना लौड़ा?
मे बोला-“हाँ भाभी, अपनेठीक कहा, मैंने पहले तौ कविता कों चोदा औऱ फिनउसी दिनये प्रोग्राम मैंने औऱ कविता भाभी नें हि बैठकर बनाया। आज मुझे ख़ुशी इसबात कि हैं ये प्रोग्राम पिछले एक् साल सें बहोत बढ़िया चलरहा हैं। लोग इसकामजा लेँ रहे हें…” ऐसा कहकर मैंने लण्ड सुषमा कि चूत मे पेल दिया औऱ चोदने लगा।
वो मयंक कां लौड़ा पीतेहुए चुदाने लगी।
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan - Kahani ab aur interesting hogi
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .