रंडियो कां घऱ (Full Storyd) – New Episode
अध्याय 14
नई सुभह औऱ नयाजोश.आंखे तौ लेट सें हि खुलीमगर मन मे उमंगनया थां, मे बेहद हि उत्त्साहित थां क्योकि अब मेरेलिए यह किसीनए जिंदगी कि तरह मालूम होँ रहा थां…
आज मेरा नजीरिया बदला तौ नजारे भि बदलेहुए दिखरहे थें…
निशा नें मुझेरोज कि तरह ब्रेकफास्ट दिया, मगर आज मैंने उसेउस नजर सें देखा जोँ कभी नहीं देखा थां, पूर्वी केँ लिए बहोत हि प्रेम आँ रहा थां, मेरी नजरो केँ बदलाव कों निशा नें भि बहोत कुछसमझ लिया थां,
“आजकुछ अलगलग रहीहु क्याँ”
“नहीं तोँ”
“फिन आप् ऐसे क्यो ताड़रहे हौ जैसे कि कोई बदलाव मुझमे आँ गय़ा हौ, औऱ आज आप् बहोत हि खुसलग रहे होँ क्याँ बात हैं …”
निशा कां आश्चर्य गलत नहीं थां, उसने मुझे इतने दिनों सें बहोत हि तकलीफ मे हि तौ देखा थां.
“अरेकुछ नहीं मेरीजान तेरी भाभी कों कल समझा दियाहु कि ज़्यादा नाईट ड्यूटी नाँ करे, वोँ अबरात मे जल्दघऱ आँ जाया करेगी, ”
निशा कां चहरा थोड़ाउतर गय़ा.
“अरे भाई इसे तौ भाभी कां नाईट ड्यूटी हि मनपसंद थां, आपकेसंग सोने जोँ मिल जाता थां”पूर्वी बोलने सें पहलेकभी सोचती हि नहीं थि, इसलिये निशा नें उसे जोरो सें मारा
“चुप कर कमीनी कही कि कुछ भि बोलती हैं”
मे हल्के सें हंसा
“अरे तुम् दोनो केँ लिए तौ मेरेपास समय हि वक्त हैं, तुम् भि सो जानां मेरेसंग “
दोनो हल्के सें हँसने लगेसब कों पता थां कि यह तौ सम्भव नहीं हैं …
आज होटल मे भि एक् नई ऊर्जा केँ संग पहुचा थां, कुछ कर दिखाने कां जस्बा जौ होता हैं नाँ वोँ आपकोसच मे एक् ऊर्जा सें भर देता हैं.वोँ ऊर्जा आपके पूरे व्यक्तित्व मे दिखाई देने लगती हैं….
“क्याँ बात हैं देव बाबूआज तौ चमकरहे होँ “
शबनम सें हुईँ आज कि पहली मुलाकत इसी वाक्य सें शुरुआत हुईँ.
मैने जवाब देने केँ बजाय मात्र हंसना पसन्द किया…
साम मे अपने हि होटल केँ बार मे डॉ चुतिया कों बैठेहुए देखा,
“अरे आओआओदेव केसे हौ.”
उन्होंने अपने विस्की कि चुस्की लेतेहुए कहा.
“अच्छा हुसर आप् बताइये आपको यंहाकोई दिक्कत “
“नहीं दोस्त कोई दिक्कत नहीं हैं, बैठो नाँ “
“जीसर शुक्रिया “
“कुछ लोगे “
“नहींसर ठिक हैं “
“अरेलो दोस्त कुछ “
“एक् स्कोच “
मैंने आयेहुए वेटर सें कहा.
“तौ.लगता हैं तुम्हारी आंखेकुछ पूछना चाहती हैं मुझसे “
“मुझे काजल नें सभीकुछ बतलाया सर”
डॉ एक् गहरी सांस लेते हैं …
“ह्म्म्म तौ अब क्याँ करना चाहते होँ “
मैंने अपना कंधा उचकाया …
“मुझे नहींपता कि आगे क्याँ करना चाहिए “
“तुम् कुछकरो हि मत, क्योकि व्यक्ति जौ सोचता हैं वोँ होँ यह जरूरी नहीं, जैसे कल कि घटना कों हि लेँ लो, हमे कौन सां पता थां कि वोँ लड़की कलमर जाएगी, मुझे तौ बस इतनी हि इंफारमेशन मिली थि काजल केँ द्वारा कि वोँ लड़की अजीम सें तंग आँ गई हैं औऱ अजीम केँ खिलाफ जाकर वोँ गवाहबन सकती हैं, मगर भाग्य देखो अजीम कों भि उसपरशक होँ गय़ा औऱ उसके हुक्म कि नाफरमानी कि उसनेउसे जौ सजा दि उनके कारण उसकीमौत होँ गई, औऱ अजीम सालो केँ लिएजेल मे “
“मगरकब तक सरआज नहीं तौ कल वोँ बाहर् आँ हि जाएगा “
डॉ मुझे देखकर मुस्कुराने लगे.
“उसके खिलाफ इतने सबूत हि पुलिस केँ पास कि वोँ तोँ गय़ा कम सें कम 14 सालो केँ लिए अंदर, उसपर मर्डर, रेप, औऱ देहव्यापार कि धाराएं लगी हैं, वोँ तोँ गय़ा,,, अब बाकियों कां सोचो, ”
“तौ मे क्याँ करूडॉ आप् हि कुछ बताइये “
“तुम् कुछ भि मत करो.कुछ करने कि चेष्ठा हि गलतीकरा सकती हैं, सही वक्त कां प्रतीक्षा औऱ सही मौके पऱ सहीवार हि काम आएगा.बस देखते जाओ, समझते जाओ, अपने आप् कों रेडी करते जाओ, आपना जाल फैलाते जाओ, जब समय आएगा तोँ बस एक् हि सहीवार औऱ सब ढेर….आगे क्याँ सिचुएशन आने वाली हैं यहकोई भि नहींबोल सकता इसलिये धैर्य हि असली कुंजी साबित होगी…”
डॉ कि पूरीबात मेरे भेजे मे घुस गई थि…
“सर एक् कस्टमर आपसे मिलना चाहता हैं”
मे अभि अपने केबिन मे थां कि मेरेपास रिसेप्शन सें मोबाइल आँ गय़ा.मे उस कमरे कि तरफ गय़ा जंहा मेरी जरूरत थि.यह बहोत हि बड़े व्यवसायी थें, करीब 58-60 साल केँ आदमी, हमारे होटल केँ एक् खास कस्टमर, मोटे औऱ लंबे चौड़े.
औऱ यही थें जिन्होंने पिछले बार मुझे लड़की कि मांग कि थि.
“गुड इवनिंग सर “
मे कमरे मे दाखिल हुआ, आओ आओदेव.
“कहिएसर क्याँ सेवाकरू आपकी “
वोँ कमीनो केँ जैसे मुस्कुरा रहा थां,
“वही मेरी पुरानी मांग, इसबार उदासमत करना”
“बिल्कुल नहींसर आप् हमारे बेहदखास कस्टमर हैं, कोई स्पेसल डिमांड आपकी “
सालायह भि मुझे अपनी जीवन मे कभी करना पड़ेगा मैंने सोचा हि नहीं थां, मे आज एक् दलालबन चुका थां, रंडियों कां दलाल.
मेरीबात सें उसका चहराखिल गय़ा, मादरचोद एक् ठरकी बुड्डा थां, बाल तौ पक चुके थें मगरहवस नहीं गई थि,
“दोस्त वोँ तेरे होटल कि नई मैनेजर हैं नाँ, क्याँ नाम हैं शबनम.उसकी दिलवा दे.क्याँ माल हैं साली बिल्कुल हि कड़क, जब सें देखा हैं मेरा तोँ फंफनाने लगा हैं “
उसकीबात सुनते हि मेरेदिल मे एक् जोर कां झटका लगा, शबनम जैसी भि होँ उससे एक् लगाव सां होँ गय़ा थां,
“सर वोँ …….सरकोई दूसरी लड़की नहीं चलेगी “
उसकामन खराब होँ गय़ा
“साले मादरचोद तुझसे अच्छा तोँ खान केँ हि होटल मे रुक जाता, वँहा हुएकेस केँ कारण यंहा आँ गय़ा, मुझे बोला गय़ा थां कि सब सेवा देंगे.मगर तूँ फिन अपनी बकचोदी दिखारहा हैं.वही चले जाताहु.वँहा उनकी मैनेजर भि कम नहीं हैं तेरी शबनम सें,,, क्याँ नाम हैं उसकाहा काजल, साली वोँ भि मजे देने मे कमी नहीं करती, बोल हा याँ नाँ.नहीं तोँ मे चला.”
इस मादरचोद कों तौ आजमार हि देने कां मनकररहा थां, एक् तरफयह मेरीनई नई गर्लफ्रेंड (शायद नहीं थि मगर बोलाजा सकता हैं) कि मांगकर रहा हैं, औऱ अगर वोँ नहीं मिली तौ मेरी पत्नि कों चोदने चले जाएगा….सच मे मेरी स्तिथि बहोत हि बुरी थि, औऱ मैंने एक् पति कि तरह अपनी पत्नि कों ज़्यादा महत्व देतेहुए गर्लफ्रेंड कों ठुकवाना मनपसंद कर लिया.
“ओकेओके सर मे बात करता हु, आप् नाराज मत होइए “
“ह्म्म्म क्याँ रेट हैं उसका “
“सर मे उससेबात करके बताता हु “
मे बाहर् जाकर जल्दी शबनम सें मिला, औऱ उसे सारीबात बताई, मेरा चहरा उससेबात करतेहुए लाल होँ गय़ा थां, मे शबनम कों उसकेपास नहीं भेजना चाहता थां यहबात तोँ शबनम भि जानती थि.उसने मेरे गालो पऱ अपनेहाथ रखदिए.
“यह हमारा बिजिनेस हैं दोस्त तुम् ऐसे भावनाओ मे बहनेलगे तोँ हम् खाक अपना बिजनेस करेंगे”
मैंने उसे अपनेगले सें लगा लिया
“ओहो तुम् भि नाँ सुनोउसे तुम् 10 लाख केहना एक् नाइट कां “
मे चौक गय़ा …
“10 लाख देगा वोँ “
“क्यो मुझमे कोईकमी हैं क्याँ जौ वोँ 10 नहीं देगा.”शबनम नें शरारती सि मुस्कान सें मुझे देखा
“नहींमगर इतने पैसे “
“उन्हें सर्विस भि वैसी हि मिलती हैं, तुम् फिक्र मतकरो वोँ पुरानां हरामी हैं उसेरेट कां पता होगा, पुराने होटल मे मे 1 आए 5 लाख तक एक् रात कां लेती थि.मगरअब मुझे भि रेट बढ़ाना पड़ेगा वरना साले मेरे हि पीछेपड़ जायेगे औऱ जौ लडकिया यंहा लाकररखे हैं वोँ सब फालतू हौ जाएंगी, औऱ हा इसमें सें 20% तुम्हारा होगा, 20% होटल कां “
क्याँ गणित थां, यानी एक् हि डील मे मे 2 लाख कमाने वाला थां जोँ कि मेरी महीने कि सेलरी थि.सच मे यह बहोत हि कमाल कां बिजनेस थां,
मे फिन सें उस व्यक्ति केँ पास पहुचा,
“15 लाख पागल हौ गए हौ तूम “
वोँ मेरीबात हि बौखला गय़ा थां.
“खान केँ होटल वाली मैनेजर तोँ 8 लाख लेती हैं, इसमें ऐसा क्याँ हैं जोँ मे 15 लाख दूंगा “
साला मेरे हि सामने मेरी पत्नि कां भावबता रहा थां, इसे तोँ मे नहीं छोडूंगा, मैंने कुछ गहरी सांसे ली …
“सरमाल नया हैं, पूरी सर्विस देगी औऱ उसने भि 8 कि हि डिमांड कि हैं …”
वोँ मुझे आश्चर्य सें देखने लगा
“मगर 2 लाख मेरे होंगे, औऱ बाकी केँ 5 लाख होटल केँ.आप् अबखान केँ होटलजा सकते हैं मगर सिक्योरिटी कि कोई गारंटी आपको नहीं मिलेगी.यंहा आपको हम् सिक्योरिटी कि गारेंटी देते हैं.मे पर्सनली आपका ख्याल रखने केँ लिए मौजूद रहूंगा, तोँ सर मेरा भि तौ कुछ बनता हैं.”
वोँ थोड़ा ठंडा हौ आँ, इजाजत सें बड़ा रुपया कभी नहीं होता…(खासकर जिनके पास इज्जत औऱ रुपया दोनो बहोत होँ )
“मगर दोस्त 15 कुछ तोँ कमकरो, इतने मे तौ मे 15 कॉलेज कि लडकिया चोद लूंगा “
बात तोँ साले कि सही हि थि …
“सर आप् कहो तोँ कालेज कि हि लडकिया जुगाड़ देताहु आपकेलिए 1 लाख सें कम मे हौ जाएगी, अगर आपकेपास पैसे कि कुछकमी होँ तोँ दूसरा माल भि हैं हमारे पास”
मेरीबात सें वोँ भड़क गय़ा …
“मादरचोद समझ केँ क्याँ रखा हैं तूने.सोने चांदी कां व्यापारी हु मे, लाखो कि कमाई एक् दिन कि हैं मेरेलिए, तुँ भेजउसे, ”
उसकी गर्मी औऱ ईगो मेरेकाम आँ गई क्योकि मैंने 2 लाख कि स्थान अब 7 लाखकमा लिया थां, याँ शबनम कों अगर बताता तौ 5 लाख तोँ मुझे मिलने हि वाले थें, होटल केँ खाते मे मे 8 लाख बताने वाला थां, एक् एक् मेरे औऱ शबनम केँ तोँ कुल शबनम कों संग लेकर मेरी एक् रात कि कमाई 6 लाख होने वाली थि, सचमे इतना रुपया जब मिलने वाले होँ तौ दुख अपने हि आप् भाग जाता हैं ………
सामढला औऱ मे कमसिन सि शबनम कों उस कमीने केँ हाथो मे सौपकर औऱ उससे एडवांस पैसे लेकर जौ कि कुछचेक मे जोँ कि होटल औऱ शबनम केँ खाते मे जाने थें, औऱ कुछकैश जौ मेरे औऱ शबनम केँ लिए पर्सनली थें, लेकर वँहा सें निकल गय़ा,
यह मेरी पहली दलाली कि कमाई थि….
बोलते हुए भि अजीब लगता हैं नां….मे होटल कां मैनेजर नहीं रंडियों कां दलालबन गय़ा हु।
रंडियो कां घऱ (Full Storyd) – New Episode
अध्याय 15
मे होटल सें निकलकर सीधे हि काजल कों मोबाइल लगाया,
“हैल्लो कहा मिलु, आज मेरे पहली कमाई तुम्हे देना चाहता हु.”
उसकी हल्की मुझे सुनाई दि
“कितनी हैं.”
“6 लाख “
“वाट ??? कौन सां बकराफंस गय़ा आज.”
काजल नें हंसते हुएकहा.
“रूपचंद नाम हैं उसका, बहोत बड़ा सराफा व्यापारी हैं “
“ओह वोँ साला ठरकी “
इतनाबोल कर हि काजलचुप हौ गई, मे केसेभूल गय़ा थां कि काजल भि उसकेसंग रात बिता चुकी थि …
“तुम्हारा तोँ पुरानां कस्टमर हैं नां “मेरी आवाज़ अचानक हि ठंडी हौ गई औऱ पूराजोश अचानक हि कही गायब सां हौ गय़ा…
“आप् आँ जाइये मेरेपास, होटल केँ पार्किंग मे मिलना, औऱ प्लीज् दुःखी चहरा लेकर नहींउसी जोश मे आनां “
“काजल तुम्हे नहीं लगता कि अब बहोत हौ गय़ा, छोड़ देते हैं सभीयह शहर, यह धंधा, तुम्हारे पास भि बहोत पैसे हौ चुके हैं अब, कोई छोटा मोटा बिजनेस शुरुआत कर लेंगे”
दूसरी ओर सें बस शांति थि.
“काजल “
“ह्म्म्म “
“कुछ बोलोगी “
“हमनेइस बारे मे बात किया थां, जौ शुरुआत हौ गय़ा उसे ख़त्म करके हि छोड़ना हैं, औऱ आपकी बहनों कां भि तोँ सोचो “
उसकीबात सें मे भि थोड़ा खामोश हौ गय़ा,
“ठीक हैं मे आताहु “
मे उसके होटल केँ पार्किंग मे पहुचा जंहा वोँ पहले सें हि मौजूद थि, वोँ हमेशा कि तरह बहोत हि हसीनलग रही थि,
मैंने पूरे पैसेचेक छोड़कर उसके हाथो मे पकड़ादिए.
उसने एक् गहरी सांसली,
“यहसभी कितना गलत हैं वोँ हम् दोनो हि जानते हैं देवमगर तुम् भि समझते होँ कि मे क्याँ चाहती हु, प्लीज् आज केँ बात मेरीशपथ खाओ कि यहसभी छोड़ने नहीं बोलोगे, जब तक कि हमारा काम पूरा नहीं होँ जाता “
काजल कां चहरा सचमे सीरियस थां.
“मे शपथ नहींखा सकताजान, तुम् जानती हौ क्यो “
मेरा स्वर ठंडा थां मगरदिल मे एक् जोशभरा हुआ थां, उसने भि हामी मे सर हिलाया.
“तोँ चलरही होँ घऱ याँ कोई कस्टमर हैं तुम्हारा भि “
मे थोड़े मजाक केँ मूड मे बोला.
“भगजाओ आप्, कोई कस्टमर नहीं हैं मेरा.औऱ ऐसे भि अभि यंहाआने सें सबकीफट रही हैं, ”वोँ खिलखिलाई फिनचुप होँ गई.
“होटल कि हालत बहोत हि खराब हैं, पूरी रेप्युटेशन दाव पऱ लगी हैं मुझे हि कुछ करना होगा “
“क्याँ करोगी ? औऱ जौ कदम तुमने उठाया इससेयह सभी तोँ होना हि थां “
“ह्म्म्म खान साहब सें एक् डील करनी होगी, बस वोँ थोड़े औऱ मजबूर हौ जाए.”
काजल केँ चहरे मे एक् कमीनी सि मुस्कान खिल गई, मेरी मासूम सि काजलआज क्याँ क्याँ करने पर्र तुली हैं.
“तौ अगला शिकार कौन हैं “
मे थोड़ा उत्सुक थां.
“पहले तौ खान केँ दूसरे बिजनेस मे घटा करवाना होगा, ताकि वोँ इस होटल पर्र ज़्यादा ध्यान दे, उसके बाद हि कोईडील हौ पाएगी …”
“मगर तुम्हे लगता हैं खान किसी भि डील केँ लिएहा कहेगा, यानी तुम् हि सोचोकोई अपने मेहनत सें खड़ा किये इतनेबड़े होटल कां 50 % तुम्हे क्यो देगा “
ऐसे मुझे काजल केँ मन पऱ शक तोँ नहीं थां मगरखान इतनाबड़ा चुतिया व्यक्ति भि नहीं थां कि काजल कों 50% कां हिस्सेदार बना दे, उसके पऱ मैनेजर कि कोईकमी तोँ नहीं थि ….
काजलफिन सें मुस्कुराई.
“इसी इम्पॉसिबल कों तोँ पॉसिबल करना हैं, पहले कुछचोट फिनडील फिनचोट फिन 50% लेकेउसी कां रुपया लगा केँ इस होटल कों टॉप मे लें जानां हैं.फिनबस कुछ परसेंट कि बात होगी किसीतरह उससे 10 परसेंट औऱ निकलवाने होंगे.तब हमारे पास होगा 60% औऱ हम् हौ जाएंगे इस होटल केँ मालिक …”
मुझे नहींपता थां कि काजलऐसा केसे करेगी मगर जौ भि होँ मुझे उसकासंग देना थां, अब चाहेफलक मिले याँ गर्दिशों कि खाक, जोँ भि होँ हम् संगसंग हैं …
तभी पार्किंग केँ सुने सुनसान सें स्थान मे कोईआता हुआ दिखा, मुझेलगा कि कोई गार्ड होगामगर यहकोई दूसरा हि व्यक्ति थां, मे थोड़ाडर गय़ा.
“डरो नहींयह अपना हि व्यक्ति हैं.”
“हायरे हर्ष.इनसे मिलोयह देव हैं मेरे बहोत हि अच्छे साथी “
वोँ एक् नवजवान सां लड़का थां, मुझसे औऱ काजल सें भि छोटारहा होगा, मगर बहोत हि हेंडसम औऱ लंबा चौड़ा बॉडीबिल्डर टाइप कि पर्सनाल्टी थि उसकी.
“हैल्लो सर.”
“हैलो “
“देवयह हमारे होटल कां नया चमकता चिराग हैं, बहोत मेहनती औऱ सबसेबड़ी बात बहोत हि आज्ञाकारी “
काजल नें हँसते हुएकहा, सच मे मेरी काजल हंसते हुए कितनी हसीन लगती हैं …
“क्याँ मेडम आप् भि.अब यंहा आपकीबात नहीं मानूंगा तौ किसकी मानूंगा, आप् केँ कारण तोँ मुझेयह नौकरी मिली हैं”
काजल नें मेरे अपेक्षा केँ विरुद्ध एक् कदम उठाया वोँ जाकर मेरे हि सामने उसके गालो कों हाथो सें मला औऱ उसके गालो पऱ एक् किसकर दिया.जिससे मे तौ आश्चर्य मे पड़ गय़ा मगर हर्ष लज्जा सें लाल हौ गय़ा,
“सो क्यूट बेबी “
काजलउस 6’2” केँ लंबे चौड़े हेंडसम हल्क सें बंदे कों क्यूट बेबी बुलारही थि….बड़ा याराना लगता हैं…
“तौ देव आप् चलिए मे आपकोबाद मे जॉइन करतीहु “
उसके सामने वोँ मुझे औऱ कुछबोल भि तौ नहीं सकती थि, मेउसे गुस्से सें देखने लगा शायद वोँ मेरेमन कि दशासमझ चुकी थि.
“हर्ष दोस्त वोँ मैंने तुम्हे जोँ फाइल दि थि नाँ अकाउंट कि वोँ कहा हैं “
काजलबड़ी चालक थि
“मेडम वोँ ऊपर मे हि हैं आपके केबिन मे, मैंने चेक किया हैं सभीकुछ सही हैं “
“ओके अभि लाओउसे “
उस बेचारे कां चहराउतर गय़ा
“मेडम मे घऱजारहा थां “
“तोँ.चलोठीक हैं कल सुभह हि मुझे वोँ दिखाना “
“ओके मेडम “वोँ जल्द सें भागा कि कही काजलउसे फिन सें नां किसीकाम मे फंसादे, काजल औऱ मेरे चहरे मे एक् मुस्कान आँ गई
मैंने उसके जाते हि काजल कों अपने बांहो मे लेँ लिया
“बहोत बेबीबोल रही हौ “
“क्योजलन हुई क्याँ “वोँ हल्के सें मुस्कुरा रही थि.
“हम्म थोड़ी सि “
“तोँ निकाल लेना पूरीजलन घऱ तौ आनेदो, ”
“यंहा थोड़ी ठंडक पहुचा दो नां “मे उसके साड़ी सें झांकते हुए उसके नंगीकमर पर्र हाथ फेरा
“पागल हौ क्याँ “वोँ मचली
“मरवाओगे आप् “वोँ हँसने, जब मैंने थोड़ा औऱ जोर दिया
“छोड़ो नां, घऱ आँ रहीहु, पूरी जलने कों बहा दूंगी “
वोँ खिलखिलाते हुए मेरीपकड़ सें बाहर् हुईँ,
“बहूँगा तौ मगर तेरे अंदर “मे फिन सें उसे पकड़ने कों हुआमगर वोँ छूटकर मुझे चिढ़ाते हुएभाग गई ….
मे भि घऱ कि राह लिया.
आज मुझे खुसी थि कि मेरेसंग मेरी काजल होगी, औऱ उसकी वोँ बहाने वालीबात सें मेरा लिंग झटके मारने लगा थां.
आज इतने दिनों केँ बाद मे फिन सें काजल कों वैसे हि प्रेम करूँगा,, औऱ अपनी सारी तकलीफे वीर्य केँ रूप मे उसके अंदरडाल दूंगा …….
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durd bi milegi Afsoch bi hongi Aye friend, dr sahab (wine pine wale) kee kahaniyan Jisne padh li. (padhne kee baad) ghrr main mahabharat jarur hongi Hay re meri pyari mrignayani Kajal +my super (xp wale) dev
रंडियो कां घऱ (Full Storyd) – New Episode
इस मादरचोद कों तोँ आजमार हि देने कां मनकररहा थां, एक् तरफयह मेरीनई नई गर्लफ्रेंड (शायद नहीं थि मगर बोलाजा सकता हैं) कि मांगकर रहा हैं, औऱ अगर वोँ नहीं मिली तोँ मेरी पत्नि कों चोदने चले जाएगा….सच मे मेरी स्तिथि बहोत हि बुरी थि, औऱ मैंने एक् पति कि तरह अपनी पत्नि कों अधिक महत्व देतेहुए गर्लफ्रेंड कों ठुकवाना पसन्द कर लिया. haha yar बहुत khoob dev bi kese condition में fasa h
रंडियो कां घऱ (Full Storyd) - Kahani ab aur interesting hogi
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