I Am Murim Lord ( Reincarnation ) – New Episode
chapter 15
आजरात विराज कों जोँ चाहिये थां मिलरहा थां अपनीबरी दिदी कि चूत शिवानी अपने आप् कों अपने भइया कों शॉप दिया थां ऐसा नहीं थां शिवानी अपने भइया केँ संग चुदाई करना चाहती थि याँ शिवानी अपने पति सें खुश नहीं थि
शिवानी कि विवाह सुधा लाइफ बहुत मस्त थि विकी शिवानी केँ जिस्म कां सुख अच्छे देरहा थां पर्र हालतऐसे बने कि शिवानी रोक नहींपाई औऱ विराज अपने भइया कि इक्छा पूरी करने केँ लियेमान गई
विराज जनता थां उसकी बेहन अपने पुरेमन सें राजी नहीं हैं मगर विराज जायदा नहीं सोचता क़िस्मत पे छोर देता हैं
विराज पुरा नँगाखरा थां लन्ड फुलकरक टाइटखरा थां विराज धीरे-धीरे सें पलंग पे जाता हैं शिवानी चादर सें अपना चेहरा ढकीचुप लेती थि मगर मोमेंट फिलकर रही थि
विराज शिवानी कों गोर सें देखता हैं फिन धीरे-धीरे सें - दिदी नाइटी
शिवानी जल्द सें नाइटी निकाल पूरी नंगी टांगे फैला केँ अपना चेहरा हाथो सें धक केँ फिनचुप चापलेत जाती हैं
विराज मुह खोलेआखे फ़ारेअपनीi बेहन कि मस्त नंगी बॉडी कों देखते हुवेमन मे - माकदम क्याँ बवाल बॉडी हैं चुचे कीतने बड़े मस्त हैं चूत पे हल्के बालउफ दिदी उपर सें नीचे तक बवाल हैं
विराज मन मे - दिदी कुछ बोलेगी नहीं नाँ कुछ करेगी मुझे हि सभी करना होगा
विराज शिवानी केँ एक् एक् चुचेपकर दबाने लगता हैं शिवानी थोरी काप् जाती हैं दर्द चेहरे पे आने लगता हैं विराज कों बहुत आनंद आँ रहा थां टाइट नर्मफिल लेके शिवानी हल्की सिसकिया दर्दभरी लेने लगती हैं विराज 3 minat चुचे दबाता हैं
विराज चुचे दबाने केँ बाद चुचेमुह मे लेके चूसने लगता हैं शिवानी फिनमचल जाती हैं सिसकिया लेने लगती हैं विराज मजे सें चुचेदबा केँ चूसने लगता हैं चुचे सें दूध विराज निकाल पीरहा थां विराज मन मे - उफ दिदी केँ चुचे केँ दूध पीके आनंद आँ रहा हैं
शिवानी बस धीरे-धीरे सिसकिया लें रही थि चेहरा धके लेती थि
2 मिनटमजे सें दूध पीने केँ बाद विराज पेट ढोरी कों चूमते हुवे चूत केँ पास टांगों केँ बीच चूत केँ फाके फैला केँ छेद देखते हुवेमन मे - मेरी दिदी कि चूत कां छेदउफ टाइटलग रही हैं
शिवानी मन मे - जल्दसभी खतम होँ जाये
विराज केँ मुह पानी आँ जाता हैं विराज चूत कों मुह मे लेके चूसने चाटने लगता हैं शिवानी बैडकस केँ पकर सिसकिया लेने लगती हैं
विराज मन मे - अहह आनंद आँ रहा हैं उफशपथ सें दिदी कि चूत कां स्वाद बहुत हि जायदा मस्त हैं उफगरम रस पीके मज़ा आँ रहा हैं
3 mina बाद शिवानी कि चूत गीली हौ गई थि
अब विराज बिनादेश किये शिवानी केँ ऊपरलेत चूत कों छेद पे रख देता हैं शिवानी जोर सें सिसकिया लेती हैं सासेतेज चलरही थि
शिवानी बहुत मोटागरम चूत केँ छेद पे फिल करके
विराज शिवानी कों देखमन मे - दिदी चेहरा भि नहीं दिखारही मुझेकिस करना हैं ऐसे अंदर घुसाउंगा तौ मेराबरा हैं दर्द होगा दिदी चिलाई तोँ मा पिताजी फिन मे गय़ा
विराज धीरे-धीरे सें - दिदी किस करना हैं
शिवानी बिना बोले चेहरे सें हाथहटा लेती हैं मगरआखे बंद किये रहती हैं
विराज अपनी बेहन केँ होठमुह मे लेके चूसने लगता हैं शिवानी भि सभी करने लेती हैं मुहखोल देती हैं विजयकिस करते धीरे-धीरे सें चूत पे लन्ड घुसाने लगता हैं फिन एक् धक्का जल्दी दूसरा धक्का बसकाम होँ गय़ा पुरा लन्ड शिवानी केँ चूत केँ अंदर
शिवानी सांतफिन एकदम सें पांवहाथ मारने लगती हैं विराज केँ मुह सें अपनेहोठ हटाने लगती विराज कों हाथो सें दूर करने लगती हैं मगर विराज सांतकिस करते हुवे शिवानी कों दबाये रखता हैं 2 मिनटबाद
विराज चुदाई करने लगता हैं विराज धीरे-धीरे सें - चिल्लाना मत दिदी नहीं तोँ पिताजी मा
शिवानी दर्द मे रोते हुवे - बहुत दर्द हौ रहा हैं
विराज फिनकिस करते हुवे चुदाई करने लगता हैं धीरे-धीरे धीरे-धीरे दर्द केँ संग शिवानी कों आनंदआने लगता हैं
30 मिनट हौ गये थें अब शिवानी सभीभूल चुदाई केँ मजे मे खो गई थि अब शिवानी विराज कों बाहों मे लियेजोर सें सिसकिया लेतेअहह उफमाकर रही थि विराज शिवानी कों बाहों मे लिये धकके मे धक्का माररहा थां 2 बार शिवानी मजे सें झरी थि
विराज शिवानी कों फिन घोरीबना केँ चुदाई करने लगता हैं कोईकुछ बोल नहींरहा थां विराज केहना बाते करना चाहता थां मगर विराज जनता थां उसकी दिदी नहीं चाहती तौ चुप हि रहता हैं
50 मिनट होँ गये थें अब शिवानी समझ गई थि असली चुदाई क्याँ होती हैं शिवानी पहलीबार दर्द मे बोलती हैं - तेरी भांजी भांजे अकेले हैं जल्दकर
विराज तेज धक्का मारते हुवे - जी
फिन 12 मिनटबाद विराज अपनी बेहन केँ चूत मे झर जाता हैं
शिवानी पसीने सें भीगीतेज सासे लेते हुवे जल्द सें नाइटी पहन सीधा अपने कमरे मे आकेलेत जाती हैं चूत मे दर्दजलन लिये
विराज खाट कों देखता हैं चूत केँ पानी सें गिला
विराज मन मे - मुझे तोँ पूरीरात करना थां खैर मेरा सपना पुराहुआ जोँ आनंदचैन मिला अपनी दिदी कि गरम चूत मारके कभीभूल नहीं पाऊंगा पता नहींआगे फिन चूत मिलेगी याँ नहीं
विराज चादरहटा केँ नई चादरडाल बैड पे लेतसो जाता हैं
सुभह होती हैं माला शिवानी उठगये थें रमन भि तैयार होँ गय़ा थां विराज सबसेबाद उठता हैं आगन् मे शिवानी कों खानां बनाते देखता हैं
माला विराज कों देख - उठ गय़ा
विराज माला केँ गाल पे किस करते हुवे - जीमा
माला मुस्कुराते हुवे - जाकेनहा लें
शिवानी विराज कों एक् नजर देखती हैं फिन खानां बनाने लगती हैं
रमन विराज केँ पासआते हुवे - कैसा हैं मेरासेर
विराज - मस्त बापू मे बोलरहा
विराज फिन हल्का होकेआता हैं नहाता हैं फिनसभी खाते पीते हैं इसी मे 9 बज जाते हैं रमन मालाखेत मे चले जाते हैं विराज माला अकेले रह जाते हैं
माला कमरे मे अपने बच्चो केँ संग बैठी थि आदीखेल रहा थां आशी कों मालादूध पिलारही थि विराज आता हैं औऱ माला केँ पासबैठ जाता हैं दोनोचुप थें
शिवानी आशी कों दूध पिला देती हैं औऱ चुचे अंदर करने लगती हैं तोँ विराज चुचेपकर लेता हैं फिन दबाने लगता हैं शिवानी सिसकिया लेने लगती हैं मगरकुछ नहीं बोलती तौ विराज कों हरि सिंगनल मिल जाता हैं
विराज चुचे दबाता मुह मे लेके चुस्ता पिता हैं फिनचुप चाप बाहर् चला जाता हैं
विराज अबआगे क्याँ करना हैं सोचने लगता हैं विराज एक् सांतपैर केँ नीचेबैठ मन मे - दिदी कि लेलीआगे चांस हैं मगरमा कि केसेलू बहुतडर लगरहा हैं सोच केँ हि मगर दिदी केँ संग करने केँ बाद जौ आनंदआया मा केँ संग औऱ आनंद आयेगा तोँ रिस्क लेना हि परेगा अबघऱ बनाना हैं हुशाम कों मा बापू सें बाते करूँगा फिनकल सें काम सुरु
दोपहर एक् बजरहे थें घऱ मे कोई नहीं थां विराज पीछे जाता हैं तोँ देखता हैं मालारमन खटिये पे बैठे थें शिवानी नीचे चटाई पे आदिआशी केँ संगखेल रही थि
असल मे गर्मी कां दिन थां पीछे विराज केँ खेत मे एक् बरा पीपल कां पैर थां उसी केँ नीचेसभी बैठे थें
विराज सबके सामने आता हैं शिवानी विराज कों देखती हैं फिन नजरेफेर लेती हैं
मालारमन विराज कों देख - आओ बेटा बैठो
विराज माला केँ पासबैठ - मा पिताजी मेने सोचा थां रात कों बात करूँगा मगर अभि हि सही हैं कल सें घऱ कां काम सुरु करवा देते हैं पिताजी आपकीनजर मे कोई अच्छा ठीकेदार हैं तौ बात करवाइये
रमन सोचते हुवे - हा एक् हैं रामपाल
विराज - राजपाल अंकलअरे हा मे भूल हि गय़ा थां
माला - कैसाघऱ बनाना हैं सोचा हैं
विराज - हादो मंजिला होगाचार नीचे कमरे 2 उपर बाकीछत कि स्थान रहेगी
रमन - हु अच्छा हैं मगरनया घऱ बनायेगा कहा
विराज जमीन कों देख - इसी जमीन पे औऱ कहा
माला - अगरऐसा हैं तोँ सही हैं
शिवानी सभीसुन रही थि पऱ चुप थि
विराज जरूरी बाते डिस्कस करता हैं फिन फैसला हौ जाता हैं पूछेबरी जमीन थि जौ खाली थि
विराज शिवानी कों देखता हैं औऱ शिवानी जब देखती हैं विराज कों तौ विराज इशारा करता हैं औऱ फिन विराज घऱ मे आँ जाता हैं
थोरिदेर बाद शिवानी खरी होके - मा बापू मे आतीहु दोनो कों देख्ना
मालारमन - ठीक हैं बेटी
शिवानी कमरे मे आती हैं विराज पैंट नीचेकर - दिदी मुह मे लो नाँ
1
कमाल कि बातयह थि शिवानी घुटने पे आकेमजे सें लन्ड चूसने लगती हैं विराज खुशजोस सें भर जाता हैं शिवानी पुरेमजे सें चूसरस पीने लगती हैं विराज मजे सें - अहह दिदी बहुत मज़ा आँ रहा हैं
3 मिनटबाद
विराज - दिदी लेतजाओ मुझे करना हैं
शिवानी बिनाकुछ बोले सारी पेटीकोट उठा केँ टाँगे फैला केँ लेत धीरे-धीरे सें डालना
विराज सुन हैरान होता हैं फिन मुस्कुराते हुवे - हु
1
विराज चूत केँ छेद पे रख धीरे-धीरे सें धक्का मारके पुरा घुसा देता हैं फिन चुदाई करने लगता हैं शिवानी दूसरी तरफ नजरे कियेअहह उफमा करते रहती हैं औऱ विराज चोदता रहता हैं 25 मिनटबाद
शिवानी सारी नीचेकर जाने लगती हैं तौ विराज पीछे सें शिवानी कों बाहों मे भर केँ - दिदी जबदिल करेगा आप् करने देगी नाँ
शिवानी - हु
विराज - आप् आनंद तोँ आता हैं नाँ
शिवानी - हु
विराज - जीजा सें जायदा आनंद
शिवानी - हा
विराज - तौ मे समझू आप् नाराज नहीं हैं
शिवानी - हु
विराज - रात कों आयेगी
शिवानी - हु
विराज शिवानी कों अपनीतरफ घुमा केँ चेहरे कों पकर - यह चुपीतोर दीजिये मज़ा नहींआता आजरात बोल्ना पड़ेगा
शिवानी सर्मा केँ - चलभाग बेसर्म
शिवानी कमरे सें निकल अपने बच्चो केँ पास आँ जाती हैं वही विराज खुशी सें नाचने लगता हैं
रात 9 बजे खानां खाने केँ बाद
विराज केँ कमरे मे मालाआती हैं दोनोबैठ बाते करने लगते हैं
माला - बेटा फिनकब जाने कां सोचा हैं सचकहु मे फिन नहीं चाहती तु जाये
विराज माला केँ गोद मे सररख - माआगे हम् अच्छे घऱ मे रहसके इस लिये जानां जरूरी हैं मे 1 साल औऱ आपसेदूर रहूँगा उसकेबाद तौ इतने पैसे होगे हि कि घऱबन जायेगा बाकी एक् मस्त कपड़े कि दुकान लगा लूंगा फिन जाने कि जरूर हि रही परेगी, विराज माला कों देख, कियुंकी मुझे अपनी सुंदर मा कों छोर जानां नहीं चाहता
माला हस्ते हुवे - बेसर्म क्याँ सच मे मै सुंदर हु
विराज मुस्कुराते हुए - बहुत सुंदर हॉट भि हैं
माला सर्मा केँ विराज केँ गाल पे धीरे-धीरे सें मारते हुवे - बेसर्म बेटा अच्छा यहबता तूने मुझसे कहा थां कुछ चाहिये तूने जौ कहाकर दिखाया बोल क्याँ चाहिये अब मेरी बारी वादा पुरा करने कि हैं
विराज एकदम हैरान मन मे - सेम हौ रहा हैं क्याँ करू मे
माला विराज केँ सर सेहलाते हुवे - बोल नां
विराज उठकरबैठ जाता हैं औऱ माला कि तरफदेख एकदम सें गलेलगा केँ रोने लगता हैं माला हैरान होके - रो कियुरहा हैं
विराज रोते हुवे - मा मेने आपको लेके गंदा सोचा हैं
विराज कि बातसुन बहुतशोक लगता हैं माला कों
माला विराज कों दूरकर - क्याँ केहरहा हैं बेटा
विराज नजरे नीचेकर रोते हुवे - मा मेने एक् दिन आपको कमरे मे कपड़े बदलते देख लिया उसकेबाद मेरेमन मे गंदे ख्याल आपको लेनेआने लगे आपसे मे,,,
माला औऱ शोक होती हैं औऱ समझते देर नहीं लगती उसका बेटा जोँ मांगना चाहता थां वोँ उसकी चूत हैं
विराज माला केँ हाथपकर - मामगर फिन मुझे एहसास हुआ मे जवानी कि जोस मे क्याँ सोचरहा थां क्याँ करने कि कोसिस कररहा थां मेने गलती कि हैं मा मुझे मारोमगर माफ भि कर देना
माला विराज कों देखती रह जाती हैं कुछ मिनटबाद
माला विराज केँ कंधे पे हाथरख विराज कों देख - तूने अपनी गलतीमान मुझेसच बताया मे समझती हु बेटा तेरीउमर हौ गई हैं पऱ मा कों देख गंदे ख्याल लानागलत हैं मगर तुम्हारी तरफ अपनी गलती कां एहसास होँ गय़ा तूनेसच बताया इस लियेमाफ किया
विराज एकदम सें माला केँ गले लगके - सुक्रिया मा
माला विराज केँ गाल पे प्रेम सें हाथ - अबसोजा
माला बाहर् आती हैं अपनासर पकरमन मे - विराज कि विवाह करवानी होगीयह उमर होती हि ऐसी हैं
माला नें विराज कों गलत नहीं समझाउमर कों समझा
वही विराज नें कोई नाटक नहीं क्याँ हा विराज नें जौ कहासभी सच थां मगर विराज नें दिमाग़ सें एक् सेफगेम खेला थां विराज एक् चांस लेगा विराज कों लगाकुछ होगाआगे बढ़ेगा औऱ अलगलगा कुछ नहीं होँ सकता तौ विराज पूरीतरह सें पीछेहट जायेगा
विराज कां पुरा इरादा तौ अपनीमा कि चुदाई करने कां थां मगर विराज जनता थां उसका परिमान् गलत निकला तौ वोँ अपनीमा कि नजर मे हमेसा केँ लियेगिर जायेगा उसकीमा उसे गिरीघिन सें देखेगी उसे वोँ प्रेम नहींदे पायेगी नाँ फिनकभी बिस्वास करेगी यहीसोच विराज नें मा सें सच अपनी गलतीबता दि मगर एक् कोसिस धीरे-धीरे सें करेगा लगाकाम हौ सकता हैं तौ ठीक नहीं तोँ कभी नहीं
