फैंटेसी या षडयंत्र - बदला चुदाई – New Episode
साजिया गरमचाय बनारही थि औऱ मन हि मन बहोत खुश थि क्योंकि आजकईदिन केँ बाद वोँ साहिल सें चुदी थि। वोँ अच्छे सें जानती थि कि नासिर कों पता थां कि वोँ मोबाइल पऱ नहीं बल्कि सच मे चुदरही थीं क्योंकि उसनेफोन कों अपनी बुर केँ बिलकुल पासकर दिया थां ताकि नासिर बुर लन्ड केँ मिलन कां मधुर म्यूज़िक सुनसके, औऱ वहीहुआ जोँ साजिया चाहरही थि। नासिर पागलों कि तरहसभी काम छोड़कर दौड़ते हुएआया ताकि उन्हें रंगेहाथ पकड़सके मगर मिलाकुछ नहीं।
नासिर कि हालत पर्र साजिया मुस्कुरा उठी औऱ उसने फैसला किया कि अब तक वोँ नासिर केँ इशारों पर्र नाचरही थि औऱ अब वोँ नासिर कों अपने इशारों पर्र नं केवल नचायेगी बल्कि उसे पूरा भगंडा करवाकर रहेगी। उसनेकुछ सोचा औऱ गरमचाय बनाकर हॉल मे परेशान सें बैठे अपने शौहर केँ पास आँ गई।
नासिर नें गरमचाय कां कप लिया औऱ एक् हल्की सि घूंटभरी। नासिर अंदर हि अंदर बेहद परेशान थां क्योंकि उसे पूरा यकीन थां कि वीडियो साजिया औऱ साहिल केँ हाथलग गई हैं तभी साजिया नें उसेदिन मे भि मोबाइल करके बुलाया थां औऱ चुदने कि हिम्मत भि करी थि।
साजिया थोडा सां उसके लगभगआई औऱ उसके कंधे पऱ अपनासिर टिका दिया तौ नासिर कों लगा मानो किसी जहरीली नागिन नें अपनाफन उसकेउपर रख दिया हौ। साजिया धीरे-धीरे सें बोलि:"
" क्याँ बात हैं आप् बहुत परेशान लगरहे हौ आज ?
नासिर कां मन किया कि बोलदे कि सारी तकलीफ़ कि असलीजड़ तोँ तुम् हि हौ। मगर अपने आप् पर्र काबू रखतेहुए बोला:"
" नहींबस थक गय़ा हूं आज दफ़्तर मे काम बहोत अधिक थां।
साजिया कों अपनीबात रखने कां मौकामिल गय़ा औऱ बोलि:"
" हानआज तोँ आप् अकेले हि होंगे। वैसे भि आज दफ़्तर मे साहिल तौ नहीं गय़ा थां तोँ काम ज़्यादा होँ होगा।
नासिर:" वोँ तोँ मगर उसके बिना भि मे अपनाकाम कर हि लेताहु ठीक सें। पहले भि तौ कर हि लेता थां।
साजिया जानती थि कि उसका पति ऐसा हि कुछ जवाब देगा इसलिये अंदर हि अंदर मुस्कुरा गई औऱ उससे छेड़ते हुए बोलि:"
" मगरफिन भि एक् सें भलेदो होते हैं औऱ फिन साहिल तोँ एक् दमनया लड़का हें तौ जोशीला तोँ होगा हि। इसलिये भारीकाम भि आसानी सें कर सकता हैं।
नासिर तोँ लगा मानो साजिया नें उसके जख्मों पर्र नमक सां छिड़क दिया होँ। नासिर नें गरमचाय कां घूंटभरा औऱ बोला:"
" दफ़्तर मे दिमाग़ सें काम लिया जाता हें वोँ कोईखेल कां मैदान नहीं जहांजोश कि जरूरत पड़ती हौ। जोश केँ चक्कर मे एक् मिनट मे करोड़ों कां नुकसान हौ जाता हैं।
साजिया भि जहां पीछे रहने वाली थि इसलिये बोलीं:" मगरआज कल दफ़्तर मे भि स्मार्ट वर्क कों हि तौ सलाम होता हैं। वैसे भि आजकल तौ आईपीएल यानीटी 20 कां जमाना हैं। सफल तौ माना जाता हैं जौ टेस्ट मैच मे भि टी 20 कि तरह लंबी पारी खेले।
नासिर कां मूड पूरीतरह सें खराब हौ गय़ा औऱ उसनेगरम चाय कां कपवही रखा औऱ अंदर कमरे मे जानेलगा तौ साजिया नें साहिल कां नंबर मिलाते हुए बोलीं:"
" सुभह सें साहिल गय़ा हुआ हैं। पता नहींकब तक आयेगा। एक् बार मोबाइल करकेपूछ हि लेतीहू उससे।
नासिर कों अब पूरा यकीन होँ गय़ा थां पक्का साजिया नें उसकी वीडियो भि देखली हैं क्योंकि उसकी हिम्मत सभीकुछ बयानकर रहीथीं। नासिर बिनाकुछ बोले अंदरचला गय़ा औऱ साजिया बोलि:"
" केसे होँ तुम् साहिल ? कहां रहगए अभि तक?
साहिल:" अब थोड़ी देर पहुंच जाऊंगा।
साजिया:" हान पक्का आँ जानां, बेचारे नासिर बहोत परेशान हें तुम्हारे बिना। थक गए अकेले कामकर करके। आज हि आँ जानां पक्का।
इतना कहकर उसने मोबाइल काट सि औऱ गरमचाय कां कप उठाकर रसोई मे चली गई औऱ रात कां खानां बनाने कि तैयारी करनेलगी।
नासिर धीरे-धीरे सें उठा औऱ उसने साजिया कों काम करतेहुए देखा औऱ उसके कमरे मे घुस गय़ा औऱ अपनीचिप ढूंढने लगा। साजिया चोरी छिपेउसे देखरही हैं कि क्योंकि वोँ जानती थि कि नासिर सबसे पहले उससेचिप हासिल करेगा। साजिया भि बच्ची नहि थि औऱ अच्छे सें जानती थि कि जब तक चिप उसकेपास हें पूरी बाजी उसकेहाथ मे हें औऱ नासिर चाहकर भि उसकाकुछ नहि बिगाड़ सकता।
नासिर नें सारारूम ढूंढ लियामगर कुछ हासिल नहि हुआ। थक हरकर वोँ वापिस बैठ गय़ा औऱ अपना पसीना सुखाने लगा। चिप भलाउसे मिलती कहां सें वोँ तौ साजिया कि ब्रा मे पड़ी हुईँ थि। थोड़ी देर केँ बाद साहिल भि आँ गय़ा तौ नासिर कां मूड पूरीतरह सें खराब होँ गय़ा।
न् चाहते हुए भि सबने खानां खाया औऱ उसकेबाद साजिया औऱ नासिर अपने कमरे मे आँ गए। रात केँ लगभग 10 बजगए थें औऱ साजिया थोडा सां उसकीतरफ खिसक गई औऱ उसके बालो मे उंगली करतेहुए बोलि:
" आजकल बड़े परेशान लगरहे होँ नासिर। क्याँ हुआ मे कुछ सहायता कर सकतीहु क्याँ ?
नासिर:" नहींऐसी तौ कोईबात नहीं। बस थक जाताहू।
साजिया;" तुम् अब बदलते जारहे होँ सच्चाई तौ यह हैं नासिर। पहले कितनी मीठी मीठी अच्छी अच्छी बाते करते थें।
साजिया नें अपनाजाल फेंका औऱ नासिर किसी मासूम शिकारी कि तरह उसमेफंस गय़ा औऱ उसने अपनी बांहों कों साजिया कि पीठ पर्र कस दिया तौ साजिया हल्की सि सिसकउठी औऱ बोलीं:"
" स्स्स नासिर, मे सच मे तुम्हे बहोत प्रेम करती हूं।
इतना कहकर उसने नासिर केँ होंठो कों चूम लिया औऱ नासिर नें अपनीजीभ साजिया केँ मुंह मे घुसा दि तोँ साजिया नें उसकीजीभ कों लपक लिया औऱ चूसने लगी। दोनो हि अपने मकसद केँ लिए एक् दूसरे सें लिपटरहे थें। नासिर सोचरहा थां कि चुदाई केँ बाद साजिया आहिस्ता सो जायेगी औऱ वोँ आसानी सें चिप ढूंढ लेगा वहीं साजिया सोचरही थि कि आज चुदाई केँ बहाने वोँ साहिल कों बीच मे लें आयेगी औऱ नासिर केँ मुंह सें बुलवा देगी कि तुम् साहिल सें चुदजाओ।
जैसे हि किस ख़त्म हुइ तोँ नासिर नें जान बूझकर फोन मे वीडियो लगा दि। वहीउस दिन वाली ताकि साजिया जल्द हि पूरीतरह सें गरम होकरझड़ जाए। साजिया वीडियो देखते हि सच मे जोश मे आँ गई औऱ सीधे अपनेहाथ कों नासिर कि पेंट मे घुसाकर उसका लन्ड पकड़कर सहलाने लगी तौ नासिर नें सलवार केँ उपर सें हि उसकी बुर कों अपनी मुट्ठी मे भर लिया औऱ जोरजोर सें मसलने लगा तोँ साजिया जोरजोर सें मस्ती सें सिसकने लगी ताकि उसकी सिसकियां साहिल तक पहुंच जाए। दोनो कि नजरेफोन पऱ टिकी हुइ थि जिसमे लड़की मोटे तगड़े लन्ड कों मुंह मे भरकरचूस रही थि। नासिर नें जैसे हि सलवार साहिल एक् उसकी उंगली बुर मे घुसाई तौ साजिया नें नासिर कि आंखों मे देखते हुए अपने होंठ मोबाइल कि स्क्रीन पऱ टिकादिए औऱ चूसने लगी मानो मोटे लन्ड कों चूसरही होँ। नासिर बौखला सां गय़ा औऱ फटाफट नंगा होताचला गय़ा औऱ साजिया कि सलवार कों नीचे खिसका कर अपने लन्ड कों उसकी बुर पऱ टिका दिया तोँ साजिया मस्ती सें सिसकउठी औऱ अपनी जांघो कों कस लिया जिससे लन्ड फिसल गय़ा। नासिर उतावलापन सां उठा औऱ साजिया कि जांघो कों खोलने लगा तौ साजिया उससे कसकर लिपट गई औऱ बोलि:"
" अहह नासिर देखा नं केसे चुदेगी साजिया जैसी लड़कीइस मोटे लन्ड सें ?
नासिर कां लन्ड पूरीतरह सें अकड़ा हुआ थां औऱ कभी भि उसका वीर्य निकल सकता थां इसलिये बेकाबू सां होतेहुए बोला:"
" अहहचुद जायेगी, मेरीजान साजिया इस मोटे लन्ड सें, अहह घुसाने दे स्स्स आह्ह्ह्ह्हह।
साजिया नें एक् बार अपनी बुर कों उसके लन्ड केँ सुपाड़े पर्र रगड़ दिया औऱ सिसकउठी क्योंकि इसीबीच लड़के नें अपने मोटे लन्ड कों एक् हि धक्के मे जड़ तक घुसा दिया थां औऱ साजिया मस्ती सें सिसकउठी
" ऊह्ह नासिर, घुस गय़ा लन्ड मोटा लंबा लंबा लन्ड साजिया कि बुर मे, उफ़्फ़ हाय्य्य अम्मी, ओहकाश मेरी असली बुर मे भि घुसता ऐसा लन्ड।
नासिर साजिया कि बुर कि गर्मी पाकर बेहाल सां गय़ा औऱ उसने पूरी ताकत सें उसकी जांघों कों खोल दिया औऱ जैसे हि धक्का लगाया तौ साजिया नें कसमसाकर अपनी जांघो कों भींच लिया तौ नासिर पागल सां होँ गय़ा औऱ साजिया कि टांगो कों खोलने लगा तौ साजिया नें फोन उसकी आंखो केँ आगे करतेहुए सिसकी:"
" अहह नासिर, चुदवा नां अपनी साजिया कों ऐसे लन्ड सें, आआह्ह्ह्ह देख नाँ मे चुदना चाहती हूं।
नासिर:" अहहचुद जा नं, बस मुझे घुसाने दे। आह्ह्ह्हज फट जायेगा मेरा लन्ड।
इतना कहकर उसने एक् झटके सें लन्ड कों साजिया कि बुर मे घुसा दिया औऱ दोनो एक् संग उतावलापन उठे। साजिया कों अपनी बुर मे खालीपन सां लगरहा थां औऱ जोर सें सिसकउठी
" आह्ह्ह्ह् नासिर, औऱ अंदर पूरा अंदरजड़ तक अन्दर
नासिर नें साजिया कों जोर सें कस लिया औऱ पूराजड़ तक घुसा दिया औऱ साजिया नें अपनी जांघो कों पूराकस लिया तोँ नासिर उतावलापन उठा क्योंकि वोँ धक्के मारने चाहता थां औऱ झड़ने केँ बिलकुल लगभग थां इसलिये उसकी जांघो कों खोलने लगा तोँ साजिया नें फोन कों उसकी आंखो केँ आगेकर दिया औऱ सिसकी:"
" अहहदेख नां नासिर, कितने मोटे लन्ड सें चुदरही हें यह साजिया? मेरी बुर मे भि घुसवा देऐसा मोटा सां लन्ड!!
नासिर बुर कि दीवारों कि गर्मी औऱ कसावट सें पिघलने लगा औऱ लन्ड निकालने कि नाकाम कोशिश करतेहुए बोला:"
" आह्ह्ह् प्लीज टांगे ढीलीकरो नाँ, आह्ह्हज मेरा निकलने वाला हें म्म्म साजिया ?
साजिया नें हाथ नीचे लें जाकर उसके टट्टो कों सहला दिया औऱ सिसकी:"
" आआआह्हह्ह बोल नाँ पहले मुझे चुदवाएगा न् मोटे लन्ड सें, इससे भि तगड़े लन्ड सें !!
नासिर अपनेहोश खो बैठा औऱ साजिया कि बुर मे हि पिघलने लगा औऱ जोर सें उतावलापन उठा
" आह्ह्ह्ह चुदवा दूंगा तुझेही साहिल केँ मोटे लन्ड सें !! लंबे लन्ड सें तगड़े लन्ड सें।।
साजिया नें साहिल कां नाम सुनते हि अपनी टांगो कों खोल दिया औऱ नासिर नें लन्ड कों जल्द सें बाहर् निकाला औऱ एक् अंतिम जोरदार धक्के केँ संग घुसा दिया औऱ साजिया केँ ऊपरगिर पड़ा। साजिया अपनीचाल मे कामयाब रही औऱ जैसे हि नासिर कि सांसे दुरुस्त हुई तौ साजिया नें उसके होंठो कों चूम लिया औऱ बोलि:"
" तुम् आरामकरो, मे एक् बार साहिल सें मिलकर आतीहु कि उसे किसीचीज कि जरूरत तोँ नहीं हैं।
नासिर जानता थां कि साजिया उसकेरूम मे क्यूं जारही हैं इसलिये उसे छेड़ते हुए बोला
" बचकर रहना उससे, कहींकुछ गडबड नं होँ जाए
साजिया नें तिरछी नजरों सें नासिर कों देखा औऱ स्माइल देतेहुए बोलि
" तुम् भि नाँ बस, कुछ भि बोल देते होँ, बच्चा हें वोँ अभि।
नासिर:" इस गलतफहमी मे धोखामत खा जानां, बच्चे पैदा करने लायक हौ गय़ा हैं वोँ। रात मे कहींबहक गय़ा तुम्हारी तरफ देखकर तोँ ?
साजिया नें अपनी टांगे खोली औऱ अपनी बुर रगड़ते हुए सिसकी
" तौ इस मे घुसा लूंगी उसे। यही सुनना चाहते हौ न् तुम्, अबखुश। समझे तुम् अब मे चलीबाय। तुम् आरामकरो आतीहु।
इतना कहकर वोँ एक् चादर अपने शरीर पऱ लपेटकर बाहर् कि तरफचाल पड़ी। नासिर जानता थां कि वोँ चुदने जारही हैं मगर खामोश थां क्योंकि वोँ आजरात किसी भि कीमत पऱ चिप हासिल करना चाहता थां। साजिया चुदती रहेगी औऱ वोँ आहिस्ता चिप ढूंढ लेगा।
साजिया नें बाहर् गैलरी मे हि अपनी बुर पर्र पड़े वीर्य कों साफ किया औऱ चादर कों नासिर केँ कमरे केँ गेट पऱ टांग दिया औऱ पूरी नंगी साहिल केँ कमरे मे घुस गई। थोड़ी देर केँ बाद साजिया कि मस्ती भरी सिसकियां गूंजने लगी
नासिर कमरे सें बाहर् निकला औऱ गेट पऱ टंगी हुईँ चादर देखकर समझ गय़ा कि साजिया बिलकुल नंगी चुदने गई हैं। थोड़ी देर केँ साजिया कि दर्द औऱ मस्ती भरी सिसकियां ऊंची औऱ ऊंची होतीचली गई औऱ साहिल नं चाहते हुए भि सभीसुन रहा थां, सहरहा थां औऱ चिप ढूंढरहा थां मगरउसे साजिया केँ पूरे कमरे मे चिप नहीं मिली औऱ साजिया आज पूरीतरह सें बेफिक्र होकरचुद रही थि क्योंकि नासिर कों सभीपता थां। पूरीरात मे साजिया मस्ती सें चुदी औऱ नासिर थकहार कर अपने कमरे मे आँ गय़ा। नासिर पूरीतरह सें दुःखी हौ गय़ा थां औऱ उसेसमझ नहीं आँ रहा थां कि अब क्याँ कियाजाए।
नासिर अपने हि बिछाए जाल मे फंस गय़ा थां औऱ चाहकर कुछ नहींकर पारहा थां। नासिर बैड पर्र पड़ारो रहा थां औऱ साजिया मस्ती सें सिसकरही थि। उसकी एक् गलती नें उसकासभी कुछ बरबाद कर दिया थां। सुभह लगभगचार बजे केँ आसपास साजिया बिलकुल नंगीआई औऱ उसकेपास लेटकर सो गई जबकि साहिल पूरीरात अपनी बेबसी पऱ आंसू बहाता रहा।
फैंटेसी या षडयंत्र - बदला चुदाई – New Episode
अगलेदिन सुभह नासिर उठा औऱ दुखीमन सें दफ़्तर जाने केँ लिए सजधजकर हौ गय़ा। उसेइस बात कां बेहद अफसोस थां कि रात उसकी मौजूदगी मे साजिया जोरजोर सें सिसककर साहिल सें चुदी औऱ वोँ जहर केँ घूंटपी करचिप ढूंढता रहामगर फिन भि उसेचिप नहीं मिली।
ब्रेकफास्ट करने केँ बाद साहिल औऱ नासिर दफ़्तर केँ लिए निकलगए औऱ साजिया घऱ केँ काम मे लग गई। पूरेदिन दफ़्तर केँ काम मे नासिर कां मन नहींलगा औऱ उल्टे सीधे ख्याल उसकेमन मे आतेरहे। उसेलग रहा थां कि अब साजिया उसकेहाथ सें निकल गई हैं औऱ शायद हि अबकभी सही रास्ते पऱ आए।
खैर विचारो मे डूबेहुए हि साम हुई औऱ नासिर औऱ साहिल घऱ कि तरफचल पड़े। खानां खाकरसब लोगलोग सोगए औऱ रात कों नासिर कि आंख खुली तोँ साजिया उसकेपास सें गायब थि औऱ हैरान करने वालीबात ये थि कि साहिल भि अपने कमरे मे नहीं थां। नासिर कां दिल अनहोनी कि आंशका सें भरउठा औऱ पूरेघऱ मे उन्हें ढूंढने लगामगर किसी कहींनजर नहि आए दुःखी दुखी नासिर घऱ केँ पीछे कि तरफ गय़ा तौ पीछे चांद कि रोशनी मे बिलकुल नंगी साजिया उसे साहिल केँ लन्ड पऱ उछलती हुईँ नजरआई जोँ पूरीतरह सें मस्ती मे डूबी हुइ थि।
नासिर दुखीमन सें वापिस लौटआया औऱ सोने कि कोशिश करनेलगा। उसने अपनेमन मे पक्का इरादा कर लिया कि अब वोँ किसी भि कीमत पर्र साजिया कों साहिल सें चुदने नहीं देगा औऱ उसकेलिए साहिल कों साजिया सें दूर रखना पड़ेगा। उसने सोचा लिया कि अब किसी भि कीमत पर्र वोँ साहिल कों घऱ सें बाहर् निकाल कर हि दम लेगा।
अगलेदिन दफ़्तर मे नासिर नें साहिल कों अपने दफ़्तर मे बुलाया औऱ बोला:"
" साहिल मे तुम्हे एक् हफ्ते केँ लिए बिजनेस कि ट्रेनिंग केँ लिया लंदनभेज रहाहु। इससेआगे तुम्हारे करियर कों नई दिशा मिलेगी औऱ तुम् जल्द हि कामयाबी केँ शिखर पऱ होंगे।
साहिल कों समझ नहींआया कि क्याँ करे। लंदन जानां उसका एक् बहोत बड़ा सपना थां औऱ आखिरकार आजयह सपना पूरा हौ रहा थां तौ उसने आखिकार हांकर दिया औऱ अपनेकाम मे लग गय़ा। अपने कमरे मे जाते हि साहिल नें साजिया कों मोबाइल किया औऱ बोला:"
" साजिया मे एक् हफ्ते केँ लिए ट्रेनिंग केँ लिए लंदनजा रहा हूं। बिजनेस केँ लिए ट्रेनिंग हें।
साजिया नासिर कि सभीचाल समझ गई औऱ बोलि:"
" ट्रेनिंग कां एक्सक्यूज़ औऱ वोँ हम् दोनो कों अलग करना चाहता हैं। तुम् जाने सें मनाकर दोउसे।
साहिल: जोँ भि हौ मगर मुझे लंदन जानां हौ होगा। मेरे करियर केँ लिए बेहद अच्छा होगा। तुम् एक् कामकरो नां किसीतरह सें नासिर कों मनाओ कि तुम्हे भि मेरेसंग लंदनभेज दे।
साजिया कों यह प्लान ठीकलगा औऱ बोलीं:
" ठीक हें मे कोशिश करतीहु। कुछ भि करकेउसे मना हि लूंगी।
इतना कहकर उसने मोबाइल काट दिया औऱ खानां बनाने मे जुट गई। साम कों लगभगछह बजे नासिर औऱ साहिल घऱ आँ गए औऱ साहिल अपने कपड़े पैक करनेलगा तौ साजिया बोलि:"
" क्याँ हुआ ? कहीजा रहे हौ क्याँ साहिल ?
नासिर:" अरे मे तुम्हे बताना हि भूल गय़ा कि साहिल एक् हफ्ते केँ लिए बिजनेस ट्रेनिंग केँ लिए लंदनजा रहा हैं।
साजिया:" ओहयह तोँ बहोत अच्छी बात हैं। चलो किसी कों तौ लंदन घूमना नसीबहुआ नहीं तोँ साहिल मे तौ इनसेकह कहकरथक गई हूं कि मुझे लंदन घुमालाओ।
नासिर केँ मन मे आगे साजिया कों साहिल सें दूर रखने कां प्लान आँ गय़ा औऱ बोला:"
" अच्छा ठीक हैं। साहिल केँ आने केँ बाद दोनो एक् महीने केँ लिए घूमने चलेंगे। बसअबखुश।
साजिया नासिर कि चालसमझ कर अंदर हि अंदरजल उठी औऱ उसे ताना मारती हुइ बोलीं:"
" बसबस, यह सभी तोँ मे पिछले कई सालों सें सुनती आँ रहीहु। बाद कां किसने देखा एक् काम करतीहु मे भि साहिल केँ संग हि चली जातीहु। एक् हफ्ते केँ बाद वापिस आँ जाऊंगी।
साहिल मन हि मन साजिया कि हिम्मत कि दाददे रहा थां कि कितनी आसानी सें उसने अपने शौहर केँ सामने मेरेसंग चलने केँ लिएबोल दिया। नासिर फंस गय़ा थां मगरबात कों संभालते हुए बोला:"
" अच्छा इसबार पक्का चलेंगे हम् दोनो। बस साहिल आकारघऱ पऱ रहेगा औऱ हम् दोनों निकल जायेंगे।
साजिया थोडा गुस्से सें बोलीं:"
" बसअब मे तुम्हारी बातो मे नहींआने वाली। मे अपनेबैग पैककर लेतीहू। मेरी भि टिकटकरा दो तुम् आज हि। समझे वैसे भि साहिल कां ध्यान रखने वाला भि तौ वहांकोई होना चाहिए। मे अपने भइया कां ध्यान अच्छे सें रख लूंगी।
नासिर नें मन हि मन सोचा साली कितनी गिर गई हैं मेरी पत्नि। मेरे सामने भैया औऱ जब चुदे तौ सैयां। नासिर भि अब थोडा गुस्से मे आतेहुए बोला:" क्यूं फालतू कि जिदकर रही होँ तुम्। जबकह दिया तौ कह दियाबस। जाओ अपनाकाम करोअब।
साजिया नासिर कि ऊंची आवाज़ सुनकर थोडा गुस्से मे आँ गई औऱ बोलीं:"
" नासिर अपनी आवाज़ कों नीचे करकेबात कों करो। नहीं कों मुझसे बुराकोई नहीं होगा समझे तुम्।
दोनो कि तूँ तूँ मे मे शुरुआत हौ गई औऱ साहिल नें वहां सें निकलने मे हि अपनी भलाई समझी औऱ छत पऱ चला गय़ा। लगभग केँ घंटे तक दोनो कि बहस होतीरही औऱ इसीबीच टिकट कां वक़्त ख़त्म होँ गय़ा औऱ साहिल अपनाबैग लेकर नीचे आँ गय़ा औऱ बोला:"
" आप् दोनोअब लड़ाई बंद कीजिए। टिकट कां वक़्त समाप्त। हौ गय़ा हैं औऱ मुझे जानां होगा।
इतना कहकर साहिल बाहर् निकल गय़ा औऱ ऑटो लेकर एयरपोर्ट कि तरफचल पड़ा। बहुत लंबे वक़्त केँ बाद अंततः आज नासिर कि जीत हुईँ औऱ उसने सुकून कि सांसली कि कम सें कम हफ्ता अब साजिया कि उसेकोई चिंता नहि होगी।
रात कों साजिया बेड केँ एक् तरफ लेटीरही औऱ बोलीं:"
" नासिर तुमने आज अच्छा नहि किया। तुमने साहिल केँ सामने मेरी बेइज्जती करी हैं। इसका तुम्हे नतीजा भुगतना पड़ेगा।
साहिल चुपचाप लेटारहा औऱ आज बहुतदिन केँ बाद सुकून कि नींदसो गय़ा। साजिया पूरीतरह सें परेशान थि औऱ उसे साहिल केँ लन्ड कि आदतपड़ गई थि इसलिये पूरीरात करवट बदलती रही।
अगलेदिन सुभह नासिर उठा औऱ दफ़्तर केँ लिए रेडी होनेलगा। साजिया बेड पर्र हि पड़ीरही औऱ उससेकोई बात नहींकरी। नासिर खुशी खुशी दफ़्तर चला गय़ा औऱ अपनेकाम मे लग गय़ा। नासिर नें एक् हफ्ते केँ लिए तौ अपनी समस्या कां समाधान निकाल किया थां। एक् हफ्ता हल्दी हि बीत गय़ा औऱ नासिर औऱ साजिया केँ बीच कि लड़ाई भि समाप्त होँ गई क्योंकि अब साजिया उसे नाराज नहि करना चाहती थीं। साजिया केँ बन शरीर मे पूरी गर्मी चढ़ गई थि औऱ वोँ बस साहिल केँ वापिस आने कां प्रतीक्षा कररही थि। वही दूसरी तरफ साहिल नें घऱ कां कोना कोनाछान मारामगर उसेचिप कहीं नहि मिली तोँ उसने अंदाजा लगाया कि साहिल अपनेसंग लेँ गय़ा हैं औऱ सच्चाई भि यही थि।
अगलेदिन रविवार कों दोपहर कों लगभग 2 बजे साहिल घऱआया औऱ उसे देखते हि साजिया फूल सि खिलउठी। नासिर सें उसकीयह खुशी देखी नहीं गई औऱ जलउठा।
नासिर:" केसे होँ साहिल ? कैसीरही ट्रेनिंग ?
