छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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सरिता रोतेहुए बोलि- “प्लीज… ऐसामत कीजिए, आपनेकहा थां कि आप् मुझे जाने देंगे…”
जीतू बोला- “साली तूँ पूरी नंगी कहां हुईँ हैं? तेरी पैंटी फाड़दूं याँ स्वयं उतारेगी?”
वोँ बोलि- “नहि, मे उतार देती हूं…”
अब सरिता नें अपनी पैंटी कि इलास्टिक मे अपनअ अंगूठा डाला औऱ धीरे-धीरे सें पैंटी कों नीचे खींचा। मेरी धड़कन बढ़ गयीँ,। अब उसकी पैंटी उसके एंड़ी मे थि औऱ उसका मुँह दूसरी तरफ थां जिसकी वजह सें मे उसकी बुर नहि देखपा रहा थां। अब वोँ पैंटी कों अपने सँडल्ज़ सें निकालने केँ लिए नीचे झुकी तोँ उसकीगोल गाण्ड एकदम मेरीतरफ बाहर् आँ गई, औऱ मैंने उसके छोटे सें पिंकिश गाण्ड केँ छेद कों देखा। पैंटी उतारने केँ बाद वोँ पूरी नंगी हौ गयीँ, औऱ अपने हाथों सें अपने शरीर कों छुपाने लगी। अब उसने रोनाबंद कर दिया थां।
यह सुनकर जैसे मेरे मुँह कि बातसच होँ गयीँ,। अब सरिता मेरीतरफ मुड़ी तौ उसके दोनों हाथऊपर होने कि वजह सें उसकी चूचियां औऱ गोल हौ गयीं, उसकी पसलियां उसकी चूचियां केँ नीचे सें उभरआई औऱ उसकीफिट कमर औऱ फ्लैट पेट पर्र उसकीबेल एकदम टाइट हौ गयीँ,, उसकी बुर पऱ बहोत थोड़ी झांटें थीं। पूरा घूमने केँ बाद वोँ बोलीं- “अब मे जाऊँ?
यह सुनकर सभी हँसने लगे।
औऱ इतने मे वहा अलका भि आँ गयीँ,। सरिता कों पूरी नंगी देखकर वोँ मुश्कुराई औऱ बोलि- “हुउंण… अच्छी लगरही हैं, तूँ कपड़े क्यूं पहनती हैं। मैंने तुझेही बोला थां नाँ कि तेरेसंग कुछ होने वाला हैं। अबदेख अपने आपको केसे नंगी खड़ी हैं सबके सामने। तेरे भइया कों बूलाऊँ क्याँ?”
यह सुनकर सरिता नें हाथ जोड़दिए औऱ बोलि- “प्लीज… अलका, ऐसा मत करना…”
अलका जीतू केँ पास गई, औऱ बोलि- “मे तौ सोचरही थि कि अब तक तौ इसकी दबाकर चुदाई चलरही होगीमगर तुम् लोगों नें इसको सिर्फ़ नंगा किया हैं, क्याँ सिर्फ़ इतनी हि सजा दोगेइसे?”
जीतू बोला- “इसने जौ सबके सामने मुझे स्लैप किया थां इसलिये इसको पहले नंगी हि बाहर् लें जाऊँगा औऱ फिन इसको अपनी रंडी बनाऊँगा…”
यह सुनकर सरिता डर सें काँपने लगी, औऱ जोर-शोर सें रोनेलगी, संग हि वोँ टेबल सें उतरकर रूम केँ कोने मे पहुँच गयीँ,।
अलका केँ कहा-“चल सरिता, चलना तोँ तुम को पड़ेगा हि। तुम्हें मैंने बहोत समझाया मगर तूँ मानी नहि, आज तोँ वैसे भि कैंटीन मे बहोत भीड़ हैं नंगी लड़की देखकर सबको मज़ा आएगा…” औऱ वोँ सभी उसको नंगी हि बाहर् लें जानेलगे।
इस पर्र सरिता नें अपने आपको कों उनके हवाले कर दिया औऱ बोलि- “सुनो प्लीज… मेरीबात सुनो… तुम् जोँ मेरेसंग करना चाहते हौ यहींकर लोमगर मुझेऐसे बाहर् मत लें जाओ…”
अलका बोलीं- “पक्का… जोँ भि करना चाहते हें कर लें?”
सरिता बोलीं- “हाँ…”
अब अलका नें कहा- “तौ फिनठीक हैं… अगर तूनेफिन किसी भि काम केँ लिये नाँ कहा तोँ कालेज केँ बाहर् तक मुँह काला करके लें जाएँगे…” फिन जीतू सें कहा- “जीतू दोस्त, यहींकर लें मगर करियो जरा मस्ती सें इतनी सेक्सी लड़की मैंने भि पहलीबार देखी हैं…”
अब जीतू नें सरिता कों बालों सें पकड़ा औऱ उसे फर्श पऱ रंडियों कि तरह फेंक दिया। औऱ बोला-“चल टेबल पर्र चढ़जा औऱ कुतिया बनजा…”
सरिता जल्द सें चढ़ गयीँ, औऱ डागी स्टाइल मे झुक गई,। पऱ उसको चुडाई केँ लिए पोजीशन बनानी नहि आती थि इसलिये अलका अपनी स्थान सें उठी औऱ वोँ उसकी पोजीशन ठीक करवाने लगी। उसने उसकेहाथ थोड़े सें आगे कों पुशकिए औऱ उसकी कोहनी तक उसकेहाथ टेबल सें सटादिए। अब उसकी पतलीकमर एक् कर्व मे आगे कि तरफझुक गयीँ, औऱ उसकी गाण्ड थोड़ी औऱ ऊपरउठ गई,। अब अल्को पीछेआई औऱ उसके घुटनों कों थोडा खोल दिया औऱ उसको अपनी गाण्ड औऱ उठाने केँ लिए बोला। सरिता पूरी रंडियों कि तरह उसकीसभी बातें मानरही थि।
सरिता अब कुतिया केँ जैसे टेबल पर्र बैठी थि उसकी छोटी-छोटी चूचियां नीचेलटक गयीँ, थीं औऱ उसकी गाण्ड ऊपरउठ गई, थि। उसकी गाण्ड थोड़ी सि खुल गई, थि औऱ उसकी गाण्ड कां बहोत छोटा पिंक टाइटछेद उसके गोरे चूतड़ों मे अबसाफ दिखरहा थां। उसकी छोटी सि नाजुक कुँवारी बुर भि बाहर् कों निकलआई थि औऱ चुदवाने केँ लिए सजधजकर थि।
अब अलका नें अपनी एक् उंगली उसकी बुर मे डाली औऱ उसकोऊपर कि तरफ खींचा तौ सरिता उतने मे हि चिल्ला पड़ी। अलका बोलि- “बस…अब हिलियो मत, एकदमठीक पोजीशन हैं…” फिन वोँ अपने स्थान वापिस आँ गयीँ,।
सरिता पूरी नंगी थि औऱ अब पूरीतरह सें अपनी ज़िंदगी कि पहली चुदाई केँ लिए एकदम सजधजकर थि। उधर जीतू औऱ उसके साथी भि अपनी पैंट उतार चुके थें औऱ अपने-अपने लण्ड कों खड़ाकर रहे थें। सबसे पहले जीतू सरिता केँ मुँह कि तरफ गय़ा औऱ उसकी चूचियां मसलने लगा। दूसरे हाथ सें उसने अपना लण्ड बाहर् निकाल लिया जोँ एकदम लोहे कि रोड कि तरह खड़ा थां औऱ लगभग 9 इंच लंबा औऱ 1½ इंच मोटा थां।
सरिता उसको देखकर घबरा गई,।
जीतू बोला-“चल मेरा लण्ड मुँह मे डाल औऱ अच्छे सें इसकी सफाईकर दे…” औऱ वोँ अपना लण्ड उसके होठों पऱ रगड़ने लगा।
सरिता नें यहाफिन गलतीकर दि औऱ उसने अपना मुँह मोड़ लिया।
अब जीतू कों औऱ क्रोध आँ गय़ा। उसने अलका कों बुलाया औऱ कहा- “अलका, यह साली रांड़ लण्ड नहि चूसरही हैं जरा इसकेहाथ पकड़…”
अलका नें सरिता केँ हाथ पकड़लिए औऱ इससे पहले सरिता औऱ मे भि कुछसमझ पाते, जीतू नें अपनी बेल्ट केँ दो फोल्ड किए औऱ सरिता कि छोटी सि गोरी औऱ कमसिन गाण्ड पऱ बेल्ट कि बरसात कर दि। सरिता अब चिल्लाने लगी-“अया… उऊःअहह… आईईई…अहह… बसमाफ करदो आआअह्ह… मां उफ्फ…”
अब अलका बोलीं- “देख, अब मानजा कि तुँ रंडीबन गई, हैं औऱ वैसे भि रंडी बनने मे कोईकसर बाकीरही नहि। अब जल्द सें सबके लण्डचूस…”
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xyz wrote:update bhay ji we are waiting Thanks, Next kahani "गैंगबैंग_सरिता कां_Sarita kaa Gang Bang" bes thofi der mai. .
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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सरिता नें भि अब अपनी गरदन हिला दि औऱ अबफिन सें सजधजकर हौ गई,। उसकी गाण्ड अभि भि एकदमलाल थि। अब जीतू पूरा नंगा होके अपना 9” कां मोटा लण्ड लेकर उसके मुँह केँ सामने खड़ा थां औऱ मेरी सरिता नें अपना पूरा मुँहखोल दिया। लण्ड उसके मुँह मे समा गय़ा औऱ वोँ धीरे धीरेउसे चूसने लगी।
अब अलका नें बाकीबचे लड़कों सें कहा-“अरे वोँ लड़की अपनी बुर निकालकर बैठी हैं तुम् मे सें कोई उसकी बुर चाटना नहि चाहता?”
बसफिन क्याँ थां सबकेसभी सरिता पर्र टूट पड़े औऱ उसको चारों औऱ सें घेर लिया। एक् नें उसकी बुर कों पीछे सें चाटना शुरुआत किया औऱ क्यूंकी पहलीबार किसी नें सरिता कि बुर कों चूसा थां तोँ उसने अपनी गाण्ड औऱ बुर कों थोडा सां अंदर सिकोड़ लिया औऱ दूसरे हि समयफिन बाहर् छोड़ दिया।
अलका भि आँ गई, औऱ सरिता कि गाण्ड कों सहलाने लगी औऱ उसको बोलि- “शाब्बास बहोत जल्दसीख रही हैं, वैसे हि इतना नाटककर रही थि। बस अभि मज़ाआने लगेगा…” औऱ उसने उसके मुँह सें जीतू कां लण्डछीन लिया औऱ जीतू कां लण्ड ज़ोर-ज़ोर सें चूसने लगी।
जीतू नें अलका कों दूर फेंक दिया औऱ बोला- “साली, पहले इसको चोदने दे, तुम को तौ रोज हि चोदता हूं…”
अब तक सरिता केँ मुँह मे एक् औऱ लण्डजा चुका थां औऱ दूसरा लड़का उसकी बुर मे अपनी गर्मजीभ सें सफाईकर रहा थां। अब सरिता भि गर्म होनेलगी थि औऱ उसकी बुर सें पानी बाहर् आनेलगा थां। उसका पूरा जिस्म डर औऱ उत्तेजना सें काँपरहा थां। वोँ शायद अपने आपकोऐसी हालत मे सोचकर गर्म हौ रही थि औऱ अब उसकीठरक उसकी लज्जा केँ उपरचढ़ चुकी थि।
अब वोँ घड़ी आँ गयीँ, थि जिसका मे बेसब्री सें प्रतीक्षा कररहा थां।
जीतू नें सबको पीछे किया औऱ अपने बड़े सें लण्ड कों सरिता कि गर्म औऱ गीली बुर पर्र रखा दिया। सभी लोग सरिता केँ मुँह कि तरफदेख रहे थें। जीतू आरामसे अपना लण्ड बुर केँ ऊपर रगड़रहा थां औऱ सबकी साँसों कि आवाजें ज़ोर-ज़ोर सें कमरे मे गूँजरही थि। सरिता अब भि काँपरही थि औऱ लंबी-लंबी साँसें लें रही थि। वोँ एकदमडरी हुई थि औऱ उसने टेबल कों कसकर पकड़रखा थां औऱ अपनी आँखें बंदकर रखी थि। जीतू उसकी बुर सें मानोखेल रहा थां औऱ सरिता हर लम्हा औऱ टरकी होतीजा रही थि।
अलका नें उसके मुँह मे सें लण्ड बाहर् निकल दिया औऱ बोलीं- “देख, अब तेरी बुर कि चुदाई शुरुआत हौ रही हैं औऱ तेरा परदा भि टूटेगा, इसलिये चिल्लैयो मत… दर्द तोँ होगामगर थोड़ी देर हि… बसअब जीतू भइया अंदर डालेंगे, ठीक हैं…”
औऱ सरिता नें अपनी साँसरोक ली औऱ हाँ मे सिर हिलाया औऱ टेबल कों कसकर पकड़ लिया। सभी लोग ध्यान सें सरिता कां मुँहदेख रहे थें। सभीलोग चुप थें औऱ सरिता कि पहली चुदाई केँ झटके कों देखने केँ लिए बेताब थें। जीतू नें उसकीकमर पकड़ी औऱ धीरे-धीरे सें अपने लण्ड कां टोपा उसकी बुर मे घुसा दिया।
सरिता जोर सें चिल्लाई- “ओह्ह… मम्मी आह…” औऱ टेबल कों कस केँ पकड़ लिया। उसके चेहरे पर्र सलवटें पड़ गई, औऱ उसने अपने होंठ दाँतों मे दबालिए।
अब जीतू नें दूसरा धक्का मारा औऱ उसकाआधा लण्ड बड़ी मुश्किल सें उसकी छोटी सि बुर मे घुस गय़ा। जीतू भि दर्द सें बेचैनी उठा औऱ उसकी भि अह्ह निकल गयीँ,।
मेरा लण्ड भि फटने वाला हौ गय़ा। सरिता कां दर्द सें बुराहाल थां औऱ वोँ जीतू कां लण्ड निकालना चाहती थि मगर अलका नें उसकेहाथ पकड़रखे थें। सरिता केँ पूरे शरीर पर्र पसीने कि बूंदे उभर गयीँ, उसने शायद इतना दर्दकभी नहि सहा थां।
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***** too be Contd।.*****
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
komaalrani wrote:
Jaunpur wrote:.
अलका भि आँ गई, औऱ सरिता कि गाण्ड कों सहलाने लगी औऱ उसको बोलि- “शाब्बास बहोत जल्दसीख रही हैं, वैसे हि इतना नाटककर रही थि। बस अभि आनंदआने लगेगा…” औऱ उसने उसके मुँह सें जीतू कां लण्डछीन लिया औऱ जीतू कां लण्ड जोर-शोर सें चूसने लगी।
सरिता जोर सें चिल्लाई- “ओह्ह… मां आह…” औऱ टेबल कों कस केँ पकड़ लिया। उसके चेहरे पर्र सलवटें पड़ गयीँ, औऱ उसने अपने होंठ दाँतों मे दबालिए।
अब जीतू नें दूसरा धक्का मारा औऱ उसकाआधा लण्ड बड़ी मुश्किल सें उसकी छोटी सि बुर मे घुस गय़ा। जीतू भि दर्द सें उतावलापन उठा औऱ उसकी भि हम्म निकल गई,।
मेरा लण्ड भि फटने वाला होँ गय़ा। सरिता कां दर्द सें बुराहाल थां औऱ वोँ जीतू कां लण्ड निकालना चाहती थि मगर अलका नें उसकेहाथ पकड़रखे थें। सरिता केँ पूरे जिस्म पर्र पसीने कि बूंदे उभर गई, उसने शायद इतना दर्दकभी नहि सहा थां।
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .