चुदक्कड गर्ल्स - लेस्बियन – New Episode
चुद्दक्कड गल्से
भाग-7
रिंकी कि मामीजी अपने मायके गई तौ मामाजी नें रिंकी कों चोदने मे देर नहि लगाई औऱ उसे नेताजी सें चुदवाने कि बात भि करली।
रिंकी अच्छे सें सजधजकर हौ गई। साम कों उसके मामाजी विस्की औऱ कुछ खाने कों लाये।
ठीक आठबजे नेताजी जिसका नाम मनोज थां वोँ आँ गय़ा।
मनोज नें आते हि पूछा-कहा हैं तेरी भांजी? कई दिनों सें कोई जवान लड़की नहि मिली। आज सारीकसर निकाल दूंगा।
इतने मे रिंकी सामने आँ गई उसे देखते हि मनोज केँ मुँह मे पानी आँ गय़ा। आता भि क्यूं नाँ, वोँ बिना कपड़ों केँ जोँ आई थि।
उसे देखते हि मनोजउस पर्र टूट पड़ा, उसकी दोनों चूचियाँ कस केँ दबाने लगा औऱ होंठ चूमने लगा।
रिंकी उसकेभार कों संभल नां पाई औऱ सोफे पर्र गिर गई। मनोज भि उसकेऊपर चढ़ गय़ा, उसकी मम्मों चूस केँ केँ लालकर दि। उसने अपने कपड़े उतारदिए औऱ लण्ड दिखा केँ बोला- मुँह मे लो थोड़ीदेर।
रिंकी नें वैसा हि किया, लण्ड मुँह मे लेकर चूसने लगी। फ़िर रिंकी घोड़ीबन गई, मनोज नें अपना लण्ड उसकी बुर पऱ रखा औऱ धक्का दिया पऱ लण्ड फिसलकर उसकी गाण्ड मे चला गय़ा। रिंकी चिंहुक उठी। नेताजी उसकी गाण्ड मारने मे मग्न होँ गए।
दस मिनटबाद मनोज नें पानी रिंकी कि गाण्ड मे निकाल दिया। उसकेबाद तीनो नंगे होँ गए औऱ विस्की कां दौरचल गय़ा। एक् बोतल खत्म हौ गई विस्की कि जिसमें सें रिंकी नें तीनपेग पिए थें।
अब मनोजलेट गय़ा औऱ बोला- रिंकी, अब तूँ मेरऊपर आँ जा।
रिंकी मनोज केँ ऊपर आँ गई औऱ उछल-उछल कर चुदने लगी। तभी वरुणआया औऱ अपना लण्ड उसकी गाण्ड पे रखा औऱ धक्का दिया, उसकी गाण्ड मारने लगा।
रिंकी कों कुछ मालूम नहि चलरहा थां कि क्याँ होँ रहा हैं वोँ उस वक्तनशे मे थि।
दोनों नें सारीरात इसीतरह रिंकी कों रगड़ा। रिंकी अगलेदिन दोपहर केँ दोबजे उठी, उसे ठीक सें चला भि नहि जारहा थां।
औऱ फिन उसकी मामीजी केँ आने केँ बाद भि रिंकी चुदती रही।
फिन साल समाप्त होँ गय़ा, रिंकी अपनेशहर अपनेघऱ आँ गई पिंकी केँ पास।
पिंकी नें रिंकी कों अपनी स्टोरी सुनाई औऱ रिंकी नें पिंकी कों अपनी।
जिससे रिंकी कुछदिन अपने भइया सें भि चुदी औऱ फिन दोनों एक् हि कॉलेज मे यानि मेरेशहर मे आँ गई, वोँ भि मेरेघऱ मे किरायेदार बनकर।
इस तरह हम् दोनों बहनें ऐसीबन गईं औऱ सोचा जहाँमिल जाएँ वहींमजे लें लेंगी।
उसकेबाद वोँ जानेलगी औऱ मुझेसाम कों कमरे मे आने केँ लिएकहा।
तभी जाते जाते पिंकी रुकी औऱ बोलीं- क्यूं नाँ हम् किसीदिन कॉलेज नं जाएँ औऱ उसके बहाने हम् कहीं घूमने चलें, तुम् हमें रास्ते मे मिल जानां।
मैंने भि कहा-ठीक हैं ! हम् रास्ते मे मिलेंगे।
पिंकी नें कहा-मगर तुम् गाड़ी लेकर नहि आनां, हम् ऐसे हि घूमेंगे बस मे।
मैंने कहा-चलो ठीक हैं।
हमने अगली सुभह मिलने कां वादा किया। वोँ दोनों सुभह कॉलेज केँ लिए निकल गई औऱ मे भि निकल गय़ा, वोँ मुझे रास्ते मे मिल गई। हम् बस मे बैठगए। तीनसीट वाली पर्र दोनों बहनें आजू-बाजू औऱ बीच मे मे बैठा। बस मे अधिक भीड़ नहि थि औऱ हमेंकोई देख भि नहि रहा थां, कंडक्टर आया औऱ टिकट देकरआगे चला गय़ा। रिंकी कों बस केँ अन्दर हि शरारत सूझी। उसने वहीं पऱ मेरा लण्ड सहलाना चालूकर दिया। मेरा लण्डखड़ा हौ गय़ा मैंने भि उसकीटॉप केँ अन्दर हाथडाल दिया, उसने ब्रा नहि पहनी थि। मे उसकी नंगी चूचियों कों दबारहा थां।
थोड़ीदेर बाद उसने मेरा लण्ड बाहर् निकाल लिया औऱ मुँह मे लेकर चूसने लगी। इतनीजोर सें लण्डचूस रही थि कि पाँच मिनट मे हि मे उसके मुँह मे झर गय़ा।
फिन हम् सबसे पहले एक् पार्क मे रुके औऱ एक् खाली स्थान देखने लगे। वैसे पूरा खाली थां, कुछ हि लोग थें, हम् एक् स्थान झाड़ियों केँ पीछेबैठ गए औऱ मे पिंकी कों चूमने लगा। मैंने पिंकी कां टॉपऊपर कर दिया औऱ उसकी चूचियाँ चूसने लगा। वोँ मेरा लण्ड निकाल कर चूसने लगी।
कुछ देरबाद मैंने उसकी जींस नीचे करवा दि। औऱ जैसे हि उसकी बुर पर्र अपना लण्डरखा, पता नहि कहां सें एक् पुलिसवाला आँ गय़ा औऱ उसकेसंग एक् लेडिज़ पुलिस वाली भि थि।
उनकोदेख पिंकी नें जल्द सें अपने कपड़ेठीक किये, मे अभि करने हि जारहा थां तोँ पुलिसवाले नें कहा- लज्जा नहि आती पब्लिक प्लेस मे ऐसेकाम करतेहुए? पुलिसवाली नें भि दोनों लड़कियों कि तरफदेख करकहा- कुछ तौ लज्जा करो ! कॉलेज केँ बहाने यहा आँ जाती होँ गाण्ड मरवाने।
मैंने भि अपने कपड़ेठीक किये।
पुलिसवाले नें कहा-चलो थाने मे ! जब अन्दर रहोगे एक् दिन तोँ अक्ल ठिकाने आँ जाएगी।
मैंने रिंकी कों आँख मारी तोँ उसनेकहा- सर, प्लीज़ हमें जाने दीजिये, कुछ लेँ देकर समाप्त करिए !
औऱ कहकर उसने पुलिसवाले कां लण्डपकड़ लिया औऱ सहलाने लगी।
पुलिस वाला हंसने लगा औऱ अपनीजिप खोलने लगा तोँ पुलिसवाली नें कहा-यहा नहि, पब्लिक प्लेस हैं, कहीं औऱ लें चलो इनको।
उन्होंने हमेंजीप मे बैठा लिया औऱ पुलिसवाली केँ घऱ लेँ गय़ा जहाँ वोँ अकेली रहती थि। पुलिसवाली कां नाम हेमा थां औऱ पुलिसवाले कां नाम सुमीत थां। सुमीत एकदम कालेरंग कां थां।
जाते हि उसने अपना लण्ड पैंट सें निकाल कर रिंकी केँ मुँह मे दे दिया औऱ उसकेबाल पकड़कर धक्के लगाने लगा। हम् बैठकर केवलदेख रहे थें। तभी सुमीत नें कहा पिंकी सें- तुँ क्याँ बैठी हैं? यहा आँ कपड़े उतार केँ।
पिंकी नें सारे कपड़े उतारकर उसकेपास गई। सुमीत अब सोफे पर्र बैठ गय़ा औऱ पिंकी नें अपनी बुर उसके मुँह पर्र लगा दि।
इसबीच रिंकी नें भि अपने सारे कपड़े उतारदिए औऱ फ़िर सें उसका लण्ड चूसने लगी।
मेरेबगल मे बैठी हेमा कि साँसें भि गरम होनेलगी थि, मेरा भि लण्डखड़ा होँ गय़ा थां। सुमीत नें मुझे भि कहा- तुँ क्यूं खाली बैठा हैं? चल कपड़े उतार औऱ हमेंदेख करमुठ मार !
मैंने अपने कपड़े उतारदिए औऱ लण्डपकड़ कर हिलाने लगा। मैंने हेमा कि तरफ देखा तौ वोँ कभी मुझे तोँ कभी मेरे लण्ड कों देखरही थि।
हेमा एक् सेक्सी शरीर वाली गोरी लड़की थि। 24-26-34 आकार होगा उसका।
मैंने उसकोदेख करकहा- आप् इनमें शामिल नहि होंगी?
हेमा नें जवाब दिया- नहि ! मेरा महीना आँ रहा हैं।
तौ मैंने कहा- तौ क्याँ हुआ/ पीछे सें डलवालो।
हेमा नें कहा- नहि, उसमे दर्द होता हैं।
मैंने पूछा-कभी किया हैं?
उसने नहि मे उत्तर दिया।
मैंने कहा-जब तक करोगी नहि, तब तक मालूम केसे चलेगा कि बुर सें अधिक मज़ा हैं।
“नहि, सुमीत बड़ी बुरीतरह सें गाण्ड मारता हैं ! एक् बार मेरे सामने एक् लड़की कि गाण्ड मारी थि। बुरीतरह चिल्ला रही थि वोँ !”
मैंने कहा- तौ क्याँ हुआ? मे तोँ हूं नाँ ! मैंने भि कईबार गाण्ड मारी हैं, मे तौ आहिस्ता करता हूं।
हेमा नें पूछा- तुम् ? तुम् मार लोगे मेरी? बच्चे सें लगरहे होँ ! कितनी उम्र हैं तुम्हारी?
मैंने कहा- इक्कीस साल।
तोँ उसनेकहा- मेरी 27 हैं, मेरीआग केसे शांत करोगे?
मैंने कहा- तुम्हारी आग मे नहि मेरा लण्ड शांत करेगा।
इतनाकह कर मैंने उसके होंठों पऱ होंठरख दिए औऱ वर्दी केँ ऊपर सें हि उसकी मम्मों जोर सें दबाने लगा जिससे उसकीआह निकल गई। वोँ भि मेरासंग देनेलगी।
कुछदेर बाद उसने मुझसे अलग होकरकहा- दम तोँ हैं तुम् मे ! पर्र यहा नहि, चलो, अन्दर चलते हें दूसरे कमरे मे।
कमरे मे जाते हि मे उसकेऊपर टूट पड़ा औऱ उसे पलंग पऱ गिरा दिया औऱ मम्मों दबाने लगा, होंठ चूसने लगा।
उसने मुझे रोकते हुएकहा- अरे, कपड़े तौ उतार लेनेदो।
मैंने कहा- नहि, मेरी एक् ख़्वाहिश थि कि किसी पुलिस वाली कि मारूँगा ! आज वोँ ख़्वाहिश पूरी होँ गई, सारे कपड़े उतार दोगी तोँ ख़्वाहिश दबीरह जाएगी।
“अरे, तोँ पैंट तोँ उतार लेनेदो। ”
फिन मैंने उसकी पैंट उतार दि। उसने व्हिस्पर लगाया हुआ थां, मैंने वोँ भि उतार दिया, शर्ट केँ बटनखोल दिए, ब्राऊपर उठा दि, चूचियाँ चूसने औऱ दबाने लगा। कुछ देरबाद मे उसकेऊपर आँ गय़ा औऱ उसकी चूचियाँ चोदने लगा। फिन औऱ ऊपरआकर उसके मुँह मे अपना लण्डदे दिया वोँ मेरा लण्डजोर जोर सें चूसने लगी।
कुछ देरबाद मैंने उसके उल्टा लिटा दिया औऱ तेल लेकर उसकी गाण्ड मे लगाया औऱ अपने लण्ड पऱ भि अच्छी तरह मालिश केँ बाद मैंने अपना लण्ड उसकी गाण्ड केँ छेद पऱ रखा औऱ धीरे-धीरे सें धक्का दिया। थोडा सां लण्ड अन्दर गय़ा फिन एक् औऱ धक्का औऱ सुपारा अन्दर गय़ा। थोड़ातेज धक्का दिया तौ आधा लण्डचला गय़ा अन्दर। धीरे-धीरे धीरे-धीरे करते करते मैंने पूरा लण्डऐसे हि डाल दिया।
हेमा कहनेलगी- औऱ कितना रह गय़ा?
मैंने उसकेकान मे कहा-चला गय़ा पूरा अन्दर !
उसनेकहा- मुझेपता भि नहि चला औऱ पूरा अन्दर चला गय़ा, तुम् तौ बड़े माहिर हौ।
“हाँ वोँ तौ हूं ! चलो, अब तमन्ना पूरी हौ गई ! सारे कपड़े उतारदो, अभि मुझे ब्लू लाइन चलानी हैं। ”
उसने शर्ट औऱ ब्रा उतार दि मैंने उसकी दोनों चूचियाँ कस केँ पकड़ली तेज औऱ लम्बे धक्के लगाने लगा। आधा तोँ कभीआधे सें अधिक लण्ड बाहर् निकालता औऱ झटके सें दे देता। हर झटके मे उसकीअहह निकल जाती। उसकी मम्मों दबादबा करलाल कर दि औऱ 15 मिनट तक चोदता रहा।
मैंने उससे पूछा- कहां निकालूँ?
उसनेकहा- मुँह मे।
मैंने लण्ड बाहर् निकाला औऱ उसके मुँह मे लण्डडाल कर चोदने लगा औऱ ढेर सारामाल उसके मुँह मे छोड़ दिया।
वोँ सारामाल गटक गई।
फिन हम् बैड पर्र लेटगए। बाहर् सें अभि भि तेज आवाज़ आँ रही थि, मैंने झांककर देखा तोँ…
किस्सा जारी रहेगी।
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चुदक्कड गर्लस
भाग -8
फिन हम् बैड पर्र लेटगए। बाहर् सें अभि भि तेज आवाज़ आँ रही थि, मैंने झांककर देखा तौ…
पिंकी सोफे पर्र बैठी थि औऱ रिंकी उसकी बुर चाटरही थि। सुमीत पीछे सें उसकी बुर माररहा थां।
मैंने हेमा सें पूछा- तुम्हारी सील किसने तोड़ी थि?
उसकी आँखों मे आँसू आँ गए। मैंने उसके आँसू पौंछते हुएकहा- क्याँ हुआ? मैंने कुछगलत पूछ लिया क्याँ?
उसनेकहा- नहि, बसऐसा लगा कि कोई मेरेसंग हैं ऐसा जौ मेरागम बंटाना चाहता हैं।
“गम? कैसागम?”
उसनेकहा- मेरा कुंवारापन सुमीत औऱ इसके मित्र नें तोड़ा। मुझे नंगा नचवाया मेरेऊपर पेशाब किया, मेरी विडियो बनाई। रंडी सें भि बदतर तरीके सें चोदरहे थें।
मैंने पूछा- पऱ क्यूं?
पुलिस मे भर्ती करवाने केँ बहाने मुझेघऱ लाये, नशे कि चीज ड्रिंक मे मिलाकर पिला दि औऱ मेरेसंग ऐसा किया। अब भि जब चाहे मुझे रंडीबना देते हें। हरबार अलगअलग मित्र लाता हैं औऱ मेरी जवानी बर्बाद करता हैं।
“तौ तुम् इसकाकुछ करती क्यूं नहि?”
“इसकेघऱ मे मात्र ये औऱ इसकी 18 साल कि बेहन रहती हैं जोँ कॉलेज मे हैं। ”
मैंने कहा- तौ तुम् उसकी बेहन कां विडियो बनालो। फिनये तुम्हें परेशान नहि करेगा।
“इसकेलिए एक् लड़के कि भि तौ जरुरत हैं। ”
मैंने कहा- मे हूं नाँ ! मे करूँगा तुम्हारी सहायता। ”
“सच ! तुम् संग दोगे मेरा?”
“हाँ, मे संग दूँगा तुम्हारा इससे बदला लेने केँ लिए !”
हेमा नें ख़ुशी सें मुझेचूम लिया औऱ गले सें लगा लिया। फिन हमने थोड़ीदेर बाद कपड़े पहने औऱ बाहर् उनकी चुदाई भि समाप्त हौ गई थि। उन्होंने भि कपड़ेपहन लिए।
हेमा नें मेरा नम्बर लेँ लिया औऱ कहा-बाद मे मोबाइल करुँगी।
फिन हम् बाहर् आये। रिंकी औऱ पिंकी दोनों नें कहा- आनंद आँ गय़ा, आज तौ नया लण्ड मिला।
“हाँ, सिनेमाघर चलो, एक् औऱ नया लण्ड मिलेगा !”
पिंकी नें पूछा- किसका?”
“मेरा औऱ किसका?”
फिन हम् सिनेमाघर गए, टिकट लेकर अन्दर एक् स्थान कोने मे बैठगए, पूरा खाली पड़ाहुआ थां, कुछ हि लोग बैठेहुए थें।
जाते हि मे रिंकी कि मम्मों चूसने लगा औऱ पिंकी मेरा लण्ड। कुछ देरबाद मैंने रिंकी कि जींस नीचे करवा दि, उसे नीचे झुकाकर उसकी बुर पऱ लण्डरखा औऱ धक्का दिया, दो धक्कों मे हि लण्ड उसकी बुर केँ अन्दर थां, मे आराम आहिस्ता चोदरहा थां क्योंकि अभि इंटरवल मे कुछ टाइम बाकी थां। फिन मैंने स्पीड तेजकर दि औऱ सारामाल उसकी बुर मे हि डाल दिया। फिन उसने मुँह मे ल्रकर लण्डसाफ़ किया।
इंटरवल होँ गय़ा। हमनेकुछ ड्रिंक्स ली औऱ वापस आँ गए। फिल्म दुबारा चालू हौ गई। फिल्म अच्छी नहि थि इसलिये ज्यादतर लोगचले गए मात्र आगेदो लड़के औऱ बीच मे तीन लड़कियाँ औऱ पीछे हम् बैठे थें।
आते हि दोनों मेरा लण्ड निकाल केँ चूसने लगी पिंकी लण्ड तौ रिंकी टट्टे। फिन मैंने पिंकी कि पूरी जींस उतरवा दि औऱ उसकी बुर मे लण्डडाल दिया। फिन कुछदेर चोदने केँ बाद गाण्ड मे डाल दिया औऱ बीस मिनटउसे चोदने केँ बाद मैंने उसकी गाण्ड केँ ऊपरमाल गिरा दिया।
फिन हम् थोड़ीदेर ऐसे हि बैठेरहे। मैंने कपड़ेठीक करलिए। पिंकी अभि भि वैसे हि बैठी थि, मैंने उस सें कहा-अब पहन भि लो !
तौ उसनेकहा- अभि मेरा औऱ मन हैं।
मैंने कहा-अब घऱ जाकरकर लेंगे।
तोँ उसनेकहा- नहि, मे नए लण्ड कि बातकर रही हूं।
मैंने पूछा- मतलब?
उसनेकहा- मतलबआगे दो लण्ड हें। रिंकी उन्हें पटाकर लें आएगी औऱ तुम्हारे लिए वोँ तीननई चूतें।
मैंने कहा- वोँ तौ मान जायेंगे पर्र यह तीनों केसे?
रिंकी नें कहा-जब तुम् हमेंचोद रहे थें तब तीनों बारबार पीछेदेख करहंस रही थि। इंटरवल मे एक् नें मुझसे कहा भि थां हमारा भि कुछ करवाओ नं।
पिंकी नें जींस नहि पहनी थि इसलिये रिंकी आगेचली गई औऱ मे उन तीनों लड़कियों केँ पास। रिंकी जाकर उनकेपास बैठ गई औऱ एक् कां लण्डपकड़ लिया। दोनों खुश होँ गए रिंकी नें कहा-चलो पीछे ! वोँ नंगी हि बैठी हैं।
वोँ दोनों लड़के पीछेचले गए औऱ दोनों लड़कों कां लण्ड चूसने लगी। मे उन तीनों केँ पास जाकरबैठ गय़ा औऱ एक् कि मम्मों दबाने लगा। एक् उठकर मेरेपास आँ गई, मेरा लण्ड निकलकर चूसने लगी। फिन तीनों बैठ गई, मैंने तीनों कि लाइन सें मम्मों औऱ बुर चूसी, उन तीनों नें भि बारी बारी सें मेरा लण्ड चूसा औऱ इंग्लिश मूवी कि तरह तीनों केँ मुँह केँ ऊपरमाल डाल दिया।
मूवी समाप्त हौ गई औऱ हम् घऱ आँ गये। फिन जब भि मौका मिलता मे पिंकी औऱ रिंकी कि बुर मार लेता।
ये थि रिंकी औऱ पिंकी कि जीवन। मे स्वयं सोचता थां कितना सेक्स भरा पड़ा हैं दोनों मे ! अगरदिन मे बीस मर्द भि मिलें तौ बीसों सें चुद लें। अब वोँ हाई प्रोफाइल कॉलआई गर्लबन चुकी हैं। हमारे यहा सें खालीकर दिया हैं अब शायद पंजाब सिटी कि साइड रहती हें।
एक् महीने बाद हेमा कां मोबाइल आया कि सुमीत कि बेहन आरतीघऱ पर्र अकेली हैं, उसकी परीक्षा हैं इसलिये सुमीत आरती कां भइयाउसे कह गय़ा हैं कि वोँ उसकी पढाई मे सहायता करदे, आरती उसकेघऱ हि आँ रही हैं सात दिनों केँ लिए तोँ जौ प्लान तुम् कर सकते होँ करलो बदला लेने केँ लिए !
मे आरती केँ आने सें एक् दिन पहले गय़ा हेमा केँ पास मे उससे मिलने केँ लिए। साम केँ टाइम वोँ नाईट ड्रेस मे थि जौ मात्र जांघों तक थि, अन्दर एक् पैंटी पहनरखी थि, ब्रा नहि पहनी थि।
मैंने जाते हि कहा- क्याँ बात हैं ! पहले हि तैयारी मे हौ, लगता हैं कि पता थां कि मे आँ रहा हूं?
उसनेकहा- हाँ मेरीजान ! तुम्हारे लिए हि रेडी हूं।
उसदिन मे घऱकहकर आया थां मित्र कि विवाह मे दिल्ली जारहा हूं सातदिन केँ लिए इसलिये अबसात दिन मे वहीं रहने वाला थां।
पहले हमनेबैठ कर खानां खाया औऱ फिन मे कमरे मे आँ गय़ा। कमरे मे खुशबू आँ रही थि। तभी कमरे कि बत्ती बंद होँ गई, मेरे आँखों पर्र हेमा नें पट्टी बाँध दि। उसने मेरे सारे कपड़े उतारदिए औऱ मेरेहाथ बिस्तर सें बांधदिए।
क्याँ बताऊँ, ऐसे महसूस होँ रहा थां कि कोई लण्ड कों हाथलगा दे तौ अभि माल निकल जाये। वोँ भि शायद नंगी थि, उसके शरीर पऱ कपड़ों कां एहसास नहि होँ रहा थां।
उसने पहले मेरे होंठ चूसे, फिन छाती, फिन नीचेआई, लण्ड चूसने लगी, तोँ कभी गोलियाँ। उसने मेरी टांगें उठा दि औऱ गाण्ड पऱ जीभलगा दि औऱ चाटने लगी। उसमें तोँ औऱ भि आनंद आँ रहा थां, गाण्ड चाटरही थि औऱ लण्डहाथ सें हिलारही थि।
दोस्तो, अगर तुम्हारी मित्र, गर्लफ्रेंड, आंटीकोई भि होँ, उससे गाण्ड चटवाकर देख्ना, कितना मज़ाआता हैं।
मुझेलगा मेरा निकलने वाला हैं, मैंने हेमा सें कहा-आई एम् कम्मिंग।
उसनेझट सें लण्ड मुँह मे लें लिया औऱ उसका मुँहमाल सें भर गय़ा। मे जोरजोर सें साँस लेनेलगा औऱ वोँ भि मेरेबगल मे लेट गई। उसकेबाद मैंने उसकोखूब जीभर केँ चोदा। औऱ फिन मैंने उसेआगे कि सारी योजना बता दि। योजना केँ हिसाब सें मे हेमा कां दूर कां रिश्तेदार यानिकजन ब्रदर बना थां।
सुभह हेमा सुमीत कों छोड़ने केँ बाद आरती कों घऱ पऱ लें आई, उसने पहले हि बता दिया थां कि घऱ पऱ मेराकोई रिश्तेदार हैं, वोँ कुछदिन यहीं रहेगा।
ये भि कहा कि वोँ मेराकज़न कमयार अधिक हैं।
योजना केँ हिसाब सें मे अभि सोरहा थां, हेमा नें आरती सें कहा कि मुझेजगा दे। वोँ मुझे जगाने आई पऱ देखती रह गई… क्योंकि मे बिना कपड़ों केँ थां, आधा लण्डखड़ा हुआ थां। वैसे तोँ मे जाग हि रहा थां। वोँ थोड़ापास आई पर्र पासआते हि उसकेपेर सिकुड़ गए क्योंकि वोँ झर गई थि। नीलेरंग कि जींस बुर वाली स्थान पऱ गीली हौ गई थि। वोँ भागकर कमरे मे गई, कपड़े बदले औऱ बाहर् आई। मे उस टाइम बाहर् सोफे पऱ बैठ गय़ा थां। वोँ मुझे तिरछी नजर सें देखती जारही थि।
मैंने उसे देखते हुए पूछा-जी, आप् कौन?
हेमातभी वहाआई औऱ कहा-ये मेरेसंग काम करने वाले पुलिसकर्मी कि बेहन हैं, वोँ कहीं बाहर् गय़ा हुआ हैं तोँ मे इसे अपनेसंग लेँ आई, अकेले डर लगेगा।
मैंने भि कहा- मेरे होतेहुए डरने कि कोईबात नहि।
फिन हम् साम कों मिले। मे सोफे पर्र बैठा टेलीविज़न देखरहा थां औऱ आरती हेमा सें बातकर रही थि।
आरती नें कहा- हेमा दि, एक् बात कहूँ?
हेमा-हाँ कहो।
आरती-जी वोँ आपके जोँ मेहमान हैं वोँ रोजऐसे हि सोते हें?
हेमा- अच्छा तौ लगता हैं तुमने उसको…
आरती नें बीच मे हि बोल दिया-हाँ… आते हि देख लिया औऱ मे भागकर बाहर् आँ गई।
हेमा-हाँ वोँ रोजऐसे हि सोता हैं। कईबार मैंने भि देखा हैं… सोते वक्त वोँ बिना कपड़ों केँ हि सोता हैं… नहि तोँ कम्फरटेबल फ़ील नहि करता।
आरती- कहीं आप् तौ ऐसी नहि सोती?
हेमा- नहि रे ! तुँ क्यूं घबरारही हैं? वैसे आरती, क्याँ तूने पहलीबार देखा हैं?
आरती-हाँ तभी तौ डर गई।
हेमा नें पूछा- कैसा थां? मतलब कैसालगा? साइज़ क्याँ थां उस वक़्त?
आरती नें शरमाते हुएकहा- जीकोई 3-4 इंच कां होगा।
हेमा- अच्छा लगा थां?
आरती- क्याँ दि, आप् भि केसेबात कररही हें?
हेमा-अरे मे तौ तेरेलिए हि कहरही हूं…
आरती- मेरेलिए? पर्र क्याँ?
हेमा-अरे झल्ली, तेरेमजे केँ लिए…रात कों वोँ घोड़ेबेच कर सोता हैं, चलम तेरीआज पास सें दिखाऊँगी।
फिन हमनेरात कां खानां खाया औऱ सोनेचले गए। मे जगरहा थां। हेमा नें नाईट ड्रेस औऱ ब्रा-पैंटी पहनी थि औऱ आरती नें नाईट ड्रेस औऱ पैंटी पहनी थि। उसके चूचे छोटे थें। वोँ मेरे कमरे मे आई। मे सीधा लेटाहुआ थां जिससे लण्डसाफ़ साफ़दिख सके औऱ हाथ मे दूसरी तरफ एक् पोर्न मेग्जिन थि।
आरती नें देखा तोँ थोड़ी शर्मा गई। आरती नें कहा- दि, कहीजाग तोँ नहि जायेंगे?
हेमा नें कहा- इसको भि तौ मजे चाहिएँ, देख केसे पोर्न मेग्जिन दखरहा हैं। चलजगा देते हें फिन तीनों मजे करेंगे।
आरती नें कहा- नहि दि, ऐसे हि सही हैं।
हेमा आरती कां हाथपकड़ केँ मेरेपास लेँ आई। दोनों मेरेपास बैठ गई औरलण्ड कों निहारने लगी। हेमा नें पहलेहाथ आगे बढ़ाया औऱ लण्डपकड़ कर सहलाने लगी। फिन उसने आरती कां हाथ पकड़ा औऱ मेरा लण्ड पकड़ा दिया।
आरती नें झिझकते हुए लण्ड पकड़ा औऱ हिलाने लगी। फिन हेमा नें मेरा लण्ड मुँह मे लें लिया औऱ चूसने लगी। कुछ हि देर मे हेमा नें आरती कों लण्ड चूसने कां इशारा किया, आरती नें पहलेमना किया पर्र ज़्यादा जोर देने पर्र चूसने लगी। चूसने सें ऐसालगा जैसेकई बार लण्डचूस चुकी हौ। उसके चूसने नें कमाल दिखाया औऱ मेरा लण्डखड़ा हौ गय़ा। आरती मेरा लण्डचूस रही थि औऱ हेमा एक् हाथ सें अपनी बुर रगड़रही थि, दूसरे सें आरती कि मम्मों दबारही थि। अब हेमा नें आरती कों रोका औऱ उसकी नाइटी उतार दि औऱ अपनी भि। हेमा तोँ पूरी नंगी हौ गई। थोड़ीदेर मे उसने आरती कों भि नंगाकर दिया।
अब आरतीबैड पऱ बैठ गई औऱ लण्ड चूसने लगी। हेमा नें मेराहाथ पकड़ा औऱ बुर पे लेँ जाकर घिसने लगी। तभी मैंने आँखें खोलली औऱ हेमा कों आँख मारी, हेमा तौ मजे लेतीरही पर्र आरतीफिन भि चूसती रही। उसे मालूम नहि चला थां कि मे जाग गय़ा हूं।
मैंने कहा-अरे, ये तुम् दोनों क्याँ कररही हौ?
तभी उसकीनजर मेरेऊपर गई। मे उसके नंगे जिस्म कों देखरहा थां। ये देखते हि आरतीदूर हटकर जमीन पऱ बैठ गई पर्र हेमा मेरेऊपर चढ़ गई औऱ धक्के लगाने लगी। 15 मिनट तक हमारा खेल चलतारहा औऱ फिन दोनों एक् संगझर गए।
हमने आरती कि तरफ देखा, वोँ हमें आँखें फाड़े देखेजा रही थि। हेमा आरती केँ पास गई औऱ उसकेसर पऱ हाथरख केँ सहलाने लगी- क्याँ हुआ आरती?
आरती-जी, यह आपकेकजन हें न् ! फिन आपने इनकेसंग ये क्याँ कररही होँ?
हेमा-अरी पगली, जब यहाआग लगती हैं नं, तबपता नहि चलता कि आगेकौन खड़ा हैं औऱ किसका खड़ा हैं।
येबात उसने आरती कि बुर पऱ हाथ रखतेहुए कही औऱ उसकी बुर सहलाने लगी। आरतीधीर धीरे-धीरे सिसकारियाँ लेनेलगी। कुछदेर बाद हेमा नें उसे उठाया, बुर सहलाते हुए औऱ बैड पऱ लानेलगी।
आरती सिसकारियाँ भि लें रही थि औऱ मना भि कररही थि- वहामत लेँ जाओ, आपकाकजन मुझे भि चोद देगा।
हेमाउसे बैड पर्र लें आई औऱ लेटा दिया औऱ उसकी बुर चाटने लगी।
मे भि मौकादेख कर उसकी मम्मों चूसने लगा। फ़िर मे उसकी बुर चूसने लगा। फिन मैंने उसको अपना लण्ड चूसने कों कहा पर्र वोँ मना करनेलगी।
हेमा नें कहा-चलो कोईबात नहि, जबरदस्ती नहि, मे चूस देती हूं लाओ।
मे आरती कि बुर चूसरहा थां औऱ हेमा मेरा लण्ड। जब मे सजधजकर हुआ औऱ आरती कि बुर पर्र लण्ड रगड़ने लगा तौ आरती कहनेलगी- थोड़ा आहिस्ता, अभि मे कुंवारी हूं।
मैंने हाँ मे सर हिलाया। हेमा नें मौकादेख एक् कैमरा रख दिया औऱ जाकर कुर्सी पर्र बैठकर देखने लगी।
मैंने आरती कि टांगें फैलाई औऱ एक् धक्का दिया औऱ टोपा सें आगे तक अन्दर चला गय़ा।
वोँ चिल्लाने लगी पर्र मैंने नं सुनते हुए एक् औऱ धक्का दिया औऱ आधे सें ज़्यादा अन्दर, थोड़ा हि बाहर् थां। वोँ अपनेहाथ पेर पटकने लगी।
हेमा नें कहा- थोड़ा आहिस्ता, बेचारी कां पहलीबार हैं।
मे थोड़ारुक गय़ा औऱ उसकी मम्मों चूसने लगा। उसे दस मिनटबाद आराम मिला तोँ वोँ गाण्ड उठाउठा करमजे लेनेलगी। मैंने भि पूरा लण्डदे दिया पर्र इसबार वोँ चिल्लाई नहि बस थोड़ा सां उई किया।
वोँ औऱ मे पूरेमजे लेँ रहे थें, तभी मैंने अपना लण्ड उसकी बुर मे सें निकाल लिया, वोँ तड़पउठी औऱ कहनेलगी- रुक क्यूं गए? औऱ करो नां !
मैंने उसेकहा- पहलेइसे अपने मुँह कां स्वाद दो।
उसने मुँहबना करकहा- यहाआओ।
मे उसकी छाती केँ पास गय़ा औऱ अपना लण्ड उसके मुँह मे दे दिया औऱ बुर कि तरह मुँह कों चोदने लगा।
फिन मैंने उसे घोड़ी बनने केँ लिएकहा। वोँ बन गई, मैंने एक् हि झटके मे उसकी बुर मे लण्डपेल दिया औऱ चोदने लगा।
फिन थोड़ीदेर मे उसे मैंने ऊपर किया औऱ वोँ उछल-उछल कर चुदने लगी। फिन मे जब झड़ने वालाहुआ तोँ उसे लिटा दिया औऱ उसकेऊपर सारामाल छोड़ दिया।
फिन कुछदेर हम् यों हि लेटेरहे, फिन मैंने उसके मुँह मे लण्डदे दिया। फिन उसे चोदने कि तैयारी करनेलगा।
मैंने उसेतीन बार चोदा औऱ दो घंटे कि वीडियो बनाई। पऱ विडियो उसे बदनाम करने केँ लिए नहि बनाईं थि। बल्कि इसलिये कि उसका भइया हेमा कां पीछाछोड़ दे।
सात दिन तक हम् ऐसे हि मौज करतेरहे। फिन उसका भइया आँ गय़ा।
हेमा नें सुमीत कों वोँ वीडियो दिखाई, पहले वोँ आगबबूला हुआ पर्र डर केँ मारेकुछ नहि कहा औऱ हेमा कां पीछा भि छोड़ दिया।
इस तरह हेमा कां बदला पूराहुआ। हेमा नें मुझसे कहा-कोई भि, किसीचीज कि जरुरत होँ तोँ बता देना, किसी कों अन्दर करना हौ याँ…मेरे मे अन्दर-बाहर् करना हौ तौ भि।
तौ दोस्तो, कैसीलगी आपको मेरी किस्सा।
चुदक्कड गर्ल्स - लेस्बियन - Next part mein bada twist
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