साहिल: बहुत अच्छी थि। बहोत कुछ सीखने कों मिला मुझे।
साजिया:" बस भि करो, बेचारा इतनेदिन थककरआया होगा औऱ आप् आते हि शुरुआत होँ गए। तुम् अपने कमरे मे आरामकरो।
साहिल अपने कमरे मे चला गय़ा औऱ आराम करनेलगा। साजिया चाहरही थि कि सफर सें थकाआया हुआ साहिल दिन मे हि अच्छे सें सोजाए औऱ आरामकर लेँ ताकिरात कों ठीक सें उसके तड़पते हुए शरीर कों मसलसके।
नासिर भि उसकीचाल समझरहा थां औऱ कुछ नहीं बोला। रात कों लगभगआठ बजे खानां बन गय़ा थां औऱ साजिया फ्रेश होने केँ लिएचली गई। इसीबीच नासिर नें अपनीजेब सें नींद कि गोली निकाल कर खाने मे मिला दिया औऱ औऱ उसके होंठो पऱ जहरीली मुस्कान आँ गई। थोड़ी देरबस सब नें खानां खाया औऱ खानां खाने केँ बादसब नींद केँ आगोश मे चलेगए।
अगलेदिन सुभह साजिया सोकरउठी तौ अपने आप् पर्र हैरानी हुइ कि वोँ केसेरात भर सोतीरही। नासिर औऱ साहिल दफ़्तर चलेगए औऱ आज भि रात कों नासिर नें फिन सें नींद कि गोली मिला दि तौ सब गहरी नींद मे चलेगए औऱ अगलेदिन सुभह साजिया कों हैरानी हुईँ औऱ वोँ समझ गई कि जरूरकुछ न् कुछ गडबड हौ रही हैं। अगलेदिन उसने खानां बनाया औऱ जैसे हि बाथरूम मे गई तोँ नासिर रसोई मे घुस औऱ नींद कि गोली मिलाने लगा तोँ साजिया उसकी सारी चालाकी समझ गई औऱ उसे अपनी नींद कां अपनी कारणसमझ मे आँ गय़ा। साजिया चाहती तौ ड्रामा कर सकती थि मगर उसनेचुप रहने मे हि अपनी भलाई समझी औऱ नींद कि गोली वाला खानां खाकरसो गई।
नासिर अपने प्लान मे कामयाब हौ रहा थां मगरउसे चिप नहींमिल पारही थि। अगलेदिन साम कों साजिया पहले सें हि सजधजकर थि औऱ आज उसनेकुछ खानां अलग निकाल लिया औऱ नासिर उसकीयह चालाकी नहींसमझ पाया औऱ साजिया नें नींद वाला खानां केवलउसे हि खिला दिया औऱ पूरीरात उसेजी भरकर चुदाई करी।
अगलेदो सें तीनदिन ऐसे हि चलतारहा। नासिर उसकीयह चाल एक् दिनसमझ गय़ा औऱ उसने गोली कि पूरी शीशी कों हि गायबकर दिया। अगलेदो दिन तक साजिया खामोश रहीमगर आज साजिया कां चुदने कां बड़ा हि मन थां औऱ उसनेमन बना लिया कि आज वोँ साहिल सें जरूर चुदेगी।
साम कों सबके खानां केँ बाद साजिया दूध कां ग्लास लेकर साहिल केँ रूम मे चल पड़ी तौ नासिर बोला:"
" साजिया जल्द वापिस आओ। मेरेसिर मे दर्द हौ रहा हैं आज बहोत।
साजिया बिनाकुछ बोले बाहर् निकल गई औऱ उसने बाहर् निकलते हि अपने कपड़ो कों उतारा औऱ औऱ उन्हे अपनेरूम सें लेकर साहिल केँ रूम तक फैलाती चली गई। साहिल बिलकुल नंगी साहिल केँ रूम मे पहुंची औऱ साहिल केँ उपरटूट पड़ी। साजिया कि बुर पूरीतरह सें गीली थि औऱ साजिया घुटनो केँ बाल अपनी बुर मसलते हुएबेड सें नीचे उतरी औऱ किसी कुतिया कि तरह झुककर खड़ी हौ गई औऱ साहिल कों कामुक इशारा करतेहुए एक् संगदो उंगली अपनी बुर मे घुसाकर सिसक पड़ी तोँ साहिल उसके पीछेआया औऱ एक् धक्के केँ संग लन्ड कों उसकी बुर मे घुसा दिया तोँ साजिया जोर सें सिसकउठी औऱ उसकी सिसकियां नासिर केँ कानो मे पड़ी तौ नासिर कों मानो यकीन हि नहि हुआ औऱ वोँ कमरे सें बाहर् निकला तौ हॉल मे लगी एलईडी पर्र उसकीनजर पड़ी तोँ उसे साजिया चुदती हुइ नजरआई औऱ उसकाखून खौलउठा। तभी उसकीनजर दूसरी एलईडी पर्र पड़ी जौ आज हि नईलगी थि औऱ उसमे पर्दा दोभाग मे थां। एक् मे साजिया चुदरही थि औऱ दूसरे मे नासिर उसे चुदते हुएदेख कर अपना लन्ड सहलारहा थां।
नासिर कां खून बर्फ कि तरहजम सां गय़ा औऱ वहीहाल मे हि सिर पकड़कर बैठ गय़ा। तभीउसे साजिया कि सिसकियां सुनी
" अहहचोद साहिल, औऱ तेज घुसा अपना मोटा लन्ड, उफ़्फ़ नासिर कब सें बेचैनी रहा थां मुझे मोटे लन्ड सें चुदवाने केँ लिए
साहिल भि उसका पूरासंग देरहा थां औऱ पूरीतरह सें फकफक धक्के माररहा थां औऱ नासिर केँ बाल पकड़कर पीछे कों खीच लिया औऱ बोला:"
" आआआह्हह्ह्हह चुद साली, आआह्हह कितनी गरम बुर हैं तेरी। नासिर चोदता नहीं क्याँ ?
साजिया बाल खींचे जाने सें दर्द सें कराहउठी औऱ लन्ड पर्र बुर कों धकेलते हुए बोलि
" आआह्ह तेरीतरह नहीं चोदता। आँ नासिर देख नां केसे लन्ड घुसरहा हें तेरी साजिया कि बुर मे मोटा सां
दोनो कि मस्ती भरी सिसकारियां निकलती रही औऱ नासिर कि आंखों सें आंसू। नासिर उठा औऱ अपने कमरे मे वापिस औऱ बेड पर्र लेटकर रोनेलगा। उसकी हल्की सि भूल नें उसकासभी कुछ बरबाद कर दिया थां। वोँ जानता थां कि अब वोँ साजिया कां कुछ नहीं बिगड़ पायेगा औऱ साजिया उसे ब्लैक मेल करकेरोज ऐसे हि चुदती रहेगी।
अगलेदिन सुभहरोज कि तरह नासिर साहिल केँ संग दफ़्तर चला गय़ा। साजिया घऱ केँ काम मे लगी हुईँ थि तभी दरवाजे पर्र दस्तक हुईँ। साजिया नें दरवाजा खोला तौ गेट पर्र एक् लगभग 32 साल केँ आसपास कि उम्र कां व्यक्ति खड़ाहुआ थां।
साजिया:" जी कहिए किससे मिलना हें आपको ? कौन हें आप् ?
व्यक्ति नें सिर सें पैर तक साजिया कों घूरा औऱ बोला:"
" मुझे साजिया सें मतलब आप् हि सें मिलना हैं।
इससे पहले कि साजिया कुछबोल पाती वोँ व्यक्ति एक् झटके केँ संगघऱ केँ अंदर दाखिल हुआ औऱ दरवाजे कों फुर्ती सें बंदकर दिया। साजिया कों कुछसमझ नहीं आँ रहा थां कि यहकौन हें औऱ क्यूं आया हें।।
साजिया घबरा सि गई औऱ थोड़े गुस्से सें बोलीं:"
" यह क्याँ बदतमीजी हें आप् कौन हें जौ इसतरह मेरेघऱ मे घुसआए हैं।
व्यक्ति नें साजिया कां हाथजोर सें पकड़ा औऱ अपनेसंग करीब-करीब खींचता हुआ अंदर लेँ गय़ा। साजिया अपनीतरफ सें बचने कि कोशिश कररही थि मगरफिन सें उसकी ताकत केँ सामने खींची चलीजा रही थि। उसनेहॉल मे सोफे पर्र साजिया कों पटक दिया औऱ उसके उसकी चूचियां मसलने लगा तौ साजिया नें उस व्यक्ति कों एक् थप्पड़ मार दिया तोँ वोँ व्यक्ति गुस्से सें भरउठा औऱ उसने एक् केँ बाद एक् कई जोरदार थप्पड़ साजिया कों जड़दिए तौ साजिया खौफ सें भर गई।
व्यक्ति:" साली नखरा करती हैं, साहिल सें तौ बड़ेमजे सें चुदती हें तुँ। मुझमें कौन सें कांटे लगे हें
साजिया कों काटो तौ खून नहि। उसका सारा विरोध समाप्त सां होँ गय़ा। कौन हें यह व्यक्ति औऱ इतना केसे जानता हैं, कहीं हि नासिर नें तोँ भेजा हैं। साजिया कों कुछसमझ नहींआया औऱ व्यक्ति फिन सें किसी भूखे जानवर कि तरह उसकी चुचियों पर्र टूट पड़ा। साजिया दर्द सें कराहउठी औऱ उसके नीचे सें निकलने कि कोशिश करनेलगी तौ वोँ व्यक्ति साजिया कि जांघो पर्र बैठ गय़ा औऱ एक् झटके केँ संग उसकेसूट कों फ़ाड़ दिया औऱ देखते हि देखते उसकी ब्रा कों धज्जियां उड़ा दि। साजिया कों गोलगोल ठोस मस्ती भरी चूचियां उछल पड़ी औऱ उसने दोनो चुचियों कों जोर सें अपनी बड़ी बड़ी हथेलियों मे कस लिया औऱ पूरी ताकत सें मसलने लगा तौ साजिया दर्द सें कराहउठी औऱ उसे अपनेऊपर सें धकेलने लगीमगर धकेल नहींपाई। साजिया बुरीतरह सें उतावलापन रही थि औऱ व्यक्ति बुरीतरह सें उसे मसलारहा थां। उसने अपनेसिर कों उसकी एक् मम्मों पर्र झुका दिया औऱ उसमे अपने दांतगडा दिए तोँ साजिया अपनागला फाड़कर चिल्ला पड़ी तोँ व्यक्ति नें दोदिन थप्पड़ उसेजड़ दिए औऱ बोला:"
" साली नखरा करती हैं। अभि सबक सिखाता हु तुम्हे।
इतना कहकर उसने उसकी सलवार कों फाड़ दिया औऱ उसकी सूखी पड़ी हुई बुर मे एक् संगदो उंगली घुसा दि तोँ साजिया दर्द सें कराहउठी औऱ व्यक्ति नें तेजी सें उसकी बुर कों पेलना शुरुकर दिया। साजिया प्यास रही थि मगरकुछ कर नहींपा रही थि। तभी वोँ व्यक्ति खड़ाहुआ औऱ नंगा होनेलगा तौ साजिया कों मौकामिल गय़ा औऱ नंगी हि बाहर् कि तरफ भागीमगर उस व्यक्ति नें किसीबाज कि तरहउस पर्र झपट्टा मारकर पकड़ लिया तौ साजिया फर्श पऱ गिर पड़ी औऱ व्यक्ति नें उसे नंगी कि फर्श पऱ घसीट लिया औऱ सोफे पऱ पटक दिया। साजिया कां बदनछिल सें गय़ा औऱ वोँ दर्द सें कराहउठी।
उस व्यक्ति नें अपने लन्ड कों उसकी बुर पर्र रखा औऱ एक् जोरदार धक्का मारा तौ साजिया दर्द सें बिलखउठी। उसका बिलकुल सूखाहुआ आधा लन्ड उसकी बुर मे घुस गय़ा। इससे पहले कि साजिया संभलती व्यक्ति नें एक् औऱ धक्का मारा औऱ पूरा लन्ड उसकी बुर मे घुसेड़ सां दिया। साजिया कों बुर कि दीवार जल सि गई औऱ वोँ बेचैनी उठी। व्यक्ति नें ताबड़तोड़ धक्के जड़ने शुरुआत करदिए औऱ साजिया कां दर्द थोडा कमहुआ तौ उसे न् चाहते हुए भि आनंदआने लगा औऱ उसकी दर्दभरी कराह मस्ती भरी सिसकियां बन गई व्यक्ति उसकी चुचियों कों फिन सें कसकरमसल दिया औऱ बोला:"
" सालीअब आई नं लाइन पर्र, बड़े नखरेकर रही थि थोड़े देर पहले तौ।
साजिया फिन सें दर्द सें कराह औऱ बिनाकुछ बोले अपनी बुर मे लन्ड लेतीरही। उसकी बुर पूरी चिकनी हौ गई औऱ धीरे-धीरे लन्ड अंदर बाहर् होनेलगा तोँ साजिया नां चाहते हुए भि मस्ती सें सिसकउठी औऱ व्यक्ति मस्ती सें तेजतेज धक्के मारने लगा औऱ बोला:"
" साली तेरी बुर कां भोसड़ा बना दूंगा। लें औऱ लेँ बेहंचोद।
साजिया मस्ती सें पागल सि हौ गई औऱ सिसकते हुए बोलीं
" आआह्ह्ह्हह थोडा प्रेम सें, आह क्याँ दुश्मनी हें तेरी मेरी बुर सें!! कौन होँ तुम् ?
व्यक्ति नें उसे सोफे पऱ उल्टा पटक दिया औऱ फिन सें चोदने लगा औऱ बोला:"
" नासिर सचबोल रहा हूं कि तूँ पटकपटक कर चोदने लायकमाल हैं। चुद साली औऱ चुद।
इतना कहकर वोँ व्यक्ति किसी पागल कि तरहउसे चोदने लगा औऱ साजिया सभीसुध बुध खोकर चुदने लगी औऱ उसकी बुर मे तूफान सां आँ गय़ा औऱ व्यक्ति केँ भि धक्के तेज होनेलगे औऱ देखते हि देखते दोनो एक् संग झड़ते चलेगए।
जोरदार चुदाई केँ बाद साजिया कि आंखेबंद होँ गई औऱ साजिया अपनी सांसे ठीक करनेलगी। थोड़ी देर केँ बाद उसने आंखे खोली तौ देखा कि व्यक्ति घऱ सें बाहर् निकल गय़ा थां औऱ साजिया कुछ न् करसकी। साजिया कों समझ नहींआया कि यहकौन थां जौ आंधी कि तरहआया औऱ तूफान कि तरहउसे चोदकर चला गय़ा। तभी उसकेमन मे व्यक्ति कि बातआई कि नासिर सचबोल रहा थां कि तूँ पटकपटक कर चोदने लायकमाल हैं। कहींइसे नासिर नें हि तोँ नहीं भेजा थां। नामर्द साला नासिर, अब इतनी नीचता पर्र उतरआया हें मे सोच भि नहीं सकती थि।
गलती सें दोनो सें हि हुई हैं। नासिर नें अंगुली पकड़ाई औऱ साजिया नें पूराहाथ पकड़ लिया। देखो क्याँ अंजाम होता हें
फैंटेसी या षडयंत्र - बदला चुदाई – New Episode
सादिया कां पूरा जिस्म दर्दकर रहा थां औऱ उसे अपने शौहर नासिर पऱ बेहद क्रोध आँ रहा थां। कमीने नें मेरेसंग बहोत गलत किया औऱ अब मे इसे अपना असलीरूप दिखाऊंगी।
साम कां वक़्त होँ गय़ा औऱ नासिर साहिल केँ संगघऱ आँ गय़ा तौ उसने देखा कि साजिया बेड पऱ लेटी हुइ थि औऱ बहुत परेशान लगरही थि।
नासिर:" क्याँ हुआ साजिया तबियत ठीक हें तुम्हारी ?
साजिया कां खून खोलने लगा औऱ वोँ गुस्से सें उठी औऱ आगेबढ़ कर एक् केँ बाद एक् कई थप्पड़ नासिर केँ मुंह पऱ जड़दिए औऱ चिल्लाई:"
" कमीने तुमने मेरेसंग ठीक नहि किया। स्वयं सें कुछ नहींहुआ तौ किसी गुंडे कों भेज दिया मेराबदन नोचने केँ लिए।
नासिर नें अपने आपको साजिया सें छुड़ाया औऱ बोला:"
" पागल हौ गई क्याँ तुम् ? मारा क्यूं मुझे औऱ क्याँ बकवास कररही होँ ?
साजिया:" हानहा पागल हौ गई हु। देखो क्याँ गुल खिलाकर गय़ा हैं तेरे चाहने वाला ?
इतना कहकर उसने अपने शरीर सें चादर उतारी तोँ साजिया पूरी नंगीनजर आई जिसके शरीर बुरीतरह सें नोचा खसोटा गय़ा थां औऱ उसकी चूचियों पऱ भि लाललाल निशान पड़गए थें। यहसभी देखकर नासिर कां दिलभर आया क्योंकि वोँ कैसी भि थि उसकी पत्नि थि।
नासिर:" केसेहुआ यहसभी ? किस हराम जादे नें किया तुम्हारा यहहाल ?
