INNOCENT (मासूम) completee - सेक्स - Complete Kahani All Parts
INNOCENT (मासूम)
फ्रेंड्स मे एक् औऱ नई शुरुआत कररहा हूं जोँ आपको मनपसंद आएगी.औऱ आप् सभी भि संग बनाए रखेंगे। दोस्तो
मे घऱ मे सभी सें छोटा हूं औऱ सभी कों बहोत प्यारा लगता हूं मे जब छोटा थां तौ बहोत इनोसेंट थां मगरघऱ वालो कि नज़र मे मगर बाहर् मे किसी लड़की कों देखता तोँ उसकीहर वोँ चीज़ देखता जोँ एक् हज़्बेंड हि देख सकता हैं मे अपने दिमाग़ मे तस्वीर बना लेता मतलब इमॅजिन करता थां उस कां फिगर देखता बहोत बहोत अधिक हरामी हूं मे बचपन सें हि.
मेरेमोम डॅड कि काफ़ी यियर्ज़ पहलेडेत होँ गई जब मे 6 साल कां थां औऱ मेरे भइया औऱ बड़ी बेहन नें हम् सभी कां बहोत ख्याल रखा नौकरी कर केँ हमारी हर ज़रूरत कों पूरा किया हमारा साराबोझ उन पे थां। मेरी दिदी कविता कि नौकरी बॅंक मे हैं प्राइवेट बॅंक मे। भइया कि पहलेयहा नौकरी थि लकिन उन्हे यूएई कां वीसा मिला तोँ भइयावहा चलेगये.
मेराजब जहाँदिल करता वहींसो जाता मतलबकभी किसी सिस्टर केँ संगकभी किसी केँ संग क्योंकि मे सभी सें छोटा थां तौ मुझेकोई मना भि नहीं करता थां.
यहबात काफ़ी साल पहले कि हैं उमर नहींलिख सकता वरना किस्सा पोस्ट नहीं होँ गी.
मेरी दिदी कविता मुझे नहलाती थि जब मे छोटा थां उस वक्त मुझे सेक्स कां कुछपता नहीं थां मैनेमूठ मारना 14 साल कि उमर मे शुरुआत किया थां
हमारा मुहल्ला बहोत गंदा हैं मतलब बच्चे बच्चे कों हरबात कां पता हैं
मोमडॅड थें नहींइस लिएकोई मुझे बाहर् जाने खेलने याँ किसी भि बात सें नहीं रोकता थां जिस कि वजह सें मे भि उन बाय्स केँ संगखेल खेल केँ ऐसी बातेसीख गय़ा औऱ सेक्स कां भि पताचल गय़ा कि यह किया होता हैं औऱ केसे होता हैं
मुझेयाद हैं जब मे पहलीबार मूठमार रहा थां लेट नाइटजब सभीसो गये थें गर्मी कां मौसम थां औऱ हम् एक् हि रूम मे सोते थें क्योंकि एसी सिर्फ़ एक् हि अफोर्ड कर सकते थें.
मे तेललगा केँ मूठमार रहा थां मुझे बहोत मजा आँ रहा थां जिस कि वजह सें मे तेज़ तेज़हाथ चलारहा थां औऱ पचकपचक कि आवाज़ निकलरही थि कि अचानक कविता दिदी नें मुझसे पुछा
कविता दिदी : भइया क्याँ कररहे होँ? क्याँ बबलगम खारहे होँ?
बिल्कुल वैसी आवाज़ थि जबमूह खोल केँ बबलगम कों चबाओ तौ मे नें फ़ौरन कह दिया"जी दिदी बबलगम खारहा हूं"
" भइया इतनीरात कों बसकरो औऱ सोजाओ" दिदी बोलीं
फिन मैने आराम आहिस्ता मूठ मारी औऱ पहलीबार झाड़ा मुझे बहोत मजाआया फिन मे सो गय़ा। कुच्छ दिन मे डेलीमूठ मारता रात मे फिन मे दिन मे नहाने जाता तौ साबुन लगा केँ मूठ मारता मे बहोत कुच्छ सीखता डेली कुच्छ हि मंत्स मे करीब-करीब फुल सेक्स कां पताचल गय़ा मुझे.
हम् सभी लाइफ कों बहोत एंजाय कररहे थें हम् नें इससाल होली भि खेलीघऱ मे भइयाकाम पे गयेहुए थें मे औऱ बाकीसभी सिस्टर्स घऱ पे थि मे बाजार सें काफ़ी कलर लें आया औऱ हम् नें फुल तैयारी करलीफिन हम् बाहर् आँ गये गार्डन मे औऱ होली स्टार्ट कि सभी एक् दूसेरे पे रंगफेक रहे थें कुछ पानी मे रंग मिला केँ कलर वाला पानी एक् दूसरे पे डालरहे थें। मे नें भि सभी सिस्टर पे रंग डाला उनको गालों पे रंग लगाता मुझे बहोत मजा आँ रहा थां कभी मेराहाथ किसी कि गान्ड पे टच होताकभी किसी केँ बूब्स पे सभी सें अधिकमजा मुझे आँ रहा थां हम् काफ़ी देर तक खेलते रहे औऱ मे नें पूरे वक्त बहोत मजा कियासभी केँ शरीर कों टचकर केँ फीलकर कियाफिन हम् सभीघऱ आँ गये औऱ सभी नें नहा केँ कपड़े चेंजकर लिए.
एक् रात हम् सभीरूम मे सोरहे थें मेरी एक् साइड पे कविता दिदी सोरही थि औऱ ऐक साइड पे प्रीति दिदी सोरही थि मे सभी केँ सोने कां वेटकर रहा थां जबसभी सोगये तोँ मैनेमूठ मारना शुरुआत कर दियातभी मेरे दिमाग़ मे आया क्योना कविता दिदी कि गान्ड पे टच करूँ मैने एक् हाथ मे अपना लन्ड जोँ उस वक्त छोटा सां थां कों पकड़ा हुआ थां औऱ एक् हाथ कविता दिदी कि गान्ड पे रख दियाकुछ देर मैने अपनाहाथ ज़रा भि नहीं हिलाया मगर मे कविता दिदी कि गान्ड कों फील करना चाहता थां तोँ मैने धीरे-धीरे अपना हॅंडमूव किया दिदी कि गान्ड पे। मे दिदी कि गान्ड पे हाथ फेरने लगा औऱ फिन मैने अपनाहाथ दिदी कि गान्ड कि लाइन मे लेँ गय़ा मुझे बहोत मजाआया क्योंकि वोँ स्थान बहोत गर्म थि.
कुच्छ देरमजा करने केँ बाद मे फारिग होँ गय़ा औऱ सो गय़ा.
नेक्स्ट नाइटफिन वैसे हि सोए थें हम् औऱ दोबारा काफ़ी देरबाद मैने अपना हॅंड कविता दिदी कि गान्ड पे रखा औऱ मजा करनेलगा मगर लालचबढ़ गय़ा थां तौ मैने करवटली दिदी केँ पिछे औऱ अपना लेफ्ट हॅंड दिदी केँ उपेररखा बाजू पे शोल्डर केँ लगभग दिदी नें कुच्छ नहींकहा वोँ सोरही थि मैने हिम्मत कर केँ अपना हॅंडमूव किया औऱ दिदी कि कमीज़ साइड पे कर केँ अंदर लें गय़ा औऱ थोडा अंदर लें जा केँ दिदी केँ पेट पे रख दिया दिदी कां पेट भि गर्म थां मगर बहोत रसीले थां.
कुछदेर बाद मैने अपना हॅंडवहा सें मूव किया औऱ थोडा आगे लेँ गय़ा तोँ मेरा हॅंड दिदी केँ बूब्स कों टचहुआ.
दिदी करवट पऱ सोरही थि जिस कि वजह सें दिदी केँ बूब्स साइड पे थें औऱ ब्रालूस हौ गय़ा थां औऱ तक़रीबन दिदी केँ हाफ बूब्स ब्रा मे थें औऱ दिदी कां हाफ ब्रा फ्री थां औऱ मेरा हॅंड दिदी केँ दोनो बूब्स केँ बीच थां.
मे अपनी बड़ी दिदी केँ बूब्स कों फील करनेलगा वोँ बहोत सॉफ्ट औऱ रसीले थें मुझे बहोत मजा आँ रहा थां मे काफ़ी देर कविता दिदी केँ बूब्स कों फील करतारहा औऱ जबमूठ मारते मारते झाड़ गय़ा तोँ सो गय़ा.
नेक्स्ट नाइट दोबारा मैने अपना हॅंड दिदी कि कमीज़ मे डाला औऱ दिदी केँ बूब्स तक पहुँच गय़ा। आप् यकीन नहीं करोगे दिदी नें उसरात ब्रा नहीं पहनाहुआ थां उफ़्फ़ मेरा तोँ खुशी सें बुराहाल थां खैर मैने आहिस्ता दिदी कां लेफ्ट बूब पकड़ लिया औऱ आहिस्ता दबाने लगाफिन मैने दिदी केँ निपल कों टच किया तौ वोँ हार्ड थां.
मुझे बहोत मजा आँ रहा थां औऱ मे दिदी केँ बूब्स केँ संग खेलने लगा अचानक दिदी थोडा सां हिली तोँ मैनेडर सें फ़ौरन अपना हॅंड बाहर् निकाल लिया
मगर तभी मुझे दिदी कि आवाज़ सुनाई दि
"भइया धीरे-धीरे सोजाओ याँ उठाऊ बादल कों" दिदी धीरे-धीरे सें बोलीं
मेरी तोँ गान्ड हि फट गई क्योंकि भैया भि वहींसोए हुए थें औऱ यू हि गान्ड फट.ते फट.तेपता नहीं मे कब औऱ केसेसो गय़ा
सुभहउठा तौ सभी कुच्छ नॉर्मल थां किसी नें कोईबात नहीं कि नां हि भैया न्र औऱ नां हि कविता दिदी नें.
उसरात मेरीऐसी गान्ड फटी कि कईदिन तक मैने सेक्स कां सोचा हि नहीं.
एक् दिन मे कविता दिदी केँ रूम मे गय़ा दिदी बेड पे बैठी हुइ थि मे संगजा केँ बैठ गय़ा.
"दिदी क्याँ बात हैं आप् परेशान लगरही हें औऱ चुपचुप भि हैं सभीठीक तौ हैं नां?" मैने दिदी कों परेशान देखकर पुछा
"कुछ नहीं भइयाऐसे हि थक गई, हूं आजकलकाम बहोत होता हैं इसलिए थक जाती हूं" दिदी बोलीं
"दिदी आप् कहे तौ मे आपकेहाथ पेरदबा दूँ बहोत आराम मिलेगा आपको" मे बोला
"नहीं भइया मे ठीक हूं रहनेदो" दिदी बोलि
"दिदी आप् लेटजाओ नां प्लीज़ मेरादिल कररहा हैं अपनी प्यारी दिदी कों दबाने कां" मे ज़िद करतेहुए बोला औऱ मैने दिदी कों ज़बरदस्ती बेड पे लिटा दिया औऱ दिदी केँ पांव दबाने लगा.
मैने दिदी कों दबाना शुरुआत किया तोँ दिदी कों आराम मिलने लगा कुच्छ देरबाद दिदी कि आँखलग गई अब मे दिदी केँ जिस्म कों दबा भि रहा थां औऱ फील भि कररहा थां औऱ मज़ेकर रहा थां.
कुच्छ देरबाद प्रिया दिदी अंदरआई औऱ मुझे दिदी कों दबाते देख केँ मुस्कुराने लगी
"अरे वाउ भइया तुम्हे दबाना भि आता हैं मुझे तोँ कभी नहीं दबाया क्याँ मे तुम्हारी बेहन नहीं हूं" प्रिया दिदी बोलि
"दिदी जब आप् थकि होंगी तब आप् कों भि दबा दूँगा" मे भि मुस्कुराते हुए बोला
तभी दिदी उठ गई औऱ बोलि "भइयाबस करो तुम् थकगये होंगे। हां प्रिया बेटा क्याँ बात हैं"
दिदी हम् सभी कों बेटा बुलाती थि.
प्रिया दिदी :- कोईकाम नहीं हैं दिदी वैसे हि आँ गई, वैसे आपकी तबीयत तौ ठीक हैं नाँ छोटादबा जौ रहा हैं आपको?
कविता दिदी :- हां मे ठीक हूं बसथकि हुईँ थि तोँ छोटा ज़िद करनेलगा कि दिदी आप् लेटजाओ मे दबा देता हूं औऱ इसने इतना अच्छे सें दबाया कि मेरीआँख लग गई
प्रिया दिदी :- अच्छा दिदी फिन आप् रेस्ट करो मे जारही हूं
प्रिया दिदी चली गई तौ मे कविता दिदी कों दोबारा दबाने लगा.
कविता दिदी :- भइयाबस करो मे ठीक हूं अब.
"नहीं दिदी कुच्छ देर तोँ दबाने दोआज मे अपनी दिदी कि खिदमत करलूँ पता नहींफिन कबयह मौका मिलता हैं" मे बोला
"भइया पढ़ते भि होँ याँ सारादिन खेलते हि रहते होँ?" दिदी बोलीं
"पढ़ता हूं दिदी साराकाम ख़तमकर दिया हैं इसलिये तोँ आप् केँ पास बैठा हूं" मे बोला औऱ वापस दबाने लगाअब दिदी भि आहिस्ता दबवारही थि
"दिदी आप् विवाह कब करेंगी, आप् विवाह करलो नां सच बहोत मजा आएगा" कुच्छ देरबाद मे बोला
"भइया तुम्हे मेरी विवाह कि इतनी फिकर क्यूं हैं अगर मैने विवाह करली तौ घऱकौन संभाले गा औऱ मैनेसोच लिया हैं कि पहले मे अपनी सिस्टर्स कि विवाह करूँगी बाद मे अपनी विवाह कां सोचूँगी" दिदी बोलि
"नहीं दिदी मे तौ वैसे हि कहरहा थां क्यूं कि सभी लड़किया तक़रीबन आप् कि एज मे विवाह कर लेती हें नां वैसे दिदी विवाह क्यूं होती हैं औऱ विवाह करके क्याँ फ़ायदा होता हैं" मैने पुछा
"भइया विवाह केँ बाद हज़्बेंड अपनी वाइफ कां औऱ वाइफ अपने हज़्बेंड कां ख्याल रखते हें एक् दूसरे सें बहोत प्रेम करते हैं औऱ विवाह केँ बाद बच्चे पैदा होते हैं जिस सें मां औऱ बाप दोनो कों खुशी मिलती हैं बुढ़ापे केँ लिए सहारा मिल जाता हैं" दिदी नें बताया
INNOCENT (मासूम)
mein घऱ mein sab सें chota hun औऱ sab ko बहोत pyara lagta hun mein जब chota thaa too बहोत innocent thaa lakin घऱ walo कि nazar mein मगर बाहर् mein kisi ldki ko dekhta too उसकी har woh चीज़ dekhta joo एक् pati hi dekh sakta h mein apne dimaag mein tasveer bnaa leta matlab imagine krta thaa us kaa figure dekhta बहोत बहोत jyada harami hun mein bachpan सें hi.
Mere mummi daddy कि kafi years pehle death hu gayi जब mein 6 साल kaa thaa औऱ मेरे bhay औऱ badi bahen ne हम् sab kaa बहोत khyaal rakkha job krr केँ hamaari har jarurat ko poora किया hamara sara bojh un pe thaa। Meri didi kavita कि job bank mein h private Bank mein। bhay कि pehle यहा job thi lakin unhe UAE kaa Visa मिला too bhay वहा chale gaye.
maira जब jahan dill ❤️ krta wahin so jata matlab कभी kisi sister केँ sath कभी kisi केँ sath kyunki mein sab सें chota thaa too muze कोई mana bi नहि krta thaa.
yeh बात kafi साल pehle कि h umar नहि likh sakta वरना kahani post नहि hu gi.
Meri didi kavita muze nahlaati thi जब mein chota thaa us time muze sex kaa कुछ ptaa नहि thaa mene muth marna 14 साल कि umar mein shuru किया thaa
Hamara muhalla बहोत ganda h matlab bachhe bachhe ko har बात kaa ptaa h
mummi daddy the नहि iss liye कोई muze बाहर् jane khelne ya kisi bi बात सें नहि rokta thaa jis कि wajah सें mein bi un boys केँ sath game game ke aisi bate seekh गय़ा औऱ sex kaa bi ptaa chl गय़ा कि yeh किया hotha h औऱ kese hotha h
muze yaad h जब mein pehli baar muth maar raha thaa late night जब sab so gaye the Garmi kaa mausam thaa औऱ हम् एक् hi kamara mein sote the kyunki AC sirf एक् hi afford krr sakte the.
mein tel laga ke muth maar raha thaa muze बहोत majaa aa raha thaa jis कि waja सें mein fast fast hath chala raha thaa औऱ pachak pachak कि awaz nikal rahi thi कि achanak kavita didi ne mujhse puchha
kavita didi : bhay क्याँ krr rahe hu? क्याँ bubble gum kha rahe hu?
Bilkul waisi awaz thi जब muh khol केँ bubble gum ko chabao too mein ne fauran kah दिया "Ji didi bubble gum kha raha ho"
" bhay itni rath ko bus karo औऱ so jao" didi boli
fir mene aram aram सें muth maari औऱ pehli baar jhada muze बहोत majaa आयाफिन mein so गय़ा। Kuchh दिन mein daily muth marta rath mai फिन mein दिन mai nahane jata too sabun laga केँ muth marta mein बहोत kuchh sikhta daily kuchh hi months mai lagbhag full sex kaa ptaa chl गय़ा muze.
Hum sab life ko बहोत enjoy krr rahe the हम् ne iss साल holi bi kheli घऱ mai bhay काम pe gaye hue the mein औऱ baki sab sisters घऱ pe thI mein bajar सें kaafi color le आया औऱ हम् ne full tayari krr li fir हम् बाहर् aa gaye garden mein औऱ holi start कि sab एक् dusere pe rang phek rahe the कुछ paani mai rang मिला केँ color wala paani एक् doosre pe daal rahe the। mein ne bi sab sister pe rang dala unko galoon pe rang lagata muze बहोत majaa aa raha thaa कभी मेरा hath kisi कि gaand pe touch hotha कभी kisi केँ mammay pe sab सें jyada mazaa muze aa raha thaa हम् kaafi der tak khelte rahe औऱ mein ne pure waqt बहोत majaa किया sab केँ jism ko touch krr केँ feel krr किया fir हम् sab घऱ aa gaye औऱ sab ne naha केँ kapre change krr liye.
