छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete desi kamuk kahaniyan Garma hot desi kamuk kahaniyan, jismein nangi family ke saath chudai, gang bang, aur suhaag raat ki kahaniyan hain. Mehsoos karein desi ladkiyon ke saath hot hot chudai ki kahaniyan, jismein unke badan ki tadi, chiknaai, aur chudai ki bhavnaon ko darshaya gaya hai.
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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उसने मुझे अपनी आँखों मे देखने कां कहा तौ मे उसकी आँखों मे देखकर कमर हिलारही थि। मुझे औऱ भि ज़्यादा आनंद आँ रहा थां। मुझेकोई होश नहि थां। मे सिर्फ़ जानती थि कि मेरे बुर मे उसका लण्ड तेजी सें अंदर-बाहर् होँ रहा हैं औऱ मेरी बच्चेदानी पऱ चोटकर रहा हैं, औऱ मेरा झड़ना फिन सें चालू होँ गय़ा- “ऊऊओह… आआअह्ह… म्म्म्ममह… सस्स्स्स्स्स्स… ऐसे हि… ऊऊऊओह… मे गईई… आआह्ह… मम्म्मम… उउफफफ्फ़…” पाँच मिनट मे मे दूसरी बारझड़ रही थि।
मुझे इतना आनंद आँ रहा थां कि उसको लफ्जों मे बयान करना मुश्किल हैं। मैंने अपनी बाहें उसके गिर्द कसलीं औऱ उसको अपनीतरफ घसीटकर पूरी शिद्दत सें चूमने लगी। औऱ संग-संग अपनीकमर उचकाने लगी।
थोड़ी देरबाद वोँ बोला- “मेडम, मेरी रखैल बनेगी…”
मे- “हाँ…” मेरे मुँह सें आवाज़ निकली।
“जिससे मे कहूंगा उससे चुदवाएगी…”
मे- “हाँ…”
साहिल- “अपनी गाण्ड मरवाएगी…”
मे- “हाँ…”
साहिल- “एक् संग 3 लण्डों सें चुदवाएगी…”
मे- “हाँ…”
इस बात पे सभी हँसने लगे।
तब मुझेहोश आया कि यह मे क्याँ कह गई हूं। इसपे मैंने शर्माकर अपना मुँह उसके सीने मे छुपा लिया। साहिल भि हँसने लगा। उसका लण्ड एक् मिनट मे 50-60 बार अंदर-बाहर् होँ रहा थां। 30 मिनट गुजर चुके थें। मे उसके धक्के खाकर बेहाल हौ चुकी थि औऱ मे कितनी बार झड़ी, यह भि याद नहि थां। लगभग 30 मिनट उसने मुझे औऱ चोदा। मेरी बुर तब तक बिल्कुल खुश्क हौ चुकी थि औऱ मुझेजलन महसूस होँ रही थि। मे उसको रुकने कों कहनेलगी क्योंकी मेरी बुर कां दर्द बढ़ने लगा थां मगर वोँ नहि रुका।
5 मिनट औऱ चोदने कबाद वोँ झड़ने लगा औऱ उसकी आवाज़ आई- “ऊऊऊओ… मेरी रांड मे झड़ने वालाआ… हूं… लेँ मेरा पानी… अपनी बुर मे… आआह्ह… सस्स्स्सस्स… म्म्म्ममह…” औऱ मेरी बुर मे कहींदूर जाकर झड़ा।
उसके झरने केँ संग हि मे एक् बारफिन झड़ गई। मेरी बुर लबालब भर गई। मुझे बहोत राहत महसूस हुइ औऱ बुर कि जलन बहोत कम हौ गई। क्योंकी उसके पानी नें मेरी बुर मे पानी कां काम किया।
वोँ लंबी-लंबी साँसें लेनेलगा।
मे उसकीपीठ कों सहलाने लगी। मे इससमय बिल्कुल बेहोशी कि हालत मे पड़ी थि। इतनी जानदार चुदाई केँ बाद मुझमें हिलने कि हिम्मत भि नहि बची थि।
मुझेऐसे लगा कि जैसे मेरी बुर बिल्कुल खाली होँ गई हैं। मेरी बुर सें उसका औऱ मेरा पानी आहिस्ता-आहिस्ता बाहर् गिरने लगा। 10 मिनट मे आँखें बंदकिए लेटीरही। मुझेकोई होश नहि थां कि कोई मेरे बारे मे क्याँ बातकर रहा हैं। फिन मैंने आँखें खोलीं औऱ उठनेलगी। मगर मे खड़ी नहि होँ सकती थि औऱ मेरी बुर फूलकर सूज गई थि।
मैंने डरी हुई नजरों सें उसकीतरफ देखा औऱ इनकार मे सिर हिलाया।
तभी वोँ बोला-“देख साली… तूनेकहा थां कि मे जिससे कहूंगा, तूँ उसी सें चुदवाएगी। अबयह ड्रामा बंदकर। वरना तुझेही बाँधकर तेरारेप कर देंगे। औऱ तेरी गाण्ड औऱ बुर मे 2-2 लण्ड घुसेंगे…”
मे चुप होँ गई क्योंकी मे जानती थि कि मुझे बचाने वालाकोई नहि हैं।
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***** END ख़त्म *****
Wait for next kahani
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
komaalrani wrote:गजब। क्याँ स्टोरी हैं, सुन्दर नैरेशन, औऱ शुरुआत सें अंत तक कथा मे टेंशन, ह्यूमिलयेशन कि मैंने कई कहानियाँ पढ़ीमगर यह सबसे मीलों आगे हैं। एक्शन केँ संग पात्रों केँ मनोभाव,
आपकीकथा कों एक् बार पढ़ने सें मन नहि भरता।
औऱ बस अगली स्टोरी कां इन्तजार शुरुआत होँ जाता हैं,
बहोत बढ़िया।
कोमलजी,
आप् दिल खोलकर प्रशंसा करती हें, जिसका जवाब नहि। लिखने कि इक्षा न् होने पर्र भि लिखने कां दिल करता हैं।
स्टोरी अच्छी लागी इसके लिये शुक्रिया।
Zara kaa Gangbang.pdf - 165 KB कां डाउनलोड लिंक नीचे हैं।
जौनपुर भइया आपने तोँ लट्ठगाढ दिया बहोत मस्त कहानियाँ पोस्ट कि हें आपने
update bhay ji we are waiting
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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गैंगबैंग_सरिता कां_Sarita kaa Gang Bang
क्या बात है दोस्तों,
यह एक् सच्ची घटना हैं जोँ लगभग 10 साल पहले हुईँ थि। उस वक्त मे फर्स्ट एअर मे थां औऱ मेरी बड़ी बेहन सरिता फाइनल एअर मे थि। कालेज देल्ही कां हि थां। बस इतना हिंट दूँगा कि गुंडागर्दी मे सबसे बदनाम कालेज हैं। कालेज मे बड़े सारे गुंडे थें औऱ उनमें सें एक् जीतू भइया सबसे बड़ा औऱ खतरनाक आदमी थां।
जीतू कि एक् बेहन थि जौ मेरी क्लास मे पढ़ती थि उसकानाम ज्योति थां। ज्योति औऱ मे अच्छे साथी थें औऱ अक्सर एक् संग कैंटीन मे गरमचाय पीने जाते थें। एक् दिन किसी नें जीतू भइया कों यहबोल दिया कि मे ज्योति सें फ्लर्ट करने केँ कोशिश कररहा हूं। बस जीतू नें मुझे क्लास सें बाहर् बुलवा लिया औऱ मुझे बहोत मारा। मेरे होंठों पर्र बहुतचोट आई।
बात मेरी बेहन सरिता केँ पास भि पहुँची औऱ वोँ मुझे लेकर सीधा जीतू जौ उससमय कैंटीन मे हि बैठा थां पहुँच गई,। मैंने अपनी बेहन कों बहोत समझाया कि जीतू बहोत बड़ा गुंडा हैं उसकेपास नहि जानां चाहिए, मगर उसने मेरीबात नहि सुनी।
मे आपकोयह भि बता देता हूं कि मेरी बड़ी बेहन अपनी पतला फिगर औऱ सुंदरता पऱ बहोत घमंड करती थि, औऱ सबसेतरी मे हि बात करती थि। उसकी इमेज एक् अरोगेंट लड़की कि थि, घऱ मे भि औऱ बाहर् भि। जब हम् वहा पहुँचे तौ जीतू अपनेकुछ दोस्तों केँ संग बैठा थां।
सरिता नें उससे पूछा कि उसने मुझे क्यूं मारा?
