छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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सेक्सी विद्यालय टीचर – भाग 2
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अगलेदिन भि नीरा नें क्षात्रों कों अपना शबाब दिखा-दिखाकर सतना ज़ारी रखा औऱ वोह भि पहले सें ज़्यादा। नीरा सारादिन बे-सब्री सें अंतिम क्लास कां इंतजार करतीरही औऱ जबउस क्लास मे रोहित नहि दिखा तौ बहोत मायूस हुई। मगर जल्द हि जब उसने रोहित कों क्लास मे देर सें भाग केँ अंदरआते देखा तोँ नीरा कां चेहरा खिलउठा। “रोहित… देर सें इसतरह क्लास मे घुसकर मेरी क्लास कों डिस्टर्ब करने कां क्याँ मतलब हैं…” नीरा अपनी खुशी छिपाते हुए गुस्से सें बोलि।
रोहित कां चेहरा शर्मिंदगी सें लाल हौ गय़ा औऱ वोह हकलाते हुए बोला- “सारी मैडम, मे कहींउलझ गय़ा थां…”
नीरा कों रोहित कि तकलीफ़ सें मजा आँ रहा थां। पिछले दिनजब रोहित नें उसकी बुर मे अपनी अँगुलियां घुसाई थीं तोँ वोह उसकेहाथ कां खिलोना बनी हुइ थि मगरइस वक्त नीरा कां कंट्रोल थां।
“कल भि तुम् कहीं औऱ उलझ तोँ नहि गये थें?” ये सुनकर रोहित अपनी स्थान पे हि जम गय़ा क्योंकी उसेलगा कि नीरा उनकी चुदाई कि तरफ इशारा कररही थि पऱ उसने राहत कि साँसली जब नीराआगे बोलीं- “क्याँ तुम् अपना एसाइनमेंट करके लाये हौ?”
“येस मैडम, मैंने एसाइनमेंट केँ सभी प्रश्न किए हें…”
“तोँ फिन क्याँ तुम् दरवाजा बँद करकेयहा ब्लैक-बोर्ड पे लिख केँ क्लास केँ संग डिसकस करोगे…” नीरा अपना स्टूल टेबल केँ पीछे खिसकाती हुइ बोलि।
रोहित नें अपनी किताबें अपने डेस्क पे रखीं औऱ दरवाजा बंद करके अपनी एसाइनमेंट कि कापी लेकर क्लास केँ सामने आँ गय़ा। वोहसमझ नहि पारहा थां कि नीरा मैडमआज उसके पीछे क्यूं पड़ी हैं। क्षात्र अक्सर क्लास मे देर सें आते थें पर्र कोई टोकता नहि थां। आखिरये कालेज थां कोई विद्यालय नहि। उसेलगा शायद नीरा पिछले दिन कि चुदाई केँ लिए नाराज़ थि पर्र वोह तोँ बोलीं थि कि उसेमजा आया थां औऱ वोह थैंकयू भि बोलि थि, पऱ अब… बेचारा रोहित बहोत परेशान थां, उसेकुछ समझ मे नहि आँ रहा थां।
खैरवोह बोर्ड पे चाक सें लिखने लगा। थोडा लिखने केँ बादइस आश्वासन केँ लिए कि वोहसभी ठीककर रहा हैं, रोहित नें अपनी टीचर कि तरफ मुड़कर देखा। नीरा कों अपनी टाँगें चौड़ी करके बैठेदेख रोहित कां कलेजा मुँह कों आँ गय़ा। नीरा नें अपनी सलवार घुटनों तक नीचे खिसका ली थि औऱ अपनेहाथ सें पैंटी कों एक् तरफ कियाहुआ थां। रोहित कि नज़र नीरा केँ चेहरे पे गयीँ, तोँ वोह मुश्कुरा रही थि। रोहित नें जल्द सें बाकी क्लास कि तरफ देखा तौ उसे एहसास हुआ कि आज नीरा डेस्क केँ सामने बैठने कि बजाय डेस्क केँ पीछे बैठी थि औऱ इतना बड़ा डेस्क नीरा कि इस हरकत कों बाकी क्लास सें छिपाए हुए थां। सिर्फ़ वोँ हि नीरा कि कमर कि नीचे कां हिस्सा देख सकता थां।
रोहित नें नीरा कि बुर पे सें अपनी नज़र हटाई औऱ एक् बारफिन बोर्ड पे लिखने लगा। उसकेहाथ जाहिर तौर सें काँपरहे थि जोँ कि उसकी लिखावट सें भि पतालग रहा थां। संग हि उसका लण्ड भि खड़ा हौ गय़ा थां औऱ रोहित कों डर थां कि कहीं औऱ लोगों कों इसबात कां पता नाँ चल जाये पऱ फिन भि वोह मुड़-मुड़कर अपनी टीचर कि नंगी चिकनी बुर निहारने सें स्वयं कों रोक नहि पारहा थां। इसबार जब उसने देखा तौ उसकी साँस हि फंस गयीँ,।
नीरा नें अपनीदो अँगुलियां अपनी बुर मे घुसेड़ दि थीं औऱ उन्हें बुर मे अंदर-बाहर् कररही थि। रोहित नें एक् नज़र बाकी क्षात्रों कि तरफ देखा जिन्हें इसबात कां बिल्कुल अन्दाज़ा नहि थां कि क्याँ चलरहा हैं। उसने वापिस घूमकर बोर्ड पे लिखना शुरुआत किया तौ घबड़ाहट मे उसकाचाक बोर्ड सें टकराया औऱ उसकेहाथ सें छूट केँ नीचेगिर गय़ा।
क्लास मे एक् जोर सें हँसी कां ठाहका गूँजा औऱ शर्मिंदगी सें रोहित कां चेहरा लाल हौ गय़ा। उसनेचाक कों नीरा कि तरफ लुढ़कते देखा तोँ वोहउसे उठाने केँ लिए झुका औऱ उसने स्वयं कों नीरा कि खुली टाँगों केँ बीच मे पाया। रोहित नीरा कि गुलाबी-सि गोरी बुर औऱ उसमें घुसी अँगुलियों कों देखने लगा। उसे अपनी टीचर कि बुर कि खुशबू तक आँ रही थि।
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***** *****too be contd।.
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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क्लास मे एक् जोर सें हँसी कां ठहाका गूँजा औऱ शर्मिंदगी सें रोहित कां चेहरा लाल होँ गय़ा। उसनेचाक कों नीरा कि तरफ लुढ़कते देखा तोँ वोहउसे उठाने केँ लिए झुका औऱ उसने स्वयं कों नीरा कि खुली टाँगों केँ बीच मे पाया। रोहित नीरा कि गुलाबी-सि गोरी बुर औऱ उसमें घुसी अँगुलियों कों देखने लगा। उसे अपनी टीचर कि बुर कि खुशबू तक आँ रही थि।
रोहित नें फिन साइड पे देखा तोँ उसे एहसास हुआ कि वोहअब डेस्क केँ पीछे छिपाहुआ थां औऱ फिन वापिस गर्दन घुमायी तौ उसे अपनी टीचर कि बुर-रस मे भीगी हुई चमकती अँगुलियां अपने चेहरे केँ नज़दीक दिखीं। रोहित नें अपना मुँह खोला तोँ नीरा नें अपनी बुर-रस मे भीगी अँगुलियां उसके मुँह मे घुसेड़ दि। पूरी क्लास केँ सामने, हालाँकि डेस्क केँ पीछेछिप कर, रोहित नें अपनी टीचर कि अँगुलियां चूसकर साफकीं औऱ फिनचाक उठाकर जल्द सें खड़े होकर बोर्ड पे जाकर अपनाकाम खतम किया।
“थैंकयू, रोहित… तुम्हारा काम तारीफ केँ काबिल थां। अब तुम् बैठ सकते होँ…” नीरा अपनी हँसी रोकते हुए बोलीं।
रोहित अपनी कापी सें अपने लण्ड कों छिपाता हुआ अपनीसीट पे जा केँ बैठ गय़ा। उसने क्लास-रूम कां निरीक्षण किया पर्र किश्मत सें किसी कां भि ध्यान उसकीतरफ नहि थां। सभी लोगों कां ध्यान नीरा कि तरफ थां जौ अबआगे कां लेक्चर देरही थि।
क्लास केँ अंत मे, जोँ कि उस सप्ताह कि अंतिम क्लास थि, नीरा नें रोहित कों अपनी किताबें समेटते हुए देखा। जब सभी क्षात्र बाहर् जारहे थें तोँ रोहित कुछतय नहि करपारहा थां। नीरा भि मन हि मन रोहित केँ रुक जाने कि प्रार्थना कररही थि। जबसभी क्लास केँ बाहर् चलेगये तौ रोहित क्लास केँ पीछे अपनीसीट पे हि बैठा थां। ये जानते हुए कि रोहित उसे हि निहार रहा हैं, नीरा धीरे धीरेअदा सें अपनीहाई हील सैंडल खटखटाती हुइ दरवाजे कि तरफ गई, औऱ दरवाजा बंद करके सिटकनी लगा दि। फिनघूम केँ आरामसे अपने डेस्क कि तरफ जाती हुइ नीरा नें अपना दुपट्टा हटाकर नीचे गिरा दिया। फिन अपनी सलवार अपने चूतड़ों सें नीचे खिसकाकर अपने डेस्क पे उछलकर अपनी टाँगें चौड़ी करकेबैठ गई, औऱ अपनीओर ताकते रोहित कि तरफ देखने लगी।
नीरा नें अपनी कमीज़ उतार केँ एक् तरफ उछाल दि औऱ अपनी ब्रा केँ हुक खोलकर उसे भि साईड मे फेंक दिया। नीराअब कमर सें ऊपर बिल्कुल नंगी अपनी टाँगें फैलाकर अपने डेस्क पे बैठी थि औऱ उसकी सलवार उसकी टाँगों मे नीचे खिसकी हुइ थें। ये नीरा केँ आज तक कि सबसे कामुक परफोर्मेंस थि औऱ नीरा नें रोहित कों हि घूरते हुए अपनी सलवार अपनी टाँगों सें घसीटकर निकाली औऱ एक् तरफ फेंककर अपनी चूचियां मसलने लगी।
फिन नीरा नें अपनी पैंटी उतारने केँ लिए अपनेहाथ अपनी चूचियों सें हटाए औऱ अपनी गाण्ड कों डेस्क सें ऊपर उचकाकर अपनी पैंटी अपनी टाँगों पे नीचे खींची औऱ सिर्फ़ एक् टाँग सें निकालकर पैंटी कों दूसरे पांव पे लटकते हुए छोड़ दि। अबवोह मात्र डार्क ब्राऊन रंग केँ हाईहील सैंडल पहनेहुए फिन सें अपनी चूचियां मसलने लगी। मगर उसकी बुर मे दहकरही आग भि नीरा कां ध्यान अपनी औऱ खींचरही थि। इसलिये उस चुदास टीचर नें अपना एक् हाथ अपनी मम्मों सें हटाकर अपने बुर पे रख लिया औऱ लगतार अपने स्टूडेंट कि आँखों मे देखती हुईँ अपनी क्लिट रगड़ने लगी।
रोहित भि कब सें अपनी पैंट केँ ऊपर सें हि अपना लौड़ा सहलारहा थां। फिनवोह भि खड़ा होकर अपनी टीचर केँ पास गय़ा औऱ झुक केँ अपने होंठ नीरा कि मम्मों पे रख दिये। नीरा नें कराह भरतेहुए रोहित कां सिर पीछे सें पकड़कर अपनी चूँची पे दबा दिया। फिन रोहित नें पीछे हटकर नीरा कि जाँघों पे हाथरखा। नीरा कि अँगुलियां अभि भि अपनी फूली हुई क्लिट रगड़रही थीं। रोहित नें नीचेझुक कर अपनीजीभ नीरा कि बुर पे एक् बार फिरायी औऱ फिन खड़ा हौ गय़ा। रोहित नें ऐसाकई बार किया पऱ हर वक़्त केवल एक् बार हि अपनीजीभ फिराकर रुक जाता थां।
स्वयं अपनी हरकतों सें लड़कों कों हर टाइम तड़पाने वाली टीचर केँ मुँह सें येबात सुनकर रोहित मुश्कुरा दिया। पऱ वोह नीरा कि बातमान कर झुकते हुए नीरा कि बुर चाटने लगा। रोहित केँ मुँह कों ठीक सें स्थान देने केँ लिए नीरा नें अपनाहाथ अपनी क्लिट पे सें हटा लिया। रोहित पूरेजोश मे नीरा कि बुर अपनेजीभ सें चाटरहा थां औऱ नीरा अपनी चूचियां मसलरही थि।
रोहित केँ चाटने सें नीरा मदहोश सि होनेलगी औऱ उसेलगा कि वोहगिर जायेगी। इसलिये उसने स्वयं कों सहारा देने केँ लिए अपनेहाथ डेस्क पे अपने पीछे टिकालिए। रोहित कि जीभ नीरा कों अपनी बुर मे इतनी अच्छी लगरही थि कि उसने अपनी टाँगें उठाकर रोहित केँ कँधों पे रखदीं औऱ उसकासिर अपनी मखमली माँसल जाँघों मे कस लिया। अब नीरा मस्ती सें तिलमिला उठी औऱ आगे-पीछे होकर अपनी बुर रोहित कि जीभ पे दबाती हुई धक्के मारने लगी। रोहित भि पूरी मस्ती मे अपनीजीभ नीरा कि बुर मे अंदर-बाहर् करके सटासट चोदने लगा।
“आआआहहह… ऊईईईई… चाट मेरी बुर… हायराम… उफफ्फ… पूरे जिस्म मे नशाछा रहा हैं। हायराम मे झड़ने वाली हूं…” चिल्लाती हुइ नीरा अपने चूतड़ आगे ढकेलकर झड़ने लगी औऱ चीखते हुए अपनी बुर कां रस रोहित केँ चेहरे पे छोड़ दिया।
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रोहित नें फिन भि नीरा कि बुर कों चाटना उस टाइम तक जारीरखा जब नीरा नें अपनी टाँगें फैलाकर रोहित केँ बाल पकड़कर उसका मुँह अपनी बुर सें हटाया। उसकी बुर उस वक्त औऱ उत्तेजना सहन नहि कर सकती थि। नीरा डेस्क सें नीचे खिसकती हुइ औऱ रोहित कों पीछे ढकेलती हुईँ नीचे उतरी। अपने घुटनों केँ बल बैठकर नीरा नें अपने स्टूडेंट कि बेल्ट औऱ पैंट खोली औऱ उसका ज़िप्पर नीचे किया। फिन रोहित कि पैंट औऱ अंडरवीयर एक् संग नीचे घसीटकर नीरा नें उसकेतने हुए मोटे लण्ड कों आज़ाद कर दिया। अगले हि क्षण रोहित कां लण्ड उसकी टीचर केँ मुँह मे थां।
“ओह, ढिल्लो मैडम…” रोहित सिसका।
नीरा कों जोँ मजा औऱ तृप्ति रोहित सें मिली थि वहीमजा नीराउसे वापिस देना चाहती थि। नीरा नें उसके लण्ड कों नीचे सें पकड़कर अपने जूसी होंठों मे भर लिया। नीरा अपनासिर आगे-पीछे हिलाकर उसके लण्ड पे अपने होंठ औऱ जीभ फिराती हुईँ चूसने लगी। फिन रोहित केँ लौड़े कों मुँह सें निकालकर नीरा नें अपने पूरे चेहरे पे रगड़कर उसके स्पर्श कां मजा लिया औऱ फिन सें अपने मुँह मे डालकर तेज़-तेज़ सें चूसने लगी। रोहित नें नीरा केँ सिर पे अपनेहाथ रखकर स्वयं कों सहारा देने कि कोशिश कि पर्र नीरा कां सिर बहोत तेज़-तेज़ सें हिलरहा थां। इसलिये रोहित नें आगेझुक कर डेस्क पे अपनेहाथ रखलिए औऱ अपने चूतड़ आगे पीछे करके अपनी टीचर कां मुँह चोदने लगा।
नीरा कों बीच-बीच मे साँस लेने मे तकलीफ़ होँ रही थि क्योंकि रोहित केँ धक्कों केँ कारण उसका लौड़ा नीरा केँ गले मे टकरारहा थां पर्र नीरा भि मस्ती मे गोंगियाती हुईँ रोहित केँ लण्ड केँ धक्के अपने मुँह मे खाती हुइ अपनासिर स्थिर रखेहुए थि। केवल एक् बारजब रोहित नें बहोत हि तेज झटका दिया तौ नीरा कां सिर असावधानी केँ कारण पीछे सें डेस्क पे टकराया। नीरा चाहती थि कि रोहित धक्के नां मारे ताकिवोह उसका लौड़ा इतमीनान सें चूससके पर्र वोह जानते थि कि रोहित बहोत मस्ती मे थां औऱ इसीलिए इतनी बे-रहमी सें अपनी टीचर कां मुँहचोद रहा थां। संग हि ये खयालइस चुदासी टीचर कों बहोत उत्तेजित कररहा थां कि वोह घुटनों केँ बल बैठी हैं औऱ डेस्क पे झुकाहुआ उसका स्टूडेंट अपना लण्ड उसके मुँह मे ज़ोर-ज़ोर सें गले तक ठाँसरहा हैं। अचानक फिन नीरा कों अपने मुँह मे रोहित कां गर्म चिपचिपा रस महसूस हुआ।
“ओहहहह… आहहहह… मैडम… साली…चूस… आह्हह…” रोहित केँ मुँह सें चीख निकली औऱ उसका जिस्म सर सें पाँव तक काँप गय़ा। नीरा कों गालीसुन केँ अच्छा लगा औऱ वोँ बड़ी खुशी सें अपनी मेहनत कां इनाम समझकर रोहित केँ लण्ड कां मलाईदार रस अपने मुँह मे लेनेलगी। रोहित तेजी सें अपना गाढ़ा रस कां फुहारा नीरा केँ गले मे छोड़रहा थां औऱ नीरा भि उतनी हि तेज़ी सें उसकारस गटकने लगी। पर्र रोहित केँ लण्ड सें इतनी ज्यादा मात्रा मे रस निकलरहा थां कि नीरा उसका मुकाबला नहि करपारही थि। जब नीरा कां मुँह लबालब भर गय़ा तौ रोहित कां गाढ़ा रस नीरा केँ लिपिस्टक लगे लाल-लाल होठों सें किनारे सें बाहर् निकलकर बहनेलगा।
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan - Next part miss mat karna
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .