सबका लाड़ला | incest indian sex story – New Episode
एपसोड – 22
दादीमा नें मुझे खोलने केँ लिएकहा। मैने अपना पूराजोर लगाकर तालो कों खोल दिया।
दादीमा नें दोनो बक्सो कों खोल दिया।
बक्सो मे जौ थां उसे देखकर मै चौंक गय़ा। मुझेसमझ नहि आँ रहा थां कुछ।
बडे वाला बक्सा सोने कां भराहुआ थां, बस थोडा सां हि खाली थां। दुसरा बॉक्स मे रूपये थें।
दादीमा - मुझेपता हैं बेटा तुम् सोचरहे होगे कि यह इतना सारासोन औऱ पैसे कहां सें आये।
मै-हा.कहा सें आयेयह इतना सोना औऱ पैसे, यह सभीयहा पऱ गढेहुए क्याँ कररहे हैं।
दादीमा- मै तेरेसब सवालों कां जवाब दुंगी।
मै - जल्द बताओ तौ।
दादीमा - यह तेरे दादाजी केँ हैं।
मै- उनकेपास कहां सें आये।
दादीमा - बात बहोत पुरानी हैं, तेरे दादाजी केँ एक् साथी थें उनकानाम रा़यसिंह थां। तेरे दादाजी औऱ वोँ बहोत अच्छे, घनिष्ठ मित्र थें।
रायसिंह बहोत बडे व्यापारी थें। बहोत रुपया थां उनकेपास।
एक् बारवे अपने पूरे परिवार केँ संग हमारे घऱआये। उनके बीबी, बच्चे उनकेसंग थें, औऱ संग मे यह बक्से भि थें।
वेउसदिन यहीं पर्र रूकने वाले थें।
रात मे उन्होंने तेरे दादाजी कों बताया कि -
रायसिंह - मेरा छोटा भइया जयचंद मेरे पैसों औऱ जायदाद केँ लिए मुझे औऱ मेरे परिवार कों मारना चाहता हैं। इसलिये मै छिपकर तेरेपास आया हूं।
एक् तु हि हैं जिस पऱ मै विश्वास कर सकताहू।
तुम्हारी तरफ मेरी एक् सहायता करनी होगी।
दादाजी- मुझसे जोँ भि होगामै तेरेलिए करूँगा, बतामै तेरी क्याँ सहायता कर सकता हूं
रायसिंह - मुझेपता हैं मेरा भइया मुझेयहा ढूंढ लेगा.मै आजरात कों हि यहा सें परिवार केँ संग किसीऐसी स्थान चला जाऊँगा जहाँ वोँ मुझे ढूंढ नहि सकता।
मगरमै इतने सामान केँ संग नहि जा सकता।
यह सामान तु तेरेपास रखले
फिन रायसिंह दादाजी कों उन बक्सो केँ पास लेँ गये, औऱ उनकोखोल दिया।
रायसिंह - इस बक्से मे सोना हैं.औऱ दुसरे मे परिवार केँ सब गहने हैं।
अभि यह तेरेपास रखलेमै कुछ वक्तबाद मे लें जाऊँगा। तब तक यह तेरे हैं।
दादाजी -ठीक हैं, इनकी पूरी हिफाजत करूंगा।
रायसिंह - अभि हमें चलना होगा,
रायसिंह नें दादाजी कों कहां साथीअगर मै वापिस नहि आया याँ कुछ हौ गय़ा तौ यहतुरख लेना, मेरेबाद इस पर्र तेराहक हैं।
फिन रायसिंह औऱ औऱ उनका परिवार बैलगाड़ीयो मै बैठकर चला गय़ा।
तेरे दादाजी नें यह बक्से छिपा दिये।
बहोत दिनों तक रायसिंह नहि आये, तेरे दादाजी नें पता लगाया पऱ उनकापता नहि चला। एक् दिन उन्हें खबर मिली कि बहोत पहले हि रायसिंह औऱ उनका परिवार पुलपार करते वक्तपूल टूटने सें नदी मे गिर गये, औऱ सभी कि मौत होँ गई।
तेरे दादाजी कों यहबात सुनकर बहोत दुखहुआ।
हमे पैसों कि जरूरत नहि थि तौ इनकोकाम मे नहि लिया।
मौत सें कुछदिन पहले तेरे दादाजी नें थोडा सां सोनाबेच दिया औऱ वोँ पैसेइस गहने केँ बक्से मे रख दिये, गहनों कों सोने केँ संगरख दिया।
तेरे दादाजी नें मरने सें पहले मुझेयह चांबिया देतेहुए कहा कि - मुन्नी अबयह तेरी अमानत हैं, तुइसे जिसे देना चाहेदे सकती हैं।
दादीमा- मेरेलिए तु हि अबसभी कुछ हैं, जोँ मेरा हैं वोँ सभी तेरा हैं।
मैकुछ नहि बोला।
दादीमा - क्याँ हुआ, क्याँ सोचरहा हैं।
मै-यह मेरा हैं।
दादीमा - यहअब तेरी अमानत हैं,
मै- तुमने मुझे जौ दिया हैं बता नहि सकता मुझे कैसालग रहा हैं मेरी प्यारी दादीमा मेरी रखेल मेरीजान बीबी।
मैने दादीमा कों कसके पकड़ लिया औऱ उसके होठों कों चुसने लगाा औऱ उसके बोबो कों मसल दिया।
दादीमा- आआआह.हा बेटा.यह तेरी दादीमा तेरी रखेल, तेरी रंडी, तेरी पत्नि सबकुछ हैं। मै केवल तेरीहू।
वोँ भि मुझे चुमने लगी।
दादीमा- चल जल्द सें इनको वापिस रखदो।
रखने सें पहले मैनेकुछ रूपये निकाल लिये।
दादीमा - इनका क्याँ करेगा।
मै- मेरे हैं जौ चाहे वोँ करू।
दादीमा- हा तेरे हि हैं, जौ मर्जी आये वोँ कर.
सबका लाड़ला | incest indian sex story – New Episode
एपसोड -23
दादीमा- हा तेरे हि हैं, जौ मर्जी आये वोँ कर।
मैनेउन बक्सो कों वापिस रख दिया, सभी पहले जैसाकर दिया।
मै चाबी दादीमा कों देनेलगा। तोँ वोँ बोलीं मै क्याँ करूगी अबतु इनका मालिक हैं।
चांबिया मैने अपनेपास रखली। औऱ कस्सी कों भि पास मे हि एक् पेड़ पर्र टांग दिया।
जब वापिस आया तौ दादीमा झुकी हुईँ थि, उसकी 40" कि गांड देखके मेरा लन्ड सिर उठाने लगा।
मैने दादीमा कों पिछे सें पकड़ लिया
दादीमा आहहह। बेटा क्याँ कररहा हैं। कोईदेख लेगा।
मै- तुने मुझे अपनासभी कुछदे दिया नाँ मैतु तुम्हें बहोत कुछ दुंगा।
मैने दादीमा केँ बुढे़ बदन कों गोद मे ऊठ लिया औऱ उसेखेत कि कोठरी मे लेँ आया।
मै दादीमा कों गोद मे लिएरहा उसने कोठरी कां दरवाजा बंदकर लिया।
मैने नीचे उतारकर किस करनेलगा। औऱ उसके चुचे मसलने लगा।
मैने उसके ब्लाउज औऱ घाघरे कों खोलकर उसे नंगीकर दिया औऱ स्वयं भि नंगा होँ गय़ा।
मुन्नी- कैसालगा तेरी दादीमा कां जीस्म।
मै - साली तुँ तौ रंडी हैं रखेल हैं मेरी।
दादीमा - हां मे तेरी रंडीहू मात्र तेरी ! चोदचोद कर अपनी रखैलबना लेँ।
मेरा लन्ड दादीमा कि बात सुनकर तनकर खड़ा थां।
दादीमा - अरे रे.यह तेरा लन्ड हैं याँ.घोड़े कां।
मै - चलअबचुस इसे मुंह मे लेके।
दादीमा - छी। नहीं बेटा यह गंदा हैं, इसको मुँह मे केसेलु।
मै- मेरीबात नहि मानेगी।
दादीमा कुछ नहीं बोलती हैं।
वोँ मेरा लन्ड अपनेहाथ मे लेती हैं।
दादीमा -अरेयह तेरा लन्ड तौ मेरी मुट्ठी मे भि नहीं आँ रहा हैं।
दादीमा मुँह मे लेँ लेती हैं।
मै - अहहहां मेरी रंडीऐसे हि चुस।
दादीमा अपना मुहं खोले मेरा लन्ड अपनेहलक तक उतार लेती, जिससे उसे खासी आँ जाती हैं। फिन भि वोँ चुसती रहती हैं।
दादीमा - अहहऐसा लन्ड मैने अपनी जीवन मे पहलीबार देखा हैं।
मै - अाह, साली मुझे भि एकदम रंडी मिली हैं, अहह जौ कमाल चुसती हैं।
दादीमा - तेरी रखेलहू नाँ तोँ चुसुगीं हि। कैसाचुस रही हैं तेरी रंडी दादीमा।
मै - बोलमत अहह मादरचोद, क्याँ चुसती हैं। आहहह। तेरी बेटी कों चोदुअहह।
दादीमा - पहलेमा कों तौ चोद लें जीभर केँ।
मै- माँ कों तौ चोदुंगा हि।
दादीमा - यह तेरा लन्ड देखकर तौ कोइ भि तेरी रंडीबन जाायेगी.।
मैनेउसे बिस्तर पर्र लिटा दीया। औऱ उसके.उपर चढ़ गय़ा, उसकी.चुुुचीयों कों अपने द़ातो मे दबाकर उपर कि तरफ खीचने लगा।
दादीमा - आँ.आँ.ह, न्.हि सो.नू, दर.दकर.रहा हैईईईई.इआ.मम्मी.मेरी। चु.चीयांं.।
दादीमा-.ओहरेद इया, इतनाजोर सें मतदबा रे बेेरहम.अहह,
मै- मेरी रानी। तेरी चुचीयां तोँ बवाल हें।
दादीमा - अहह.इसलिये इतनीजोर जोर सें दबाारहा हैं नाँ.भले मेरी हालतकुछ भि होँ.।
मै - तुझेही मज़ा नहीं आपका हैं।
दादीमा -हां। आँ रहा हैं पऱ दर्द भि हौ रहा हैं।
मै-चलअब ज़रा घोड़ी बन।
मुन्नी फटाक सें कुतीया बनजती हैं, मै दादीमा कि मोटी औऱ बडी गांड देखकर पागल हौ जाताहू, उस पऱ जोर सें एक् थप्पड़ लगताहू।
दादीमा- अहह.मा आहिस्ता।
मै-चुप साली एक् तोँ इतनीबडी बडी गांड लेँ केँ मेरे लन्ड मे आग लगाती हैं औऱ कहती हैं धीरे-धीरे.आज तौ तेरी गांड कां वोँ हाल करूंगा कि तूँ जीन्दगी भर अपनी गांड मे मेरा लन्ड लिये घूमेगी।
मै दादीमा कों सीधाकर देताहू औऱ लन्ड कों उसकी बुढी़ चुत पर्र रगडता हू, जिससे वोँ सिसकी लेने लगती हैं।
अपने मुसल कों मै उसकीचुत पर्र सैट करताहू औऱ धक्का देताहैू।
दादीमा- आआह.नहीं.धीरररे। आहह-आहह। मा।
मै एक् जोर कां धक्का मरताहू जिससे लन्ड जड़ तक दादीमा कि चुत मे चला जाता हैं।
दादीमा कि आवाजे कमरे मे गूंजती हैं।
दादीमा-बे.टा रहम.अहह.मम्मी.क्याँ.करू.दर्द।
मै - साली तेरी तोँ चुत कमाल कि हैं।
अबमै धीरे-धीरे -2 धक्के मारने लगा। जिससे दादीमा कों आनंदआने लगा। वोँ मस्ती मे जोर -2 सें सिसकियां लेनेलगी।
लगातर धक्को नें दादीमा कि चुत कों अन्दर तक खोल दिया थां.औऱ वोँ मेरा लन्ड आहिस्ता लें रही थि.उसका दर्दअब कही नां कही सिस्करियो मे बदलरही थि। उसकीचुत भि पानी सें भरगइ थि.औऱ मैउसे जोरजोर सें चोदरहा थां.फच्च फच्च कि आवाज़ पुरे कमरे मे गंजरही थि.।
दादीमा - अहह। मजा आँ रहा.हैं।
मैने अपने धक्के अबतेज कर दिये.मै दनादन दादीमा कों चोदने लगा.।
दादीमा -आँ.आँ ह.आनंद आँ रहा हैं। बेटा.कितना अन्दर डालेगा।
मै - तूझे कितना अन्दर चाहिये।
दादीमा - अहह.तुँ बहोत.अहह.अंदरडाल चुका हैं.बहोत मजा आँ रहा हैं.।
मै - अब आनंद आँ रहा हैं मेरी रंडी.तभी तौ चिल्ला रही थि।
दादीमा -अहह.राजजजा.जोर जोर सें चोद फाड़दे.आपनी दादीमा कि चुत.अहह मुझेपता हैं.आइ.कि तुँ चुत फाड़ सकता हैं।
इतना सुनते हि मैउसे पूरीजोर सें चोदने लगता हूं
सबका लाड़ला | incest indian sex story – New Episode
भाग -24
इतना सुनते हि मैउसे पूरीजोर सें चोदने लगताहैू
दादीमा बस झडने हि वाली होती हैं, वोँ मुझेकस कर पकड़ लेती हैं।
दादीमा- आँ.बेटा.मै गई,।
औऱ दादीमा अपना पानी छोड़ने लगती हैं.औऱ मै भि उसे पकड़कर 8-10 धक्के जोरजोर सें कां लगता हैू.औऱ अपना पुरा पानी उसकीचुत मे भरने लगताहू।
दादीमा - अहह.मेरे राजा मेरे बालमकर दे अपनी रखेल कों गाभिन। बना लेँ मुझे अपनी बच्चे कि मां।
अपनी पूरी टंकी उसकीचुत मे खाली करके साईड मे पंलग पर्र लेट गय़ा।
वोँ मेरे सीने पऱ सररख देती हैं।
दादीमा - आज तुने तौ मेरी हालत खराबकर दि।
मै - साली.जोर जोर सें चिल्ला कर मज़े लेँ रही थि तुँ।
दादीमा - सच मे यह तेरा लन्ड पुरामजा देता हैं, स्वर्ग कि सैरकरा देता हैं।
मै - अभि तौ तेरी गांड मारनी बाकी हैं मेरी रखेल।
दादीमा - चुत मे इतना दर्द होता हैं तौ गांड मे क्याँ होगा। मेरी पूरी गांड फाड़ डालेगा।
मै- आहिस्ता मांरूगा तेरी गांड।
दादीमा - नहि मुझेडर लगरहा हैं।
मै - तुने तोँ कहा थां कि तु मुझे अपनासभी कुछ देना चाहती हैं। मेराहक हैं तुम् पऱ। तुझेही नहि मरानी तोँ ठीक हैं।
मेरीबात सुनकर।
दादीमा - मेरीहर चीज पऱ तुम्हारा हक हैं। यह गांड कां चीज हैं, मेरीजान भि तेरी हैं।
लें मारले अपनी रखेल कि गांड, मै कुछ नहि बोलुगी।
तेरी खुशी मे हि मेरी खुशी हैं।
मै दादीमा कों किस करनेलगा, उसके चुचो कों पीनेलगा, जिससे वोँ गर्म होनेलगी।
मैतेल कि बोतलऊठा लाया औऱ बहोत सारातेल उसकी गांड केँ छेद पर्र डाल दिया। मैने उसमे अपनी उंगली डाल दि औऱ हिलाने लगा।
फिन मैनेदो ऊँगली डाल दि, औऱ अंदर बाहर् करनेलगा। जिससे दादीमा कों हल्का सां दर्दहुआ।
अब मैने लन्ड कों दादीमा कि गांड केँ सुराख पऱ रख दिया औऱ धीरे-धीरे सें एक् धक्का लगाया।
मेरे लन्ड कां टोपा गांड मे स्लिम होँ गय़ा जिससे दादीमा कि चीख निकल गई।
मैने एक् धक्का औऱ मारा जिससे लन्ड दादीमा केँ गांड कां सुराख बडा करताहुआ आधा पहुंच गय़ा।
जिससे दादीमा झटपटाने लगी.मै रूक गय़ा औऱ उसके चुचो कों मसलने लगा
दादीमा कुछ शांत हुई तोँ मैने एक् करारा झटका लगाया, मेरा लन्ड दादीमा कि गांड मे जड़ तक गड़ गय़ा
दादीमा कि आँखों मे आँसू आँ गये। दादीमा कि गांड सें खून निकलरहा थां।
दादीमा - आआआह बेटटटा। मेरी गांडफट गायी हैं.मे अब नहीं लेँ सकती।
मै - मेरीजान अब तौ पूराघुस गय़ा तेरेबिल मे अब दर्द नहि होगा।
मै उसकीचुत मसलने लगा, उसके चुचो कों सहलाने लगा, वोँ शांत होनेलगी।
मै धीरे-धीरे -2 अपना लन्ड अंदर बाहर् करनेलगा, जिससे दादीमा कि जान निकलने लगी।
मैनेअब धक्को कि स्पीड तेजकर दि।
दादीमा(चिल्लाते हुए)-.हि.आँ.आँ.माँ.छोड़.दे.बेटा
अब मैने दादीमा कि चीखो कि परवाह नहीं कि औऱ जोर -2 सें धक्के मारने लगा।
मै - शपथ सें मेरीजान तेरी गांड तोँ.अहह बहोत टाइट हैं।
दादीमा कों तौ जैसेहोश हि नहीं थां.उसकी गांड मे मेरा लन्ड गदरमचा रहा थां।
दादीमा कि आंखेबंद होनेलगी थि।
मैऐसे दि गांड मारता रहा।
मैअबचरम पऱ थां, मैनेजोर -2 सें 10-15 धक्के मारे औऱ अपना लावा दादीमा कि गांड मे उगल दिया। औऱ पंलग पर्र लेट गय़ा।
दादीमा अभि भि दर्द मे थि उसकी गांड कां छेदफट कर चौड़ा औऱ लाल होँ गय़ा थां, बुढ़ापे मे इतना सहना मुश्किल थां
मैउसे अपनेऊपर लेटा लेताहू।
दादीमा - मेरीजान हि निकाल दि बहोत दर्द होँ रहा हैं।
मै- तेरीजान नहि निकांलुगा तोँ किसकी निकांलुगा।
मै दादीमा केँ होठ चुसने लगा।
मैने दादीमा कों बांहों मे भर लिया.धीरे-धीरे धीरे-धीरे नींद कि आगोश मे चला गय़ा।
आधे घंटेबाद मैजगा औऱ दादीमा कों जगाया।
मै उठकर अपने कपडे पहनने लगा। दादीमा भि ऊठनेलगी,
जैसे हि वोँ पंलग पर्र सें उठती हैं उसके शरीर मे दर्द महसूस होता हैं। उसेऐसा लगरहा थाा जैसे उसकी गांड कों किसी नें चाकू सें.चीर दिया हौ, ऐसा.दर्द होँ रहा थां उसे।
दादीमा - अहह दईया.मुझसे तौ चला भि नहींजा रहा हैं
वोँ खड़ी हुइ तौ लडखडाने लगी, वोँ पंलग पऱ बैठ गई।
दादीमा- यह क्याँ किया तुने।
मै- अपनी प्यारी दादीमा कों प्रेम किया।
वोँ मुस्कुराने लगी, मैने दादीमा कों कपडे पहनाये। औऱ उसेगोद मे उठा लिया।
मैने वोँ रूपये अपनीजेब मे डाल लिये।
मैउसे गोद मे लेकर छोटे ताऊजी केँ घऱ आँ गय़ा, घऱ पऱ कोई नहि थां,
मै दादीमा कों उनके कमरे मे लेँ गय़ा औऱ उसे पंलग पऱ लेटा दिया।
मैने दादीमा कों एक् पेनकीलर दि औऱ उसकी गांड केँ छेद पर्र दर्दकम करने कि क्रिम लगाई।
दादीमा - पहले दर्द देता हैं फिन मरहम लगाता हैं।
मै - तु तौ मेरीजान हैं मेरी दादीमा, तुने मुझे अपना सबकुछ दे दीया।
दादीमा - तु भि मेरीजान हैं।
मैने उसके होठों कों चुम लिया।
फिनउसे सुलाकर मैघऱ कि तरफ आँ गय़ा।
आज बहोत समयलग गय़ा, साम हौ गई थि.मै थोडा थक गय़ा थां तोँ अपनेरूम मे जाकरलेट गय़ा।
फिनरात कों खाने केँ वक्त पऱ उठा,
फिन खानां खाया औऱ रूम मे आँ गय़ा.मैने कपडे निकाल दिये औऱ कुछदेर तक फोन पर्र टाईमपास किया।
आज नींद नहि आँ रही थि तोँ मैछत पर्र चला गय़ा।
मै मात्र अंडर वायर मे थां औऱ छत पऱ ठंडीहवा चलरही थि, अच्छा लगरहा थां।
छत पर्र टहलने लगा, टहलते टहलते मै ताउजी कि छत कि तरफचला गय़ा।
वहां मुझे कपिल भइया कि आवाज़ सुनाई दि, वोँ पंकज भाभी केँ संगफिन सें झगड़ा कररहे थें, उन्होने भाभी कों थप्पड़ मारा,
मुझसे रहा नहि गय़ा तौ मै उनकेपास चला गय़ा उनको भाभी सें दुर किया।
मै - भइयाजी यह क्याँ बात हुई, आप् आज भि भाभी केँ संग झगड़रहे होँ उनकोपिट रहे हौ। बात क्याँ हैं।
पंकज भाभी - मैने तोँ इनसेबस कुछ रूपये मांगे थें कपड़ों केँ लिए।
कपिल - दे दिये, इसको औऱ चाहिए।
भाभी -2500 रूपये दिये हैं इतने मे कपडे केसे आयेंगे तीनो केँ।
कपिल - ओर क्याँ लाख रूपये दू।
पंकज - दौनो जेठानी जी तोँ ज़्यादा रूपयो केँ कपड़े लाई हैं, उतने तोँ नहि मगर थोड़े ओर तौ लंगेगे।
कपिल - इतने मे जोँ लाना हैं वोँ लें आओ।
मैनेकुछ सोचा औऱ बोला।
मै - इतने रूपयो मे आँ जायेंगे कपडे आप् चिंता मतकरो भाभी।
भइया आपको औऱ पैसे देने कों जरूरत नहि हैं।
अब आप् लोगसो जाओ, उन दौनो कों उनके कमरे मे भेजकर मै भि रूम मे आकरसो गय़ा.
सबका लाड़ला | incest indian sex story - Aage kya hua? Next part padhiye
बहोत हि मस्त औऱ शानदार मदमस्त भाग हैं भइया मज़ा आँ गय़ा अगले रोमांचकारी धमाकेदार औऱ चुदाईदार एपसोड कि प्रतिक्षा रहेगी जल्द सें दिजिएगा
Relavant source : click here