प्यास जोँ बढ़ती हि जाये – New Episode
स्वाती कि साँसें भारीथीं। वो नितिन कि छाती पऱ सिररखे हुए आहिस्ता साँस लेँ रही थि। नितिन नें स्वाती केँ बालों कों सहलाते हुए बहोत प्रेम सें फुसफुसाया,
“स्वाती। मेरीजान। तूने बहोत अच्छा किया। तूने अपनी वर्जिनिटी अपने भइया कों दि। मे बहोत खुश हूं। मेरी छोटी बेहन.आज तूँ मेरी मादाबन गई.”
स्वाती नें नितिन कि छाती पऱ सिर रखतेहुए शर्माते हुएमगर बहोत प्रेम सें कहा,
“भैया। मुझे भि। बहोत अच्छा लगा। आपने मुझे इतना प्रेम सें। इतना धीरे धीरे। किया.”
नितिन नें स्वाती केँ माथे पऱ लंबा चुंबन किया। स्वाती नें नितिन कि छाती पऱ हल्का सां चुंबन किया। दोनों कुछदेर तक ऐसे हि एक्-दूसरे कि बाहों मे लिपटे रहे। नितिन नें स्वाती कि पीठ पर्र हाथ फेरते हुए उसकी गर्दन कों चूमना शुरुआत किया। स्वाती नें भि नितिन कि छाती पर्र उँगलियाँ घुमाते हुए उसकी गर्दन पऱ चुंबन किया।
नितिन नें स्वाती कि ब्रेस्ट्स कों बहोत धीरे-धीरे सें दबाते हुए उसकेकान मे फुसफुसाया,
“स्वाती। तुँ कितनी गरम औऱ कितनी टाइट हैं। मेरा लन्ड अभि भि तेरे अंदर हैं। औऱ मेरा अभि हुआ भि नहि.”
स्वाती नें नितिन कि आँखों मे देखकर शर्माते हुए मुस्कुराया। नितिन नें स्वाती केँ होंठों पऱ फिन सें गहराकिस किया। स्वाती नें भि नितिन केँ होंठों कों चूसा। दोनों कां किस धीरे धीरे भूखा होताजा रहा थां। नितिन नें स्वाती कि कमर पर्र हाथरखा औऱ उसे औऱ कसकर अपनीतरफ खींच लिया।
स्वाती नें महसूस किया कि नितिन कां लन्ड उसके अंदरकितना ज़्यादा गरम औऱ सख्त हैं। नितिन नें स्वाती कि जाँघों कों थोडा औऱ फैलाया औऱ बहोत आरामसे अपना लन्ड अंदर-बाहर् करना शुरुआत किया। स्वाती कि साँसें फिन सें भारी हौ गईं।
नितिन नें शुरुआत मे बहोत आरामसे हिलना शुरुआत किया। स्वाती कि बुर अब पहले सें कहीं अधिक गीली औऱ आरामदायक होँ चुकी थि। नितिन कां लन्ड स्वाती कि बुर मे आसानी सें अंदर-बाहर् होँ रहा थां। स्वाती नें नितिन कि पीठ पर्र हाथरख लिया।
“आह। भैया। हम्म.” स्वाती कराहउठी।
नितिन नें आरामसे अपनीगति बढ़ानी शुरुआत कि। अब वो स्वाती कों स्पीड सें चोदरहा थां। स्वाती कि सिसकारियाँ हर धक्के केँ संगबढ़ रहीथीं।
“आह। भैया। अह्ह। अच्छा लगरहा हैं। आह्ह। औऱ। औऱ.”
नितिन नें स्वाती कि ब्रेस्ट्स कों चूमा औऱ अपनीगति औऱ बढ़ा दि। स्वाती कि बुर अब नितिन केँ लन्ड कों पूरीतरह स्वीकार कर चुकी थि। नितिन कां लन्ड स्वाती कि बुर मे तेजी सें अंदर-बाहर् हौ रहा थां। स्वाती कि साँसें अब बहोत तेज होँ चुकीथीं।
“आआआह्ह्ह। भैया। आआआह्ह्ह। औऱ तेज। आआआह्ह्ह। मुझे। आआआह्ह्ह। अच्छा लगरहा हैं। ओह येस्सस्सस्सस्सस्स”
नितिन नें स्वाती कों औऱ जोर सें चोदना शुरुआत कर दिया। स्वाती कि बुर सें हर धक्के केँ संग गीली आवाजें निकलरही थीं। स्वाती नें नितिन कि पीठ पर्र नाखून गाड़दिए।
“आआआआह्ह्ह्ह। भैया। ओह येस्सस्सस्सस्सस्स। औऱ। औऱ तेज। आआआआह्ह्ह्ह.”
नितिन नें स्वाती कि जाँघों कों कसकर पकड़ा औऱ अपनी पूरी ताकत सें स्वाती कों चोदना शुरुआत कर दिया। स्वाती अब लगातार चीखरही थि।
“आआआआह्ह। भैया। आआआआह्ह। बहोत अच्छा लगरहा हैं। ओह येस्सस्सस्सस्सस्स। चोदो मुझे। आआआआह। मेरे भइया.”
नितिन नें स्वाती कों औऱ तेजी सें चोदना शुरुआत कर दिया। स्वाती कि बुर नितिन केँ लन्ड कों बार-बार कसरही थि। नितिन कां चेहरा भि तन गय़ा थां।
“स्वाती। आआआह्ह्ह्ह। तेरी बुर। कितनी अच्छी हैं। आआआह्ह्ह्ह। मे। मे भि आने वाला हूं.”
स्वाती नें नितिन कि पीठ कों औऱ कसकर पकड़ लिया। उसकाबदन फिन सें तननेलगा।
“ओह येस्सस्स। भैया। आआआआह्ह। मे भि। आआआआह्ह। फिन सें। उम्मम्मम्म.!!”
दोनों कां बदन एक् संगतन गय़ा। स्वाती कि बुर नितिन केँ लन्ड कों जोर सें कसनेलगी। नितिन नें स्वाती कों कसकरगले लगा लिया औऱ एक् जोरदार धक्के केँ संग स्वाती कि बुर मे अपना गर्मरस भर दिया।
“आआआआह्ह। स्वाती। आआआआह्ह.!!”
स्वाती भि जोर सें चीखउठी। उसका दूसरा ओर्गास्म उसकेबदन मे दौड़ गय़ा। दोनों एक्-दूसरे सें कसकर लिपटे हुए एक् संगझड़ गए। स्वाती कि बुर नितिन केँ लन्ड कों बार-बार कसरही थि। नितिन कां गर्मरस स्वाती कि बुर मे भररहा थां।
दोनों हाँफते हुए एक्-दूसरे कि बाहों मे लिपटे रहे। स्वाती कां सिर नितिन कि छाती पर्र टिकाहुआ थां। नितिन नें स्वाती केँ बालों मे उँगलियाँ फेरते हुए बहोत धीरे-धीरे सें कहा,
“स्वाती। मेरीजान। तूँ मेरी हैं.”
स्वाती नें नितिन कि छाती पर्र सिर रखतेहुए बहोत प्रेम सें फुसफुसाया,
“भैया। मे आपकी हूं। पूरीतरह आपकी। औऱ आप् मेरे……”
प्यास जोँ बढ़ती हि जाये – New Episode
Update 28
नई शुरुआत – स्वाती कि नईभूख
ऑपरेशन रोहन
स्वाति कि किस्सा समाप्त होते हि दफ़्तर कि केबिन मे गहरी खामोशी छा गई।
दोनों सोफे पऱ बैठीथीं। स्वाति औऱ रिया, दोनों कि ऊपरी पोशाकें उतर चुकीथीं। उनकी नंगी ऊपरीदेह एक् दूसरे केँ बहोत लगभग थि।
रिया कि साँसें भारी औऱ अनियमित हौ चुकीथीं। स्वाति कि उस पहलीरात कि कथा नें उसे पूरीतरह मंत्रमुग्ध कर दिया थां। उसके जिस्म मे गर्माहट फैलरही थि।
स्वाति स्वयं चुपथीं। उसकी आँखेनम थि। वोँ बोल नहि पारही थीं।
रिया नें धीरे-धीरे सें उनके लगभग खिसकते हुए फुसफुसाया, “स्वाति मैम…”
स्वाति नें उसकीतरफ देखा।
अगले हि समय रिया नें स्वयं कों स्वाति कि बाहों मे समेट लिया। स्वाति नें भि उसेकस कर पकड़ लिया। दोनों सोफे पर्र एक् दूसरे कि गोद मे खोगईं।
रिया कां नंगा ऊपरी जिस्म स्वाति केँ नंगे जिस्म सें चिपक गय़ा। उनकी नंगी छातियाँ एक् दूसरे सें सटगईं। रिया कों स्वाति कि गरम, नरम त्वचा अपनी छाती पर्र महसूस होँ रही थि।
स्वाति कां एक् हाथ रिया कि नंगीपीठ पर्र आरामसे घूमरहा थां। उँगलियाँ उसकी रीढ़ कि हड्डी कों छूती हुइ नीचे कि तरफजा रहीथीं।
रिया कां हाथ भि स्वाति कि नंगीकमर औऱ पीठ पऱ घूमरहा थां। दोनों कि त्वचा एक् दूसरे सें सटी हुइ थि।
मगर रिया केँ दिमाग़ मे अब स्वाति कि कथा नहि चलरही थि।
उसकेमन मे अपना भइया रोहन आँ गय़ा थां।
वोँ कल्पना करनेलगी, अगर रोहन भइयाउसे ऐसे हि सोफे पऱ अपनी बाहों मे लें… अगर उनकी नंगी छातियाँ मेरी नंगी छाती सें सट जाएँ…अगर रोहन भइया मुझेऐसे हि चूमें… औऱ फिन आरामसे मुझे अपनीबना लें… ठीक वैसे हि जैसे स्वाति मैम नें अपने भइया केँ संग किया थां।
रिया कि साँसें औऱ भि तेज़ होँ गईं। वोँ स्वाति कों औऱ कसकर पकड़ने लगी। उनकी नंगी छातियाँ एक् दूसरे मे दबरही थीं।
स्वाति नें रिया कां चेहरा धीरे-धीरे सें ऊपर उठाया। बिनाकुछ बोले उन्होंने रिया केँ होंठों पर्र अपने होंठरख दिए।
चुम्बन शुरुआत मे धीमा औऱ कोमल थां, मगर जल्द हि गहरा हौ गय़ा। उनकी जीभें आपस मे मिलगईं।
स्वाति रिया कों चूमरही थीं जैसे उन्हें अपनीबना लेना चाहती हों।
रिया कराहउठी औऱ स्वाति कों औऱ जोर सें पकड़ लिया।
उनकी नंगी ऊपरी देहें एक् दूसरे सें रगड़रही थीं। स्वाति कां हाथ रिया कि नंगीपीठ पऱ घूमता हुआ उसकीकमर तक पहुँच गय़ा औऱ उसे औऱ पास खींच लिया।
रिया कि आँखें बंदथीं। उसके होंठ स्वाति केँ होंठों सें चिपके हुए थें, मगर उसकेमन मे रोहन भइया कां चेहरा थां। वोँ कल्पना कररही थि कि रोहन भइयाउसे ऐसे नंगेऊपर सें चूमरहे हें, उनकी नंगी छाती उसकी नंगी छाती सें सटी हुईँ हैं, औऱ वोँ आरामसे उसे अपनीबना रहे हें… ठीक वैसे हि जैसे स्वाति नें अपने भइया केँ संग किया थां।
स्वाति नें आखिरकार होंठअलग किए, मगर अपना माथा रिया केँ माथे सें लगाएरखा।
दोनों भारी-भारी साँसें लेँ रहे थें। उनकी नंगी छातियाँ अभि भि एक् दूसरे सें सटी हुई थीं। स्वाति कि उँगलियाँ रिया केँ नंगे कंधे औऱ पीठ कों सहलारही थीं।
रिया नें धीरे-धीरे सें स्वाति कि नंगी गर्दन पर्र एक् छोटा सां चुम्बन किया औऱ फुसफुसाया, “स्वाति मैम…”
स्वाति नें रिया केँ बालों मे उँगलियाँ घुमाते हुए धीरे-धीरे सें पूछा, “क्याँ सोचरही हौ रिया?”
रिया नें आँखें खोलीं। उसकी आँखें गीलीथीं, मगर उसमें केवल स्वाति कि स्टोरी कां असर नहि थां।।
रिया नें स्वाति केँ कंधे पर्र अपनासिर टिकाए हुए धीरे-धीरे सें पूछा, “ मैम…उस रात कों आप् दोनों नें कितनी बार किया? एक् बार मे हि सभीकुछ हौ गय़ा थां याँ औऱ भि बार…?”
स्वाति नें रिया केँ बालों मे उँगलियाँ घुमाते हुए हल्का सां मुस्कुराया, मगरकुछ बोलीं नहि।
रिया नें औऱ आगे बढ़ते हुए पूछा, “औऱ उसकेबाद? माँ केँ आने केँ बाद आप् दोनों केसे मिलते थें? औऱ क्याँ-क्याँ किया आपने अपने भइया केँ संग? औऱ भि कितनी बार…?”
स्वाति नें रिया कां चेहरा धीरे-धीरे सें ऊपर उठाया औऱ उसके होंठों पऱ एक् लंबा, धीमा चुम्बन किया। चुम्बन ख़त्म होने केँ बाद भि उन्होंने रिया केँ होंठों कों छोड़ते हुए मुस्कुराते हुएकहा, “सभी बताऊंगी रिया… आरामसे। हर एक् बात। मगर अभि नहि। ”
रिया नें थोडा अधीर होकरफिन पूछा, “मगर स्वाति मैम… मे जानना चाहती हूं। आपने औऱ आपके भइया नें क्याँ-क्याँ किया थां…?”
स्वाति नें रिया कों औऱ पास खींच लिया। उनकी नंगी छातियाँ अब औऱ भि ज़्यादा सटगईं। स्वाति नें रिया कि नंगीकमर कों दोनों हाथों सें पकड़ लिया औऱ धीरे-धीरे सें बोलीं, “मे तुम्हें सभीकुछ बताऊंगी रिया। बात हररात कि, हरसमय कि। मगर अभि हम् रोहन पऱ फोकस करेंगे। ”
रिया नें चौंककर स्वाति मैम कि तरफ देखा।
स्वाति मुस्कुराते हुए रिया केँ नंगे कंधे पऱ चुम्बन करती हुइ आगे बोलीं, “क्योंकि अब मात्र रोहन हि तुम्हारी प्यास बुझा सकता हैं रिया… औऱ मेरी भि। ”
रिया कि साँसरुक सि गई। स्वाति नें रिया कि नंगीपीठ पर्र हाथ फिराते हुए धीरे-धीरे सें कहा, “तुम्हें भि वोँ सभी चाहिए नां ? जौ मैंने अपने भइया सें लिया थां… वोँ दर्द, वोँ प्रेम, वोँ गुनाह… वोँ सभी। औऱ रोहन हि वोँ सभी तुम्हें दे सकता हैं। ”
रिया नें स्वाति कि नंगी छाती पर्र अपनागाल टिकाते हुए फुसफुसाया, “स्वाति मैम…मगर…”
स्वाति नें रिया केँ होंठों पर्र फिन सें चुम्बन किया, इस बार थोडा गहरा।
चुम्बन केँ बाद उसने रिया केँ कान मे धीरे-धीरे सें कहा, “मेरेमन मे एक् प्लान हैं रिया। रोहन कों फासने केँ लिए। बस। तुम्।। मुझे भरोसा रखो। ”
रिया नें स्वाति कों औऱ कसकर पकड़ लिया। उनकी नंगी देहें एक् दूसरे सें चिपकी हुई थीं। स्वाति कां हाथ रिया कि नंगी जांघ पऱ घूमरहा थां। औऱ रिया धीरे-धीरे धीरे-धीरे स्वाति केँ बूब्स सहलारही थि।
स्वाति नें रिया केँ बालों मे उँगलियाँ घुमाते हुए मुस्कुराते हुएकहा, “अभि केवल रोहन केँ बारे मे सोचो रिया। बाकीसभी बाद मे। मे तुम्हें हरबात बताऊंगी… मगर पहले हम् रोहन कों समझेंगे। ठीक हैं?”
रिया नें स्वाति मैम कि नंगीपीठ पऱ हाथ फिराते हुए धीरे-धीरे सें सिर हिलाया। उसकेमन मे अब स्वाति कि कथा केँ संग-संग रोहन कां चेहरा भि घूमरहा थां।
स्वाति नें रिया कों गहरे चुम्बन मे डुबो दिया। चुम्बन केँ दौरान उसकां हाथ रिया कि नंगीकमर सें नीचे सरकता हुआ उसकी जांघ पर्र आँ गय़ा। चुम्बन समाप्त होने केँ बाद स्वाति नें रिया केँ कान मे फुसफुसाया, “मे रोहन कों अपनीतरफ खींच लूंगी रिया। मे उसे अपनेपास लाऊंगी… औऱ वोँ मुझे चोदेगा। ”
रिया नें स्वाति कों औऱ कसकर पकड़ लिया। उसकी नंगी छाती स्वाति कि नंगी छाती सें रगड़रही थि।
स्वाति मुस्कुराते हुए रिया केँ नंगे कंधे पर्र चुम्बन करती हुई बोलीं, “औऱ जब वोँ मुझेचोद लेगा…तब मे उसे तुम्हारे पास लाऊंगी। तुम्हें भि वोँ वहीसभी देगा जौ तुम् चाहती हौ। ”
रिया कि आँखें बंद हौ गईं। उसकेमन मे रोहन कां चेहरा घूमरहा थां। स्वाति कां हाथअब रिया कि नंगीकमर कों आरामसे सहलारहा थां।
“स्वाति मैम…” रिया नें काँपती हुई आवाज़ मे कहा, “आप् सच मे ऐसा करेंगी?”
स्वाति नें रिया कां चेहरा दोनों हाथों सें पकड़ लिया औऱ गहरे सें उसकी आँखों मे देखते हुएकहा, “हाँ। मे रोहन कों पहले अपनीतरफ अट्रैक्ट करुँगी। फिन मे उसे तुम्हारे पास लाऊंगी। औऱ तब तुम् कों भि उससे चुदवाउंगी। ”
रिया नें स्वाति कि नंगीपीठ पर्र हाथ फिराते हुएसिर हिलाया। उसकी साँसें बहोत तेज़ हौ चुकीथीं।
स्वाति नें रिया कों फिन सें चूमते हुए धीरे-धीरे सें कहा, “अभि मात्र इतनाजान लो कि मे तुम् दोनों कों एक् दूसरे केँ पास लाने वाली हूं……। तुम् दोनों कां मिलन करवाने वालीहु। रोहन पहले मुझे चोदेगा… औऱ फिन तुम्हें। ”
रिया नें स्वाति कों औऱ जोर सें पकड़ लिया। उनकी नंगी ऊपरी देहें सोफे पर्र एक् दूसरे सें चिपकी हुइ थीं। स्वाति कां हाथ रिया कि नंगीकमर कों सहलाता हुआऊपर कि तरफबढ़ रहा थां।
स्वाति नें रिया केँ कान मे अंतिम बार फुसफुसाया, “बस मुझे भरोसा रखो रिया। मे तुम्हें वोँ सभी दिलवाऊंगी जोँ तुम् चाहती होँ… रोहन केँ संग।
रिया नें चिपककर बोला " मैम।। आप् पे तोँ पूरा भरोसा हैं।। आप् कुछ भि कर सकती हौ पर्र सच्ची मे आप् मुझे रोहन सें.
स्वाति नें उसे चूमते हुएकहा "यस बेबी…। मेरा वादा हैं।। तेरीसील रोहन हि तोड़ेगा।। अब मेरीबात पुरे ध्यान सें सुन
रिया अभि भि स्वाति कि नंगीगोद मे बैठी थि। उनकी नंगी छातियाँ एक् दूसरे सें सटी हुइ थीं। स्वाति कां एक् हाथ रिया कि नंगीपीठ पर्र धीरे धीरेघूम रहा थां।
स्वाति नें रिया केँ बालों मे उँगलियाँ घुमाते हुए धीरे-धीरे सें पूछा, “रोहन कि पढ़ाई कैसीचल रही हैं रिया? उसनेकौन सां कोर्स किया हैं? AI/ML मे उसकी रूचि कितनी हैं?”
रिया नें स्वाति कि नंगी छाती पर्र अपनागाल टिकाए हुए जवाब दिया, “उसने कंप्यूटर साइंस कररखी हैं स्वाति मैम। AI औऱ मशीन लर्निंग उसका सबसे फेवरेट हैं। उसके सारे प्रोजेक्ट्स भि उसी पर्र हैं। ”
स्वाति मुस्कुराईं औऱ रिया केँ नंगे कंधे पर्र चुम्बन करतेहुए आगे पूछा, “उसके स्ट्रांग पॉइंट्स क्याँ हें? कोडिंग अच्छी हैं उसकी?कोई इंटर्नशिप याँ प्रोजेक्ट एक्सपीरिएंस हैं?”
रिया नें सिर हिलाया, “हाँमैम… कोडिंग उसकी बहोत स्ट्रांग हैं। पिछले साल उसने एक् एआयएम् एल कां प्रोजेक्ट किया थां कॉलेज मे। उसे बहोत अच्छा अप्रिसिएशन मिला थां। ”
स्वाति नें रिया कों औऱ पास खींच लिया। उनकी नंगी छातियाँ अब पूरीतरह दबरही थीं। स्वाति नें रिया कि नंगीकमर कों दोनों हाथों सें पकड़ लिया औऱ धीरे-धीरे सें बोलीं, “बहोत अच्छा… तौ सुनो रिया। अब मे तुम्हें अपना प्लान बताती हूं। ”
रिया नें ध्यान सें सुना।
स्वातिने रिया केँ कान मे फुसफुसाते हुएकहा, “मेरी कंपनी मे AI/ML प्रोजेक्ट केँ लिए ट्रेनी डेवलपर कि ओपनिंग आने वाली हैं। औऱ वोँ प्रोजेक्ट मे स्वयं हॅन्डल कररही हूं। मे चाहती हूं कि रोहन अप्लाई करे। ”
रिया नें चौंककर स्वाति कि तरफ देखा।
स्वाति मुस्कुराते हुए रिया केँ नंगे होंठों पऱ उँगली रखतेहुए आगे बोलीं, “तुम् कल रोहन सें बात करोगी। तुम् उसे बताओगी कि तुम्हारी कंपनी मे AI/ML प्रोजेक्ट केँ लिए ट्रेनी कि वेकन्सी हैं। औऱ सबसे इम्पोर्टेन्ट बात — तुम् उसेयह भि बताओगी कि यह प्रोजेक्ट स्वाति मैम हैंडल कररही हें… जोँ कंपनी कि बहोत बड़ी औऱ पावरफुल लीडर हें। ”
रिया नें धीरे-धीरे सें पूछा, “औऱ फिन?”
स्वाति नें रिया कों गहरे चुम्बन मे डुबो दिया। चुम्बन केँ बाद उन्होंने रिया कि नंगीपीठ पऱ हाथ फिराते हुएकहा, “तुम् उसेयह भि बताना कि स्वाति मैम बहोत ब्रिलिएंट औऱ अच्छी हें, मगर जौ अच्छा परफॉर्म करता हैं उसे बहोत सपोर्ट भि करती हें। औऱ यह अपॉरचुनिटी बहोत रेयर हैं। ”
रिया नें सिर हिलाते हुएकहा, “समझ गई स्वाति मैम… मे उसे एक्साइट कर दूंगी….जल्दी अप्लाई करने केँ लिए। ”
स्वाति नें रिया केँ नंगे स्तनों कों हल्के सें छूतेहुए मुस्कुराते हुएकहा, “हाँ…ठीक इसीतरह। उसे बेहद उत्सुक बनाना हैं। उसे लगना चाहिए कि यह अपॉरचुनिटी उसके करियर केँ लिए बहोत जरूरी हैं। औऱ वोँ यह भि जाने कि मे पर्सनली इस प्रोजेक्ट कों देखरही हूं। ”
रिया नें स्वाति कि नंगीकमर कों कसकर पकड़ लिया औऱ फुसफुसाया, “मैम… आप् सच मे रोहन कों कंपनी मे लाना चाहती हें?”
स्वाति नें रिया कों फिन सें चूमते हुए उसकेकान मे धीरे-धीरे सें कहा, “हाँ रिया। मे रोहन कों अपनी कंपनी मे लाऊंगी… फिनउसे अपनेपास लाऊंगी… फिन पलंग पे भि,,,, औऱ उसकेबाद तुम् दोनों कों आपस मे मिलन करवाउंगी। ”
रिया कि साँसें तेज़ हौ गईं।
स्वाति नें रिया केँ बालों मे उँगलियाँ घुमाते हुएअंत मे कहा, “तोँ कल सें ऑपरेशन रोहन शुरुआत। आजरात कों हि।.तुम् रोहन सें बात करोगी औऱ उसे अप्लाई करने केँ लिए रेडी करोगी। बाकीसभी मे हैंडल करूंगी। समझ गई नां?”
रिया नें स्वाति कि नंगी छाती पर्र अपना माथा टिकाते हुए धीरे-धीरे सें कहा, “हाँ स्वाति मैम… मे पूरीतरह सजधजकर हूं। ”
स्वाति नें रिया कों अंतिम बार गहरे चुम्बन मे लिया। दोनों कि नंगी ऊपरी देहें सोफे पऱ एक् दूसरे सें चिपकी हुइ थीं।
रात केँ करीब-करीब १:४५बजे थें। स्वाति अपने बेडरूम मे अकेली लेटी हुईँ थीं। कमरे कि लाइटें बंदथीं, केवल बेडसाइड लैंप कि हल्की रोशनी पड़रही थि। वोँ रात कां गाउन पहनेहुए थीं — जोँ बहुत पतला औऱ पारदर्शी थां। उनके नंगे कंधे औऱ जांघ कां कुछ हिस्सा खुलाहुआ थां।
उसने लैपटॉप खोला औऱ ईमेलचेक किया।
एक् नया ईमेलआया हुआ थां।
सेन्डर : रोहन शर्मा सब्जेक्ट: एआई/एमएल प्रोजेक्ट केँ लिए ट्रेनी डेवलपर पद हेतु आवेदन
स्वाति नें मुस्कुराते हुए ईमेल खोला। रोहन नें रातभर मे हि अपना रिज्यूमे सजधजकर कर लिया थां औऱ भेज दिया थां। रिया नें अपनीबात बहोत अच्छे सें कि थि।
उसने रोहन कां रिज्यूमे ध्यान सें पढ़ा। अच्छा अकादमिक रिकॉर्ड थां, एआई औऱ मशीन लर्निंग पऱ प्रोजेक्ट भि किएहुए थें। स्वाति कि मुस्कान औऱ गहरी हौ गई।
वोँ लैपटॉप बंद करकेबैड पर्र पीठ टिकाकर बैठगईं। उसकेमन मे विचार घूमरहे थें।
“अधिकतर जुड़वाँ भइया-बेहन मे भावनाएँ, पसन्द औऱ नापसंद बहुतहद तक एक् जैसी होती हें…” स्वाती सोचने लगीं।
उसकेमन मे एक् चालाक औऱ कामुक मुस्कान खेल गई।
“रिया तौ मेरेबदन औऱ मेरी खुशबू सें इतनी जल्द प्रभावित हौ गई… मेरीमहक सूँघते हि उसकी साँसें भारी हौ जाती हें। अब तोँ वोँ मेरी बुर केँ आगे करीब-करीब गुलाम बन चुकी हैं। मेरी एक् उँगली सें भि वोँ पिघल जाती हैं। ”
स्वाती कि आँखें थोड़ी संकुचित हौ गईं, जैसेकोई नयाखेल उसके दिमाग़ मे बनरहा हौ।
“अगर रिया इतनी आसानी सें मेरे जिस्म औऱ मेरी मादक खुशबू कि दीवानी बन गई… तौ शायद उसका जुड़वाँ भइया रोहन भि वैसा हि होँ। आखिरकार जुड़वाँ होते हें नाँ… उनकीसोच, उनकी कमजोरियाँ औऱ उनकी इच्छाएँ भि तौ बहुतहद तक एक् जैसी हि होती हें। ”
वो धीरे-धीरे सें अपनी उँगलियों सें अपने बालों कों सहलाते हुए सोचने लगी,
“रोहन भि अगर मेरी खुशबू सूँघे… मेरे जिस्म कों छुए… तौ शायद वोँ भि उसीतरह पिघलजाए। शायद वोँ भि मेरीमहक मे खोजाए औऱ मेरी बुर केँ आगे बेबस होँ जाए…ठीक वैसे हि जैसे उसकी बेहन रिया होँ चुकी हैं। ”
स्वाती केँ होंठों पऱ एक् धीमी, शैतानी मुस्कान फैल गई।
“दोनों जुड़वाँ… मेरे जिस्म केँ आगे घुटने टेकदें… यह सोचकर हि मन मे एक् अलग हि मस्ती हौ रही हैं। ”
स्वाती सोचने लगीं कि अबउसे थोडा औऱ आक्रामक तरीका अपनाना चाहिए… रिया कों फांसने मे जितना समयलगा उतना नहि लगाना चाहिए…… अभि तक तौ उसने रोहन सें मुलाकात भि नहि कि थि, मगर उसकी योजना पहले सें हि साफ थि।
“मुझेउसे साफ संकेत देना होगा कि मे उसे आसानी सें अवेलेबल होँ सकतीहु। केवल इशारों सें काम नहि चलेगा। मुझे अपनी बॉडी लैंग्वेज, नजरों औऱ स्पर्श सें उसेयह अहसास कराना होगा कि मे मात्र उसकीबॉस नहि… बल्कि एक् प्यासी स्त्री भि हूं जौ उसे चाहती हैं। ”
उनके होठों पर्र एक् धीमी, चालाक मुस्कान खेल गई।
“औऱ सबसेखास बात… मेरी खुशबू। ”
स्वाती नें सोचा, “अगर रिया मेरी खुशबू सें इतनी जल्द पिघल गई, तोँ शायद रोहन भि मेरीइस मादकमहक केँ आगे बेबस हौ जाए। मे अपनी बॉडी कों ऐसे सजधजकर करूँगी कि जब वोँ मेरेपास आए, तौ मेरी खुशबू उसे अंदर तक खींच लेँ। मे चाहती हूं कि वोँ मेरीमहक सूँघे औऱ उसे मेरेबदन सें दूर रहना मुश्किल हौ जाए। ”
मगर संग हि उसकेमन मे एक् खतरे कि घंटी भि बजी।
“अगर रोहन कों लग गय़ा कि मे एक् सेक्स हंगरी औऱ चालू किस्म कि स्त्री हूं, जोँ अपनी कंपनी मे काम करने वाली लड़कियों केँ भाइयों कों भि अपनीतरफ खींचरही हैं… तौ वोँ गलतफहमी मे पड़ सकता हैं। शायद वोँ सोचे कि मे एक् बुरी महिला हूं औऱ उसकी मासूम बेहन रिया कों मेरी कंपनी मे, मेरे इतने लगभग नहि रहना चाहिए। ”
स्वाती कि भौंहें हल्की सि सिकुड़ गईं।
“यह खतरा भि हैं… मगरअगर मे सही तरीके सें खेली, तोँ रोहन मेरी खुशबू औऱ मेरेबदन दोनों कां दीवाना बन सकता हैं… ठीक वैसे हि जैसे उसकी बेहन रियाबन चुकी हैं। ”
स्वाति कुछदेर तक सोचती रहीं। उनके होंठों पऱ हल्की मुस्कान थि।
आखिरकार उसने फैसला कर लिया।
“जोखिम तौ लेना हि पड़ेगा…” उसनेमन हि मनकहा, “अगर मे नार्मल औऱ प्रोफेशनल बनीरही तोँ रोहन कों आकर्षित करने मे वक्त लगेगा। मगरअगर मे थोड़ी आक्रामक औऱ सीधे संकेत दूंगी… तौ शायद वोँ जल्दफंस जाए। ”
उसने गहरी साँसली। उनके जिस्म मे एक् हल्की सि गर्माहट महसूस होँ रही थि।
रोहन कि तस्वीर उसकेमन मे घूमरही थि — जवान, फ्रेश, औऱ शायद आसानी सें प्रभावित होने वाला।
स्वाति नें बैड पऱ थोडा औऱ पीछे होकर लेटते हुए सोचा, “कल … मे रोहन कों संकेत देना शुरुआत करूंगी। प्रोफेशनल तौ रहूंगी… मगरसंग हि उसेयह भि एहसास कराऊंगी कि मे उसे एक् प्यासी स्त्री कि नजर सें देखरही हूं। ”
उसके होंठों पऱ फिन सें वोँ हि खतरनाक मुस्कान आँ गई।
“ऑपरेशन रोहन…अब असलीखेल शुरुआत होगा। ”
स्वाति नें लाइटबंद कर दि। अंधेरे मे भि उसकी आँखें चमकरही थीं।
कल वोँ रोहन सें मिलने वालीथीं… औऱ इसबार वोँ केवल एक् प्रोजेक्ट मैनेजर नहि, बल्कि एक् आकर्षक औऱ थोड़ी आक्रामक महिला बनकर मिलने वालीथीं।
थैंकयू इतना प्यारा कमेंट करने केँ लिए , अगला एपसोड औऱ भि हॉट औऱ डिटेल्ड लाने कि कोशिश करूंगी। आपका सपोर्ट जारी रखिएगा… ~ स्वाती
प्यास जोँ बढ़ती हि जाये – New Episode
Update 29
नई शुरुआत – स्वाती कि नईभूख
ऑपरेशन रोहन : इंटरव्यू
अगली सुभह स्वाति नें दफ़्तर जाने केँ लिए सामान्य सें अधिक वक़्त लिया।
वोँ अपने बेडरूम केँ बड़े शीशे केँ सामने खड़ी थि। बाल अभि भि गीले थें।
उसने आहिस्ता तौलिया हटाया औऱ नंगेबदन कों देखा। आज वोँ कुछखास करना चाहती थि।
उसने अलमारी खोली औऱ एक् काला स्लीवलेस टॉप निकाला। टॉप गहरागला वाला थां।
जब उसनेउसे पहना, तोँ उसकी गहरी क्लीवेज साफदिख रही थि।
बाजूकटे होने कि वजह सें उसके बालदार कालेबगल भि खुलकर दिखरहे थें।
स्वाति नें बाजू उठाकर शीशे मे अपनीबगल कों देखा। बाल थोड़े-थोड़े नजर आँ रहे थें। वोँ मुस्कुराई।
“यहठीक रहेगा…” उसनेमन हि मनकहा।
फिन उसने एक् लंबा ओवरकोट निकाला औऱ उसेटॉप केँ ऊपरपहन लिया। ओवरकोट बहुत ढीला थां। अब बाहर् सें कोई भि नहि देख सकता थां कि उसके अंदर क्याँ पहना हैं।
केवलवही जानती थि कि जब चाहेगी, तब ओवरकोट हटाकर रोहन कों अपनीबगल औऱ क्लीवेज दिखा सकती हैं।
उसने डियोडोरेंट औऱ परफ्यूम दोनों लगाने परहेज किया।
उसेपता थां कि दिनभर मे उसकेबदन कि प्राकृतिक खुशबू आरामसे तेज होँ जाएगी। खासकर बगलों कि।
औऱ वोँ चाहती थि कि रोहन कों वोँ गंध महसूस होँ।
स्वाति नें शीशे केँ सामने खड़े होकरकुछ एक्सप्रेशन प्रैक्टिस किए।
पहले उसने हल्का सां स्माइल किया, नरम, मगर आँखों मे कुछ औऱ थां। फिन उसने सीधे आँखों मे देखने वालालुक प्रैक्टिस किया।
उसने एक् बार बाजू थोडा सां उठाया, जैसेकोई फाइल लें रही हौ, ताकिबगल साफ दिखे।
फिन उसने सोचा कि जब रोहन सें बात करेगी तोँ थोडा झुककर बात करेगी, ताकि उसकी क्लीवेज औऱ गहरी दिखे।
स्वाति नें स्वयं कों शीशे मे देखा औऱ संतुष्ट मुस्कान दि।
“आज शुरुआत होगा असलीखेल…” उसने धीरे-धीरे सें कहा।
उसने बालों कों थोडा अस्त-व्यस्त रखा, ताकिलुक ज़्यादा नेचुरल औऱ आकर्षक लगे। ओवरकोट अभि भि पहनेहुए थि, मगर अंदर कां काला स्लीवलेस टॉप उसकेबदन सें चिपका हुआ थां।
स्वाति नें घड़ी देखी। दफ़्तर जाने कां वक़्त हौ रहा थां।
उसने एक् बारफिन शीशे मे अपनीबगल कों देखा, फिन मुस्कुराते हुए सोचा, “रोहन…आज तुम्हें पहलीबार स्वाति केँ खूबसूरती केँ जलवे औऱ उसकी मादक अदाए देखने मिलेगी। बचसको तोँ बचलो। ”
फिन वोँ धीरे धीरे कमरे सें बाहर् निकली।
स्वाति वाहनचला रही थि। दफ़्तर जाने कां मार्ग बहुत खाली थां। अचानक उसकेमन मे रोहन कि तस्वीर घूमने लगी।
उसने कल्पना कि कि रोहन कितना मस्क्युलर बॉडी वाला हैं। उसके चौड़े कंधे, मजबूत छाती, औऱ वोँ मोटी बाहें… स्वाति कि साँसें थोड़ी भारी होँ गईं।
फिन उसकेमन मे रोहन कां बड़ा, खड़ा लन्ड घूमने लगा। वोँ सोचने लगी कि वोँ लन्ड कितना मोटा औऱ गरम होगा… औऱ वोँ उसे मेरीचुत पऱ केसे रगड़ेगा।
स्वाति नें कल्पना कि कि रोहनउसे चूमरहा हैं, उसके नंगे बूब्स दबारहा हैं, औऱ फिन आरामसे अपनी बड़ी उँगलियों सें उसकी काली बालों वाली बगलों कों सहलारहा हैं।
वोँ सोचने लगी कि वोँ उसकी बगलों कों सूँघेगा, चाटेगा, औऱ फिन उसकी पूरी नंगीदेह कों अपनी मांसल जिस्म सें दबाकर चोदेगा।
उसकी कल्पना औऱ गहरी होती गई। स्वाति कि जांघें अनजाने मे सटगईं।
गाड़ी कि सीट पर्र उसकी नितंब थोड़े हिलरहे थें। वोँ सोचरही थि कि रोहन उसकी गहरी क्लीवेज मे अपना मुँह दबाएगा, उसकी बगलों कि खुशबू सूँघेगा, औऱ फिनउसे हचकहचक केँ चोदेगा।
अचानक पीछे सें एक् तेज हॉर्न कि आवाज़ आई।
स्वाति चौंक गई। उसने जल्दी वाहन कां कंट्रोल संभाला औऱ आगे देखा।
हॉर्न मारने वाली व्हीकल आगे निकल गई। स्वाति नें गहरी साँसली औऱ हल्का सां मुस्कुरा दि।
“क्याँ हौ गय़ा मुझे…” उसनेमन हि मनकहा, मगर मुस्कान उसके होंठों सें नहि गई।
उसने गाड़ी कों फिन सें तेज किया औऱ दफ़्तर कि तरफबढ़ गई।
उसने पहले हि सुभह रिया कों मैसेज कर दिया थां।
मैसेज: “रिया, आज तुम्हें दूसरे डिपार्टमेंट सें कुछ जरूरी जानकारी इकट्ठा करनी हैं। यहकाम दोपहर का खाना तक चलेगा। कोई जल्दबाजी नहि हैं। ध्यान सें काम करना। ”
रिया नें जल्दी रिप्लाई किया थां — “ठीक हैं स्वाति मैम। मे दोपहर का खाना तक बिझी रहूंगी। ”
स्वाति नें मैसेज पढ़कर संतुष्ट मुस्कान दि। अब रोहन केँ संग उसकी मुलाकात मे कोई रुकावट नहि आएगी। रिया दोपहर तक दूसरे डिपार्टमेंट मे बिझी रहेगी।
केबिन मे केवल वोँ औऱ रोहन होंगे।
स्वाति नें ओवरकोट अभि भि पहनेरखा थां। अंदर कां काला स्लीवलेस टॉप औऱ उसकी खुली बगलें अभि छुपी हुई थीं।
मगर वोँ जानती थि कि जब टाइम आएगा, तब वोँ ओवरकोट उतारकर रोहन केँ सामने वोँ सभी दिखा देगी।
उसने घड़ी देखी। रोहन केँ आने मे अभि थोडा वक़्त थां।
स्वाति नें अपनी केबिन कि कुर्सी पर्र बैठते हुए सोचा, “आज रोहन कों पहलीबार मेरे सेक्सी शरीर केँ जलवे औऱ यह बगलें देखनी होंगी… औऱ मे उसेयह एहसास कराऊंगी कि मे उसे केवल एक् बॉस कि तरह नहि देखरही हूं। ”
उसके होंठों पऱ फिन सें वोँ हि खतरनाक औऱ सेक्सी मुस्कान आँ गई।
घड़ी मे १०:३०बज रहे थें।
रोहन नें स्वाति कि केबिन कां दरवाजा खटखटाया।
अंदर स्वाति अपनी कुर्सी पर्र बैठी हुइ थीं।
ओवरकोट अभि भि उनके कंधों पऱ थां। जैसे हि दरवाजे कि आवाज़ आई, स्वाति नें ऊपर देखा।
दरवाजा खुलते हि रोहन अंदरआया।
स्वाति नें उसे एक् लम्हा केँ लिए सीधे घूरा। उसकी नजरें रोहन केँ चेहरे सें उतरकर उसके चौड़े कंधों पर्र, फिन उसकी छाती पऱ औऱ फिन नीचे उसकी जांघों तक चलीगईं।
कुछ सेकंड केँ लिए उनकी आँखों मे एक् साफ, सेक्सी भूख दिखाई दि।
जैसे वोँ पहले सें हि कल्पना कररही हों कि यह जवान लौंडा उसे केसे चोदेगा।
फिन स्वाति नें हल्का सां मुस्कुराते हुएकहा, “अंदरआओ रोहन। ”
रोहन नें “थैंकयू मैम”कहा औऱ अंदरआकर कुर्सी केँ सामने खड़ा होँ गय़ा।
स्वाति नें धीरे-धीरे सें ओवरकोट केँ बटन खोले औऱ उसे उतारकर कुर्सी केँ पीछे टांग दिया।
अब उसका काला स्लीवलेस टॉप पूरीतरह दिखरहा थां।
गहरागला औऱ कटेहुए बाजू, उसकी गहरी क्लीवेज औऱ बालों वाली काली बगलें साफनजर आँ रहीथीं।
रोहन नें अनजाने मे उनकीबगल कि तरफ एक् नजर डाली, फिन जल्दी आँखें हटालीं।
स्वाति नें उसे बैठने कां इशारा किया औऱ सीधे इंटरव्यू शुरुआत कर दिया।
“तोँ रोहन, बताओ… तुमने कंप्यूटर साइंस मे ग्रेजुएशन किया हैं। AI औऱ मशीन लर्निंग मे तुम्हारी दिलचस्पी क्यूं हैं?”
रोहन नें थोडा नर्वस होकर जवाब देना शुरुआत किया। स्वाति ध्यान सें सुनरही थीं, मगर उसकी नजरें ….बार-बार रोहन केँ होंठों औऱ उसकेगले पर्र जारही थीं।
जब रोहन अपने पिछले प्रोजेक्ट केँ बारे मे बतारहा थां, स्वाति नें थोडा आगे झुककर पूछा,
“औऱ वोँ प्रोजेक्ट कितना बड़ा थां? ……कितने लोगों कि टीम थि?”
जैसे हि स्वाति आगे झुकीं, उनका गहरागला औऱ नीचे खिसक गय़ा।
रोहन कि नजर अनजाने मे उनकी क्लीवेज पऱ चली गई।
स्वाति नें यहदेख लिया, मगर कुछ नहि बोलीं। बस हल्का सां मुस्कुरा दिया औऱ सीधे हौ गईं।
फिन स्वाति नें स्ट्रेच करने केँ बहनेसे(जैसे उसकाहाथ पड़ेपड़े अकड़ा हौ) …….अपना दाहिना बाजू थोडा ऊपर उठाया।
उसकी काली बालों वालीबगल साफदिख गई। रोहनफिन सें एक् समय केँ लिए वहीं देखने लगा।
स्वाति नें जानबूझकर कुछदेर तक उसी पोजीशन मे रखा, फिन धीरे-धीरे सें बाजू नीचे किया औऱ बोलीं,
“तुम्हें लगता हैं कि तुम् इस प्रोजेक्ट मे अच्छा योगदान दे पाओगे?”
रोहन नें निगलते हुए जवाब दिया, “हाँ मैम… मे पूरी मेहनत करूँगा। ”
स्वाति नें कुर्सी पऱ थोडा औऱ धीरे-धीरे बैठते हुएकहा, “मेहनत तौ करनी हि पड़ेगी रोहन। यह प्रोजेक्ट आसान नहि हैं। मुझेऐसे लोग चाहिए जोँ मेरेसंग लंबे वक़्त तक… क्लोजली कामकर सकें। ”
उन्होंने अंतिम शब्द “क्लोजली” पऱ थोडा जोर दिया औऱ रोहन कि आँखों मे सीधे देखा।
रोहन कि साँस थोड़ी तेज हौ गई थि।
स्वाति नें फिन सें मुस्कुराते हुए पूछा, “तोँ बताओ… तुम् मेरेसंग काम करने केँ लिए कितने सजधजकर हौ?”
रोहन थोडा नर्वस हौ रहा थां। उसकी आवाज़ मे हल्का कंपन थां औऱ वोँ बार-बार स्वाति कि आँखों सें नजरें चुरारहा थां।
स्वाति नें यहदेख लिया।
उसने धीरे-धीरे सें उठकर पानी कि बोतल उठाई औऱ रोहन केँ सामने रखतेहुए सेक्सी मुस्कान केँ संग बोलीं, “धीरे-धीरे बैठो रोहन। टेंशन मतलो। पानीपी लो। ”
रोहन नें शुक्रिया कहा औऱ पानी पिया। स्वाति नें उसे देखते हुएफिन सें मुस्कुराया। उसकी नजरें रोहन केँ होंठों पऱ टिकी हुई थीं।
थोड़ी देरबाद स्वाति नें कहा, “चलो, यहा कुर्सी पर्र बैठे-बैठे थोडा फॉर्मल होँ रहा हैं। सोफे पर्र आँ जाओ। मे तुमसे कुछ प्रैक्टिकल प्रश्न पूछना चाहती हूं औऱ छोटा सां डेमो भि देख्ना हैं। ”
रोहन नें सिर हिलाया औऱ दोनों सोफे पर्र साइडबाय साइडबैठ गए।
स्वाति कां काला स्लीवलेस टॉपअब औऱ भि साफदिख रहा थां। उसकी गहरी क्लीवेज औऱ बालों वाली कालीबगल रोहन केँ बहोत लगभगथीं।
स्वाति नें एक् फाइल खोली औऱ बोलीं, “तोँ रोहन, बताओ…अगर प्रोजेक्ट मे बहोत प्रेशर होँ, …। डेडलाइन टाइट हौ, … तोँ तुम् केसे हैंडल करोगे?”
रोहन जवाब देनेलगा, मगर स्वाति नें बीच मे हि हल्का सां आगे झुकते हुए पूछा, “मतलब… तुम् प्रेशर मे भि लंबे टाइम तक… अच्छा परफॉर्म कर पाओगे नां?”
रोहन नें निगलते हुएकहा, “हाँमैम… मे कोशिश करूँगा। ”
स्वाति मुस्कुराईं औऱ फिन बोलीं, “यह प्रोजेक्ट ऐसा हैं कि हमें बहोत क्लोजली काम करना पड़ेगा। मतलब… एक्-दूसरे केँ बहोत पास। कभी-कभी लेट नाइट भि। तुम्हें कोई प्रॉब्लम तोँ नहि होगी?”
रोहन नें सिर हिलाया, “नहि मैम। ”
स्वाति नें अब औऱ लगभग बैठते हुएकहा, “अच्छा। अबमान लो कि कोई कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम आँ जाए… तौ तुम्हें अंदर तक जानां पड़ेगा। मतलब… डीपली समझना पड़ेगा। क्याँ तुम् ऐसाकर पाओगे?”
रोहन कि साँस थोड़ी तेज हौ गई। स्वाति कि बगलअब उसके बहोत पास थि। उसकी प्राकृतिक गंध आहिस्ता फैलरही थि।
स्वाति नें एक् पेन उठाने केँ बहाने अपना दाहिना बाजू थोडा ऊपर किया। उसकी काली बालों वालीबगल साफदिख गई। रोहन कि नजरफिन वहींचली गई।
स्वाति नें जानबूझकर कुछ सेकंड तक उसी पोजीशन मे रखा, फिन धीरे-धीरे सें बाजू नीचे किया औऱ बोलीं, “तुम्हें लगता हैं कि तुम् इतनाडीप जा पाओगे… प्रोजेक्ट मे?”
रोहन नें हाँकहा, मगर उसकी आवाज़ थोड़ी काँपरही थि।
स्वाति नें अब सीधे उसकी आँखों मे देखते हुएकहा, “अच्छा। एक् औऱ बात…अगर मे तुम्हें कुछ पर्सनल गाइडेंस दूँ, तोँ तुम् उसे फॉलो करोगे? बिना किसी हिचकिचाहट केँ?”
रोहन नें सिर हिलाया, “हाँमैम। ”
स्वाति नें हल्का सां आगे झुकते हुए, अपनी क्लीवेज औऱ भि ज़्यादा दिखाते हुए धीरे-धीरे सें कहा, “बहोत अच्छा। मुझेऐसे हि लोग चाहिए… जोँ मेरीहर बात मानें… औऱ मेरेसंग पूरीतरह… कमिटेड रहें। ”
फिन स्वाति नें मुस्कुराते हुएकहा, “चलो, अब थोडा प्रैक्टिकल देखते हें। ”
उन्होंने लैपटॉप खोला औऱ रोहन केँ पास औऱ लगभग आँ गईं। उसकीबगल अब रोहन केँ कंधे केँ बहोत पास थि।
“यह देखो…इस कोड मे क्याँ गलती हैं? मुझे दिखाओ। ”
जब रोहन स्क्रीन कि तरफ झुका, स्वाति नें जानबूझकर अपनाबदन औऱ भि पासकर लिया। उसकीगरम साँस रोहन केँ कान केँ पास आँ गई।
स्वाति नें धीरे-धीरे सें कहा, “ध्यान सें देखो रोहन… बहोत क्लोजली… अंदर तक देख्ना पड़ेगा। ”
इस एक्ट सें रोहन थोड़ा हड़बड़ाया
स्वाति कि सेक्सी सेडक्टिव कां असर।। उसके पैंट मे आये उभार केँ रूप मे दिखरहा थां।
स्वाति अपनी कामयाबी पर्र मन हि मन बहुतखुश हुईं।
इंटरव्यू अब ख़त्म होने वाला थां।
स्वाति नें लैपटॉप बंद किया औऱ रोहन कि तरफ मुड़कर बैठगईं।
सोफे पर्र दोनों केँ बीच कि दूरीअब बहोत कमरह गई थि।
स्वाति कां काला स्लीवलेस टॉप पूरीतरह खुलाहुआ थां। उनकी गहरी क्लीवेज औऱ बालों वाली कालीबगल रोहन केँ बहोत लगभगथीं। दिनभर कि उनकी प्राकृतिक गंधअब बहुततेज होँ चुकी थि, गरम, भारी औऱ सेक्सी।
स्वाति नें रोहन कि आँखों मे सीधे देखते हुए धीरे-धीरे सें कहा,
“रोहन… इंटरव्यू समाप्त। ”
रोहन नें सिर उठाकर उनकीतरफ देखा।
स्वाति नें एक् सेक्सी मुस्कान केँ संगआगे कहा,
“मे तुम्हें यह नौकरी ऑफरकर रही हूं। अच्छा पैकेज, अच्छी पोजीशन, औऱ यह प्रोजेक्ट भि मे पर्सनली हैंडल कररही हूं। मगर…यह ऑफर नॉर्मल नहि हैं। ”
रोहन नें हैरानी सें उनकीतरफ देखा।
"वैसे तोँ यह वेकन्सी ट्रेनी डेवलपर कि हैं, जसका स्टायपेंड २० हजार हैं। पर्र मात्र तुम्हारे लिए ….मे इसे AI/ML डेवलपर कि पोस्ट औऱ ६० हजार कि सैलरी वालीकर रहीहु "
स्वाति नें थोडा औऱ पासआते हुए, अपनीबगल कों जानबूझकर उसके चेहरे केँ लगभग लेँ जातेहुए कहा,
“मुझे तुम् पसन्द हौ रोहन। बहोत पसन्द होँ। इसलिये मे यहऑफर देरही हूं। ”
उनकी आवाज़ अब धीमी औऱ भारी हौ गई थि।
“मुझेऐसे लोग चाहिए जोँ मेरीहर बात बिना प्रश्न किए मानें। जौ मेरेसंग पूरीतरह कमिटेड रहें। जौ ब्लाइंडली मेरे ऑर्डर फॉलो करें। ”
स्वाति नें रोहन कां हाथ अपनेहाथ मे लें लिया। उसकी उँगलियाँ रोहन कि हथेली पर्र आरामसे घूमरही थीं।
“तुममें वोँ बात हैं। मे देख सकती हूं। तुम् मेरेलिए परफेक्ट हौ। ”
उन्होंने रोहन केँ कान केँ पास झुकते हुए फुसफुसाया,
“इसलिये मे तुम्हें यहऑफर देरही हूं… मगरयाद रखना, यह ऑफर केवल नौकरी कां नहि हैं। यह मेरेसंग काम करने कां हैं… मेरेसंग क्लोजली, मेरेसंग डीपली… औऱ मेरेहर ऑर्डर कों बिना किसी हिचकिचाहट केँ मानने कां। ”
स्वाति नें अब अपनीबगल कों औऱ भि पासकर लिया। रोहन कि नाकअब उनकीगरम बगल केँ बहोत लगभग थि। उनकी प्राकृतिक, भारीगंध रोहन केँ चेहरे पऱ फैलरही थि।
“अगर तुम् यहऑफर स्वीकार करते हौ… तौ इसका मतलब हैं कि तुम् मेरे होँ………… मेरे प्रोजेक्ट केँ भि… औऱ मेरे भि। ”
स्वाति नें रोहन केँ कान मे धीरे-धीरे सें कहा,
“तुम्हें मेरीहर बात माननी होगी। जब मे कहूँ कि कुछकरो… तोँ तुम् बिना सोचे करोगे।
जब मे कहूँ कि पासआओ… तोँ तुम् पास आओगे।
जब मे कहूँ कि गहराई तक जानां हैं… तोँ तुम् गहराई तक जाओगे। ”
उनके होंठअब रोहन केँ कान कों छूरहे थें।
“क्याँ तुम् यहसभी कर पाओगे रोहन?”
रोहन कि साँसें बहोत तेज हौ चुकीथीं। वोँ कुछबोल नहि पारहा थां।
स्वाति नें हल्का सां मुस्कुराते हुएकहा,
“मुझे लगता हैं… तुम् कर पाओगे। क्योंकि मे देखरही हूं… तुम्हारी आँखों मे वोँ भूख हैं। वहीभूख जौ मे चाहती हूं। ”
उन्होंने रोहन कां हाथ थोडा औऱ कसकर पकड़ लिया औऱ अंतिम बार धीरे-धीरे सें बोलीं,
“तौ कहो… क्याँ तुम् यहऑफर स्वीकार करते होँ? औऱ मेरेसंग… पूरीतरह कमिटेड होकरकाम करने केँ लिए रेडी हौ?”
रोहन जौ स्वाति केँ जलवो सें पूरीतरह मंत्रमुग्ध हौ चूका थां। उसने हामीभरी।
रोहन स्वाति कि केबिन सें बाहर् निकला।
दरवाजा बंद होते हि वोँ आहिस्ता कॉरिडोर मे चलनेलगा। उसकेकदम थोड़े धीमे थें।
मन मे कुछ अजीब सां घुमरहा थां।
वोँ स्वाति केँ बारे मे सोचरहा थां।
उसेयाद आँ रहा थां कि स्वाति कितनी हसीनथीं।
उसका काला स्लीवलेस टॉप, गहरी क्लीवेज, औऱ वोँ काली बालों वाली बगलें… सभीकुछ उसके दिमाग़ मे घूमरहा थां।
उसकी, जिस्म कि गरम, भारी खुशबू अभि भि उसकीनाक मे महसूस होँ रही थि। वोँ खुशबू सामान्य परफ्यूम जैसी नहि थि। वोँ महिला कि असली, सेक्सी खुशबू थि, जौ औऱ भि ज़्यादा आकर्षक लगरही थि।
रोहनसोच रहा थां कि स्वाति कि आवाज़ कितनी सेक्सी थि। जब वोँ धीरे-धीरे सें बोलरही थीं, तौ उनकी आवाज़ मे कुछऐसा थां जोँ सीधे उसके जिस्म मे उतररहा थां।
उनकी बातें, उनकेडबल मीनिंग वाले शब्द…सभी कुछ उसके दिमाग़ मे बार-बार घूमरहा थां।
“मुझेऐसे लोग चाहिए जौ मेरीहर बात बिना प्रश्न किए मानें… जौ मेरेसंग पूरीतरह कमिटेड रहें…”
“जब मे कहूँ कि गहराई तक जानां हैं… तोँ तुम् गहराई तक जाओगे…”
रोहन नें महसूस किया कि स्वाति केवल नौकरी ऑफर नहि देरही थीं।
वोँ उससेकुछ औऱ चाहती थीं…….कुछ स्पेशल…… कुछ पर्सनल।
उनकी आँखों मे, उनके स्पर्श मे, औऱ उनकी बातों मे वोँ भूखसाफ दिखरही थि।
उसकेमन मे अचानक एक् कल्पना आँ गई।
वोँ सोचने लगा कि अगर स्वाति उसेचूम रहीहों… उनकीनरम होंठ उसके होंठों पर्र… उनकीगरम साँस उसके चेहरे पर्र… औऱ वोँ अपनीबगल कों उसके चेहरे केँ पास लेँ जारही हों, ताकि वोँ उनकी खुशबू सूँघसके।
रोहन कि साँसें अनजाने मे थोड़ी तेज होँ गईं।
वोँ अभि भि कॉरिडोर मे चलरहा थां, मगर उसका दिमाग़ पूरीतरह स्वाति मे खोयाहुआ थां।
अचानक सामने सें एक् कर्मचारी निकला औऱ रोहन सें टकरा गय़ा।
“ओह सॉरी…” रोहन नें जल्दी कहा औऱ रुक गय़ा।
वोँ चौंककर ….कल्पनाओ कि दुनियासे बाहर् मे वापस आँ गय़ा।
फिन वोँ धीरे-धीरे सें मुस्कुरा दिया।
एक् गहरी, संतुष्ट मुस्कान उसके चेहरे पर्र फैल गई।
वोँ फिन सें चलनेलगा, मगरअब उसके कदमों मे हल्कापन थां। मन मे एक् अजीब सि खुशी औऱ उत्साह थां।
“स्वाति मैम…” उसनेमन हि मनकहा, “तुम् सच मे कुछअलग चाहती हौ नां… मुझसे?”
औऱ वोँ फिन मुस्कुरा दिया।
इंटरव्यू ख़त्म होते हि स्वाति नें जल्दी hour कों ईमेलभेज दिया।
Subject: Immediate Recommendation – Rohan Sharma for AI/ML Developer Position
ईमेल मे उन्होंने साफ लिखा कि रोहन कों 60, 000 रुपये प्रति माह केँ पैकेज पर्र जल्दी जॉइनिंग केँ संग AI/ML प्रोजेक्ट मे लें लियाजाए। चूंकि स्वाति स्वयं उस प्रोजेक्ट कि हेडथीं, इसलिये hour नें बिना किसी देरी केँ ऑफर लेटर रेडीकर लिया औऱ सीधे रोहन केँ ईमेल पऱ भेज दिया।
रोहनघऱ पहुँचने हि वाला थां ….कि उसके मोबाइल सें नई ईमेल कां टोनबजा.
बाइक पार्क करके……… उसने जल्दी अपने मोबाईल पे मेलचेक किया।
ईमेलआया हुआ थां।
Subject: Offer Letter – AI/ML Developer Position
रोहन नें ईमेल खोला। जैसे हि उसने 60K पैकेज औऱ इमीजिएट जॉयनिंग देखा, उसके चेहरे पऱ चौड़ी मुस्कान फैल गई।
“वाउ…” उसने धीरे-धीरे सें कहा।
वोँ मोबाइल नीचे रखकर आँखें बंदकर ली। उसके दिमाग़ मे जल्दी स्वाति कि तस्वीर घूम गई — उनका काला स्लीवलेस टॉप, गहरी क्लीवेज, औऱ वोँ काली बालों वाली बगलें। उनकी सेक्सी आवाज़, उनकी मुस्कान, औऱ वोँ भारी खुशबू… सभीकुछ एक् संग उसके सामने आँ गय़ा।
रोहन नें हल्का सां मुस्कुराते हुए सोचा, “स्वाति मैम…सच मे कुछअलग चाहती हें मुझसे। ”
कुछदेर बाद रिया वापस स्वाति कि केबिन मे आई।
दोनों सोफे पऱ बैठगईं। रिया नें पूछा, “स्वाति मैम… रोहन कां इंटरव्यू कैसारहा?”
स्वाति नें धीरे-धीरे सोफे पऱ बैठते हुए मुस्कुराते हुएकहा, “बहोत अच्छा रहा। मैंने उसे जल्दी ऑफरदे दिया हैं। 60K पैकेज औऱ इमीडिएट जॉइनिंग। ”
रिया कि आँखें थोड़ी चौड़ी हौ गईं।
स्वाति नें रिया कि तरफ देखते हुएआगे कहा, “वोँ नर्वस थां… मगर मुझे पसन्द आया। मैंने उसेसाफ संकेत भि दिए कि यहऑफर नॉर्मल नहि हैं। ”
रिया नें थोडा शर्मा कर पूछा, “मतलब…?”
स्वाति नें रिया केँ बालों मे उँगलियाँ घुमाते हुए धीरे-धीरे सें कहा, “मतलब वोँ शायदसमझ गय़ा कि मे उसे मात्र नौकरी नहि देरही… कुछ औऱ भि चाहती हूं। ”
रियाचुप रही।
स्वाति नें रिया कां चेहरा अपनेहाथ मे लेकर गंभीर मगर सेक्सी लहजे मे कहा,
“रिया…आज रातजब रोहन सोचेगा… तोँ उसके दिमाग़ मे मेरे बारे मे क्याँ आएगा, यह मुझे बताना। वोँ मेरी बॉडी केँ बारे मे सोचेगा याँ मेरी बगलों केँ बारे मे… याँ मेरी बातों केँ बारे मे… सभीकुछ मुझे डिटेल मे बताना। ”
रिया नें थोडा झिझकते हुएसिर हिलाया।
स्वाति नें रिया केँ होंठों पर्र हल्का सां चुम्बन किया औऱ फुसफुसाया, “समझ गई नां? आजरात रोहन मेरे बारे मे जोँ भि सोचेगा… वोँ सभी मुझे बताना हैं। ”
सामढल चुकी थि। रियाघऱ पहुँचते हि बैग फेंककर सीधे लिविंग रूम मे आई। मां शहर सें बाहर् थीं, इसलिये घऱ मे केवल वोँ औऱ रोहन थें।
रोहन सोफे पर्र लेटाहुआ मोबाइल स्क्रॉल कररहा थां। रिया उसकेपास आकरबैठ गई औऱ उसके कंधे पऱ हल्का सां हाथ रखकर मुस्कुराई।
“भैया, आज इंटरव्यू कैसारहा? स्वाति मैम नें क्याँ पूछा? तूँ घबरा तौ नहि गय़ा थां?” रिया नें उत्सुकता सें पूछा, मगर उसकी आवाज़ मे हल्का सां चिढ़ाने वाला लहजा थां।
रोहन नें मोबाइल नीचेरखा औऱ हँसते हुए उसकीतरफ देखा। “घबरा तोँ गय़ा थां शुरुआत मे। मगर स्वाति मैम नें स्वयं पानी दिया औऱ बोला — ‘धीरे-धीरे बैठो रोहन, टेंशन मतलो। ’ उनकीबात करने कां तरीका हि अलग थां। जैसे वोँ केवल प्रश्न नहि पूछरही थीं, बल्कि मुझे…परख रहीथीं। ”
रिया नें रोहन केँ कंधे पऱ हल्का सां दबाव बढ़ाते हुए पूछा, “औऱ वोँ स्वयं कैसीलग रहीथीं? बताओ नां… उनकी स्टाइल, उनका अंदाज… मुझेसभी जानना हैं। वोँ मेरी भि मैम हें औऱ तुम्हारी भि बॉस बनने वाली हें। दोनों भइया-बेहन एक् हि स्त्री केँ अधीन… मजेदार नहि लगरहा?”
रोहन नें हल्का सां हँसकर रिया केँ बालों कों उलझाया, “हाँ, मजेदार तोँ हैं। स्वाति मैम बहोत कॉन्फिडेंट हें। जब वोँ बात करती हें तोँ लगता हैं कि वोँ मात्र काम कि बात नहि कररही हें। उनकी आँखें… बहोत गहरी हें। औऱ उनकालुक… स्लीवलेस टॉप मे वोँ बहुत… प्रभावशाली लगरही थीं। ”
रिया नें रोहन कि जांघ पऱ हल्का सां हाथ रखतेहुए औऱ लगभगसरक आई, “प्रभावशाली? मतलब? उनकी मुस्कान? उनकी आवाज़? याँ कुछ औऱ भि? भैया, छुपामत रखो। मुझे पूरा डिटेल बताओ। स्वाति मैम नें तुम्हें इम्प्रेस किया नाँ?”
रोहन नें रिया कों देखकर हल्का सां मुस्कुराया। दोनों कि उम्र करीब एक् जैसी थि, इसलिये बातें खुलकर होतीथीं, मगरकुछ बातें दोनों हि छुपाए रखते थें।
“हाँ… इम्प्रेस तौ किया। उनकी आवाज़ नरम थि, मगर उसमें कुछऐसा थां जौ ध्यान खींच लेता हैं। औऱ जब वोँ आगे झुकीं तोँ… उनका अंदाज हि अलग थां। लगता थां वोँ मुझे मात्र नौकरी नहि, कुछ औऱ भि ऑफरकर रही हें। ”
रिया नें हल्के सें चिढ़ाते हुएकहा, “कुछ औऱ भि? वाउ भैया! मतलब स्वाति मैम तुम्हें मनपसंद करनेलगी हें? अब तुम् रोज उनकेपास बैठोगे, उनकी बातें सुनोगे, उनकी कंपनी मे काम करोगे। मुझे तोँ जलन हौ रही हैं। ”
रोहन नें रिया केँ कंधे पर्र हाथ रखतेहुए हँसा, “जलन? तूँ तोँ पहले सें हि उनकी फेवरेट इंटर्न हैं। अब मे भि उनकेसंग काम करूँगा। शायद हम् तीनों कों संग मे हि प्रोजेक्ट करना पड़े। ”
रिया नें रोहन कि जांघ पऱ हल्का सां दबाव बढ़ाते हुए धीरे-धीरे सें पूछा, “औऱ तुम्हें कैसालगा? स्वाति मैम केँ संगकाम करने कां ख्याल… अच्छा लगरहा हैं नाँ? उनकी कंपनी, उनका प्रोजेक्ट, उनकी… पर्सनलिटी?”
रोहन नें एक् लम्हा रुककर कहा, “हाँ… अच्छा लगरहा हैं। वोँ बहोत स्पेशल लगती हें। जैसे वोँ केवलबॉस नहि, कुछ औऱ भि हें। ”
दोनों केँ बीच हल्की सि खामोशी छा गई। बाहर् सें तौ सामान्य भइया-बेहन कि बातें थीं, मगर अंदर दोनों केँ मन मे स्वाति कां ख्याल घूमरहा थां — गरम, छुपाहुआ औऱ हल्का-हल्का आकर्षण।
रिया नें मुस्कुराते हुएकहा, “अच्छा भैया… आजरात अगर स्वाति मैम केँ बारे मे कुछ सोचो तोँ मुझे जरूर बताना। ”
रोहन नें हँसकर रिया केँ सिर पर्र हल्का सां थपकी दि, “पागल… तूँ आज बहोत curious होँ रही हैं।
दोनों केँ बीचफिन सें हल्की सि खामोशी छा गई। बाहर् सें तौ सामान्य भइया-बेहन कि बातें थीं, मगर अंदर दोनों केँ मन मे स्वाति कां ख्याल घूमरहा थां — गरम, छुपाहुआ औऱ खतरनाक।
रिया नें रोहन कि जांघ पर्र अपनाहाथ औऱ थोडा सां दबाते हुए धीरे-धीरे सें बोलीं, “भैया… स्वाति मैमसच मे कमाल कि हें नां? उनकी व्यक्तित्व… वोँ कॉन्फिडेंस… उनका स्टाइल… मुझे तोँ रोज देखकर लगता हैं कि वोँ केवलबॉस नहि, कुछ औऱ भि हें। उनकी ड्रेसिंग सेंस बहोत क्लासी हैं, आजकल जोँ स्लीवलेस टॉप पहनती हें नां… बहोत सूट करता हैं। उनकी आवाज़ सुनते हि मन शांत होँ जाता हैं, मगरसंग मे कुछगरम भि लगता हैं। औऱ उनकी खुशबू… वोँ उनकी अपनी बॉडी कि खुशबू… बहोत अनोखी औऱ आकर्षक हैं। ”
रोहन नें रिया कों देखकर हल्का सां सिर हिलाया, “हाँ… तूँ सहीकह रही हैं। स्वाति मैम कि शख्सियत सच मे बहोत स्ट्रॉंग हैं। उनकी ड्रेसिंग, उनका अंदाज, उनकी आवाज़… सभीकुछ अलग हैं। औऱ हाँ, उनकी खुशबू भि… बहोत यादरह जाती हैं। ”
रिया नें रोहन कि जांघ पऱ हल्का सां दबाव बढ़ाते हुए चिढ़ाई, “यादरह जाती हैं? मतलब भैया, स्वाति मैम तुम्हारे मन मे घुस गई हें? अब वोँ मेरीबॉस हें औऱ तुम्हारी भि बनने वाली हें। दोनों भइया-बेहन एक् हि स्त्री केँ अधीन… मज़ा आएगा नाँ? याँ फिन तुम् स्वाति मैम कों मात्र बॉस केँ रूप मे नहि देखरहे हौ… कुछ औऱ भि सोचरहे होँ?”
रोहन नें हँसते हुए रिया केँ बालों कों उलझाया, मगर उसकी नजरें थोड़ी शरमाई हुई थीं, “अरे पागल… तुँ आज बहोत शैतान होँ गई हैं। स्वाति मैम बहोत इम्प्रेसिव हें। उनकी शख्सियत, उनका स्टाइल, सभीकुछ अच्छा लगता हैं। मगरबॉस हि हें नां। ”
रिया नें रोहन केँ कान केँ पास झुकते हुए फुसफुसाया, “बॉस हि हें? सचकहो भैया… जब स्वाति मैमआगे झुकी होंगी तोँ तुमने मात्र उनकी आँखें देखीं याँ… कुछ औऱ भि? उनकी खुशबू सूँघकर तुम्हें क्याँ लगा? कि वोँ केवल इंटरव्यू लें रही हें याँ… तुम्हें कुछ स्पेशल ऑफरकर रही हें?”
रोहन नें रिया कों देखकर हल्का सां मुस्कुराया, “तूँ बहोत curious होँ रही हैं रिया। हाँ… स्वाति मैमकुछ अलग लगती हें। मगर मे क्याँ सोचूँ? वोँ मेरीबॉस बनने वाली हें। ”
रिया नें रोहन कि जांघ पऱ हाथ रखतेहुए औऱ लगभगआकर धीरे-धीरे सें बोलीं, “बॉस बनने वाली हें… मगर भैया, तुम्हारी आँखों मे कुछ औऱ भि दिखरहा हैं। स्वाति मैम कि शख्सियत, उनका स्टाइल, उनकी खुशबू… सभीकुछ तुम्हें पसन्द आँ गय़ा हैं नां? कहो नां… तुम् स्वाति मैम कों केवलबॉस केँ रूप मे देखरहे होँ याँ… कुछ औऱ भि?”
रोहन नें रिया कों देखकर हँसते हुएकहा, “तूँ आज बहोत पूछरही हैं। हाँ… स्वाति मैम बहोत स्पेशल लगती हें। मगर अभि तोँ बस नौकरी हैं। बाकीबाद मे देखेंगे। ”
रिया नें मुस्कुराते हुए रोहन केँ कंधे पर्र सिर टिकाया औऱ धीरे-धीरे सें बोलि, “बाद मे देखेंगे? ठीक हैं भैया… मगर मुझे तोँ लगता हैं कि स्वाति मैम तुम्हें मात्र नौकरी नहि, कुछ स्पेशल भि देना चाहती हें। ”
दोनों केँ बीचफिन सें हल्की सि खामोशी छा गई। घऱ मे केवल दोनों हि थें, औऱ हवा मे एक् गरम, छुपाहुआ तनाव थां।
रोहन रिया कि बातें सुनकर अंदर सें बहोत खुश थां। उसके चेहरे पर्र मुस्कान थि, मगर आँखों मे कुछ औऱ भि चमकरहा थां। स्वाति केँ बारे मे सोचकर उसकेमन मे एक् अजीब सि उत्तेजना उठरही थि — जैसेकोई नया दरवाजा खुल गय़ा होँ।
रिया चुपचाप उसेदेख रही थि। वोँ जानती थि कि स्वाति मैम नें रोहन कों पहले हि प्रभावित कर लिया हैं।
रोहन नें सोफे पऱ आहिस्ता पीछेटेक लगाते हुएकहा, “रिया, स्वाति मैमसच मे बहोत स्पेशल लगती हें। उनकाऑफर… 60K पैकेज औऱ इमीडिएट जॉइनिंग… मैंने सोचा भि नहि थां। ”
रिया नें हल्का सां मुस्कुराते हुए पूछा, “तौ भैया, अब तुम् स्वाति मैम केँ संगकाम करोगे। उन्हें अच्छे सें इम्प्रेस रखना। वोँ बहोत स्ट्रिक्ट भि हें, मगर बहोत सपोर्टिव भि। ”
रोहन नें आँखें बंदकर लीं। उसके दिमाग़ मे स्वाति कि तस्वीर घूमरही थि — उनकी गहरीनजर, उनकी सेक्सी मुस्कान, उनका स्टाइल। वोँ सोचरहा थां कि स्वाति उसे क्याँ-क्याँ ऑफर करेंगी… केवल नौकरी नहि, कुछ औऱ भि। कुछ बहोत स्पेशल।
रिया चुपचाप उसेदेख रही थि। उसकी आँखें रोहन केँ चेहरे पर्र टिकी हुईँ थीं। वोँ समझरही थि कि रोहन केँ मन मे स्वाति मैमघुस चुकी हें।
कुछदेर बाद दोनों अपने-अपने कमरे मे सोनेचले गए।
रात केँ लगभग ११:३०बजे रिया नें अपने मोबाइल पऱ स्वाति कां नंबर डायल किया। स्वाति नें दूसरी घंटी पर्र हि मोबाइल उठा लिया।
“स्वाति मैम…” रिया नें धीरे-धीरे सें कहा।
स्वाति कि आवाज़ मे हल्की सि मुस्कान थि, “बोल रिया… क्याँ हुआ? रोहन नें क्याँ कहा?”
रिया नें खाट पऱ लेटते हुएसभी कुछ डिटेल मे बताना शुरुआत किया, “मैम, रोहन बहोत खुश हैं। वोँ बार-बार आपकी तारीफ कररहा थां। आपकी व्यक्तित्व, आपकी स्टाइल, आपकी आवाज़… सभीकुछ। उसनेकहा कि आपकी खुशबू भि बहोत यादरह गई। औऱ ऑफर देखकर तौ वोँ औऱ भि ज़्यादा खुश हौ गय़ा। ”
स्वाति नें संतुष्ट मुस्कान केँ संग पूछा, “औऱ उसने मेरे बारे मे औऱ क्याँ सोचा?कुछ स्पेशल?”
रिया नें धीरे-धीरे सें कहा, “हाँ मैम… वोँ सोचरहा थां कि आप् उसे केवल नौकरी नहि, कुछ औऱ भि ऑफरकर रही हें। उसकेमन मे आपकी इमेज बहोत घूमरही थि। ”
स्वाति नें हल्का सां हँसते हुएकहा, “बहोत अच्छा। कल सें असलीखेल शुरुआत होगा। तुमने अच्छा काम किया रिया। अब आरामकरो। ”
रिया नें मोबाइल रख दिया। उसके होंठों पर्र भि एक् छोटी सि मुस्कान थि।
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