छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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नीराअब क्लास मे घूमते हुए क्षात्रों पे नज़र रखनेलगी। नीरा कों घूमते देखकर कई लड़के बेचैन होकर अपने-अपने खड़े लण्ड छिपाने केँ लिए अपनी टाँगें डेस्क केँ नीचे औऱ अधिक खिसकाने लगे। लड़कों कि इस हरकत पे नीरा मुश्कुराए बिना नहि रहसकी। उनमें सें एक् लड़काकुछ अधिक हि बौखलाया हुआ थां औऱ नीरा नें उसे थोडा औऱ तंग करने कां सोचा। नीरा अपनी चूचियां उस लड़के केँ कंधे पे दबाते हुए पीछे सें उसके डेस्क पऱ झुकी।
“अनिल…कुछ दिक्कत होँ रही हैं तुम्हें? नीरा अपनी गर्म साँसें उसकेकान पे छोड़ती हुइ फुसफुसाई…”
नीरा मुश्कुरा केँ आगेबढ़ गई,। उसने अपना घूमना ज़ारी रखा औऱ इसीतरह बीच-बीच मे किसी भि लड़के कों अपनी हरकतों सें बेकरार कर देती थि। घूमती हुईँ नीरा जानबूझ कर लड़कियों कि तरफ भि गई, ताकिऐसा नाँ लगे कि वोह लड़कों पे हि ध्यान देरही हैं। नीरा कों कई लड़कों कि पैंटों मे उनके खड़े लण्ड दिखे औऱ उसकी स्वयं कि बुर मे चींटियां रेंगने लगीं। नीरा कों एहसास थां कि उसकी पैंटी बिल्कुल भीग चुकी थि औऱ उसनेमन मे सोचा कि क्याँ इन लड़कों कों उसकी रिसती बुर कि गंध आँ रही होगी।
उसदिन जब नीराघऱ पहुँची, तौ वोह बहोत चुदासी थि। रात कों नीरा नें अपने पति कों चुदाई केँ लिए रिझाने कि कोशिश कि पऱ उसपेकुछ असर नहि हुआ।
नीरा नें बाथरूम मे नहाते हुए एक् मोटे सें बैंगन सें अपनी बुर कि गरमी शाँत करने कि कोशिश कि। बाथटब मे अपनी एक् टाँगटब केँ साईड सें बाहर् लटका केँ वोह अपनी बुर मे बैंगन अंदर-बाहर् करती हुईँ चोदरही थि औऱ संग मे क्लास केँ तरुण लड़कों कि कल्पना कररही थि। उनके चेहरों कि तरुणाई, उनकी ताकती आँखें, उनके खड़ेहुए जवान लण्ड जोँ हमेशा उसकेलिए रेडी रहते थें।
“नीरा ढिल्लो… साली राँड…” नीरा स्वयं कों डाँटते हुए हुईँ बोलि- “अगर तूने अपनेमन कों वश मे नहि रखा तोँ बदनामी केँ संग-संग जेल कि हवा खानी पड़ेगी। तुँ आग सें खेलरही हैं छिनाल… ये लड़के बहोत छोटे हें…” मगरफिन उसकेदिल सें आवाज़ आयी कि आखिरवोह इन लड़कों केँ संग सिर्फ़ शरारत हि तौ करती हैं। उनसे सचमुच चुदवा तौ नहि रही। क्याँ मुझ जैसी चुदाई कि भूखी कों थोड़ी सि शरारत सें स्वयं कों खुश करने कां भि हक नहि? येसभी सोचते हुएउसे जैसे उसकेमन मे आकाशवाणी गूँजी औऱ वोह करीब-करीब उछलती हुई बोलीं- “मे विद्यालय छोड़ केँ कालेज मे पढ़ाऊँगी…”
अगलेदिन सुभह, नीरा बहुत रोमाँचित महसूस कररही थि। वोहसाम कों विद्यालय केँ बादपास केँ एक् डिप्लोमा कालेज मे लेक्चरर केँ लिए आवेदन करने वाली थि। किसी नां-बालिग लड़के केँ संगकोई अनहोनी होने सें रोकने केँ लिएउसे कुछ तौ करना हि थां। ऐसा नहि थां कि उसका सचमुच किसी नाबलिग लड़के केँ संग चुदवाने कां इरादा थां। पर्र उसेडर थां कि कहीं खेल-खेल मे कोई दुघर्टना नाँ हौ जाये। कुछ भि चुदाई सें सम्बंधित जौ उसे किसी बड़ी मुसीबत मे डालदे। वैसे भि विद्यालय कां येसाल खतम होने वाला थां औऱ डिप्लोमा कालेज मे पढ़ाना शुरुआत करने केँ लिए अच्छा वक्त थां। उसदिन अपने कपड़े चुनते हुए नीरा नें सफेदरंग कां चूड़ीदार सलवार कमीज़ पहनने कां निश्चय किया।
उसने अपनी अँगुलियां अपनी सलवार पे फिराईं। उसकी सलवार बहोत हि पतली काटन कि बनी थि औऱ बहुत पारदर्शी औऱ टाईट थि। उसकी स्लीवलेस कमीज़ भि टाप-नूमा थि औऱ औऱ उसके घुटनों सें बहोत ऊँची थि औऱ सिर्फ़ उसके चूतड़ों तक हि पहुँचती थि मगर कमीज़ उसकी सलवार कि तरह पारदर्शी नहि थि क्योंकी उसमें नीचे लाइनिंग (अस्तर) लगी थि। जब नीरा क्लास मे जाकर खड़ी हुईँ तोँ उसे एहसास हुआ कि उसनेये कपड़े पहनने कां सही निर्णय लिया थां, क्योंकी सभी लड़कों कि आँखें नीरा पे हि टिकीथीं औऱ वोह भि उसकीकमर केँ नीचे। नीरा जानती थि कि उसकेचार इंच ऊँची पेंसिल हील केँ सैंडल उसकी सल्वार कों औऱ भि अधिक भड़कीला बनारहे थें।
पढ़ाते हुए नीरा कों जब भि मौका मिलता वोह किसी भि बहाने सें झुक केँ अपने भारी चूतड़ लड़कों कि तरफ उघाड़ रही थि। कमीज़ ऊँची होने कि वजह सें पास सें देखने पऱ नीरा कि पारदर्शी टाईट सलवार मे सें उसकी पिंक पैंटी कां अभास दिखता थां। कईबार नीरा नें बहाने सें किसी लड़के केँ डेस्क पे झुक केँ अपनी गाण्ड संग वाले लड़के केँ चेहरे केँ बिल्कुल सामने ठेल दि। एक् बार तौ उसने अनजान बनतेहुए अपनी सल्वार कमर सें पकड़कर ऊपर खींची जिससे उसकी टाईट सलवार उसकी बुर पे कसकर जैसे चिपक-सि गयीँ,। फिन नीरा हमेशा कि तरह कुर्सी कि बजायमेज पे आगे बैठकर पढ़ाने लगी। उसनेआज स्कर्ट नहि पहनी थि इसलिये नीरा अपनी टाँगें कुछ ज़्यादा हि चौड़ी करके बैठी थि।
नीरा जानती थि कि उसकी बुर पे कसी हुईँ पतली टाईट सलवार मे सें उसकी पैंटी औऱ बुर कां उभार उसके बिल्कुल सामने बैठे लड़कों कों साफदिख रहा होगा। नीरा बिल्कुल अनजान बनी हुईँ पढ़ारही थि। जब उसने अपने सामने बैठे लड़कों कि तरफ देखा तौ उन मे सें कुछ नें तौ उसकी टाँगों केँ बीच मे गड़ी अपनी नज़रें भि नहि हटायीं।
जब नीरा नें एक् जोर कि कराह सुनी तौ अपना लेक्चर रोककर उसने चिंता सें उसओर देखा। एक् लड़का अपने डेस्क पे झुककर अपनी बाहों मे मुँह दबाये हुए थां औऱ उसे हल्के सें झटके लगतेहुए प्रतीत होँ रहे थें। जबउस लड़के नें ऊपर देखा तौ उसके चेहरे पे लाली औऱ पसीना थां। नीरा कों लगा कि शायदवोह बीमार हैं पर्र जबउस लड़के नें नीरा कों अपनीतरफ देखते हुए देखा तौ उसका चेहरा औऱ भि चुकँदर कि तरहलाल हौ गय़ा। वोह लड़कालपक केँ उठा औऱ सारीबोल केँ क्लास सें बाहर् चला गय़ा। पर्र नीरा कों उसकी ग्रेरंग कि पैंट केँ आगे एक् काला धब्बा दिख गय़ा।
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जौनपुर भइया आपके खजाने मे सें एक् लंबी सि कथा औऱ स्टार्ट होँ जाए तोँ मजा आँ जाए
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
rajaarkey wrote:जौनपुर भइया बेमिसाल कहानियाँ हें आपकी धन्यवाद शेअर करने केँ लिए
rajsharma wrote:जौनपुर भइयाइस किस्सा कों पोस्ट करके आपनेदिल खुशकर दिया
शुक्रिया
jay wrote:
Jaunpur wrote:
jay wrote:जौनपुर भइया आपके खजाने मे सें एक् लंबी सि किस्सा औऱ स्टार्ट होँ जाए तोँ मजा आँ जाए
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जय भइया,
आपके अनुरोध पऱ मे रीना कँवर कि “सेक्सी विद्यालय टीचर” शुरुआत करना चाहता हूं। कैसी रहेगी?
भइया आपके कलेक्शन कां जबाब नहींयह स्टोरी भि अपने जमाने कि सुपरहिट कथा हैं
Dear All,
इसकथा कां तीनों भाग इकट्ठा करने मे बहोत दिक्कतें आईथीं।
तारीफ केँ लिये शुक्रिया।
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hot update
rajaarkey wrote:hot update jay wrote:आज कां भाग मस्त हैं भइया शुक्रिया दोस्तों, संगबने रहिये। आज कां भाग बहोत जल्द . .
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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जब नीरा नें एक् जोर कि हल्की चीख सुनी तोँ अपना लेक्चर रोककर उसने चिंता सें उसओर देखा। एक् लड़का अपने डेस्क पे झुककर अपनी बाहों मे मुँह दबाये हुए थां औऱ उसे हल्के सें झटके लगतेहुए प्रतीत होँ रहे थें। जबउस लड़के नें ऊपर देखा तोँ उसके चेहरे पे लाली औऱ पसीना थां। नीरा कों लगा कि शायदवोह बीमार हैं पऱ जबउस लड़के नें नीरा कों अपनीतरफ देखते हुए देखा तोँ उसका चेहरा औऱ भि चुकँदर कि तरहलाल होँ गय़ा। वोह लड़कालपक केँ उठा औऱ सारीबोल केँ क्लास सें बाहर् चला गय़ा। पऱ नीरा कों उसकी ग्रेरंग कि पैंट केँ आगे एक् काला धब्बा दिख गय़ा।
बेचारा लड़का नीरा कि हरकतों सें उत्तेजित होकर अपनी पैंट मे हि झड़ गय़ा थां।
जब क्लास खतम हुइ तोँ नीरा सें भि रहा नहि गय़ा औऱ वोह भि करीब भागती हुईँ स्टाफ-टायलेट मे घुसी औऱ दरवाजा लाक करके फटाफट अपनी सलवार औऱ पैंटी नीचे खींच डाली। बैठने कां कष्टकिए बगैर नीरा केँ हाथ उसकी टाँगों केँ बीच मे पहुँच गए औऱ नीरा तेज़-तेज़ सें अपनी बुर औऱ बुर कां दाना रगड़ने लगी। कुछ हि क्षणों मे जैसे हि नीरा झड़ने कों हुइ तोँ उसे अपना निचला होंठ दाँतों सें काटकर स्वयं कों चीखने सें रोकना पड़ा। फिन नीरा मुँहहाथ धोकर वापिस अपनी अगली क्लास केँ चली गई,। अभि जौ कुछ भि हुआ उसके पश्चात नीरा नें उसदिन किसी भि क्लास मे लड़कों सें शरारत नहि कि।
वोहसोच रही थि कि वोहउस क्लास मे कुछ ज़्यादा हि उत्साही होँ गयीँ, थि औऱ अपनी उत्तेजना मे उसने बहुत बड़ा खतराउठा लिया थां औऱ उसेअब कुछ नां कुछकदम उठाना हि पड़ेगा। उसदिन जब विद्यालय खतमहुआ तोँ वोह सीधी डिप्लोमा कालेज गई, औऱ लेक्चरर केँ पद केँ लिए आवेदन किया। विद्यालय केँ आखिर केँ दिन बिना किसी मुसीबत मे पड़े निकलगये। उसने अपनी हरकतें ज़ारी रखीथीं पऱ वोहकभी अपनीहद केँ बाहर् नहि गई,। जबउसे डिप्लोमा कालेज सें आफरआया तौ उसे राहत मिली कि अबउसे अपनी सुलगती बुर केँ संग छोटे नां-बालिग लड़कों केँ आस-पास नहि रहना पड़ेगा। गरमियों कि छुट्टियों केँ बादउसे कालेज मे पढ़ाना शुरुआत करना थां।
गरमियों कि छुट्टियों केँ दौरान ऐसीकई स्थितियां आयींजब नीरा कों अपने सब्र कि परीक्षा देनी पड़ी। क्योंकी उसके पति कां बहोत फैलाहुआ कारोबार थां, इसलिये नीरा कों अपने पति केँ संगकई बार पाटिर्यों मे जानां पड़ता थां औऱ जैसेवोह विद्यालय मे क्षात्रों केँ संग खिलवाड़ करती थि वैसे हि इन पाटिर्यों मे भि दूसरे मर्दों केँ संग फ्लर्ट करती थि। ऐसी हि एक् जश्न मे, नीरा कों एक् व्यक्ति बहोत हि सेक्सी लगा। नीरा नें जश्न मे थोड़ी ज़्यादा हि पीली थि औऱ वोह हल्के सें नशे कि मस्ती मे थि। नीरा नें अपना बहुत वक्तउस व्यक्ति केँ आसपास हि फ्लर्ट करतेहुए बिताया।
ग्रुप मे उससेबात करतेहुए नीरा उसकेपास हि खड़ी थि औऱ कईबार बात करतेहुए वोह अपनी बगैर ब्रा कि चूचियां उस व्यक्ति सें सटाते हुए उसपर झुकी। वोह लोगों कि बातों पे अपने सेक्सी अंदाज़ मे खिलखिलाती औऱ अपनाहाथ बीच-बीच मे उस आदामी कि कमर पे रख देती। वोह व्यक्ति, जिसका नाम, विक्रम थां, नीरा पे नज़ररख रहा थां। वोह भि नीरा कि नियत कों भाँप गय़ा थां। बाद मे जब उसने नीरा कों हाल सें बाहर् बगीचे मे खुलीहवा मे जाते देखा तौ वोह भि उसके पीछे हौ लिया। जब नीरा नें उसकाहाथ अपने चूतड़ों सें ज़रा सां ऊपर अपनीकमर पे महसूस किया तोँ चौंक केँ उछल गयीँ,।
“ओह… आप् हें…” नीरा उसकीतरफ घूमते हुए बोलीं।
“हाँ… अंदर बहुत भीड़ हैं। नहि?” वोह सिगरेट कां कश लेतेहुए बोला।
“बहुत बड़ी बर्थडे पार्टी हैं। थोड़ी ठंडीहवा केँ लिए मे बाहर् आँ गई, …” नीरा अपनेपैग कां घूँट लेतेहुए बोलीं।
“जरूर…यहा बाहर् बहुत अच्छा हैं…” विक्रम नें बोल केँ नीरा कि कमर मे हाथडाल दिया।
जब नीरा नें कुछ आपत्ति नहि कि तौ वोह नीरा कि कमर केँ साइड पे हाथ फिराने लगा औऱ आरामसे उसकेहाथ फिराने कां दायरा तब तक बढ़ाता गय़ा जब तक उसका अँगुठा नीरा कि चूचियों केँ साइड पे टकराने लगा। नीरा उसकाहाथ दूर हटाने हि वाली थि कि विक्रम नें अपनी सिगरेट फेंकते हुएझुक कर अपनेहाथ सें नीरा कि ठोड़ी पकड़कर उसका चेहरा ऊपरउठा दिया। फिन जब विक्रम नें अपने होंठ नीरा केँ होंठों पे रखे तौ नीरा केँ मुँह सें आह निकल गयीँ, औऱ उसके होंठ विक्रम कि जीभ अंदर लेने केँ लिएखुल गये।
नीरा नें अपना ग्लास वहींघास पे गिरा दिया। जब वोह दोनों किसकर रहे थें तोँ विक्रम कां एक् हाथ अभि भि नीरा कि कमीज़ केँ ऊपर सें उसकी साईड ऊपर-नीचे सहलारहा थां औऱ दूसरे हाथ सें विक्रम नें उसकीकमर पे रखकर नीरा कों अपने सें सटाया हुआ थां। फिनजब उसकेहाथ नें कमर सें नीचे फिसलकर नीरा केँ चूतड़ों कों पकड़ा तोँ नीरा नें विक्रम केँ मुँह मे हि सिसकी भरी औऱ उसे अपनी टाँगें कमजोर होती मालूम पड़ीं। कितने लम्बे टाइम केँ बाद किसी व्यक्ति नें उसकेसंग ऐसा किया थां।
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan - Next part miss mat karna
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .