छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 Stories Complete (2015)
nangi family desi kamuk kahaniyan
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छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan – New Episode
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नीरा नें राहत महसूस कि जब रोहित घूमकर दरवाजे कि तरफ जानेलगा। मगर रोहित वहा सें गय़ा नहि। कालेज उसदिन खतम होँ चुका थां। रोहित नें जाकर क्लास कां दरवाजा बँद किया तोँ नीरा कों चिटकनी लगाने कि आवाज़ आयी। नीरा नें रोहित कों अपनीतरफ आते देखा तौ लपककर झट सें अपने स्टूल सें खड़ी होकर पीछेहट गयीँ,। अब उसके पीछे दीवार थि औऱ उसका पूराबदन काँपरहा थां।
“तौ तुम् जानबूझ कर अपनी सेक्सी हरकतों सें लड़कों कों नहि तड़पाती हौ। क्यूं?”
रोहित नीरा केँ बिल्कुल सामने खड़ा होतेहुए बोला- “तोँ फिन मुझे केसेपता हैं कि तुम्हारी छोटी सि काली ब्रा केँ कप्स केँ बीच मे एक् छोटा सां लालफूल बना हैं। आज तुमने जोँ पैंटी पहनी हैं वोह भि कालेरंग कि जी-स्ट्रिंग पैंटी हैं…”
नीरा एकदम बे-ज़ुबान होँ गयीँ, थि। उसका स्टूडेंट उसी पर्र इल्ज़ाम लगारहा थां औऱ हाई विद्यालय केँ जिन अनाड़ी लड़कों कों वोह पहले अपनी कामोत्तेजक शोखियों सें तड़पाती औऱ लुभाती थि, उनसेयह लड़का कहीं ज़्यादा दिलेर थां।
“औऱ तौ औऱ… ढिल्लो मैडम, तुम् हम् लड़कों केँ लौड़ों कां ज़ायज़ा कररही थीं। मैंने स्वयं देखा। तुम्हें क्याँ लगा कि मे क्यूं अपने डेस्क सें पीछे खिसका थां? क्याँ तुमने मेरी पैंट मे मेरे खड़े लण्ड केँ उभार पे हसरत सें नहि देखा थां? यही अच्छा लगता हैं नाँ तुम्हें? लड़कों कों अपनी सेक्सी अदाओं औऱ शरीर कि नुमाईश कर तड़पाकर उनके लौड़ों कों सख्त बनाना ताकिवोह तुम्हारे बारे मे सोचते हुए अपने लण्ड हिलाकर मुठ मारें?”
इससे पहले कि नीराआगे बोल पाती, रोहित नें उसकी बाँहें पकड़कर खींचते हुए अपने सें सटा लिया। नीरा कि साढ़े चारइंच ऊँचीहील कि सैंडल केँ बावजूद रोहित उससे छः-सात इंच ऊँचा हि थां। अपनी एक् बाँह नीरा कि कमर मे डालकर औऱ दूसरे हाथ सें उसकासिर पीछे सें पकड़कर रोहित नें नीरा केँ होंठों पे अपने होंठरख दिए। नीरा उसकी पकड़ सें छूटने केँ लिए थोडा फड़फड़ाई पर्र लड़का बहुत मज़बूत थां। नीराउसे पीछे ढकेलने कि कोशिश मे अपनाहाथ उन दोनों केँ शरीरों केँ बीच मे लायी पऱ जबउसे रोहित कां हाथ अपनी सलवार केँ अंदर पैंटी केँ ऊपर सें अपनी बुर पे महसूस हुआ तौ नीरा कां हाथउसे पीछे ढकेलने कि बजाय रोहित कि बाँह पर्र पहुँच गय़ा। नीरा रोहित कि बाँह घसीटकर अपनी बुर सें हटाने कि कोशिश करनेलगी पऱ वोह उतनी मज़बूत नहि थि। कम सें कम, जब रोहित नें पीछे सें उसकासिर छोड़ा तोँ वोह अपने होंठ उसके होंठों सें अलगकर सकी।
“रोहित… रुकजाओ…” रोहित कि अँगुली कि रगड़ अपनी बुर पे महसूस करतेहुए नीरा नें फिन विनती कि- “तुम्हें ऐसा नहि करना चाहिए। हैं ईश्वर… रुकजाओ…”
पर्र रोहित कां रुकने कां कोई इरादा नहि थां। वोह अपनी टीचर कि कमर कों अपनी बाँहों मे कस केँ जकड़ केँ दूसरे हाथ सें उसकी बुर कों पैंटी केँ ऊपर सें रगड़ने लगा। नीरा रोहित कि छाती पे अपनेहाथ सें जोर डालकर उसे पीछे ढकेल केँ छूटने कि कोशिश करतीरही। पर्र जब नीरा नें रोहित कि अँगुली कों जी-स्ट्रिंग पैंटी कि पतली सि पट्टी साईड मे खिसका केँ अपनी बुर केँ अंदर गड़ते हुए महसूस कि तौ नीरा नें उसे ढकेलना छोड़कर अपनी बाँहें रोहित केँ इद-गिर्द डालकर जकड़ते हुए अपनासिर उसकी छाती पे टिका दिया। नीरा केँ विरोध कि स्थान अब उसकी वासना नें ली थि।
बहोत वक़्त सें उसकी बुर मे स्वयं कि अँगुलियों केँ अलावा औऱ किसी कि अँगुलियां नहि गई, थीं। क्लास मे अपनी सेक्सी हरकतों सें नीरा हमेशा गर्म होकर चुदासी हौ जाती थि औऱ आज कां दिन भि अपवाद नहि थां। आमतौर पऱ नीरा याँ तौ क्लास केँ बाद स्टाफ केँ बाथरूम मे याँ घऱ जाकर अपनी बुर कि उत्तेजना कों अपनी अँगुलियों याँ किसी भि मुनासीब चीज़ सें चोदकर कमकर लेती थि। पऱ आज रोहित क्लास खतम होते हि उसकेपास आँ गय़ा थां। रोहित जवान, हसीन औऱ कफी हट्टाक-ट्टा थां औऱ नीरा नें पहलेकई बार उसकी पैंट मे सें उसके खड़े लण्ड कां उभार देखा थां। हालाँकि रोहित कां उसको छूनागलत थां पऱ क्योंकी नीरा कि बुर कि प्यास इस उम्र मे चोटी पर्र थि औऱ कोई उसकीइस असीम प्यास कों बुझाने वाला नहि थां, इसलिये उसे रोहित कि ये हरकतअब अच्छी लगरही थि।
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रोहित कि दो अँगुलियां पूरेजोश मे नीरा कि बुर मे अंदर-बाहर् हौ रहीथीं। नीरा भि अब बेशरम होकर रोहित कों पकड़कर उसकी अँगुलियों कों अपनी बुर मे चोदरही थि। वोह अपनी कामोत्तेजना मे मदहोश थि। रोहित नें जब अपनी बाँह नीरा कि कमर सें हटायी तौ नीरा उससेदूर नहि हटी बल्कि उससे लिपटी रही औऱ चुदासी कुतिया कि तरह कराहती रही। रोहित नें भि अपने खालीहाथ सें अपना ज़िप्पर खोलकर अपनातना हुआ कड़ा लण्ड बाहर् निकल लिया।
अपनी अँगुलियां नीरा कि बुर मे सें बाहर् निकाले बगैर, रोहित नें दूसरे हाथ सें अपनी टीचर कि सलवार कों नीचे खींच दिया औऱ उसकी पैंटी कों जब उसने झटके सें एक् तरफ करना चाहा तौ पैंटी कां रसीले नाज़ुक कपड़ा उसकी मजबूत पकड़ मे फट गय़ा। रोहित जब अपनी टाँग नीरा कि टाँगों केँ बीच मे घुसाने लगा तोँ नीरा कि नीचे खिसकी सलवार बीच मे आनेलगी। नीरा केँ इशारे पऱ उसने नीरा सें अलग होकर उसकी टाँगों सें सलवार खींच केँ अलग करके एक् तरफ फेंक दि। रोहित नें फिन नीरा कों अपनी बाँहों मे लेकर अपनी टाँग नीरा कि टाँगों केँ बीच अड़ाते हुए उन्हें फैला दिया औऱ फिन अपना घुटना ज़रा सां झुकाकर अपना लौड़ा नीरा कि बुर पे सटाकर अंदर घुसेड़ दिया।
रोहित नें उत्तेजना मे अपनी टाँगें सीधीकीं औऱ जोरदार धक्का ऊपर कि तरफ मारकर पूरा लण्ड अंदरठेल दिया। नीरा कि बुर मे जब झटके केँ संग रोहित कां पूरा लण्ड घुसा तौ उसने अपनी दोनों टाँगें उठाकर उछलते हुए रोहित कि कमर केँ इर्द-गिर्द लपेटलीं। नीरा कां सिरअब रोहित केँ कँधे पे थां औऱ वोँ रोहीत केँ लण्ड कों अपनी बुर मे लिएहुए रोहित केँ पहलवानी जिस्म पे चढ़ी हुइ थि। अपनी बाँहें औऱ टाँगें रोहीत केँ जिस्म पे कस केँ वोह उसके लण्ड पे ऊपर-नीचे उछलने लगी।
नीरा कों बड़ा अरसा होँ गय़ा थां किसी केँ लण्ड सें चुदवाए हुए औऱ अब, इस वक्तउसे रोहित केँ लण्ड सें चुदाई केँ अलावा औऱ किसीबात कि सुध नहि थि। उसे किसीबात सें मतलब नहि थां, जैसे कि वोहइस वक्त क्लास-रूम मे चुदरही थि याँ रोहित उससे उम्र मे कितना छोटा थां याँ फिन रोहित उसका स्टूडेंट थां औऱ वोह उसकी टीचर औऱ याँ फिनये कि वोह एक् विवाह-शुदा स्त्री थि। उसकी बुर मे इस वक़्त एक् जवान औऱ तगड़ा लण्ड थां औऱ उनसभी बातों सें बे-परवाह नीरा कां मक्सद इस वक्त सिर्फ़ चुदाई कां मजा लेतेहुए अपनी बुर कि मुद्दतों सें दहकरही आग कों बुझाना थां।
नीरा धीरे-धीरे सें रोहित केँ कान मे फुसफुसाती हुई बोलि- “ओहह… रोहित… तुम्हरा लण्ड मेरी बुर मे बहोत अच्छा लगरहा हैं…”
रोहित नें अपनी टीचर केँ चूतड़ अपने हाथों मे पकड़े औऱ उसे अपने लण्ड पे ऊपर-नीचे खींचने लगा। नीरा रोहित कों अपनी बाँहों औऱ टाँगों सें कसकर जकड़े हुए थि औऱ हवा मे लटकी हुई रोहित केँ लण्ड पे जोर सें ऊपर-नीचे खिसकरही थि। पर्र फिनउसे अपने चूतड़ों पे रोहित कि पकड़ औऱ अधिक कसती हुईँ महसूस हुइ। नीरा नें ऊपर-नीचे खिसकने कि कोशिश कि पऱ रोहित नें उसे हिलने नहि दिया औऱ नीरा कों अपनी बुर मे रोहित केँ लण्ड कि गर्म मलाई छूटती महसूस हुईँ।
जब रोहित नें झड़ना बँद किया तोँ वोह बोला- “चिंता मतकरो मैडम… मे अभि पूरा निबटा नहि हूं…”
नीरा कों स्वयं सें चिपकाये हुए हि रोहित कुछकदम चला औऱ जब नीरा कों अपने नीचे डेस्क महसूस हुआ तोँ उसने रोहित पे अपनी पकड़े ढीलीकर दि। रोहित नें नीरा कों बैठने मे सहायता कि। नीरा नें नीचे देखा तोँ उसके स्टूडेंट रोहित कां लण्ड अभि भि उसकी बुर मे थां औऱ उसके लण्ड पे सफेद धारियां उसके लण्ड केँ बुर मे झड़ने कां सबूतदे रहे थें। नीरा नें डेस्क पऱ पीछेहाथ रखकर स्वयं कों सहारा दिया। नीरा कि पकड़ सें आज़ाद होकर रोहित फिन सें नीरा कों आहिस्ता चोदने लगा।
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***** *****too be contd।.
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भइयाजी आपका धमाल सलामत रहे आपका इकबाल बुलंद होँ
xyz wrote:भइयाजी आपका धमाल सलामत रहे आपका इकबाल बुलंद हौ komaalrani wrote:aapki har story dhamal macha deti haen ....aapa choice ekdam HOT h . अभि तौ कथा शुरुआत हुइ हैं। कथा थोडा लंबी हैं छोटी नहि। इसकथा कों मुझेअलग थ्रेड पऱ शुरुआत करना चाहिये थां। सूत्र पऱ आने औऱ अपना सुझाव देने केँ लिये धन्यवाद। . .
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जब रोहित नें झड़ना बँद किया तोँ वोह बोला- “चिंता मतकरो मैडम… मे अभि पूरा निबटा नहि हूं…”
नीरा कों स्वयं सें चिपकाये हुए हि रोहित कुछकदम चला औऱ जब नीरा कों अपने नीचे डेस्क महसूस हुआ तोँ उसने रोहित पे अपनी पकड़े ढीलीकर दि। रोहित नें नीरा कों बैठने मे सहायता कि। नीरा नें नीचे देखा तोँ उसके स्टूडेंट रोहित कां लण्ड अभि भि उसकी बुर मे थां औऱ उसके लण्ड पे सफेद धारियां उसके लण्ड केँ बुर मे झड़ने कां सबूतदे रहे थें। नीरा नें डेस्क पर्र पीछेहाथ रखकर स्वयं कों सहारा दिया। नीरा कि पकड़ सें आज़ाद होकर रोहित फिन सें नीरा कों आरामसे चोदने लगा।
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क्याँ मस्त मस्त गरमा गर्मसीन दिया हैं दोस्त मजा आँ गय़ा
छोटी-छोटी रसीली कहानियां, Total 18 stories Complete - desi kamuk kahaniyan - Next part miss mat karna
औऱ aage badhyo kahani ko,बहोत kamuk hain,new style कि hain
Jagdish
dosto, New kahani iss poste. Now, its your turn. . .
Vineeta
bhay aisi padhaai sab स्थान hu jaaye too maze hu jayen
Sonaal
ऐसी पढ़ाई तोँ होती रहनी चाहिए भइया एक् औऱ हॉटकथा आपकीपढ़ करमजा आँ गय़ा
Poonam
rangila wrote:ekdum hot h bhay komaalrani wrote:Bahoot hi Badhiyaa h ...Mast ... Thanks dosto, Enjoy the new kahani "मेरे मित्र कि पत्नि" . .
Susmita
supar story h mitr
Shaleenee
हंगामेदार किस्सा हैं भइया
Virendra
अति उत्तेजक रचना हैं मित्र
Deeksha
Rohit Kapoor wrote:supar story h mitr jay wrote:हंगामेदार कथा हैं भइया rajsharma wrote:अति उत्तेजक रचना हैं साथी . शुक्रिया दोस्तों, संग मे बने रहने केँ लिये। अगली स्टोरी प्रस्तुत हैं। . .