छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
komaalrani wrote:.Jaunpur wrote:.इतनी जल्दद एंड ? अभि तौ मामला गर्म होँ रहा थां। औऱ पोस्ट करिये न्। ऐसी कहानियां बहोत कम हें।अगलाभाग
पारुल अपने आप् सें- “येसोम कों क्याँ हुआ? बहोत परेशान लगरहे हें, अभि पता लगाती हूं…”
पारुल अपनी गाण्ड केँ छेद सें बात करते हुये-“अरी ऊ मेरी प्यारी सि गाण्ड जरादेर केँ लिए अपनी तूस्स… तूस्स… कों दबा केँ रख, अधिक तूस्स… तूस्स… करेगी तोँ गू निकल आएगा औऱ सारा प्लान सत्यानाश हौ जाएगा। तूँ थोड़ी देरचुप बैठ, तुम्हारी तरफ बहोत जल्द खुलने कां मौका दूँगी बस थोड़ी देररोक केँ रख…”
***** *****
.
***** THE END ख़त्म *****
.
Komalji,
यह स्टोरी बहोत खोजने पऱ भि इतनी हि मिलपाई वोँ भि “रोमन” मे
यदि किसी केँ पास औऱ भि हैं, तौ मेहरबानी करके पोस्ट करे।
Thanks for liking the kahani.
rajaarkey wrote:बहोत khub friend . तारीफ़ केँ लिये धन्यवाद साथी . .
. dosto, I want too share a special potato crop being developed. Link given below: Special Potato . .
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
.
पत्नि कि मनपसंद_Biwi kee Pasand
लेखक - अनजान
मेरानाम अमित हैं औऱ पत्नि कां नाम शालिनी हैं। मे 29 साल कां हूं औऱ शालिनी कि उम्र 26 साल हैं। मेरी पत्नि एक् बहोत हि सुंदर, 36-25-38, औऱ सेक्सी स्त्री हैं। मेराघऱ एक् झील केँ किनारे एकांत मे हैं। येबात उन दिनों कि हैं जब मेरे चाचा कां लड़का छुट्टी मे घऱजारहा थां। मेरा कज़िन जब छुट्टी मे घऱजारहा थां तोँ अपने कुत्ते, बाबी, कों मेरेघऱ मे देख-भाल केँ लिये छोड़ गय़ा। बाबी एक् एलसेशियन कुत्ता थां औऱ बहोत हि बड़ा थां।
हमनेउस कुत्ते कों अपने आउट-हाऊस मे रख दिया। अगलेदिन सुभहजब हम् दोनों उस कुत्ते सें मिलने गये तौ वोँ अपनी पूँछ हिलाते हुए हमसे मिला औऱ हम् लोगों सें उसकी दोस्ती हौ गयीँ,। रात कों हम् लोग खानां खाकर व्हिस्की कां एक्-एक् पैगे लेके अपने बेडरूम मे कुत्ते कों लेकरबैठ गये। उस दिन शनिवार थां औऱ हमलोगों कां प्रोग्राम जमकर चुदाई करने कां थां।
मैंने अपनी एक् टी-शर्ट औऱ शालिनी नें एक् हल्के गुलाबी रंग कि नाईटी पहनरखी थि। बाबी हमारे पास हि घूमरहा थां औऱ बार-बार हमारे पासदुम हिलाते हुए आँ रहा थां।
शालिनी उसकेसर पऱ अपनेहाथ फिरारही थि। कुछ वक्त केँ बाद बाबी अपनासर शालिनी कि गोद मे रखकरलेट गय़ा। कुछ टाइम केँ बाद बाबी अपने नथुने शालिनी कि जाँघों केँ बीच रगड़ने लगा। शायद उसको शालिनी कि बुर कि खुशबू आँ रही थि। बाबी आरामसे अपने नथुने शालिनी कि बुर केँ पासला रहा थां औऱ आरामसे उसका लण्ड खड़ा होँ रहा थां।
मैंने शालिनी कों उसका लण्ड दिखाया तोँ वोँ हँस पड़ी औऱ बोलीं- “शायदये भि हमारी तरह चुदासा हैं…”
लगभगदस मिनट केँ बाद शालिनी नें बाबी कों घऱ सें बाहर् निकालना चाहा क्योंकी वोँ बार-बार शालिनी कि बुर केँ पास अपने नथुने रगड़रहा थां। शालिनी औऱ मैंने एक्-एक् पैग औऱ व्हिस्की पिया। शालिनी नें अपनेपेर उठाकर अपनी नाईटी केँ अंदरकर लिये थि। बाबीअब भि कमरे मे घूमरहा थां। हमारे बिस्तर औऱ शालिनी केँ पेर केँ बीचकुछ स्थान छूट गयीँ, होगी औऱ बाबी जल्द सें आया औऱ शालिनी कि बुर कों चाटने लगा। शालिनी इसतरह अचानक बाबी सें बुर चुसवाने केँ लिये सजधजकर नहि थि औऱ वोँ उछल पड़ी। बाबी कां लण्डअब बिल्कुल खड़ा हौ गय़ा थां औऱ अंदर सें बाहर् निकलआया थां।
हम् लोगअब बिल्कुल गर्म हौ गये थें औऱ चुदाई केँ लिए रेडी हौ चुके थें। मुझे बहोत जोर सें पेशाब लगी थि औऱ मे बाथरूम मे मूतने चला गय़ा। तभी शालिनी कों पतालगा कि उसकेकान केँ बुंदे निकलगये हें औऱ वोह बिस्तर केँ नीचे घुटने केँ बल अपनेकान केँ बुंदे ढूँढ़ने केँ लिएघुस गयीँ,। मे अभि मूतरहा थां कि मुझे शालिनी कि चीख सुनाई दि।
मे दौड़कर कमरे मे आया औऱ देखा कि शालिनी कां कमर सें ऊपर कां जिस्म बिस्तर केँ अंदर हैं औऱ बाबी उसके पीछे सें कमर केँ ऊपर चढ़कर शालिनी कि बुर अपने लण्ड सें चोदने कि कोशिश कररहा हैं। ये देखकर मेरी हँसीछूट गयीँ, औऱ मे हँसने लगा।
तभी शालिनी बोलि- “हँसना बाद मे पहले बाबी कों मेरेऊपर सें अलगकरो…”
मे जब बाबी कों अलग करने गय़ा तौ बाबी गुर्राने लगा। मे पीछेहट गय़ा औऱ देखने लगा कि उसका लण्ड जोँ अब लगभग 9” लम्बा औऱ 4” मोटा होँ चला थां औऱ शालिनी कि बुर केँ अंदर घुसाने कि कोशिश कररहा थां।
शालिनी नें चिल्लाकर पूछा- “क्याँ देखरहे हौ अबकुछ करो भि…”
मैंने कहा- “रुको…” औऱ मे दौड़कर एक् शीशा लें आया औऱ शालिनी कों बाबी केँ मोटे लण्ड सें उसकी बुर कि चुदाई कां नज़ारा दिखाया।
शालिनी ये देखकर चौंक गयीँ, औऱ चिल्लाई- “बाबी कों मेरी बुर सें हटाओ…”
बाबीअब तक शालिनी कि बुर केँ अंदर अपना लण्ड डालने मे सफ़ल होँ गय़ा थां औऱ उसकी बुर चोद-चोदकर उसका भुर्ता बनारहा थां। अब तोँ शालिनी कि नाईटी भि उसकीकमर तक उठ गई, थि औऱ गोरे-गोरे चूतड़ औऱ हसीन गाण्ड साफ़-साफ़ दिखरही थि।
मैंने शालिनी सें कहा- “रुको मे अभि एक् डंडा लेकरआता हूं औऱ बाबी कों भगाता हूं। बिना डंडे केँ बाबी तुम्हारी बुर कों नहि छोड़ेगा…”
मे बाहर् गय़ा औऱ बाहर् जाकर मुझे एहसास हुआ कि शालिनी औऱ बाबी कि चुदाई देखकर मेरा लण्ड भि खड़ा होँ गय़ा हैं। मे बाहर् जाकर डंडा ढूँढ़ने लगा पऱ डंडा नहि मिला तौ मे खिड़की सें अंदर कां नज़ारा देखने लगा। खिड़की बिस्तर केँ पास हि थि औऱ मुझको अंदर कां नज़ारा साफ़-साफ़ दिखरहा थां। थोड़ी देर केँ बाद मे कमरे मे घुसा तौ देखा कि शालिनी कां पूरा मुँहलाल होँ गय़ा हैं औऱ वोँ अपनी बुर कि चुदाई सें बहोत खुशलग रही हैं।
मैंने शालिनी सें कहा- “बाहर् कोई डंडा नहि मिलरहा हैं…”
शालिनी बोलि- “कुत्ता मुझेखूब रगड़-रगड़ केँ चोदरहा हैं औऱ मेरी बुर कि चटनीबना रहा हैं…”
मैंने शालिनी सें पूछा- “क्याँ तुम्हारी बुर मे दर्द होँ रहा हैं?”
तौ वोँ बोलीं- “जैसे हि बाबी कां लण्ड मेरी बुर मे पहलीबार घुसा तोँ मेरी बुर नें पानी छोड़ दिया थां औऱ इस कारणअब मुझे आनंद आँ रहा हैं औऱ बुर बहोत चुदासी होँ गई, हैं औऱ खूब पानी छोड़रही हैं…”
मे उससे बोला- “बाबी कां लण्ड मेरे लण्ड सें बहोत बड़ा हैं औऱ तेरी बुर उससे चुदवाने सें औऱ फैल जायेगी औऱ उसका लण्ड औऱ अंदर तक चला जायेगा। बाबी कों जल्द हटाना पड़ेगा, क्योंकी अगर उसका लण्ड तेरी बुर मे फूलकर फँस गय़ा तौ तूँ उसके लण्ड केँ संग फँसीरह जायेगी…”
शालिनी बोलि- “इसका क्याँ मतलब?”
मे बोला- “मैंने सुना हैं कि कुत्ता जब कुतिया कों चोदता हैं तबकुछ देर केँ बाद उसका लण्ड नीचे सें फूल जाता हैं औऱ वोँ कुतिया कि बुर मे फँस जाता हैं। क्याँ तूने रास्ते मे कुत्ता औऱ कुतिया कों गाण्ड सें गाण्ड मिलाकर चिपके हुए नहि देखे हें…”
शालिनी बोलीं- “हायरे जल्दकुछ करो नहि तौ तुम्हरी पत्नि भि बाबी कि गाण्ड सें गाण्ड मिलाकर फँसीरह जायेगी औऱ तुम् अपना लण्ड थामे देखते रह जाओगे औऱ मुठ मारोगे…”
मे फिन सें बाहर् गय़ा औऱ खिड़की सें देखने लगा। मुझे हैरानी हुई ये देखकर कि शालिनी अब अपनी गाण्ड कों पीछे कों धकेलरही हैं औऱ बड़ी मस्ती सें बाबी केँ लण्ड कां धक्का अपनी बुर मे बड़े धीरे-धीरे लगवारही हैं। धीरे धीरे बाबी नें अपना पूरा 9” इन्च लम्बा लण्ड शालिनी कि बुर केँ अंदरपेल दिया। मुझे खिड़की सें साफ़-साफ़ दिखरहा थां कि शालिनी कि बुर सें सफ़ेद-सफ़ेद पानी निकलकर जमीन पर्र टपकरहा थां औऱ उसकी गाण्ड कां छेदखुल औऱ बंद हौ रहा थां।
.
.
भइयाजी यह किस्सा पुरानी थि पऱ अच्छी थि
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
.
मुझे अपनी औऱ शालिनी कि चुदाई केँ अनुभव सें लगरहा थां कि शालिनी कि बुर फिन सें पानी छोड़रही हैं। थोड़ी देर केँ बाद बाबी अपनीकमर कों खूबजोर सें हिलाने लगा औऱ अपना 9” इन्च कां लण्ड शालिनी कि बुर केँ अंदर-बाहर् बड़ी ज़ोरों सें करनेलगा।
शालिनी केँ मुँह सें कराह निकलरही थि औऱ वोँ अनाप-शनाप बोलेजा रही थि, जैसे कि- “क्या बात है मेरी मां, मेरी बुर फट गयीँ, हैं। कोईआकर देखे एक् कुत्ता केसे मेरी बुर कि चुदाई कररहा हैं… हाय औऱ जोर सें चोदो… फाड़दो मेरी बुर… हाय मेरी बुर कि खाल निकाल दो। क्या बात है अमित देखो केसे एक् कुत्ता तुम्हारे हि सामने तुम्हारी पत्नि कों अपने मोटे लण्ड सें चोदरहा हैं… क्या बात है बड़ामजा आँ रहा हैं… क्या बात है बाबी औऱ जोर सें चोद मुझे…आज फाड़दे मेरी बुर कों… बुझादे मेरी बुर कि गरमी कों…”
बाबी नें थोड़ी देर शालिनी कि बुर कों खूब जोर-शोर सें चोदा औऱ फिन झड़कर सुस्त होँ गय़ा।
