मैं उन्हें भइया बोलती हूँ complete - Hindi Sex Story – New Episode
मे उन्हें भाई बोलती हूं
एक् बारफिन मे आपके सामने अपनी एक् बहोत हि हसीन आपबीती लेकर उपस्थित हुइ हूं, आशा करती हूं आपको मनपसंद आयेगी।
मेरे बापू केँ एक् साथी हें अनिल अग्रवाल ! पिताजी औऱ अनिल अंकल एक् हि कम्पनी मे काम करते हें, दोनों कि बहुत अच्छी दोस्ती हैं।
अनिल अंकल हमारे घऱ अक्सर आते रहते हें।
एक् दिन अनिल अंकल कां पिताजी केँ पास मोबाइल आया, कहा- दोस्त मुझे औऱ मेरी पत्नि कों रिश्तेदारी मे एक् विवाह मे जानां हैं औऱ मेरा बेटा भि काम केँ सिलसिले मे बाहर् गय़ा हैं। हम् विवाह मे जायेंगे तोँ पलकबहू घऱ मे अकेली होँ जाएगी, विवाह मे जानां भि जरूरी हैं औऱ मेरी पोती बहोत छोटी हैं, तोँ हम् पलक कों अकेला नहि छोड़ सकते। क्याँ तुम् रोमा कों कुछदिन केँ लिए मेरीबहू केँ संग हमारे घऱ मे रहने केँ लिएभेज सकते हौ?
तौ पिताजी नें कहा- मे रोमा सें पूछकर बताता हूं।
फिन बापू नें मुझसे पूछा तोँ मैंने कहा-ठीक हैं, मे चली जाऊँगी।
पिताजी नें अंकल कों कह दिया-ठीक हैं, वोँ पलक केँ संगरह लेगी !
तौ अंकल नें कहा- हमेंकल साम मे जानां हैं, मे कल सुभह रोमा कों लेने आँ जाऊँगा।
उनकाघऱ हमारे घऱ सें बहुतदूर हैं, मैंने अपनी तैयारी कि जाने कि औऱ अगलेदिन सुभह अंकल मुझे लेने केँ लिए आँ गये। मे रेडी होँ रही थि, मां नें उन्हें जलपान कराया फिन उन्होंने कहा- हम् दोनों मे तोँ एक् हफ्ते केँ लिएजा रहे हें पर्र मेरा बेटा तीन-चार दिन मे घऱ वापस आँ जायेगा तोँ वोँ रोमा कों वापस छोड़ देगातब तक रोमापलक औऱ उसकी बेटी केँ संगरह लेगी।
पिताजी नें कहा-ठीक हैं दोस्त, जब तक तुम् दोनों नहि आँ जाते, रोमावहा रह सकती हैं।
औऱ फिन अंकल मुझे लेकर अपनेघऱ आँ गए।
उनकेघऱ जाकर मे उनकीबहू सें मिली, वैसे तौ मे उनसे पहले भि मिल चुकी थि जब वोँ हमारे घऱआई थि पऱ हमारी अधिकबात नहि हौ पाई थि।
फिनसाम कों पाँचबजे अंकल औऱ आँटी कि ट्रेन थि तोँ वोँ चलेगये, मे उनकेघऱ मे थोड़ी चुप-चुप सि थि तोँ पलक भाभी नें मुझसे कहा- रोमा, तुम् इतनीचुप क्यूं हौ? क्याँ तुम्हें यहा अच्छा नहि लगरहा हैं?
मैंने कहा- नहि नहि भाभी, ऐसी कोईबात नहि हैं !
तौ भाभी कहनेलगी- रोमा, तुम् इसे अपना हि घऱ समझो, किसी भि चीज कि जरूरत हौ तोँ बेझिझक मुझसे कहना ! तुम् मुझे अपनी सखी-सहेली हि समझो।
भाभी कि बेटी अभि नौ महीने कि हैं, मे उसकेसंग खेलने लगी।
भाभी नें रात कां खानां बनाया, हमने खानां खाया, फिन मैंने भाभी सें कहा- मे कहां पऱ सोऊँगी भाभी?
तोँ भाभी नें कहा- रोमा, तुम् मेरेसंग मेरे हि कमरे मे सोजाओ, तुम्हारे भईया तोँ हैं नहि, तुम् मेरेसंग सोओगी तौ अच्छा रहेगा।
रात मे भाभी औऱ मे कुछ बातें करनेलगे। उनकी बेटी रोनेलगी तौ भाभी नें अपना ब्लाउज ऊपर करके एक् उरोज कों बाहर् निकाल कर गुलाबी निप्पल कों बेबी केँ मुँह मे देकरउसे दूध पिलाने लगी।
मे येदेख करवहा सें उठकर जानेलगी तोँ भाभी नें कहा- कहां जारही हौ रोमा ! बैठीरहो ! इसमें क्याँ शरमाना !
मे वहीं बैठीरही।
भाभी केँ मम्मों बहुत बड़े थें जोँ मुझेसाफ साफ दिखाई देरहे थें। मैंने भाभी सें पूछा- भाभी, आपकी अरेंज मैरिज थि याँ लव मैरिज?
तौ भाभी मुस्कुराने लगीकहा- अरेंज कमलव मैरिज थि।
फिन मैंने पूछा- भाभी, आप् औऱ भईया कहां मिले थें?
तौ भाभी कहनेलगी- हम् कॉलेज मे मिले थें !
बहुतदेर तक हम् ऐसे हि बातें करतेरहे, बात करते करतेरात कां एक् बज गय़ा थां, मैंने भाभी सें पूछा- भईया नें आपको प्रपोज केसे किया थां?
तौ भाभी कहनेलगी- रात बहोत होँ गई हैं रोमा, हमें सोना चाहिए, अबकलबात करेंगे।
फिन सुभहजब मेरी नींद खुली तोँ भाभी पलंग पऱ नहि थि। मे उठकर बाथरूम कि तरफ गई पऱ बाथरूम अन्दर सें बन्द थां। भाभी कों पताचल गय़ा थां कि मे उठ गई हूं तौ उन्होंने अन्दर सें हि कहा- रोमा, मे अभि 5 मिनट मे निकलती हूं !
मैंने कहा-ठीक हैं।
फिन भाभी बाथरूम सें निकली तोँ वोँ केवल ब्रा-पेंटी मे थि औऱ वोँ ब्रा-पेंटी सफ़ेद रंग कि पारदर्शी थि। भाभी तौलिये सें अपने बालों कों पौंछरही थि।
मे उन्हें देखती हि रही, उनके बड़े बड़े उरोज ब्रा मे सें छलक-झलक रहे थें औऱ उनकी योनिस्थल पऱ हल्के हल्के बाल थें, जौ मुझेउस पारदर्शी ब्रा पेंटी सें दिखाई देरहे थें। मे उन्हें एकटक देखेजा रही थि।
फिन भाभी नें अलमारी सें अपने कपड़े निकाले औऱ उन्हें पहनते हुए भाभी नें मुझेकहा- जाओ रोमा, तुम् भि जाकरनहा लो।
मे अपनेबैग सें कपड़े निकलने लगी पऱ बैग मे ब्रा औऱ पेंटी दिखी नहि तौ मे बैग मे हि ढूंढने लगी।
तोँ भाभी नें मुझेदेख कर पूछा- क्याँ ढूँढरही होँ रोमा?
तोँ मैंने कहा-कुछ नहि भाभी !
तोँ उन्होंने कहा- क्याँ हुआ, बताओ? तुम् कुछ परेशान सि लगरही हौ?
तोँ मैंने कहा-हाँ भाभी, लगता हैं मे अपनी ब्रा-पेंटी घऱ हि भूलआई हूं, वोँ बैग मे नहि हैं !
तौ भाभी नें कहा- इसमें परेशान होने कि क्याँ बात हैं, मेरेपास बहोत सारी हें तुम् वोँ लेँ लो !
तोँ मैंने कहा- भाभी, आपकी ब्रा-पेंटी मुझे कहां स्लिम आयेंगी, आप् कां साइज़ औऱ मेरा साइज़ अलगअलग हैं।
तौ भाभी नें कहा- मेरेपास तुम्हारे साइज़ कि ब्रा-पेंटी भि हें। जब मेरीनई नई विवाह हुई थि तौ मेरा साइज़ भि तुम्हारे साइज़ जितना हि थां, तुम्हारे भईयाजब भि बाहर् जाते हें, मेरेलिए ब्रा पेंटी लेकर हि आते हें। रुको, मे तुम्हें वोँ लाकर देती हूं !
तब भाभी नें अलमारी खोली औऱ उसमें सें मुझे अपनी 4-5 ब्रा-पेंटी निकाल कर दि औऱ कहा-यह लो रोमा, यह तुम् रखलो ! अब
यह मेरे साइज़ कि नहि हैं, यह तुम्हारे काम आयेंगी।
मे नहाने चली गई। जब मे नहाकर बाहर् आई तोँ भाभी कमरे मे हि थि।
भाभी नें मुझेकहा- रोमा, दिखाओ तौ तुम्हें ब्रा पेंटी ठीकआई याँ नहि?
तौ मैंने कहा-हाँ भाभी, ठीक साइज़ कि हें।
तौ उन्होंने कहा- दिखाओ तौ ! मुझ सें क्याँ शरमारही होँ?
औऱ उन्होंने मेरा तौलिया हटा दिया, फिन कहा-हाँ ठीक हें यह !
औऱ कहा- रोमा, मुझसे तुम् शर्माया मतकरो, मुझे अपनी मित्र हि समझो !
तोँ मैंने कहा-ठीक हैं भाभी !
औऱ वोँ कमरे सें चली गई, मैंने अपने कपड़े पहने, फिन हमने ब्रेकफास्ट किया।
मैंने फिन भाभी सें पूछा- बताओनाअ भाभी, आप् लोग केसे मिले थें?
तोँ भाभी नें कहा- मैंने बताया तोँ थां कि हम् कॉलेज मे मिले थें औऱ तुम्हारे भईया नें मुझेवहा प्रपोज किया, मुझे भि वोँ पसन्द आये तोँ मैंने भि हाँकर दि थि। फिन हम् ऐसे हि मिलते रहे थें औऱ पढ़ाई पूरी करने केँ बाद हमारी विवाह होँ गई।
औऱ कहनेलगी- विवाह सें पहले हमने लाइफ कों खूब एन्जोय किया !
तौ मैंने कहा- वोँ केसे भाभी?
तोँ उन्होंने कहा- हम् विवाह सें पहलेखूब घूमते थें औऱ मस्ती किया करते थें।
मैंने कहा- क्याँ क्याँ मस्ती करते थें आप्?
तोँ उन्होंने कहा- हमने विवाह केँ पहले भि बहोत चुदाई कि हैं !
फिन भाभी नें मुझ सें कहा- रोमा, तुमने कभी चुदाई कि हैं?
तोँ मैंने कुछ नहि कहा औऱ मुस्कुराने लगी।
फिन भाभी नें कहा- बताओ रोमा? कि हैं तुमने कभी चुदाई?
“कि हैं !” मैंने भाभी सें कहा-हाँ मैंने कि हैं भाभी ! आप् किसी कों बताना मत !
उन्होंने नें कहा-ठीक हैं !
फिन भाभी नें कहा- कैसालगा थां तुम्हें?
तौ मैंने कहा- बहोत अच्छा लगा थां !
फिन भाभी नें कहा-चलो, मे तुम्हें कुछ दिखाती हूं !
हम् कमरे मे गए तोँ भाभी नें एक् बैग निकाला, उसे खोला तोँ उसमें ढेर सारी सीडी थि !
मैंने पूछा-यह किसकी सीडी हें?
तौ भाभी नें कहा- चुदाई कि सीडी हें, तुम्हारे भईया कि हें हम् कभीकभी संगबैठ कर देखते हें। औऱ फिन जैसे जैसेउस सीडी मे चुदाई होती हैं तुम्हारे भईया भि मुझे वैसे वैसे हि चोदते हें। बहोत मज़ाआता हैं।
भाभी नें एक् सीडी लेपटोप मे लगा दि, भाभी औऱ मे उस सीडी मे चलरही चुदाई कों देखने लगे। चुदाई कों देखकर मेरामन भि चुदने कां करनेलगा औऱ भाभी भि गरम हौ गई थि तोँ उन्होंने अपनी साड़ी उठाई औऱ पेंटी केँ अन्दर हाथडाल कर अपनी बुर मे उंगली करनेलगी, मे उन्हें देखरही थि फिंगरिंग करतेहुए !
फिन भाभी नें कहा- रोमा, क्याँ तुम्हारा मन नहि कररहा चुदने कां?
मैंने कहा- भाभीकर तोँ रहा हैं !
तोँ उन्होंने मुझेकहा- तुम् भि फिंगरिंग करलो, तुम्हें अच्छा लगेगा !
औऱ उन्होंने मेरी सलवार कां नाड़ा खोल दिया। मे भि गरम थि तोँ मैंने भि अपनी सलवार उतार दि।
फिन भाभी नें कहा-अब तुम् भि करो रोमा !
तोँ मे भि करनेलगी।
भाभी नें कहा- रोमा, मे तुम्हारी कुछ सहायता करूँ क्याँ?
औऱ फिन उन्होंने मेराहाथ हटा दिया औऱ मेरी बुर मे अपनी उंगली डालकर आगे पीछे करनेलगी। मुझे बहोत मज़ा आँ रहा थां कुछ हि देरबाद मे झड़ गई।
फिन भाभी कहनेलगी- रोमा, तुम्हारे भईया कां लन्ड बहोत बड़ा औऱ मोटा हैं, मुझे उससे चुदने मे बहोत मज़ाआता हैं। वोँ 8-10 दिन सें बाहर् हें तोँ मे चुदाई कि प्यासी हौ गई हूं, अब तोँ ऐसेलग रहा हैं कि वोँ जल्द सें आँ जायें औऱ मुझे चोदें ! औऱ वोँ भि मुझे चोदने केँ लिए उतने हि बेताब होंगे जितना कि मे उनसे चुदने केँ लिए बेताब हूं ! देख्ना आते हि सबसे पहले वोँ मेरी चुदाई करेंगे !
अगली सुभह भईया कां फ़ोनआया कि वोँ आजरात मे घऱ आँ रहे हें तौ भाभी कि ख़ुशी कां तौ ठिकाना हि नहि थां।
फिन मैंने भैया केँ उसबैग सें एक् दूसरी सीडी निकाली औऱ उसे लेपटोप पऱ लगाकर देखने लगी औऱ अपनी बुर मे उंगली डालकर हिलाने लगी।
भाभी नें कहा- रोमा, अब तुम्हें फिंगरिंग कि नहि किसी लन्ड कि जरूरत हैं।
मैंने कहा- भाभी, अब वोँ मुझे कहां मिलेगा, इसलिये मे यहकररही हूं।
तोँ भाभी नें कहा- रोमा, अगर तुम् चाहो तोँ मे तुम्हारी कुछ सहायता कर सकता हूं।
मैंने पूचा- वोँ केसे भाभी?
तोँ उन्होंने कहा- मे तुम्हें अपने पति सें चुदवा सकती हूं !
मैंने चौंकते हुएकहा- ये क्याँ बोलरही होँ भाभी आप्? मे ऐसा नहि कर सकती ! वोँ आप् केँ पति हें, मे उन्हें भाई बोलती हूं।
तौ भाभी नें कहा- तौ क्याँ हुआ रोमा? मे तुमको उनसे चुदने कि परमिशन देरही हूं औऱ वैसे भि बहुत दिनों सें वोँ बोलरहे थें कि उन्हें किसी औऱ बुर कां स्वाद चखना हैं। तौ तुम् हि उनको अपनी बुर कां स्वाद चखादो !
मैंने कुछ भि नहि कहा, मे चुप हि रही तोँ फिन भाभी नें कहा- अच्छा तुम् आजरात हमारी चुदाई देखलो, फिन अच्छा लगे तौ तुम् भि अपनी चुदाई करवा लेना।
औऱ कहनेलगी- रोमा, जब तुम् उनका लन्ड एक् बारदेख लोगी तोँ तुम् स्वयं कों रोक नहि आओगी औऱ उनसे चुदाई करवा हि लोगी।
फिन भाभी औरमैं रात केँ खाने कि तैयारी करनेलगे। रात केँ 8 बज चुके थां पर्र भईया अभि तक नहि आये थें तोँ भाभी नें उन्हें मोबाइल लगाया औऱ पूछा कि वोँ कहां पर्र हें, घऱकब तक पहुँचेंगे।
तोँ उन्होंने कहा- 10 बज जायेंगे घऱआते तक !
फिन मैंने कहा-चलो भाभी, हम् खानां खा लेते हें।
भाभी नें कहा-ठीक हैं !
औऱ हम् खानां खानेबैठ गए। खानां खाकर कमरे मे जाकर हम् दोनों टीवी देखने लगे। थोड़ी देरबाद दरवाजे कि घंटी तोँ भाभीझट सें उठी औऱ दरवाजा खोलने गई। मे भि उठकर कमरे सें बाहर् आई तौ मैंने देखा, भाभी नें जैसे हि दरवाजा खोला, भैया उन पर्र टूट पड़े, उन्होंने भाभी कों अपनेगले सें लगा लिया औऱ उन्हें चूमने लगे। कभी वोँ भाभी केँ गाल औऱ गर्दन कों चूमते तोँ कभी उनके होठों कों !
भाभी भैया कों कहनेलगी- रुकजाओ, इतनी जल्द क्याँ हैं, मे कहीं भागी थोड़े हि जारही हूं !
तौ भईया नें कहा- नहि, मुझसे नहि रुका जायेगा !
फिन भईया नें अचानक मेरीतरफ देखा कि मे उन्हें देखरही हूं तोँ वोँ भाभी सें अलग हौ गए। वोँ अन्दर आये औऱ अपना
सामान रखकर मुझेकहा- अरे रोमा, तुम् अभि तक सोई नहि !
तौ भाभी नें झट सें कहा- नहि, वोँ मेरेसंग आप् केँ आने कां इन्तजार कररही थि।
फिन भाभी नें भैया कों कहा-जाओ, आप् जाकर फ्रेश हौ जाओ, मे खानां लगाती हूं !
मे भि कमरे मे आकार टेलीविज़न देखने लगीतब भईया भि उसी कमरे मे आए औऱ फ्रेश होने केँ लिए बाथरूम मे चलेगए।
तभी भईया नें आवाज़ लगाई-अरे, जरा मेरा तौलिया तौ देना !
तब भाभीआई औऱ मुझेकहा- रोमा, जरा उन्हें तौलिया दे देना, मेरेहाथ गन्दे हें।
मे तौलिया लेकर बाथरूम कि तरफ गई औऱ दरवाजा खटखटाया तौ भईया नें कहा- दरवाजा खुला हैं !
तोँ मैंने दरवाजे कों थोडा सें खोला औऱ कहा-ये आपका तौलिया !
तौ भईया नें हाथ बड़ाकर तौलिया लिया औऱ मेराहाथ पकड़कर अन्दर खींचने लगे।
मैंने कहा- भईया, ये आपका तौलिया !
तोँ उन्होंने मेराहाथ छोड़ दिया औऱ दरवाजा बंदकर लिया। ये बात मैंने भाभी कों आकर बताई तोँ भाभी हँसी औऱ कहनेलगी- रोमा, शायद उन्होंने समझा होगा कि मे हूं इसलिये उन्होंने तुम्हारा हाथ पकड़कर अन्दर खींचा होगा। वोँ अक्सर ऐसा हि करते हें, तौलिया लेकर बाथरूम नहि जाते औऱ फिन मुझे कहते हें कि तौलिया दो औऱ जब मे उन्हें तौलिया देने जाती हूं तौ मेराहाथ पकड़कर अन्दर खींच लेते हें।
फिन भईयाजब फ्रेश होकर बाहर् आये वोँ मुझेदेख कर मुस्कुराने लगे। मे भि मुस्कुराने लगी तोँ भाभी नें उनसेकहा- मेरेलिए क्याँ लें करआये हौ?
तोँ भईया नें कहा-वही जोँ हमेशा लाता हूं ! बैग मे हैं।
भाभी नें भईया कों खानां परोसा औऱ कहा- मे जाकर देखती हूं !
भाभी नें कहा-चलो रोमा !
मे उनकेसंग चली गई। भाभी नें बैग खोली तोँ उसमें एक् बॉक्स थां, भाभी नें भईया कों आवाज़ देकर पूछा- बॉक्स मे हि हैं क्याँ?
तौ भईया नें कहा-हाँ बॉक्स मे हि हैं !
मैं उन्हें भइया बोलती हूँ complete - Hindi Sex Story – New Episode
भाभी नें जल्द सें उस बॉक्स कों खोला तोँ उसमें सें गुलाबी ब्रा पेंटी कां सेट थां। भाभी नें वोँ मुझे भि दिखाया तौ मैंने कहा- भाभी, यह तोँ उसी ब्रा औऱ पेंटी केँ जैसे हें जौ आपने मुझे दि थि, औऱ जोँ मैंने अभि पहन भि रखी हें।
भाभी नें कहा- मुझे दिखाओ रोमा !
औऱ उन्होंने मेरी कुर्ती कों ऊपरकर दि औऱ देखने लगी, कहनेलगी- हाँ रोमा, यह तौ एक् जैसी हि हें।
भाभी नें कहा-कोई बात नहि !
औऱ फिन भाभी नें भईया सें पूछा- आपका खानां होँ गय़ा क्याँ?
तौ उन्होंने कहा- होँ हि गय़ा हैं।
फिन भाभी नें कहा- मे इसेपहन करदेख लूँ क्याँ?
भईया नें कहा-हाँ पहनलो, यह भि कोई पूछने कि बात हैं?
फिन भईया कमरे मे आये औऱ भाभी सें पूछा- पसन्द तौ आई नाँ?
तौ भाभी नें कहा-हाँ बहोत अच्छी हैं !
फिन भईया नें अपनी बेटी कों उठाकर कमरे सें बाहर् चलेगए औऱ उसकेसंग खेलने लगे।
भाभी नें अपनी साड़ी उतार दि औऱ मुझसे भि कहा- रोमाअब तुम् भि कपड़े बदललो !
मे कपड़े बदलने बाथरूम मे जानेलगी तौ भाभी नें टोका- कहां जारही हौ?
तोँ मैंने कहा- कपड़े बदलने बाथरूम मे जारही हूं !
तोँ भाभी नें कहा- तुम् यहींबदल लो, मुझे जानां हैं बाथरूम !
औऱ फिन भाभी नें जल्द सें अपना पेटीकोट, ब्लाउज, ब्रा-पेंटी कों उतारउस नई ब्रा पेंटी कों पहना औऱ बाथरूम मे चली गई।
मैंने अपने कपड़े उतारे औऱ अपनेबैग सें नाईटी निकालने लगी, तभी अचानक भईया नें आकर पीछे सें मेरे बूब्स पकड़लिए औऱ उन्हें दबाने लगे औऱ मेरी गर्दन पर्र चुम्बनों कि बौछार कर दि। अचानक हुएइस हमले सें मे घबरा गई, मैंने कहा- भईया, यह क्याँ कररहे होँ आप्?
तौ भईया नें मेरा मुँह घुमाया औऱ मुझेदेख करदूर हटगये औऱ कहा- रोमा तुम्? पलक कहां हैं?
मे वैसे हि खड़ी थि ब्रा औऱ पेंटी मे, मैंने कहा- भाभी बाथरूम मे हें !
तौ भईया नें कहा- मुझे क्षमा कर देना रोमा, मैंने सोचापलक हैं।
औऱ कहा- मैंने जौ पलक केँ लिए लाया थां वोँ तुमने केसेपहन लिया? इसलिये मुझे गलतफहमी हौ गई औऱ मुझेलगा कि तुम् हि पलक हौ।
उधर भाभी बाथरूम सें निकलकर आई औऱ कहा- मे यहा हूं !
भईया नें भाभी कि तरफदेख औऱ कहा- तुम् दोनों नें एक् सि ब्रा-पेंटी केसे पहनी हें। मे तौ इस ब्रा-पेंटी कां एक् हि सेट लाया थां तोँ यहदो जोड़ी केसे होँ गई। तुम् दोनों नें एक् सि ब्रा-पेंटी पहनी हैं।
तौ भाभी नें कहा- आप् एक् बार पहले भि यही ब्रा पेंटी कां सेटलाए थें मेरेलिए, जब हमारी विवाह हुइ थि, जोँ अब मुझे छोटी हौ गई हैं तोँ मैंने रोमा कों दे दि हैं औऱ इत्तेफाक सें रोमावही पहने हैं।
भईया मुझेदेख कर मुस्कुराने लगे, मे भि मुस्कुराई औऱ अपनी नाईटी पहनकर कमरे केँ बाहर् जानेलगी तौ भैया नें भाभी कां हाथ पकड़कर उन्हें अपने सीने सें लगा लिया औऱ उन्हें चूमने लगे।
तब भाभी नें कहा- अभि रुको, बेटी कों सुला तौ लेनेदो !
फिन भाभी भईया सें छुटकर बाहर् आई तौ मैंने भाभी सें कहा- भाभी, आज मे कहां सोऊँ?
तोँ भाभी नें कहा- हमारे हि कमरे मे सोजाओ !
तोँ मैंने कहा- नहि भाभी, भईया बहोत दिनबाद आये हें।
औऱ मैंने भाभी सें इसे हि मजाक करतेहुए कहा-आज तौ भैया आप् कों छोड़ने वाले नहि हें, केसे उतावले हौ रहे हें, मेरे सामने हि चूमा चाटीकर रहे हें।
तौ फिन भाभी नें कहा-हाँ, यह तोँ आज मुझे चोदे बिना छोड़ेंगे नहि, तुम् बगल वाले कमरे मे सोजाओ !
औऱ फिन भाभी नें भि मुझसे कहा- वैसे भि तुम्हें भि आज नींद कहां आयेगी !
मे मुस्कुराने लगी तौ भाभी नें कहा-सच सच बताना रोमा, तुम्हारा भि मनकररहा हैं नां चुदने कां?
तौ मैंने कहा-हाँ भाभी, जिस तरह भैया आपकेसंग चूमा चाटीकर रहे थें औऱ मुझे भि उन्होंने जिसतरह पीछे सें आकर पकड़कर मेरे चूचों कों मसल दिया, मुझे बहोत अच्छा लगा !
तोँ भाभी कहनेलगी- तौ करलो नाँ इनकेसंग सेक्स ! बहोत अच्छी चुदाई करते हें तुम्हारे भईया ! इनसे चुदते हुए मुझे तौ ऐसा लगता हैं कि मे स्वर्ग मे हूं !
तौ मैंने कहा- नहि भाभी, आप् जाइये, भईया आपकीराह देखरहे हें, वोँ बहोत उताबले हौ रहे हें !
फिन भाभी बोलि- मे अपनी बेटी कों सुला देती हूं ! रोमा प्लीज, तुम् इसेआज इसे अपनेपास सुलाए रखना, क्योंकि जबयह मेरेसंग सेक्स करते हैं तौ बहोत बुरी तरीके सें करते हें औऱ उस हड़बड़ी मे येउठ जाती हैं, फिनइसे सुलाने मे सारामजा खराब हौ जाता हैं।
फ़िरआगे बोलि- मे इसे सुलाती हूं, जबसो जाएगी तोँ मे तुम्हें आवाज़ दे दूंगी, तुम् इसे लेँ जानां !
मैंने कहा-ठीक हैं भाभी, मे लें जाऊँगी !
भाभी अपने कमरे मे चली गई, मुझे नींद तोँ आँ नहि रही थि तोँ मे उत्तेजनावश उनके कमरे केँ पास आँ गई।
मुझेकुछ सुनाई दिया, भाभी भईया सें कहरही थि- तुम् रोमा कि चुदाई करना चाहते हौ? तुम् उसेजिस तरह पीछे सें आकर पकड़कर उसके बूब्स दबारहे थें, उसे बहोत अच्छा लगरहा थां, जब उसने मुझे बताया, तोँ मैंने उससेपूछ लिया कि क्याँ वोँ सेक्स करना चाहती हैं तोँ उसने चुदने कि ख़्वाहिश जताई !
भैया नें कहा-हाँ पलक, मे भि रोमा कों चोदना चाहता हूं, मुझे उसकी बुर कां स्वाद चखना हैं।
येसुन करजब मे उनके कमरे मे झांकने लगी तौ भाभी मात्र पेंटी मे थि, उन्होंने ब्रा उतार दि थि औऱ बेटी कों दूध पिलारही थि।
औऱ भैया कों भि ! भाभी कां एक् निप्पल उनकी बेटी केँ मुँह मे थां औऱ दूसरा भैया केँ मुँह मे ! वोँ दोनों कों दूध पिलारही थि औऱ कहरही थि- छोड़ो, बेटी केँ हिस्से कां दूध भि तुम् पी लोगे क्याँ?
भईया नें भाभी सें कहा-अब येसो गई हैं, तुम् इसे रोमा कों देदो, अब तोँ मुझ सें रहा नहि जारहा हैं।
भाभी नें मुझे आवाज़ दि औऱ कहा- रोमाइसे लेँ जाओ।
मे उनके कमरे मे गई, भैया अभि भि भाभी केँ निप्पल कों मुँह मे लिएचूस रहे थें !
मुझे भाभी नें कहा-देख रही होँ रोमा, इन्हें बिलकुल सब्र नहि होँ रहा हैं !
फिन मैंने जैसे हि उनकी बेटी कों भाभी कि गोद सें उठाया, भईया नें भाभी कों बैड पर्र लिटा दिया औऱ उनके दूसरे चूचे कों हाथ सें दबाने लगे। मे उनकी बेटी कों लेकर कमरे सें बाहर् आई, उसे दूसरे कमरे मे लाकर सुलाया औऱ फिन जल्द सें भईया औऱ भाभी केँ कमरे केँ पास पहुँची, उनके कमरे मे झांकने लगी।
भैया अभि भि भाभी केँ दुग्धकलश चूसरहे थें, इधर मेरी हालत भि अब ख़राब हौ रही थि, मे अपनी पेंटी केँ अन्दर हाथडाल कर अपनी बुर कों सहलाने लगी, फ़िर भईया भाभी कि रति क्रिया देखने लगी।
फिन भईया नें अपने होंठों कों भाभी केँ होंठों पऱ रखा औऱ चूसने लगे। कुछ देर होंठों कों चूसने केँ बाद भईया भाभी केँ जिस्म कों
चूमते हुए नीचेआने लगे, कभी वोँ चूचियाँ चूसते तोँ कभीपेट कि नाभि कों औऱ दोनों हाथों सें बूब्स कों जोरजोर सें दबारहे थें तोँ भाभी कहनेलगी- थोडा धीरे-धीरे करो !
तौ भैया नें कहा-आज कुछ धीरे-धीरे नहि करुँगा।
औऱ भैया फिन उरोजों कों दबाने लगे, भाभी केँ मुँह सें आअह्ह्ह्ह्ह् ह्हआआअ ह्ह्ह्ह ह्ह्ह्ह्ह आअह्ह्ह कि आवाजें निकलरही थि जोँ बड़ी हि मोहक उत्तेजक लगरही थि।
फिन भईया नाभि कों चूमते हुए पेंटी केँ ऊपर सें हि भाभी कि बुर कों चूमने लगे औऱ भाभी केँ उरोजो कों मथेजा रहे थें। अब भैया नें अपनी टीशर्ट औऱ लोअर उतारी औऱ फिन सें बुर कों पेंटी केँ ऊपर सें हि चूमने लगे।
भाभी नें कहा-ऊपर सें क्यूं चूमरहे होँ, पैंटी हटाकर अन्दर फ़ुद्दी चूमो !
तोँ भईया नें पेंटी कों बुर सें थोडा बगल मे किया, उनकी बुर पऱ अपना मुँहरख कर बुर कों चूसने लगे।
भाभी कि आआह्ह्ह आअह्ह आअह्ह कि आवाजें अब औऱ तेज कों गई थि, अब भाभी भैया सें कहरही थि- जोरजोर चूसो ! खाजाओ मेरी बुर कों !
उनके मुँह सें लगातार सिसकारियाँ निकलरही थि, पूरारूम उनकी आवाज़ सें गूंजरहा थां।
फिन भईया नें कहा- साली, अभि कहरही थि कि धीरे-धीरे धीरे-धीरे करो, औऱ अबकहरही हैं जोरजोर सें करो ! क्यूं अब मज़ाआने लगा लगता हैं?
भाभी कहनेलगी- हाँ, बहोत मज़ाआर हा हैं ! तुम् बातमत करो, चूसो, मेरी बुर कों खाजाओ !
अब भैया नें अपनीजीभ बुर केँ अन्दर डाल दि थि, भाभी आह्ह्ह आऐईईईइ आअह्ह करतेहुए चिल्ला उठी।
अब भईयाउठे औऱ अपनी अंडरवीयर उतारकर अपने लन्ड कों भाभी केँ मुँह मे दे दिया। भाभी लण्ड चूसने लगी। फिन उन्होंने भईया कों खाट पऱ लिटा दिया औऱ उनकेऊपर चढ़कर लन्ड कों चूसने लगी।
कुछ देर लन्ड चूसने केँ बाद भईया नें भाभी कों बैड पऱ लिटाया औऱ उनके मुँह कों बैड सें नीचे लटका दिया औऱ स्वयं बैड केँ नीचे खड़े हौ गये औऱ लण्ड कों भाभी केँ मुँह मे डालकर उनके मुँह कि चुदाई करनेलगे औऱ दोनों हाथों सें पलक केँ वक्ष उभारों कों मसलने लगे।
मेरी हालतअब औऱ ख़राब होँ गई थि, मैंने बुर मे उंगली डालली थि औऱ उसे अन्दर बाहर् हिलारही थि।
कुछदेर मुँह कि चुदाई केँ बाद भईयाअब बैड पऱ लेटे औऱ भाभी कों अपनेऊपर लिया, उनका मुँह लन्ड कि तरफ औऱ भाभी कि बुर भैया केँ मुँह कि तरफ थि अब भाभी भैया कां लौड़ा चूसरही थि औऱ भईया भाभी कि फ़ुद्दी कों चूसरहे थें।
करीब-करीब 5-7 मिनट कि चुसाई केँ बाद भाभी नें कहा- मुझसे सब्र नहि होँ रहा हैं, मुझे चोदो !
भईया नें भाभी कों सीधा किया, उनके दोनों पैरों कों उठाकर अपने कंधे पऱ रख लिया। अब उन्होंने लण्ड कों बुर केँ ऊपररखा औऱ लन्ड सें योनि कों सहलाने लगे।
भाभी कहनेलगी- इतना तड़पा क्यूं रहे हौ? लण्ड डालो बुर केँ अन्दर औऱ चोदो !
तोँ भैया नें कहा- इतनी जल्द क्याँ हैं डार्लिंग ! अभि तौ पूरीरात पड़ी हैं, आज तौ पूरीरात चोदूँगा तुम्हे !
भाभी कहनेलगी- प्लीज़ ! ऐसे तड़पाओ मत ! चोदो मुझे !
तोँ भईया नें लन्ड कों अन्दर सरकाना शुरुआत किया पर्र लन्ड अन्दर नहि जारहा थां तोँ भईया भाभी सें कहनेलगे- डार्लिंग, तुम्हारी बुर तौ बहोत टाईट होँ गई हैं, लन्ड अन्दर हि नहि जारहा हैं?
फिन भईया नें एक् जोरदार झटके केँ संग लन्ड कों आधा बुर केँ अन्दर घुसा दिया औऱ भाभी केँ मुँह सें एक् जोरदार चीख निकली। भईया थोडा रुकेफिन एक् औऱ झटके केँ संग उन्होंने पूरा लण्ड भाभी कि बुर मे डाल दिया, उन्होंने भाभी कों धीरे-धीरे धीरे-धीरे चोदना शुरुआत किया, भाभी मस्तहुए जारही थि औऱ चुदाई कां पूरा आनन्द लें रही थि, उन केँ मुँह सें लगातार अहह आअह्ह ऊउह्ह्ह् आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह्ह्ह कि आवाजें निकलरही थि।
भैया नें अपनी स्पीड कों थोडा बढ़ा दिया औऱ उनकी चुदाई करनेलगे, भाभी कहनेलगी- चोदो बलमा चोदो ! आजजमकर चोदो मुझे ! भैया नें अपनी स्पीड कों औऱ बढ़ा दिया। अब भाभी कि फ़ुद्दी नें पानी छोड़ दिया थां पऱ भईया भाभी कों चोदेजा रहे थें, बुर मे सें फचफच कि आवाज़ निकलरही थि।
इतनी चुदाई केँ बाद भाभीदो बारझड़ चुकी थि। फिन भैया नें बुर मे सें लण्ड निकाल कों खाट पऱ लेटगए। अब भाभी उनकेऊपर चढ़ी औऱ लण्ड कों अपनी बुर केँ अन्दर लेती हुईँ लन्ड पर्र बैठ गई।
भैया नें अपने हाथों सें उनके दोनों बूब्स कों पकड़ा औऱ भाभी नें लन्ड पऱ उछलना चालूकर दिया। भैया भि नीचे सें धक्के लगारहे थें। फिन अचानक भैया उठे औऱ भाभी कों नीचे पलंग पऱ पटका औऱ उनके दोनों पैरों कों फैला दिया औऱ लण्ड कों बुर मे डालकर धक्के लगाने लगे औऱ बोलने लगे- सालीआज बहोत दिनबाद चोदने कों मिली हैं तूँ ! आज तोँ तेरी बुर कों फाड़ डालूँगा !
पूरारूम भाभी कि सिसकारियों सें गूंजरहा थां।
मैं उन्हें भइया बोलती हूँ complete - Hindi Sex Story – New Episode
लगभग 5 मिनट कि चुदाई केँ बाद भैया केँ मुँह सें भि आअह आअह्ह आअह्ह्ह कि आवाज़ निकलने लगी औऱ उन्होंने अपनागरम गरम वीर्य भाभी कि गर्भ-गुहा मे छोड़ दिया।
इस चुदाई केँ बाद भैया थककर भाभी केँ पास हि लेटगए औऱ भाभीउठ कर उनके लण्ड कों अपने मुँह मे लेकरचाट करसाफ करनेलगी।
इधर मेरी बुर भि पानी छोड़ चुकी थि, मे अपने कमरे मे चली गई। इतने मे हि भाभी कि बेटी जग गई औऱ रोनेलगी तौ मे उसेउठा कर सुलाने कि कोशिश करनेलगी।
शायद भाभी कों उसके रोने कि आवाज़ सुन गई थि तोँ उन्होंने मुझे आवाज़ लगाकर कहा- रोमा, उसे मेरेपास लें आओ।
मे उठी औऱ उनकी बेटी कों लेकर उनके कमरे मे गई तौ भैया कमरे मे नहि थें औऱ भाभी नंगी हि बैड पर्र बैठी थि।
मैंने उनकी बेटी कों उन्हें दिया, भाभीउसे दूध पिलाने लगी, मैंने भाभी सें पूछा- कैसीरही आपकी चुदाई? होँ गई याँ अभि बाकी हैं?
तौ भाभी नें बताया- हाँ, होँ गई हैं, अभि वोँ बाथरूम मे हें, आएँगे तोँ हम् फिन सें करेंगे !
फिन भाभी नें कहा- रोमा, तुम् भि अपनी रगड़ाई करवालो नां इनसे !
तौ मैंने कहा- भाभी, पहले आप् तौ चुदलो जीभर केँ ! मेरी तोँ बाद कि बात हैं !
येबात भईया पीछे खड़ेसुन रहे थें तौ भैया नें आकर मुझेफिन पीछे सें पकड़ लिया औऱ मेरे बूब्स कों दबाने लगे, उनका लण्ड मेरे चूतड़ों कि दरार मे घुसरहा थां।
मैंने थोडा विरोध करना चाहा पऱ कर नं सकी औऱ वोँ मेरे चूचों कों जोरजोर सें मसलरहे थें। फिन उन्होंने मुझे अपनीतरफ घुमाया औऱ मेरे होंठों कों चूमने लगे। मे तौ पहले सें र्वासना कि अग्नि मे झुलसरही थि तोँ मे भि भईया कां संग देनेलगी औऱ उन केँ होंठों कों चूमने लगी।
भाभी पलंग पर्र बैठी अपनी बेटी कों दूध पिलारही थि। फिन भैया नें मेरी नाइटी उतार दि औऱ मेराहाथ उनकी छाती सें होताहुआ उनके लन्ड कि तरफ जानेलगा, मे उनके लन्ड कों अपनेहाथ सें सहलाने लगी। अब भईया नें मेरी ब्रा कां हुकखोल दिया औऱ मुझेखाट पऱ लिटाकर मेरे उरोज चूसने लगे।
मे भि मस्त हुई जारही थि, मे अपने दोनों हाथों सें उनकेसर कों पकड़कर अपने वक्ष मे दबाने लगी औऱ भईयाजोर जोर सें मेरे चुचूक चूसेजा रहे थें। फिन वोँ चूमते-चाटते नीचेआने लगे, मेरी नाभि कों चूमने लगे औऱ दोनों हाथों सें मेरे मम्मों दबाने लगे।
अब भैया नें अपनाहाथ मेरी बुर पऱ रख दिया औऱ उसे सहलाने लगे, फिन मेरी पेंटी कों उतार दिया औऱ कहा- रोमा, तुम्हारी बुर तौ बहोत हि सुन्दर हैं !
अब उन्होंने अपने होंठों कों मेरी बुर केँ ऊपररख दिया औऱ बुर कों चूसने लगे। मे सिहरउठी औऱ मेरे मुँह सें जोर सें आअह्ह्ह कि आवाज़ निकली।
भाभी जोँ वहीं बैठी अपनी बेटी कों दूध पिलारही थि, उन्होंने कहा- कैसालगा रोमा?
मे कुछ नं बोलसकी, बस आहेंभरे जारही थि। भैया मेरी बुर कों बुरीतरह चूसेजा रहे थें। मेरी बुर गीली होँ चुकी थि तोँ भईया कहनेलगे- रोमा, तुम्हारी बुर कां स्वाद बहोत अच्छा हैं।
बहुतदेर तक बुर चूसने केँ बाद वोँ उठे औऱ मेरेऊपर आकर अपने लन्ड कों मेरे दोनों बूब्स केँ बीच मे रख औऱ मुझ सें कहा- रोमा, तुम् अपने बूब्स कों बगल सें बीच मे दबाओ ताकि मेरा लण्ड तुम्हारे बूब्स केँ बीच मे फंस जाये।
मैंने वैसा हि किया। अब उनका लण्ड मेरी वक्ष घाटी मे फंस चुका थां औऱ भैया मेरे बूब्स कि चुदाई करनेलगे। ऐसा करतेहुए जब उनका लण्डआगे आता तौ वोँ मेरे होंठों कों छू जाता। ये मुझे बहोत अच्छा लगरहा थां, मे अपनीजीभ निकाल कर लंड केँ अग्रभाग कां स्वाद चखरही थि।
थोड़ी देर बूब्स चुदाई केँ बाद भैया नें लण्ड कों मेरे मुँह पऱ रख दिया औऱ कहा-लो रोमा, अब चूसोइसे, बहुर बेसबरी हुइ जारही हौ इसकेलिए !
मैंने भि देर न् करतेहुए उनके लन्ड कों अपने मुँह मे लें लिया औऱ चूसने लगी। मे उनके लण्ड कों किसी लॉलीपॉप केँ तरहचूस रही थि। भईया अपने हाथों सें मेरेसिर कों पकड़कर अपने लन्ड पऱ दबाने लगे जिससे उनका लण्ड मेरेगले तक जारहा थां। वोँ लन्ड सें मेरे मुँह कि चुदाई करनेलगे तोँ भैया केँ मुँह सें भि अह्ह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह कि आवाज़ आनेलगी औऱ उन्होंने अपना गर्मागर्म वीर्य मेरे मुँह मे हि छोड़ दिया।
वोँ ढीले होकर पलंग पर्र लेटगए औऱ मुझ सें लिपटकर मेरे होंठों कों चूमने लगे। अब भाभीउठी औऱ अपनी बेटी कों वहींरखे पालने मे सुलाकर हमारे पासआकर भैया केँ लण्ड कों अपने मुँह मे लेकर चूसने लगी भैया कां लन्ड फिन सें खड़ा होनेलगा। अब भैया पलंग पऱ सीधेलेट गए औऱ मुझे अपनी छाती पर्र बिठा लिया औऱ मेरी बुर कों अपने मुँह केँ पासरख कर चूसने लगे औऱ भाभी भैया कां लण्ड चूसेजा रही थि।
मेरेमुख सें बेतहाशा आअह आअह्ह्ह ओह्ह कि सिसकारियाँ निकलरही थि, मैंने भईया सें कहा- मे झड़ने वाली हूं !
तौ वोँ औऱ जोरजोर सें बुर कों चूसने लगेफिन मे उनके मुँह पऱ हि झड़ गई।
फिन भैया नें मुझेबैड पर्र गिरा दिया, लण्ड कों भाभी केँ मुँह सें निकाल कर मेरे पैरों कों फैला दिया औऱ लण्ड कों मेरी बुर पर्र रख दिया औऱ लन्ड सें हि मेरी बुर कों सहलाने लगे।
मे बोलि- भैया, अबमुझ सें सब्र नहि हौ रहा हैं !
तोँ उन्होंने लण्ड कों बुर केँ अन्दर डालना शुरुआत किया। उन्होंने एक् हि झटके मे अपनाआधा लण्ड मेरी बुर मे सरका दिया। मे जोर सें चील्लाई- आआईईईईईइ !
औऱ कहा- भाभी, मुझे बहोत दर्द हौ रहा हैं।
तौ भाभी नें भैया कों कहा- थोडा धीरे-धीरे करोइसे !
औऱ मुझसे कहा- रोमा, थोडा सां दर्द होगा, इसे सहनकर लो, फिन बाद मे नहि होगा, तुम्हें बहोत आनंद आयेगा !
भैया थोड़ी देर वैसे हि लण्ड कों मेरी बुर मे फ़ंसाये मेरेऊपर हि लेटगए। फिन थोड़ी देरबाद जब मेरा दर्दकुछ कम हौ गय़ा हौ उन्होंने एक् औऱ झटका मारा पऱ उनका लण्ड अभि तक पूरा अन्दर नहि गय़ा थां, पर्र मेरा दर्दकम हौ गय़ा थां तौ उन्होंने औऱ दोतीन झटके मारे तोँ उनका लण्ड पूरा बुर केँ अन्दर चला गय़ा।
मेरी बुर नें फिन पानी छोड़ दिया जिसकी चिकनाई सें अब भैया कां लण्ड आसानी सें अन्दर बाहर् होनेलगा थां औऱ मुझेअब मज़ाआने लगा थां। अब भैया नें मेरी ठकाठक चुदाई करनी चालू कि, वोँ मुझे चोदेजा रहे थें औऱ मे आहेंभरे जारही थि। अब
मुझे चुदाई कां औऱ ज़्यादा मज़ाआने लगा, मे कहनेलगी- औऱ जोर सें चोदो।
तौ भैया नें अपनी स्पीड बढ़ा दि। फिन उन्होंने मेरे पैरों कों उठाकर अपने कंधे पऱ रखा औऱ भाभीउठ कर उनके होंठों कों चूमने लगी। इधर भईया मेरी चुदाई कररहे थें औऱ भाभी उनके होंठों कों चूमरही थि। इस चुदाई केँ दौरान मेरी बुर दोबार पानी छोड़ चुकी थि; फिन भैया नें भाभी कों अपने सें अलग किया औऱ मेरी चुदाई कि स्पीड औऱ तेजकर दि। 4-5 मिनट कि चुदाई केँ बाद भैया कहनेलगे- मे झड़ने वाला हूं !
तोँ भाभी नें कहा- रोमा कि बुर मे मत झड़ना ! नहि तौ दिक्कत हौ जाएगी !
तोँ फिन उन्होंने लण्ड कों बुर सें निकाला, उनकी पिचकारी छुट गई, मेरे भईया केँ लौड़े सें निकली मलाई मेरे जिस्म पऱ आकर गिरी। भाभी नें जल्द सें उनके लण्ड अपने मुँह मे लें लिया औऱ चूसने लगी। मे खाट मे हि लेटी थि औऱ बहोत थक चुकी थि, मेरा सारा जिस्म दर्दकर रहा थां।
मे उठकर जानेलगी तौ भाभी बोलि- कहां जारही हैं?
मैंने कहा- बाथरूम मे?
वोँ बोलीं- क्यूं?
“इसे साफ़ करने !” मैंने अपने जिस्म पऱ पड़े वीर्य कि तरफ़ इशारा किया।
“अरे, ये तोँ मेरा हैं, आँ मेरेपास, मे साफ़ करती हूं !” पलक भाभी बोलि औऱ मेराहाथ पकड़कर मुझे अपनेपास खींचकर मेरे जिस्म पर्र गिरे भईया केँ वीर्य कों चाटकर साफ़कर दिया।
कुछ हि देरबाद बाहर् कमरे सें आवाजें आनेलगी- जोर सें चोदो मेरे राजा, जरा जोरजोर चोदो !
मे बाथरूम सें बाहर् निकली तोँ देखा कि अब भैया भाभी कि चुदाई कररहे थें। मे उनकेपास जाकरबैठ गई तोँ भाभी नें कहा- रोमा, कैसालगा चुदाई करवाकर? कैसा चोदते हें यह?
तोँ मैंने कहा- भाभी, मुझे तोँ बहोत मज़ाआया ! भैया बहोत मजेदार चुदाई करते हें।
मैंने कहा- भाभी, आप् बहोत लकी होँ जौ आपको इतनी अच्छी चुदाई करने वाला पति मिला हैं।
फिन भैया नें कहा- रोमा, मुझे भि तुमको चोदकर आनंद आँ गय़ा !
भाभी कहनेलगी- औऱ चुदाई करवाना चाहोगी क्याँ रोमा?
मैंने हाँकर दि। उसरात भैया नें भाभी औऱ मेरीचार बार चुदाई कि। इसीतरह चुदाई करते करते हमें 5 बज चुके थें औऱ हम् तीनों वैसे हि नंगे एक् दूसरे सें लिपटकर सोगये।
फिन सुभह 9 बजे केँ करीब मेरी नींद खुली तोँ मैंने देखा कि भाभीबैड पऱ नहि थि औऱ भैया मुझसे लिपटे हुएसो रहे थें।
मैंने भैया कों अपने सें दूर किया औऱ अपने कपड़े ढूंढने लगी। मुझे मेरे कपड़े नहि मिलरहे थें तौ मैंने वहीं पर्र रखा भाभी कां गाऊन हि पहन लिया औऱ भाभी कों आवाज़ लगाई- भाभी, कहां हें आप्?
तौ भाभी कि आवाज़ आई- रोमा, मे रसोई मे हूं।
मे किचन मे गई तौ देखा कि भाभी नें कोई भि कपड़ा नहि पहना थां, वोँ पूरीतरह नंगी थि। मैंने भाभी सें कहा- भाभी, मुझे कमरे मे मेरे कपड़े नहि मिलरहे थें तौ मैंने आपकाये गाउनपहन लिया।
फिन मैंने कहा- भाभी आपने कपड़े क्यूं नहि पहने?
तौ भाभी केँ कहा- रोमा, अभि जब तुम्हारे भैया उठेंगे न्, तोँ वोँ मेरी एक् बारफिन सें चुदाई करेंगे ! तोँ मुझेफिन कपड़े उतारने पड़ते ! इसलिये मैंने कपड़े पहने हि नहि !
फिन भाभी नें कहा- रोमा तुम् बैठो, मे तुम्हारे लिएकप कॉफ़ी बनाती हूं !
मैंने कहा-हाँ ठीक हैं !
औऱ मे वही रसोई मे डायनिंग टेबल पर्र बैठ गई, फिन भाभी नें मुझेकप कॉफ़ी बनाकर दि औऱ हम् वहीं डायनिंग टेबल पर्र हि बैठकर
बात करनेलगे। भाभी मुझसे कहनेलगी- रोमा, रात मे कैसालगा? सभीठीक रहा न् ! तुम्हें अच्छा तौ लगा न्?
मैंने कहा-हाँ भाभी, बहोत आनंदआया थां !
तभी भैया कि आवाज़ आई-पलक, कहां होँ?
तोँ भाभी नें कहा- मे यहा रसोई मे हूं।
तब भैया किचन मे आए तोँ भैया नें भि कपड़े नहि पहने थें, वोँ भि नंगे थें, मेरीनजर उनके लन्ड केँ तरफ गई जोँ छोटा सां सिकुड़ा हुआ नीचेलटक रहा थां, उनके चलने सें दाएं बाएंहिल भि रहा थां।
भैया आकर डायनिंग टेबल कि कुर्सी पऱ बैठगए औऱ कहा-पलक, गरमचाय तौ पिलाओ दोस्त !
तौ भाभी नें कहा-दूध तौ ख़त्म होँ गय़ा हैं, मैंने औऱ रोमा नें अभि अभि कप कॉफ़ी पीली हैं।
तब भैया भाभी पऱ क्रोध करनेलगे- तुम्हें पता हैं न् कि मुझे सुभह सुभहगरम चाय पीने कि आदत हैं?
तौ भाभी नें कहा- थोड़ी देररुक जाओ नां, दूध वालाआता हि होगा, फिन बना दूंगी गरमचाय, तब तक आप् मेरादूध पीलो !
औऱ भाभी भैया कि गोद मे बैठ गई औऱ अपने एक् बूब्ज़ कों भैया केँ मुँह मे डाल दिया औऱ कहनेलगी कि इनमें बहोत सारादूध भर गय़ा हैं, तोँ यह भारी हौ गए हें, तुम् हि दूध पीकरकुछ कमकरदो !
तब भैया भाभी केँ चूचे कों चूसकर उससेदूध पीनेलगे, भाभी उनके बालों मे हाथ फिराते हुए उनकेसिर कों अपने वक्ष मे दबाती जारही थि।
अब भैया नें अपने एक् हाथ सें भाभी केँ दूसरे उभार कों दबाते हुएहाथ कों नीचेलाए औऱ उनकी बुर पर्र रखकर बुर कों सहलाने लगे। भाभी मस्तहुए जारही थि। फिन भैया नें अपनेहाथ कि दो उंगलियाँ भाभी कि बुर मे डाल दि। तब भाभी केँ मुँह सें एक् जोर कि आआहह्ह्ह निकली औऱ फिन भैया उंगली कों बुर मे आगे-पीछे करनेलगे औऱ भाभी आहेंभर रही थि।
फिन बाहर् दरवाजे कि घंटीबजी औऱ आवाज़ आई-दूध वाला !
तौ भाभी नें मुझसे कहा- रोमाजाओ जाकरदूध लेँ लो ! मैंने कपड़े नहि पहने हें औऱ तुम्हारे भैया दूधपी रहे हें तोँ मे नहि जा सकती,
तुमने कपड़े पहने हें तौ तुम् जाकरदूध लें लो !
तौ मे उठकरदूध लेनेचली गई। मैंने दूध वाले सें दूध लिया औऱ किचन मे आकरदूध कों गरम करने केँ लिएगैस पर्र रख दिया।
तौ फिन भाभी नें भैया कों अपने सें अलग किया औऱ कहा-बस करो, कुछ दूध मिनी केँ लिए भि रहनेदो। सारादूध तुम् हि पी लोगे तौ मे मिनी कों क्याँ पिलाऊँगी, मे तुम्हारे लिएगरम चायबना देती हूं, तुम् गरमचाय पीलो।
मिनी उनकी बेटी कां नाम हैं।
औऱ भाभीगरम चाय बनाने लगी, तब उनकी बेटी कि रोने कि आवाज़ आनेलगी तोँ भाभी नें मुझसे कहा- रोमा तुम् गरमचाय बनादो, मे मिनी कों दूध पिलाकर आती हूं, उसेभूख लगी होगी।
भाभीचली गई औऱ मे गरमचाय बनाने लगी। मे गरमचाय बनारही थि कि भैया मेरेपास आए औऱ मुझे पीछे सें हि अपने आप् सें चिपका लिया औऱ मेरीकमर मे हाथडाल कर मेरी गर्दन कों चूमने लगे। मुझे उनका लन्ड मेरे नितम्बों केँ बीच कि दरार मे महसूस हौ रहा थां जोँ कुछहद तक खड़ा होँ चुका थां पर्र पूरा खड़ा नहि हुआ थां।
वोँ एहसास मुझे बहोत अच्छा लगरहा थां पर्र मैंने भैया सें कहा- छोड़ो मुझे, अभि गरमचाय तोँ बना लेनेदो !
मैंने उन्हें गरमचाय बनाकर दि औऱ वोँ डायनिंग टेबल पऱ बैठकर गरमचाय पीनेलगे, फिन मे नाश्ते कि लिए ब्रेड पऱ जैम लगाने लगी, तभी भैया नें अपनीगरम चाय समाप्त कि औऱ फिन सें आकरमुझ सें चिपकगए, कहनेलगे- रोमा, तुमने ये गाउन क्यूं पहना हैं? देखो मैंने औऱ पलक नें कपड़े नहि पहने हें तोँ तुम् भि उतारदो इसे ! हम् तीनों घऱ मे अकेले हें।
औऱ भैया नें मेरा गाउन उतार दिया। भैया नें मुझे अपनीतरफ घुमाया औऱ मुझे अपने सीने सें लगाकर मेरे होंठों कों चूमने लगे, मेराहाथ उनकीपीठ सें होताहुआ उनके नितम्बों पऱ आँ गय़ा औऱ फिन मे अपनेहाथ कों सामने लाकर उनके लन्ड कों पकड़कर सहलाने लगी।
भैया मेरे होटों कों चूसेजा रहे थें औऱ मे भि उनका पूरासंग देरही थि। फिन मे उनके होंठों कों चूमते हुए उनकी छाती केँ निप्पल कों चूमने लगी औऱ धीरे-धीरे धीरे-धीरे नीचेआकर मैंने भैया केँ लन्ड कों अपने मुँह मे लेँ लिया।
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