छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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तभी लोहाणे मेरी जांघों कों अपनेहाथ सें सहलाने लगा। जिससे मेरे शरीर मे एक् गुदगुदी होनेलगी। मे औऱ उसके जिस्म सें चिपक गयीँ,। उसका लण्ड पैंट मे सें मेरे चूतड़ कों दस्तक देरहा थां। मे उसके कड़ेपन कां एहसस अपने चूतड़ों पऱ कररही थि। रोहिणी नें अबबास कि चेयर केँ सामने आकर अपनी चोली मे छिपे बूब्ज़ कों उसके चेहरे केँ सामने नचाने लगी। साईड ऐन्गल सें हमें वो दिखाई पड़रहा थां। बास कि सांसें औऱ ऊपर-नीचे होनेलगी। रोहिणी नें बास कां हाथ पकड़ा औऱ अपने गालों सें लगाया, फिन अपने बूब्ज़ केँ ऊपर फिसलाया औऱ उसकीगोद मे बैठकर घूम गयीँ,। इधर लोहाणे कां हाथ मेरी जांघों सें बढ़कर मेरेपेट कों सहलाता हुआ मेरे बूब्ज़ कों नाईटी केँ ऊपर सें सहलाना शुरुआत कर दिया। मेरे बूब्ज़ कों आहिस्ता सहलाने लगा औऱ मेरे चेहरे कों ऊपर करके मेरे होठों कों चूम लिया। मेरी आंखें उसके चुम्बन सें बन्द होने लगीं। उसने मेरी दोनों कलियों कां रस पीना शुरुआत कर दिया।
तभी रोहिणी नें मेरेबास कि शर्ट उतार दि औऱ अपनी चोली भि। अब उसके बड़े साईज़ केँ मम्मे बास केँ सीने सें टकरारहे थें। फिन वहां सें निकलकर वो हमारे सामने आँ गयीँ, औऱ लोहाणे केँ कान कों अपने दांतों सें हल्के-हल्के काटने लगी। मेरे दोनों हाथों कों पकड़कर मेरी दोनों हथेलिओं कों अपने स्तन पऱ रख लिया। उफ्फ़… क्याँ मन्ज़र थां।
उसके बूब्ज़ कि नाज़ुक त्वचा पे मेरी कोमल हथेलियां फिसलरही थीं। रोहिणी नें अपनाहाथ बढ़ाकर लोहाणे कि पैंट पऱ रख दिया औऱ उसके मतवाले लण्ड कों पैंट केँ ऊपर सें छेड़ने लगी। लोहाणे केँ मुँह सें सिस्कारी निकल पड़ी। लोहाणे अपने दोनों हाथों कों मेरी हथेली केँ ऊपर रखकर रोहिणी केँ बूब्ज़ कों ज़ोर-ज़ोर सें रगड़ने लगा। रोहिणी नें एक् झटके मे उसकी पैंट कि ज़िप्पर कों नीचे खींच दिया औऱ अन्डवेर्यर मे सें उसके लण्ड कों बाहर् खींच लिया।
उसका लम्बा मोटा लण्ड उछलता हुआ बाहर् आँ गय़ा। मेरी सांसें ऊपर-नीचे होने लगीं। लण्ड कि फोर-स्किन कों रोहिणी नें आगे पीछे किया औऱ मुझे वहां सें उठाकर अपनेसंग खींचती हुईँ फिन सें मेरेसंग नाचने लगी। लोहाणे तोँ उसकेहाथ केँ सहलाने सें पागल हौ गय़ा। औऱ उसने अपने बाकी कपड़े उतारकर बेड पऱ नंगा हौ गय़ा। रोहिणी नें अपने स्तन कों मेरे स्तन सें रगड़ना चालू कियाफिन मेरी नाईटी केँ दोनों कपड़े उतार फेंके। अब उसने अपना स्कर्ट निकाला औऱ मेरे नंगे जिस्म सें अपना नंगा जिस्म चिपका लिया। अब हम् दोनों मात्र अपनेहाई हील सैंडल्स पहनेहुए बिल्कुल नंगीनाच रहीथीं। मेरा चूतड़ लोहाणे केँ सामने औऱ रोहिणी कां चूतड़ बास केँ सामने थां।
दोनों केँ चूतड़ थिरकरहे थें। दोनों मर्द अपने होशो-हवास खोरहे थें। फिन मैंने रोहिणी केँ निपलों सें अपने निपलों कों रगड़ना चालूकर दिया। हम् दोनों घुमघुम कर रगड़रहे थें।
तब रोहिणी नें मुझे कारपेट पऱ लेटाकर मेरे होठों कों अपने होठों मे दबाते हुए अपनी जांघों कों मेरी जांघों केँ ऊपर उछालने लगी। मानो वोँ मुझेचोद रही होँ। दोनों मर्दइस हरकत पऱ उतावलापन रहे थें। तड़पते क्यूं नहि। उनकी स्थान रोहिणी जौ लेँ रही थि। बास सें अब नहि रहा गय़ा। उसने उठकर अपनी पैंट औऱ अन्डरवेयर खोली औऱ अपना लण्ड रोहिणी केँ गालों सें सहलाना शुरुआत कर दिया।
ये देखकर लोहाणे भि उठा औऱ सीधे रोहिणी केँ चूतड़ कों चुमने लगा। रोहिणी नें थोडा ऊपर खिसकते हुएबास कां लण्ड अपने मुँह मे लेँ लिया तोँ मेरी बुर अब लोहाणे केँ एकदम सामने थि। मैंने रोहिणी केँ नीचे पड़े-पड़े उसके बूब्ज़ कों चाटना शुरुआत कर दिया औऱ लोहाणे नें मेरी बुर कों। पूरारूम सिस्कारियों सें भरउठा। तेज आवाज़ केँ म्युज़िक केँ बीच भि हम् चारों कि सिस्करियां अच्छी तरह सें सुनायी पड़रही थीं। रोहिणी नें मेरेऊपर सें उठकर लोहाणे कों जमीन पर्र लेटा दिया औऱ चढ़ गयीँ, उसके लण्ड पर्र। लण्ड झटके सें उसकी रसभरी बुर मे घुस पड़ा। फिन वो उछल-उछलकर धक्के मारने लगी। लोहाणे अपने दोनों हाथों सें उसके बूब्ज़ कों दबोचरहा थां, सहलारहा थां, उसके निपलों कों पिंचकर रहा थां।
इधरबास मुझे जमीन पर्र लेटे देखकर मेरी चूतड़ कों अपनेहाथ सें उठाया औऱ अपना लण्ड मेरी जांघों मे फंसा दिया औऱ मेरी बुर कां निशाना लगाकर अपना लण्ड मेरी बुर मे घुसा दिया। दो-तीन धक्कों मे उसका पूरा लण्ड मेरी बुर केँ अंदर थां। अब अपने चूतड़ उठाकर मेरी बुर कों रोंदने लगा।
मेरे मुँह सें अहह…अहह… निकलने लगी।
अब थोड़ी-थोड़ी देर हम् चारों पोजीशन बदल-बदल कर चुदाई रहे थें। कभी लोहाणे कां लण्ड मेरी बुर मे होता तोँ कभीबास कां लण्ड। इसी तरह रोहिणी कां हाल थां। लोहाणे चोदने मे पुरा एक्स्पर्ट थां। उसका लण्ड भि मजबूती सें हम् दोनों कि बुर कों मजादे रहा थां। बास भि कमजोर नहि थां मगर लोहाणे सें थोडा कम हि थां। लोहाणे नें अपने लण्ड कों कभी भि खाली बैठने नहि दिया। हम् दोनों कि बुर कों चोदने केँ अलावा हमारे मुँह कां उपयोग भि बड़े शानदार तरिके सें कररहा थां। अपने लण्ड कों कभी हमारी बुर मे तौ कभी हमारे मुँह मे देकर अपने लण्ड कां बराबर उपयोग कररहा थां। चारों नें रातभर इस चुदाई केँ खेल कों जारी रखतेहुए खुबमजा लिया।
सुभह तक हम् चारों कि हालत ढीली हौ चुकी थि। मगर कम्पनी कां कान्ट्रैक्ट पक्का हौ चुका थां। लोहाणे भि खुश औऱ बास भि खुश…इधर मे भि खुश…तीन महिने बाद मुझे 10 लाख मिले जिसमें सें मैंने 5 लाख रोहिणी कों दे दिये।
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***** THE END खत्म *****
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
jay wrote:जौनपुर भइया आपके खजाने मे सें एक् लंबी सि कथा औऱ स्टार्ट हौ जाए तौ मजा आँ जाए
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जय भइया,
आपके अनुरोध पऱ मे रीना कँवर कि “सेक्सी विद्यालय टीचर” शुरुआत करना चाहता हूं। कैसी रहेगी?
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007 wrote:all post are superb and mind blowing
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Thanks Bro
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komaalrani wrote:बहोत बढ़िया।
जिसतरह आप् किस्सा केँ शुरुआत मे लेखक कां नाम देते हें औऱ जहाँनाम नं मालूम हौ वहां अज्ञात लिखते हें, यह मेरे ख्याल सें अन्य पोस्टों मे भि ठीक रहेगा, वैसेयह पोस्ट करने वाले पे डिपेंड करती हें, क्योंकि उसकी भि मेहनत कम नहि होती
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कोमलजी,
मे आपसे पूरीतरह सहमत हूं।
स्टोरी केँ मूल लेख़क कां नाम देने कां मेरा मकसदयह हैं कि जोँ पाठकइस कथा कों पढ़ चुके हें, वे अपना वक्त बरबाद न् करें, यदि वे दुबारा पढ़ना न् चाहें। इसीलिये मे स्टोरी कां नाम भि नहि बदलता, जौ बहोत सें लोग करते हें।
शुक्रिया।
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सेक्सी विद्यालय टीचर
लेख़िका - रीना कँवर
बहोत हि गहरे विचारों मे डूबी, अड़तिस वर्षीया विद्यालय-टीचर, क्लास मे अपनी अपनीमेज पे चढ़कर क्षात्रों कि तरफ मुँह करके बैठी थि। उसने अपनी दाहिनी टाँग अपनी बाँयी टाँग केँ ऊपररखी हुई थि औऱ उसका पांव अनजाने मे हि झूलरहा थां। उसके पैरों कि अँगुलियों सें लटका उसका ऊँची एंड़ी कां सैंडल कभी भि नीचेगिर सकता थां पऱ नीरा ढिल्लो कां इसतरफ बिल्कुल भि ध्यान नहि थां। वोह अपने पति केँ बारे मे सोचरही थि जिसकी सेक्स मे रुचि चालीस कि उम्र केँ बाद बहुतकम हौ गयीँ, थि। नीरा नें स्वयं कों ठीक किया - रुचिकम नहि बल्कि एकदमखतम होँ गई, थि औऱ उसे मात्र अपने बिज़नेस मे हि रुचि थि।
इसबात सें नीरा बहुत परेशान थि। नीरा जानती थि कि वोह स्वयं बहुत हसीन थि। वोह अपनी पाँचफुट तीनइंच ऊँचाई औऱ 55 किलोग्राम वजन मे बहुतफिट लगती थि। उसके काले-भूरे लम्बे बाल, बड़ी-बड़ी आँखें, गुलाबी होंठउसे बहोत हि आकर्षक बनाते थें। नीरा हमेशा सोचती थि कि बढ़ती उम्र केँ संग-संग सेक्स मे रुचिकम हौ जानां स्वाभाविक होता हैं पऱ उसकेसंग तोँ उल्टा हि हुआ थां। 35 साल कि उम्र केँ बाद तौ उसकी स्वयं कि सेक्स वासना किसी जंगल मे लगीआग कि तरहदहक उठी थि। पर्र अपने पति कि मरी हुईँ सेक्स ख़्वाहिश केँ कारण नीरा कि बुर कि भड़कती आग बुझाने वालाकोई नहि थां।
वोह अभि भि जवान, हसीन, सेक्सी औऱ चुदासी थि औऱ अपने पति कों बहलाने-फुसलाने कि कितनी हि कोशिशें करती थि पऱ उसपरकुछ असर नहि होता थां। उसकी चुदाई कि पिपासा दिन-ब-दिन बढ़ती जारही थि पऱ उसनेकभी भि अपने पति सें बे-वफाई नहि कि थि।
नीरा नें येसभी सोचते हुए अचानक अपनी आँखें उठा केँ क्लास कां निरीक्षण किया। उसके सामने बैठे ग्यारहवीं क्लास केँ क्षात्र अपना टेस्ट लिखरहे थें औऱ बीच-बीच मे उनकी निगरानी करना उसकाकाम थां। नीरा नें एक् लड़के कों अचानक अपनी आँखें नीचे करके अपनी नज़रें झुकाते हुए देखा। वोह इतनीदेर सें नीरा कों ताकरहा थां। नीरा मन-हि-मन मुश्कुरा दि क्योंकी ऐसा अक्सर होता थां।
उसेये जानकर बहोत अच्छा लगता थां कि लड़के उसके सुंदर सेक्सी शरीर कों ताकते थें। वोह भि उससेआधी उम्र केँ लड़के। कभी-कभी अपने पति केँ संगउसे भि अपनी बढ़ती उम्र कां एहसास होता थां। पऱ जबवोह किसी व्यक्ति याँ किशोर उम्र केँ लड़कों कि आँखों मे अपनेलिए लालसा देखती थि तोँ उसकी बुर भि गीली होँ जाती थि औऱ उसे लगता थां कि उसमें अभि भि बात हैं। अभि भि उसका यौवन उनके लण्ड खड़ेकर सकता हैं।
वही लड़का जिसे नीरा नें अभि नज़रें झुकाते हुए पकड़ा थां, उसनेफिन सें नीरा कि तरफ देखा पऱ फिन जल्द सें ये देखकर नज़रें झुकालीं कि टीचर उसको हि देखरही थि। नीराफिन सें मुश्कुराई। उसका जिस्म निश्चित रूप सें बहोत सेक्सी थां जिसे देखकर कितनों केँ हि लण्ड सलामी केँ लिए खड़े होँ जाते थें औऱ नीराउसी हिसाब सें कपड़े भि पहनती थि। वोह अधिकतर टाईट सलवार-कमीज़ याँ साड़ी पहनती थि। उसके ब्लाउज़ याँ कमीज़ हमेशा बहुत लो-कट होते थें औऱ उनके नीचे हमेशा डार्क रंग कि ब्रा होती थि।
संग हि उसेहाई हील केँ सैंडल पहनने कां भि बहोत शौक थां औऱ उन्हें पहनकर वोह बहुत सेक्सी महसूस करती थि औऱ वोह जानती थि लड़के भि उनकीतरफ आकर्षित होते थें क्योंकी उसनेकई बार लड़कों कों अपने सैंडलों कि तरफ ताकते हुए पकड़ा थां। कभी-कभी नीरा स्कर्ट-जैकेट सूट भि पहनती थि क्योंकी ये कानवेंट विद्यालय थां औऱ टीचर्स कों फार्मल स्कर्ट याँ पैंट केँ संग जैकेट सूट पहनने कि इजाज़त थि। पऱ विद्यालय कि पालिसी केँ अनुसार स्कर्ट घुटनों सें कम सें कमदो इन्च नीचे तक होना जरूरी थां।
नीराअब उत्तेजित होँ गयीँ, थि औऱ उसका पांव औऱ भि जोर सें हिलने लगा। इससे उसकी जाँघें आपस मे रगड़रही थीं औऱ… औऱ उसकी बुर पे दबावपड़ रहा थां। औऱ फिन अचानक पेर केँ इतना हिलने सें आखिर मे उसका सैंडल उसकेपेर सें नीचेगिर हि गय़ा। नीरा नें आज ग्रेरंग कां फार्मल स्कर्ट सूट पहनाहुआ थां। जबवोह ऊँचीमेज सें नीचे उतरी तौ उसने महसूस किया कि उसकी स्कर्ट जाँघों पे थोड़ी ऊपर खिसक गयीँ, थि। नीरा नें देखा कि कई लड़कों नें उसेमेज सें नीचे उतरते देखा थां औऱ उसेपता थां क्यूं? नीरा कि गोरी माँसल सेक्सी टाँगें देखने केँ लिए।
पऱ नीरा कों इसका बुरा नहि लगा। उसे इन किशोर लड़कों कों अपनी अदाओं सें छेड़ना अच्छा लगता थां औऱ अबउसे एक् औऱ मौका मिला थां। नीरा बेशरम होकर बहोत हि फूहड़ तरीके सें घुटने मोड़कर सीधीबैठ गयीँ, जिससे उसकी स्कर्ट घुटनों केँ ऊपर खिसक गई,। जबउसे अपनी जाँघों पे हल्की सि ठंडीहवा महसूस हुई तौ नीरासमझ गई, कि अब उसके स्कर्ट केँ अंदर कां सभीकुछ उन लड़कों कों दिखरहा होगा, जिन्होंने अपनी टेस्ट कि कापियों सें नज़रउठा केँ उसे देखने कां कष्ट किया होगा। नीरा साधारण पैंटियां नहि पहनती थि क्योंकी उसे उनमें आराम नहि लगता थां।
नीरा कों केवल र्फ़ैंच-कट याँ जी-स्ट्रिंग पैंटियां हि पसन्द थीं। वैसे बैठे-बैठे हि नीरा सोचने लगी कि आज उसनेकौन सें रंग कि पैंटी पहनी थि औऱ फिनउसे यादआया कि उसने हल्के हरेरंग कि बहोत हि छोटी सि पैंटी पहनी हुईँ थि। अपनीइस शरारत पे उसकी हँसी छूटने वाली थि जिसे उसनेदबा लिया औऱ फिनवोह ये सोचकर खड़ी हौ गई, कि लड़कों कों वोह जरूरत सें अधिक हि अपनी नग्नता प्रदर्शित कररही थि। फिनमेज केँ सहारे खड़ी होकर उसने अपना एक् पेरउठा केँ अपना सैंडल पहन लिया। जब उसनेफिन सें क्लास कि तरफदेख तौ एक् संगकई आँखें नीचेझुक गयीं।
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan - Aage kya hua? Next part padhiye
Very nice effort bro...!!! keep it up......हम् too आते rahenge aapki kahaniyo ko padhane केँ liye.....
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .