छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete desi kamuk kahaniyan Garma hot desi kamuk kahaniyan, jismein nangi family ke saath chudai, gang bang, aur suhaag raat ki kahaniyan hain. Mehsoos karein desi ladkiyon ke saath hot hot chudai ki kahaniyan, jismein unke badan ki tadi, chiknaai, aur chudai ki bhavnaon ko darshaya gaya hai.
जब रोहित नें झड़ना बँद किया तोँ वोह बोला- “चिंता मतकरो मैडम… मे अभि पूरा निबटा नहि हूं…”
नीरा कों स्वयं सें चिपकाये हुए हि रोहित कुछकदम चला औऱ जब नीरा कों अपने नीचे डेस्क महसूस हुआ तोँ उसने रोहित पे अपनी पकड़े ढीलीकर दि। रोहित नें नीरा कों बैठने मे सहायता कि। नीरा नें नीचे देखा तौ उसके स्टूडेंट रोहित कां लण्ड अभि भि उसकी बुर मे थां औऱ उसके लण्ड पे सफेद धारियां उसके लण्ड केँ बुर मे झड़ने कां सबूतदे रहे थें। नीरा नें डेस्क पऱ पीछेहाथ रखकर स्वयं कों सहारा दिया। नीरा कि पकड़ सें आज़ाद होकर रोहित फिन सें नीरा कों आहिस्ता चोदने लगा।
.
***** *****too be contd।.
.
.
क्याँ मस्त मस्त गरमा गर्मसीन दिया हैं दोस्त मजा आँ गय़ा
.
एपसोड अभि.
.
.
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
.
नीरा कों स्वयं सें चिपकाये हुए हि रोहित कुछकदम चला औऱ जब नीरा कों अपने नीचे डेस्क महसूस हुआ तोँ उसने रोहित पे अपनी पकड़े ढीलीकर दि। रोहित नें नीरा कों बैठने मे सहायता कि। नीरा नें नीचे देखा तोँ उसके स्टूडेंट रोहित कां लण्ड अभि भि उसकी बुर मे थां औऱ उसके लण्ड पे सफेद धारियां उसके लण्ड केँ बुर मे झड़ने कां सबूतदे रहे थें। नीरा नें डेस्क पऱ पीछेहाथ रखकर स्वयं कों सहारा दिया। नीरा कि पकड़ सें आज़ाद होकर रोहित फिन सें नीरा कों आरामसे चोदने लगा।
रोहित नें नीरा कां दुपट्टा हटाने केँ बाद झटकामार केँ नीरा कि कमीज़ उसके जिस्म सें खींच दिया जिससे कमीज़ पीछे सें थोडा चिर गय़ा। फिन रोहित नें नीरा कि ब्रा दबोची औऱ उसे भि घसीटकर फेंक दिया। नीराअब कालेज केँ क्लास-रूम मे अपने स्टूडेंट केँ संग मात्र अपनेहाई हील सैंडल पहनेहुए बिल्कुल नंगी होकर चुदवा रही थि। रोहित अपनी टीचर कि बुर मे अपना लण्ड अंदर-बाहर् ठेलते हुएआगे झुककर उसकी एक् मम्मों कों चूसने लगा।
“हाँ… रोहित डार्लिंग… चोद मुझे औऱ मेरी चूचियां भि चूस…हाय… बड़ामजा आँ रहा हैं… उम्म्म…” नीरा रोहित कों औऱ उकसाते हुए बोलीं। नीरा कि टाँगें डेस्क केँ किनारे पे लटककर झूलरही थीं औऱ जब भि रोहित अपना लण्ड उसकी बुर मे जोर सें अंदर ठेलता थां तौ नीरा कि सैंडल डेस्क पे ठोंकते हुए आवाज़ कररहे थें। नीरा नें अपनी टाँगें उठा केँ रोहित कि कमर पे लपेटलीं औऱ थोडा आगे खिसककर अपनी टाँगों सें रोहित कों औऱ लगभग खींच लिया।
“ओह…ओह…ओह… ओहहहह… औंऔंऔं… मे आयीईईईई… हाँ…” औऱ नीरा तेज़-तेज़ सें सुबकती हुइ झड़ने लगी औऱ उसका शरीर थोडा थरथराने केँ बाद एकदमऐंठ गय़ा औऱ उसकी टाँगें ढीली होकर रोहित कि कमर सें नीचेझूल गयीं।
रोहित नें अपनी टीचर कों चोदना ज़ारी रखा औऱ नीरा जल्द हि फिन सें गर्म होँ गयीँ, औऱ उत्तेजना सें आगे-पीछे खिसकती हुइ रोहित केँ धक्कों कां जवाब देनेलगी।
“चोद रोहित मुझे… मेरी बुर बहोत प्यासी हैं… चोद… तेज़-तेज़ सें ठेल अपना लण्ड… बुझादे अपनी टीचर कि बुर कि आग…” नीरा बड़बड़ाते हुईँ चुदवाने लगी।
रोहित भि नीरा कि बुर मे अपना लण्ड ज़ोर-ज़ोर सें पेलने लगा। जब रोहित झड़ने कों हुआ तोँ उससे थोडा पहले हि नीरा रोहित केँ लण्ड पे चूतड़ उठा-उठाकर अपनी बुर चुदवाती हुईँ फिन सें झड़ गयीँ,। रोहित भि नीरा केँ झड़ने केँ जल्दी बाद उसकी बुर मे अपना लण्डजड़ तक ठाँसकर झड़ गय़ा औऱ नीरा कि बुर कों दूसरी बार अपने लण्ड कि मलाई सें भर दिया। रोहित आगेझुक कर नीरा केँ ऊपर पस्त होँ गय़ा।
नीरा नें रोहित कों अपनी बाँहों मे कसकर लपेट लिया औऱ उसके चेहरे कों ताबड़तोड़ चूमने लगी। बीच-बीच मे नीरा अपनी बुर कों सिकोड़कर रोहित केँ फड़कते लण्ड कों महसूस कररही थि। नीरा जानती थि कि जौ कुछ अभि हुआवोह बहोत गलत थां पर्र उसेकोई अफसोस याँ पछतावा नहि थां।
बहोत वक्त केँ बादआज नीरा कों कुछ तृपति मिली थि इतनामजा आया थां। रोहित कां लण्डजब तक नर्म होकर उसकी बुर सें बाहर् नहि फिसला तब तक नीरा रोहित कों अपने सें चिपकाए रही। रोहित नें पीछे हटकर अपनी टीचर कों निहारा। नीरा अपनी टाँगें फैलाए डेस्क पर्र पसरी हुई थि औऱ उसने अपनी टाँगें आपस मे मिलाने कां कष्ट भि नहि किया औऱ उसकी नंगी बुर मे सें रोहित केँ लण्ड कां सफेद गाढ़ा रस बाहर् रिसरहा थां। नीरा कि चूचियां उसकी तेज़ साँसों केँ संग ऊपर-नीचे हौ रहीथीं।
“रोहित…” नीरा धीरे-धीरे सें बोलि।
“कहिए… ढिल्लो मैडम…”
“थैंकयू…”
“थैंकयू?” रोहित नें अविश्वास सें दोहराया।
“हाँ रोहित… थैंकयू… बहोत वक्त केँ बाद किसी नें मेरी बुर कों चोदकर मुझे इतना प्यारा एहसास करवाया हैं। मुझेआज बहोत मजाआया…”
“काश आप् मेरी एनाटामी कि टीचर होतीं तौ मे आपसे कालेज केँ बाद जरूर ट्यूशन लेता…”
“चिंता मतकर रोहित। मे तेरी एनाटामी बहोत अच्छे सें पढ़ाऊँगी…” दोनों हँसने लगे औऱ फिन नीरा बोलि- “ओहगाड… मेरे कपड़ों कि हालत तौ देखो…”
.
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
.
नीरा नें डेस्क सें उतरकर अपनीफटी हुईँ पैंटी मुश्कुराते हुए उठाकर रोहित कों ये कहकर पकड़ा दि कि वोह उनकीआज कि चुदाई कि यादगार हैं। रोहित नें भि मुश्कुराते हुए नीरा कि पैंटी अपनीजेब मे भरली। रोहित कां लण्ड अभि भि पैंट केँ बाहर् लटकरहा थां। नीरा नें नीचे बैठकर उसके लण्ड कों मुँह मे लेकर चूसते हुएसाफ किया औऱ फिन उसके लण्ड कों पैंट मे डालकर उसका ज़िप्पर बँदकर दिया। फिन बिना किसीशरम केँ अपने होंठों पे चपचपाते हुएजीभ फिराकर उसके लण्ड कां स्वाद लेनेलगी औऱ मुश्कुराती हुई बड़ेआरम सें अपनी ब्रा पहनने लगी। फिन बगैर पैंटी केँ हि अपनी सलवार पहनते हुएदो अँगुलियों सें अपनी बुर मे सें रोहित केँ लण्ड कां रस निकालकर शरारत सें मुश्कुराते हुए चाटने लगी। फिन सलवार पहनकर अपनीफटी कमीज़ कों जितनी ढँग सें हौ सकता थां पहन लिया।
“तुँ चिंता मतकर… मे सम्भाल लूँगी पर्र अगलीबार ध्यान रखना…”
“अगलीबार मैडम?”
“तूँ इसे अंतिम बार तौ नहि समझरहा हैं नाँ? अभि तोँ तेरी एनाटामी औऱ बहोत सें लैसन देने बाकी हें…”
“उम्म… मुझेपता नहि थां कि आप् क्याँ सोचेंगी…”
जवाब मे नीरा नें पासआकर अपने होंठ रोहित केँ होंठों पे रख दिये। रोहित नें भि नीरा कों पकड़कर अपनीजीभ नीरा केँ पहले सें खुले होंठों केँ बीच सें उसके मुँह मे घुसा दि। दोनों कुछदेर इसीतरह एक् दूसरे केँ मुँह मे अपनेजीभ डालकर पागलों कि तरह चूमते रहे औऱ फिन नीरा साँस लेने केँ लिए पीछेहटी।
“वाउ… मे तोँ भूल हि गयीँ, थि कि इसतरह सें किस करना कैसा लगता हैं…” नीरा हाँफती हुई बोलीं।
फिन दोनों अपने-अपने घऱ केँ लिए निकलगये। घऱ जातेहुए नीरा रोहित सें अपनी चुदाई केँ बारे मे हि सोचरही थि औऱ उसे ताज्जुब हुआ कि उसने स्वयं पहलेऐसा करने कां क्यूं नहि सोचा। क्यूं वोह मात्र अपनी शोखियां औऱ दिल्लगी करके लड़कों कों औऱ संग मे स्वयं कों तड़पाती रही। शायदवोह येसभी करके अन्जाने मे लोगों कों लुभाकर रोहित जैसाकदम उठाने केँ लिए हि उक्साती थि। पऱ अब नीरा बहोत खुश थि औऱ उसेइस बात कि भि खुशी थि कि वोह विद्यालय छोड़ केँ कालेज मे पढ़ाने लगी थि। क्योंकी जौ आजहुआ वोह तोँ कभी नां कभी होना हि थां औऱ अगरऐसा विद्यालय केँ किसी नां-बालिग लड़के संग होँ जाता तौ वोह बहुत मुसीबत मे पड़ सकती थि।
.
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan - Aage kya hua? Next part padhiye
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .