फैंटेसी या षडयंत्र - बदला चुदाई – New Episode
साहिल केँ जाने केँ लगभगआधे घंटेबाद मे घऱआया औऱ साजिया नें स्माइल केँ संग मेराफिन सें स्वागत किया। मे थोड़ी आहिस्ता बैठाहुआ टेलीविज़न देखता रहा औऱ साजिया मेरेलिए गरमचाय लेकर आँ गई।
नासिर नें गरमचाय कां कप लिया औऱ बोला:"आज साम कों खाने कां क्याँ करना हें ? कहीं बाहर् चले क्याँ ?
साजिया:" जैसी आपकी मर्जी, रोज खानां हि तोँ बनाती हु। आज थोडा आराम भि मिल जायेगा।
नासिर:" अच्छा फिनआज साम बाहर् हि खायेंगे। दोस्त मे आज बिलाल भइया सें मिला थां औऱ कुछ सामान लेना हें मुझे उनसे, मुझे पांचलाख रुपए चाहिए जौ मैने पिछले साल तुम्हे दिए थें।
साजिया मेरीबात सुनकर कांप सि गई औऱ उसके माथे पर्र पसीना साफछलक उठा औऱ बोलि:"
" अच्छा हान तुमने दिए तौ थें। मगरबीच बीच मे खर्च होतेरहे औऱ कुछ मैंने गरीबों केँ लिए कंबल खरीदलिए थें। अभि देखती हूं कितने बचे हें।
इतना कहकर साजिया अंदरचली गई औऱ मे हैरानी सें देखता रहा कि कितनी आसानी सें वोँ मुझसे झूठ बोलके चली गई। मुझेसमझ नहीं आँ रहा थां कि किसतरह उससे कहूं कि दोलाख रुपए तुमने साहिल कों देदिए हें। मे सभीकुछ जानता थां औऱ मेरेपास साजिया कि साहिल कों पैसे देतेहुए वीडियो भि थि मगर मे नहीं चाहता थां कि अभि साजिया कों घऱ मे लगेहुए कैमरे कां पताचले इसलिये खामोश रहना हि बेहतर समझा।
थोड़ी देर केँ बाद साजिया आई औऱ उसकेहाथ मे कुछ रुपए थें औऱ मेरीतरफ देती हुई बोलि:"
" लोयह हि बचे हें बस। गिनती करके देखो एक् बार कितने हें
मे जानता थां कि साजिया एक् भि पैसाकभी खर्च नहीं करती औऱ यह पक्का तीनलाख हि बचे होंगे मगरफिन भि दिखावे केँ लिए गिनने लगा। मे नोटगिन रहा थां औऱ साजिया चेहरे पर्र तकलीफ़ केँ भावलिए हुए मुझेदेख रही थि। जैसे हि मैने गिनती पूरीकरी तौ साजिया सें बोला:"
" अरेयह तोँ केवलतीन लाख हि बचगए हें। बड़ा खर्चकर दिया तुमने इसबार।
साजिया हल्का सां घबरा गई औऱ फिनभाव दिखाते हुए बोलीं:"
" अब मैंने किसी कि सहायता हि करी हैं। आखिर अपना इतना किसके लिए कमाते होँ।
नासिर" सहायता करना अच्छी बात हें मगरआगे सें इतनी ज़्यादा किसी कि सहायता करने सें पहले मुझसे पूछ लेना क्योंकि बुरे वक़्त मे कोईसंग नहि देता।
मैंने करीबबात कों ख़त्म करतेहुए कहा औऱ साजिया कों भि यहसही मौकालगा औऱ मुझसे लिपट गई औऱ मेरागाल चूमकर बोलि:"
" आप् बेफिक्र रहिए। आगे सें मे बिना आपकी मर्जी केँ कोईकाम नहीं करूंगी।
नासिर नें भि बात कों ख़त्म किया औऱ साजिया कों एक् स्माइल देकर अपने कमरे मे चला गय़ा औऱ पैसों कों अपनी अलमारी मे रखकरलॉक लगा दिया। नासिर नें अपनी एक् नजर कैमरे पर्र डाली औऱ चैन कि सांसली कि आज कैमरे कि सहायता सें उसकेतीन लाख रुपएबच गए नहीं तौ साजिया साहिल कों यहतीन लाख देने सें भि पीछे नहि हटती।
साम हौ गई थि तोँ मे बाहर् हॉल मे आया तोँ देखा कि साजिया पूरीतरह सें रेडी होँ गई थि औऱ उसने एक् बेहद कि कसी हुई ड्रेस पहनरखी थि जिसमे उसके बड़े बड़ेगोल गोल कठोर बूब्स पूरीतरह सें कसकर बाहर् कि तरफ निकले हुए थें। पूरीतरह सें कयामत, मे सोच भि नहीं सकता थां कि साजिया इतनेकसे हुए औऱ मॉडर्न कपड़े भि पहन सकती हैं। साजिया पूरीतरह सें सजधजकर थि औऱ अपनी एक् सेल्फी लेनेलगी।
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मे समझरहा थां कि साजिया कों ऐसे कपड़ो मे देखकर लोग पागल होँ जाएंगे औऱ हौ सकता हें कि घऱ वापिस आने तक यहकोई नया आशिक औऱ नं बना लेँ। मे तोँ पहले हि एक् सें परेशान थां औऱ बिलकुल नहि चाहता थां कि फिन सें कोई नहीं मुसीबत खड़ी हौ इसलिये थोडा हिम्मत करके बोला:"
" साजिया वैसे तुम् इन कपड़ो मे लग तौ अच्छी रही होँ मगर तुम्हे नहीं लगता क्याँ कि यह कपड़े कुछ ज़्यादा हि फंसगए हें तुम्हारे बदन पर्र आज।
साजिया नें मुझेगौर सें देखा औऱ फिन एक् स्माइल देतेहुए बोलीं:"
" आप् भि नां पहले तौ मुझे स्वयं ऐसे कपड़े पहनने केँ लिए बोलते थें औऱ अबपहन रहीहु तौ तुम्हे उसमे भि दिक्कत हैं। आखिर तुम् चाहते क्याँ होँ ?
साजिया कां लहजा थोडा कड़वा होँ गय़ा औऱ आज वोँ पहलीबार आप् सें तुम् पऱ उतरआई थि। मैने हिम्मत करकेकहा:*
" मे तौ कुछ नहीं चाहता। बसयह हि कहरहा थां कि यह कपड़े क्याँ सही रहेंगे ?
साजिया कां मूड खराब होँ गय़ा औऱ गुस्से सें बोलि:"
" तुम् नां पता नहि केसे होँ गए हौ हुए हौ ? रुको मे एक् काम करतीहु कि यह कपड़े हि उतार देतीहु।
इतना कहकर वोँ अपना त्रिया दिखाते हुए अंदर जानेलगी तोँ मैनेउसे रोक दिया क्योंकि मे उसे नाराज नहि करना चाहता थां औऱ बोला:"
" प्लीज दोस्त, ऐसे क्रोध मतकरो। अच्छे लगरहे हें कपड़े। बसअब चलते हें।
मेरे एक् बार बोलने कि देर थि औऱ साजिया बिलकुल शांत होँ गई मगरफिन भि मुझ पर्र दबाव बनाते हुए बोलि:"
" इसबार मान जातीहु। आगे सें ज़्यादा रोकटोक करी तौ मुझसे बुराकोई नहीं होगा।
मे क्याँ बोलता।
इतना कहकर वोँ बाहर् निकल गई औऱ मे भि उसकेसंग हि आँ गय़ा औऱ हम् दोनोशहर मे किसी अच्छे बड़े होटल कि तरफचल पड़े। रास्ते मे साजिया चुप हि रही औऱ जैसे हि हम् कार सें बाहर् निकले तौ उसकी चूचियां फिन सें तन गई। साजिया नें मेरीतरफ देखा औऱ एक् पतला सां स्टॉल अपने सीने पऱ डाल दिया औऱ बोलि:"
" देखोअब सभीठीक हें नाँ।
मैने साजिया कि तरफ देखा औऱ राहत कि सांसली क्योंकि अब पहले केँ मुकाबले उसकी चूचियां काफ़ी हद तक ढक गई थि। मैने साजिया कों एक् स्माइल दि औऱ
जल्द हि हम् एक् बड़ेमॉल केँ बाहर् खड़ेहुए थें जहां कां खानां सबसे ज़्यादा मशहूर थां। हम् अंदर आँ गए औऱ साजिया नें अपनेफोन सें एक् नम्बर मिलाया औऱ बोलीं:"
" साहिल हम् आज मॉडर्न मॉल मे आँ गए हें। तुम् एक् काम करना यहींउतर जानां, घऱ पर्र कोई नहीं होगा।
मे समझ गय़ा कि इसने साहिल कों मोबाइल किया हैं। इसका मतलब इसकेपास उसका नंबर भि आँ गय़ा। मुझे अगले हि समय अपनीसोच पऱ हंसी आँ गई कि साजिया जिससे पिछले दोदिन सें जी भरकरचुद रही हें भला उसका इसकेपास नहीं तोँ औऱ किसके पास होगा।
खैर हम् अंदरचले गए औऱ मैंने स्टार्टर केँ लिए एक् छोटा सां ऑर्डर दिया। साहिल भि आँ गय़ा तौ उसे देखते हि साजिया फूल सि खिलउठी। मुझेयह सभीदेख कर अंदर हि अंदर बेहद क्रोध आँ थां मगर मेरी साजिया कों अबकोई परवाह हि नहि थि। वोँ आया औऱ मेरेपास हि सीट पर्र बैठ गय़ा तौ साजिया बोलि
" अरेकोई दिक्कत तौ नहीं हुइ तुम्हे आने मे ?
साहिल: नहींबस बस पकड़कर सीधे यहींउतर गय़ा।
साजिया: अच्छा शमा कैसी हें ? घऱ मे केसे हें सभी ?
इसीबीच स्टार्टर आँ गए थें तौ मे बोला:"अरे भइयाअब खाने पऱ ध्यान दो। बाकी बातेघऱ जाकर भि कर लेना।
मेरीबात सुनकर दोनो झेंप सि गएमगर फिन भि साहिल बोल हि पड़ा:"
" सभी अच्छे हैं। औऱ शमा बाजी बिलकुल ठीक हें। आपकेलिए उन्होंने मिठाई भेजी हैं।
थोड़ी देर तक शांति छाईरही औऱ हमने सबनेसंग मे स्टार्टर ख़त्म करदिए। उसकेबाद थोड़ी देर केँ लिएउपर घूमने कां प्लान बना औऱ सबउपर कि तरफचल पड़े। सब मर्दों कि निगाहे साजिया पर्र टिकी हुईँ थि औऱ हम् एक् हॉल मे बैठगए जहांअब हल्के हल्के म्यूजिक कि आवाज़ आँ रहीथीं।
साजिया:" यहां म्यूजिक भि बजता हैं ?
साहिल:" अरे म्यूजिक नहि यहां डिस्को बार होता हें जिसमे आजकल केँ लड़के लड़कियों औऱ भाभी भि डांस करनेआती हैं यहां।
साजिया कि आंखे हैरत सें खुल गई औऱ बोलीं:" क्याँ सच मे यहां डांस होता हें जैसा फिल्मों मे दिखाया जाता हैं ?
साहिल:" हानसच मे बिलकुल वैसा हि होता हैं बल्कि उससे भि कहीं अच्छा क्योंकि फिल्मों मे तोँ एक्टिंग होती हें जबकि यहांसच मे होता हैं।
साहिल कि बात सुनकर साजिया नें नासिर कि तरफ देखा औऱ बोलीं:"
" चलो न् नासिर, मुझे डांस दिखाओ नां, मेरा बहोत मन हें यहसभी सच मे देख्ना कां।
नासिर साजिया कों नाराज नहि करना चाहता थां औऱ वैसे भि डांस देखने मे कोई बुराई नहि थि तोँ वोँ साजिया केँ संगचल पड़ा औऱ पीछे पीछे साहिल भि। नासिर नें टिकटलिए औऱ अंदरचले गए। साजिया देखरही थि तौ अंदर अधिकतर जोड़े हि थें तोँ तेज आवाज़ म्यूजिक मे जोरजोर सें डांसकर रहे थें। फ्लोर पर्र पड़ती रंग बिरंगी लाइट मे सब बेहद सुंदर लगरहे थें औऱ साजिया केँ पेर मानो अपने आप् हि थिरकने लगे। उसने नासिर कां हाथ पकड़ लिया औऱ बोलि:"
" आओ नाँ हम् भि डांस करते हैं देखो नां कितनी मस्ती कररहे हें सभी यहां।
नासिर उसकेसंग डांस फ्लोर भि चला गय़ा औऱ साहिल साजिया कों हसरतभरी निगाहों सें देखने लगा। नासिर कों डांस नहींआता थां मगर साजिया कि खुशी केँ लिए उसकेसंग थिरकने लगा। डांस करतेहुए साजिया बारबार नजरे बचाकर साहिल कों देखकर स्माइल कररही थि जोँ देखकर नासिर कों बेहद बुरालग रहा थां। अभि कुछ मिनट हि हुए थें नासिर कां मोबाइल बजउठा औऱ वोँ बोला:"
" मे थोड़ी देरबाद आताहु। जरुरी फोन हैं।
साजिया:" फिन मेरा क्याँ, मै किसके संग डांसकरू ? साहिल कों बुलालूं क्याँ फ्लोर पऱ ?
नासिर कों बुरा तोँ लगामगर वोँ शोर नहीं चाहता थां इसलिये बोला:" जैसे तुम्हे ठीकलगे करो। नए प्रोजेक्ट केँ लिएकॉल आई हें। मे बाद मे आताहु।
इतना कहकर नासिर बाहर् निकल गय़ा औऱ साजिया नें एक् कामुक स्माइल केँ संग साहिल कों इशारा किया तोँ वोँ खुशी खुशी उसकेपास आँ गय़ा औऱ दोनो डांस करनेलगे। साजिया अब बेहद खुशी महसूस कररही थि औऱ दोनो एक् दूसरे कां हाथ पकड़ पर्र डांसकर रहे थें। जान बूझकर साजिया नें अपने सीने पर्र सें दुपट्टा हटा दिया औऱ उसकी बड़ी बड़ीगोल गोल उभरी हुइ चूचियां उसके नाचने सें उछलने लगी औऱ साहिल नें साजिया कां हाथजोर सें दबा दिया तौ साजिया नें उसे स्माइल दि औऱ तभी फ्लोर पर्र लाइटकम होतीचली गई औऱ म्यूजिक भि बेहद रोमांटिक होकर धीमा होँ गय़ा औऱ वहां मौजूद जोड़ो नें एक् दूसरे कों अपनी बांहों मे भर लिया औऱ डांस करनेलगे। साजिया स्वयं हि साहिल कि बांहों मे समा गई औऱ उसकी चूचियां उसके सीने मे घुस गई। नासिर अंदर आँ गय़ा थां औऱ अपनी पत्नि कों साहिल कि बांहों मे देखकर उसकेतन शरीर मे आगलग गई मगरचाह कर भि कुछ नहींकर सकता थां। दोनो पूरीतरह सें एक् दूसरे कि आंखो मे देखते हुए मदहोश हौ गए थें औऱ किसी कि कोई फिक्र नहि थि। साहिल केँ संग उसकीकमर पर्र थें औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे सहलारहे थें जिससे साजिया जोश मे आकर अपनी चूचियां उसके सीने पऱ रगड़रही थि। नासिर अपनी पत्नि कि हिम्मत पर्र हैरान होँ रहा थां कि साजिया इतनी भीड़ मे भि साहिल केँ संग कितनी मस्ती कररही थि। साहिल केँ हाथअब साजिया कि गांड़ पर्र थें औऱ हल्के हल्के सहलारहे थें औऱ साजिया नें अब पूरीतरह सें मदहोश होकर अपनासिर साहिल केँ कंधे पर्र टिका दिया मानो अपने आपको पूरीतरह सें उसके हवाले कर दिया थां। साहिल अब खुलकर उसकी गान्ड मसलरहा थां औऱ साजिया कि नजरमुझ पऱ पड़ी तोँ उसने नाचने कां एक्सक्यूज़ करते करते अपनेसिर कों उसके कंधे पऱ सें हटा लियामगर उससेअलग नहीं हुईँ औऱ मुझे स्माइल करतेहुए नाचने लगी। थोड़ी देर केँ बाद लाइट औऱ म्यूजिक बंदहुआ औऱ साजिया कां दुप्पटा फ्लोर पर्र हि गिर गय़ा थां। दोनो पूरीतरह सें उत्तेजित थें औऱ मे नहीं होता तौ अब तक साजिया चुद गई होती। मे काउंटर पर्र बिल भरनेलगा भीड़ ज़्यादा थि तोँ मे लाइन मे लग गय़ा औऱ देखा कि साजिया औऱ साहिल दोनो गायब थें। मैनेइधर उधर देखामगर दोनो कहीं नहि दिखाए दिए तौ मे समझ गय़ा कि दोनो कहीं रोमांस कररहे होंगे। अभि थोडा टाइम लगना थां क्योंकि मेरे सामने लाइन मे अभि भि चार याँ पांचलोग थें। मैने अपनेफोन कों वाहन केँ कैमरे सें जोड़ा तोँ मेरी आंखे हैरानी सें चमकउठी।
पार्किंग मे खड़ी हुइ वाहन केँ अंदर साजिया अपनी सलवार उपरकिए हुएसीट पऱ झुकी हुई थि औऱ साहिल उसकी बुर चाटरहा थां औऱ मस्ती सें सिसकरही थि औऱ तभी साहिल नें अपने लन्ड कों उसकी बुर पऱ रखकरजोर सें धक्का मारा तौ साजिया सीट पऱ गिर पड़ी तौ सुविधा केँ लिए साजिया नें अपने हाथो कों सीट पऱ टिका दिया औऱ साहिल नें एक् बार धक्का मारा तौ लन्ड साजिया कि बुर मे घुस गय़ा औऱ साजिया दर्द औऱ मजे सें कराहउठी औऱ साहिल नें बिना रुकेदे दनादन उसकी बुर कों पेलना शुरुआत कर दिया। पार्किंग मे कार केँ अंदर मेरी पत्नि पूरीतरह सें बेखौफ होकरचुद रही थि। दोनो पूरीतरह सें पहले हि गरम हौ हुए थें इसलिये साजिया कि पहले सें हि पानी पानी हुई बुर अधिकदेर नहि टिक गई औऱ वोँ सिसकते हुएझड़ गई। बुर कि गर्मी पाकर साहिल कां तड़पता हुआ लन्ड भि पिघल गय़ा औऱ जोरदार धक्के केँ संग वोँ भि झड़ता चला गय़ा। दोनो नें अपने कपड़े ठीककिए औऱ मेरा प्रतीक्षा करनेलगे।
मेरा नंबरआया तोँ मे बिल देकर बाहर् निकलआया तोँ दोनो बिलकुल नॉर्मल बर्ताव कररहे थें मानोकुछ हुआ हि नहीं होँ। वाहन लेकर मे घऱ कि तरफचल पड़ा औऱ दोनो एक् दूसरे कों मेरी नजरो सें बचकर स्माइल देरहे थें औऱ इसका मतलब पूरीतरह सें साफ थां कि दोनो हि इस जल्द मे हुई चुदाई सें पूरीतरह सें संतुष्ट नहि थें औऱ घऱ जाकर पूरीरात बिस्तर तोड़ने वाले थें।
फैंटेसी या षडयंत्र - बदला चुदाई – New Episode
लगभग 11 बजे तक सभीघऱ पहुंच गए औऱ मे औऱ साजिया बेडरूम मे लेतेहुए थें जबकि साहिल अपनेरूम मे चला गय़ा थां। मुझेसमझ नहीं आँ रहा थां कि साजिया कों किसतरह सहीराह पर्र फिन सें वापिस लायाजाए। साजिया नें प्रेम दिखाते हुए अपनेसिर कों मेरे कंधे पऱ टिका दिया औऱ बोलि:"
" आप् आज नाराज थें जब मैंने वोँ ड्रेस पहनी ?
नासिर:" हान नाराज तोँ थां, तुम्हे स्वयं हि सोचना चाहिए कि तुम्हे क्याँ पहनना चाहिए औऱ क्याँ नहि ?
साजिया बिलकुल शांत थि इसलिये मेरे बालो मे उंगली घुमाते हुए प्रेम सें बोलि:"
" आप् हि तोँ मुझेऐसी ड्रेस मे देख्ना चाहते थें। फिनअब आपको बुरा क्यूं लगरहा हैं ? मे आपकोआज तक ठीक सें समझ नहींपा रही हूं।
नासिर:" दोस्त मे शायदउस टाइमबहक गय़ा थां। औऱ फिनआज केँ तुम्हारे कपड़े कुछ अधिक हि कसेहुए थें। देखा तुमने केसेलोग तेरीदेख रहे थें।
साजिया:" हान देखा थां मैंने सभी मुझे हि देखरहे थें। आपकीबात सच हुई कि सभी मुझे देखकर पागल होँ जाएंगे।
नासिर:" वोँ तोँ होने हि थें, एक् तोँ तुम् हौ इतनी हसीन औऱ उपर सें तुम्हारा जिस्म लोगो कों दीवाना बनारहा थां। मगरआगे सें ऐसे कपड़े मत पहनना तुम्।
साजिया हल्की सि हंसी औऱ बोलि:" क्यूं आपकोडर लगता हैं कि मे किसी औऱ केँ चक्कर मे आपको छोड़ दूंगी।
नासिर साजिया कि उसे छोड़ने कि बात सुनकर अंदर तक कांपउठा। उसकीरूह तक साजिया केँ जुदा होने कि बात सें सहम सि गई औऱ साहिल बोला:*
" बस साजिया बस, आज केँ बादफिन कभीऐसी बातमत करना, मे जानता हूं मेरी साजिया मुझेकभी नहीं छोड़ सकती।
साजिया नें मेरे होंठचूम लिए औऱ बोलीं:" कभी नहीं औऱ किसी भि कीमत पर्र नहि।
नासिर अपनी पत्नि कि बात सुनकर खुशहुआ औऱ उसे अपनी बांहों मे भर लिया तोँ साजिया भि स्वयं उसके आगोश मे चली गई औऱ बोलि
:" बसचलो अबसोजाओ। फिन सुभह आपको जल्द उठना भि होगा दफ़्तर केँ लिए।
मुझे भि साजिया कि बातठीक लगी औऱ सोने कि कोशिश करनेलगा। आज मैने अपनी टांग कों साजिया कि टांग केँ उपर चढ़ाकर रख दिया थां ताकिअगर वोँ जाए तोँ मुझे नींदखुल जाए।
थोड़ी देर तक बिलकुल खामोशी छाई राही औऱ साजिया हल्का सां हिली औऱ उसने अपनेफोन कि ब्राइटनेस बिलकुल कम करके मोबाइल कों बैटरी सेवर मोड़ पर्र लगा दिया ताकि मुझे किसी भि तरह कि कोई आवाज़ नं सुनाई दे। फिन साजिया एक् तरफ करवट लेकर मोबाइल मे लग गई औऱ मुझेसमझ नहीं आँ रहा थां कि अभि थोड़ी देर पहले केवल मेरी होने कां दम भरने वाली साजिया इतनीरात कों किससे चैटकर रही थि। मैनेजान बूझकर खर्राटे लेने शुरुआत करदिए औऱ थोड़ी देरबाद हि साजिया नें बेहद धीरे-धीरे सें मेरापेर हटा लिया मानो नींद मे करवट लें रही होँ। मे खामोशी सें पड़ारहा औऱ साजिया धीरे-धीरे सें उठी औऱ दबेपैर फिन सें कमरे सें बाहर् निकल गई। मेरा साजिया पर्र बना सारा यकीनफिन सें समाप्त हौ गय़ा। बाहर् हॉल कि लाइटबंद थि औऱ साहिल केँ कमरे कि भि तौ मुझे साहिल औऱ साजिया दोनो हि नजर नहि आँ रहे थें। थोड़ी देर केँ बाद हि फिन सें मुझे साजिया कि मादक सिसकियां औऱ कराह सुनाई दि तोँ मेरेकान फटेजा रहे थें। जितनी जोर सें साजिया सिसकरही थि उससे कहीं ज़्यादा जोर सें मेरादिल टूटरहा थां। अब मैंने पूरीतरह सें सोच लिया कि आज केँ बाद साजिया कों सही रास्ते पऱ लाने केँ लिए मे सभीकुछ करूंगा। एक् बातसाफ थि कि अब उसकीसमझ मे कुछ नहींआने वाला थां औऱ साजिया मेरी प्रेम कि भाषा भि नहीं समझने वाली थि। साहिल नें भि मेरेसंग धोखा किया हें औऱ उसे भि मे नहीं छोड़ने वाला। मेरी आंखो सें आंसु नहीं बल्कि अंगारे बरसरहे थें औऱ बदन कां रोमरोम बदले कि आग मे जलरहा थां। साजिया कि सिसकियां अब मेरे इरादो कों औऱ मजबूत कररही थि। मैनेसोच लिया कि आज अंतिम रात हें जितनी मस्ती करनी हैं करलो क्योंकि कल सें तुम्हे मे कोई मौका नहि दूंगा।
अगलेदिन सुभह मे लेट सोकरउठा औऱ जल्द सें सजधजकर होकर मे साहिल कों अपने मित्र लेकर दफ़्तर आँ गय़ा। साहिल दूसरे कमरे मे थां औऱ मैने सबसे ज़्यादा फैसला किया कि साहिल कों अपनेघऱ सें बाहर् निकाल दूंगा ताकि साजिया उससेमिल नाँ सके। मगर इसकेलिए मुझे किसी अच्छे बहाने कि जरूरत थि औऱ मे उसी दिशा मे सोचरहा थां।
पूरेदिन काम करने केँ बाद मे साम कों घऱ पहुंच गय़ा। फ्रेश होकर जैसे हि खानां खानेलगे तौ सामने बैठी हुइ साजिया पर्र मेरीनजर पड़ी तौ मुझे एक् झटका सां लगा। उसकेकान मे सोने कि दो जोड़ी बालियां होती थि जबकि अभि केवल एक् हि दिखरही थि। मे उससे पुछा:*
" अरे साजिया तुम्हारी कानो कि बाली कहां चली गई ? केवल एक् हि दिखरही हैं।
साजिया मेरीबात सुनकर कांप सि गई औऱ उसके चेहरे पर्र एक् केँ बाद एक् रंगआए औऱ गए। उससे ज़्यादा बुराहाल साहिल कां थां जिसके माथे पऱ साफ पसीना छलकरहा थां। मुझेसमझ आया कि बाली साजिया नें साहिल कों दि हें मगर क्यूं।
साजिया नें चौंकते हुए अपनेकान छुए औऱ अपने चेहरे पर्र हैरत लातेहुए बोलि:"
" ओह मेरे अल्लाह, मेरी बाली कहां चली गई ? कल तक तौ थि मेरेकान मे।
मुझे उसकी एक्टिंग साफसमझ आँ रहीथीं। तभी साहिल बीच मे बोल पड़ा
" कहींघऱ मे हि गिर गई होंगी। मिल जायेगी सफाई करतेहुए आपको।
मैनेकुछ नहींकहा औऱ खानां खाकर अपनेरूम मे आँ गय़ा औऱ कल सें अब तक कि कैमरे कि सारी रिकॉर्डिंग देखने लग गय़ा तौ मेराशक सही निकला औऱ साहिल बोलारहा थां कि आपकी बाली बेहद हसीन हें शमा बाजीकब सें ऐसी बाली केँ लिएसोच रही हैं मगर पैसे नहीं होने केँ कारण नहि बनापा रही हें। उसकीबात सुनकर साजिया स्वयं हि अपने कानो सें बाली निकालकर उसेदे देती हैं कि लो मेरीतरफ सें शमा कों तोहफा कर देना।
यहसभी देखकर मैंने अपनासिर हि पीट लिया। गहनों कों महिला अपनीजान सें अधिक प्रेम करती हें औऱ मे पहली महिला देखी जौ आपके गहने अपने दोस्त पऱ लूटारही थि। अब एक् बात बिलकुल शीशे कि तरहसाफ थि कि मेरीसोच सें बहुत ज़्यादा दूर निकल गई थि। साजिया कों सही रास्ते पऱ लाना बहोत ज़्यादा मुश्किल थां औऱ यह अभि नहि हौ कभी नहीं जैसे हालात थें।
थोड़ी देर केँ बाद साजिया साजिया वापिस आँ गई औऱ उसकेहाथ मे दूध कां एक् ग्लास थां औऱ दूसरा ट्रे मे जोँ यकीनन साहिल केँ लिए थां। उसने मुझेदूध कां ग्लास दिया औऱ बोलीं:"
" आप् दूध पियो मे साहिल कों दूध देकरआती हु।
मे अब साजिया कों कोईढील नहीं देना चाहता थां इसलिये बोला:"
" जाओ जल्द देकर आनां। एक् कामकर देना साहिल कां सामान फिन सें गेस्ट रूम मे सेटकर देना।
साजिया जाते जातेपलट औऱ बोलि:" क्यूं क्याँ होँ गय़ा ? यहीठीक तौ हैं कोई गेस्ट आँ गय़ा तौ बाद मे दिक्कत होगी।
मे जानता थां कि साजिया कां यही उत्तर होगा क्योंकि गेस्ट हाउसहॉल सें जाती हुई गैलरी केँ बिलकुल आखिरी सिरे पर्र थां औऱ साजिया केँ लिएरोज वहां चुदने जानां आसान नहि होता औऱ फंसने कां खतरा थां। जबकि बराबर कां रूम सीधेहॉल मे खुलने केँ कारण वोँ पूरीतरह सें बच सकतीथीं।
नासिर:" अरे दोस्त, आता हि कौन हें हमारे पास ? फिनकोई आया भि तोँ बाद मे देख लेंगे।
साजिया नें अधिकबहस करनाठीक नहि समझामगर बात कों घुमाते हुए बोलि:"
" ठीक हें कर दूंगी। मगर अभि तौ काम सें थक गई हु तोँ कलदिन मे आहिस्ता कर दूंगी।
इतना कहकर वोँ बाहर् निकल गई। मे समझ गय़ा थां कि साजिया बहाने बनाकर निकल गई थि। साजिया कम सें कमआज तोँ जी भरकर बिनाडर केँ चुद सकतीथीं। वोँ साहिल केँ रूम मे चली गई औऱ उसेदूध दिया औऱ दुःखी सि बैठ गई तौ साहिल बोला:"
" क्याँ हुआ मेरीजान दुःखी क्यूं हें लगरही हैं इतनी ?
साजिया:" क्याँ बताऊं दोस्त लगता हें नासिर कों हम् पर्र शक हौ रहा हैं, बोलरहा हैं कि तुम्हे गेस्ट रूम मे सोने केँ लिए शिफ्ट करदू।
साहिल परेशान सां होँ उठा औऱ बोला:" दोस्त यह तौ सच मे बहोत सोचने वालीबात हें मेरीजान। मगर तुम् स्त्री हौ उसे अपनी अदाओं सें बहका सकती होँ। तुम् उससे नाराज हौ जाओ तोँ वोँ फिन तुम्हारी कोईबात नहींटाल सकता हें।
इतना कहकर साजिया कों उसने अपनी बांहों मे भर लिया औऱ साजिया भि उससे लिपट गई औऱ बोलीं:" तुम् चिंता मतकरो। मे कोशिश करतीहु कि उसे बहला फुसलाकर मनालू।
साहिल:" हान क्योंकि रोजरोज तौ तुम् गेस्ट रूम मे चुदने नहीं आँ सकती थि आधीरात कों।
इतना कहकर उसने साजिया कि गांड़ कों मसल दिया तौ साजिया जोर सें सिसकउठी औऱ उससेछूट कर बोलि:"
" अच्छा अभि चलतीहु। रात कों आऊंगी। बाली केँ लिए क्याँ बोलूं उसे ?
साहिल:" दोस्त मे तुम्हे वापिस दे दूंगा। उसेबोल देना कि मिल गई घऱ मे हि गिर गई थि।
साजिया गुस्से सें:" पागल हौ क्याँ तुम्, एक् बार उपहार करी हुई चीज वापिस नहीं लेँ सकती। अब तौ शमा मेरे सहेली केँ संगसंग तुम्हारी बेहन भि तौ हैं।
साहिल:" अच्छा जी, फिन एक् काम करते हें उससेबोल देना कि रात शायदमॉल मे कहींगिर गई होंगी।
साजिया:" हानयह ठीक रहेगा। अच्छा अब मे चलतीहु। रात कों आऊंगी।
इतना कहकर साजिया बाहर् आँ गई औऱ मे यहसभी देखकर पागल सां होँ गय़ा थां। साजिया इतनी अधिकबदल सकती हैं मे सोच भि नहीं सकता थां। अब जोँ भि थां वोँ मेरे सामने थां जिसका मुझसे सामना करना थां।
थोड़ी देर केँ बाद साजिया आँ गई औऱ मेरेपास लेट गई। वोँ स्वयं हि मुझसे लिपट गई औऱ बड़ा प्रेम दिखाने लगी तौ मे समझ गय़ा कि मुझ पर्र डोरेडाल रही हैं। वोँ बड़े प्रेम सें मेरी छाती सहलाते हुए बोलीं:"
" नासिर मुझे लगता कि मे भि कितनी अधिक लापरवाह होतीजा रही हूं। मेरेकान सें बाली निकल औऱ मुझेपता नहि चला।
नासिर:" थोडा ध्यान रखाकरो। आजकलपता नहीं कहां खोई रहती होँ तुम्।
साजिया कों उसकी उम्मीद केँ मुताबिक दिलासा भरा जवाब नहीं मिला तौ उसे हल्की सि निराशा हुइ मगर स्माइल करतेहुए बोलि
" अच्छा जीअब तुम् भि डांटलो मुझे। बस यही बाकीरह गय़ा थां कि सोने कि बालियों केँ लिए तुम्हारी डांट खानी पड़े।
नासिर अंदर हि अंदरसोच रहा थां कि कितनी अधिक शातिर हें उसकी पत्नि जोँ एक् एक् शब्दसोच समझकर बोलरही हैं। नासिर कड़े लफ्ज़ों मे बोला:"
" बात पैसे कि नहीं लापरवाही कि हैं। अगरऐसे हि हुआ तोँ सोचो हम् कितना नुकसान होँ सकता हैं। तुम् पहले तोँ ऐसी न् थि हर एक् चीज कां ध्यान रखती थि।
साजिया उसकीबात सुनकर समझ गई कि आज नासिर सच मे उससे बेहदखफा हें तौ प्रेम नहीं तोँ क्रोध सें काम करना चाहिए इसलिये बोलि:"
" ठीक हें मेरी गलती हैं मगर तुम्हे सोचना चाहिए कि तुम्हे अपनी पत्नि सें केसेबात करनी चाहिए। यह क्रोध मुझेमत दिखाओ।
नासिर तौ पहले सें हि सभीजान चुका हैं कि साजिया यहीसभी करने वाली हें तोँ उसेलाल लाल आंखो सें घुरकर साजिया कों देखा औऱ बोला:"
" गलती करोगी तोँ ऐसे हि बात करूंगा समझी। मेरेपास पेड़ नहीं हें पैसे कां कोई।
साजिया:" बस बहोत हौ गय़ा। अब मे तुमसे बात नहीं करूंगी। सोजाओ गुड नाईट।
इतना कहकर साजिया नें उसकीतरफ सें करवटली औऱ लेट गई। नासिर भि दूसरी तरफ करवट लेकरलेट गय़ा औऱ मुस्कराने लगा कि यहीसही तरीका हें इसेफिन सें लाइन पर्र लाने कां। नासिर अगर थोडा सां भि कमजोर पड़ जाता तौ साजिया उस पऱ हावी होँ सकती थि। वहीं साजिया सोचरही थि थोड़ी देर मे नासिर सो जायेगा औऱ वोँ आहिस्ता साहिल केँ लन्ड पर्र उछलेगी। मगरउसे क्याँ पता थां कि नासिर उसेअब कोई मौका नहि देगा। लगभगआधे घंटे तक बाद नासिर जान बूझकर खर्राटे मारने लगी औऱ साजिया कि बुर मे हलचल सि हुई। साजिया धीरे-धीरे सें उठनेलगी तोँ नासिर करवटबदल करलेट गय़ा औऱ उसकेउपर एक् पांवरख दिया तोँ साजिया एकदम शांत हौ गई औऱ मन हि मन नासिर कों गालियां देनेलगी कि कमीना अभि तक सोया नहीं हैं शायद।
पूरीरात यही लुका छिपी कां खेल चलतारहा औऱ साजिया चाहकर भि कमरे सें बाहर् न् निकलपाई औऱ गहरी नींद मे चली गई। नासिर भि अब आहिस्ता सो गय़ा। दूसरी तरफ साहिल भि रातभर करवट बदलता रहा।
ऐसा अगलेकई दिन तक चलतारहा औऱ साजिया कों मजबूरी मे साहिल कां रूम गेस्ट रूम मे बदलना पड़ा। साजिया अब पूरीतरह सें परेशान थि औऱ उसेसमझ नहि आँ रहा थां कि नासिर ऐसा क्यूं कररहा हैं। क्याँ उसेमुझ पर्र शक होँ गय़ा हैं, नहीं नहींऐसा नहि हों सकता। अगर ऐसा होता तौ तोँ अब तक मुझसे लड़ चुका होता याँ मारपीट कर गय़ा होता। इसकेसंग हि उसकेबदन मे आग बढ़ती जारही थि औऱ साहिल कां लन्ड उसे बेहदयाद आँ रहा थां।
एक् दिन साहिल दफ़्तर सें जल्द निकल गय़ा औऱ सीधेघऱ पहुँचा भि नहीं थां कि नासिर नें अपने एक् साथी कों घऱ पर्र वाईफाई लगाने केँ लिएभेज दिया ताकि दोनो अकेले नं रहसके।
साहिल अपनेदिल मे उमंगे लिए जैसे हि घऱआया तौ वाईफाई वाले कों देखकर उसकेसभी अरमान धरे केँ धरेरह गए। साजिया औऱ साहिल दोनो बेबस सें एक् दूसरे कों देखरहे थें मगरचाह कर भि कुछ नहि कर सकते थें।
लगभगसात बजे तक वाईफाई वाला अपनाकाम ख़त्म करके जाने वाला थां औऱ नासिर जाम मे फंस गय़ा तौ अब उसकेलिए दिक्कत थि क्योंकि लगभगआधे घंटे तक साजिया औऱ साहिल दोनो अकेले रह जाते। नासिर नें अपनामन लगाया औऱ साजिया कां मोबाइल बजउठा। नासिर कां मोबाइल थां उसने उठाया तौ नासिर बोला:"
" अरे साजिया मैने वाईफाई वाले कों भेजा थां। लग गय़ा क्याँ?
साजिया:" हानलग गय़ा।
नासिर:" एक् काम करनाउसे अच्छे सें गरमचाय पिला देना। मेरेखास यार कां रिश्तेदार हें वोँ। मे भि बस पहुंच हि रहा हूं।
इतना कहकर नासिर नें मोबाइल काट दिया औऱ साजिया गुस्से सें अपने पांव पटकते हुए रसोई कि तरफबढ़ गई जबकि साहिल भि दुखी थां क्योंकि उसका कीमती टाइम निकलता जारहा थां।
अंततः जैसे हि वाईफाई वाला बाहर् निकला नासिर घऱ केँ अंदरघुस गय़ा औऱ साजिया कां मूड पूरीतरह सें खराब होँ गय़ा। साहिल अपने कमरे मे चला गय़ा औऱ नासिर अपने लैपटॉप पर्र काम करनेलगा। साजिया कों समझ नहीं आँ रहा थां कि पिछले कुछ दिनों सें उसेकोई मौका नहि मिलरहा थां साहिल सें मिलने कां, साहिल कां रूम भि गेस्ट रूम मे चला औऱ नासिर कों उसकी बाली औऱ दोलाख रुपए गायब होने कां केसे इतनी जल्दपता चल गय़ा साजिया कों समझ नहीं आँ रहा थां। कहींऐसा तौ नहि घऱ केँ अंदर उसने कमरे लगवादिए हैं। यह ख्याल मन मे आते हि साजिया केँ दिमाग़ मे खतरे कि घंटीबज उठी क्योंकि अगरऐसा हैं तौ अब तक नासिर कों सभीपता चल गय़ा होगा कि उसकी पत्नि साहिल सें चुदरही हें। साजिया यह सोचकर घबरा गई औऱ उसका पसीना छूट गय़ा।
उसरात साजिया बिलकुल आहिस्ता सोई औऱ नासिर खुश थां। नासिर केँ दफ़्तर जाने केँ बाद साजिया जान बूझकर घऱ कि सफाई करनेलगी औऱ सफाई केँ बहाने उसेहॉल मे लगा एक् छोटा सां कैमरा एसी केँ अंदरनजर आया तौ साजिया कां पसीना छूट गय़ा। साजिया कैमरे कों अनदेखा करकेसब स्थान कि सफाई करनेलगी। थोड़ी देर केँ बादउसे समझआया कि रसोई, बाथरूम कों छोड़कर बाकीसब स्थान कैमरे लगेहुए थें औऱ नासिर उसकीहर एक् हरकतदेख रहा थां। साजिया पागल सि हौ गई औऱ रसोई मे घुस गई औऱ अपना पसीना साफ किया। उसने अपनाफोन निकाला औऱ साहिल कों मोबाइल करकेसभी बता दिया तोँ साजिया सें ज़्यादा धुवां उसकी गांड़ सें निकल पड़ा।
साहिल नासिर केँ संग डरते डरतेघऱ आँ गय़ा औऱ साजिया भि बेहद परेशान लगरही थि। खानां खाकर नासिर अपने कमरे मे चला गय़ा औऱ साहिल साजिया कां पास रसोई मे। दोनो नें लगभगदो मिनटबात करी औऱ उसकेबाद साजिया सोने केँ लिए आँ गई। रात मे लगभग 2 बजे सारेघऱ कि लाइटबंद थि। साहिल नें मैन सप्लाई कों बंद करकेसब सब कैमरे बंदकर दिए औऱ फिन सारे कैमरे कों निकाल कर अपने तोड़ दिया औऱ उनकी रिकॉर्डिंग चिप अपनेपास रखली औऱ अपने कमरे मे जाकर विडियो देखने लगा।
फैंटेसी या षडयंत्र - बदला चुदाई – New Episode
साहिल जैसे जैसे वीडियो देखरहा थां वैसे वैसे उसका पसीना छूटरहा थां क्योंकि उसकी औऱ साजिया कि चुदाई कि वीडियो भि थि। साहिल नें वीडियो पूरी नहि देखी औऱ डर औऱ परेशान होकरफोन कों बंदकर दिया औऱ सोने कि कोशिश करनेलगा मगर नींद नहि आँ रही थि। उसे मालूम पड़ गय़ा थां कि नासिर उन दोनो केँ बारे मे सभीजान गय़ा हें औऱ किसी भि समयकुछ भि होँ सकता हें। नासिर नें जान बूझकर उसकारूम गेस्ट हाउस मे शिफ्ट कर दिया ताकि वोँ साजिया सें दूररह सके।
साहिल कां पसीना छूटरहा थां औऱ उसेबस बचाव कां एक् हि मार्ग नजर आँ रहा थां कि वोँ वापिस अपनेघऱ चलाजाए। नासिर एक् पैसे वाला व्यक्ति थां औऱ साहिल केँ संगकुछ भि कर सकता थां इसलिये साहिल बुरीतरह सें डर गय़ा थां।
साहिल नें आखिरी निर्णय किया कि सुभह वोँ साजिया कों यहचिप देकरचला जायेगा। डर केँ मारे साहिल पूरीरात नहींसो सका। अगले दिन सुभहजब नासिर सोकरउठा तौ देखा कि साजिया उसकेपास हि लेटी हुई थि।
नासिर नें रात मे साजिया साहिल सें मिली याँ नहि यह देखने केँ लिए जैसे हि फोन कों कैमरे सें जोड़ा तोँ उसेकुछ नजर नहींआया तौ उसने अपने कमरे मे लगे कैमरे कि तरफ देखा तोँ कैमरा गायब थां। नासिर कों यकीन हि नहि हुआ औऱ बदहवास सां बाहर् आँ गय़ा औऱ हॉल मे देखा तौ वहां भि कैमरा नहीं थां। उसने सारेघऱ मे देखा नहींकोई कैमरा नहीं मिला तोँ नासिर कों यकीन हौ गय़ा कि जरूर साजिया औऱ साहिल दोनो नें मिलकर रात सारे कैमरे हटादिए। नासिर कों सबसे अधिकदुख इसबात कां थां कि कैमरे केँ संग उसकेपास सें रिकॉर्डिंग चिप भि चली गई औऱ अब उसकेपास साजिया औऱ साहिल केँ खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहि थां। ( कार कां कैमरा अभि नासिर भूल गय़ा थां )।
नासिर बेहद परेशान थां क्योंकि उसेसमझ नहि आँ रहा थां कि साजिया नें अगर कैमरे केँ बारे मे पूछा तौ वोँ उसे क्याँ जवाब देगा। नासिर नहाने केँ लिएचला गय़ा।
साजिया भि उठ गई थि अपनेकाम मे लगी हुईँ थीं। तभी उसकेपास मौका देखकर साहिल आया औऱ उसने साजिया कों कैमरे केँ मारे मे बताया औऱ चिप भि साजिया कों दे दि। नासिर उसकेबाद बोला:
" मे आज वापिस अपनेघऱ आँ रहा हूं औऱ फिनकभी वापिस नहि आऊंगा। यहचिप मे कुछ वीडियो हें आप् देख लेंगी तोँ सभी समझा आँ जायेगा।
इतना कहकर साहिल वापिस अपने कमरे मे चला गय़ा।
नासिर नहाकर आया औऱ उसने साजिया कों देखामगर साजिया बिलकुल सामान्य दिखरही थि तोँ नासिर आहिस्ता अपने कमरे मे चला गय़ा औऱ रेडी होनेलगा।
थोड़ी देर केँ बाद तीनों नें ब्रेकफास्ट किया औऱ साहिल बोला:"
" नासिर भइया मुझेआज घऱ पऱ किसीकाम सें जानां हैं। आज कि मुझे आप् छूटीदे दीजिए।
नासिर चौंक पड़ा क्योंकि एक् तौ रात हि सारे कैमरे गायबहुए औऱ अब साहिल कां छूटी जानां उसकीसमझ सें बाहर् थां। मगरफिन भि बोला:"
" ठीक हें साहिल तुम् चलेजाओ औऱ अपने सारेकाम समाप्त करके होँ वापिस आनां।
नासिर नें उसे अपने बोलने सें हि समझा दिया कि वोँ अधिकदिन बाद भि आए तोँ कोई फर्क पड़ने वाला नहीं हें। साजिया कुछ नहीं बोलि औऱ उसकेबाद नासिर नें साहिल कों स्टेशन छोड़ा औऱ दफ़्तर केँ लिए निकल गय़ा। नासिर केँ जाते हि साजिया वीडियो देखने लगी औऱ उसकी आंखो मे खौफसाफ नजरआने लगा क्योंकि वोँ समझ गई थि कि नासिर जान गय़ा थां कि साजिया औऱ साहिल दोनो केँ बीच सेक्स हौ चुका हें। मगर एक् बात साजिया कि समझ मे नहि आँ रही थि कि सभीकुछ जानने केँ बाद भि नासिर नें उन्हे रंगेहाथ पकड़ा क्यूं नहि। अब तक साहिल कों घऱ सें क्यूं नहि निकाला। यहसभी सोचते सोचते साजिया यह समझने कि कोशिश कररही थि कि क्याँ नासिर कों पहले हि दिन सें पता थां याँ फिनबाद मे पताचला।
यह देखने केँ लिए उसने पहलेदिन कि वीडियो निकाली जब वोँ पहलीबार दूध लेकर साहिल केँ कमरे मे आई थि। साजिया नें वोँ वीडियो देखी औऱ उसनेफिन उसी वक़्त नासिर केँ कमरे कि वीडियो देखी तोँ साजिया कों अपनी आंखो पऱ यकीन हि नहि हुआ कि क्याँ वोँ सचदेख रही हें। साजिया देखरही थि कि जब वोँ पहलीबार साहिल केँ कमरे मे आई औऱ साहिल नें उसेकिस करके उसकी बुर चूसी थि तोँ नासिर यहसभी अपनेफोन पर्र देखते हुए अपना लन्ड हिलारहा थां पेंट केँ उपर सें हि। साजिया कों कुछसमझ नहि आया कि नासिर ऐसा क्यूं कररहा हैं औऱ उसने दुसरे दिन कि वीडियो देखी जिसमे साहिल उसकेउपर चढ़कर उसकी बुर पऱ लन्ड रगड़ रगड़रहा थां औऱ नासिर जोरजोर सें अपने लन्ड कों हाथ सें सहलाकर चेहरे पर्र मस्ती भरेभाव लिए सिसकरहा थां
"
" चोददे साली कों, फाड़दे इसकी बुर, घुसादे लन्ड साहिल पूरा। मे नहि आने वालाबीच मे। चोद उठाउठा करचोद पटकपटक करचोद।
साजिया कों नासिर केँ मुंह सें यह शब्द सुनकर लकवा सां मार गय़ा। याँ मेरे खुदा क्याँ सच मे यह नासिर हि हें मेरा अपना शौहर। यह तौ सच मे मेरी बुर मे लन्ड घुसवाना चाहता थां साहिल कां। मगर क्यूं कररहा थां यहऐसा।
क्याँ ऐसा करने सें इसको आनंदआया, नहीं नहींऐसा नहि होना चाहिए, कोई भि मर्दभला अपनी पत्नि कों दुसरे सें चुदते देखकर क्याँ मजे करेगा मगर नासिर तौ कररहा हैं। इसका मतलब नासिर मुझे स्वयं साहिल सें चुदवाना चाहता थां।
एक् केँ बाद एक् सारी घटनाएं उसके सामने घूमने लगी कि किसतरह सें नासिर उसेकसे हुए कपड़े औऱ ढीली नाइटी पहनाकर उसकेरूम मे भेजता थां औऱ बोलता थां कि खूब अच्छे सें साहिल कों समझाकर आनां ताकि मुझे अधिक टाइममिल सके। औऱ उसदिन तोँ उसने मुझेजान बूझकर उसकेसंग अकेले हि घूमने भेज दिया। इसका मतलबसाफ हैं कि नासिर नें हि मुझे साहिल सें चुदवाया हैं। मगर क्याँ केवलमजे केँ लिए याँ मेरे खिलाफ कोई साजिश हें उसकी। साजिश तोँ नहीं होनी चाहिए क्योंकि साहिल कों तौ वोँ जानता भि नहि थां। फिनशमा तौ मेरी सहेली हें भला वोँ मेरे खिलाफ क्यूं जायेगी।
इसका मतलबसाफ हें कि नासिर कों लगता थां कि वोँ मेरी प्यास ठीक सें नहीं बुझापा रहा इसलिये वोँ मुझे बड़े मोटे लन्ड सें चुदवाना चाहता थां ताकि मेरी प्यास बुझसके। उसने मुझे वीडियो भि इसलिये हि दिखाई थि।
तभी साजिया नें अपनी पहलीबार साहिल सें चुदाई वाली वीडियो देखी तोँ उसे नासिर उसके कमरे मे घुसता हुआ दिखाई तौ दियामगर आगे अंधेरे मे उसेकुछ नहीं दिखा। इसका मतलब नासिर कमरे मे हि रूककर उसकी चुदाई देखता रहा। साजिया नें देखा कि पहली चुदाई मे वोँ कितनी बुरीतरह सें दर्द सें तड़पउठी थि औऱ चिल्ला रही थि मगर नासिर आहिस्ता खड़ाहुआ मुझे तड़पते हुए देखता रहा, चुदते हुए देखता रहा।
साजिया नें वीडियो कों बंदकर दिया औऱ एक् बात उसकीसमझ मे आँ गई थि कि साहिल सें उसके चुदने कि असलीवजह उसका पति नासिर हैं। साजिया कों साहिल कि यादआई तौ उसनेउसे मोबाइल किया औऱ बोलीं:"
" साहिल क्यूं चलेगए तुम् अचानक सें घऱ सें ?
साहिल:" आपको तौ सभीपता चल हि गय़ा होगा कि नासिर सभीजान गय़ा हें। मे अब औऱ नहींरुक सकता।
साजिया:" नासिर जान नहीं गय़ा बल्कि पहले सें हि सभी जानता थां कि हमारे बीच मे क्याँ चलरहा हें।
साहिल:" तुम्हे केसेपता ? आगेउसे पता होता तोँ मुझेकभी कां मार देता वोँ ?
साजिया नें उसे एक् एक् करके सारी बाते बताई कि किसतरह नासिर नें उसे साहिल सें चुदवा दिया। साहिल कों अपने कानो पऱ यकीन नहि हौ रहा थां तोँ साजिया बोलीं:"
" एक् कामकरो, घऱ आँ जाओ अभि औऱ सभीकुछ देखो स्वयं हि। नासिर भि नहि हैं औऱ कैमरे भि नहि। बस साजिया हें अकेली।
साहिल एक् बारफिन सें उसकीबात सुनकर जोश मे आँ गय़ा औऱ वापिस कार पकड़कर लगभग 11 बजे तक साजिया केँ पास पहुंच गय़ा।
साहिल थोडा डराहुआ थां मगर साजिया नें उसेसभी वीडियो दिखाई औऱ नासिर कि हरकते देखकर साहिल भि हैरान रह गय़ा। मगर साजिया केँ मुंह सें निकलती हुई सिसकियां सुनकर साहिल कां लन्ड उसकी पेंट मे खड़ा होनेलगा।
साजिया कईदिन सें प्यासी थि औऱ लन्ड खड़ा होते देखकर उसकी बुर मे आग सि लग गई औऱ उसने सीधे साहिल कों सोफे पऱ गिरा दिया औऱ उसके होंठ चूसने लगी। साहिल भि उसकासंग देनेलगा औऱ प्यासी साजिया नें पहल करतेहुए अपनीगरम रसीली पतलीजीभ कों साहिल केँ मुंह मे घुसा दिया औऱ पूरीतरह सें बेकाबू होँ गए औऱ किस करते करते हि पूरे नंगेगए। साजिया साहिल कि गोद मे बैठी हुई थीं औऱ साहिल उसके होंठ चूसते हुए उसकी चूचियां जोरजोर सें मसलरहा थां भींचरहा थां औऱ साजिया मस्ती मे डूबी हुइ अपनी पूरीभीग गई बुर उसके लन्ड केँ सुपाड़े पर्र रगड़रही थीं। तभी साजिया कों मस्ती सूझ गई औऱ उसने नासिर कों मोबाइल मिला दिया औऱ स्पीकर ऑन करकेबात करनेलगी:"
क्याँ कररहे हौ मेरीजान ? बहोत अधिकयाद रही हें मुझे।
नासिर अपनी पत्नि केँ मुंह सें ऐसी बाते सुनकर खुशहुआ औऱ बोला:"
" बसकाम मे लगा थां, तुम् क्याँ कररही होँ ?
साजिया:" ओह क्याँ बताऊं, वीडियो देखरही थि वही वाली,
" आह्ह्हह नासिर, आओ नां देखो मे कितनी बेचैनी रहीहु।
नासिर अपनी पत्नि कि बात सुनकर हैरान होँ गय़ा औऱ बोला:"
" क्याँ हुआ साजिया क्यूं ऐसेबोल रही हौ, तुम् ठीक तोँ हौ नं बिलकुल? क्याँ कररही हौ
साजिया नें साहिल कां सिर पकड़कर अपनी मम्मों पऱ टिका दिया तोँ साहिल नें जैसे हि उसकी मम्मों कों मुंह मे भरा तौ साजिया फिन सें जोर सें सिसकउठी
" अहह नासिर, उफ़्फ़ वीडियो देखरही थि मोटे लन्ड वाली, उफ़्फ़ कितना मोटा हें इसका लन्ड
साहिल बिनाकुछ बोले मम्मों केँ निप्पल कों जोर सें काट दिया तोँ साजिया फिन सें जोर सें सिसकउठी औऱ बोलि:" अहह नासिर, मेरीजान, उफ़्फ़ यह मोटा सां लन्ड आहदेख नां यह भि साजिया हें तेरी साजिया जैसी बिलकुल।
नासिर उसकीबात सुनकर फिन सें बहक गय़ा औऱ बोला:"
" अरे साजिया मेरी साजिया, उफ्फ मेरीजान। हानयह तौ बिलकुल साजिया हें तेरे जैसी
नासिर कि सिसकियां सुनकर
साजिया नें एक् हाथ सें लन्ड केँ मोटे तगड़े सुपाड़े कों बुर केँ छेद पऱ टिका दिया औऱ साहिल कि आंखों मे देखते हुए धीरे-धीरे धीरे-धीरे नीचे बैठने लगी तोँ साजिया केँ मुंह सें दर्दभरी कराह निकल पड़ी औऱ सिसकी
" अहहदेख नाँ नासिर, मे भि चुद जाऊं क्याँ मोटे लन्ड सें ?