विराज कां दिल हल्का होँ गय़ा थां तभी शिवानी आती हैं
विराज शिवानी कों पलंग पे लेता केँ - मुझेलगा थां एक् बार हि करने देगीमगर फिन आपने रोका नहीं कियु
शिवानी - एक् महिला कों जौ चाहिये वोँ भरपूर मिले तोँ उसेवही बारबार चाहिये होता हैं
विराज शिवानी केँ नाइटी निकाल - तोँ जीजाजी सें जायदा आनंद मे देताहु
शिवानी टाँगे फैला केँ - हा पहलीबार भइया तेरा लन्ड रात गय़ा तौ मुझे इतना दर्दहुआ जितना पहलीबार भि नहींहुआ थां
विराज चुचेमुह मे लेकेचूस दूध पीते हुवे - दिदी आप् बहुतगजब हैं आपकीगरम चूत मारने मे मज़ाआता हैं
शिवानी सिसकिया लेते हुवे - भइया धीरे-धीरे उफ मुझेरात पताचला असली चुदाई किया होती हैं औऱ तेरा मोटा लम्बा लन्ड कमाल कां हैं सोचा नहीं थां इतनाबरा लन्ड भि होता हैं मगररात उफ सुभह आनंदआया
विराज शिवानी केँ चूत चाटने हुवे - बिस्वास नहीं होता आपकी चूत चाटरहा हु आप् नंगी हैं
शिवानी - अहह भइयाचाट अच्छे सें तेरेसंग बहुत मज़ा आँ रहा हैं इतना आनंदचैन उफ
विराज शिवानी केँ चूत चुदाई करते हुवे - अहह दिदी बहुत आनंद आँ रहा हैं दिदी आपकी चूत बहुत टाइटगरम हैं
शिवानी - अहह भइया धीरे-धीरे अहहमा तेरा लन्ड बरा हैं भइयाअहह मेरी चूत अहह बहुत मज़ा आँ रहा हैं चोद अपनी दिदी कों अहहयह आनंदउफ तूने मुझेनया सुख असली चुदाई कां मज़ा दिया हैं
30 मिनटबाद
शिवानी तेज सासे लेते हुवे - छोटेअब जातीहु बच्चे अकेले हैं औऱ हा छोटेकल तेरे जीजाआने वाले हैं मुझे लेने
विराज बैठे शिवानी कों देख - दिदी रुकजाओ नाँ
शिवानी विराज केँ पासआके - छोटे मेराघऱ अबयहा नहीं अपने पति केँ यहा हैं सासु ससुरजी घऱसभी अब मुझे हि देख्ना हैं
विराज मुस्कुराते हुवे - ठीक हैं मगर जल्द आऊंगा आपके paas चूत लेनेफी लेके आऊंगा तौ ये भि
शिवानी मुस्कुराते हुवे - बेसर्म ठीक हैं गुड नाइट
आज केँ लिये इतना हि
I Am Murim Lord ( Reincarnation ) – New Episode
chapter 16
सुभह केँ 10 बजरहे थें विराज रामपाल ठीकेदार सें मिलने जाता हैं बाते होती हैं फिन रामपाल विराज केँ संगघऱ आता हैं जिस जमीन पे घऱ बनाना थां रामपाल अच्छे सें देखने लगता हैं
मालारमन शिवानी भि खरे थें
विराज रामपाल सें - अंकलइस जमीन पे घऱ बनाना हैं नीचेचार कमरेउपर 4 रसोई बाथरूम हर कमरे मे तीसरे मंजिल मे दोरूम बाकी केँ छत रहेगी
रामपाल विराज कों देख मुस्कुराते हुवे - हु लगता हैं बहुत पैसेकमा केँ आया hain सही हैं सही हैं
रमन हस्ते हुवे - बेटा किसका हैं तुँ बताकर बना पायेगा नाँ
रामपाल रमन कां देख - अबे मेराकाम हि हैं होँ जायेगा
विराज - ठीक हैं अंकल मे बताता हु केसे डिजाइन रूम चाहिये
विराज बताने लगता हैं घऱ केँ बाहर् कां डिजाइन अंदर कां रूम कां कहा कैसा रसोई बाथरूम चाहिये अच्छे सें समझाने केँ बाद
रामपाल - समझ गय़ा लाले हौ जायेगा
विराज - अंकलसभी आपकेउपर छोरता हु जौ जितना समान मंगवाना हैं पैसे आप् कों मिलते रहेगे
रामपाल विराज कों देख - चिंता मतकर लाले तेरे बापू हम् अच्छे साथी हैं देर स्वेर् भि पैसे मिलेंगे चलेगा सभी मुझपे छोरदे कामकल सें सुरु हौ जायेगा
रमन - अच्छे सें बननाघऱ नहीं तौ समझ गय़ा नाँ
रामपाल माला कों देख हस्ते हुवे - भाभीदेख रही हैं आपके सामने मुझे मारने कि धमकीदे रहा हैं
माला हस्ते हुवे - देवर जीजीकाम सही सें नहींहुआ तोँ मे भि मारूंगी
रामपाल हैरान होके - तब तोँ औऱ अच्छे सें काम करना होगा मुझेमार नहीं खानी
रामपाल कि बातसुन सभी हसने लगते हैं
घऱ कां काम तौ रामपाल कां थां बाकीरमन रामपाल केँ संगचला जाता हैं मालाखेत मे घऱ पे शिवानी विराज हि थें
विराज शिवानी कों बाहों मे लिये - दिदी भाग्य खुल गई आपकी चूत उफचलो नाँ करते हैं
शिवानी सर्मा केँ - हाठीक हैं
बच्चे नीचेखेल रहे थें विराज उपर शिवानी कि चुदाई करने मे लग जाता
शिवानी सारीउठा केँ लेत जाती हैं विराज लन्ड घुसा देता हैं औऱ चुदाई करने लगता हैं धक्के केँ संग शिवानी अहहउफ सिसकिया लेने लगती हैं विराज - दिदी गांडकम देगी
शिवानी विराज कों देख - अहह भइया तेरामन हैं तौ कर लेनाफिन कभीअहह धीरे-धीरे करआज तेरे जीजाआने वाले हैं मे आजचली जाउंगी पर्र फिनजब मोक्का मिलेगा तौ कर लेना
विराज धक्के मारते हुवे - जीजाजी नें गांड मारी हैं
शिवानी - अहह छोटेउफ नहीं मारीमगर केहरहे थें
विराज घोरीबन जाओ
विराज घोरीबना केँ चुदाई करते हुवे - अच्छा हैं पहले मुझे आपकी गांड मारनी हैं जीजाजी जी कों करनेमत देनाअहह
शिवानी - उफअहह भइया बहुत मज़ा आँ रहा हैं हाठीक हैं पहले तुही मेरी गांड मारना उफ भइयाआने वाला हैं अहहयह आनंद
35 मिनटबाद
शिवानी विराज बैठ बाते करने लगते हैं
साम केँ 3 बजरहे थें विकीआता हैं विराज मालारमन सभी बाते करने लगते हैं
विकी विराज कों देख - साले साहबअब तौ आप् बरे व्यक्ति बनगये नयाघऱ भि बनवारहे हैं अच्छा हैं शिवानी ससुरजी मां जी आपकी हमेसा फिकर करती रहती थि अब आप् बदलगये अच्छा लगा
विराज - जीजाजी बसगलत रास्ते पे चला गय़ा थां मगर वक़्त केँ संग एहसास हौ गय़ा तोँ अपने आप् कों बदल लिया
माला विकी कों देख - दामाद जीआजरुक जाइये कल जानां
विकी - नहीं माँ जी रुकता मगरकाम छोर नहीं सकतामगर जब छुट्टी मिलेगी तब जरूर रूकूँगा
रमन - दामाद जीसमझ सकते हैं कोईबात नहींफिन आयेगे तौ रुकना होगा
विकी - जी जरूर
शिवानी तैयार होने लगती हैं विकी मालारमन सें बाते करना लगता हैं विराज कमरे मे आता हैं शिवानी केँ पीछे बाहों मे लेके - दिदी जल्द सें कर लेते हैं अभि फिनकब मोक्का मिलेगा
शिवानी धीरे-धीरे सें - ठीक हैं छोटे
शिवानी पेटीकोट मे हि थि निकाल जल्द सें लेत जाती हैं विराज लन्ड निकाल चूत मे घुसा केँ चुदाई करते हुवे चुचे दबाने लगता हैं
विराज किस करते चुदाई करते हुवे - दिदी आपकीगरम चूत मारने मे बहुत आनंदआता हैं
शिवानी - अहहउफ भइया तेरा मोटा लन्ड लेके मुझे भि बहुत आनंदआता हैं 30 मिनटबाद
शिवानी तैयार होँ जाती हैं विराज शिवानी कों किस करने लगता हैं शिवानी भि किस करती हैं
शिवानी विराज कों देख सर्मा केँ - जल्द आनां लेने
विराज मुस्कुराते हुवे - गांड दोगी नाँ
शिवानी सर्मा केँ - सभी दूंगी
उसकेबाद शिवानी विकीसभी कों बायबोल जाने लगते विराज मन मे - दिदी उफ बहुत मज़ाआया कोई नां मे आऊंगा आप् आयेगी तौ मोक्का मिलते हि चुदाई करता रहूँगा
शिवानी विराज कों देखमन मे - भइया जोँ आनंदसुख तूने दियाहर महिला कों नहीं मिलता
रात 9 बजे
विराज पलंग पे लेतामन मे - घऱ कां काम तौ होता रहेगा मेरी दोनो पत्नि क्याँ कररही होगीपता नहीं
मुरिम दुनिया मे aria rin दोनोबैड पे लेते बाते करने मे लगे थें
aria rin कों देख - दिदी कब आयेगे पति जी मुझे उनको बताना हैं वे बापू हम् मा बबने वाले हैं
हा आप् सभी नें सही सुना rin aria मा बनने वाली हैं विराज बापू
rin aria कों देख - दोस्त बताना तौ मुझे भि हैं उनका रिएक्सन् देख्ना हैं मगर महीने सें पहले आँ नहीं सकतेहमे इंतजार करना हि होगा
aria दुःखी होके - अब तोँ इंतजार हि तौ नहीं होता
rin दुःखी होके - सचकहा तूने मुझसे भि इंतजार नहीं होता
इस सभी सें अंजान कि विराज पिताजी बनने वाला हैं विराज कमरे मे लेताआगे कां प्लान बनारहा थां
माला कमरे मे आती हैं विराज माला कों देखबैठ जाता हैं माला विराज केँ बगल मे बैठ जाती हैं
माला विराज कि तरफ अच्छे सें बैठ जाती हैं दोनोमा बेटे एक् दूसरे केँ पास बैठे थें माला नाइटी मे कमाललग रही थि
माला विराज कों देख - घऱ कां काम तौ रामपाल देवर जीजिदेख लेगेमगर अबआगे क्याँ करने वाले होँ शिवानी भि चली गई हैं
विराज माला कों देख - मा करना क्याँ हैं एक् महीने केँ बाद मे फिन एक् साल केँ लियेचला जाऊंगा मगर उसकेबाद मे आपकेपास हि रहूँगा घऱ कां चलता रहेगा
माला - ठीक हैं बेटा एक् साल औऱ तेरेबिन रह लुंगी उसकेबाद मेरेसंग हि रहेगा तेरे बिनानये घऱ मे रहने कां क्याँ फायदा घऱजब तैयार कों जायेगा तेरी विवाह जल्दी करवा दूंगी मेने तेरे बापू सें बातकर ली हैं आते तेरेआने सें पहने लरकी ढुंढ केँ रखूंगी
विराज मन मे - ऐसामत करनामा नहीं तोँ मेरी दोनो पत्नि मेरी हालत खराबकर देगी आपकीदो हसीनबहु हैं एक् बार देखेगी देखती रह जायेगी
माला - कहाखो गय़ा
विराज माला कों देख - जल्द किया हैं माकही कलरात उसवजह सें तौ नहीं मेने माफी तोँ मांगी नां
माला विराज केँ गाल पे हाथ फेरते हुवे - उसबात कों मे भूल गई मगर बेटा तेरीउमर भि तौ होँ गई हैं
विराज माला कों देख - तोँ आप् कल कि रात कों लेकर नाराज नहीं हैं
माला - नहींमगर एक् बेटा मा कों लेकरऐसी बाते नहीं सोचते
विराज माल कों देख - मा जनताहु मे गलतहु मगर आप् हैं हि इतनी सुंदर जब आपके सुंदर मुस्कुराते चेहरे कों देखता हुखो जाताहु दिल मे कब आपको लेके
माला विराज कों देखते हुवे - बेटा
विराज माला केँ हाथपकर आखो मे देख - मा क्याँ एक् बार भि
माला विराज कों देख हैरान होती हैं औऱ अपनाहाथ अलगकर - नहीं बेटा ऐसे गंदे ख्याल निकाल देअबसो जा
माला कमरे सें चली जाती हैं
विराज सरपकर मन मे - आखिर कोसिस उमीदटूट गई खैरअब जानेदे विराज औऱ कुछ करेगा अपनीमा केँ नजर मे गिर जायेगा
अगलेदिन सुभह 10 बजे बालू सीमेंट छरइटसभी गिरने लगगये थें रमनसभी काम कों हैंडल कररहा थां देखरहा थां विराज भि खरासभी देखरहा थां
विराज मन मे - चलोकाम सुरु होँ गय़ा हैं बाकी बापू रामपाल अंकल केँ ऊपरछोर देते हैं अबघऱ तैयार हौ जायेफिन अपनी दोनो पत्नि कों लेके आऊंगा
एक् पे एक् दिन गुजरते जाते हैं आज 10 दिन हौ गये थें मगर विराज नें एक् बार भि माला केँ संगकुछ करने कि कोसिस नहीं कि
विराज शिवानी सें मोबाइल पे बाते करते रहता थां
रात 10 बजरहे थें मालाफिन आती हैं विराज माला बाते करने लगते हैं
माला - बेटा काम सुरु हौ गय़ा हैं तेरे जीजा केँ लिये भि सोचकुछ बेचारा मजदूरी करता हैं
विराज - मासोच रखा हैं मे भला अपनो कों केसे पीछेछोर भूल सकताहु
मालाखुश होके - क्याँ सोचा हैं
विराज - मा कपड़े कि शॉप खोलने वालाहु तोँ जीजाजी कों संग मे रख लूंगा
मालाखुश होके - हायहसही रहेगा दोनो मिलके शॉप चलाना
विराज - मा चिंता मत कीजिये दिदी भि हमारे तरहबरे अच्छे घऱ मे रहेगी मे हु नाँ
माला विराज कों गलेलगा केँ - आज बहुतखुश हु तूने जोँ कहाअब करके दिखारहा हैं
माला विराज केँ होठ पे एक् किसकर लेती हैं विराज शोकरह जाता हैं
माला - क्याँ हुआ
विराज - कुछ नहींमा
विराज मन मे - जायदा मतसोच मा जायदा खुश होती हैं तौ किस करती हैं
मालाखरी होके - सोजा चलतीहु
मालाचली जाती हैं विराज भि पलंग पे लेत जाता हैं कुछ मिनटबाद शिवानी कां मोबाइल आता हैं
विराज - दिदी जीजासो गये
शिवानी - हाजगा हैं
विराज - आपसेबात किये बगैर केसे नींद आयेगी
शिवानी सर्मा केँ - अच्छा
विराज - दिदी बहुतमन कररहा हैं
शिवानी - मेरा भि जाने सें पहलेमिल केँ जानां
विराज - शाम कों आऊंगा जाने केँ एक् दिन पहलेउस पूरीरात आपकी चूत गांड मारूंगा
शिवानी धीरे-धीरे सें - मेरा भि बहुतमन हैं ठीक हैं
विराज - दिदी चुचे केँ फोटो भेजो नाँ
शिवानी - ठीक हैं रुक
शिवानी कमरे मे जाती हैं धीरे-धीरे सें लाइट केँ सामने खरी नंगे चुचे कि फोटो लेती हैं फिन नाइटी पहन बाहर् आके फोटो विराज कों भेज देती हैं
विराज फोटोदेख - दिदी बहुत मस्तबरे चुचे हैं देखा दबाया चुसा भि हैं मगरजब भि देखता हुदिल नहीं भरता मेरा
शिवानी सर्मा केँ - तेरी मेरे चुचे पसन्द हैं
विराज - मुझे तौ आप् पूरी पसन्द हैं
कुछदेर बातकर विराज शिवानी केँ चुचे देखते हुवेसो जाता हैं
फिन एक् एक् दिन गुजरे हैं घऱ कां काम चलता रहता हैं औऱ शिवानी विराज केँ बीच बाते भि मगर विराज माला कों गंदीनजर याँ कुछ करने कां ख्याल निकाल चुका थां
आज विराज शिवानी केँ ससुराल जाने केँ लिये तैयार होँ रहा थां सुभह 10 बजरहे थें विराज सुभहजान बुझकर जारहा थां कियुंकी विकीकाम पे गय़ा थां तौ दिन मे शिवानी कि चुदाई कर पायेगा फिनरात मे परसो विराज फिन दिखावे केँ लिये एक् सालसभी सें दूर जाने वाला थां
आज केँ लिये इतना हि
I Am Murim Lord ( Reincarnation ) – New Episode
भइया कहानी बढ़िया हैं। अगर शिवानी कि सील विराज तोड़ता तौ आनंद आँ जाता याँ शिवानी सें विवाह करता तोँ औऱ मज़ाआता। पर्र कोई नहि विराज बूढ़ा तोँ नहि होगा। तौ शिवानी कि नं उसकी बेटी कि हि सील तोड़दे। पर्र बाद मे।
I Am Murim Lord ( Reincarnation ) - Continue reading next part
Relavant source : click here