इतने वक्त तक शालिनी कि बुर कि चुदाई देखते-देखते मे भि अपना लण्डहाथ मे थामे-थामे झड़ गय़ा। मे जल्द सें कमरे केँ अंदर भागकर गय़ा तोँ देखा कि शालिनी कि बुर अब बहोत फैल चुकी हैं औऱ उसमें सें बाबी केँ लण्ड कि झड़न निकलरही हैं। शालिनी बाबी कि चुदाई सें थक गई, थि औऱ हाँफ़ रही थि।
मे उसकेपास गय़ा औऱ बोला- “मे अब बाबी कों लात मारकर भगा देता हूं…”
शालिनी बोलीं- “नहि, अभि वोँ भि सुस्त होँ गय़ा हैं औऱ थोड़ी देर केँ बादजब उसका लण्ड मेरी बुर सें छूटेगा तौ वोँ अपने आप् हि चला जायेगा…”
लगभगदस मिनट केँ बाद बाबी कां लण्ड मुरझा गय़ा। शालिनी कि बुर कां छेदअब काफ़ी बड़ा होँ गय़ा थां औऱ काफ़ी सूज सां गय़ा थां। उसकी बुर सें अब भि बाबी कां माल बूँद-बूँद करके निकलरहा थां। मैंने धीरे-धीरे सें शालिनी कों पकड़कर खड़ा किया।
शालिनी मुझे शरमाई आँखों सें देखने लगी औऱ शरमा केँ बोलीं- “आज तक मेरी बुर इसकदर कभी नहि चुदी, बाबी केँ लण्ड सें मेरी बुर बिल्कुल भर सि गयीँ, थि। बाबी केँ लण्ड नें मेरी बुर कि खूब चुदाई करी औऱ मे पाँचबार झड़ी…” उसकेबाद शालिनी अपनी नाईटी औऱ सैण्डल उतारकर बाथरूम मे गई, औऱ अच्छी तरह सें रगड़-रगड़कर नहाई।
शालिनी बाहर् आकर नंगी हि खाट पे बैठ गई,, औऱ मुझसे बोलि- “आओ अमितअब तुम् मुझे चोदो, मेरी बुर तुम्हारा लण्ड खाने केँ लिए प्यासी हैं, आओ जल्द सें अपना मोटा लण्ड मेरी बुर मे पेलदो औऱ ज़ोर-ज़ोर सें धक्के मार-मारकर खूब अच्छी तरह सें चोदो…” इतना बोलकर शालिनी मेरे हाथों कों अपनी मम्मों पऱ लेँ गयीँ, औऱ मेरा खड़ा लण्ड अपने मुँह मे लेकर ज़ोर-ज़ोर सें चूसने लगी।
मैंने अपनी एक् उँगली शालिनी कि बुर केँ अंदरपेल दि औऱ अंदर-बाहर् करनेलगा।
शालिनी बोलीं- “क्यूं वक्त बबार्द कररहे हौ, जल्द सें उँगली हटाकर अपना लण्ड मेरी बुर मे पेलो…”
मैंने भि उठकर अपने लण्ड कां सुपाड़ा शालिनी कि बुर केँ छेद पऱ लगाया औऱ एक् जोरदार धक्का मारकर पूरा कां पूरा लण्ड एक् झटके केँ संग शालिनी कि बुर मे घुसेड़ दिया। शालिनी कि बुर थोड़ी देर पहले बाबी कां 9” इन्च लम्बा औऱ 4 इन्च मोटा लण्डखा चुकी थि औऱ इसीलिए उसकी बुर अब तक फैली हुईँ थि जिससे कि मुझे शालिनी कों चोदने मे मजा नहि आँ रहा थां। फिन भि मैंने शालिनी कि बुर कों चोदा औऱ उसकी बुर कों अपनी झड़न सें भर दिया औऱ फिन मे औऱ शालिनी सोगये।
अगलेदिन सनडे थां औऱ सुभह बाबी हमारे कमरे केँ अंदरआया तोँ शालिनी नें प्रेम सें उसकेसर पर्र हाथ फिराया औऱ मुझेआँख मारती हुईँ धीरे-धीरे सें बोलीं- “आज क्याँ करना हैं?”
हम् दोनों नें ब्रेकफास्ट किया औऱ झील मे नहाने केँ लिए सजधजकर हौ रहे थें। हम् लोगजब कपड़े बदलरहे थें तौ शालिनी नें कहा- “देखो, ये क्याँ हैं?”
मे झुककर शालिनी कि बाबी केँ लण्ड सें चुदी बुर कि तरफ़ देखने लगा। मैंने देखा कि शालिनी कि बुर सें अब भि बाबी केँ लण्ड कि झड़न रिस-रिस कर निकलरही हैं।
शालिनी नें धीरे-धीरे सें अपनी बुर कों पोंछ डाला औऱ बोलीं- “मैंने कलरात लगभग चार-पाँच बार उठकर अपनी बुर कों साफ़ किया हैं। बाबी नें कलरात कि एक् चुदाई सें अपने लौड़े कां माल तुम्हारे माल सें लगभग तीन-चार गुना ज़्यादा मेरी बुर मे डाला हैं औऱ वोँ अभि तक निकलरहा हैं…”
हम् लोग सुभह-सुभह झील केँ किनारे गये औऱ एक् दरी बिछाकर उसपेलेट गये। बाबी हमारे बीचघूम फिनरहा थां औऱ बारबार शालिनी कि तरफ़ ताड़रहा थां। शालिनी बाबी केँ सिर पर्र हाथ फिराकर बोलि- “क्या बात है, तूनेकल बहोत मजा दिया…”
बाबी नें जल्द सें अपने नथुने शालिनी कि बुर पर्र रख दियेमगर शालिनी नें अपने चूतड़ हिलाकर अपनी बुर बाबी केँ नथुने सें अलगकर दि। शालिनी नें अपने सारे कपड़े उतार दिये थें मगर अपनी चड्डी पहनरखी थि औऱ मैंने सिर्फ़ एक् जाँघिया पहनरखा थां।
मे शालिनी सें बोला- “क्यूं नां हम् अपने सारे कपड़े उतारदें क्योंकी ये सुनसान प्राइवेट सि स्थान हैं औऱ आस-पास कभीकोई आता-जाता भि नहि हैं…” कल बाबी सें चुदाई केँ बाद मुझे शालिनी कां रिएक्शन देख्ना थां।
शालिनी मेरा कहनामान गई, औऱ पूरीतरह नंगी हौ गयीँ,। शालिनी कों नंगी देखकर बाबी केँ कान खड़े होँ गये औऱ वोँ शालिनी कि बुर कि तरफ़ देखने लगा।
मैंने शालिनी सें पूछा- “क्याँ बाबी कों भगा दिया जाये?”
तोँ शालिनी बोलीं- “नहि कलरात बाबी नें मुझे नां तोँ काटा औऱ नाँ हि कोई नुकसान पहुँचाया, बस मेरी बुर कों जमकर चोदा…”
मे मज़ाक मे शालिनी सें बोला-“काश… मेरा भि लण्ड बाबी केँ जैसा मोटा औऱ लम्बा होता…”
शालिनी बोलीं- “नहि तुम्हारा लण्ड बहोत बड़ा हैं मगर कुत्ते कां लण्ड तौ कुत्ते कां हि हैं…”
मे शालिनी सें बोला- “शायद तुम् पहली याँ अंतिम स्त्री नहि होँ जिसकी बुर कुत्ते केँ लण्ड सें चुदी हौ…”
शालिनी बोलि- “मे मैगज़ीन औऱ किताबों मे पढ़ चुकी हूं कि औरतें कुत्ते सें चुदवाना पसन्द करती हें…”
मुझे शालिनी कि बात सुनकर बहोत ताज्जुब हुआ औऱ सोचने लगा कि शालिनी ऐसा क्यूं कहरही हैं। हम् लोग लेटेहुए बातकर रहे थें।
बाबी बारबार शालिनी केँ पास आँ रहा थां औऱ अपना नथुना शालिनी कि बुर केँ पासला रहा थां, मगर शालिनी बार-बार उसकोहटा रही थि। बाबी कां लण्डअब खड़ा होनेलगा थां औऱ वोँ फूलकर लटकरहा थां। बाबी कां मोटा खड़ा लण्ड देखकर शालिनी अपने होंठचाट रही थि। अब तक धूप काफ़ी निकलआयी थि औऱ मुझको गरमीलग रही थि।
.
.
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan - Continue reading next part
कुदरत कां करिश्मा हैं दोस्त
भाईजान आपके एपसोड कां प्रतीक्षा हैं
Relavant source : click here