नासिर:" अहह साजिया उफ़्फ़ तेरी बुर फट जाएगी मोटे लन्ड सें अहह मेरीजान।
साजिया नें अपने मुंह सें थूक निकाल कर अपनी बुर कों ठीक सें पूरी चिकनी कर दिया औऱ बोलि:
"आह्ह्ह्ह नासिर, बुर तौ फटने केँ लिए हि होती हैं मेरीजान। हाय्य फटने देना नाँ अपनी पत्नि कि बुर मोटे लन्ड सें
इतना कहकर वोँ एक् झटके केँ संग लन्ड पर्र बैठ गई औऱ लन्ड उसकी बुर कों चीरते हुएजड़ तक घुस गय़ा औऱ साजिया दर्द केँ मारेजोर सें कराहउठी तौ नासिर उसकी दर्दभरी अहह सुनकर चौंकउठा क्योंकि ऐसीअहह तब निकलती थि जब साहिल कां मोटा लन्ड उसकी बुर मे घुसता थां तौ नासिर बोला:"
" अहह साजिया, क्याँ हुआ ? बोल नां मेरीजान? क्यूं चिल्लाई तुँ
साजिया नें साहिल केँ होंठ चूमे औऱ सिसकते हुए बोलि:"
" आआआह नासिर, लगरहा हैं जैसे मेरी बुर मे तेरी पत्नि साजिया कि बुर मे लन्ड घुस गय़ा कोई मोटा सां।
नासिर:" म्म्म तुम् भि नाँ, वीडियो देखदेख करबहक जाती हौ साजिया कभीकभी।
साजिया लन्ड पर्र हल्की सि उठी औऱ फिन सें अपनी बुर मे घुसाकर सिसकउठी
" अहह नासिर, क्यूं दिखाई मुझेयह वीडियो, उफ्फ मेरा भि मन करता हें मोटे लन्ड सें चुदने कों।
नासिर अपनी पत्नि कि सिसकियां सुनकर अपने लन्ड कों हिलाने लगा। नासिर जानता थां कि साहिल अबकुछ दिन नहीं आएगा इसलिये साजिया कों जोश दिलाते हुए बोला:"
" अहह साजिया, इससे हि चुदजा जोँ वीडियो मे हें लड़का।
साजिया लन्ड पऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे उछलने लगी औऱ उसकी चुड़ियो कि आवाज़ सुनकर साहिल नीचे सें धक्के लगाने लगा तोँ साजिया कि सिसकियां तेज औऱ तेज होनेलगी औऱ साजिया पूरीतरह सें मस्ती मे आँ गई औऱ सिसकी
" अहह नासिर, इससे केसेचुद सकतीहु। किसी औऱ सें चुद जाऊं क्याँ ? चुदने दे नां मुझे लन्ड सें मोटे सें।
नासिर कां लन्ड पूरीतरह सें झटकेमार रहा थां औऱ नासिर पागलों कि तरहजोर जोर सें हिलाते हुए बोला
" अहह साजिया, चुदजा मेरीजान, मोटे लन्ड सें चुदजा। पूरा घुसाके चुदजा।
नासिर कि बात सुनकर साहिल जोश मे भर गय़ा औऱ उसने साजिया कों जोर सें सोफे पर्र पटक दिया औऱ एक् हि झटके मे लन्ड कों पूरा घुसा तोँ साजिया फिन सें दर्द सें कराहउठी
" अहह नासिर, मोटा लन्ड, तेरी साजिया कि बुर मे मोटा लन्ड, आह्ह्ह्ह्ह
इतना कहकर साजिया नें फोन कों बुर केँ पासकर दिया तोँ बुर मे लन्ड घुसने सें निकलती हुई फचफचथप थप कि आवाजे नासिर कों सुनाई दि तोँ नासिर केँ नाँ चाहते हुए भि उसका लन्ड उसके दिमाग़ पर्र हावी होँ गय़ा औऱ नासिर जोरजोर सें अपने लन्ड कों मसलते हुए सिसका
" आआहा साजिया मुझेपता हें तूँ सच मे चुदरही हें, अहह चुद मेरीजान, औऱ चुदजोर जोर सें चुद, उछल उछलकर चुद।
नासिर कि सिसकियां सुनकर साहिल अपनेहोश खो बैठा औऱ कस कसकर उसकी बुर मे लन्ड घुसाने लगा तोँ साजिया मस्ती औऱ दर्द सें बावली सि होकर कराहउठी
" आआआह्हह्ह्ह चुदरही हें हानसच मे तेरी साजिया मोटे लन्ड सें चुदरही हें। तेरी अच्छा लगरहा हैं नाँ नासिर साजिया कि बुर मे मोटा लन्ड !!
नासिर कि दोनो आंखे मस्ती सें बंद होँ गई औऱ वोँ महसूस करनेलगा कि कितनी फंसफंस कर साहिल कां लन्ड साजिया कि बुर मे घुसरहा होगा। यह सोचते हि नासिर अपनेहोश खो बैठा औऱ उसका लन्ड झड़ने वाला थां तौ नासिर पागल सां होकरजोर सें सिसका
" अहह साजिया, आआह्ह्हह बहोत अच्छा लगरहा हैं, उफ़्फ़ सच मे साहिल कां लन्ड कितना मोटा हें।
मस्ती सें बेहाल नासिर केँ मुंह सें साहिल निकल गय़ा औऱ साजिया तौ मानोयही सुनने केँ लिएतरस रहीथीं औऱ उसकी बुर फड़फड़ा उठी औऱ लन्ड कों पूरी ताकत सें कस लिया औऱ झड़ती हुईँ चली गई औऱ सिसकउठी
" आह्ह्ह्ह चुद गई साजिया तेरी साजिया साहिल सें, बहोत तड़परहा हैं मुझे चुदवाने केँ लिए साहिल सें। उफ्फ चुदवा दे मुझे साहिल सें आह्ह्ह्ह नासिर गई मेरी बुर।
साजिया कि मस्ती भरी सिसकियां सुनकर नासिर कां लन्ड भि फट गय़ा औऱ नासिर सिसकउठा
" आह्ह्ह्ह्ह साजिया तेरी बुर मे साहिल कां मोटा लन्ड। पूरा लन्ड जड़ तक घुसाहुआ।
साहिल भि पगला सां गय़ा औऱ साजिया कि बुर मे ताबड़तोड़ धक्को कि बौछार सि कर दि औऱ झड़ता चला गय़ा औऱ साजिया केँ ऊपरगिर पड़ा तौ साजिया नें उसकेउपर चुम्मो कि बरसात सि कर दि औऱ सिसकउठी
" अहह साहिल, आह साहिल,
साजिया कि चुम्मी औऱ उसके मुंह सें साहिल सुनकर नासिर उतावलापन सां उठा। लन्ड झड़ गय़ा तोँ दिमाग़ काम करनेलगा औऱ नासिर समझ गय़ा कि उसकी पत्नि उससेबात करतेहुए सच मे साहिल सें चुदवा रही थि औऱ नासिर दोनो कों रंगेहाथ पकड़ने केँ लिए गुस्से सें तमतमा करघऱ कि तरफ निकल पड़ा।
वहीं चुदने केँ बाद साजिया औऱ साहिल नें अपने कपड़े पहने औऱ साजिया नें साहिल कों वापिस भेज दिया क्योंकि वोँ जानती थि कि जोश ठंडा होने केँ बाद उसकाशहर अब तेजी सें घऱ आँ रहा होगा। नासिर तेजी सें घऱ कि तरफ व्हीकल दौड़ा रहा थां मगर उसके दिमाग़ मे खलबली मची हुई थि। कहां तोँ साहिल केँ नाम सें चिढ़रहा थां औऱ थोड़ी देर पहले अपनी पत्नि कि बुर मे मोबाइल पऱ उसका लन्ड घुसवा रहा थां। साजिया सें ज़्यादा क्रोध नासिर कों अपनेऊपर आँ रहा थां कि मे क्यूं स्वयं पऱ काबू नहि रख पाया।
खैर थोड़ी देर केँ बाद साहिल घऱ पहुंच गय़ा तौ देखा कि साजिया कपड़े धोरही थीं औऱ नासिर सारेघऱ मे इधरउधर साहिल कों ढूंढने लगामगर पंछी तोँ पहले हि उड़ गय़ा थां औऱ तभी साजिया कि नजरउस पर्र पड़ी तोँ जान बूझकर उससे छेड़ते हुए बोलि:"
" क्याँ हुआ ? आज बड़ी जल्द आँ गए आप्। सभीठीक तौ हें।
नासिर:" बसऐसे हि आँ गय़ा। मन नहींलग रहा थां काम मे। थोड़ी तबियत ठीक नहि लगरही हें मुझेआज अपनी।
साजिया:" अच्छा आप् आरामकरो मे आपकेलिए गरमचाय लेकरआती हु।
नासिर हॉल मे हि सोफे पऱ बैठ गय़ा औऱ उसकीसमझ मे नहि आँ रहा थां कि क्याँ करे। केसे साजिया कों समझाए कि वोँ गलत दिशा मे जारही हैं। मगरउसे यह दिशा दिखाने वाला भि तोँ मे हि हु। नासिर कों सबसे अधिकदुख कैमरे हट जाने कां थां क्योंकि उसकीअब साजिया पऱ सें नजरहट गई थीं। कैमरे कां ध्यान आते हि नासिर कों कैमरे मे लगीचिप याद आँ गई औऱ नासिर केँ दिमाग़ मे एक् केँ बाद एक् प्रश्न आए तौ उसका शरीर पसीने पसीने होँ उठा। नासिर कों अभि यादआया कि उसकी लन्ड हिलाते हुए साजिया कि चुदाई देखकर वीडियो भि कैमरे मे रिकॉर्ड होँ गई होगी। नहीं नहींयह नहीं होना चाहिए।
मगर नासिर जानता थां कि ऐसा हौ चुका हैं औऱ कैमरे भि तोँ जरूर साजिया औऱ साहिल दोनो नें हटाए हें तोँ चिप भि उनकेपास हि होगी औऱ वीडियो देख सकते हें याँ देख हि ली हौ। यहसभी सोचकर नासिर कांपउठा औऱ उसकेबदन मे डर केँ मारे रीढ़ कि हड्डी तक सिरहन दौड़ गई। पूरा शरीर पसीने पसीने हौ गय़ा औऱ नासिर कां गलासूख गय़ा तौ उसने बॉटल उठाकर पानी पिया औऱ साजिया कां प्रतीक्षा करनेलगा।
फैंटेसी या षडयंत्र - बदला चुदाई - Aage kya hua? Next part padhiye
कल एक् एपसोड आयेगा। जल्द हि यह किस्सा समाप्त हौ जाएगी औऱ फिन "लंगड़ी घोड़ी" आगे बढ़ेगी।संग बने रहिए
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