एक् rath हम् sab kamara mai so rahe the मेरी एक् side pe kavita didi so rahi thi औऱ aik side pe priti didi so rahi thi mein sab केँ sone kaa wait krr raha thaa जब sab so gaye too mene muth marna shuru kat दियातभी मेरे dimag mai आया kyona kavita didi कि gaand pe touch karu mene एक् hath mai अपना loda joo us time chota sa thaa ko pakdo हुआ thaa औऱ एक् hath kavita didi कि gaand pe रख दियाकुछ der mene अपना hath jara bi नहि hilaya मगर mein kavita didi कि gaand ko feel krna chahta thaa too mene aaram सें अपना hand move किया didi कि gaand pe। mein didi कि gaand pe hath pherne laga औऱ फिन mein अपना hath didi कि gaand कि line mai le गय़ा muze बहोत majaa आया kyunki woh स्थान बहोत garam thi.
Kuchh der majaa karne केँ बाद mein farig hu गय़ा औऱ so गय़ा.
Next night फिन waise hi soye the हम् औऱ dobara kaafi der बाद mene अपना hand kavita didi कि gaand pe rakkha औऱ majaa karne laga lakin lalach badh gai thi too mene karwat li didi केँ pichhe औऱ अपना left hand didi केँ uper rakkha baju pe shoulder केँ karib didi ne kuchh नहि कहा woh so rahi thi mene himmat krr केँ अपना hand move किया औऱ didi कि kameez side pe krr केँ ander le गय़ा औऱ thoda ander le jaa केँ didi केँ pet pe रख दिया didi kaa pet bi garam thaa मगर बहोत mulayam thaa.
Kuch dair बाद mene अपना hand वहा सें move किया औऱ थोडा aage le गय़ा too मेरा hand didi केँ mammay ko touch हुआ.
didi karwat पर्र so rahi thi jis कि wajah सें didi केँ mammay side pe the औऱ bra loose hu गय़ा thaa औऱ taqreeban didi केँ half mammay bra mein the औऱ didi kaa half bra free thaa औऱ मेरा hand didi केँ dono mammay केँ bich thaa.
mein apni badi didi केँ mammay ko feel karne laga woh बहोत soft औऱ mulayam the muze बहोत majaa aa raha thaa mein kafi der kavita didi केँ mammay ko feel krta raha औऱ जब muthh marte marte jhad गय़ा too so गय़ा.
Next night dobara mene अपना hand didi कि kameez mai daala औऱ didi केँ mammay tak pahunch गय़ा। ap yakin नहि karoge didi ne us rath bra नहि pehna हुआ thaa uff मेरा too khusii सें बुरा dasha thaa khair mene aram सें didi kaa left boob pakad लिया औऱ aaram सें dabane laga फिन mene didi केँ nipple ko touch किया too woh hard thaa.
muze बहोत majaa aa raha thaa औऱ mein didi केँ mammay केँ sath khelne laga achanak didi थोडा sa hili too mene darr सें fauran अपना hand बाहर् nikal लिया
मगर तभी muze didi कि awaz sunai di
"bhay aram सें so jao ya uthau badal ko" didi dhire सें boli
Meri too gaand hi fat gayi kyunki bhaiya bi wahin soye hue the औऱ yu hi gaand fat.te fat.te ptaa नहि mein कब औऱ kese so गय़ा
subah uthha too sab kuchh normal thaa kisi ne कोईबात नहि कि na hi Bhaiya nr औऱ na hi kavita didi ne.
Us rath मेरी aisi gaand phati कि कईदिन tak mene sex kaa socha hi नहि.
एक् दिन mein kavita didi केँ kamara mai गय़ा didi bed pe baithi hoyi thi mein sath jaa केँ baith गय़ा.
"didi क्याँ बात h ap pareshan lag rahi haen औऱ khamosh khamosh bi h sab thik too h na?" mene didi ko pareshan dekh krr puchha
"कुछ नहि bhay ayese hi thak gai ho आजकलकाम बहोत hotha h iss liye thak jaati hun" didi boli
"didi ap kahe too mein aapke hath pair daba du बहोत aaram milega aapko" mein बोला
"नहि bhay mein thik ho rehne दो" didi boli
"didi ap let jao na please मेरा dill ❤️ krr raha h apni pyari didi ko dabane kaa" mein jidd karte hue बोला औऱ mene didu ko zabardasti bed pe lita दिया औऱ didi केँ pair dabane laga.
mene didi ko dabana shuru किया too didi ko aaram milne laga kuchh der बाद didi कि आंख lag gayi अब mein didi केँ badan ko daba bi raha thaa औऱ feel bi krr raha thaa औऱ maje krr raha thaa.
Kuchh der बाद priya didi andar aai औऱ muze didi ko dabate dekh केँ muskurane lagi
"are vah bhay tumhe dabana bi aata h muze too कभी नहि dabaya क्याँ mein tumhari bahen नहि ho" priya didi boli
"didi जब ap thaki hogi तब ap ko bi daba dunga" mein bi muskurate hue बोला
तभी didi uthh gayi औऱ boli "bhay bus karo tm thak gaye honge। ha priya beta क्याँ बात h"
didi हम् sab ko beta bulati thi.
Priya didi :- कोईकाम नहि h didi waise hi aa gayi, waise aapki tabiyat too thik h na chota daba joo raha h aapko?
Kavita didi :- ha mein thik ho bus thaki hoyi thi too chota jidd karne laga kee didi ap let jao mein daba deta ho औऱ isne itna achhe सें dabaya kee मेरीआंख lag gayi
Priya didi :- अच्छा didi फिन ap rest karo mein ja rahi hun
priya didi chali gayi too mein kavita didi ko dobara dabane laga.
Priya didi chali gayi too mein kavita didi ko dobara dabane laga.
Kavita didi :- bhay bus karo mein thik ho अब.
"nahee didi kuchh der too dabane दोआज mein apni didi कि khidmat krr lu ptaa नहि फिनकब yeh chance milta h" mein बोला
"bhay padhte bi hu ya sara दिन khelte hi rehte hu?" didi boli
"padhta hi didi sara काम khatam krr dia h इसलिये too ap केँ pas baitha hun" mein बोला औऱ wapis dabane laga अब didi bi aaram सें dabwa rahi thi
"didi ap shaadi कब karengi, ap shaadi krr lo na sacch बहोत mazaa aayega" kuchh der बाद mein बोला
"bhay tumhe मेरी shaadi कि itni fikar kyon h अगर mene shaadi krr li too घऱकौन sambhale ga औऱ mene सोच लिया h कि pehle mein apni sisters कि shaadi karungi बाद mai apni shaadi kaa sochungi" didi boli
"nahee didi mein too waise hi kah raha thaa kyon कि sab ladkiya taqreeban ap कि age mein shaadi krr leti haen na waise didi shaadi kyon hoty h औऱ shaadi karke क्याँ fayda hotha h" mene puchha
"bhay shaadi केँ बाद pati apni wife kaa औऱ wife apne pati kaa khyaal rakhte haen एक् doosre सें बहोत pyaar karte h औऱ shaadi केँ बाद bachhe paida hote h jis सें mummy औऱ baap dono ko khusii milti h budhape केँ liye sahara mil jata h" didi ne bataya
Congratulation mitr
INNOCENT (मासूम) completee - सेक्स – New Episode
"अच्छा दिदी इसलिये, औऱ दिदी बच्चे केसे पैदा होते हैं" मैने एक् बारफिन नादान बनतेहुए पुछा
"बस विवाह केँ बाद ईश्वर जी बच्चे दे देते हैं" दिदी नें भि मुझेएडा समझते हुए बताया मगर वोँ नहीं जानती थि कि यहएडा बहोत जल्द पेड़ा खाने कि सोचरहा हैं
"दिदी यह तोँ मुझेपता हैं कि ईश्वर हि बच्चे देते हैं मगर दिदी वोँ सुहागरात क्याँ होती हैं औऱ उसमे हज़्बेंड औऱ वाइफ क्याँ करते हैं" मैनेफिन पुछा
"भइयाऐसी बाते नहीं करतेकभी अपनीएज देखी हैं औऱ बाते देखो कैसीपुछ रहा हैं औऱ ज़रायह तौ बताओ कि किसने बताया तुम्हे यहसभी" दिदी तुनक्ते हुए बोलीं
"वोँ.वोँ दिदी जब मे अपने कज़िन कि विवाह मे गय़ा थां औऱ जब दुल्हन घऱ आँ गई थि तब कुच्छ लोग बातेकर रहे थें कि अब तौ दूल्हा दुल्हन मज़े सें सुहागरात मनाएँगे औऱ आजरात दूल्हा दुल्हन कों सोने नहीं देगा" मेरी तौ गान्ड फटी हुइ थि मगर किसीतरह मैनेबात कों संभाला
"कौनकह रहा थां यहसभी औऱ तुम् क्यूं सुनते हौ किसी कि बाते, किसी कि बाते सुन.नाँ बहोत बुरीबात हैं बेटा आगे सें ऐसा नहीं करना" दिदी मुझे समझाते हुए बोलीं
"दिदी मुझे नहींपता वोँ लोगकौन थें औऱ दिदी वोँ लोग मेरेसंग एक् हि रूम मे सोरहे थें अब मे अपनेकान केसेबंद करता" मे बोला
दिदी मेरीबात सुनकर चुप हौ गई आख़िर मेरीबात भि सही होँ थि
"दिदी बताओ नां सुहागरात क्याँ होती हैं केसे होती हैं औऱ हज़्बेंड वाइफ कों रातभर क्यूं नहीं सोने देता" थोड़ी देरबाद मे फिन बोला
"भइयाअब मे मारूँगी सच मे, कहा नां ऐसे बाते नहीं करते अभि तुम्हारी एज नहीं हैं ऐसी बाते पुछ्ने कि औऱ जब तुम् बड़े हौ जाओगे तोँ तुम्हे स्वयं-ब-स्वयं हि सभीपता चल जाएगा" दिदी थोड़े गुस्से सें बोलीं
"दिदी मुझे अभि बताओ नाँ औऱ देखो नां मे बड़ा तौ होँ हि गय़ा हूं नां" मे ज़िद्द करतेहुए बोला "वैसे दिदी आपनेकभी सुहागरात मनाई हैं क्याँ"
"भइया सुहागरात विवाह केँ बाद मनाई जाती हैं पहले नहीं, गंदे कहीं केँ पता नहीं क्याँ क्याँ कहतेजा रहे हौ नां सोचते होँ नां कुच्छ.अब बसकरो औऱ जाओ बाहर् जाकर खेलो" दिदी मुझे झिड़कते हुए बोलीं
अब मैने अधिकबहस करनाठीक नहीं समझा औऱ उठकर खेलने केँ लिए बाहर् चला गय़ा कुच्छ देर खेलने केँ बाद मे घऱ वापस आगया
रात हमारी मौसी हमारे घऱआई वोँ भैया केँ लिए रिश्ते केँ बात करनेआई थि लड़की वाले उनके रिश्तेदार थें औऱ लड़की बहोत हि हसीन थि इसलिये मौसी ज़िद्द कररही थि कि लड़की भि अच्छी हैं औऱ वोँ लोग भि अच्छे हैं ऐसा नाताफिन नहीं मिलेगा इसलिये विवाह वहीं करते हैं
हमने मौसी सें कहा कि सोचकर बताते हैं औऱ फिन बादल भैया आए तोँ उन्हे बताया मगर भैया मना करनेलगे फिन हम् सबने ज़िद्द कि औऱ भैया कों मनाया कि एक् बार लड़की तौ देखलो पसन्द नहींआए तौ मत करना औऱ किसीतरह भैया कों मनाकर हम् लड़की देखने पहुचे लड़कीसच मे बहोत हसीन थि
लड़कीसब कों पसन्द आँ गई औऱ कुच्छ दिनो केँ बाद नाता पक्का हौ गय़ा भाभीसच मे बहोत हि क्यूट, सेक्सी, पतला औऱ हॉट थि मे तौ सोचरहा थां कि उनकी विवाह भैया सें नाँ होकर मुझसे हौ जाएमगर यह नामुमकिन थां.
नातातय होते हि हम् लोगो नें डिसाइड किया कि जल्द हि भैया कि विवाह कर देते हैं मगर भैया नें मनाकर दिया कि इतनी जल्द नहीं करना हैं विवाह केँ लिए अभि उन्हे थोडा समय चाहिए तोँ भइया कि बात सुनकर यहतय किया गय़ा कि अभि सगाईकर देते हैं विवाह बाद मे भैया कि सुविधा सें कर देंगे
सगाई 2 दिन केँ बादरखी गई सगाई पर्र सभी बहनो नें खुलकर मज़े सें डॅन्स किया भाभी सें भि डॅन्स करवाया गय़ा औऱ भैया कि साली नें भि खूब डॅन्स किया
सभी मे बहोत सेक्सी डॅन्स किया औऱ सब लड़किया डॅन्स करते टाइम बहोत सेक्सी लगरही थि
डॅन्स करते वक़्त सब लड़किया सलवार सूट मे थि मगर डॅन्स करते वक़्त किसी नें भि दुपट्टा नहीं लियाहुआ थां सब कां डॅन्स बहोत अच्छा औऱ सेक्सी थां खासकर कविता दिदी कां
कविता दिदी नें जब डॅन्स शुरुआत किया तोँ दुपट्टा पहनाहुआ थां क्योंकि उनके बूब्स बहोत बड़े बड़े हैं मगर कुच्छ देरबाद दिदी नें जब दुपट्टा उतारा तोँ उनकी कुरती केँ बड़ेगले सें उनके बड़े बड़े बूब्स बहोत हद तक सॉफ नज़र आरहे थें डॅन्स करतेसमय जब वोँ उच्छलती तोँ बहोत हॉट नज़ारा देखने कों मिलता
फंक्षन बहोत रात तक चलाफिन हम् घऱ वापस आगये हम् सभी बहोत थकगये थें घऱ पहुचकर सभी अपने अपनेरूम मे चलीगये
मे कविता दिदी केँ रूम कि तरफबढ़ गय़ा मे आज कुच्छ औऱ चान्स लेना चाहता थां पेड़ा खाने केँ लिएमगर रूम केँ बाहर् पहुचकर देखा तौ गैटलॉक थां मैनेनॉक किया
"कॉन हैं" अंदर सें दिदी कि आवाज़ आई
"मे हूं दिदी दरवाजा खोलो" मे बोला
"क्याँ बात हैं बेटा मे चेंजकर रही हूं" दिदी बोलीं
"दिदी खोलो नाँ चेंजबाद मे कर लेना" मे बोला औऱ फिननॉक किया
अब दिदी नें दरवाजा खोल देता औऱ मे अंदर जाकर उनकेबेड पर्र बैठ गय़ा
"दिदी आज आपका डॅन्स बहोत अच्छा थां सभी सें ज्यादा अच्छा सच मुझे बहोत मजाआया आपको डॅन्स करतेहुए देखकर" मे बोला
"थॅंकयू बेटा क्याँ यही कहना थां जिसके लिए तुम् यहाआए थें" दिदी मुस्कुराते हुए बोलि
"नहीं दिदी आप् इन कपड़ो मे बहोत प्यारी लगरही हैं इसलिये मे आँ गय़ा सोचा कहीं आप् चेंज नाँ करलो मे आपकोइन कपड़ो मे देखने औऱ आप् सें बाते करनेआया हूं अगर आप् थकि हुई नां हौ तौ हम् बातकर लेते हैं वरना मे चला जाता हूं" मे बोला
"नहीं भइया मे नहींथकि हूं चलो बातेकर लेते हैं वैसे भि कल छुट्टी हैं तोँ मैनेकौन सां जल्द उठना हैं" दिदी बोलीं
मे खुश हौ गय़ा औऱ दिदी एक् चेयर लेकर मेरे सामने बैठ गई मेरी नज़रे बारबार उनकी बड़ी बड़ी चुचियो पर्र जारही थि
"अच्छा तौ सभी सें अधिक मेरा डॅन्स अच्छा लगा तुम्हे, हैं नां बेटा" दिदी मुझे देखते हुए बोलि
"जी दिदी, सभी सें अच्छा डॅन्स आपने किया औऱ मेरी कविता दिदी सें अच्छा कोई नहीं हैं मेरी कविता दिदी ईज़ बेस्ट" मैने मक्खन लगाया "उर दिदी आप् ब्लॅक कलर केँ कपड़ो मे बहोत प्यारी लगरही हैं सच दिदी सभी कुच्छ ब्लॅक आप् पऱ बहोत अच्छा लगरहा हैं"
"सभी कुच्छ ब्लॅक सें क्याँ मतलब हैं भइया" दिदी कुच्छ सकपकाते हुए बोलीं
"दिदी आपकी कुरती, सलवार, दुपट्टा औऱ आपकी बनियान" मे बोला
"बनियान.क्याँ मतलब हैं भइया तुम्हारा औऱ तुमने कब औऱ केसे देखा" दिदी हैरान होकर बोलि
"क्याँ केसे देखा आपने ब्लॅक सलवार कुरती औऱ दुपट्टा नहीं पहना हैं क्याँ अभि, औऱ मे केसे नां देखता" मे एकदम भोन्दु बनतेहुए बोला
"भइयायह सभी नहीं होँ जोँ तुमने कहा नाँ बनियान उसका पुच्छ रही हूं मे" दिदी बोलीं
"अच्छा वूऊ.वोँ तोँ जब आप् डॅन्स कररही थि नां तब देखा थां मतलब नज़र आँ गई थि आपकी ब्लॅक बनियान" मे बोला
"भइया मैने तोँ दुपट्टा लियाहुआ थां तब तौ फिन केसे नज़र आँ गई, कहीं तुमने कहीं औऱ सें तौ नहीं देखाआइ मे जब मे चेंजकर रहीहौं तब" दिदी थोड़ी शरमाते हुए बोलि
"achaa didi इसलिये, औऱ didi bachhe kese paida hote h" mene एक् baar फिन nadaan bante hue puchha
"bus shaadi केँ बाद bhagwan ji bachhe de dete h" didi ne bi muze yeda samajhte hue bataya मगर woh नहि janti thi कि yeh yeda बहोत jald peda khane कि सोच raha h
"didi yeh too muze ptaa h कि bhagwan hi bachhe dete h मगर didi woh suhagraat क्याँ hoty h औऱ usme pati औऱ wife क्याँ karte h" mene फिन puchha
"bhay aisi bate नहि karte कभी apni age देखी h औऱ bate dekho kaisi puchh raha h औऱ jara yeh too batao कि kisne bataya tumhe yeh sab" didi tunakte hue boli
"woh.woh didi जब mein apne cousin कि shaadi mai गय़ा thaa औऱ जब dulhan घऱ aagai thi तब kuchh लोग bate krr rahe the कि अब too dulha dulhan maje सें suhagraat manayenge औऱ आज rath dulha dulhan ko sone नहि dega" मेरी too gaand fati hoyi thi मगर kisi prakaar mene बात ko sambhala
"कौन kah raha thaa yeh sab औऱ tm kyon sunte hi kisi कि bate, kisi ko bate sun.na बहोत buri बात h beta aage सें aesa नहि krna" didi muze samjhate hue boli
"didi muze नहि ptaa woh लोगकौन the औऱ didi woh लोग मेरे sath एक् hi kamara mai so rahe the अब mein apne kaan kese बंद krta" mein बोला
didi मेरीबात sunkar khamosh hu gayi aakhir मेरीबात bi sai hu thi
"didi batao na suhagraat क्याँ hoty h kese hoty h औऱ pati wife ko rath bhar kyon नहि sone deta" thodi der बाद mein फिन बोला
"bhay अब mein marungi sacch mai, कहा na ayese bate नहि karte abi tumhari age नहि h aisi bate puchhne कि औऱ जब tm bade hu jaoge too tumhe khud-ba-khud hi sab ptaa chl jayega" didi thode gusse सें boli
"didi muze abi batao na औऱ dekho na mein बड़ा too hu hi गय़ा ho na" mein zidd karte hue बोला "waise didi aapne कभी suhagraat manayi h क्याँ"
"bhay suhagraat shaadi केँ बाद manayi jati h pehle नहि, gande kahi केँ ptaa नहि क्याँ क्याँ kahte jaa rahe hu na sochte hu na kuchh.अब bus karo औऱ jao बाहर् jakar khelo" didi muze jhidkate hue boli
अब mene jyada bahas krna thik नहि samaja औऱ uthh krr khelne केँ liye बाहर् chala गय़ा kuchh der khelne केँ बाद mein घऱ wapis aagaya
rath hamaari mausi humare घऱ aai woh bhaiya केँ liye rishta केँ बात karne aai thi ldki wale unke rishtedaar the औऱ ldki बहोत hi beautiful thi इसलिये mausi zidd krr rahi thi कि ldki bi achhi h औऱ woh लोग bi achhe h aesa rishte फिन नहि milega इसलिये shaadi wahin karte h
hamne mausi सें कहा कि सोच krr batate h औऱ फिन badal bhaiya aaye too unhe bataya मगर bhaiya mana karne lage फिन हम् sabne zidd कि औऱ bhaiya ko manaya कि एक् baar ldki too dekh lo मनपसंद नहि aaye too mat krna औऱ kisi prakaar bhaiya ko mana krr हम् ldki dekhne pahuche ldki sacch mai बहोत beautiful thi
ldki sabhi ko पसन्द aagai औऱ kuchh dino केँ बाद rishte pakka hu गय़ा bhabhi sacch mai बहोत hi cute, sexy, slim औऱ hot thi mein too सोच raha thaa कि unki shaadi bhaiya सें na hokar mujhse hu jaye मगर yeh namumkin thaa.
rishte tay hote hi हम् logo ne decide किया कि jald hi bhaiya कि shaadi krr dete h मगर bhaiya ne mana krr दिया कि itni juldi नहि krna h shaadi केँ liye abi unhe थोडा vaqt चाहिए too bhay कि बात sunkar yeh tay किया गय़ा कि abi sagai krr dete h shaadi बाद mai bhaiya कि suvidha सें krr denge
sagai 2 दिन केँ बाद rakhi gayi sagai पऱ sab bahno ne khulkar maje सें dance किया bhabhi सें bi dance karwaya गय़ा औऱ bhaiya कि sali ne bi khub dance किया
sab mai बहोत sexy dance किया औऱ sabhi ladkiya dance karte vaqt बहोत sexy lag rahi thi
dance karte vaqt sabhi ladkiya salwar suit mai thi मगर dance karte vaqt kisi ne bi dupatta नहि लियाहुआ thaa sabhi kaa dance बहोत अच्छा औऱ sexy thaa khaas krr kavita didi kaa
kavita didi ne जब dance shuru किया too dupatta pahna हुआ thaa kyunki unke mammay बहोत bade bade h मगर kuchh der बाद didi ne जब dupatta utara too unki kurti केँ bade gale सें unke bade bade mammay बहोत hadd tak saaf drishti aarahe the dance karte vaqt जब woh uchhalti too बहोत hot najara dekhne ko milta
Function बहोत rath tak chala फिन हम् घऱ wapis aagaye हम् sab बहोत thak gaye the घऱ pahuch krr sab apne apne kamara mai chali gaye
mein kavita didi केँ kamara कि tarf badh गय़ा mein आज kuchh औऱ mauka लेना chahta thaa peda khane केँ liye मगर kamara केँ बाहर् pahuch krr देखा too gait lock thaa mene knock किया
"kon h" andar सें didi कि aawaj aai
"mein ho didi darwaja kholo" mein बोला
"क्याँ बात h beta mein change krr rahi ho" didi boli
"didi kholo na change बाद mai krr लेना" mein बोला औऱ फिन knock किया
अब didi ne darwaja khol deta औऱ mein andar jakar unke bed पऱ baith गय़ा
"didi आज aapka dance बहोत अच्छा thaa sab सें jyada अच्छा sacch muze बहोत mazaa आया aapko dance karte hue dekh krr" mein बोला
"thank you beta क्याँ yahi kahna thaa jiske liye tm यहा aaye the" didi muskurate hue boli
"नहि didi ap in kapdo mai बहोत pyari lag rahi h इसलिये mein aa गय़ा socha kahi ap change na krr lo mein aapko in kapdo mai dekhne औऱ ap सें bate karne आया ho अगर ap thaki hoyi na hu too him बात krr lete h वरना mein chala jata ho" mein बोला
"नहि bhay mein नहि thaki ho chalo bate krr lete h waise bi कल chhutti h too mene कौन sa juldi uthna h" didi boli
mein खुश hu गय़ा औऱ didi एक् chair लेकर मेरे samne baith gayi मेरी najre baar baar unki badi badi chuchiyo पर्र jarahi thi
"अच्छा too sab सें jyada मेरा dance अच्छा laga tumhe, h na beta" didi muze dekhte hue boli
"ji didi, sab सें अच्छा dance aapne किया औऱ मेरी kavita didi सें अच्छा koy नहि h मेरी kavita didi iss best" mene makhhan lagaya "air didi ap black color केँ kapdo mai बहोत pyari lag rahi h sacch didi sab kuchh black ap पर्र बहोत अच्छा lag raha h"
"sab kuchh black सें क्याँ matlab h bhay" didi kuchh sakpakate hue boli
"didi aapki kurti, salwar, dupatta औऱ aapki baniyaan" mein बोला
"baniyaan.क्याँ matlab h bhay tumhara औऱ tumne कब औऱ kese देखा" didi हैरान hokar bili
"क्याँ kese देखा aapne black salwar kurti औऱ dupatta नहि pahna h क्याँ abi, औऱ mein kese na dekhta" mein ekdum bhondu bante hue बोला
"bhay yeh sab नहि hu joo tumne कहा na baniyaan उसका puchh rahi ho mein" didi boli
"अच्छा woooo.woh too जब ap dance krr rahi thi na तब देखा thaa matlab drishti aagai thi aapki black baniyaan" mein बोला
"bhay mene too dupatta लियाहुआ thaa तब too फिन kese drishti aagai, kahi tumne kahi औऱ सें too नहि देखा i mein जब mein change krr rahi hou तब" didi thodi sharmate hue boli
Superb
Congratulations Kunal bhay
INNOCENT (मासूम) completee - सेक्स – New Episode
"नहीं दिदी आप् मेरे सामने चेंज थोड़ी हि कररही थि जोँ मे देख पाता औऱ बाकीकोई ऐसी स्थान तौ हैं नहीं जहाँ सें देखता मे सचकहरहा हूं डॅन्स करते टाइम देखा थां पहले तौ आपने दुपट्टा लियाहुआ थां मगर डॅन्स करते टाइमबाद मे निकाल दिया थां तब नज़र आँ गई थि आपकी बनियान औऱ." कहते कहते मे रुक गय़ा
"औऱ क्याँ भइया" दिदी नें जल्द सें पुछा
"वोँ.दिदी.उूओ.मुझे नाम तौ नहींपता मगर आपकेयह भि नज़र आरहे थें" मैने दिदी कि चुचियो कि तरफ इशारा करतेहुए कहा
मेरीबात सुनकर दिदी केँ गालशरम सें लाल होँ गये
"भैया शरमकरो अपनी बेहन कों वहा नहीं देखते औऱ ऐसी बाते भि नहीं करते" दिदी मुझे घूरते हुए बोलीं
"ओक दिदी, मगर प्ल्ज़ दिदी मुझे दोबारा डॅन्स कर केँ दिखादो नां प्ल्ज़ थोडा सां वैसे हि" मे बोला
"भैया मे थक गई हूं फिनकभी करके दिखा दूँगी प्रॉमिस" दिदी मुझे टालते हुए बोलि
"नहीं दिदी मुझे अभि देख्ना हैं प्ल्ज़ दिदी प्ल्ज़ अभि दिखाइए नाँ दिदी प्ल्ज़, औऱ अभि तौ आपनेकहा थां कि अभि आप् थकि नहीं होँ" मे ज़िद्द करतेहुए बोला
"अच्छा.अच्छा चलोजाओ कोई सॉंगलगा दो" दिदी मुस्कुरा करहार मानते हुए बोलि
मे उठा औऱ स्लो आवाज़ मे 'जी कर्दा भइयाजी कर्दा' सॉंगलगा दिया
मे बेड पऱ बैठ गय़ा औऱ दिदी नें डॅन्स शुरुआत कर दिया दिदी बिल्कुल कटरीना कैफ़ कि तरह डॅन्स कररही थि डॅन्स करते वक़्त एक् बारफिन उनके बड़े बड़े बूब्स उच्छल करउपर नीचे होनेलगे औऱ मेरे लन्ड मे हरकत होनेलगी
"दिदी आप् तौ कटरीना सें भि अच्छा डॅन्स कररही हौ सिर्फ़ स्कर्ट औऱ टॉप कि कमी हैं क्याँ वोँ नहीं हैं आपकेपास" मे दिदी कों उकसाते हुए बोला
दिदी डॅन्स करते करते मेरेपास आँ गई औऱ मेरेगाल पऱ प्रेम सें मारकर बोलि "बेशरम." औऱ फिन डॅन्स करनेलगी
"दिदी दुपट्टा निकाल दो नाँ प्लीज़" मे बोला
"नहीं भइया तुम् फिन सें वहा देखोगे" दिदी आँखे निकलते हुए बोलि
"दिदी मे वहा नहीं देखूँगा प्लीज़ निकाल दो नां प्ल्ज़, प्ल्ज़, प्ल्ज़" मे दिदी कि मिन्नत करतेहुए बोला
दिदी नें मेरीतरफ मूहबना कर देखा औऱ अपनी ज़ुबान बाहर् निकाल कर मुझे चिढ़ाया औऱ दुपट्टा निकाल करमुझ पर्र फेंक दिया औऱ डॅन्स करतेरही
दिदी नें मेरीतरफ पीठकर केँ रखी थि क्योंकि दिदी केँ बड़े बड़े बूब्स सॉफ नज़र आरहे थें मगरऐसे मे उनकी मटकती मस्त बड़ी गान्ड अभि मेरी नज़रो केँ सामने थि
थोड़ी देर मैने उनकी गान्ड कां नज़ारा किया औऱ फिन बोला "दिदी क्याँ आपको मल्लिका शहरावत कि तरह डॅन्स आता हैं"
दिदी रुककर मुझे देखने लगी औऱ हँसकर बोलि "हांआता हैं"
मे उठा औऱ मैने'नाम जलेबी बाई' वाला सॉंगलगा दिया औऱ वापसबेड पर्र बैठ गय़ा
दिदी नें बिल्कुल मल्लिका कि तरह डॅन्स करना शुरुआत कर दियाउसी कि तरह अपनी गान्ड हिलारही थि औऱ दिखारही थि कुच्छ देरबाद दिदी मेरीतरफ घूम गई औऱ डॅन्स करते करतेझुक गई औऱ अपने बूब्स हिलाने लगी दिदी केँ आधे सें अधिक बूब्स नज़र आरहे थें
दिदी नें मेरीतरफ देखा तौ मेरी नज़र उनकेगले मे सें झाँकते बड़े बड़े बूब्स पऱ थि दिदी फ़ौरन सीधी खड़ी हौ गई औऱ डॅन्स भि रोक दिया
"क्याँ हुआ दिदी औऱ करो नाँ प्लीज़" मैने रिक्वेस्ट कि
"बस भइया काफ़ी हैं अब मे थक भि गई हूं" दिदी बोलि औऱ मेरेपास आकरबैठ गई वोँ तेजतेज साँसे लेरही थि औऱ उनके बूब्स उपर नीचे हि रहे थें दिदी कि छाती बाहर् निकलआती औऱ फिन अंदर होँ जाती दिदी कां दुपट्टा अभि भि मेरेपास हि थां
"दिदी अभि डॅन्स करतेसमय जब आप् झुकी थि तौ मुझे आपकी वोँ ब्लॅक बनियान दिखाई दि थि मगर वोँ हम् लड़को केँ जैसी नहींलग रही थि प्लीज़ दिदी मुझे अपनी बनियान दिखाओ नाँ" मे बड़ी मासूमियत सें बोला
दिदी नें बड़े गुस्से सें मेरीतरफ देखामगर फिन जल्दी हि उन्हे हँसी आँ गई.
"भैया उसे बनियान नहीं कहते औऱ बेटा मैने तुम्हे कहा थां नां कि अपनी बहनो केँ संगऐसी बाते नहीं करते" दिदी मुस्कुराते हुए बोलि
"दिदी मे कैसी बातेकर रहा हूं कि आप् मनाकर रही हैं आख़िर ऐसा क्याँ हैं इन बातों मे प्लीज़ दिदी दिखादो नां आख़िर ऐसा क्याँ बुरा हौ जाएगा, प्ल्ज़ दिदी दिखादो नाँ मेरी खुशी कि खैर प्ल्ज़" मे नादान बनतेहुए बोला
मैनेजब भि किसी केँ कोई भि बात मनवानी होती तोँ मे अपनीशकल एकदम मासूम औऱ रोती हुइ बना लेता थां अब चूँकि मे सबको बहोत प्यारा थां इसलिये मे उनकी दुखती रग थां कोई भि मुझे रोता नहींदेख सकता थां इसलिये यह मेरा आख़िरी हथियार थां जोँ कभी भि खाली नहीं जाता थां औऱ आज भि मेरेइस हथियार नें दिदी कों घायलकर दिया थां
"अच्छा अच्छा जाओ वोँ अलमारी खोलीउस मे रखी हैं देखलो" आख़िर दिदी हार मानते हुए बोलीं
मे उठा औऱ दिदी कि अलमारी सें उनकी वाइट ब्रा निकाल कर दिदी केँ पास आगया
"आरीई.यह नहीं लानी थि यह तौ उतरी वाली हैं दूसरी साइड मे धूलि हुईँ रखी हैं" दिदी मेरेहाथ मे अपनी ब्रादेख कर बोलि
"दिदी अगरयह उतरी वाली हैं भि तोँ क्याँ मुझे सिर्फ़ देखनी हि तौ हैं" मे ब्रा कां मुआयना करतेहुए बोला
मैने दिदी केँ सामने हि ब्राखोल ली औऱ उसे देखने लगाकभी सामने सें कभी साइड सें कभी पिछे सें
"दिदी यहलॉक किसलिए हैं औऱ यह केसे पहनते हैं औऱ क्यूं पहनते हैं औऱ इसे क्याँ कहते हैं मतलब इसकानाम क्याँ हैं" मे महा-मूर्ख बनतेहुए बोला
"भैया इसेबस ऐसे हि पहन लेते हैं अब तुमने पहन.नी तौ हैं नहींफिन क्यूं पुच्छ रहे होँ?" दिदी बोलि "वैसेयह लॉक टाइट याँ लूस करने केँ लिए हैं औऱ औऱ इसेलॉक नहींहुक कहते हैं इन सें हि तोँ यह उतरती याँ गिरती नहीं बल्कि अपनी स्थान पऱ रहती हैं, औऱ भइयायह हर लड़की कों पहन.नी पड़ती हैं इसके बगैर लड़की बुरी लगती हैं औऱ इसको ब्रेज़ियर कहते हैं शॉर्टकट मे ब्रा भि कहते हैं यहीनाम हैं इसका" दिदी नें मुझे ब्रा कों सारी हिस्टरी समझा दि
"दिदी कों ब्रा आपने पहनी हुइ हैं क्याँ वोँ दिखा सकती होँ प्ल्ज़" मे मासूमियत सें बोला
"नहीं भइयाअब बस औऱ कुच्छ नहींअब तुम् जाओ, सोना नहीं हैं क्याँ" अब दिदी चिढ़ते हुए बोलीं
मैने ज़िद्द नहीं कि क्योंकि आज केँ लिए इतना भि बहोत थां मगर कविता दिदी कि ब्रासंग लेकर हि रूम सें बाहर् आनेलगा तोँ दिदी नें टोक दिया
"ब्रा तौ वापसकरो भैया कोई देखेगा तौ क्याँ सोचेगा" दिदी बोलीं
"मे किसी कों नहीं दिखाउन्गा दिदी प्लीज़ मेरेपास रहनेदो नाँ इसमे सें बहोत प्यारी खुश्बू आरहि हैं मुझे"यह कहकर मे दिदी केँ सामने ब्रा सूंघने लगा औऱ फिन बाहर् चला गय़ा
मे वॉशरूम मे गय़ा औऱ दिदी कि ब्रा कों किस किया, सक किया, लीक किया, सूँघा औऱ मूठमार दि मैने अपना सारामाल दिदी कि ब्रा मे राइटवेल कप मे गिरा दिया औऱ ब्रा दिदी कों देने उनकेरूम मे गय़ा मैनेडोर ओपन किया तोँ दिदी टॉपलेस खड़ी थि दिदी कि बॅक मेरीतरफ थि मैने दिदी कों कुरती केँ बगैरदेख लिया थां दिदी नें वही ब्लॅक ब्रा पहनी हुइ थि औऱ दिदी कुरती पहनरही थि दिदी अपनी कुरती गले मे डालरही थि कि मैनेडोर बंद करकेलॉक कर दियालॉक होने सें आवाज़ आई तोँ दिदी नें फ़ौरन पिछे देखा औऱ मुझेदेख केँ अपनी छाती कुरती सें छुपाली
"बेटा डोरनॉक करके अंदरआते हैं ऐसे नहीं औऱ अब क्याँ करनेआए होँ यहा" दिदी सकपकाते हुए बोलीं
"सॉरी दिदी मे आपकी ब्रा वापस देनेआया थां मुझेपता नहीं थां कि आप् चेंजकर रही होँ वरना मे नहींआता, वैसे दिदी उतरी हुईँ ब्रा सें ज्यादा अच्छी पहनी हुइ ब्रा लगती हैं" मे मासूमियत सें बोला
"अच्छा.अच्छा अब अधिक बातेमत बनाओवहा रखदो ब्रा औऱ बाहर् जाओ प्लीज़" दिदी एक् तरफ इशारा करतेहुए बोलीं
मैने ब्रा साइड मे रखी औऱ बाहर् आगया.
कुच्छ दिनबाद कविता दिदी केँ लिए नाताआया मगर उन्होने विवाह करने सें मनाकर दिया क्योंकि उनकेउपर हम् सब भइया बहनो कों ज़िम्मेदारी थि मगर लड़का औऱ उसकेघऱ वाले बहोत अच्छे थें तौ उस लड़के केँ संग प्रिया दिदी कां नाता पक्का कर दिया गय़ा मगरइन लोगो कों विवाह कि जल्द थि तौ अगले महीने हि विवाह कि डेट फिक्स कर दि गई
एक् दिनसब लोगसो रहे थें तोँ मे प्रिया दिदी केँ रूम मे गय़ा वोँ भि सोरही थि तौ मे उनकेसंग लेट गय़ा औऱ उनसे चिपक गय़ा दिदी केँ जिस्म सें बहोत हि सेक्सी खुश्बू आरहि थि तौ मेरामन भटक गय़ा औऱ मेरेमन मे उनकेलिए गंदे ख्याल आनेलगे औऱ पता नहींकब मेरीहाथ उनके बूब्स पर्र चला गय़ा
मैने प्रिया दिदी केँ बूब्स पऱ हाथरखा औऱ आराम धीरे-धीरे उन्हे दबाने लगा अभि एक् मिनिट भि नहींहुआ थां कि दिदी जाग गई मेरी तोँ फट केँ हाथ मे आँ गई मैने फ़ौरन अपनाहाथ अलगकर लियामगर दिदी कों शायदपता नहींचला थां कि मे उनकेसंग क्याँ कररहा थां
"भैया क्याँ बात हैं आज मेरेपास केसे आगये तुम् तौ कविता दिदी सें सभी सें ज्यादा प्रेम करते हौ" प्रिया दिदी मुझेवहा देखकर बोलि
"दिदी ऐसा नहीं हैं मे आप् सब सें बहोत प्रेम करता हूं औऱ आपकी विवाह होने वाली हैं नां इसलिये मे बहोत दुःखी थां तोँ आपकेपास आगया" मे बोला
प्रिया दिदी नें मेरीबात सुनी तोँ करवटली औऱ मुझेगले सें लगा लिया
"भैया मे कोईदूर थोड़े हि नाँ जारही हूं यहापास हि तौ हैं मेराघऱ जब भि तुम्हे मेरीयाद आएगीवहा आँ जाया करना औऱ मे भि हप्ते मे दोतीन बार आँ जाया करूँगी, मुझे नहींपता थां कि मेरे छोटा भइया मुझसे इतना प्रेम करता हैं औऱ इतना दुःखी हैं मेरेलिए" प्रिया दिदी मेरे सारे पऱ हाथ फेरते हुए बोलीं
"दिदी क्याँ आप् दुःखी नहीं हैं औऱ आपकोडर नहीं हैं कि आपकी विवाह होने वाली हैं" मे बोला
"भइयादुख तोँ मुझे भि हैं कि मुझे तुम् सब कों छोड़कर दूसरे घऱ जानां पड़ेगा मगरडर किसबात कां भइया विवाह होने डरनाकिस लिए विवाह होने सें डर थोड़े हि नाँ लगता हैं" दिदी बोलि
"दिदी विवाह होने कां डर नहीं सुहागरात केँ डर कि कहरहा हूं" मे बोला
"हा हा हा.भइया कैसी बातेकर रहे हौ औऱ तुम्हे किसने बताया सुहागरात केँ बारे मे, भइयाऐसी बात नहीं करते इतनी छोटी सि उमर मे" दिदी मेरीबात सुनकर हँसते हुए बोलि
"दिदी मुझेसभी कुच्छ पता हैं औऱ प्लीज़ मे बच्चा नहीं हूं सभीयही कहते हैं कि इसउमर मे ऐसी बाते नहीं करते क्याँ हुआ हैं मेरीउमर कों मे बड़ा हौ गय़ा हूं दिदी अब मे बच्चा नहींरहा" मे थोड़े गुस्से सें बोला
"अरे भइया क्रोध क्यूं होँ रहे होँ मे तोँ बसयहकह रही थि कि किसी बाते नहीं करते अपनी बहनो केँ संग अच्छा नहीं लगता नां" दिदी बड़े प्रेम सें बोलि
"दिदी मेराकोई यार नहीं हैं नाँ हि कोई गर्लफ्रेंड हैं तोँ किसके संग करूँ मे अपनेमन कि बाते औऱ जौ बाते मे करना चाहता हूं आप् लोगो सें तोँ आप् लोगमना क्यूं करती हौ" मे बोला
"भइया औऱ कौनमना करता हैं किस केँ संग हि हैं ऐसी बाते" प्रिया दिदी नें पुछा
"कविता दिदी सें पुछा तौ उन्होने भि कुच्छ नहीं बताया मुझे, सोचा आपकी विवाह होने वाली आप् सें पुछलूँ औऱ आप् भि नहींबता रही हैं अब मे किसी सें बात नहीं करूँगा बस क्योंकि सभी मेरादिल दुखाते हैं" मे मूह उतारकर बोला
"भइयाऐसी बात नहीं हैं अच्छा पुछ क्याँ पुच्छना चाहता हैं मे बताती हूं तुम्हे जितना मुझेपता होगासभी बता दूँगी" प्रिया दिदी मेरे सेनटी ड्रामे सें पिघल गई थि
मे खुश हौ गय़ा औऱ हँसने लगा
"नहि didi ap मेरे samne change thodi hi krr rahi thi joo mein dekh ptaa औऱ baki कोई aisi स्थान too h नहि jahan सें dekhta mein sacch kah raha ho dance karte vaqt देखा thaa pehle too aapne dupatta लियाहुआ thaa मगर dance karte vaqt बाद mai nikal दिया thaa तब drishti aagai thi aapki baniyaan औऱ." kahte kahte mein rukh गय़ा
"औऱ क्याँ bhay" didi ne juldi सें puchha
"woh.didi.wooo.muze nam too नहि ptaa मगर aapke yeh bi drishti aarahe the" mene didi कि chuchiyo कि tarf ishara karte hue कहा
मेरीबात sunkar didi केँ gaal lajja सें laal hu gaye
"bhaiya lajja karo apni bahen ko वहा नहि dekhte औऱ aisi bate bi नहि karte" didi muze ghurte hue boli
"OK didi, मगर plz didi muze dobara dance krr केँ dikha दो na plz थोडा sa waise hi" mein बोला
"bhaiya mein thak gayi ho फिनकभी karke dikha dungi promise" didi muze talte hue boli
"नहि didi muze abi देख्ना h plz didi plz abi dikhaiye na didi plz, औऱ abi too aapne कहा thaa कि abi ap thaki नहि hu" mein zidd karte hue बोला
"अच्छा.अच्छा chalo jao कोई song laga दो" didi muskura krr haar mante hue boli
mein uthha औऱ slow aawaj mai 'jee karda bhay jee karda' song laga दिया
mein bed पऱ baith गय़ा औऱ didi ne dance shuru krr दिया didi bilkul Katrina kaif कि prakaar dance krr rahi thi dance karte vaqt एक् baar फिन unke bade bade mammay uchhal krr ऊपर नीचे hone lage औऱ मेरे loda mai harkat hone lagi
"didi ap too Katrina सें bi अच्छा dance krr rahi hu sirf skirt औऱ top ko abhav h क्याँ woh नहि h aapke pas" mein didi ko uksate hue बोला
didi dance karte karte मेरे pas aagai औऱ मेरे gaal पर्र pyaar सें maar krr boli "besharam." औऱ फिन dance karne lagi
"didi dupatta nikal दो na please" mein बोला
"नहि bhay tm फिन सें वहा dekhoge" didi aankhe nikalte hue boli
"didi mein वहा नहि dekhunga please nikal दो na plz, plz, plz" mein didi कि minnat karte hue बोला
didi ne मेरी tarf muh bnaa krr देखा औऱ apni juban बाहर् nikal krr muze chidhaia औऱ dupatta nikal krr mujh पऱ fenk दिया औऱ dance karte rahi
Didi ne मेरी tarf pith krr केँ rakhi thi kyunki didi केँ bade bade mammay saaf drishti aarahe the मगर ayese mai unki balkhati mast badi gaand abi मेरी najro केँ samne thi
thodi der mene unki gaand kaa najara किया औऱ फिन बोला "didi क्याँ aapko mallika shehrawat कि prakaar dance aata h"
Didi rukh krr muze dekhne lagi औऱ has krr boli "ha aata h"
mein uthha औऱ mene 'nam jalebi bai' wala song laga दिया औऱ wapis bed पर्र baith गय़ा
didi ne bilkul mallika कि prakaar dance krna shuru krr दिया usi कि prakaar apni gaand hila rahi thi औऱ dikha rahi thi kuchh der बाद didi मेरी tarf ghum gayi औऱ dance karte karte jhuk gayi औऱ apne mammay hilane lagi didi केँ aadhe सें jyada mammay drishti aarahe the
didi ne मेरी tarf देखा too मेरी drishti unke gale mai सें jhankte bade bade mammay पऱ thi didi fauran sidhi khadi hu gayi औऱ dance bi rok दिया
"क्याँ हुआ didi औऱ Karo na please" mene request कि
"bus bhay kaafi h अब mein thak bi h ho" didi boli औऱ मेरे pas aakar baith gayi woh tej tej sanse lerahi thi औऱ unke mammay ऊपर नीचे hi rahe the didi कि chhati बाहर् nikal aati औऱ फिन andar hu jati didi kaa dupatta abi bi मेरे pas hi thaa
"didi abi dance karte vaqt जब ap jhuki thi too muze aapki woh black baniyaan dikhai di thi मगर woh हम् ladko केँ jaisi नहि lag rahi thi please didi muze apni baniyaan dikhao na" mein badi masumiyat सें बोला
didi ne bade gusse सें मेरी tarf देखामगर फिन turant hi unhe hansi aagai.
"bhaiya use baniyaan नहि kahte औऱ beta mene tumhe कहा thaa na कि apni bahno केँ sath aisi bate नहि karte" didi muskurate hue boli
"didi mein kaisi bate krr raha ho कि ap mana krr rahi h aakhir aesa क्याँ h in bato mai please didi dikha दो na aakhir aesa क्याँ बुरा hu jayega, plz didi dikha दो na मेरी khusii कि khair plz" mein nadaan bante hue बोला
mene जब bi kisi केँ koy bi बात manwani hoty too mein apni shakal ekdum masum औऱ roti hoyi bnaa leta thaa अब chunki mein sabko बहोत pyara thaa इसलिये mein unki dukhti rag thaa koy bi muze rota नहि dekh sakta thaa इसलिये yeh मेरा aakhiri hathiyar thaa joo कभी bi khali नहि jata thaa औऱ आज bi मेरे iss hathiyar ne didi ko ghaial krr दिया thaa
"अच्छा अच्छा jao woh almari kholi us mai rakhi h dekh lo" aakhir didi haar mante hue boli
mein uthha औऱ didi कि almari सें unki white bra nikal krr didi केँ pas aagaya
"areeee.yeh नहि lani thi yeh too utari wali h dusri side mai dhuli hoyi rakhi h" didi मेरे hath mai apni bra dekh krr boli
"didi अगर yeh utari wali h bi too क्याँ muze sirf dekhni hi too h" mein bra kaa muaayana karte hue बोला
mene didi केँ samne hi bra khol li औऱ use dekhne laga कभी samne सें कभी side सें कभी pichhe सें
"didi yeh lock kis liye h औऱ yeh kese pahante h औऱ kyon pahante h औऱ ise क्याँ kahte h matlab iska nam क्याँ h" mein maha-nalayak bante hue बोला
"bhaiya ise bus ayese hi pahan lete h अब tumne pahan.ni too h नहि फिन kyon puchh rahe hu?" didi boli "waise yeh lock tight ya loose karne केँ liye h औऱ औऱ ise lock नहि hook kahte h in सें hi too yeh utarti ya girti नहि balki apni स्थान पर्र rahti h, औऱ bhay yeh har ldki ko pahan.ni padti h iske bagair ldki buri lagti h औऱ isko brazier kahte h shortcut mai bra bi kahte h yahi nam h iska" didi ne muze bra ko sari history samaja di
"didi ko bra aapne pahni hoyi h क्याँ woh dikha sakti hu plz" mein masumiyat सें बोला
"नहि bhay अब bus औऱ kuchh नहि अब tm jao, sona नहि h क्याँ" अब didi chidhte hue boli
mene zidd नहि कि kyunki आज केँ liye itna bi बहोत thaa मगर kavita didi कि bra sath लेकर hi kamara सें बाहर् aane laga too didi ne to दिया
"bra too wapis karo bhaiya कोई dekhega too क्याँ sochega" didi boli
"mein kisi ko नहि dikhaunga didi please मेरे pas rahne दो na ismein सें बहोत pyari mehak aarahi h muze" yeh kah krr mein didi केँ samne bra sunghne laga औऱ फिन बाहर् chala गय़ा
mein washroom mai गय़ा औऱ didi कि bra ko kiss किया, suck किया, lick किया, sungh औऱ muthh maar di mene अपना sara maal didi कि bra mai right wale cup mai gira दिया औऱ bra didi ko dene unke kamara mai गय़ा mene दूर open किया too didi topless khadi thi didi कि back मेरी tarf thi mene didi ko kurti केँ bagair dekh लिया thaa didi ne vahi black bra pahni hoyi thi औऱ didi kurti pahan rahi thi didi apni kurti gale mai daal rahi thi कि mene दूरबंद karke lock krr दिया lock hone सें aawaj aayi too didi ne fauran pichhe देखा औऱ muze dekh केँ apni chhati kurti सें chhupa li
"beta दूर knock karke andar आते h ayese नहि औऱ अब क्याँ karne aaye hu यहा" didi sakpakate hue boli
"sorry didi mein aapki bra wapis dene आया thaa muze ptaa नहि thaa कि ap change krr rahi hu वरना mein नहि aata, waise didi utari hoyi bra सें jyada achhi pahni hoyi bra lagti h" mein masumiyat सें बोला
"अच्छा.अच्छा अब jyada bate mat banao वहारख दो bra औऱ बाहर् jao please" didi एक् tarf ishara karte hue boli
mene bra side mai rakhi औऱ बाहर् aagaya.
kuchh दिनबाद kavita didi केँ liye rishte आयामगर unhone shaadi karne सें mana krr दिया kyunki unke ऊपर हम् sabhi bhay bahno ko jimmedari thi मगर ldka औऱ उसकेघऱ wale बहोत achhe the too us ladke केँ sath priya didi kaa rishte pakka krr दिया गय़ा मगर in logo ko shaadi कि juldi thi too agle mahine hi shaadi कि date fix krr di gayi
एक् दिन sabhi लोग so rahe the too mein priya didi केँ kamara mai गय़ा woh bi so rahi thi too mein unke sath let गय़ा औऱ unse chipak गय़ा didi केँ badan सें बहोत hi sexy mehak aarahi thi too मेरा man bhatak गय़ा औऱ मेरे man mai unke liye gande khyaal aane lage औऱ ptaa नहि कब मेरी hath unke mammay पऱ chala गय़ा
mene priya didi केँ mammay पर्र hath rakkha औऱ aaram aaram सें unhe dabane laga abi एक् min bi नहि हुआ thaa कि didi jag gayi मेरी too fat केँ hath mai aagai mene fauran अपना hath alag krr लियामगर didi ko shaiad ptaa नहि chala thaa कि mein unke sath क्याँ krr raha thaa
"bhaiya क्याँ बात h आज मेरे pas kese aagaye tm too kavita didi सें sab सें jyada pyaar karte hu" priya didi muze वहा dekh krr boli
"didi aesa नहि h mein ap sabhi सें बहोत pyaar krta ho औऱ aapki shaadi hone wali h na इसलिये mein बहोत udaas thaa too aapke pas aagaya" mein बोला
priya didi ne मेरीबात suni too karwat li औऱ muze gale सें laga लिया
"bhaiya mein koy dur thode hi na jarahi ho यहा pas hi too h मेराघऱ जब bi tumhe मेरी yaad aayegi वहा aa jaya krna औऱ mein bi hapte mai दो tin baar aa jaya karungi, muze नहि ptaa thaa कि मेरे chota bhay mujhse itna pyaar krta h औऱ itna udaas h मेरे liye" priya didi मेरे sare पर्र hath pherte hue boli
"didi क्याँ ap udaas नहि h औऱ aapko darr नहि h कि aapki shaadi hone wali h" mein बोला
"bhay dukh too muze bi h कि muze tm sabhi ko chhod krr doosre घऱ jana padega मगर darr kis बात kaa bhay shaadi hone darna kis liye shaadi hone सें darr thode hi na lagta h" didi boli
"didi shaadi hone kaa darr नहि suhagraat केँ darr कि kah raha ho" mein बोला
"haan haan haan.bhay kaisi bate krr rahe hu औऱ tumhe kisne bataya suhagraat केँ bare mai, bhay aisi बात नहि karte itni choti si umar mai" didi मेरीबात sunkar haste hue boli
"didi muze sab kuchh ptaa h औऱ please mein bachha नहि ho sab yahi kahte h कि iss umar mai aisi bate नहि karte क्याँ हुआ h मेरी umar ko mein बड़ा hu गय़ा ho didi अब mein bachha नहि raha" mein thode gusse सें बोला
"are bhay क्रोध kyon hu rahe hu mein too bus yeh kah rahi thi कि kisi bate नहि karte apni bahno केँ sath अच्छा नहि lagta na" didi bade pyaar सें boli
"didi मेरा koy friend नहि h na hi koy gf h too kiske sath karu mein apne man कि bate औऱ joo bate mein krna chahta ho ap logo सें too ap लोग mana kyon krti hu" mein बोला
"bhay औऱ कौन mana krta h kis केँ sath hi h aisi bate" priya didi ne puchha
"kavita didi सें puchha too unhone bi kuchh नहि bataya muze, socha aapki shaadi hone wali ap सें puchh lu औऱ ap bi नहि bata rahi h अब mein kisi सें बात नहि karunga bus kyunki sab मेरा dill ❤️ dukhate h" mein muh utar krr बोला
"bhay aisi बात नहि h अच्छा puchh क्याँ puchhna chahta h mein batati ho tumhe jitna muze ptaa hoga sab bata dungj" priya didi मेरे senty drame सें pighal gayi thi
mein खुश hu गय़ा औऱ hasne laga
INNOCENT (मासूम) completee - सेक्स - Next part mein bada twist
next updates awaited ???
Superb starting
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