नासिर:" बसकरो नासिर, सभीकुछ तुम्हारी वजह सें हि हुआ हैं। मे साहिल सें तेरीवजह सें चुदी औऱ उसका बदला लेने केँ लिए तूने गुंडे कों भेज दिया। अब देख मे तेरा जीना मुश्किल कर दूंगी, देखआज सारीरात तेरी आंखों केँ सामने साहिल सें चुदकर दिखाऊंगी तुम्हारी तरफ।
नासिर:" बसकरो साजिया, यह क्याँ पागलपन करने पऱ तुली हुइ हौ तुम्? मैनेऐसा कुछ नहि किया। तुम्हारे औऱ साहिल केँ रिश्ते कां मुझेपता हैं मगर मैने किसी कों नहि भेजा।
साजिया;" औऱ झूठमत कहो, रुको मे साहिल कों बुलाती हूं। तुम् देखो केसे मोटा लंबा लन्ड घुसता हैं तेरी साजिया कि बुर मे आज !! साहिल जरा अंदरआओ जल्द सें।
साहिल नहाकर बाहर् आया थां औऱ मात्र टॉवेल मे हि थां। वोँ साजिया कि आवाज़ सुनकर अंदरआया औऱ पूरी नंगी देखकर हैरान सां होँ गय़ा वोँ भि नासिर केँ सामने औऱ बाहर् कों जानेलगा तौ साजिया आगे बढ़ी औऱ बोलि:"
" डरोमत साहिल, इससेकुछ नहि होगा, इसकी मर्जी सें हि मे तुमसे चुदीहु। आओ नाँ इसके सामने हि मुझेचोद लो।
इतना कहकर साजिया नें उसका टॉवेल खींच दिया तोँ साहिल भि पूरा नंगा हौ गय़ा औऱ साजिया नें एक् झटके सें इसके लन्ड कों मुंह मे भर लिया औऱ चूसने लगी। नासिर जमीन मे गाड़ सां जारहा थां औऱ साजिया बोलि":
" आह्ह्ह नासिर देखो नां चूसते हि केसे बड़ा हौ गय़ा हैं इसका लन्ड। उफ़्फ़ अब घुसेगा तेरी साजिया कि बुर मे, आह्ह् देखो नां मेरीतरफ
नासिर कमरे सें बाहर् जानेलगा तोँ साजिया नें पीछे सें पकड़ लिया औऱ बोलीं:"
" आआआह्हह्ह् रुक न्, अपनेहाथ सें टिकादे नां मेरी बुर पर्र इसका लन्ड, आह्ह्ह्ह्ह बस एक् बार चुदवा दे।
नासिर नें जान लगाकर स्वयं कों छुड़ाया औऱ बाहर् कि तरफ निकल गय़ा। वहीं साजिया हि झुक गई औऱ साहिल नें पीछे सें उसकी बुर मे जोरदार धक्का मारा औऱ लन्ड सीधा अंदर। साजिया दर्द औऱ मजे सें सिसकउठी
" अहह नासिर अह्ह्ह्ह सीईईईईई यूईईईईईईई घुस गय़ा तेरी साजिया कि बुर मे। आआआह्हह आँ जा तुँ मेरी गांड़ मे घुसादे तेरी ख़्वाहिश पूरी होँ जायेगी।
नासिर केँ कान साजिया कि बात सुनकर फटे सें जारहे थें औऱ उसकाबदन मानो बेजान सां हौ गय़ा थां। वोँ सोफे पर्र गिर पड़ा औऱ दोनो हाथो कों अपने कानो पर्र कसकरदबा दिया ताकिउसे कुछ सुनाई नाँ दे। मगर साजिया लन्ड केँ घुसे घुसे हि उसकीगोद मे चढ़ गई औऱ चुदती चुदती हॉल मे हि आँ गई औऱ अपनी बुर कों नासिर केँ सामने कर दिया जिसमे लन्ड अंदर बाहर् हौ रहा थां।
लन्ड फचफच कि आवाज़ करताहुआ बुर मे अंदर बाहर् हौ रहा थां औऱ साजिया मस्ती सें सिसकी हुइ साहिल सें लिपटी हुईँ थि। साजिया नें धीरे-धीरे सें अपनी एक् टांग कों सीधे करतेहुए नीचेकर दिया जिससे बुर केँ संगसंग उसकी गान्ड कां छेद भि नासिर केँ सामने खुल गय़ा औऱ साजिया सिसकी:"
" आह्ह्ह्ह्ह नासिर, देख केसे तेरी साजिया कि बुर फेलरही हें मोटे लन्ड सें! आह्ह्ह्ह्ह गांड़ मे तूँ घुसादे याँ फिनदिन वाले कों हि बुलादे कहीं सें!!!
नासिर सें बर्दाश्त नहि हुआ औऱ वोँ कमरे मे गय़ा औऱ गेट कों अंदर सें बंदकर दिया ताकि साजिया कों चुदते हुए नां देखसके। साजिया गेट पर्र गई औऱ बाहर् हि चुदने लगी औऱ सिसकी:"
" आह्ह्ह्ह्ह कितना आनंद आँ रहा हैं, आह नासिर देख नाँ मुझे, गेट क्यूं बंदकर दिया, आह्ह्ह्ह्ह सीईईईईईई केईईईई बात नहुई, कल दिझाआ डूंगी तुझेही फिन सि।
नासिर फिन सें बेचैनी उठा क्योंकि वोँ समझ गय़ा थां कि अबरोज यहीसभी होगा। साजिया उसके सामने हि रोज चुदेगी औऱ वोँ कुछ नहि कर पाएगा। मुझेपता करना हि होगा कि किसने दिन मे साजिया केँ संगयह सभी किया। जरूर साहिल कां कियाधरा हैं सभी।
बाहर् साजिया चुदती रही औऱ उसकी सिसकियां ऊंची औऱ ऊंची होती गई औऱ अंत मे चुदाई समाप्त हुइ औऱ साजिया पूरीरात साहिल मे कमरे मे हि रही औऱ चुदती रही। नासिर कि उसेकोई परवाह हि नहीं थि।
अगलेदिन सुभह लगभगआठ बजे नासिर कों एक् कोरियर आया औऱ उसे खोलते हि नासिर कि आंखेफटी कि फटीरह गईं। उसमेकुछ फोटो थें जिनमे साहिल साजिया कों चोदरहा थां औऱ नासिर यह देखककर मुट्ठी माररहा थां। नासिर कों काटो तोँ खून नहि। यह नहीं होँ सकता।
संग मे एक् चिट्ठी भि थि जिसमे लिखा थां उसे 5 करोड़ रुपए देने होंगे नहीं तोँ वोँ वीडियो कों वायरल कर देगा। नासिर कां पूरा वजूदयह पढ़कर हिल गय़ा औऱ उसके पसीने छूटगए।
नासिर कों समझ नहींआया कि यहसभी किसने किया हैं। उसने ठंडेमन सें काम लिया औऱ फोटो कों बेड केँ नीचे छुपा दिया औऱ नासिर औऱ साहिल दफ़्तर गए औऱ जान बूझकर नासिर नें अपनी कैमरे वाली गाड़ी कों घऱ हि छोड़ दिया। लगभग 12 बजेगेट केँ अंदर एक् व्यक्ति घुसा औऱ जैसे हि उसकी शक्ल नासिर केँ सामने आई तौ नासिर कों मानो यकीन हि नहि हुआ। उसे लगा मानो वोँ सपनादेख रहा थां।
यह व्यक्ति औऱ कोई नहीं बल्कि उसके दफ़्तर मे काम करने वाला अब्दुल थां। अब्दुल चलताहुआ गेटआया औऱ उसने दरवाजा नोक लियामगर दरवाजा नहीं खुला तौ वोँ जोरजोर सें दरवाजा पीटने लगा। अंदर साजिया शायदकल कि वजह सें डर गई औऱ उसने नासिर कों कॉलआई किया
" देखो तुम्हारा चाहने वालाफिन सें बाहर् आँ गय़ा हैं। अगरआज कुछहुआ तौ मे तुम्हे जिंदा नहि छोड़ने वाली।
नासिर:" साजिया यह तोँ अब्दुल हें औऱ मेरेसंग दफ़्तर मे काम करता हैं। आज मे उसे जिंदा नहि छोडूंगा। आस्तीन कां सांप निकला साला। मे आँ रहा हूं तुम् उसे बातो मे उलझाए रखो।
नासिर दफ़्तर सें बाहर् निकला औऱ घऱ कि तरफ दौड़ पड़ा। वहीं अब्दुल चिल्ला रहा थां
" दरवाजा खोल साली नहीं तोँ तोड़कर अंदर आँ जाऊंगा।
साजिया डरी हुइ सि:" देखो तुम् ऐसामत करो मेरेसंग। नासिर तुम्हे मार देगा।
अब्दुल:" वोँ नामर्द मुझे क्याँ मारेगा, उसने हि तेरी बुर मारने कों मुझे भेजा हैं।
साजिया:" ऐसा नहि हौ सकता। तुम् झूठबोल रहे होँ।
अब्दुल:" नहीं मेरीजान, सच मे वोँ तुम्हे दो लन्ड सें चुदवाना चाहता हैं, एक् मे औऱ एक् साहिल। वोँ तुमसे झूठबोल रहा हैं, सचकहो क्याँ वोँ तुम्हे डबल चुदाई वाली वीडियो नहीं दिखाता हैं क्याँ ?
साजिया केँ मन कों झटका सां लगा, व्यक्ति कि बात बिलकुल सच थि औऱ साजिया समझ गई थि कि जल्द हि उसेदो लन्ड सें चुदना पड़ेगा। साजिया कांपउठी औऱ बोलीं:"
" मगर मे नहीं चाहती दो एक् संग, नासिर केँ सोचने सें क्याँ होता हैं ?
अब्दुल:" बहोत बकवास हौ गई, रुक साली नखरा करती हैं बहोत। लें यहदेख तुँ।।
इतना कहकर उसनेकुछ फोटोगेट केँ नीचे सें अंदर सरकादिए औऱ साजिया फोटो देखकर पसीने पसीने हौ गई। फोटो मे साजिया साहिल केँ उपर चढकरचुद रही थि तौ एक् मे उसका लन्ड चूसरही थि।
साजिया जोर सें चिल्ला उठी:" नहीं नहींऐसा नहि होना चाहिए थां। तुम्हे यह फोटो कहां सें मिले।
अब्दुल:" नासिर नें दिए औऱ कहां सें मिले!!अब दरवाजा खोल नहीं तोँ फोटोकल अखबार मे छप जायेंटेम
साजिया कि गांड़ फट गई औऱ उसनेडर केँ मारे दरवाजा खोल दिया। अब्दुल अंदर घुसा औऱ साजिया कों दबोच लिया तौ साजिया उससे छूटने कि कोशिश करनेलगी मगर अब्दुल नें उसेबेड पर्र पटक दिया औऱ उसकेसूट सलवार कों एक् संग फाड़ दिया औऱ देखते हि देखते उसकी पेंटी कों बीच मे सें छीर दिया औऱ जबरदस्ती उसकी टांगो कों खोलकर उसकी बुर मे धक्का जड़ दिया औऱ दोनो केँ मुंह सें एक् संग दर्दभरी कराह निकल पड़ी। नासिर नें एक् लोहे कि रोड कां वार उसकेसिर पर्र किया औऱ अब्दुल केँ सिर कां खून कां फव्वारा छूट पड़ा। साजिया यहदेख कर बेहोश हौ गई औऱ नासिर नें पानी केँ छीटें अब्दुल केँ मुंह पर्र मारे औऱ अब्दुल कों होशआया तौ वोँ रस्सियों मे बंधाहुआ थां।
नासिर:" बोल हरमाजदे क्यूं कियायह सभी ?
अंदुल:" वोँ मुझेमाफ करदो। दरअसल मे समझ गय़ा थां कि तुमने मेरेफोन सें वीडियो ली थि औऱ मे मौका मिलते हि आपकेफोन कि हिस्ट्री चेक करनेलगा। मे समझ गय़ा कि आप् जरूर अपनी पत्नि केँ संगयह सभी वीडियो देखते होंगे। मैने एक् प्लान बनाया औऱ अपनी पत्नि कों यहबात बताई औऱ उसे साजिया कि सहेली बनाकर घऱभेज दिया। मेरी क़िस्मत अच्छी थि कि साजिया जाल मे फंस गई औऱ उसने मेरी पत्नि कों अपनी सहेली मान लिया। साहिल एक् मॉडल हें औऱ मैनेउसे एक् करोड़ कां लालच दिया तोँ वोँ इस साजिश मे शामिल हौ गय़ा औऱ फिन जोँ हुआ तुम् सभी जानते हि हौ। मुझे मात्र पैसे सें मतलब थां मगरजिस तरह सें साहिल मुझे साजिया कि चुदाई बताता थां औऱ वीडियो देखी तोँ मेरामन भि कियामगर मे फंस गय़ा। मुझेमाफ करदो नासिर। मुझेकुछ नहि चाहिए।
नासिर नें एक् कपड़े कि पट्टी कों उसके मुंह पऱ जोर सें बांध दिया तौ अब्दुल गूगु करनेलगा औऱ नासिर नें पूरी ताकत सें रोड कां एक् शक्तिशाली वार उसकी खोपड़ी पऱ किया औऱ अब्दुल नें उतावलापन करदमतोड दिया।
साजिया कों होश आँ गय़ा औऱ उसने अब्दुल कि लाश देखी तोँ उसकी हालत खराब होँ गई। दोनो नें मिलकर उसकीलाश कों एक् बैग मे भरा औऱ व्हीकल कि डिक्की मे छिपा दिया। दोनो नें पूरे कमरे कों साफ किया ताकि फंसने सें बचसके।
तभी साहिल दफ़्तर आँ आँ गय़ा औऱ दोनो केँ पसीने छूट पड़े। साजिया नें नासिर केँ सामने हि उसकेगले मे अपनी बांहे डाल दि औऱ उसकेसंग कमरे मे चल पड़ी। नासिर नें जल्द सें व्हीकल कों स्टार्ट किया औऱ लाश कों ठिकाने लगाने चल पड़ा। मगर उसकी क़िस्मत खराब निकली पुलिस चेक पोस्ट पर्र पुलिस केँ हत्थे चढ़ औऱ लाश मिलते हि उसे गिरफ्तार कर लिया।
घऱ मे साजिया साहिल सें चुदरही थि औऱ उसे नासिर कि चिन्ता सतारही थि। चुदाई जैसे हि समाप्त हुईँ तौ साहिल बोला:"।
" यह नासिर भइयाकहा चलेगए आज ? ऐसे तोँ रात मे कहीं नहि जाते।
साजिया:" उसे जानेदो, मे हुआ नं तेरेकिए। जाओ जल्द सें नहाकर आँ जाओ।
साजिया कों सभीसमझ आया गय़ा कि यहसभी साहिल कां कियाधरा हैं औऱ वोँ परेशान हौ गई कि अपने दुश्मन कों हि वोँ अपना मसीहा समझरही थि। उसेआज एहसास होँ रहा थां कि उसने नासिर केँ संग कितनी गलत किया हैं। अबउसे नासिर कि चिन्ता होँ रही थि औऱ उसने मोबाइल किया तोँ पुलिस अधीक्षक नें उठाया औऱ बोला:"
" नासिर केँ पास सें हमे एक् लाश मिली हैं औऱ हम् आपकेघऱ आँ रहे हैं।
साजिया कि हालत खराब होँ गई औऱ उसने सारे सुबूत मिलादिए औऱ कुछ हि मिनट बीते थें कि पुलिस कि एक् वाहनघऱ मे घुस गई औऱ छानबीन करनेलगी। मगरकुछ मिला नहीं।
साहिल कों जैसे हि पताचला कि नासिर कि वाहन सें अब्दुल कि लाश मिली हें तोँ वोँ सभीसमझ गय़ा औऱ भागने कि तैयारी मे थां औऱ जैसे हि पुलिस गई वोँ साहिल घऱ सें बाहर् निकलने लगा तौ साजिया उससे लिपट गई औऱ बोलि:"
" तुम् अब कहींमत जाओ। नासिर नें अब्दुल कों मारा हें यह बयान मे पुलिस कों दूंगी औऱ नासिर कि जब तक फोटो औऱ वीडियो हें मेरेपास वोँ कुछ नहि कर पाएगा। मे तुमसे सच मे प्रेम करनेलगी हु औऱ हम् सभीकुछ बेचकरर यहशहर छोड़ देंगे।
अगलेदिन मुकदमा शुरुआत हुआ औऱ साजिया नें नासिर केँ खिलाफ बयान दिया कि उसने अब्दुल कों मार दिया हें औऱ नासिर नें साजिया कि भलाई औऱ अपनी मजबूरी केँ चलतेयह कुबूल कर लिया कि अब्दुल नें उसे बिजनेस मे धोखा दिया औऱ बदले मे उसने अब्दुल कों मार दिया।
अब्दुल कों उम्रकैद कि सजा हुईँ औऱ जाते जाते वोँ बार साजिया सें मिलना चाहता थां। साजिया उसकेपास एक् कमरे मे आई औऱ नासिर नें उसे सारी किस्सा बताई तौ साजिया कों उस पर्र यकीन हि नहि हुआ तौ नासिर नें उसे बताया कि जाकरबेड शीट केँ नीचे फोटो औऱ चिट्ठी देख लेनाफिन तुम्हे मेरीबात कां यकीन आँ जायेगा।
इतना कहकर नासिर पुलिस केँ संगचला गय़ा औऱ साजिया अपनेघऱ कि तरफचल पड़ी। वोँ बारबार साहिल केँ चेहरे कों पढ़ने कि कोशिश कररही थि कि क्याँ सच मे साहिल नें उसे धोखा दिया हैं। दोनोघऱ पहुंचे हि थें कि शमा भि आँ गई औऱ बहुत परेशान सि लगरही थि।
सब परेशान थें औऱ रात कों साजिया अपने कमरे मे लेटी औऱ उसने फ़ोटो औऱ चिट्ठी देखी तोँ उसे नासिर कि सच्चाई पर्र यकीनहुआ औऱ उसकादिल भरआया मगरअब सभीकुछ बरबाद होँ गय़ा थां।
तभी उसके कानो मे शमा कि आवाज़ पड़ी तौ दबेपैर बाहर् निकल गई औऱ देखा कि शमा औऱ साहिल दोनो धीमे धीमेबात कररहे थें।
शमा:" मेरासभी कुछ बरबाद हौ गय़ा साहिल, तेरीवजह सें अब्दुल मर गय़ा औऱ मे फिन सें अकेली रह गई।
साहिल:" अब्दुल भइया कां मुझे भि दुख हैं। मगरअब सारी दौलत हमारे हाथ लगने वाली हैं।
शमा:"हान मगर उसकेलिए तुम्हे पहले साजिया कों मनाना होगा औऱ उससे विवाह करनी होगी। बाद मे उसकीमौत कों हादसा दिखाकर सारी दौलत केँ मालिक तुम् बन जाओगे औऱ फिन मुझसे विवाह कर लोगे।
साहिल:" तुम् चिंता मतकरो। सभीकुछ तुम्हारे मुताबिक हि होगा। साजिया फंसी हुई हें औऱ मेरे लंड कि दीवानी हैं।
तभीशमा नें उसके लन्ड कों पकड़ किया औऱ सहलाते हुए बोलीं
" अच्छा जीइस लन्ड कि दीवानी तौ हौ हि जाएगी। क्याँ मजेदार लन्ड हें तेरा।
साहिल नें अपने लन्ड कों नंगाकर दिया औऱ शमा कि सलवार खोलकर उसकी बुर मे घुसा दिया तोँ शमा दर्द सें कराहउठी औऱ देखते हि देखते दोनो जोरदार चुदाई मे जुटगए। साहिल मोटी ताजीशमा पऱ भि भारीपड़ रहा थां औऱ उसकी सिसकियां सुनकर साजिया कि आंखों सें खून केँ आंसूटपक रहे थें।
धीरे-धीरे धीरे-धीरे एक् महीना बीत गय़ा औऱ फिन प्लान केँ मुताबिक साहिल नें साजिया कों विवाह केँ लिएमना लिया औऱ आज दोनो कि विवाह हौ गई। साजिया कब सें इस मौके कि तलाश मे थि औऱ दुल्हन बनीसजी हुइ साहिल कां प्रतीक्षा कररही थि।
साहिल अंदरआया औऱ उसकेसंग शमा भि थि।
शमा:"सच मे दुल्हन बनी साजिया कितनी खूबसूरत होँ तुम्।, ओय साहिल इसे ज़्यादा परेशान मत करनारात कों। बेचारी बहोत नाजुक औऱ मासूम हें मेरी सहेली।
इतना कहकरशमा नें साहिल केँ लन्ड कों जोर सें सहला दिया तौ यहसभी देखकर साजिया घूंघट केँ अंदर हि बेचैनी उठी।
शमा उनकेपास हि बैठ गई औऱ
यह देखते हि साजिया कि आंखेचमक उठी। रिवाज केँ मुताबिक साहिल नें साजिया कों मुंह दिखाई दिया औऱ शमा नें एक् ग्लास मे दूध किया औऱ साजिया कि तरफ बढ़ा दिया औऱ बोलीं:"
" लो पियो, तुम्हे रात कों होने वाली कुश्ती केँ लिए ताकत मिलेगी। वैसे हि बिलकुल सांड जैसा हैं साहिल।
साजिया नें शर्माते हुए ग्लास पकड़ लिया औऱ लज्जा केँ मारे दूसरी तरफ मुंह करकेदूध पीनेलगी।
शमा:" तुम् भि नां साजिया, बिलकुल बच्ची कि तरह शर्माती होँ। ऐसा करोगी तौ सुहागरात केसेमना पाओगी।
इतना कहकरशमा नें शमा नें उसकी मम्मों कों सहला दिया तोँ साजिया कां रोमरोम कांपउठा औऱ दोहरी होतीचली गई तौ शमाउसे छेड़ते हुए बोलीं
" तूँ भि न् झल्ली कि झल्ली जी रहेगी। अगर साहिल मेरा भइया न् होता तौ तेरी स्थान मे हि सुहागरात मना लेती। छोड़अब लज्जा औऱ इधरदेख।
साजिया बड़ी मुश्किल सें पलटी औऱ दूध कां ग्लास शमा कि तरफकर लिया औऱ बोलीं:"
" लो आप् भि दूधपी लो नां, मुझसे नहीं लिया जाएगा सारा।
शमा:" पगली तेरा झूठा मे नहीं साहिल कों पीना चाहिए। फिन भि तेरी खुशी केँ लिए एक् घूंटपी हि लेतीहू।
इतना कहकर उसने उसने साहिल कों एक् आंख मारी औऱ दूध कां एक् तगड़ा घूंटभर कर ग्लास साहिल कि तरफ बढ़ा दिया औऱ साहिल नें दूध कां पूरा खाली ग्लास साजिया कि तरफफिन सें बढ़ा दिया। शमा खड़ी हुइ औऱ बोलीं:"
" अच्छा मे चलती हूं। कहीं सारीरात ऐसे हि नं निकलजाए औऱ मे कवाब मे हड्डी हि बनीरहू।
शमा जैसे हि खड़ी हुईँ तौ साजिया नें उसकाहाथ पकड़ लिया औऱ उससे कसकर लिपट गई औऱ बोलीं:"
" मतजाओ नाँ शमा, मुझेडर लगता हें बहोत। तुम् रुको नं थोड़ी देर मेरेसंग हि।
शमा:"चल पगली कितना डरती हें, तूँ तौ पहले भि मना चुकी हें सुहागरात नासिर सें।
साजिया नें उसकाहाथ पकड़कर बिठा लिया औऱ बोलीं:"
" बस थोड़ी देर औऱ बैठो नं, फिनचली जानां, मेरी हिम्मत थोड़ी सि औऱ खुलने दो।
शमा फिन सें बेड पऱ बैठ गई
:" हिम्मत नहीं पागलअब तेरी सलवार खुलेगी औऱ फिन तेरी टांगे खुलेगी औऱ उसकेबाद तेरीचू.
उसकीबात पूरी होने सें पहले हि साजिया नें लज्जा केँ मारेपलट गई औऱ उसके मुंह पर्र हाथरख दिया औऱ लज्जा सें बोलि:"
" हाय्यय अम्मी, कितनी गंदीबात करती हौ आप् अपनेसगे भइया केँ सामने।
शमा धीरे-धीरे धीरे-धीरे गरमहों रही थि औऱ उसका शरीर तपनेलगा थां औऱ उसने एक् हाथ साहिल केँ लन्ड पऱ रख दिया औऱ सहलाने लगी। साजिया कां मुंह दूसरी तरफ थां औऱ साहिल नें अपना लन्ड कों नंगा हि उसकेहाथ मे दे दिया। साजिया नें फिन सें ग्लास भरा औऱ शमा कि तरफदूध बढ़ा दिया तौ उत्तेजित हुई शमाआधा दूधपी गई औऱ बाकी साहिल कों दे दिया तौ साहिल भि दूधपी गय़ा औऱ शमा कि तरफ खिसक गय़ा औऱ उसकी सलवार मे हाथ घुसा दिया औऱ उसकी बुर कों मसल दिया तौ शमा नें जोर सें उसके लन्ड कों मसल दिया। शमा औऱ साहिल दोनो पूरीतरह सें गरम हौ गए थें औऱ शमा नें जाने मे भि भलाई समझी औऱ बोलीं:"
" अच्छा मे अब चलतीहु। तुम् दोनोमजे लोआजजी भरकर, साहिल कां लन्ड बहोत मोटा औऱ लंबा तगड़ा हैं साजिया। फट जायेगी तेरी बुर।
इतना कहकरशमा खड़ी हुइ औऱ लड़खड़ा बाहर् कि तरफचल पड़ी तौ साजिया कि आंखे खुशी सें चमकउठी औऱ बोलि
" ठीक वैसे हि जैसे तेरी बुर फटी थि इसके लन्ड सें शबनम मेरी झुठी सहेली, अब्दुल कि पत्नि, साहिल कि रण्डी।
साजिया केँ मुंह सें अपना असलीनाम सुनकर शबनम हैरान हौ गई औऱ उसकीतरफ पलटीमगर बीच मे हि गिर पड़ी। उसने खड़े होने कि कोशिश करीमगर फिन सें गिर पड़ी औऱ उसकी सांसे उखड़ने लगी तोँ अपनागला पड़कने लगी औऱ बोलीं
"अहह नहीं, मुझे क्याँ होँ रहा हैं, ठीक सें सांस क्यूं नहि आँ रहा हैं मुझे ?
साजिया:" तुम् मरने वाली होँ शबनम। जहर दे दिया मैंने दूध मे तुम्हे। साहिल कों भि देखो।
साहिल बैड पऱ पड़ाहुआ प्यास रहा थां औऱ साजिया बोलि:"
" तुम् दोनो नें मेरासभी कुछ बरबाद कर दिया औऱ अब मुझे मारकर स्वयं उसकी बनना चाहती थि। मरजाओ दोनो। साहिल तेरेलिए मैने अपने पति कों छोड़ा औऱ तूने मुझे बड़ा धोखा दिया।
इतना कहकर उसने साहिल कों बेड पर्र सें धक्का दिया औऱ दोनो एक् दूसरे केँ सामने बेचैनी प्यास करदमतोड दिए। पीछेरह गई दुल्हन बनी हुइ साजिया।।।
खत्म।
फैंटेसी या षडयंत्र - बदला चुदाई - Next part miss mat karna
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