जीतू बोला-“चल अपनाकाम कर, मे लड़कियों केँ मुँह नहि लगता…”
पर्र सरिता नहि मानी औऱ जीतू कों दो-तीन इंग्लीश मे गालियां दे दि।
गालियां सुनकर जीतूसटक गय़ा औऱ उसने सरिता कों धक्का दे दिया, सरिता सरिता नीचे जमीन पऱ गिर गयीँ, औऱ गिरते समय उसकी दोनों टाँगें खुल गई, औऱ कमीजऊपर चढ़ गई,, उसकी सलवार कां नाड़ा तक नजर आँ रहा थां औऱ पतली सलवार मे उसकी डार्क कलर कि पैंटी भि दिखरही थि।
अबबात बहोत बाद गई, थि, जीतू कों क्रोध आँ गय़ा थां औऱ बोला- “साली मुझे थप्पड़ मारा तूने, आज तुम्हे तेरे भइया केँ सामने नंगा करता हूं। वोँ आगे बढ़ा हि थां कि जीतू कि एक् यार, जिसका नाम अलका थां औऱ जोँ कालेज कि सबसे बड़ी चुदक्कड़ लड़की थि, बीच मे आँ गई, औऱ जीतू कों रोकने लगी। इतने मे कुछ टीचर्स भि आँ गये औऱ मे औऱ सरिता वहा सें भाग निकले।
अगलेदिन अलका हमारे पासआई औऱ बोलीं- “तुम् दोनों हमेशा एक् संग हि रहना, नहि तोँ जीतूसच मे तेरी बेहन केँ संगकुछ गलतकर देगा…”
मगर सरिता फिन बोलि कि वोँ जीतू सें नहि डरती औऱ वोँ कुछ नहि कर सकता।
पऱ सरिता नें उसे नज़रअंदाज़ कर दिया औऱ अपना मुँहफेर केँ वहा सें चली गई,। कुछदिन बीते औऱ मे औऱ सरिता जीतू कों तकरीबन भूल हि गये औऱ सोचा शायद वोँ भि भूल गय़ा होगा सारी बातों कों।
मगर हम् दोनों गलत थें। उसदिन कालेज मे फेस्टिवल थां औऱ पूरा कालेज फेस्टिवल ग्राउंड मे थां। मे भि अपने ग्रूप केँ संग फेस्टिवल कां मज़ा लें रहा थां। उसदिन सरिता नें येल्लो कलर कि सलवार औऱ कमीज पहना थां। मे आपकोबता दूं कि सरिता एकदम गोरी, बाल काले लंबे औऱ 5’5” क़द कि एकदमफिट ट्रिम लड़की थि। उसकी चूचियां छोटी-छोटी थि मगर एकदम कटोर थि, उसकी गाण्ड एकदमगोल थि औऱ पेट एकदम फ्लैट थां। वोँ भि उसदिन अपने ग्रूप केँ संग हि थि।
उस वक्तदिन कां एक् बजा थां, कि अलका जोँ जीतू कि गर्लफ्रेंड थि मेरेपास आई औऱ मुझे साइड मे लें गई,। उसने जौ मुझसे कहा वोँ सुनकर मेरारंग उड़ गय़ा। अलका बोलि- “जीतू औऱ उसकेयार तेरी बेहन कों उठाकर कालेज कि ओल्ड बिल्डिंग केँ यूनियन रूम मे लें गये हें औऱ उसकोरेप करने वाले हें…”
मे एकदम अपनी बेहन कों बचाने केँ लिए भागा।
मगर अलका नें मुझेरोक दिया औऱ बोलीं- “अभि जाने कां कोई फायदा नहि क्यूँकि जब मे वहा सें आईतब तक वोँ सरिता कों ऊपर सें नंगीकर चुके थें औऱ अब तक तौ उसकाफुल सीनचल रहा होगा औऱ अगरऐसे मे तेरी बहना नें तुम्हारी तरफवहा देख लिया तोँ शायद वोँ शरम सें कुछकर नां लें…”
मैंने भि सोचा कि अलकासही कहरही हैं, पता नहि सरिता किस हालत मे होगी औऱ मे उसेउस हालत मे केसे देखूँगा? मगर मे फिन भि मे ओल्ड बिल्डिंग मे पहुंचा, पूरी बिल्डिंग एकदम खाली थि औऱ किसी लड़की केँ चिल्लाने कि आवाज़ें आँ रही थि। मे समझ गय़ा कि वोँ आवाज़ सरिता सरिता कि हि हें। मे बिल्डिंग कि छत पर्र चढ़ गय़ा औऱ उसरूम केँ वेंटिलेटर सें देखने लगा।
वोँ कुछ 7 लड़के थें, सरिता कां कुरता नीचे फर्श पर्र पड़ा थां औऱ उसकी ब्राकुछ दूर कोने मे। सरिता कों उन लोगों नें एक् टेबल पर्र खड़ीकर रखा थां औऱ वोँ एकदम टापलेस थि। वोँ रोरही थि औऱ जीतू सें हाथ जोड़कर माफी माँगरही थि। उसने अपनेहाथ सें अपनी छाती छुपारखी थि औऱ उसकी नंगीकमर पीछे सें एकदम चिकनी औऱ गोरीदिख रही थि, सरिता कि बेल भि एकदम खींची हुई थि औऱ क्यूंकी उसकी सलवार अभि भि उसकेऊपर थि, उसकी गाण्ड कां कटाव उसकी सलवार केँ नाते केँ ऊपर बहोत हाटलग रहा थां।
जीतू बियरपी रहा थां औऱ उसकोबोल रहा थां- “हम् कुछ नहि करेंगे अगर तुँ अपने आप् नंगी हौ जाएगी। चल सलवार खोल केँ दिखादे फिन तुम्हें जाने देंगे औऱ अगर तूँ 5 मिनट मे नंगी नहि हुई तोँ तुम्हारी तरफआज साम तक चोदेंगे कुतिया…”
सरिता नें कुछ सोचा औऱ सुबकते हुए बोलि- “क्याँ आप् सच मे मुझे जाने दोगे?”
जीतू बोला-“हाँ… साली, जल्दकर…”
सरिता नें अपनी छाती सें अपनेहाथ हटाए तौ उसकी छोटी-छोटी गोल-गोल, गोरी-गोरी चूचियां दिखने लगीं। पता नहि क्यूं मगर उसकोआधी नंगी देखकर मेरा लण्ड खड़ा होँ गय़ा औऱ मे वहीं बैठकर अपनी बेहन कों नंगी होते देखने लगा। उसके चूचुक कुछ डार्क ब्राउन कलर केँ थें औऱ एकदमतने हुए थें। वोँ आहिस्ता अपनी सलवार कां नाड़ा खोलरही थि। नाड़ा खुलते हि उसकी सलवार नीचेगिर गई, औऱ सरिता कि गोरी चिकनी सुडौल लंबी टांगें दिखने लगीं। उसने एक्-एक् करके अपनी टाँगें उठाई औऱ मुश्किल सें अपनीहाइ हील सैंडल सें सलवार कों आजाद किया।
वोँ अब सिर्फ़ ब्लूकलर कि स्ट्रिप्स वाली पैंटी मे 7 लड़कों केँ सामने खड़ी थि। जीतू उसकेपास आया औऱ उसकी टाँगों पर्र हाथ फेरने लगा।
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan - Kahani ab aur interesting hogi
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .